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जयपुर में घर में सिलेंडर भभका, टीचर 90% झुलसी:पड़ोसी ने छत कूदकद बचाया; पुलिस ने कहा- चूल्हे से पाइप-रेगुलेटर हटा हुआ था

जयपुर में एक मकान में सिलेंडर भभकने से एक महिला 90% झुलस गई। यह हादसा मोतीडूंगरी थाना क्षेत्र स्थित मोतीडूंगरी रोड के आनंदपुरी इलाके में सोमवार शाम साढे़ 6 बजे हुआ। गली नंबर-1 स्थित मकान संख्या P-12 की दूसरी मंजिल पर हुए हादसे में गंभीर घायल महिला स्वाति सैनी (40) को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। हादसे के बाद स्वाति को पड़ोसी ने बचाया। घटना की सूचना मिलते ही मोतीडूंगरी थाना प्रभारी मोहन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री) टीम को भी मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में पुलिस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध मानकर सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मोतीडूंगरी थानाधिकारी मोहन सिंह ने बताया- घर में महिला स्वाति सैनी अकेली थी। दूसरे फ्लोर पर रखे सिलेंडर में से गैस चूल्हे से पाइप और रेगुलेटर को हटाया गया था। सूचना पर पहुंचकर महिला को 112 पुलिस गाड़ी से SMS इलाज के लिए रवाना किया गया। इसके बाद परिजन महिला को इलाज के लिए दुर्लभजी हॉस्पिटल ले गए। घायल स्वाति सैनी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। उनकी शादी हरीश सैनी से हुई है। दंपती की दो बेटियां हैं। दूसरी मंजिल के हॉल में लगी आग पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई कि सिलेंडर किचन में नहीं, बल्कि हॉल में रखा था। दूसरी मंजिल पर स्वाति सैनी अपने पति हरीश सैनी के साथ रहती थीं, जबकि हॉल के आगे किचन बना हुआ है। मौके पर हॉलनुमा कमरे में आग लगने के कारण कमरे में काले धुएं के निशान दिखाई दिए। वहीं कमरे में लगी एक तस्वीर का शीशा भी टूटा हुआ मिला। पड़ोसी बचाने पहुंचा हादसे के बाद मकान के पीछे रहने वाले पड़ोसी सबसे पहले पहुंचे। छत के रास्ते गेट तोड़कर जिस कमरे में स्वाति थी, वहां पहुंचे। इस दौरान स्वाति काफी झुलस चुकी थी। पड़ोसियों की सूचना के बाद में मौके पर अन्य लोग भी एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। एक ही मकान में रहता है परिवार जानकारी के अनुसार- मकान की पहली मंजिल पर स्वाति के जेठ गोविंद और जेठानी रीना रहते हैं। परिवार में सास गीता देवी और ससुर सत्यनारायण सैनी भी निवास करते हैं। मकान का ग्राउंड फ्लोर किराए पर दिया हुआ है। पुलिस ने जुटाए सबूत पुलिस और एफएसएल टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग वास्तव में सिलेंडर ब्लास्ट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य सिलेंडर दुर्घटना से अलग दिखाई देने के कारण पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट और एफएसएल की राय के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

दोस्त को लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी:6 महीने से फरार आरोपी को अजमेर से दबोचा, अकाउंट से लोन की किस्त कटी तो खुला राज

