पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे पर दिल्ली चुप क्यों?:एक्सपर्ट बोले- इमोशन नहीं समझ रहा हाईकमान; क्या 2021 की कैप्टन-सिद्धू वाली गलती दोहरा रहे?
कांग्रेस हाईकमान की चुप्पी से पंजाब में पार्टी के बीच झगड़ा बढ़ता जा रहा है। पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व CM चरणजीत चन्नी को बिना नाम लिए नसीहत दी है। डॉ. गांधी ने कहा- लोकतंत्र, संवधान, पंजाब व देश के हित में पंजाब के कांग्रेसी वर्कर्स लीडरों से त्याग व कुर्बानी की आस करते हैं। डॉ. गांधी की बातों को वड़िंग और चन्नी से इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योंकि वह पार्टी में जल्दी बदलाव की पैरवी करने वालों में शामिल हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने वड़िंग को नहीं हटाया। हाईकमान के फैसले से चन्नी राजी नहीं हैं। चन्नी राजा वड़िंग को प्रधान की कुर्सी से हटाने की जिद पर अड़े हुए हैं। इसके लिए उन्होंने मोरिंडा में अपने घर पर करीब 50 कांग्रेस नेताओं से मीटिंग की। हालांकि चन्नी को काउंटर करने के लिए प्रधान वड़िंग भी घर-घर जाकर नेताओं से मिल रहे हैं। रविवार को नवजोत सिद्धू गुट से पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा ने भी हाईकमान को ओपन लेटर लिख मजबूत नेता को प्रधान बनाने की सलाह दी। इसी बीच कांग्रेस के झगड़े को निपटाने के लिए पार्टी के पंजाब प्रभारी व छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल दोपहर करीब 3 बजे चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। वह चंडीगढ़ में वड़िंग, चन्नी के अलावा और भी सीनियर नेताओं से मीटिंग कर सकते हैं। पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे पर दिल्ली चुप क्यों? पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर ठीक 2021 वाली विस्फोटक स्थिति पैदा हो गई है। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तनातनी थी और दोनों गुट अपना-अपना वर्चस्व दिखा रहे थे। अब 2026 में वही काम पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दिल्ली बैठे कांग्रेस हाईकमान का पंजाब के इस संकट को डील करने का पैटर्न भी बिल्कुल सेम यानी ‘साइलेंट मोड’ वाला है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की माने तो कांग्रेस हाईकमान को पंजाब के ‘इमोशन’ का अंदाजा ही नहीं है, जिसके कारण वे यहां की गंभीर स्थिति को संभाल नहीं पा रहे हैं। पंजाब कांग्रेस में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी गुट में वर्चस्व की जंग अब सड़कों पर आ चुकी है। चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित घर पर नाराज पूर्व विधायकों और नेताओं का जमघट लगाकर अपनी ताकत दिखाई, तो दूसरी तरफ राजा वड़िंग हर हलके में जाकर स्थानीय नेताओं से अपने समर्थन का खुला ऐलान करवा रहे हैं। इसी गुटबाजी के बीच अब नवजोत सिंह सिद्धू गुट की एंट्री ने मामले को और त्रिकोणीय बना दिया है। इस सरेआम मचे घमासान के बावजूद हाईकमान इस पर विराम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। 2021 और 2026 में गुटबाजी व हाईकमान के रवैये का पैटर्न जानिए… अब पढ़िए एक्सपर्ट ने क्या कहा… 2021 में कांग्रेस हाईकमान की क्या भूमिका रही… 2026 में हाईकमान की इस भूमिका के क्या इंपैक्ट होंगे, जानिए.. ************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस की लड़ाई में सिद्धू गुट की एंट्री: पूर्व DGP मुस्तफा बोले- मजबूत नेता को कमान दो; चन्नी के तेवर देख वड़िंग घेराबंदी में जुटे
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट के आसार बढ़ गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग की लड़ाई में नवजोत सिद्धू गुट की भी एंट्री हो गई है। सिद्धू के करीबी और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पति पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने राजा वड़िंग के इस्तीफे की मांग की है। (पढ़ें पूरी खबर)

