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सोरण गांव में 20 भेड़-बकरियों की मौत:नहीं मिले जंगली जानवर के पगमार्क, नुकसान से भावुक हुआ परिवार; बोले- आजीविका का सहारा खत्म

सांवतगढ़ के सोरण गांव में रविवार देर रात अज्ञात जंगली जानवर के हमले में 20 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई। इस घटना से किसान को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है और पूरे गांव में दहशत फैल गई है। पीड़ित परिवार को नुकसान पीड़ित किसान पप्पूलाल गुर्जर को सोमवार सुबह इस घटना का पता चला। बाड़े में बड़ी संख्या में मृत पशुओं को देखकर उनके परिवार को गहरा सदमा लगा। किसान ने बताया कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, जिससे उन्हें लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण किसान के साथ दबलाना थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। पशुपालन विभाग के मेडिकल बोर्ड ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को उचित मुआवजा देने और वन विभाग से जंगली जानवर की पहचान कर क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वन्यजीव के पगमार्क नहीं मिले बांसी वन नाका प्रभारी दयाराम गुर्जर ने बताया कि मौके पर गई टीम को किसी भी वन्यजीव के पगमार्क नहीं मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पगमार्क मिलने तक यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि यह किस जानवर का हमला था। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ दिनों पहले निमोद गांव सोरण से महज 6 किलोमीटर दूर है, में खेत की रखवाली करते समय एक बड़े वन्यजीव को देखा गया था। ग्रामीणों का अनुमान है कि वह लेपर्ड हो सकता है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है, और वन विभाग इस मामले की जांच में जुटा है।

सरकारी स्कूल को मिला वाटर कूलर:समाजसेवी ने माता-पिता की याद में दिया, स्टाफ ने जताया आभार

श्रीनगर के कानपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में सोमवार को समाजसेवी चांद करण पारीक ने छात्रों लिए वाटर कूलर भेंट किया। यह वाटर कूलर अपने पिता कृष्ण पुरोहित और माता रतन देवी की याद में स्कूलों को समर्पित की। स्कूल की प्रिंसिपल सलमा बानो ने बताया कि इस वाटर कूलर के लगने से छात्रों को ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इससे विशेषकर गर्मी के मौसम में उन्हें काफी राहत मिलेगी। स्कूल परिवार ने इस जनहितकारी सहयोग के लिए चांद करण पारीक और उनके परिवार का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुरेंद्र पारीक, रविंद्र पारीक, घनश्याम पारीक सहित स्कूल स्टाफ और अन्य लोग मौजूद रहे।

नाबार्ड ने मनाया 45वां स्थापना दिवस:विकसित राजस्थान @2047 की दिशा में ग्रामीण राजस्थान को सशक्त बनाने का लिया संकल्प

जयपुर में नाबार्ड राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से सोमवार को 45वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास और विशिष्ट अतिथि राकेश कश्यप उप प्रबंध निदेशक नाबार्ड मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. आर. रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड ने राजस्थान के ग्रामीण और कृषि विकास में नाबार्ड के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। संबोधन में वी. श्रीनिवास आईएएस ने राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास में नाबार्ड के उल्लेखनीय सहयोग की सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को “अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष” घोषित किए जाने के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण और समावेशी ग्रामीण वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड समृद्ध, सुदृढ़ और प्रगतिशील ग्रामीण राजस्थान के निर्माण में भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक राकेश कश्यप ने कहा- नाबार्ड की वर्ष 1982 में स्थापना हुई। उन्होंने कहा- नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएं भारत सरकार के ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा- नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण में राज्य सरकार का विश्वसनीय विकास साझेदार रहा है। उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), किसान क्लब, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) जैसी पहलों तथा स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम (एसएचजी-बीएलपी) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में नाबार्ड की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने हेतु नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इनका किया विमोचन समारोह के दौरान “नाबार्ड इन राजस्थान – अचीवमेंट्स 2025-26” और “ट्रांसफॉर्मिंग रूरल राजस्थान – डीडीएम द्वारा संकलित सफलता की कहानियां” नामक दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया। इसके साथ ही राज्य के उत्कृष्ट एफपीओ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) तथा शिल्पकारों को ग्रामीण विकास में उनके नवाचारपूर्ण एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दो ‘जीवा’ (JIVA) परियोजनाओं के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर डॉ. समित शर्मा, आईएएस (सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार), रंजीव शंकर (क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक), ओंकार नाथ चौधरी (मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक), सुरिंदर पाल सिंह (मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक), सुपरिमिता मिश्रा (महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं एसएलबीसी संयोजक) सहित राज्य सरकार, विभिन्न बैंकों एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