जोधपुर में दोस्त को लोन दिलाने के नाम पर आरोपी दोस्त ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर दी। आरोपी ने पीड़ित के डॉक्यूमेंट लगाकर उसके फर्जी साइन कर क्रेटा कार समेत लाखों का इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान लोन पर उठा लिया। जब पीड़ित के अकाउंट से लोन की किस्तें कटी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। बासनी थाना पुलिस ने 6 महीने से फरार आरोपी सुनील राव (34) पुत्र साबूराम निवासी मेलाणा खेड़ापा को अजमेर से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है। लोन के नाम पर आरोपी ने लिए पीड़ित के डॉक्यूमेंट्स बासनी थानाधिकारी गजेंद्र कुमार की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित हेमराज सोलंकी को पैसों की जरूरत थी। उसने अपने दोस्त सुनील राव से मदद मांगी। सुनील ने हेमराज को पर्सनल लोन दिलवाने का झांसा दिया और उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, बैंक पे-स्लिप और खाली चेक ले लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के फर्जी साइन कर बजाज फाइनेंस, आईडीएफसी फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक से क्रेटा कार, एलईडी टीवी, मोबाइल और वाशिंग मशीन फाइनेंस करवा ली और खुद यूज करने लगा। जब हेमराज के खाते से लोन की किस्तें कटने लगीं, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। 6 महीने बाद पुलिस ने अजमेर से आरोपी को दबोचा उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब पीड़ित ने कोर्ट के जरिए बासनी थाने में मामला दर्ज कराया तो आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। करीब 6 महीने की तलाश के बाद पुलिस टीम ने उसे अजमेर से गिरफ्तार कर लिया। फाइनेंस कंपनी पहले ही जब्त कर चुकी है क्रेटा कार थानाधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी सुनील राव काफी शातिर किस्म का है। लोन चुकता न करने के कारण फाइनेंस कंपनी ने पहले ही क्रेटा कार जब्त कर ली थी। उन्होंने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि फर्जी तरीके से खरीदे गए अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बरामदगी की जा सके। कार्रवाई में एएसआई नैनाराम, कॉन्स्टेबल शंकरलाल और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।

जोधपुर में डिलीवरी से पहले प्रसूता की तबीयत बिगड़ी:4 प्रसूताओं में से दो वेंटिलेटर और दो डायलिसिस पर; एक दिन में हुईं 68 डिलीवरी

जोधपुर में डिलीवरी से पहले एक और प्रसूता की ​तबीयत बिगड़ गई। महिला को रविवार को उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था, जिसे दौरे आने लगे थे। हालांकि उसकी हालत में सुधार है, लेकिन उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं इससे पहले एक प्रसूता समू की रविवार को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इधर, मथुरादास माथुर और उम्मेद हॉस्टिपल में सोमवार को 68 डिलीवरी हुईं। इनमें 33 सिजेरियन डिलीवरी थी। अभी महात्मा गांधी और उम्मेद हॉस्पिटल में दो-दो प्रसूताएं ए​डमिट हैं। महात्मा गांधी में भर्ती दो प्रसूताएं डायलिसिस पर हैं, जबकि उम्मेद में भर्ती दोनों महिलाएं वेंटिलेटर पर हैं। रेफर होकर आई थी एक प्रसूता डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- एक प्रसूता रेफर होकर रविवार शाम को उम्मेद हॉस्पिटल आई थी। डिलीवरी से पहले उसे दौरे आने लगे थे। वहीं डिलीवरी के बाद भी उसे दौरे आए थे। इसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं इससे पहले यहां भर्ती एक और प्रसूता सरोज भी वेंटिलेटर पर है। उसे ​डिलीवरी के दौरान कॉर्डिक प्रॉब्लम हुई थी। हालांकि दोनों की स्थिति में सुधार है। वहीं गलत खून चढ़ाने से धापू की 13 जुलाई को तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। ऐसे में उसका लगातार डायलिसिस चल रहा है। एक दिन में हुई 68 डिलीवरी, 33 सिजेरियन डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- अभी तक सभी केस जो आए हैं, वे रेफरल हैं। इसकी भी रिपोर्ट हमने भेजी है। उन्होंने बताया- मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में 19 डिलीवरी हुई थी। इनमें 9 सिजेरियन थे। जबकि उम्मेद हॉस्पिटल में 49 डिलीवरी हुई थी। इसमें से 24 सिजेरियन और 25 नॉर्मल थी। दोनों हॉस्पिटल में 33 सिजेरियन हुए हैं और सभी की हालत सामान्य है। गलत खून चढ़ाने वाले मामले में अब तक नहीं सौंपी रिपोर्ट इधर, गलत खून चढ़ाने के मामले में अभी तक पूरी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। दरअसल, उम्मेद हॉस्पिटल की ओर से प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी गई थी, लेकिन इनमें लापरवाही बरतने वालों के नाम नहीं थे। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने सभी के नाम मांगे थे। डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इनमें नाम मांगे गए थे। ये रिपोर्ट अभी सब्मिट नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर भी पढ़ें… डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो बच्चेदानी निकाली,अब मौत:महिला की किडनी डैमेज हुई; जोधपुर में 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)

जोधपुर में टैक्सी में मोबाइल लूटकर भागे 2 बदमाश:पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा, पाली के रहने वाले हैं आरोपी

