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पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे पर दिल्ली चुप क्यों?:एक्सपर्ट बोले- इमोशन नहीं समझ रहा हाईकमान; क्या 2021 की कैप्टन-सिद्धू वाली गलती दोहरा रहे?

कांग्रेस हाईकमान की चुप्पी से पंजाब में पार्टी के बीच झगड़ा बढ़ता जा रहा है। पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व CM चरणजीत चन्नी को बिना नाम लिए नसीहत दी है। डॉ. गांधी ने कहा- लोकतंत्र, संवधान, पंजाब व देश के हित में पंजाब के कांग्रेसी वर्कर्स लीडरों से त्याग व कुर्बानी की आस करते हैं। डॉ. गांधी की बातों को वड़िंग और चन्नी से इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योंकि वह पार्टी में जल्दी बदलाव की पैरवी करने वालों में शामिल हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने वड़िंग को नहीं हटाया। हाईकमान के फैसले से चन्नी राजी नहीं हैं। चन्नी राजा वड़िंग को प्रधान की कुर्सी से हटाने की जिद पर अड़े हुए हैं। इसके लिए उन्होंने मोरिंडा में अपने घर पर करीब 50 कांग्रेस नेताओं से मीटिंग की। हालांकि चन्नी को काउंटर करने के लिए प्रधान वड़िंग भी घर-घर जाकर नेताओं से मिल रहे हैं। रविवार को नवजोत सिद्धू गुट से पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा ने भी हाईकमान को ओपन लेटर लिख मजबूत नेता को प्रधान बनाने की सलाह दी। इसी बीच कांग्रेस के झगड़े को निपटाने के लिए पार्टी के पंजाब प्रभारी व छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल दोपहर करीब 3 बजे चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। वह चंडीगढ़ में वड़िंग, चन्नी के अलावा और भी सीनियर नेताओं से मीटिंग कर सकते हैं। पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे पर दिल्ली चुप क्यों? पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर ठीक 2021 वाली विस्फोटक स्थिति पैदा हो गई है। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तनातनी थी और दोनों गुट अपना-अपना वर्चस्व दिखा रहे थे। अब 2026 में वही काम पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दिल्ली बैठे कांग्रेस हाईकमान का पंजाब के इस संकट को डील करने का पैटर्न भी बिल्कुल सेम यानी ‘साइलेंट मोड’ वाला है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की माने तो कांग्रेस हाईकमान को पंजाब के ‘इमोशन’ का अंदाजा ही नहीं है, जिसके कारण वे यहां की गंभीर स्थिति को संभाल नहीं पा रहे हैं। पंजाब कांग्रेस में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी गुट में वर्चस्व की जंग अब सड़कों पर आ चुकी है। चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित घर पर नाराज पूर्व विधायकों और नेताओं का जमघट लगाकर अपनी ताकत दिखाई, तो दूसरी तरफ राजा वड़िंग हर हलके में जाकर स्थानीय नेताओं से अपने समर्थन का खुला ऐलान करवा रहे हैं। इसी गुटबाजी के बीच अब नवजोत सिंह सिद्धू गुट की एंट्री ने मामले को और त्रिकोणीय बना दिया है। इस सरेआम मचे घमासान के बावजूद हाईकमान इस पर विराम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। 2021 और 2026 में गुटबाजी व हाईकमान के रवैये का पैटर्न जानिए… अब पढ़िए एक्सपर्ट ने क्या कहा… 2021 में कांग्रेस हाईकमान की क्या भूमिका रही… 2026 में हाईकमान की इस भूमिका के क्या इंपैक्ट होंगे, जानिए.. ************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस की लड़ाई में सिद्धू गुट की एंट्री: पूर्व DGP मुस्तफा बोले- मजबूत नेता को कमान दो; चन्नी के तेवर देख वड़िंग घेराबंदी में जुटे
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट के आसार बढ़ गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग की लड़ाई में नवजोत सिद्धू गुट की भी एंट्री हो गई है। सिद्धू के करीबी और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पति पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने राजा वड़िंग के इस्तीफे की मांग की है। (पढ़ें पूरी खबर)

