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एलडीसी पेपर लीक मामला, आरोपी टीचर समेत तीन सस्पेंड:3 आरोपी अब भी फरार, प्रिंसिपल पर अब तक कार्रवाई नहीं

जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई एलडीसी भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस रिपोर्ट और मुख्य आरोपी शिक्षक के न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेजे जाने के बाद जोधपुर के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने आरोपी शिक्षक पदमसिंह को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही परीक्षा कक्ष में ड्यूटी पर तैनात दो वीक्षक भीम सिंह और जालम सिंह को भी सस्पेंड किया गया है। हालांकि मामले में नामजद प्रिंसिपल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, प्रिंसिपल समेत तीन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। कमरा नंबर 10 में ड्यूटी देने वाले दोनों वीक्षक भी सस्पेंड शिक्षा विभाग ने परीक्षा कक्ष नंबर 10 में तैनात वीक्षक भीम सिंह और जालम सिंह को भी सस्पेंड कर दिया है। वहीं, सस्पेंड किए गए टीचर पदमसिंह का मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय पोकरण तय किया गया है। विभागीय कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट और आरोपी के जेल भेजे जाने के बाद की गई। 5 जुलाई को परीक्षा के दौरान सामने आया था नकल का मामला एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान स्वामी विवेकानंद मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर नकल का मामला सामने आया था। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने परीक्षार्थी मनु कंवर और मुख्य आरोपी शिक्षक पदमसिंह को गिरफ्तार किया था। पदमसिंह के न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की आधिकारिक सूचना मिलने के बाद जोधपुर के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने उनके निलंबन के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि के दौरान उनकी उपस्थिति सीबीईओ कार्यालय पोकरण में रहेगी। प्रिंसिपल समेत तीन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर पुलिस ने मुख्य आरोपी शिक्षक पदमसिंह और महिला परीक्षार्थी मनु कंवर को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मामले में नामजद केंद्राधीक्षक एवं प्रिंसिपल उम्मेदसिंह तथा दोनों वीक्षक जालम सिंह और भीम सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) महेश बिस्सा ने बताया कि संयुक्त निदेशक ने दो वीक्षकों और शिक्षक को निलंबित कर दिया है तथा पदमसिंह का मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय पोकरण बनाया गया है। प्रिंसिपल का निलंबन क्यों नहीं हुआ? मामले में नामजद केंद्राधीक्षक उम्मेदसिंह का निलंबन अभी तक नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) को निलंबित करने का अधिकार केवल माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर के पास है। इसलिए उनके संबंध में आदेश वहीं से जारी होगा। — पेपर लीक से जुडी ये खबर भी पढ़ें … LDC परीक्षा विवाद,SP बोले-गिरफ्तारी के तीन दिन बाद आरोप बेतुके:कोर्ट ने दोबारा मेडिकल के लिए मना किया; पुलिस पर राजनीतिक दबाव नहीं जैसलमेर के चर्चित एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में पुलिस हिरासत के दौरान प्रताड़ना के आरोप लगाने वाले आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। पूरी खबर पढ़िए

ऊर्जा मंत्री की बैठक में ही बत्ती गुल:हनुमान बेनीवाल का 'जंतर-मंतर', बच्चे से बोले- हमारे साथ आंदोलन करेगा; SHO की 'लंगड़ी टांग'