जोधपुर के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित रोटरी चौराहे पर एक टैक्सी चालक से मोबाइल छीनकर भागने की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। मामले।में किशोर कुमार (25) पुत्र लक्ष्मणराम, अर्जुन (22) पुत्र लक्ष्मणराम, निवासी जगदंबा कॉलोनी नया गांव पाली को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला कापरड़ा निवासी प्रमोदपुरी पुत्र छोटूपुरी रातानाडा इलाके में टैक्सी चलाता है। 19 जुलाई की शाम करीब 5:45 बजे वह रोटरी चौराहे के पास सरकारी स्कूल के सामने अपनी टैक्सी खड़ी कर पिछली सीट पर बैठा था। उसका वन प्लस मोबाइल टैक्सी के डैशबोर्ड पर रखा हुआ था। इसी दौरान रिक्तिया भैरूजी चौराहे की तरफ से एक बाइक पर दो युवक आए। उनमें से एक युवक बाइक से उतरा और डैशबोर्ड से मोबाइल उठाकर बाइक पर बैठकर भागने लगा। जब प्रमोदपुरी ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने उसे धक्का दे दिया और मेडिकल चौराहे की तरफ फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़ित की शिकायत पर शास्त्रीनगर थानाधिकारी दिनेश लखावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस आउट कर पाली जिले के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र से दबोच लिया। कार्रवाई में थानाधिकारी दिनेश लखावत, एएसआई थानाराम, एएसआई घेवरराम, कांस्टेबल महेन्द्र, राजूराम और राजेन्द्र शामिल रहे।

ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर युवक ने किया था सुसाइड:कॉल रिकॉर्डिंग से 2 महीने बाद पता चला; 2 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा क्षेत्र में गत दिनों हुई एक युवक के सुसाइड मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि सुसाइड से एक दिन पहले 8 मई को मृतक मोहनराम ने अपने गांव के एक युवक को फोन किया था। कॉल रिकॉर्डिंग में मृतक रोते और घबराते हुए बता रहा था कि हीराराम और पाबूराम उसके अश्लील फोटो-वीडियो वायरल कर रहे हैं। उसने परेशान होकर कहा था कि ‘यह उसका आखिरी कॉल है।’ इसके अगले ही दिन उसने जान दे दी। मोबाइल में मिली कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के हीराराम (37) पुत्र तेजाराम जाट और बाबूराम उर्फ पाबूराम (36) पुत्र रूपाराम जाट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फंदे से लटका मिला था शव
सदर थानाधिकारी रूपसिंह ने बताया कि गत 9 मई को तलवाड़ा से आगे डूंगरपुर रोड स्थित सामागढ़ा मोड़ के पास मोहनराम का शव सड़क किनारे खड़े ट्रक से रस्सी के सहारे लटका मिला था। सूचना पर पहुंची तलवाड़ा थाना पुलिस ने शव को महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमॉर्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया। उस समय परिजनों ने बिना किसी संदेह के गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया था। अंतिम संस्कार के बाद अश्लील फोटो-वीडियो की जानकारी मिली
अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद क्षेत्र में मृतक के कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो सामने आने लगे। इसके बाद पुलिस की कस्टडी में मौजूद मृतक के मोबाइल की डिजिटल और तकनीकी जांच की गई, तो ब्लैकमेलिंग का खुलासा हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर मृतक को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर वायरल करने की धमकी देने और रुपयों के लेन-देन को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ग्रामीण-शहरी सेवा शिविर की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ी:सीएम ने कहा- अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा करें; 2 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