हिमाचल के पागल नाला में बाढ़:कांगड़ा-कुल्लू में तेज बारिश, पार्बती-III प्रोजेक्ट के डैम से छोड़ा जाएगा पानी, आज 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में सुबह से हो रही बारिश के बाद आज पागल नाला में बाढ़ आ गई है। इससे सारा मलबा हाईवे पर आ गया। इसके बाद लारजी को सैंज से जोड़ने वाला हाईवे वाहनों के लिए बंद हो गया है। कांगड़ा में भी सुबह पांच बजे से निरंतर बारिश हो रही है। कांगड़ा में सुबह दो घंटे तक भारी बारिश हुई। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिला में कुछेक स्थानों पर आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। चंबा, मंडी और शिमला जिलों में भी आज कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। हमीरपुर, ऊना व सोलन के कुछेक क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हो रही है। वहीं शिमला में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। सवा 10 बजे कुछ देर को हल्की धूप भी खिली। टूरिस्ट और लोकल को एडवाइजरी इस दौरान निचले इलाकों में जलभराव और धुंध के कारण कम विजिबिलिटी का भी अलर्ट जारी किया गया है। IMD टूरिस्ट समेत लोकल लोगों को नदी-नालों, लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों व अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में नहीं जाने तथा यातायात संबंधी एडवाइजरी का पालन करने को कहा है। कल (7 जुलाई को) कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में बारिश का दौर 11 जुलाई तक जारी रहेगा। सैंज नाले में छोड़ा जाएगा पार्बती-III का पानी कुल्लू में तेज बारिश के बाद पार्बती-III पर बने पावर स्टेशन बांध का वाटर लेवल निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर 50 क्यूसेक पानी सैंज नदी में छोड़ा जाएगा। इससे सैंज नदी का जलस्तर बढ़ जाएगा। इसे देखते हुए लोगों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है। मानसून में सामान्य से 63% ज्यादा बारिश हिमाचल में मानसून की एंट्री के बाद से अब तक सामान्य से 63 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। अगले छह दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं है। किन्नौर-लाहौल स्पीति में तूफान चलने का पूर्वानुमान IMD के मुताबिक-किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में छह से 10 जुलाई तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार तेज हवाएं चलने की संभावना है। अन्य भागों में बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती है।
हिमाचल के औसत तापमान में 3.5 डिग्री का उछाल मौसम विभाग के अनुसार- अगले चार दिनों के दौरान तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट आएगी। हालांकि, बीते रविवार को ऊना को छोड़कर अन्य सभी शहरों के तापमान में भारी उछाल आया है। बीते 24 घंटे के दौरान सियोबाग का पारा 7.4 डिग्री बढ़ने के बाद 33.4 डिग्री सेल्सियस, भुंतर का पारा 6.2 डिग्री बढ़ने के बाद 35.2 डिग्री और शिमला का पारा 5.0 डिग्री के उछाल के बाद 27.5 डिग्री पहुंच गया।

महाराष्ट्र में 3 दिन से बारिश,घर में रहने की अपील:रेलवे ट्रैक, एक्सप्रेस वे सब बंद; जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में लैंडस्लाइड, गाड़ियां दबीं

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। मुंबई-पुणे रेल रूट पर करजत-लोनावला के भोर घाट सेक्शन में दो जगह लैंडस्लाइड हो गई। तीनों रेलवे लाइनें प्रभावित हो गईं। 20 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। उधर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी लैंडस्लाइड होने से रास्ता बंद हो गया। मुंबई में कल से 75kmph की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, 142 पेड़ उखड़ गए। BMC ने आज सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है। लोगों से घर में रहने की अपील की गई है। मुंबई में प्राइवेट ऑफिसों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने को कहा गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हो गई। 6-7 गाड़ियां मलबे में दब गईं। मलबा हटाने का काम जारी है। मानसून आज पूरे देश को कवर कर सकता है… देशभर से मौसम की 5 तस्वीरें… महाराष्ट्र में खराब मौसम से निपटने की क्या है तैयारी, 5 पॉइंट देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

