खैरथल-तिजारा में चिटफंड धोखाधड़ी मामला, ईडी ने मांगे सबूत:सभी पीड़ितों को समन जारी, एफआईआर और बैंक डिटेल्स जमा करानी होगी

खैरथल-तिजारा के गांव मातौर में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड धोखाधड़ी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, ईडी जयपुर ने मामले की जांच के तहत परिवादी सत्यवीर चौधरी, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पीड़ित जमाकर्ताओं को समन जारी किए हैं। सभी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से मांगे सबूत
शिकायतकर्ताओं के वकील प्रताप सैन ने बताया- ईडी ने समन में पीड़ितों से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित पहचान एवं पते के प्रमाण, नवअंश ग्रुप एवं उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज शिकायत या एफआईआर की प्रति, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित सभी बैंक खातों का विवरण तथा नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड और सिंदुरिया माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के निदेशकों एवं एजेंटों के माध्यम से खुलवाए गए एफडी, बचत खाते, ऋण खाते सहित अन्य बैंक खातों की जानकारी मांगी है। करोड़ों के गबन का लगा आरोप
दरअसल, मामला 29 सितंबर 2025 का है। खैरथल थाने में दर्ज इस मामले में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर आम जनता से करोड़ों रुपए जमा कराकर गबन करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने खैरथल थाने में मामला दर्ज कराया और लगातार सरकार, प्रशासन तथा जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत की जमा पूंजी फंस गई है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। 10 लोगों को आरोपी बनाया, एक की हुई मौत
मामले में पुलिस की जांच के दौरान 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें एजेंट दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इनमें उमराव, दाताराम, सतपाल और पुरण फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जयपाल, नरेश, जिलेसिंह, वेंकटेश्वर प्रसाद और प्रेम कुमार जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रताप सैन न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर एवं रजिस्ट्रार कंपनियां, जयपुर द्वारा सब रजिस्ट्रार सहकारी समिति, खैरथल को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद दावों के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और सुनवाई भी समय पर नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। ये भी पढ़ें- मामा-भांजे ने फाइनेंस कंपनी बनाई, करोड़ों रुपए लेकर फरार:गुस्साए पीड़ितों ने घर में तोड़फोड़ की, बाइक फूंकी; बोले-मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़ा था साल 2010… खैरथल-तिजारा का मातौर गांव मामा-भांजे ने नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी बनाई। खुद का ऑफिस खोला और लोगों को रकम पर साल का 24% तक ब्याज देने का झांसा दिया। बॉन्ड, पासबुक और रसीदें भी छपवाईं। पहले कुछ साल ब्याज के साथ रुपए लौटाकर विश्वास जीता। इसके बाद लोग झांसे में आकर मेहनत से कमाई हुई मोटी रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) और RD (रिकरिंग डिपॉजिट) में जमा कराने लगे। 15 साल में निवेश के नाम पर जमा किए गए करोड़ों रुपए लेकर मामा-भांजा फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में पप्पू गुर्जर की तबीयत बिगड़ी:खाना खाने के बाद सीने में दर्द की शिकायत; डॉक्टर ने किया चेकअप

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाना खाने के बाद पप्पू ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर जेल के डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- रविवार शाम को पप्पू का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद ऐहतियातन जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी जांच की गई। पप्पू गुर्जर को पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच अस्पताल में रात 10:45 बजे लाया गया। बता दें कि पप्पू गुर्जर डकैत जगन गुर्जर का भाई है। जांच व उपचार के बाद उसे जेल शिफ्ट कर दिया गया। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी जगन गुर्जर की हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया

सिक्किम के राज्यपाल माथुर बोले-यूपी के अखबारों में मेरे कार्टून:सभी की मेहनत से 300 पार की; जनता दल तोड़ने की बात पर भैंरोसिंह शेखावत नाराज हुए