प्रदेश में सरकार ने ग्रामीण-शहरी शिविर की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। एक बार फिर प्रदेशभर में यह शिविर मंगलवार से लगेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सीएमआर में राज उन्नति की 7वीं बैठक के दौरान शिविरों के समीक्षा करते हुए इनकी डेट बढ़ाने का फैसला लिया। बैठक में सीएम ने 7 विभागों की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने कहा- विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को संदेश दिया- वे काम में बहाने नहीं बनाएं और जनता के काम को समय पर पूरा करें। दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल ने बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की समीक्षा करते हुए बूंदी जिले में प्रसूति सहायता योजना के तहत लाभार्थी मनीषा मीणा को समय पर लाभ नहीं मिलने पर संयुक्त श्रम आयुक्त दीपक यादव और संकेत मोदी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवादी ने साल 2023 में प्रसूति सहायता योजना के तहत आवेदन किया था, जिसे दस्तावेज अपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया गया। वहीं प्रतापगढ़ में चुपना के राजीविका के जागृति क्लस्टर संगठन की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चार्जशीट देने के निर्देश दिए। संगठन ने शिकायत दी थी कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधक धर्मेन्द्र पंवार द्वारा उनके क्लस्टर संगठन का खाता बंद कर दिया गया और उनसे कमीशन की मांग की गई। इस संबंध में संगठन ने विभिन्न स्तरों पर परिवाद दर्ज कराया। शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाई जाने के बावजूद लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई में देरी पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट दिए जाने के निर्देश दिए। 15 जुलाई तक 19 हजार से ज्यादा शिविर लगे प्रदेशभर में 12 जून से 15 जुलाई तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19 हजार से ज्यादा शिविर आयोजित हो चुके हैं। शहरी सेवा शिविरों में 42 हजार से अधिक पट्टे जारी करने के साथ ही 13 हजार से अधिक नाम हस्तांतरण भी किए गए। वहीं, 1 लाख से अधिक जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण, पालनहार योजना में 12 हजार से अधिक सत्यापन, 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। इसी प्रकार ग्रामीण सेवा शिविरों में 1 लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण, लगभग 48 हजार से अधिक पत्थरगढ़ी/सीमाज्ञान, 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से विभाजन तथा 18 हजार से अधिक रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही ग्रामीण सेवा शिविरों में 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार, 11 लाख से अधिक की टीबी स्क्रीनिंग तथा साढ़े 4 लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग भी की गई।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सचिवालय पर प्रदर्शन:मानदेय बढ़ाने और नियमित करने की मांग पर नारेबाजी, पुलिस ने किया डिटेन

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय और शासन सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नियमितिकरण, मानदेय बढ़ाने और आंगनवाड़ी कर्मियों से गैर-आईसीडीएस कार्य नहीं करवाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को डिटेन कर गांधीनगर थाने पहुंचाया। बाद में सभी को थाने से छोड़कर उनके-अपने घरों के लिए रवाना कर दिया गया। 1 जुलाई से चल रहा था आंदोलन
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर आंगनवाड़ी कर्मियों का आंदोलन 1 जुलाई से शुरू हुआ था। 1 से 6 जुलाई तक कार्य बहिष्कार किया गया, जबकि 7 से 18 जुलाई तक आम हड़ताल और ताला बंदी रही। 18 जुलाई को हुआ था समझौता
18 जुलाई को विभाग और कर्मचारी संघ के बीच समझौता हुआ था। इसमें ग्रेच्युटी से जुड़े आदेश जल्द जारी करने और अन्य राज्यों में दिए जा रहे मानदेय का अध्ययन कर तीन महीने के भीतर मानदेय बढ़ाने पर निर्णय लेने पर सहमति बनी। समझौता पत्र पर विभाग की ओर से निदेशक वासुदेव मालावत और अतिरिक्त निदेशक दीनानाथ बब्बल, जबकि संघ की ओर से संस्थापक छोटीलाल बुनकर, संरक्षक विनीता शेखावत, प्रदेशाध्यक्ष रचना शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद हड़ताल समाप्त करने की घोषणा भी कर दी गई थी। मानदेय बढ़ोतरी पर स्पष्टता नहीं होने से नाराजगी
हालांकि, कुछ आंगनवाड़ी कर्मियों ने समझौते का विरोध किया। उनका कहना है कि समझौते में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मानदेय कितना बढ़ाया जाएगा। इसी वजह से सोमवार को उन्होंने फिर से प्रदर्शन किया। दूसरे राज्यों से कम है राजस्थान का मानदेय
प्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना है कि मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में आंगनवाड़ी कर्मियों को 11 हजार से 20 हजार रुपए तक मानदेय मिलता है, जबकि राजस्थान में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को करीब 6,500 से 10,500 रुपए तक ही मानदेय दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों के बराबर मानदेय तय कर जल्द आदेश जारी किए जाएं।

चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव, मतदान स्थल पर मिला ताला:नतीजों की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं; सदस्य बोले- प्रक्रिया संदेह के घेरे में

चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव अब बड़े विवाद की वजह बन गया है। चुनाव कराने का दावा किया गया, लेकिन जिस जगह मतदान होना बताया गया था, वहां चुनाव जैसी कोई गतिविधि नहीं मिली और चुनाव कार्यालय पर ताला लगा मिला। कई सदस्यों का कहना है कि उन्हें चुनाव की सूचना ही नहीं दी गई। जिला खेल अधिकारी और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) तक को आखिरी समय में जानकारी मिली। इतना ही नहीं, चुनाव के बाद भी नतीजों की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। ऐसे में पूरा चुनाव सवालों के घेरे में आ गया है और इसकी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तय जगह पर नहीं मिला चुनाव, दूसरे होटल में होने की चर्चा जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन पिछले करीब दो साल से तदर्थ (एडहॉक) कमेटी के जरिए संचालित हो रही है। कुछ सदस्यों ने चुनाव नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोर्ट ने चुनाव कराने के निर्देश दिए। आरोप है कि 25 मई की तारीख का नोटिफिकेशन जारी दिखाया गया और 19 जुलाई को मतदान तय कर दिया गया, लेकिन इसकी जानकारी न तो एसोसिएशन के अधिकांश सदस्यों को दी गई और न ही समय पर संबंधित विभागों तक पहुंची। रविवार को जब सदस्य और अन्य लोग सांवलियाजी स्थित गोकुल विश्रांति गृह पहुंचे, जहां चुनाव होना बताया गया था, तो वहां चुनाव अधिकारी नहीं मिले और चुनाव कार्यालय बताए गए कमरे पर ताला लगा मिला। हालांकि चर्चा रही कि मंगलवाड़ क्षेत्र के एक होटल में कुछ लोगों की मौजूदगी में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। 24 घंटे बाद भी नहीं आए नतीजे चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर मतदान हो चुका था तो उसके बाद परिणाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। आमतौर पर चुनाव पूरा होने के बाद चुनाव अधिकारी विजेताओं की घोषणा करता है, लेकिन यहां 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई। चुनाव अधिकारी, तदर्थ समिति के अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कई लोगों ने फोन नहीं उठाया। कुछ सदस्यों का आरोप है कि एसोसिएशन के पुराने सदस्यों को सूचना नहीं दी गई और नए सदस्यों को जोड़कर चुनाव कराने की कोशिश की गई। उनका यह भी कहना है कि तदर्थ समिति को नए सदस्य बनाने का अधिकार ही नहीं है। ऐसे में पूरे चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश और प्रक्रिया पर भी उठे सवाल इस मामले में सदस्यों का कहना है कि हाईकोर्ट ने समय पर चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं अपनाई गई। आरोप है कि मतदाता सूची सार्वजनिक नहीं की गई, सदस्यों को नोटिस नहीं भेजा गया और चुनाव की जानकारी भी अंतिम समय में दी गई। जिला खेल अधिकारी और आरसीए को भी समय पर सूचना नहीं मिलने की बात सामने आई है। अब एसोसिएशन के कई सदस्य पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और चुनाव प्रक्रिया की वैधता की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्रिकेट जैसे महत्वपूर्ण खेल से जुड़े संगठन में चुनाव पूरी पारदर्शिता और तय नियमों के अनुसार होने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों और खेल के हितों पर किसी तरह का सवाल खड़ा न हो।

गुजरात-राजस्थान में बाइक चुराकर स्नैचिंग करने वाली गैंग पकड़ी:17 साल से सक्रिय शातिर गिरोह को अजमेर से दबोचा, पर्स छीनने वाले 3 आरोपी भी गिरफ्तार