बांसवाड़ा में BAP नेता की कार पर पथराव:बोले- भाई की तरह मेरी हत्या की साजिश रच रहे विरोधी

भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के टिकट पर घाटोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके आदिवासी नेता अशोक भील की कार पर सोमवार रात अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। हमले में उनकी कार के आगे और साइड के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। घटना खमेरा थाना क्षेत्र के भगोरा का खेड़ा पेट्रोल पंप के पास रात करीब साढ़े 9 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, अशोक भील घाटोल से अपने पैतृक गांव बोरपी कारेग जा रहे थे। इसी दौरान भगोरा का खेड़ा पेट्रोल पंप के पास अंधेरे में छिपे बदमाशों ने उनकी चलती कार पर अचानक पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हमले के बाद अशोक भील ने हिम्मत दिखाते हुए गाड़ी रोकी और बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटना के बाद अशोक भील ने खमेरा थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई और अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला महज पथराव की घटना नहीं, बल्कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश हो सकती है। अशोक भील ने बताया कि करीब तीन महीने पहले उनके छोटे भाई अनिल की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने आशंका जताई कि अब उन्हें भी निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर हमले के पीछे शामिल लोगों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

'ट्री मैन' विष्णु लांबा ने शुरू किया बिल्व पौधारोपण अभियान:महाकाल के दर्शन के लिए 50KM लंबी दंडवत यात्रा कीं, बोले- पर्यावरण संरक्षण जरूरी

मध्यप्रदेश सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के ब्रांड एंबेसेडर और ‘ट्री मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध टोंक के पर्यावरण प्रेमी विष्णु लांबा ने भगवान महाकाल की 50 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा पूरी कर सवा लाख बिल्व (बेल) के पौधे लगाने के अभियान की शुरुआत की। लांबा ने उज्जैन सीमा से तीन दिन तक दंडवत यात्रा करते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। यात्रा के दौरान वे पूरे समय अपने हाथ में बिल्व का पौधा लेकर चले और महाकाल की धरती पर पहला पौधा रोपकर अभियान का शुभारंभ किया। विष्णु लांबा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण और पौधों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। मंदिर प्रशासन ने भी किया सम्मानित
टोंक जिले के लाम्बा गांव निवासी विष्णु लांबा सालों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे मध्यप्रदेश शासन के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं। उनके सहयोग से इंदौर में 12 घंटे के भीतर 12 लाख पौधे लगाने का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रहे पर्यावरण संरक्षण अभियानों से प्रेरित होकर उन्होंने महाकाल की दंडवत यात्रा के माध्यम से हरित चेतना का संदेश दिया। उज्जैन पहुंचने पर पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। महाकाल मंदिर पहुंचकर उन्होंने मंदिर के पुजारी को बिल्व का पौधा भेंट किया, जबकि मंदिर प्रशासन ने भी उनका सम्मान किया। इस अवसर पर विष्णु लांबा ने श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील की कि भगवान शिव की तरह प्रकृति के प्रति सम्मान का भाव अपनाएं और कम से कम एक बिल्व का पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु भगवान शिव को समर्पित एक बिल्व का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाए।

जयपुर में 14 जुलाई को प्रदर्शन; कई रूट पर ट्रैफिक-डायवर्जन:कलेक्ट्रेट सर्किल सहित कई मार्गों पर यातायात होगा प्रभावित; सिंधी कैंप बसों के रूट भी बदले