जोधपुर मारवाड़ इंटरनेशल कंनवेंशन सेंटर में सर प्रताप विधि महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव का आयोजन रविवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसमें राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए माथुर ने कहा- मैं जब 2016 में उत्तरप्रदेश के प्रभारी बनकर गया तो किसी ने विश्वास नहीं किया कि भाजपा इतनी सीटें जीत सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार बनाने के लिए जनता दल को भी तोड़ने का काम किया गया। माथुर ने कहा- साल 2016 में मैं उत्तर प्रदेश चला गया। जहां नेता बदलना हो, वहां मेरे जैसे हथियार को या मेरे जैसे औजार टूल को भेजा जाता था। वहां विधानसभा में हमारी पार्टी की 46 सीट थी। तब मेरे मित्र भी कहने लगे, आपने बहुत मजे ले लिए। राजस्थान कर दिया, गुजरात कर दिया, अब यूपी पता लगेगा। मैंने जब 245 का नारा दिया तो शुरू-शुरू में सारे अखबारों में मेरे कार्टून छपे। राजस्थान का कोई शेख चला आ रहा है, 46 से सीधा 245 टारगेट कर रहा है, लेकिन तब मैंने सभी कार्यकर्ताओं को समझाया, धमकाया। बाद में सबकी मेहनत से तीन सौ पांच सीटें जीत गए। जनता दल को तोड़ने की बात पर नाराज हुए थे भैंरोसिंह शेखावत ओमप्रकाश माथुर ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों को इच्छाशक्ति और संकल्प का महत्व बताते हुए कहा- मुझे आज आपके बीच में एक घटना बताने की याद आ गई। 1990 से पहले राजनीतिक में चला गया था, लेकिन हमारे पास राजस्थान में सभी 200 स्थान के कैंडिडेट नहीं थे। जब पहला चुनाव हुआ तो मुझे लगा कि 80 सीट ऐसी हैं, जिन पर हमारे पास लोग ही नहीं है। 1990 में मिलीजुली सरकार बनी। हमें 74 सीटें मिली और 56 सीटों पर जनता दल जीती। अब मेरे दिमाग आया, मैं नया-नया गया था। क्यों नहीं जनता दल को तोड़ा जाए। भैंरोसिंह शेखावत पहले तो बहुत नाराज हुए। अरे क्या तोड़ते हो, कैसे-कैसे लोगों को लाओगे। मैंने कहा- किसी न किसी को तो लाएंगे, तभी तो आगे बढ़ेंगे। फिर धीरे-धीरे तय हुआ कि जनता दल को तोड़ा जाए। फिर जनता दल-डी बनाया। 1992 में ढांचा तो गया तो हमारी सरकार भंग हुई। पांच सरकारें भंग हुई उस समय। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल। 1993 में वापस चुनाव आए। मुख्यमंत्री भैंरोसिंह ने श्रीगंगानगर और बाली दो जगह से चुनाव लड़ा। जब बाली में भैंरोसिंह प्रचार करने गए तो पीतापुर से धानमंडी आठ किलोमीटर जाने को दो घंटे लगे फोर व्हील गाड़ी में। मैं गाड़ी ड्राइव कर रहा था और पूरे रास्ते में पत्थर में मैंने गाड़ी कुदाई तो पूरे रास्ते उन्होंने गालियां बोलीं। कहां फंसा दिया पत्थरों में, कहां फंसा दिया भाट्टो में, क्योंकि वे उबड़-खाबड़ रास्ते थे। फिर बाली आते-आते सभा हुई। उन्होंने कहा कि भाट्टो (पत्थरों) में फंसा दिया। मैं सीट खाली करूंगा। जीत को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया हमने उनको जिताने को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया है। चुनाव परिणाम आए तो गंगानगर में भैंरोसिंह तीसरे नंबर पर रहे, बाली से जीते और फिर 92 में मुख्यमंत्री बन गए। उस समय ना तो उत्तर प्रदेश में सरकार बनी, ना मध्य प्रदेश में बनी, ना हिमाचल में बनी, ना दिल्ली में बनी। सिर्फ राजस्थान की सरकार रिपीट हुई। उसमें चार कम पड़ गए। फिर हम 10 निर्दलीय ले आए तो काम करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। हमको कुछ नहीं लेना कि संस्था का नाम हो गया, बहुत अच्छा। संस्था के पदाधइकारी तो कुछ नहीं लेना लेकिन संस्था आने वाले बच्चों को और कैसे अच्छा पढ़ा सके और कैसे गुणवत्ता पैदा हो। देखिए इच्छा शक्ति से कहीं कमी नहीं आने वाली। संस्था का विस्तार नहीं होने पर लगाई फटकार माथुर ने संस्था को लेकर कहा कि गिरीश आप तीन बार से अध्यक्ष हो, लेकिन संस्था का कैंपस से बाहर विस्तार नहीं हुआ। संस्था का सभी के सहयोग से विस्तार करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मदद के लिए लोगों के पास जाने पर वजन भी कुछ कम होगा। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 15 लाख रुपए संस्था को देने की घोषणा की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल आदि शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर ससम्मानित भी किया गया।