नमस्कार, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बच्चे पर ऐसा क्या ‘जंतर-मंतर’ किया कि गोद से उतरने को तैयार नहीं। बिजली वाले मंत्रीजी की मीटिंग में ‘बत्ती गुल’ हो गई। कर्मचारियों को रिलीव करने के मामले में एक मंत्री महोदय भड़क उठे और CI साहब का ‘लंगड़ी टांग’ खेल वायरल हो गया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. हनुमान बेनीवाल का ‘जंतर-मंतर’ दिल्ली के जंतर-मंतर पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को पूर्व जन्म का रिश्तेदार मिल गया। हुआ यूं कि कॉकरोच वालों के आंदोलन में नेताजी समर्थन देकर कार से निकल रहे थे। इस दौरान किसी समर्थक ने अपना बच्चा सांसद महोदय की गोद में दे दिया। लाड़-दुलार मिला तो बच्चा रमण गया। अब गोद से उतरने को तैयार नहीं। सांसद जी ने बच्चे के पापा को बुलाया। पापा का प्रयास फेल हुआ तो मां आई। बच्चा मां की गोद में भी जाने को तैयार नहीं। भीड़ से आवाज आई- बच्चे ने दबंग नेता को पकड़ लिया। नेताजी ने बच्चे को दुलारते हुए पूछा- हमारे साथ आंदोलन करेगा क्या? लोग हंसने लगे। बच्चे की मां से नेताजी कहा- इससे पूर्व जन्म का कोई रिश्ता है शायद। नेताजी की यही खासियत। यूथ पर उनका ‘जंतर-मंतर’ खूब चलता है। एक इशारे पर हनुमान सेना तैयार। हालांकि गोद में बैठाकर राजनीति सिखाने वाले कुछ नेताओं के साथ बेनीवाल जी का अनुभव अच्छा नहीं रहा। बड़े होकर वे कहीं और खेलने लगे। 2. ऊर्जा मंत्रीजी की ‘बत्ती फिर गुल’ बिजली वाले मंत्रीजी की बत्ती फिर से गुल हो गई। पहले जयपुर और अब कोटा। जयपुर में तो बत्ती तब गुल हुई थी जब रेलमंत्री आए हुए थे। पार्टी दफ्तर में ही भद्द पिट गई थी। रेलमंत्रीजी सौगातें गिना रहे थे। अचानक अंधकार छा गया। मोबाइलों की लाइट जलने लगी। घुस-मुस होने लगी। लोग दबी हंसी हंसने लगे। हालांकि उस मामले में बिजली कर्मचारी सस्पेंड किए गए, लेकिन दूसरा मौका जल्द आया। इस बार मंत्रीजी अपने गृह जिले कोटा में थे। जिला परिषद के हॉल में विधानसभा क्षेत्र सांगोद में किए गए काम गिनवा रहे थे। इस दौरान बत्ती गुल। हॉल में अंधेरा। किसी ने भागकर खिड़कियों के पर्दे हटाए। किसी ने दौड़कर जनरेटर शुरू किया। हीरे में अपनी चमक होती है। लेकिन यहां जनरेटर यूज करना पड़ा। 3. तालमेल का घालमेल सरकार विभागों के तालमेल से चलती है। लेकिन लगता है कि फिलहाल विभागों के बीच घालमेल चल रहा है। एक विभाग के अंडर आने वाली बॉडी में दूसरे विभाग के 22 पद स्वीकृत हैं। विभाग ने 4 कर्मचारियों को यह कहकर रिलीव कर दिया कि जगह नहीं है। तबादलों के दौर का असर हो सकता है। लेकिन अपने विभाग के कर्मचारियों को रिलीव होता देख दूसरे विभाग के मुखियाजी भड़क उठे। पारा हाई हो गया। जब पद स्वीकृत हैं तो रिलीव करने का क्या मतलब? उन्होंने अपने विभाग के सभी कर्मचारियों-अधिकारियों को APO कराया और वापस बुला लिया। हालांकि, इस पर सफाइयों का दौर चल रहा है। लेकिन खरी बात ये कि एक मुखियाजी ने बात दिल पर ले ली। 4. चलते-चलते.. CI साहब स्टार बन गए। चहुंओर उनकी तारीफ हो रही है। तारीफ का कारण अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी का डंटकर सामना करने, या किसी वारंटी को पकड़ने, या तस्कर को डोडा-चूरा के साथ दबोचने, या चोर को थाना इलाके की सीमा के भीतर धर लेने, या बजरी माफिया का पर्दाफाश करने या पुल के नीचे लूट की साजिश रचते बदमाशों को डिटेन करने के लिए नहीं है। ये काम तो पुलिस करती रहती है। कानून के हाथ लंबे होते हैं। ऐसे में पुलिस कुर्सी पर बैठे-बैठे हाथ बढ़ाकर आरोपी को दबोचने में सक्षम है। मुश्किल तो पैरों के साथ है। पैरों को मौका-ए-वारदात तक जाना ही पड़ता है। निगरानी करनी पड़ती है। गश्त पर निकलना पड़ता है। भीलवाड़ा के जहाजपुर में भी SHO दयाराम गश्त पर निकले। नजरें पैनी थी। कान खुले थे। हर हलचल की नब्ज टटोलते हुए शहर में तफरी कर रहे थे। अचानक एक गली में हलचल दिखी। गाड़ी गली की तरफ मोड़ दी। पता चला कि कुछ बच्चे सड़क पर पाला बनाकर खेल रहे हैं। गार्जियन भी वहीं खुले में हवा खा रहे थे। बच्चे पाले की तरफ कांटी फेंकते और लंगड़ी टांग से ठुमकते हुए खेल में बिजी थे। एसएचओ साहब को अपना बचपन याद आ गया। गाड़ी से उतरे और बच्चों के साथ पाला खेलने लगे। कांटी फेंककर लंगड़ी टांग से पालों में पहुंचने का नियम उन्होंने बखूबी निभाया। किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। लोगों ने इसे काफी पसंद किया। कभी-कभी जो काम दोनों टांगों से अपराधियों के पीछे भागकर नहीं होते, वे बच्चों के साथ एक टांग पर खेलकर हो जाते हैं। इनपुट सहयोग- प्रकाश तंवर (नागौर), नितिन शर्मा (कोटा), मनीष जैन (भीलवाड़ा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