उदयपुर की हिरणमगरी और सूरजपोल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 अलग-अलग मामलों में अंतरराज्यीय चेन स्नैचर गिरोह और पर्स छीनने वाले बदमाशों का पर्दाफाश किया है। हिरणमगरी पुलिस ने चोरी की बाइक से चेन स्नैचिंग करने वाले 2शातिर आरोपियों को अजमेर से गिरफ्तार किया है। वहीं, सूरजपोल पुलिस ने स्कूटी सवार महिला से पर्स छीनकर भागने वाले आरोपियों को भी पकड़ा है। एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि हिरणमगरी थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी भौमिक उर्फ लाला और सूरत निवासी जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी रविंद्र चारण के नेतृत्व में बनी स्पेशल ‘टारगेट टीम’ ने 9 दिनों की कड़ी मशक्कत और 400 से 500 किलोमीटर की दूरी तय कर आरोपियों को अगली वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले पकड़ा। दोनों आरोपी पिछले 17 सालों से लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। ये आरोपी लूट और स्नैचिंग के पैसों से बेहद खर्चीली और विलासितापूर्ण लाइफस्टाइल जीते हैं। इनके खिलाफ राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग थानों में हत्या, लूट, धोखाधड़ी, चोरी और चेन स्नैचिंग के करीब 18 मामले दर्ज हैं। ये वर्तमान में वडोदरा और सूरत पुलिस के मामलों में भी वांछित चल रहे थे। हेलमेट और रुमाल का इस्तेमाल करते थे एसपी ने बताया कि जांच में बदमाशों का बेहद हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए गुजरात से बाइक चोरी कर राजस्थान में और राजस्थान से बाइक चुराकर गुजरात के शहरों में वारदात करते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी वारदात वाले शहर से करीब 100 किलोमीटर पहले ही अपने मोबाइल बंद कर लेते थे। पहचान छिपाने के लिए वे हमेशा हेलमेट और रुमाल का इस्तेमाल करते थे। किसी भी शहर से वाहन चुराकर 400 से 500 किलोमीटर दूर जाकर वारदात करते थे और फिर उस वाहन को किसी सुनसान जगह पर छोड़कर दूसरे साधनों से भाग निकलते थे। हिरणमगरी पुलिस टीम ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 9 दिनों तक घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सुनसान जगह बाइक छोड़कर पैदल जाते बदमाशों का हुलिया भूपालपुरा की पुरानी वारदात से मैच हो गया। पुलिस ने ऑटो चालकों, ट्रैवल्स एजेंटों से पूछताछ और तकनीकी मदद से अहमदाबाद होते हुए अजमेर में आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने पूछताछ में जून महीने में हाथीपोल क्षेत्र से बाइक चुराने और भूपालपुरा में चेन स्नैचिंग की वारदात कबूल की है। एसपी दुहन ने बताया कि दूसरी बड़ी कार्रवाई में सूरजपोल पुलिस ने 18 जुलाई की रात हुई पर्स छीनने की वारदात का पर्दाफाश किया। भटियानी चौहटा से अपने घर जा रही महिला का पीछा कर बाइक सवार बदमाशों ने पर्स छीन लिया था। इस दौरान महिला चलती स्कूटी से नीचे गिर गई, जिससे उसके हाथ और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। थानाधिकारी सूर्यभान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी मदद के आधार पर बाघपुरा के जंगलों में दबिश देकर 19 साल के आरोपी ललित को गिरफ्तार किया। 2 बाल अपचारियों को डिटेन किया। पुलिस ने इनके कब्जे से छीना गया पर्स, चांदी की पायजेब, एटीएम कार्ड और वारदात में इस्तेमाल पावर बाइक बरामद की है।

बेटे को गोद में लेकर मां ट्रेन के आगे कूदी:घर से 500 मीटर दूर दोनों की दर्दनाक मौत; महिला का गुजरात में चल रहा था इलाज

बाड़मेर में एक मां ने अपने 6 साल के मासूम बेटे के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसे में दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना सदर थाना इलाके में धूड़ानियों की ढाणी के पास शाम करीब सवा चार बजे हुई। बाड़मेर-मुनाबाव रेलवे ट्रैक पर इंजन के सामने कूदी
सदर थाने के सीआई देवीचंद ढाका ने बताया कि धूड़ानियों की ढाणी निवासी सायर कंवर(45) पत्नी डूंगरसिंह सोमवार शाम करीब 4 बजे अपने 6 साल के बेटे राजू के साथ घर से निकली थी। घर से करीब 500 मीटर दूर बाड़मेर-मुनाबाव रेलवे ट्रैक पर मुनाबाव की तरफ से आ रहे एक इंजन के सामने शाम सवा चार बजे महिला अपने बेटे संग कूद गई। सीआई ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और दोनों के शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया। हादसे की खबर मिलते ही मृतका के पीहर और ससुराल पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जांच और परिजनों से पूछताछ में सामने आया है कि महिला का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। परिजनों ने बताया कि पिछले तीन साल से गुजरात के पालनपुर में उसका इलाज चल रहा था। पीहर और ससुराल दोनों ही पक्षों ने किसी भी तरह की शंका जाहिर नहीं की है। पुलिस परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर मंगलवार को शवों का पोस्टमॉर्टम करवाएगी। फिलहाल मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।