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आज 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी:राजस्थान में एक दिन में 9 इंच तक पानी बरसा, सीजन में सबसे ज्यादा बरसात

राजस्थान में बुधवार (22 जुलाई) को इस सीजन की सबसे भारी बारिश हुई। ब्यावर में कल रिकॉर्ड 9 इंच पानी बरसा, जो इस मानसून सीजन में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है। ब्यावर के साथ-साथ अजमेर और भीलवाड़ा में भी कई जगहों पर 3 से 5 इंच तक बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक पूरे राजस्थान में बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, 25 जुलाई के बाद पश्चिमी राजस्थान में बारिश थोड़ी कम हो जाएगी। गुरुवार को भी राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मानसून के बड़े अपडेट्स बरसाती नदियों में उफान, खेत डूबे: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बरसात ब्यावर के पास बदनोर में 225MM (9 इंच) दर्ज हुई। यहां खेत और खुले इलाके जलमग्न हो गए। भारी बारिश से बरसाती नदियों में पानी बहने लगा है। ब्यावर के साथ डूंगरपुर बांसवाड़ा, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, भरतपुर, नागौर, बूंदी, जैसलमेर, अलवर, पाली के कई इलाकों में दो इंच तक बारिश रिकॉर्ड हुई। 2 दिन तेज बारिश का अलर्ट: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में अभी मानसून एक्टिव रहने और अच्छी बारिश होने की परिस्थितियां अनुकूल है। मानसून ट्रफ अभी नॉर्मल पॉजिशन पर है, जो बीकानेर, टोंक, गुना, दमोह होकर गुजर रही है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन सिस्टम के असर से राज्य में अगले दो दिन पूरे प्रदेश में बारिश होगी, जबकि दक्षिणी राजस्थान के हिस्से में कई स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। राजस्थान के मौसम की PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम? जयपुर: राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में बारिश का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को फुलेरा, फागी, नरैना, सांभर, जोबनेर और दूदू के इलाकों में अच्छी बारिश हुई। सबसे ज्यादा 52 मिमी (करीब 2 इंच) बारिश सांभर में दर्ज की गई। जयपुर शहर में सुबह बूंदाबांदी हुई। बुधवार रात भी कई रुक-रुककर हल्की बारिश हुई। अलवर: जिले में बुधवार सुबह से शाम तक रुक-रुककर रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में यहां तेज बारिश होने की संभावना है। अजमेर: जिले में सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुककर तेज बारिश होती रही, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। दिनभर में कुल 79 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। सीकर: शहरी इलाकों में दोपहर करीब 1 बजे तेज हवा के साथ करीब 10-12 मिनट तक रिमझिम बारिश हुई। बारिश के बाद दिनभर उमस रही। फतेहपुर मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, सीकर जिले में 24 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उदयपुर: लेकसिटी में बुधवार सुबह करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री था। कोटा: जिले में मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश के बाद तापमान में अच्छी गिरावट आई है। बुधवार को कोटा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा में बीते दो दिन से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिले के डैम व नदियों में पानी की आवक शुरू हो गई है। जोधपुर: बुधवार को जोधपुर में मानसून की पहली अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। बुधवार को जोधपुर का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सीकर रोड पर इंटरलॉकिंग, NHAI बोला- प्रयोग कर रहे:जलभराव-मिट्‌टी का कटाव रुकेगा, विशेषज्ञ- ट्रोले-डंपर का वजन नहीं झेल पाएंगी

