भारत और अमेरिका ने अंतरिम ट्रेड डील को जल्द पूरा करने पर जोर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मनीला में हुई मुलाकात के दौरान इस समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति जताई। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत समेत दूसरे देशों से आने वाली दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। इसमें जेनेरिक दवाएं भी शामिल हैं। इससे भारत के फार्मा एक्सपोर्ट पर असर पड़ने की आशंका है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने ASEAN समिट के दौरान रक्षा सहयोग पर भी चर्चा की। इसमें एंटी-टैंक मिसाइल, इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल और निगरानी विमान जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर बात हुई। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… चीन बोला- भारत ने हमारे 12 नाविकों को बचाया था, हम इसे कभी नहीं भूलेंगे चीन ने पिछले साल केरल तट के पास आग लगने और विस्फोट का शिकार हुए एक मालवाहक जहाज से 12 चीनी क्रू मेंबर्स को बचाने के लिए भारतीय सेना का धन्यवाद किया है। साथ ही दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया है। भारत में चीन के रक्षा अताशे रियर एडमिरल यू जियान ने मंगलवार को चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। यू जियान ने कहा, “हम यह कभी नहीं भूलेंगे कि पिछले जून में केरल तट के पास आग लगने और विस्फोट का शिकार हुए एक मालवाहक जहाज से भारतीय सेना ने 12 चीनी नाविकों को सुरक्षित बचाया था।” उन्होंने कहा, “चीन और भारत अहम पड़ोसी देश हैं। हमें खुशी है कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधर रहे हैं। हमारा हमेशा से मानना रहा है कि दोनों देशों के साझा हित, आपसी मतभेदों से कहीं ज्यादा बड़े हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकातों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में लगातार सुधार देखने को मिला है। इसके बाद दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच भी कई बैठकें हुई हैं। फ्रांस की पर्यावरण मंत्री ने इस्तीफा दिया: प्रतिबंधित कीटनाशकों के इस्तेमाल की अनुमति देने वाले कृषि कानून का विरोध
फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारब्यू ने विवादित कृषि कानून के विरोध में इस्तीफा देने का फैसला किया है। कानून के तहत कुछ संकटग्रस्त कृषि क्षेत्रों में एसीटामिप्रिड और फ्लुपाइराडिफ्यूरोन के असाधारण इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कीटनाशक मधुमक्खियों के लिए नुकसानदायक हैं। बारब्यू बुधवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। फ्रांस के सांसदों ने मंगलवार को यह विवादित आपात कृषि कानून पारित किया। इसके तहत फ्रांस की खाद्य, पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य एजेंसी को कुछ कृषि क्षेत्रों के लिए इन दोनों कीटनाशकों के इस्तेमाल की असाधारण अनुमति देने का अधिकार मिलेगा। अक्टूबर 2025 में पर्यावरण मंत्री नियुक्त की गईं मोनिक बारब्यू ने सोशल मीडिया पर कहा कि पिछले 9 महीनों में उन्होंने जंगलों, पानी की गुणवत्ता, हवा की शुद्धता, मिट्टी की समृद्धि और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों का विरोध करने वाली ताकतें इतनी मजबूत हो गई हैं कि अब उनके पास अपनी इस महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाने के साधन नहीं बचे हैं। ट्रम्प ने अमेरिका में जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाया; 2 साल तक जीरो, 2028 से 100% और फिर 200% लगेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जेनेरिक दवाओं के आयात पर नई टैरिफ नीति की घोषणा की है। ट्रम्प ने कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आयात होने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो वर्षों तक कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इसके बाद 2028 से एक साल के लिए 100% और फिर 200% आयात शुल्क लगाया जाएगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस नीति का मकसद दवा कंपनियों को अमेरिका में ही मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। जो कंपनियां तय समय में अमेरिका में उत्पादन शुरू नहीं करेंगी, उन्हें ऊंचे टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला अमेरिकी नागरिकों के हितों की रक्षा और देश में दवा निर्माण बढ़ाने के लिए लिया गया है। हालांकि पेटेंट, ब्रांडेड और इनोवेटिव दवाओं पर लागू मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारत पर क्या असर होगा?
भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है और अमेरिका उसका सबसे बड़ा बाजार है। ऐसे में दो साल की राहत के बाद 2028 से 100% और फिर 200% टैरिफ लागू होने पर भारतीय दवा कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। इससे कंपनियों पर अमेरिका में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने का दबाव भी बढ़ेगा और भारतीय जेनेरिक दवाओं की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रभावित हो सकती है। मैक्सिकन कैदी ने किया ट्रम्प पर केस: 75 मिलियन डॉलर और अमेरिकी नागरिकता मांगी
अमेरिका में 27 साल के मैक्सिकन नागरिक ब्रैंडन ऑर्टिज-वाइट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ संघीय अदालत में केस किया है। उसने 75 मिलियन डॉलर (करीब 620 करोड़ रुपए) हर्जाने, सार्वजनिक माफी और अमेरिकी नागरिकता की मांग की है। ऑर्टिज-वाइट पर मिशिगन की महिला रूबी गार्सिया की हत्या का दोष है। वह 2024 में हत्या के मामले में दोषी पाए जाने के बाद 39 से 102 साल की सजा काट रहा है। उसका आरोप है कि ट्रम्प ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान उसके केस का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया। ऑर्टिज-वाइट ने हाथ से लिखी शिकायत में ट्रम्प और व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन च्युंग को आरोपी बनाया है। उसने दावा किया कि ट्रम्प ने चुनाव प्रचार के दौरान उसके केस को बार-बार उठाकर उसे राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतीक बना दिया। मिशिगन के ग्रैंड रैपिड्स में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने ऑर्टिज-वाइट को “अमेरिका की समस्या” बताया था। इसके बाद उनके चुनावी विज्ञापनों में ऑर्टिज-वाइट की मगशॉट तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। इन विज्ञापनों में अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों को “हत्यारे, रेपिस्ट और ड्रग तस्कर” बताया गया था। ऑर्टिज-वाइट पहले अमेरिका से निर्वासित किया जा चुका था, लेकिन बाद में वह अवैध तरीके से दोबारा देश में दाखिल हुआ। पुलिस कार्रवाई में मोरक्को मूल के शख्स की मौत पर इटली में प्रदर्शन:64 पुलिसकर्मी घायल इटली के उत्तरी शहर बोलोन्या में मोरक्को मूल के एक व्यक्ति की पुलिस कार्रवाई के दौरान मौत के बाद हिंसा भड़क गई। सोमवार रात हजारों लोगों ने अब्देररहीम फकीर की मौत को लेकर प्रदर्शन किया और “फकीर को न्याय और सच्चाई” की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पटाखे फेंके जाने के बाद पुलिस से झड़प हुई। अभियोजकों के मुताबिक, बाद में एक छोटे समूह की पुलिस से देर रात तक झड़प होती रही। इसमें 64 पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अब्देररहीम फकीर मोरक्को मूल था और सामान शिफ्ट करने और सफाई का छोटा कारोबार चलाता था। पुलिस को एक व्यक्ति के आक्रामक व्यवहार करने और एक गाड़ी को नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान फकीर की मौत हो गई। घटना का वीडियो पड़ोसी ने रिकॉर्ड किया था। इसमें फकीर जमीन पर पेट के बल लेटा नजर आ रहा है। दो पुलिसकर्मी उसे पकड़कर रोक रहे हैं। वीडियो में फकीर बार-बार “आइउतो, आइउतो, बस्ता” यानी “मदद, मदद, बस करो” कहते सुनाई दे रहा है। बोलोन्या के अभियोजकों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने घटना के दौरान पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी मांगी है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि फकीर की मौत की पूरी जांच होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के खिलाफ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। जेलेंस्की ने सेना प्रमुख बदला: 6 दिन के प्रदर्शनों के बाद मिखाइलो ड्रापात्यी को बनाया कमांडर
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देश के सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिरस्की को पद से हटा दिया है। उनकी जगह 43 साल के लोकप्रिय और युद्ध का अनुभव रखने वाले जनरल मिखाइलो ड्रापात्यी को नया कमांडर बनाया गया है। यह फैसला पूर्व रक्षा मंत्री मायखाइलो फेडोरोव को हटाए जाने के कुछ दिन बाद आया है। फेडोरोव को हटाने के बाद यूक्रेन के कई शहरों में 6 दिन तक प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों का दबाव था कि सिरस्की को भी पद से हटाया जाए। सिरस्की को हटाने की शुरुआती खबरों के मुताबिक, फेडोरोव और उनके बीच मतभेद थे। बाद में दोनों के बीच तनाव की खबरों की पुष्टि हुई। 60 साल के सिरस्की ने विदाई संदेश में अपने कार्यकाल का बचाव किया। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा, “दो साल पहले मुश्किल रक्षात्मक अभियान लड़ रही सेना अब हमले की स्थिति में है।” नए सेना प्रमुख मिखाइलो ड्रापात्यी ने सिरस्की को यूक्रेनी सेना को मजबूत करने के लिए किए गए लगातार काम के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “मैं इसी सेना में बड़ा हुआ हूं।” मिचलिन स्टार रेस्टोरेंट में मिठाई पर चींटियां परोसने पर मालिक को 1 साल जेल और जुर्माने की मांग