खबर हटके- मेयर ने मगरमच्छ से शादी की:रील बनाकर दिखाता था रईसी, किडनैप हुआ; पति के खर्राटों से पत्नी परेशान, तलाक मांगा

मैक्सिको में एक मेयर ने मगरमच्छ से शादी की। वहीं, मध्य प्रदेश में एक शख्स रील बनाकर रईसी दिखाता था, देखने वालों ने ही किडनैप कर लिया। इधर, भोपाल में पत्नी ने पती के खर्राटों से परेशान होकर तलाक मांगा। कर्नाटक में 116 साल की दादी, 3500 सीढ़ियां चढ़कर भगवान वेकटेश्वर स्वामी के दर्शन करने पहुंचीं। वहीं, चीन में एक शख्स को पसीने की बदबू के कारण जिम की मेंबरशिप गंवानी पड़ गई। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

जालंधर की लेडी अफसर ने जेल में बनाए प्रेम संबंध:कनाडा में पंजाबी कैदी से मिलती, उसके पैसे से कॉस्मेटिक सर्जरी, फॉरेन ट्रिप कीं

कनाडा की जेल में तैनात जालंधर मूल की एक महिला अधिकारी पर पंजाबी कैदी से रिश्ते को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच के मुताबिक उसने अपनी ड्यूटी उसी ब्लॉक में लगवाई, जहां कैदी बंद था। वह ज्यादातर समय उसकी सेल के आसपास बिताती थी और जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा कथित तौर पर अवैध मोबाइल के जरिए भी उसके संपर्क में रहती थी। बदले में कैदी उस पर महंगे गिफ्ट लुटाता रहा। जांच दस्तावेजों के मुताबिक उसने महिला अधिकारी की कॉस्मेटिक सर्जरी और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। पूरा मामला तब सामने आया, जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के घर पर जानलेवा हमले की साजिश की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जालंधर मूल की महिला अधिकारी ने ही उस अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो कैदी तक पहुंचाई थी। इसके बाद कथित तौर पर उसी जानकारी के आधार पर अधिकारी की पहचान कर पूरी साजिश रची गई। यह मामला बाद में कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट साउथ जांच का अहम हिस्सा बना। 3 जुलाई को ऑन्टारियो सुपीरियर कोर्ट की अनुमति के बाद 563 पन्नों वाले ITO (इन्फॉर्मेशन टू ऑब्टेन) के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए गए, जिनसे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। महिला अधिकारी पेड लीव पर हैं, जबकि कैदी अब भी जेल में बंद है। जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांटेड ड्रग तस्कर रॉयन वेडिंग के कथित ड्रग नेटवर्क से भी जोड़ा है। दोसांझ गांव की निशवंत, कैदी ड्राइवर के तौर पर कनाडा गया
कनाडा पुलिस के मुताबिक निशवंत कौर दोसांझ का परिवार पंजाब के जालंधर जिले के दोसांझ कलां गांव से जुड़ा बताया जाता है। वह ब्रिटिश कोलंबिया के ऐबट्सफोर्ड में रहती हैं और टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में कॉर्पोरल थीं। 32 वर्षीय गुरप्रीत सिंह पंजाब से ट्रक ड्राइवर के रूप में कनाडा गया था। बाद में जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांछित ड्रग तस्कर रायन वेडिंग के कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़ा। अक्टूबर 2024 से वह टोरंटो जेल में बंद है और अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहा है। दोनों के बीच पहले से प्यार, जेल में देख फिर रिश्ते सक्रिय हुए
