पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे पर दिल्ली चुप क्यों?:एक्सपर्ट बोले- इमोशन नहीं समझ रहा हाईकमान; क्या 2021 की कैप्टन-सिद्धू वाली गलती दोहरा रहे?

कांग्रेस हाईकमान की चुप्पी से पंजाब में पार्टी के बीच झगड़ा बढ़ता जा रहा है। पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व CM चरणजीत चन्नी को बिना नाम लिए नसीहत दी है। डॉ. गांधी ने कहा- लोकतंत्र, संवधान, पंजाब व देश के हित में पंजाब के कांग्रेसी वर्कर्स लीडरों से त्याग व कुर्बानी की आस करते हैं। डॉ. गांधी की बातों को वड़िंग और चन्नी से इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योंकि वह पार्टी में जल्दी बदलाव की पैरवी करने वालों में शामिल हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने वड़िंग को नहीं हटाया। हाईकमान के फैसले से चन्नी राजी नहीं हैं। चन्नी राजा वड़िंग को प्रधान की कुर्सी से हटाने की जिद पर अड़े हुए हैं। इसके लिए उन्होंने मोरिंडा में अपने घर पर करीब 50 कांग्रेस नेताओं से मीटिंग की। हालांकि चन्नी को काउंटर करने के लिए प्रधान वड़िंग भी घर-घर जाकर नेताओं से मिल रहे हैं। रविवार को नवजोत सिद्धू गुट से पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा ने भी हाईकमान को ओपन लेटर लिख मजबूत नेता को प्रधान बनाने की सलाह दी। इसी बीच कांग्रेस के झगड़े को निपटाने के लिए पार्टी के पंजाब प्रभारी व छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल दोपहर करीब 3 बजे चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। वह चंडीगढ़ में वड़िंग, चन्नी के अलावा और भी सीनियर नेताओं से मीटिंग कर सकते हैं। पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे पर दिल्ली चुप क्यों? पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर ठीक 2021 वाली विस्फोटक स्थिति पैदा हो गई है। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तनातनी थी और दोनों गुट अपना-अपना वर्चस्व दिखा रहे थे। अब 2026 में वही काम पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दिल्ली बैठे कांग्रेस हाईकमान का पंजाब के इस संकट को डील करने का पैटर्न भी बिल्कुल सेम यानी ‘साइलेंट मोड’ वाला है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की माने तो कांग्रेस हाईकमान को पंजाब के ‘इमोशन’ का अंदाजा ही नहीं है, जिसके कारण वे यहां की गंभीर स्थिति को संभाल नहीं पा रहे हैं। पंजाब कांग्रेस में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी गुट में वर्चस्व की जंग अब सड़कों पर आ चुकी है। चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित घर पर नाराज पूर्व विधायकों और नेताओं का जमघट लगाकर अपनी ताकत दिखाई, तो दूसरी तरफ राजा वड़िंग हर हलके में जाकर स्थानीय नेताओं से अपने समर्थन का खुला ऐलान करवा रहे हैं। इसी गुटबाजी के बीच अब नवजोत सिंह सिद्धू गुट की एंट्री ने मामले को और त्रिकोणीय बना दिया है। इस सरेआम मचे घमासान के बावजूद हाईकमान इस पर विराम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। 2021 और 2026 में गुटबाजी व हाईकमान के रवैये का पैटर्न जानिए… अब पढ़िए एक्सपर्ट ने क्या कहा… 2021 में कांग्रेस हाईकमान की क्या भूमिका रही… 2026 में हाईकमान की इस भूमिका के क्या इंपैक्ट होंगे, जानिए.. ************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस की लड़ाई में सिद्धू गुट की एंट्री: पूर्व DGP मुस्तफा बोले- मजबूत नेता को कमान दो; चन्नी के तेवर देख वड़िंग घेराबंदी में जुटे
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट के आसार बढ़ गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग की लड़ाई में नवजोत सिद्धू गुट की भी एंट्री हो गई है। सिद्धू के करीबी और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पति पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने राजा वड़िंग के इस्तीफे की मांग की है। (पढ़ें पूरी खबर)