शेर की दहाड़ और पहेलियों से प्रेम की परीक्षा:हजारों राजकुमार हुए नाकाम, जानिए, राणा महेंद्र पर कैसे आकर्षित हुईं मूमल, एपिसोड-2

कल आपने पढ़ा कि राजकुमारी मूमल का हाथ थामने की चाह रखने वाले कई राजकुमार आए। लेकिन सभी मूमल के जादुई महल की पहेलियों में उलझ कर वापस लौट चुके थे। पढ़िए आगे की कहानी- मूमल इंतजार में थी उस राजकुमार के जो उसकी खूबसूरती से ज्यादा उसकी पहेलियों की गहराई को समझ सके। अपने मन में वह संकल्प लिए बैठी थी कि लौद्रवा का महल उसी का स्वागत करेगा जो बिना डरे काक महल की पहेलियों को सुलझा पाएगा। हजारों राजकुमारों के असफल होने के बाद, कहानी में प्रवेश हुआ अमरकोट के राणा महेंद्र का। महेंद्र निडर और साहसी योद्धा थे। एक दिन शिकार खेलते हुए वे भटककर काक नदी के तट पर पहुंच गए। वहां उन्होंने मूमल के जादुई महल की चर्चा सुनी। उनके साथियों ने उन्हें चेतावनी दी- राणा वहां जाना अपनी जान और इज्जत को दांव पर लगाना है। वह राजकुमारी सौंदर्य से ज्यादा अपनी पहेलियों के लिए जानी जाती है। राणा महेंद्र ने इस चेतावनी को चुनौती की तरह लिया। उन्होंने अपने ऊंट को एड़ लगाई और महल की ओर बढ़ गए। गहरा और डरावना था काक नदी का पानी चांदनी रात थी और रेगिस्तान की रेत चांदी की तरह चमक रही थी। राणा महेंद्र अपने ऊंट पर सवार काक नदी के किनारे पहुंच गए-ठहरो चीतल ! सामने देखो..वह रहा काक महल। जिसकी चर्चा पूरे राजपूताने में है, महेंद्र के चेहरे पर डर नहीं, एक जिज्ञासु मुस्कान थी। महेंद्र जैसे ही महल की ओर बढ़े, सामने एक विशाल जलाशय दिखाई दिया जिसमें चांद की परछाईं हिल रही थी। पानी गहरा और डरावना लग रहा था। इतना शांत पानी… और लहरें भी नहीं? महेंद्र सोच में पड़ गए। …और टूट गया जादुई महल का तिलस्म महेंद्र ने अपनी तलवार निकाली और पानी की सतह पर मारी। ‘खनक’ की आवाज आई। वे समझ गए कि यह पानी नहीं, बल्कि चमकाया हुआ पत्थर और कांच है। वे निडर होकर उस पर चल पड़े। मूमल ऊपर से यह सब देख रही थी। वह हैरान थी कि कोई इतनी जल्दी रहस्य समझ गया। महेंद्र महल के गलियारे में पहुंचे। अचानक रास्ते में उन्हें कांटों और झाड़ियों का ढेर दिखाई दिया, जिससे गुजरना असंभव लग रहा था। हवा का झोंका इन कांटों के बीच से होकर आ रहा है, अगर ये असली होते तो हवा रुक जाती, महेंद्र ने मन ही मन समझ बनाई, आंखें बंद कीं और सीधा उन कांटों की तरफ कदम बढ़ा दिए। जैसे