राजधानी के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल सीकर रोड पर रोड नंबर-14 के आगे सड़क के दोनों किनारों पर इंटरलॉकिंग टाइल (पेवर ब्लॉक) बिछाने का काम शुरू किया है। एनएचएआई का कहना है कि बरसात के दौरान सड़क किनारे होने वाले जलभराव और मिट्टी कटाव को रोकने के लिए 500 मीटर के हिस्से में यह कार्य प्रयोग के तौर पर कराया जा रहा है। हालांकि सड़क निर्माण और हाईवे इंजीनियरिंग से जुड़े विशेषज्ञ इस निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यहां एम-20 या एम-30 ग्रेड की टाइल्स लगाई जा रही हैं तो वे लगातार भारी वाहनों का दबाव लंबे समय तक नहीं झेल पाएंगी। विशेषज्ञों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन-रात हजारों ट्रक, ट्रोले और कंटेनर गुजरते हैं। ऐसे में यदि भारी वाहन सड़क के किनारे चढ़ते-उतरते हैं तो इंटरलॉकिंग ब्लॉक बैठने, उखड़ने और असमतल होने का खतरा रहेगा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टिकाऊ व्यवस्था के लिए प्रबलित कंक्रीट शोल्डर, बेहतर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज और नियमित रखरखाव अधिक प्रभावी विकल्प माने जाते हैं, जबकि इंटरलॉकिंग ब्लॉक का उपयोग फुटपाथ, मीडियन, बस-बे, पैदल मार्ग या सीमित भार वाले क्षेत्रों में अधिक उपयुक्त माना जाता है। असल चुनौती जलभराव नहीं, ड्रेनेज व्यवस्था कई वर्षों से सीकर रोड़ के वीकेआई नंबर-14 और ढ़ेहर का बालाजी क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी हुई है जो जाम का प्रमुख कारण है। इसके समाधान के लिए NHAI पहले भी सीमेंट कंक्रीट रोड, ड्रेनेज नेटवर्क और फ्लाईओवर निर्माण की योजना शुरू कर चुका है। अब फिर इंटरलॉकिंग टाइल (पेवर ब्लॉक) बिछाने का काम शुरू किया गया है। मजबूत सब-बेस और ड्रेनेज ही स्थायी समाधान
रिटायर्ड एक्सईएन हरिमोहन शर्मा के अनुसार इंटरलॉकिंग ब्लॉक जल निकासी सुधारने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए मजबूत सब-बेस, उचित कम्पेक्शन और वैज्ञानिक ड्रेनेज जरूरी है। सड़क किनारे भारी वाहन चढ़ते-उतरते हैं, ब्लॉक जल्द बैठ सकते हैं। सीकर रोड पर फिलहाल प्रयोग के तौर पर 500 मीटर की दूरी में टाइल्स लगाई जा रही है। यहां कच्ची सड़क थी, जिस पर बारिश में जलभराव होता था। उसी के किनारे यह टाइल्स लगाई गई हैं। -अजय आर्य, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई जयपुर

4 कारीगरों ने 40 दिन में बदली तस्वीर:11 किलो जर्मन गोल्ड से निखर रहा मोतीडूंगरी में ‘गजानन का दरबार’

मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में इस बार गणेश चतुर्थी पर ‘गोल्डन गणपति’ के दर्शन होंगे। पहली बार परिसर के 40 फीट चौड़े और 35 फीट लंबे हिस्से को 11 किलो जर्मन गोल्ड वर्क से सजाया गया है। गर्भगृह की दीवारों पर सवा किलो 24 कैरेट सोने की मढ़ाई पूरी हो चुकी है। राजधानी में किसी मंदिर को इस तरह गोल्डन थीम पर सजाने का संभवतया यह पहला प्रयोग है। दरबार को स्वर्ण आभा देने वाले सभी कारीगर मुस्लिम हैं। 20 हजार गोल्ड वर्क से सजा मंदिर मंदिर परिसर को सजाने के लिए 6×6 इंच आकार के करीब 20 हजार जर्मन गोल्ड वर्क लगाए गए हैं। सुनहरी परत और बारीक नक्काशी से मंदिर का पूरा भीतरी हिस्सा अब स्वर्ण आभा में चमक रहा है। छत पर हाथों से नक्काशी-पेंटिंग मंदिर की छत पर पारंपरिक शैली में हाथ से नक्काशी और पेंटिंग की गई है। गोल्ड वर्क, राजस्थानी शिल्प और कलात्मक चित्रकारी का मेल मंदिर को पारंपरिक और आधुनिक सजावट का अनूठा स्वरूप दे रहा है। 4 कारीगरों ने 40 दिन में बदली तस्वीर कारीगर सईदउल्ला मिर्जा ने बताया कि चार विशेषज्ञ कारीगरों ने करीब 40 दिन तक लगातार काम कर सजावट पूरी की है। इसमें पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक फिनिशिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। गणेश चतुर्थी पर गणेशजी स्वर्ण आभा में दिखेंगे। मंदिर में हो रही सजावट भी तैयारी का ही हिस्सा है। ठाकुरजी की पोशाक और आभूषण भी विशेष होंगे। पूरे परिसर को गोल्डन थीम पर सजाया जा रहा है।
-कैलाश शर्मा, महंत, मोतीडूंगरी गणेश मंदिर

कुत्ते के काटने पर अब त्वचा पर ही लगेगा टीका, घाव पर टांके भी नहीं लगेंगे; विभाग को पोर्टल पर एंट्री करनी होगी