ITO के मुताबिक गुरप्रीत के अक्टूबर 2024 में टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर पहुंचने से पहले से ही दोनों के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। गुरप्रीत के जेल पहुंचने के बाद निशवंत को पता चला तो उनके बीच का यह रिश्ता फिर से सक्रिय हो गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि निशवंत ने अपनी ड्यूटी उसी टावर और ब्लॉक में लगवा ली, जहां गुरप्रीत बंद था। अक्टूबर 2024 से 2025 तक दोनों के बीच लगातार निजी मुलाकातें होती रहीं। सेल के बाहर ज्यादा समय, यहीं से बढ़ा शक
पुलिस के अनुसार निशवंत अक्सर गुरप्रीत की सेल के आसपास जरूरत से ज्यादा समय बिताती थीं। जेल सुपरवाइजरों ने यह भी नोटिस किया कि वह गुरप्रीत से मिलने के बाद उसके पूर्व सेलमेट से भी मिलती थीं। जांचकर्ताओं का कहना है कि इसी असामान्य गतिविधि के बाद दोनों पर निगरानी बढ़ाई गई। जेल के फोन के अलावा कथित अवैध मोबाइल से भी संपर्क
ITO के मुताबिक दोनों जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा गुरप्रीत के पास मौजूद कथित अवैध मोबाइल फोन के जरिए भी लगातार संपर्क में थे। जांच के दौरान गुरप्रीत की कई बातचीत इंटरसेप्ट कर मॉनिटर की गई। जांच दस्तावेजों में दावा किया गया है कि निशवंत ने एक सहकर्मी को बताया था कि गुरप्रीत ने उन्हें महंगे गिफ्ट दिए, कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए पैसे दिए और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। जांच अधिकारी डिटेक्टिव कांस्टेबल एंटोनियो डी ओनोफ्रियो ने लिखा कि गुरप्रीत का निशवंत पर इतना प्रभाव था कि यह एक जेल अधिकारी और कैदी के रिश्ते के लिहाज से बेहद असामान्य था। नंबर प्लेट से हत्या की साजिश तक में शामिल
यॉर्क रीजनल पुलिस के मुताबिक जून 2025 में एक वरिष्ठ करेक्शनल अधिकारी की हत्या की साजिश रची गई। अधिकारी के घर पर मुंह ढके हमलावर ने हमला करने की कोशिश भी की। ITO में आरोप है कि गुरप्रीत ने जेल के बाहर मौजूद सहयोगियों के जरिए पूरी योजना बनाई, जबकि निशवंत ने कथित तौर पर ‘इंटरनल फैसिलिटेटर’ की भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो लेकर गुरप्रीत तक पहुंचाई। बाद में इसी जानकारी के आधार पर वाहन का रिकॉर्ड निकाला गया और अधिकारी के घर की पहचान की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी घटना के बाद प्रोजेक्ट साउथ जांच का दायरा बढ़ा। निशवंत की नाराजगी का बदला लिया
इस मामले में सार्वजनिक किए गए अदालत दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गुरप्रीत सिंह की वरिष्ठ जेल अधिकारी से क्या रंजिश थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि निशवंत दोसांझ की उस अधिकारी से नाराजगी थी और उसी के बाद कथित साजिश रची गई। जांच में और भी कई नाम
563 पन्नों के ITO में निशवंत और गुरप्रीत के अलावा कई पुलिस अधिकारियों और सिविलियन के नाम भी जांच के दायरे में होने का उल्लेख है। एजेंसियां इनके बीच कथित संपर्क और सहयोग की भी जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में पहले भी कंट्राबैंड और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। इसी वजह से जेल पहले से जांच एजेंसियों की निगरानी में थी। दोनों पक्षों का क्या कहना है:-

जगन्नाथ पुरी के राजा दिब्यसिंह की ISKCON से अपील:गलत समय पर रथयात्रा न निकालें; मंदिर प्रशासन का दावा- भारत से बाहर 70 शहरों में मनमर्जी चलाई