ही वे उनसे टकराए, कांटे धुएं की तरह गायब हो गए। वह सिर्फ एक रेशमी परदे का भ्रम था। अपने आप खुल गए दरवाजे अगले कक्ष में उन्हें शेर की दहाड़ सुनाई दी और सैकड़ों परछाइयां उनकी ओर झपटीं। महेंद्र ने तलवार नहीं निकाली, बल्कि अपनी आंखें बंद कर लीं और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी। उन्होंने महसूस किया कि यह सब हवा और शीशों का खेल है। उनकी इसी बुद्धिमानी और धैर्य को देखकर मूमल बेहद प्रभावित हुई। महेंद्र अंततः मूमल के कक्ष पर पहुंचे। दरवाजे अपने आप खुल गए। सामने मूमल खड़ी थी, जिसके चेहरे पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। काक महल के भ्रम को केवल वही पार कर सकता था जिसकी आंखों पर अहंकार की पट्टी न हो। यहां रास्ता वही बना पाता है जो आंखों से नहीं, दिल से देखता है। आपका स्वागत है राणा महेंद्र, मूमल का चेहरा खुशी से चमक उठा। राजकुमारी, आपकी पहेलियां कठिन थीं, लेकिन सत्य हमेशा सीधा होता है। मैं यहां आपकी बुद्धिमानी को नमन करने आया हूं, राणा महेंद्र की नज़र मूमल के चेहरे पर जैसे ठहर गईं। महेंद्र और मूमल एक दूसरे की बुद्धिमत्ता पर मोहित थे। उस रात लौद्रवा की ठंडी रेत ने एक ऐसा मिलन देखा, जो देखते ही देखते अटूट प्रेम में तब्दील हो गया। कहते हैं प्रेम की परीक्षा अक्सर कठिन होती है। इस प्रेम कहानी को भी नियति का सामना करना पड़ा। मूमल -महेंद्र का प्रेम परवान पर था, लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ जिसने इस गहरे प्रेम को विरह में बदल दिया? जानिए अगले एपिसोड में….. (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। सोर्स : राजस्थानी साहित्य, लोक कथाएं व स्थानीय लोगों से बातचीत ) ….. राजस्थानी प्रेम कहानी…मूमल-महेंद्र की कहानी का पार्ट-1 रेगिस्तान में काक नदी के किनारे था मूमल का महल:अमरकोट के राजा और जैसलमेर की राजकुमारी का प्रेम; 4 एपिसोड में मूमल-महेंद्र की कहानी जैसलमेर के लौद्रवा की राजकुमारी मूमल और अमरकोट (वर्तमान पाकिस्तान) के राणा महेंद्र की प्रेम कहानी सदियों पुरानी है। इस कहानी को जानने के लिए दैनिक भास्कर जैसलमेर से 14 किलोमीटर दूर लौद्रवा गांव पहुंचा। पूरी स्टोरी पढ़िए…

झालावाड़ में नदी के उफान में पुल डूबा, रास्ता बंद:सीकर-बारां में दुकान-ऑफिसों में पानी घुसा; जयपुर-भरतपुर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट

राजस्थान में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। 9 जिलों में बारिश हुई। झालावाड़ जिले में तेज बारिश के कारण परवन नदी उफान पर है। यहां एक छोटा पुल और मंदिर डूब गया। बारां में मूसलाधार बारिश के कारण दुकानों में पानी घुस गया। सीकर में ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेनों का शेड्यूल प्रभावित हुआ है। चूरू में 5 घंटे तक रुक-रुककर बरसात हुई। वहीं, जयपुर में सोमवार देर शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर मंगलवार सुबह 7 बजे तक जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 दिन पूरे प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है। बुधवार को जयपुर-भरतपुर संभाग में भारी बारिश की भी आशंका है। प्रदेश में फिर एक्टिव हुए मानसून के कारण दिन का तापमान 7 डिग्री तक गिर गया है। गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स घर-ऑफिस डूबे, ट्रेनें प्रभावित: सीकर शहर व आसपास के इलाकों मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ तेज बारिश का दौर सुबह 7.30 बजे तक जारी रहा। तेज बरसात के कारण पुलिस लाइन के क्वार्टर, कलेक्ट्रेट में पानी घुस गया। यार्ड में पानी भरने से सीकर-रेवाड़ी (54803) ट्रेन को लोहारू-रेवाड़ी के बीच कैंसिल किया है। रेवाड़ी-जोधपुर (14824) ट्रेन को रेवाड़ी-लोहारू के बीच कैंसिल किया गया है। शेखावाटी के झुंझुनूं और चूरू में सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बरसात हुई। झालावाड़ में नदी उफनी, मंदिर-पुल डूबे: हाड़ौती क्षेत्र के बारां और झालावाड़ जिले में मंगलवार सुबह से बारिश का दौर जारी रहा। झालावाड़ जिले के मनोहरथाना में परवन नदी में उफान से करीब एक छोटा पुल डूब गया। नदी का जलस्तर तीन फीट बढ़ने से एक मंदिर का भी काफी हिस्सा डूब गया। बारां में भी सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के अधिकतर इलाकों में जलभराव हो गया। 9 शहरों में बरसात: मंगलवार को सीकर, झुंझुनूं, चूरू, झालावाड़, बारां, कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर, कोटा, उदयपुर में बरसात हुई। सबसे ज्यादा बारिश सीकर में 90 मिमी रिकॉर्ड हुई है। वहीं, सोमवार को करौली के टोडाभीम में एक इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट हुई है। जयपुर का अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक लुढ़ककर 34.4 डिग्री दर्ज हुआ। भारी बारिश की भी आशंका: मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी है। वहीं, बुधवार से कोटा, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर व बीकानेर संभाग में मानसून सक्रिय रहेगा। भरतपुर और जयपुर संभाग में भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, राज्य में फिर से सक्रिय हुए मानसून के बाद से तापमान में भी गिरावट आई है। राजस्थान में बारिश की PHOTOS…
…. बारिश की ये खबर भी पढ़िए… सीकर में 3.5 इंच से ज्यादा बारिश,सीकर-रेवाड़ी ट्रेन आंशिक रद्द:पुलिस क्वार्टरों में भरा गंदा पानी, सीवरेज ओवरफ्लो; अगले 2 दिन बारिश का अलर्ट मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

17 कब्रिस्तानों में नए निर्माण पर तत्काल रोक के निर्देश:हाईकोर्ट ने कहा- किसी तरह का अवैध निर्माण नहीं होगा; चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने शहर के 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों और वक्फ समितियों को निर्देश दिया है कि सभी पक्ष संयुक्त रूप से इसकी निगरानी और पालन सुनिश्चित करें। न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ मोहिनुद्दीन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई याचिका में मारवाड़ वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी की ओर से कब्रिस्तान में पार्किंग के लिए 30 मार्च 2024 को जारी निविदा को निरस्त करने, वक्फ संपत्ति में हस्तक्षेप रोकने तथा सोजती गेट स्थित तकिया चांद शाह संपत्ति से किराया वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से 19 नवंबर 2025 के आदेश की पालना के लिए अतिरिक्त समय मांगा। हाईकोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए चार सप्ताह का समय दिया। साथ ही अंतरिम आवेदन का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

जोधपुर में चेन स्नेचिंग की तीन वारदातें हुईं:बाइक सवार बदमाशों ने की वारदात; पुलिस खंगाल रही CCTV

जोधपुर कमिश्नरेट में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पिछले 24 घंटों में महानगर के पूर्व और पश्चिम जिले के थानों में लूटपाट, अवैध कब्जे, धोखाधड़ी, मारपीट और मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले दर्ज किए गए हैं। बाइक सवारों ने छीनी महिला की चेन जोधपुर में महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग के मामले सामने आए। उदयमंदिर थाना क्षेत्र में अभय कमांड कंट्रोल रूम के पास 19 जुलाई की शाम दो बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने राह चलती महिला के गले से सोने की चेन पर झपट्टा मारा और फरार हो गए। महिला के पुत्र राहुल सोनी की ओर से इसको लेकर मामला दर्ज करवाया गया है। टैक्सी सवार महिला से कंठी लूटी महामंदिर क्षेत्र के सनसिटी अस्पताल के पास टैक्सी सवार महिला की मौसी के साथ कंठी लूट की वारदात सामने आई है। महिला ने इसे लेकर थाने में रिपोर्ट दी है। बाइक पर सवार आरोपियों ने लूटी चैन महामंदिर थाना क्षेत्र के चन्द्रमंगल हॉस्पिटल के पास बाइक पर सवार होकर आए आरोपियों ने महिला के गले में पहनी सोने की चेन लूट ली। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी हुई है। महिला रश्मि दाधीच (48) बेंगलुरु से जोधपुर में अपने पीहर भाई के घर आई हुई थी।