जयपुर में कलेक्ट्रेट सर्किल और बनीपार्क क्षेत्र में 14 जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट सर्किल और आसपास क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन रहेगा। वहीं कुछ सड़कों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोकी रहेगी। पुलिस ने आमजन से समय से पहले यात्रा करने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है। सिंधीकैंप जाने वाली बसों का बदला रूट सीकर रोड से सिंधी कैंप आने वाली बसें अल्का तिराहा, विद्याधर नगर, मंदिर मोड़, कांवटिया सर्किल, शास्त्री नगर, पीतल फैक्ट्री चौराहा, झोटवाड़ा रोड और संजय सर्किल होकर सिंधीकैंप पहुंचेंगी। सिंधीकैंप से सीकर रोड जाने वाली बसें मयंक सिनेमा तिराहा, पारीक कॉलेज मोड़, पावर हाउस तिराहा, झोटवाड़ा रोड और पानीपेच होकर संचालित होंगी। पोलोविक्ट्री की ओर से आने वाली बसों को गणपति प्लाजा, गवर्नमेंट हॉस्टल, संसार चंद्र रोड, संजय सर्किल, झोटवाड़ा रोड और पानीपेच होकर सीकर रोड भेजा जाएगा। इन मार्गों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन प्रदर्शन के दौरान पानीपेच तिराहा, एफएसएल तिराहा, चिंकारा तिराहा, दूधमंडी चौराहा, माधोसिंह सर्किल, पीतल फैक्ट्री चौराहा, खासाकोठी, रेलवे स्टेशन, राजपूताना कट और कबीर मार्ग सहित कई प्रमुख स्थानों से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। इन मार्गों पर रहेगा प्रवेश प्रतिबंध नो-पार्किंग जोन घोषित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए निम्न मार्गों पर वाहन पार्किंग पूरी तरह रोक रहेगी- रेलवे स्टेशन और सिंधी कैंप जाने वाले यात्री रखें विशेष ध्यान ट्रैफिक पुलिस ने रेलवे स्टेशन और सिंधी कैंप बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों से अपील की है कि वे संभावित जाम को देखते हुए समय से पहले घर से निकलें। आपातकालीन वाहनों का आवागमन निर्बाध रहेगा। हेल्पलाइन नंबर यातायात संबंधी जानकारी और सहायता के लिए ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन 1095, 2565630, 2561256 और वॉट्सएप हेल्प डेस्क नंबर 8764866972 पर संपर्क किया जा सकता है।

सीएम बोले- अपराधियों पर ऐसी कार्रवाई हो उनकी रूह-कांप जाए:बैठक में कई जिलों के एसपी को फटकारा; कहा- अपराध हुए तो अधिकारी जिम्मेदार

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- प्रदेश में महिलाओं और बच्चों से जघन्य अपराध करने वालों अपराधियों और उनके आकाओं पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए कि उनकी रूह कांप जाए। आने वाले समय में कोई भी अपराध करने से पहले सौ बार सोचे। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने सोमवार को सीएमआर में कानून व्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक में दिए। बैठक में सीएम भजनलाल ने कहा- अगर किसी जिले में अपराध होते हैं तो उसके लिए संबंधित एसपी और आईजी जिम्मेदार होंगे। सीएम ने कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा- संगठित अपराध, साइबर क्राइम और नशा तस्करी के मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा, बल्कि इन अपराधों का पूरा नेटवर्क ध्वस्त होना चाहिए। सीएम ने अलवर, श्रीगंगानगर, भरतपुर में हुए क्राइम के मामलों को लेकर संबंधित पुलिस अधीक्षक से जवाब तलब किया। बैठक में सीएम के निर्देश पर गोगुंदा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोटिस भी जारी किया गया। अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- अवैध हथियार संगठित अपराध की रीढ़ है। संगठित अपराध को रोकने के लिए इसे तोड़ना बहुत जरूरी है। जिन जिलों में आर्म्स एक्ट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, वहां अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हथियार बरामद होने की स्थिति में सिर्फ उस अपराधी तक ही कार्रवाई नहीं हो। पूरे चेन सिस्‍टम का पता लगाकर सरगना तक पहुंच कर सिस्‍टम को ध्‍वस्‍त करने का लक्ष्‍य रखना होगा। सीएम ने कहा- अवैध नशे के कारोबार के मामलों में कोई समझौता नहीं होगा। वहीं बैठक में डीजीपी राजीव शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित सभी जिलों के एसपी और रेंज आईजी वीसी से जुड़े। साइबर ठगी रोकने के लिए बढ़ाएं साइबर पेट्रोलिंग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने और साइबर सेल में विशेष कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई कर आमजन का विश्वास बहाल करना पुलिस की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि साइबर ठगी का एक भी नेटवर्क राजस्थान में बच नहीं पाए। मुख्यमंत्री शर्मा ने सभी रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षकों को एनडीपीएस, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर और अवैध हथियारों से जुड़ी गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़े लंबित मामलों का व्यक्तिगत विश्लेषण करने और निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- जिन जिलों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

पायलट ने पूछा-'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' का क्या हुआ:कहा- राम मंदिर चंदा चोरी विवाद में सिर्फ लीपापोती हो रही

​कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट और चंदे के विवाद पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंनें कहा कि ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के नारे का क्या हुआ? पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, जहां लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई से 2, 5, 10 और 100 रुपए अपनी श्रद्धा से दान किए। अब वहां करोड़ों रुपए का गबन जगजाहिर है, लेकिन एफआईआर में मुख्य जिम्मेदार लोगों की जगह ड्राइवर और चपरासी के नाम डालकर केवल लीपापोती की जा रही है। ​उन्होंने नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 1 रुपए का भी नकद लेन-देन नहीं हुआ, फिर भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं, जांच हो रही है और चार्जशीट दाखिल की जा रही है। पायलट वागड़ क्षेत्र के कुशलगढ़ में हुए एक कार्यक्रम के बाद बांसवाड़ा सर्किट हाउस पहुंचे थे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वागड़ के प्रमुख कांग्रेस नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया, अर्जुन सिंह बामणिया सहित जिले के तमाम बड़े नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सरकार चुनाव से डर रही है सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि जो सरकार लंबे समय से ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात करती आई है, वह आज खुद चुनाव कराने से पीछे भाग रही है। ​उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूनिवर्सिटी-कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव, पंचायत चुनाव और शहरी निकायों के चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा सरकार को नोटिस देने और फटकार लगाने के बावजूद सरकार कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव टालने में लगी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा सरकार असलियत जानती है। उन्हें पता है कि जैसे ही चुनाव होंगे, जनता को अपना रुख दिखाने का मौका मिलेगा और भारी बहुमत के साथ कांग्रेस चुनाव जीतेगी। यही वजह है कि सरकार चुनाव से डरी हुई है और पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। लेकिन अंततः हमारे दबाव और कोर्ट के आदेश के कारण सरकार को चुनाव कराने ही पड़ेंगे, हम हर जगह चुनाव लड़ेंगे और कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। ​नौकरशाही के भरोसे चल रहा है तंत्र ​पायलट ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों (सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख) की जगह पूरा तंत्र अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है। आज जहां भी प्रशासक लगे हुए हैं, उन्हें आम जनता, गांव और गरीब की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। जनप्रतिनिधि जनता की उम्मीदों और सरकार के संसाधनों के बीच एक सेतु का काम करते हैं, लेकिन अब वे शक्तिहीन हैं। शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। सरकार सिर्फ अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया पर प्रचार करने में व्यस्त है, जबकि धरातल पर जनता परेशान है। ​वागड़ में बीएपी (BAP) से गठबंधन को लेकर भी दिया जवाब वागड़ क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि हम लोग अपने दम पर चुनाव लड़ते आए हैं और आगे भी चुनाव लड़ेंगे। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में हमारा ‘इंडिया अलायंस’ (INDIA Alliance) का गठबंधन हुआ था और वह अलायंस आज भी मजबूत है। लेकिन अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्थिति और परिस्थितियों को देखकर निर्णय लिया जाता है। जैसे बंगाल, केरल या राजस्थान जैसे राज्यों की बात हो, तो समय आने पर ‘इंडिया अलायंस’ के शीर्ष नेता ही इस पर अंतिम फैसला करेंगे।

लेक्रोज खिलाड़ियों से मिले केंद्रीय जनजाति मंत्री:उदयपुर दौरे पर आए दुर्गादास; इराक में चोट लगने पर भी जीता था स्वर्ण पदक

केंद्रीय जनजाति राज्य मंत्री दुर्गादास उइके सोमवार को उदयपुर दौरे पर रहे। उन्होंने लेक्रोज के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और राष्ट्रीय प्रशिक्षक नीरज बत्रा से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा- इराक के खिलाफ मुकाबले के दौरान चेहरे पर गंभीर चोट लगने और 9 टांके आने के बावजूद मोहनलाल ने हार नहीं मानी। चिकित्सकीय जोखिम के बावजूद उन्होंने पाकिस्तान के विरुद्ध महत्वपूर्ण मुकाबले में मैदान पर उतरकर साहस का परिचय दिया। साथ ही सर्वाधिक गोल कर भारत की ऐतिहासिक जीत का मार्ग दिखाया। इन्होंने भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा- राजस्थान आज भारत में लेक्रोज का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। विशेष रूप से उदयपुर के जनजातीय क्षेत्र के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा- राज्य सरकार जल्द ही लेक्रोज को खेल नीति में शामिल कर खिलाड़ियों को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का काम करेगी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने खिलाड़ियों को लक्ष्य ओलंपिक की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा- केंद्र सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़ और पुष्कर तेली ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