पुरी के गजपति महाराज और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष दिब्यसिंह देब ने ISKCON से अपील की है कि वह गलत समय पर रथयात्रा न निकाले। इस्कॉन यात्रा का आयोजन ऐसी तारीखों पर कर रहा है, जो शास्त्रों के अनुसार नहीं हैं। इससे भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने मायापुर में ISKCON की गवर्निंग बॉडी कमीशन (GBC) के चेयरमैन श्री मधुसेविता दास प्रभु के नाम लिखे पत्र में अक्टूबर 2025 में लिए उस फैसले पर दोबारा विचार करने कहा है, जिसके तहत विदेशों में अलग-अलग समय पर रथ यात्रा निकाली जा रही है। एक दिन पहले ही केन्या की राजधानी नैरोबी में ISKCON ने रथयात्रा निकाली। 21 जून को लंदन में, 14 जून को न्यूयॉर्क सिटी में और 5 जुलाई को सिडनी में रथयात्रा निकाली गई। गौरतलब है कि इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी और मुख्य रथयात्रा 16 जुलाई को होगी। रथयात्रा हिंदू कैंलेंडर के मुताबिक हमेशा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि पर होती है। इधर, पुरी में तीनों रथों के निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। यहां बढ़ई, सहायक और पेंटर समेत करीब 220 कारीगर दिन-रात रथ तैयार करने में जुटे हैं। गजपति ने गलत तिथि पर स्नान यात्रा की लिस्ट भेजी ISKCON ने पहले पुरी मंदिर को भरोसा दिलाया था कि स्नान यात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाएगी, लेकिन वे दुनिया भर के कई शहरों में अलग-अलग तारीखों पर इस त्योहार का आयोजन कर रहे हैं। इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी। अपनी बात के समर्थन में, देब ने 1 मई के बाद की गई स्नान यात्राओं की एक लिस्ट भी भेजी है। दिब्यसिंह ने यह भी लिखा है कि ISKCON से अनुरोध है कि वह यह सुनिश्चित करें कि दुनिया भर के सभी ISKCON मंदिर स्नान यात्रा केवल ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर ही मनाए। मध्य प्रदेश में प्रस्तावित रथयात्राओं पर भी जताई आपत्ति गजपति महाराज ने उज्जैन स्थित ISKCON मंदिर की ओर से 16 से 25 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के 66 स्थानों पर रथयात्रा आयोजित करने की योजना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रथ यात्रा केवल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाला 9 दिवसीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास रचित स्कंद पुराण में भी भगवान जगन्नाथ ने स्वयं स्नान यात्रा और रथयात्रा की निर्धारित तिथि बताई हैं। ऐसे में मनमानी तिथियों पर आयोजित करना प्राचीन परंपराओं और शास्त्रों के विपरीत है। ISKCON का तर्क- विदेशों में हर जगह एक ही दिन आयोजन संभव नहीं पुरी मंदिर की पिछली आपत्तियों का जवाब देते हुए ISKCON ने कहा था कि हर देश में जलवायु परिस्थितियों, सरकारी नियमों और स्थानीय सांस्कृतिक कारकों बड़ा असर डालते हैं। इसके कारण शास्त्रों में बताई गई तारीख पर रथयात्रा आयोजित करना हमेशा संभव नहीं होता है। इस्कॉन ने पुरी मंदिर को बताया था- “रूस में वहां का मौसम, सरकार और स्थानीय संस्कृति अक्सर शास्त्रों में बताई गई तारीखों पर रथयात्रा निकालने के अनुकूल नहीं होती है।” भास्कर नॉलेज… रथयात्रा को लेकर विवाद नया नहीं है। 2024 और 2025 में भी पुरी के गजपति महाराजा ने ISKCON से अनुरोध किया था कि विदेशों में भी पुरी के धार्मिक पंचांग के अनुसार रथयात्रा आयोजित की जाए। 2026 में यह विवाद इसलिए ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि कई देशों में रथयात्रा पुरी की तिथि से कई हफ्ते पहले आयोजित की गई, जिसके बाद औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पुरी रथयात्रा: 200 से ज्यादा लोग 58 दिनों में तैयार करते हैं रथ, जानिए यात्रा के बाद क्या होता है इन रथों का हर साल भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 45 फीट ऊंचे तीनों रथ 200 से ज्यादा लोग सिर्फ 58 दिनों में तैयार करते हैं। ये रथ 5 तरह की खास लकड़ियों से पूरी तरह हाथों से बनाए जाते हैं। शुरुआत अक्षय तृतीया से हो जाती है और गुंडिचा यात्रा के दो दिन पहले रथ बन कर तैयार हो जाते हैं। यात्रा खत्म होने के बाद रथों को तोड़ दिया जाता है। पढ़ें पूरी खबर…