डॉग बाइट और रैबीज के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने इलाज और प्रोटोकॉल को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें डॉग बाइट सहित रैबीज से जुड़े विभिन्न मामलों के उपचार को लेकर निर्देश दिए गए हैं। इसमें कुत्ते के काटने पर त्वचा पर ही टीका लगाए जाना, घाव पर टांके नहीं लगाना आदि निर्देश शामिल है। वहीं अब विभाग को इन मामलों को ऑनलाइन रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसके लिए ऐसे हर मामले को पीसीपीएफ पोर्टल पर इंद्राज किया जाएगा। नई गाइडलाइन में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब अस्पतालों में रैबीज के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक एंटी रैबीज वैक्सीन और एंटी रैबीज सीरम की कोल्ड चेन (तय तापमान पर सुरक्षित रखना) बनाए रखना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि पशु के काटने पर घाव पर प्राथमिक टांके नहीं लगाए जाएंगे। अगर टांके लगाना बहुत जरूरी हुआ, तो पहले घाव में रैबीज से लड़ने वाली दवा (इम्यूनोग्लोबुलिन) भरी जाएगी। साथ ही अब वैक्सीन को मांस में लगाने के बजाय त्वचा के अंदर लगाना ज्यादा प्रभावी माना गया है। अगर मरीज के पूरा वैक्सीनेशन होने के तीन महीने के भीतर दोबारा बाइट होने पर घाव धोने के अलावा वैक्सीन की जरूरत नहीं होगी। वहीं 3 महीने बाद काटने पर सिर्फ शून्य व तीसरे दिन दो डोज लगाएंगे।

जिला जूनि. एथलेटिक्स स्पर्धा 26-27 जुलाई को

टोंक| जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के तत्वावधान में 54वीं जिला जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन 26 एवं 27 जुलाई को जिला खेल स्टेडियम, टोंक में होगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जूनियर एथलीट 14, 16, 18 एवं 20 वर्ष आयु वर्ग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। एसोसिएशन द्वारा प्रतियोगिता से संबंधित दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ 26 जुलाई को सुबह होगा तथा दो दिनों तक विभिन्न ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ी 17 से 20 अगस्त तक अजमेर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में टोंक जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सीपीसीबी के नए नियम लागू:प्रदूषण क्षमता के आधार पर होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल को 4 कैटेगरी में बांटा, छोटे प्रतिष्ठानों को राहत

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर के होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव भारत कुमार शर्मा ने 20 जुलाई को यह आदेश जारी किया। इसके तहत इन प्रतिष्ठानों को प्रदूषण क्षमता के आधार पर रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट कैटेगरी में बांटा गया है। नए नियमों का असर उदयपुर के करीब 800 होटल और 1000 रेस्टोरेंट-ढाबों पर भी सीधा पड़ेगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन्हें तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ‘व्हाइट कैटेगरी’ को स्थापना (सीटीई) और संचालन (सीटीओ) की अनुमति लेने से पहले ही छूट दी हुई है। नए नियमों के बाद व्हाइट कैटेगरी में आने वाले छोटे होटल, ढाबे, क्लाउड किचन और 1000 वर्गमीटर तक के बैंक्वेट हॉल संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कागजी औपचारिकताओं से बड़ी राहत मिलेगी। 1. होटल और रिसॉर्ट (कमरों और ईंधन के आधार पर) 2. रेस्टोरेंट और ढाबे (बैठने की क्षमता के आधार पर) 3. बैंक्वेट और मैरिज हॉल (क्षेत्रफल के आधार पर) सभी के लिए ये नियम रहेंगे अनिवार्य कैटेगरी बदलन से व्यवसायियों को सहूलियत मिली केद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने व्हाइट श्रेणी बनाकर छोटे उद्योगों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें अन्य विभागों के ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा ऑरेंज कैटेगरी के कई उद्योगों को ग्रीन कैटेगरी में बदलने से भी व्यवसायियों को सहूलियत मिली है।
-राकेश चौधरी, सचिव, होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान

बिजली कटौती से परेशान कलेक्टर से लगाई गुहार

टोंक | सोलंगपुरा रोड इलाके में लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान होकर मोहल्लेवासियों ने कलेक्टर से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सालों से उनके इलाके में अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। जिससे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रन्यास समिति ने गणेश जी को दिया निमंत्रण

टोंक | श्रीमनसापूर्ण गणेश जी बालाजी मंदिर प्रन्यास समिति की ओर से आगामी 13 व 14 सितंबर को दो दिवसीय गणेश महोत्सव मनाया जाएगा। तैयारियां के तहत बुधवार को महंत कैलाशपुरी के सानिध्य में भगवान श्रीगणेश की विधिवत् पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव कार्यक्रमों में पधारने का निमंत्रण अर्पित किया गया। प्रन्यास समिति के संरक्षक महंत कैलाशपुरी ने बताया कि 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर अन्नपूर्णा गणेश मंदिर परिसर में भव्य रात्रि जागरण तथा 14 सितंबर को छप्पन भोग की झांकी एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। महंत कैलाशपुरी ने भगवान श्रीगणेश के जन्मोत्सव कार्यक्रमों में सहभागी बनने का आग्रह किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार बैरवा, कमलेश वैष्णव, अनिल चतुर्वेदी, सुभाष मिश्रा, रामस्वरूप शर्मा, एडवोकेट ओमप्रकाश राजोरा, मुकेश यादव, प्रसाद प्रभारी कमलेश गुर्जर मौज्ूद रहे।

