हाईकोर्ट ने पूछा- एमएसपी पर फसलें क्यों नहीं खरीद रहे:7 साल से केंद्र नहीं दे रहा जवाब, 2019 में जारी किए थे नोटिस
राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों की उपज की सरकारी खरीद नहीं होने पर सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पूछा कि जब फसलों को एमएसपी पर खरीदने का प्रावधान है, तो फिर खरीद क्यों नहीं की जा रही है? कोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राजफेड (RAJFED) को इस मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी। किसान नेता रामपाल जाट की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा- केंद्र सरकार को इस मामले में साल 2019 में ही नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कोर्ट ने अब एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। याचिकाकर्ता ने एमएसपी दरों पर ही फसलों की खरीद सुनिश्चित करने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की थी। इसमें साल 2012 के बाद से बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद न होने से किसानों को हुए नुकसान का जिक्र किया गया है। साथ ही, मक्का, चना और मूंग की सरकारी खरीद न होने से हुए नुकसान का भी हवाला दिया गया है। याचिका में ‘वेयरहाउसिंग विकास और विनियमन अधिनियम, 2007’ के नियमों का कड़ाई से पालन करवाने का आग्रह किया गया है। 7 साल बाद भी नहीं आया जवाब हाईकोर्ट ने साल 2019 में सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को एमएसपी पर फसलों की खरीद की नीति बनाने और उसे लागू करने के संबंध में निर्देश दिए थे। हालांकि, कोर्ट के इन आदेशों के 7 साल बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के बजाय केवल समय ही मांगा जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार हर साल फसलों का एमएसपी तो घोषित करती है, लेकिन सभी फसलों की एमएसपी पर सरकारी खरीद नहीं हो पाती है।