जोधपुर में एक घंटे में साफ किया तालाब:170 लोगों ने मिलकर चलाया अभियान; शहरवासियों से अपील: कचरा तालाब में न डालें

स्वच्छ और हरित जोधपुर के तहत रविवार को 170 लोगों ने मिलकर महज एक घंटे में रातानाडा गणेश मंदिर तालाब को साफ किया। नगर निगम जोधपुर, स्वच्छ भारत मिशन, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, जोधपुर और ग्रीन जोधपुर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में शामिल लोगों ने पूरे परिसर की भी सफाई की। शहरवासियों ने मिलकर बदली तस्वीर दरअसल, तालाब में काफी गंदगी थी। वहीं तालाब के आस-पास भी झाड़ियां और कचरा फैला था। मशीन से भी इस काम में कई देर लग सकती थी। ऐसे में सभी ने मिलकर महज 1 घंटे में पूरे तालाब की तस्वीर बदल दी। इस अवसर पर नगर निगम और पर्यावरण संस्थाओं ने शहरवासियों से अपील की कि पूजा सामग्री, निर्माल्य, प्लास्टिक अथवा अन्य कचरा तालाबों एवं जलाशयों में न डालें। अभियान के सफल आयोजन पर नगर निगम जोधपुर एक दशक से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे पंडित जीवराज श्रीमाली, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, ग्रीन जोधपुर संस्था तथा सभी 170 श्रमवीरों के प्रति शहरवासियों ने आभार व्यक्त किया। ये रहे मौजूद अभियान में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नगर निगम जोधपुर के ब्रांड एम्बेसडर पंडित जीवराज श्रीमाली, स्वच्छ भारत मिशन, नगर निगम जोधपुर के प्रभारी पदम सिंह कच्छवाह, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा और ग्रीन जोधपुर संस्था के सेवादारों सहित शहर के अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने श्रमदान किया। इस दौरान सुखविंदर सिंह सलूजा, शंकर सिंह राजपुरोहित, विष्णु प्रजापत, कुलदीप, सिद्धार्थ राजपुरोहित, नलिनी, शारदा, संतोष, जगदीश सिंह, संजय चौहान, गजेंद्र परिहार, राम सिंह खींची, दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार शाक्य, दिनेश शाक्य, देवेंद्र कुमार शाक्य, तरुण गोयल, कुलदीप सिंह, मोहम्मद अकरम शेख, हरीश गहलोत, हरीश चंद्र सांखला, रितिका सोलंकी, हेमंत माथुर, अजय पुरोहित, अंकुर प्रजापति, सुनील नाथ सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सोजत में रात में आधे घंटे मूसलाधार बारिश:मुख्य बाजार में भरा पानी, गर्मी-उमस से मिली राहत, किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक

सोजत में रविवार रात को मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया। रात 9 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जो करीब आधे घंटे तक जारी रही। इस बारिश से शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न स्थानों पर भारी मात्रा में पानी बहने लगा। दिनभर तेज गर्मी और उमस से परेशान नागरिकों को इस बारिश से काफी राहत मिली। गर्मी के कारण दोपहर में शहर का मुख्य बाजार सुनसान नजर आ रहा था। शाम करीब 8 बजे शहर के आसमान पर काले बादल छाने लगे। इसके बाद रात 9 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। दुकानों और मकानों की छतों पर लगे पाइपों से पानी तेजी से बहने लगा। लोगों ने बहते पानी के नीचे नहाने का आनंद लिया, वहीं मुख्य बाजार में छोटे बच्चे पानी में खेलते नजर आए। किसानों का मानना है कि पिछले तीन दिनों में हुई दो बारिश के बाद खेत अब फसल के लिए तैयार हो गए हैं।