उदयपुर में धंसी सड़क, गड्ढे में उतरी ईवी कार:लंबा जाम लगा, मेयर के घर के आगे छोड़े गए नाले का असर; इस रोड पर 3 साल में तीसरी घटना

उदयपुर शहर में दुर्गा नर्सरी चौराहे पर सोमवार शाम को सड़क धंसने से एक इलेक्ट्रिक कार (ईवी) गड्ढे में उतर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार का आधा भाग सड़क पर आधा नाले के अंदर था। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गा नर्सरी चौराहा पर जिस जगह हादसा हुआ, इस मेन रोड पर पिछले तीन साल के अंदर तीसरी घटना है। सबसे बड़ी बात यह है कि निवर्तमान मेयर के घर के पास तक नाला बना रखा है, लेकिन उसे आगे 50 मीटर और बना देते तो ये पूरा एरिया कवर हो जाता। आरोप है कि मेयर के घर से आगे नाला छोड़े जाने के कारण सड़क बार-बार धंस रही है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। नाले के ऊपर सड़क धंसी, ईवी कार पहिए उतरे सोमवार शाम करीब 7 बजे उदयपुर के दुर्गा नर्सरी चौराहा पर यह सड़क धंसी। कुम्हारों का भट्टा से दुर्गा नर्सरी चौराहा से पहले सीधे अशोक नगर की तरफ टर्न लेने वाली जगह पर यह घटना हुई। जहां पहले गुड्डू कचोरी की शॉप हुआ करती थी, उसके बाहर नाले के ऊपर की सड़क धंस गई। इस बीच इस सड़क पर गुजर रही एक ईवी कार के आगे के पहिए सड़क में उतर गए। शोर मचते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस बीच कार सवार बाहर निकला और बाद में चौराहा से यातायात पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस टीम ने सबसे पहले बैरिकेड्स लगाकर उस रास्ते की तरफ जाने वाले वाहनों को रोका। कार को क्रेन के जरिए बाहर निकाला गया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि इस दौरान दुपहिया वाहन अंदर गिरते तो बड़ा हादसा हो जाता। लोगों ने कहा कि यहां पर पूर्व में हादसे हुए फिर भी नगर निगम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सूचना मिलने पर यातायात पुलिस सीआई आदर्श कुमार, नगर निगम के अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल, नगर निगम के सीआई मांगीलाल डांगी मौके पर पहुंचे। सीआई आदर्श कुमार ने टीम से सबसे पहले जहां सड़क धंसी, वहां पर बैरिकेड्स लगवाए, ताकि कोई वाहन उस तरफ नहीं जाए। फिर भीड़ के बीच लगे जाम को टीम ने खुलवाया। मौके पर आए अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल ने बताया कि यहां तक नाले का टेंडर हो चुका है और जल्द काम शुरू होने वाला है। मेयर के घर से 50 मीटर का टुकड़ा ले लेते तो ये नहीं होता इधर, वहां दुकानदारों और लोगों ने बताया कि अशोकनगर से दुर्गा नर्सरी रोड की तरफ नाले निर्माण का काम किया गया। यहां पर निवर्तमान मेयर जीएस टांक के घर के बाहर तक तो नाला बना दिया गया, लेकिन इसके आगे करीब 50 मीटर का टुकड़ा छोड़ दिया गया। लोगों ने बताया कि ये टुकड़ा भी कवर कर देते तो आज यह घटना नहीं होती, जिसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा था। अब इसी रोड पहले हुए हादसे के बारे में जाने उदयपुर की ये खबरें भी पढ़े… उदयपुर के उबेश्वर में दिखा दुर्लभ ‘लौडांकिया सांप:30 साल बाद फिर दिखा दुर्लभ वाइन स्नेक, जानिए क्या है खासियत रोपवे में फंसे यात्री, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू:रस्से और चेयर के जरिए सुरक्षित उतारा, नीमचमाता रोपवे पर किया मॉक ड्रिल UCC जनसुनवाई में हंगामा, कांग्रेस ने किया बहिष्कार:कहा- ये सिर्फ औपचारिकता, आदिवासी युवा नेता पर भड़के सांसद मन्नालाल रावत कुल्हाड़ी से लेपर्ड के नाखून काटकर भागा आरोपी गिरफ्तार:वन विभाग की टीम ने घर पर दबिश देकर दबोचा; रिमांड पर भेजा