जगन्नाथ पुरी के राजा दिब्यसिंह की ISKCON से अपील:गलत समय पर रथयात्रा न निकालें; मंदिर प्रशासन का दावा- भारत से बाहर 70 शहरों में मनमर्जी चलाई

पुरी के गजपति महाराज और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष दिब्यसिंह देब ने ISKCON से अपील की है कि वह गलत समय पर रथयात्रा न निकाले। इस्कॉन यात्रा का आयोजन ऐसी तारीखों पर कर रहा है, जो शास्त्रों के अनुसार नहीं हैं। इससे भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने मायापुर में ISKCON की गवर्निंग बॉडी कमीशन (GBC) के चेयरमैन श्री मधुसेविता दास प्रभु के नाम लिखे पत्र में अक्टूबर 2025 में लिए उस फैसले पर दोबारा विचार करने कहा है, जिसके तहत विदेशों में अलग-अलग समय पर रथ यात्रा निकाली जा रही है। एक दिन पहले ही केन्या की राजधानी नैरोबी में ISKCON ने रथयात्रा निकाली। 21 जून को लंदन में, 14 जून को न्यूयॉर्क सिटी में और 5 जुलाई को सिडनी में रथयात्रा निकाली गई। गौरतलब है कि इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी और मुख्य रथयात्रा 16 जुलाई को होगी। रथयात्रा हिंदू कैंलेंडर के मुताबिक हमेशा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि पर होती है। इधर, पुरी में तीनों रथों के निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। यहां बढ़ई, सहायक और पेंटर समेत करीब 220 कारीगर दिन-रात रथ तैयार करने में जुटे हैं। गजपति ने गलत तिथि पर स्नान यात्रा की लिस्ट भेजी ISKCON ने पहले पुरी मंदिर को भरोसा दिलाया था कि स्नान यात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाएगी, लेकिन वे दुनिया भर के कई शहरों में अलग-अलग तारीखों पर इस त्योहार का आयोजन कर रहे हैं। इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी। अपनी बात के समर्थन में, देब ने 1 मई के बाद की गई स्नान यात्राओं की एक लिस्ट भी भेजी है। दिब्यसिंह ने यह भी लिखा है कि ISKCON से अनुरोध है कि वह यह सुनिश्चित करें कि दुनिया भर के सभी ISKCON मंदिर स्नान यात्रा केवल ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर ही मनाए। मध्य प्रदेश में प्रस्तावित रथयात्राओं पर भी जताई आपत्ति गजपति महाराज ने उज्जैन स्थित ISKCON मंदिर की ओर से 16 से 25 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के 66 स्थानों पर रथयात्रा आयोजित करने की योजना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रथ यात्रा केवल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाला 9 दिवसीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास रचित स्कंद पुराण में भी भगवान जगन्नाथ ने स्वयं स्नान यात्रा और रथयात्रा की निर्धारित तिथि बताई हैं। ऐसे में मनमानी तिथियों पर आयोजित करना प्राचीन परंपराओं और शास्त्रों के विपरीत है। ISKCON का तर्क- विदेशों में हर जगह एक ही दिन आयोजन संभव नहीं पुरी मंदिर की पिछली आपत्तियों का जवाब देते हुए ISKCON ने कहा था कि हर देश में जलवायु परिस्थितियों, सरकारी नियमों और स्थानीय सांस्कृतिक कारकों बड़ा असर डालते हैं। इसके कारण शास्त्रों में बताई गई तारीख पर रथयात्रा आयोजित करना हमेशा संभव नहीं होता है। इस्कॉन ने पुरी मंदिर को बताया था- “रूस में वहां का मौसम, सरकार और स्थानीय संस्कृति अक्सर शास्त्रों में बताई गई तारीखों पर रथयात्रा निकालने के अनुकूल नहीं होती है।” भास्कर नॉलेज… रथयात्रा को लेकर विवाद नया नहीं है। 2024 और 2025 में भी पुरी के गजपति महाराजा ने ISKCON से अनुरोध किया था कि विदेशों में भी पुरी के धार्मिक पंचांग के अनुसार रथयात्रा आयोजित की जाए। 2026 में यह विवाद इसलिए ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि कई देशों में रथयात्रा पुरी की तिथि से कई हफ्ते पहले आयोजित की गई, जिसके बाद औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पुरी रथयात्रा: 200 से ज्यादा लोग 58 दिनों में तैयार करते हैं रथ, जानिए यात्रा के बाद क्या होता है इन रथों का हर साल भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 45 फीट ऊंचे तीनों रथ 200 से ज्यादा लोग सिर्फ 58 दिनों में तैयार करते हैं। ये रथ 5 तरह की खास लकड़ियों से पूरी तरह हाथों से बनाए जाते हैं। शुरुआत अक्षय तृतीया से हो जाती है और गुंडिचा यात्रा के दो दिन पहले रथ बन कर तैयार हो जाते हैं। यात्रा खत्म होने के बाद रथों को तोड़ दिया जाता है। पढ़ें पूरी खबर…