कोटा में 24 बदमाश गिरफ्तार:BGMI आईडी के नाम पर साइबर ठग भी चढ़ा पुलिस के हत्थे, जनसुनवाई में आईजी-एसपी ने सुनीं समस्याएं

कोटा में पुलिस ने अपराध नियंत्रण, साइबर अपराधों पर कार्रवाई और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर एक साथ कई अहम कदम उठाए। उद्योग नगर थाना क्षेत्र में चलाए गए ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान के तहत पुलिस ने छह स्थायी वारंटियों समेत कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, साइबर थाना पुलिस ने BGMI गेमिंग आईडी सस्ते दामों में उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उद्योग नगर क्षेत्र में एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा के निर्देशन में नौ पुलिस टीमों का गठन किया गया। इनमें उद्योग नगर, गुमानपुरा, रेलवे कॉलोनी, महावीर नगर, विज्ञान नगर, जवाहर नगर, अनंतपुरा, कोतवाली, आरके पुरम और रानपुर थाना पुलिस शामिल रही। ड्रोन टीम और घुड़सवार पुलिस की निगरानी में मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया और विभिन्न संदिग्ध स्थानों पर सघन दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान छह स्थायी वारंटियों सहित कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं, साइबर थाना कोटा शहर ने सवाई माधोपुर निवासी 28 वर्षीय नासिर खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फेसबुक के जरिए पुणे निवासी युवक को BGMI गेमिंग आईडी सस्ते में दिलाने का झांसा दिया और कोटा निवासी इरफान के बैंक खाते का क्यूआर कोड हासिल कर 68 हजार रुपए की ठगी की रकम उसमें जमा करवाई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 11 हजार रुपए नकद, एक मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। मोबाइल की जांच में अन्य लोगों से साइबर ठगी के साक्ष्य भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। इधर, आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कोटा रेंज आईजी और एसपी तेजस्विनी गौतम ने थाना कुन्हाड़ी में जनसुनवाई आयोजित की। यह जनसुनवाई विशेष रूप से कुन्हाड़ी, नांता और नयापुरा क्षेत्र के परिवादियों की सुविधा के लिए आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला हेल्पलाइन “नीड हेल्प”, साइबर हेल्पलाइन और पुलिस विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा सीएलजी बैठक आयोजित कर सदस्यों की समस्याओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन गरुड़व्यूह-2” के तहत किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना कोटा शहर पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 9530443141 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

टोंक में सुलभ इंटरनेशनल का मेला, महिलाओं ने लगाई स्टॉल्स:नित्या पाठक बोलीं- यह महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता का अभियान

सुलभ इंटरनेशनल की ओर से टोंक में ‘नई दिशा’ मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक नित्या पाठक ने कहा कि ‘नई दिशा’ केवल एक मेला नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण का एक राष्ट्रीय अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। नित्या पाठक ने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल इस अभियान को देश के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में अलवर में आयोजित पहले ‘नई दिशा’ मेले की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। डॉ. विंदेश्वर पाठक को दी श्रद्धांजलि
संस्थापक स्वर्गीय डॉ. विंदेश्वर पाठक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में शुरू की गई इस पहल ने मैला ढोने की अमानवीय प्रथा से मुक्त कराकर महिलाओं को सम्मानजनक जीवन दिया है। आज कई महिलाएं सफल उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने पद्मश्री उषा चोमर का उदाहरण देते हुए कहा कि सही सहयोग से महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकती हैं। स्टॉल लगाकर प्रदर्शित किए उत्पाद
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न खाद्य पदार्थों और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों की आकर्षक स्टॉलें भी लगाई गईं। नित्या पाठक ने बताया कि संस्था देशभर में ‘नई दिशा’ केंद्रों का विस्तार जारी रखेगी।