मां से झगड़ रही थी चाची, भतीजे ने चाकू घोंपा:आंतें तक डैमेज हुई; गंभीर हालत में जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी

बांसवाड़ा में मां से झगड़ रही चाची पर भतीजे ने जानलेवा हमला कर दिया। चाची के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे महिला की आंतें तक डैमेज हो गई। दोनों परिवारों की महिलाओं के बीच हुए मामूली विवाद के बाद आरोपी युवक आवेश में आ गया, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल महिला का जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है, जहां उसकी हालत गंभीर है। ताई और चाची में हुई थी कहासुनी
पीड़िता सीमा नीनामा के बेटे राकेश ने बताया कि घर में उसकी मां और ताई (बड़ी मां) के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ताई का बेटा रितेश पुत्र शंकर निनामा गुस्से में वहां पहुंच गया। आरोपी युवक एक धारदार चाकू लेकर आया और बिना सोचे-समझे सीधे अपनी चाची (सीमा) के पेट में चाकू घोंप दिया। चाकू का वार इतना जोरदार था कि महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। वारदात के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आरोपी फरार हो गया। ​घटना के तुरंत बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल सीमा को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां महिला का इलाज जारी है। भूंगड़ा थानाधिकारी देवीलाल ने बताया- चाकू से जानलेवा हमला करने की घटना की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश को लेकर भी जांच कर रहे हैं।

मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान युवक की मौत:भाई बोला- गलत इंजेक्शन लगाने से जान गई, डॉक्टर फरार

बाड़मेर में मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान एक युवक की ज्यादा तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग गया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर शहर के थार हॉस्पिटल के पास की गली हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर पर शाम करीब 8 बजे की है। पुलिस ने परिजनों से समझाइश करने के बाद शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया है। पुलिस के अनुसार- कलाराम (35) पुत्र शिवजीराम निवासी जोगियों की दड़ी की रविवार शाम को तबीयत बिगड़ने के बाद भाई और परिजन उसको हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर लेकर पहुंचे। वहां पर झोलाछाप डॉक्टर इलाज करने लगा। इस दौरान उसकी मौत हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों और लोगों से समझाइश की। इसके बाद शव को बाड़मेर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मृतक के काकाई भाई राणाराम कालबेलिया ने बताया- मेरे भाई को मेडिकल स्टोर पर लेकर आया था। गलत इंजेक्शन लगाने से भाई कलाराम की डेथ हो गई। यहां से डॉक्टर भाग गया। घर से हम सलामत यहां पर लेकर आए थे। हमने झोलाछाप इंजेक्शन लगाने वाले को रोकने का प्रयास किया। लेकिन वो यहां से भाग गया। कोतवाली थाने के सीआई मनोज कुमार ने बताया- युवक बीमार था, इलाज के लिए यहां पर लेकर आए थे। परिजनों से समझाइश कर शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजन जैसी रिपोर्ट देंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वक्ता बोले-समर्पण और सामूहिक चिंतन से मजबूत होता है संगठन:5 साल पूरे होने पर विप्र सेना की कोर कमेटी की बैठक में कई अहम फैसले