झारसुगुड़ा में पति बाइक पर बांधकर लाया पत्नी का शव:परिजन का आरोप- स्वास्थ्य केंद्र ने घंटों इंतजार करवाया, न शव वाहन दिया, न एंबुलेंस

ओडिशा के झारसुगुड़ा में एक व्यक्ति पत्नी के शव को बाइक पर लाने मजबूर हो गया। लाइकेरा ब्लॉक के उडियापाली गांव में रहने वाले नरेश छत्रिया की पत्नी जमुना की मौत मुद्रजोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गई थी। नरेश जमुना की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले गया था। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेश ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उसे शव वाहन नहीं मिला। मजबूरन नरेश, अपने पड़ोसी की बाइक पर पत्नी के शव को रखकर घर लेकर आया। मुंद्राजोर CHC से लेकर ओडियापाली गांव की दूरी लगभग 5 किमी है। शनिवार 4 जुलाई को हुए इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें नरेश पत्नी के शरीर को चादर से ढंककर बाइक पर लेकर जाता दिख रहा है। पहले देखिए इस घटना की एक तस्वीर… नरेश ने पत्नी का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया, भोज देना पड़ता लोग बोले- दाना माझी की याद ताजा हो गई नरेश छत्रिया की घटना को देखकर इसकी तुलना दाना माझी की घटना से की जा रही है। दरअसल आज से ठीक 10 साल पहले अगस्त 2016 में ओडिशा के कालाहांडी में दाना माझी अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर 10 किमी तक पैदल चले थे। उनके साथ छोटी सी बेटी भी थी। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो पूरे देश में वायरल हो गए। इसे गरीबी, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शव-वाहन व्यवस्था की विफलता बताया गया था। घटना के बाद ओडिशा सरकार ने जांच के आदेश दिए। शव-परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाप्रयाण योजना जैसी मुफ्त शव-वाहन सेवाएं भी शुरू की गई थीं। ———————- ओडिशा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अप्रैल में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा था शख्स: कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ ओडिशा के क्योंझर में अप्रैल 2026 में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। आदिवासी जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारी खाता धारक को साथ लाने कहा करते थे। पढ़ें पूरी खबर…

झारसुगुड़ा में पति बाइक पर बांधकर लाया पत्नी का शव:परिजन का आरोप- स्वास्थ्य केंद्र ने घंटों इंतजार करवाया, न शव वाहन दिया, न एंबुलेंस