नियम तोड़कर चलने वाली बसों पर एक्शन:जोधपुर में जजों के निरीक्षण में हुई कार्रवाई, 6 प्राइवेट बसें सीज

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्रियों के सुरक्षित सफर को सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को भी जोधपुर में लग्जरी व स्लीपर बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के निर्देश पर की गई इस औचक कार्रवाई में नियमों की धज्जियां उड़ा रही 6 लग्जरी व स्लीपर बसों के चालान काटकर उन्हें जब्त कर लिया गया। चेकिंग में सामने आईं यह गंभीर अनियमितताएं जांच के दौरान मोटर वाहन अधिनियम-1988 और स्लीपर कोच बसों के लिए तय सरकारी मानकों (AIS-119) का बड़े पैमाने पर उल्लंघन पाया गया। कई बसों में इमरजेंसी एग्जिट ही गायब थे। अवैध मॉडिफिकेशन: बसों में पीछे से चेसिस काटकर नियम विरुद्ध लगेज स्पेस बनाया गया था। बसों की छत पर अवैध रूप से लगेज कैरियर लगाए गए थे। इसके अलावा बैठने की क्षमता में फेरबदल और स्लीपर बर्थ की लंबाई-ऊंचाई तय मापदंडों के विपरीत पाई गई। अभियान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश त्यागी (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर महानगर) और जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूरण कुमार शर्मा (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला) के नेतृत्व में चलाया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला ओर महानगर के सचिव जज डॉ मनीष हरजाई, राकेश रामावत शामिल रहे।

पाली में शुरू हुई पैकिंग थैलियों की कटिंग मशीन:250 महिलाओं को मिलेगा रोजगार; रोज तैयार हो सकेंगे 2 लाख प्लास्टिक पाउच

टेक्सटाइल हब पाली की कपड़ा इंडस्ट्रीज में रोजाना होने वाली प्लास्टिक पैकिंग पाउच (थैलियों) की भारी मांग को देखते हुए शहर में आधुनिक कटिंग-स्लिटिंग मशीन स्थापित की गई है। इस पहल से स्थानीय उद्यमियों को गुजरात से कम दामों पर पैकिंग सामग्री मिलेगी, साथ ही करीब 250 महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। सोमवार शाम मंडिया रोड स्थित सरस्वती स्कूल में लघु उद्योग भारती, पाली की ओर से हुए कार्यक्रम में इस मशीनरी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने 28 इंच पीवीसी कटिंग मशीन और 63 इंच नॉन-वूवन स्लिटिंग मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। रोजाना 3 लाख पाउच की जरूरत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने बताया कि पाली की कपड़ा इंडस्ट्रीज में सलवार-सूट और अन्य तैयार वस्त्रों की पैकिंग के लिए रोजाना करीब 3 लाख प्लास्टिक थैलियों की जरूरत होती है। अब तक स्थानीय उद्यमी इन्हें सूरत और बड़ौदा (गुजरात) से मंगवाते थे। पाली में ही मशीन स्थापित होने से अब उद्यमियों को गुजरात की तुलना में भी कम दरों पर पैकिंग मैटेरियल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा। 250 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
पूर्व विधायक पारख ने बताया कि मशीन से रोजाना लाखों पाउच की कटिंग की जाएगी, जिनकी सिलाई और जिप (चैन) लगाने का कार्य महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे एक ही मशीन के माध्यम से करीब 250 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। भविष्य में मांग बढ़ने पर शहर में ऐसी और भी मशीनें लगाई जाएंगी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन महामंत्री प्रकाशचंद गुप्ता, समाजसेवी भगवती महेश बल्दवा, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, राजू भाई मेड़तिया, विनय बम्ब, रामकिशोर साबू, नारायण कुमावत, महावीरसिंह टेवाली, रमेश परिहार, राजेंद्रसिंह धुरासनी, तिलोक चौधरी, जितेन्द्र भाटी, मानवेन्द्र सिंह भाटी, मुकेश प्रजापत, मुकेश गोस्वामी और रणवीरसिंह राजपुरोहित सहित कई लोग मौजूद रहे।