विप्र सेना राजस्थान की संगठनात्मक कोर कमेटी की बैठक में संगठन की मजबूती, विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। संगठन के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनका उद्देश्य आगामी समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाना है। विप्र सेना राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी और संभाग स्तरीय प्रमुख पदाधिकारियों की बहुप्रतीक्षित “संगठनात्मक कोर कमेठी बैठक” रविवार को हुई। बैठक जयपुर स्थित फोर्टे रेस्टोरेंट, महल रोड पर संपन्न हुई। इस विशेष चिंतन-सत्र में प्रदेशभर से वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, महिला एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि और विभिन्न प्रकोष्ठों के दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। धर्मनिष्ठ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पं. मनीष शर्मा के संयोजन में मंगलाचरण सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को पं. रोहित नगर महाराज (कामखेड़ा सरकार) के सान्निध्य एवं प्रेरक आशीर्वचनों का विशेष लाभ मिला। अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में होती है संगठन की शक्ति पं. रोहित नगर महाराज ने कहा कि जो संगठन सेवा, संस्कार और समाजहित को अपना ध्येय बनाता है, वही समाज में स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है। संगठन की शक्ति उसके अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का किया जिक्र कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दादिया ने विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सीमित संसाधनों के बावजूद समाज सेवा, सामाजिक समन्वय, युवा जागरण और संगठन विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने आगामी पांच सालों के लिए संगठन के पुनर्गठन, संविधान निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था, डिजिटल सदस्यता अभियान और सेवा आधारित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है विप्र सेना प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि विप्र सेना अब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। उन्होंने संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी से अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि आने वाला समय संगठन की नई पहचान का समय होगा। संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए बन सकती है प्रेरणा राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वेश शरण जोशी ने विप्र सेना की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को लेकर कहा कि राजस्थान की संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने विप्र हेल्थ केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया के विस्तार, चिकित्सा सेवा प्रकल्पों और सामाजिक सेवा के नए आयामों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुंचाना ही संगठन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। युवाओं को बताया संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बैठक के युवा सत्र में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मेहता ने अक्टूबर में प्रस्तावित प्रदेश युवा अधिवेशन की तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रत्येक जिले से युवा नेतृत्व तैयार करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष रवि जोशी ने राष्ट्रीय स्तर पर युवा विस्तार, प्रवास योजना एवं विधि प्रकोष्ठ के गठन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए युवाओं को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। महिला प्रकोष्ठ के विशेष सत्र में प्रदेश अध्यक्ष पूनम आचार्य ने प्रस्तावित महिला अधिवेशन, महिला संगठन विस्तार एवं महिला नेतृत्व विकास की योजनाओं की घोषणा की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्योति आशीर्वाद, डॉ. मेघना शर्मा, मधु शर्मा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका शर्मा ने महिला सशक्तिकरण एवं समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। प्रदेश संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने एकल महिला पेंशन योजना के माध्यम से समाज सेवा के नए आयाम प्रस्तुत किए। युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का किया आह्वान अंतिम सत्र में विप्र सेना प्रमुख श्री सुनील तिवाड़ी ने संगठन की दीर्घकालीन कार्यदृष्टि प्रस्तुत करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में विप्र सेना को सेवा, संस्कार, संगठन और सामाजिक नेतृत्व का आदर्श बनाना ही सभी कार्यकर्ताओं का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने संगठन की एकजुटता और निरंतर संवाद को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। जयपुर जिला अध्यक्ष अजीत जोशी एवं अश्विनी शर्मा ने युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने “संगठन संकल्प-2026” को सामूहिक रूप से स्वीकार करते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले, विधानसभा, नगर, ग्रामएवं वार्ड तक संगठन का विस्तार करने, प्रत्येक जिले में महिला एवं युवा प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने, संगठन का संविधान तैयार करने, डिजिटल सदस्यता अभियान प्रारंभ करने, नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था लागू करने और सेवा एवं संस्कार आधारित कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी समय में प्रदेश युवा अधिवेशन , महिला अधिवेशन, प्रदेश वरिष्ठ चिंतन अधिवेशन, ब्रह्म चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ का प्रदेश अधिवेशन और संभाग स्तरीय विप्र जागृति रथ यात्रा सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों में संगठन के प्रति विशेष उत्साह, आत्मविश्वास एवं समर्पण का भाव दिखाई दिया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि विप्र सेना का आगामी चरण केवल संगठन विस्तार का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा, संस्कार और सामाजिक नेतृत्व की नई पहचान स्थापित करने का होगा। जिला संगठन सुझाव सत्र में दीपक सुल्तानिया, सुनील पीढ़ी, योगेश व्यास, जोगेंद्र राजपुरोहित, दिनेश गौड़,अमित त्रिवेदी, सुरेश पारीक और अजयकांत शर्मा ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए जिला एवं संभाग स्तर पर संगठन विस्तार, जागृति रथ यात्रा, पथ संचलन, जिला अधिवेशन और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर प्रदेश के पदाधिकारी एवं सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।

डोटासरा बोले- कांग्रेस UCC जनसुनवाई का करेगी बहिष्कार:कहा- बिना ड्राफ्ट जारी किए जनसुनवाई सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कदम

सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून बनाने के संबंध में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया है। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि वे इस जनसुनवाई के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लें। डोटासरा ने पत्र में कहा- सरकार ने अभी तक न तो इस कानून का मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार किया है। न ही सुझाव और आपत्ति के लिए किसी पोर्टल या अन्य माध्यम से सार्वजनिक किया है। मसौदा सार्वजनिक किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा होता है। सरकार बिना किसी मसौदे या ड्राफ्ट को सार्वजनिक किए समाज में जनसुनवाई के बहाने अनुचित बहस शुरू करना चाहती है, जो प्रदेश के सामाजिक समरसता के ताने-बाने पर सीधा प्रहार है और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला कदम है। डोटासरा ने कहा- इस प्रकार की बहस से विभिन्न धर्मों, जातियों एवं जनजातियों के मध्य अपने अधिकारों, परंपराओं एवं रीति-रिवाजों को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं। इस प्रकार की जनसुनवाई से समाज के विभित्र वर्गों के मध्य वैमनस्यता की भावना उत्पन्न होने की आशंका है। कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी बहस का स्पष्ट रूप से विरोध करती है, जिससे प्रदेशा की सामाजिक समरसता एवं सौहार्द प्रभावित होता हो। जनसुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं डोटासरा ने कहा- इस प्रकार की बहस से अलग-अलग धर्मों, जातियों और जनजातियों के बीच अपने अधिकारों, परंपराओं और रीति-रिवाजों को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं। इस प्रकार की जनसुनवाई से समाज के विभित्र वर्गों के मध्य वैमनस्यता की भावना उत्पन्न होने की आशंका है। कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी बहस का स्पष्ट रूप से विरोध करती है, जिससे प्रदेश की सामाजिक समरसता एवं सौहार्द प्रभावित होता हो। सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली और बिना किसी मसौदे के आयोजित की जा रही, इस अर्थहीन जनसुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। सरकार आमजन के हर मुद्दे पर फेल पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- वर्तमान में प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। आमजन को न समय पर इलाज मिल रहा है और न ही आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हो रही है। इसी प्रकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भी रसातल में पहुंच चुकी है। स्कूल भवन जर्जर हो रहे हैं, शिक्षकों के पद रिक्त हैं और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। महिलाओं और बच्चियों के साथ दुराचार की घटनाएं प्रदेश को शर्मसार कर रही है।

नाकाबंदी पर रुके बाइक सवार दंपती को ट्रक ने कुचला:पत्नी की मौत, पति की हालत गंभीर; ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया

सवाई माधोपुर में रविवार की शाम नाकाबंदी पर रुककर आगे बढ़े बाइक सवार दंपती को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पति को पुलिस ने अपनी गाड़ी से हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा जिले से गुजर रहे लालसोट- कोटा मेगा हाईवे पर कुस्तला कस्बे के तिराहे पर शाम करीब साढ़े 6 बजे हुआ। पहले देखिए- हादसे की 2 तस्वीरें कुस्तला तिराहे पर नाकाबंदी से आगे बढ़े थे
जानकारी के अनुसार, चेनपुरा निवासी राजूलाल बाइक पर अपनी पत्नी बरफा देवी के साथ सवाई माधोपुर से मजदूरी कर अपने गांव लौट रहे थे। कुस्तला तिराहे पर पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी। राजूलाल नाकाबंदी पर रुककर आगे बढ़े ही थे कि उन्हें पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इसमें ट्रक ने महिला को कुचल दिया, जबकि बाइक चला रहे राजूलाल भी गंभीर घायल हो गए। हादसे में बरफा देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि राजूलाल को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक 108 एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने घायल राजूलाल को अपनी सरकारी जीप से हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया और लालसोट-कोटा मेगा हाईवे को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा तिराहे पर गाड़ियों को गलत तरीके से रोका जाता है, जिसके कारण यह हादसा हुआ। 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग
ग्रामीणों ने मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपए के आर्थिक मुआवजे की मांग की। हालांकि पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लेकर ट्रक जब्त कर लिया है। एएसपी विजय सिंह मीणा ने बताया कि रात करीब 10 बजे ग्रामीणों के साथ कई दौर की बातचीत के प्रदर्शन खत्म करने पर सहमति बन गई है। ग्रामीणों को एक्सीडेंट की निष्पक्ष जांच और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलवाने के आश्वासन पर जाम खुलवाया गया है।