ओडिशा के झारसुगुड़ा में एक व्यक्ति पत्नी के शव को बाइक पर लाने मजबूर हो गया। लाइकेरा ब्लॉक के उडियापाली गांव में रहने वाले नरेश छत्रिया की पत्नी जमुना की मौत मुद्रजोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गई थी। नरेश जमुना की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले गया था। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेश ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उसे शव वाहन नहीं मिला। मजबूरन नरेश, अपने पड़ोसी की बाइक पर पत्नी के शव को रखकर घर लेकर आया। मुंद्राजोर CHC से लेकर ओडियापाली गांव की दूरी लगभग 5 किमी है। शनिवार 4 जुलाई को हुए इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें नरेश पत्नी के शरीर को चादर से ढंककर बाइक पर लेकर जाता दिख रहा है। पहले देखिए इस घटना की एक तस्वीर… नरेश ने पत्नी का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया, भोज देना पड़ता लोग बोले- दाना माझी की याद ताजा हो गई नरेश छत्रिया की घटना को देखकर इसकी तुलना दाना माझी की घटना से की जा रही है। दरअसल आज से ठीक 10 साल पहले अगस्त 2016 में ओडिशा के कालाहांडी में दाना माझी अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर 10 किमी तक पैदल चले थे। उनके साथ छोटी सी बेटी भी थी। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो पूरे देश में वायरल हो गए। इसे गरीबी, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शव-वाहन व्यवस्था की विफलता बताया गया था। घटना के बाद ओडिशा सरकार ने जांच के आदेश दिए। शव-परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाप्रयाण योजना जैसी मुफ्त शव-वाहन सेवाएं भी शुरू की गई थीं। ———————- ओडिशा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अप्रैल में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा था शख्स: कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ ओडिशा के क्योंझर में अप्रैल 2026 में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। आदिवासी जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारी खाता धारक को साथ लाने कहा करते थे। पढ़ें पूरी खबर…

खैरथल-तिजारा में चिटफंड धोखाधड़ी मामला, ईडी ने मांगे सबूत:सभी पीड़ितों को समन जारी, एफआईआर और बैंक डिटेल्स जमा करानी होगी

खैरथल-तिजारा के गांव मातौर में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड धोखाधड़ी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, ईडी जयपुर ने मामले की जांच के तहत परिवादी सत्यवीर चौधरी, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पीड़ित जमाकर्ताओं को समन जारी किए हैं। सभी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से मांगे सबूत
शिकायतकर्ताओं के वकील प्रताप सैन ने बताया- ईडी ने समन में पीड़ितों से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित पहचान एवं पते के प्रमाण, नवअंश ग्रुप एवं उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज शिकायत या एफआईआर की प्रति, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित सभी बैंक खातों का विवरण तथा नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड और सिंदुरिया माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के निदेशकों एवं एजेंटों के माध्यम से खुलवाए गए एफडी, बचत खाते, ऋण खाते सहित अन्य बैंक खातों की जानकारी मांगी है। करोड़ों के गबन का लगा आरोप
दरअसल, मामला 29 सितंबर 2025 का है। खैरथल थाने में दर्ज इस मामले में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर आम जनता से करोड़ों रुपए जमा कराकर गबन करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने खैरथल थाने में मामला दर्ज कराया और लगातार सरकार, प्रशासन तथा जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत की जमा पूंजी फंस गई है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। 10 लोगों को आरोपी बनाया, एक की हुई मौत
मामले में पुलिस की जांच के दौरान 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें एजेंट दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इनमें उमराव, दाताराम, सतपाल और पुरण फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जयपाल, नरेश, जिलेसिंह, वेंकटेश्वर प्रसाद और प्रेम कुमार जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रताप सैन न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर एवं रजिस्ट्रार कंपनियां, जयपुर द्वारा सब रजिस्ट्रार सहकारी समिति, खैरथल को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद दावों के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और सुनवाई भी समय पर नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। ये भी पढ़ें- मामा-भांजे ने फाइनेंस कंपनी बनाई, करोड़ों रुपए लेकर फरार:गुस्साए पीड़ितों ने घर में तोड़फोड़ की, बाइक फूंकी; बोले-मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़ा था साल 2010… खैरथल-तिजारा का मातौर गांव मामा-भांजे ने नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी बनाई। खुद का ऑफिस खोला और लोगों को रकम पर साल का 24% तक ब्याज देने का झांसा दिया। बॉन्ड, पासबुक और रसीदें भी छपवाईं। पहले कुछ साल ब्याज के साथ रुपए लौटाकर विश्वास जीता। इसके बाद लोग झांसे में आकर मेहनत से कमाई हुई मोटी रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) और RD (रिकरिंग डिपॉजिट) में जमा कराने लगे। 15 साल में निवेश के नाम पर जमा किए गए करोड़ों रुपए लेकर मामा-भांजा फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)