विरोध में पिसा आमजन:पहली बार भाजपा-कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एक ही दिन दोनों के कार्यालय घेरने निकले; गवर्नमेंट हॉस्टल पर जाम, वाहनों की कतार लगी

नई दिल्ली में पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे घटनाक्रम से राजस्थान में भी राजनीतिक सरगर्मी उबाल पर रही। बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों ने पहली बार एक ही दिन एक दूसरे के कार्यालय के घेराव का ऐलान किया। पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस कार्यालय को घेराने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ निकले। इसके बाद शाम 5 बजे गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से बीजेपी मुख्यालय की ओर चले। दोनों प्रदर्शनों को बेरीकेड्स लगा कर पुलिस ने रोक दिया। कांग्रेस के मार्च को शहीद स्मारक पर रोर दिया गया। इस दौरान डोटासरा की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं। कई महिलाएं और युवा गिर गए। भगदड़ मच गई और कई को चोटें आई। एक महिला बेहोश हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मौके पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। दूसरी ओर, चौमूं हाउस सर्किल पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। हालांकि इस दौरान युवा नेता बेरीकेड्स पर चढ़ने लगे तो राठौड़ ने उन्हें रोका और कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता अनुशासन नहीं तोड़़ते। फिर वहीं काफिला रुक गया। भाजपा : प्रदर्शन पर फिर गया पानी कांग्रेस कार्यालय का घेराव के लिए निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने हटाने के लिए वाटर कैनन चलाई। इस दौरान गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर जाम लग गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कांग्रेस : इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा कांग्रेस के मार्च को शहीद स्मारक बेरीकेड्स लगा कर व वाटर कैनन चलाकर रोका गया। डोटासरा की पुलिस के साथ काफी देर धक्का मुक्की हुई। धर्मेन्द्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों को उचित स्थान देने का कार्य किया गया है। जांच हो रही है कि कहां से कितना पैसा मिला, कहां से पत्थर बाजों को लाया गया।
-मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बीजेपी वाले आंदोलन का दमन करना जानते हैं। अब तक 150 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, फिर भी केन्द्र सरकार शिक्षा मंत्री व अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। इंसाफ मिलने तक हम संघर्ष करते रहेंगे।
-गोविंद सिंह डोटासरा, पीसीसी चीफ

34 अफसरों का हैंडसेट अलाउंस घोटाला:एक बार का भत्ता बार-बार लिया, अब 6.63 लाख की रिकवरी होगी

डिप्टी डायरेक्टर जनरल लाइसेंसिंग सर्विस ऑथोरिटी ऑफ राजस्थान (एलएसए) में नियमों को ताक पर रखकर हैंडसेट अलाउंस उठाने का मामला सामने आया है। विभाग के 34 अफसरों ने वित्तीय नियमों को ताक पर रख कर करीब 6.63 लाख का हैंडसेट एलाउंस उठा लिया। सालाना ऑडिट (लेखा परीक्षा) में यह प्रकरण सामने आया। ऑडिट ऑब्जेक्शन के बाद अधिकारियों से अलाउंस की रिकवरी की तैयार हो रही है। फाइनेंस डिपार्टमेंट (एक्सपेंडिचर) के साफ निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी पूरी सर्विस के दौरान सिर्फ एक बार ही मोबाइल हैंडसेट एलाउंस ले सकता है। साल 2018 में रिवाइज्ड ऑर्डर जारी कर इस नियम को और सख्त किया गया था, लेकिन अफसरों ने नजरअंदाज कर दिया। 2012 से 2026 तक उठाते रहे एलाउंस ऑडिट में खुलासा हुआ है कि साल 2012 से 2026 तक, यह अधिकारी हर 3 साल में लगातार नया अलाउंस उठाते रहे। जिन अफसरों को लिस्टेड किया गया है, वे हर तीन महीने में 22,500 रुपए का अलाउंस क्लेम कर रहे थे। इससे सरकार के खजाने को सीधे तौर पर करीब 6.63 लाख रुपए का फटका लगा है। ऑडिट टीम ने इसे डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर (डीओआई) के आदेशों की खुली अवहेलना और गंभीर वित्तीय लापरवाही माना है। दिलचस्प पहलू यह है कि इनमें से एक अधिकारी तो रिटायर भी हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी पे-मैट्रिक्स लेवल-12 से लेकर लेवल-15 तक के हैं, जिनकी मासिक सैलरी 2 से 3 लाख रुपए के बीच है। हैडक्वार्टर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी इस पर जब एलएसए का पक्ष लिया गया तो नाम न छापने की शर्त पर शीर्ष अधिकारी ने बताया कि हैडक्वार्टर के नियमों के अनुसार ही कार्यवाही होगी। इधर, आडिट टीम का मानना है कि डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर के आदेशों की अवहेलना करना भी अनियमितता है।