दक्षिण कोरिया में दो मिशचलिन स्टार वाले रेस्टोरेंट के मालिक के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने 1 साल जेल की सजा की मांग की है। आरोप है कि रेस्टोरेंट में मिठाई परोसते समय चींटियों को गार्निश के तौर पर इस्तेमाल किया गया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अभियोजन पक्ष ने सोमवार को रेस्टोरेंट पर 20 मिलियन कोरियन वॉन (करीब 13,510 डॉलर) जुर्माना लगाने की भी मांग की। कोर्ट इस मामले में 2 सितंबर को फैसला सुनाएगा। रेस्टोरेंट के मालिक ने चींटियां परोसने की बात स्वीकार की है। हालांकि, उनका कहना है कि 15-कोर्स के मेन्यू के एक छोटे हिस्से में ही इनका इस्तेमाल किया गया था। चींटियों को शर्बत पर टॉपिंग के तौर पर दिया जाता था। उनका दावा है कि ग्राहकों को चींटियों की जगह दूसरी टॉपिंग चुनने का विकल्प भी दिया गया था। दक्षिण कोरिया के कानून के तहत इंसानों के खाने के लिए मंजूर 10 कीट प्रजातियों में चींटियां शामिल नहीं हैं। मामला तब सामने आया, जब खाद्य एवं औषधि सुरक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को ऑनलाइन पोस्ट किए गए ग्राहकों के रिव्यू और व्यंजनों की तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों में खाने पर चींटियां छिड़की हुई दिखाई दे रही थीं। जांचकर्ताओं के अनुमान के मुताबिक, 4 साल में कई व्यंजनों में अमेरिका और थाईलैंड से आयात की गई करीब 49 हजार चींटियों का इस्तेमाल किया गया। मालिक ने अपने बचाव में कहा कि सिर्फ 60% ग्राहकों ने चींटियां खाने का विकल्प चुना था। बाकी ग्राहकों को फर्मेंटेड सिरका और खाने योग्य फूल जैसी वैकल्पिक टॉपिंग दी गई थीं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और UK जैसे अन्य देशों के रेस्टोरेंट में भी चींटियों का इस्तेमाल सामग्री के तौर पर किया जाता है। कोर्ट के दस्तावेजों में रेस्टोरेंट या उसके मालिक का नाम नहीं बताया गया है। दक्षिण कोरिया में 10 रेस्टोरेंट ऐसे हैं जिन्हें दो मिचलिन स्टार मिले हैं। ये सभी राजधानी सियोल में स्थित हैं। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की कई संस्कृतियों में चींटियां खाई जाती हैं और कुछ जगहों पर इन्हें खास व्यंजन माना जाता है। थाईलैंड और कंबोडिया के व्यंजनों में वीवर चींटियों और उनके अंडों का इस्तेमाल होता है। वहीं, कोलंबिया में रानी चींटियों को कैवियार जितना खास माना जाता है। टोक्यो में ऑफिस में शॉर्ट्स पहनने की छूट:कुछ महिलाओं ने कहा- पुरुषों के पैर के बाल दिखना ‘लेग हेयर हैरेसमेंट’
जापान में गर्मी बढ़ने के साथ ऑफिस में पुरुषों के शॉर्ट्स पहनने को लेकर बहस शुरू हो गई है। टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार कर्मचारियों को सूट-टाई छोड़कर T-shirt, स्पोर्ट्स शूज और शॉर्ट्स जैसे कैजुअल कपड़े पहनने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। टोक्यो की गवर्नर युरिको कोइके ने अप्रैल में ‘ टोक्यो कूल बिज’ पहल शुरू की थी। इसका मकसद भीषण गर्मी में लोगों को ऑफिस में ज्यादा आरामदायक कपड़े पहनने का विकल्प देना है। करीब 4 महीने बाद ऑफिस में शॉर्ट्स पहनने की नई छूट को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ महिलाओं ने पुरुष सहकर्मियों के पैर के बाल देखने को लेकर असहजता जताई है। ऑनलाइन इसे ‘सनेहारा’ कहा जा रहा है, जो ‘लेग हेयर हैरेसमेंट’ से जुड़ा शब्द है। दुनिया के दूसरे हिस्सों की तरह जापान भी हाल के महीनों में रिकॉर्ड गर्मी का सामना कर रहा है। वहीं, मिडिल ईस्ट में अस्थिरता के कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतों की चुनौती भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने इस गर्मी में भीषण गर्मी की चेतावनी दी है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी लोगों को जागरूक करने के लिए ‘कुक्शो-बी’ शब्द का इस्तेमाल कर रही है। इसका मतलब ‘बेहद गर्म दिन’ है और इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब तापमान 40°C से ज्यादा हो।