हिमाचल के पागल नाला में बाढ़:कांगड़ा-कुल्लू में तेज बारिश, पार्बती-III प्रोजेक्ट के डैम से छोड़ा जाएगा पानी, आज 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में सुबह से हो रही बारिश के बाद आज पागल नाला में बाढ़ आ गई है। इससे सारा मलबा हाईवे पर आ गया। इसके बाद लारजी को सैंज से जोड़ने वाला हाईवे वाहनों के लिए बंद हो गया है। कांगड़ा में भी सुबह पांच बजे से निरंतर बारिश हो रही है। कांगड़ा में सुबह दो घंटे तक भारी बारिश हुई। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिला में कुछेक स्थानों पर आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। चंबा, मंडी और शिमला जिलों में भी आज कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। हमीरपुर, ऊना व सोलन के कुछेक क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हो रही है। वहीं शिमला में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। सवा 10 बजे कुछ देर को हल्की धूप भी खिली। टूरिस्ट और लोकल को एडवाइजरी इस दौरान निचले इलाकों में जलभराव और धुंध के कारण कम विजिबिलिटी का भी अलर्ट जारी किया गया है। IMD टूरिस्ट समेत लोकल लोगों को नदी-नालों, लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों व अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में नहीं जाने तथा यातायात संबंधी एडवाइजरी का पालन करने को कहा है। कल (7 जुलाई को) कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में बारिश का दौर 11 जुलाई तक जारी रहेगा। सैंज नाले में छोड़ा जाएगा पार्बती-III का पानी कुल्लू में तेज बारिश के बाद पार्बती-III पर बने पावर स्टेशन बांध का वाटर लेवल निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर 50 क्यूसेक पानी सैंज नदी में छोड़ा जाएगा। इससे सैंज नदी का जलस्तर बढ़ जाएगा। इसे देखते हुए लोगों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है। मानसून में सामान्य से 63% ज्यादा बारिश हिमाचल में मानसून की एंट्री के बाद से अब तक सामान्य से 63 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। अगले छह दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं है। किन्नौर-लाहौल स्पीति में तूफान चलने का पूर्वानुमान IMD के मुताबिक-किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में छह से 10 जुलाई तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार तेज हवाएं चलने की संभावना है। अन्य भागों में बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती है।
हिमाचल के औसत तापमान में 3.5 डिग्री का उछाल मौसम विभाग के अनुसार- अगले चार दिनों के दौरान तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट आएगी। हालांकि, बीते रविवार को ऊना को छोड़कर अन्य सभी शहरों के तापमान में भारी उछाल आया है। बीते 24 घंटे के दौरान सियोबाग का पारा 7.4 डिग्री बढ़ने के बाद 33.4 डिग्री सेल्सियस, भुंतर का पारा 6.2 डिग्री बढ़ने के बाद 35.2 डिग्री और शिमला का पारा 5.0 डिग्री के उछाल के बाद 27.5 डिग्री पहुंच गया।

महाराष्ट्र में 3 दिन से बारिश,घर में रहने की अपील:रेलवे ट्रैक, एक्सप्रेस वे सब बंद; जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में लैंडस्लाइड, गाड़ियां दबीं

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। मुंबई-पुणे रेल रूट पर करजत-लोनावला के भोर घाट सेक्शन में दो जगह लैंडस्लाइड हो गई। तीनों रेलवे लाइनें प्रभावित हो गईं। 20 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। उधर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी लैंडस्लाइड होने से रास्ता बंद हो गया। मुंबई में कल से 75kmph की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, 142 पेड़ उखड़ गए। BMC ने आज सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है। लोगों से घर में रहने की अपील की गई है। मुंबई में प्राइवेट ऑफिसों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने को कहा गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हो गई। 6-7 गाड़ियां मलबे में दब गईं। मलबा हटाने का काम जारी है। मानसून आज पूरे देश को कवर कर सकता है… देशभर से मौसम की 5 तस्वीरें… महाराष्ट्र में खराब मौसम से निपटने की क्या है तैयारी, 5 पॉइंट देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

खबर हटके- मेयर ने मगरमच्छ से शादी की:रील बनाकर दिखाता था रईसी, किडनैप हुआ; पति के खर्राटों से पत्नी परेशान, तलाक मांगा

मैक्सिको में एक मेयर ने मगरमच्छ से शादी की। वहीं, मध्य प्रदेश में एक शख्स रील बनाकर रईसी दिखाता था, देखने वालों ने ही किडनैप कर लिया। इधर, भोपाल में पत्नी ने पती के खर्राटों से परेशान होकर तलाक मांगा। कर्नाटक में 116 साल की दादी, 3500 सीढ़ियां चढ़कर भगवान वेकटेश्वर स्वामी के दर्शन करने पहुंचीं। वहीं, चीन में एक शख्स को पसीने की बदबू के कारण जिम की मेंबरशिप गंवानी पड़ गई। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

जगन्नाथ पुरी के राजा दिब्यसिंह की ISKCON से अपील:गलत समय पर रथयात्रा न निकालें; मंदिर प्रशासन का दावा- भारत से बाहर 70 शहरों में मनमर्जी चलाई

पुरी के गजपति महाराज और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष दिब्यसिंह देब ने ISKCON से अपील की है कि वह गलत समय पर रथयात्रा न निकाले। इस्कॉन यात्रा का आयोजन ऐसी तारीखों पर कर रहा है, जो शास्त्रों के अनुसार नहीं हैं। इससे भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने मायापुर में ISKCON की गवर्निंग बॉडी कमीशन (GBC) के चेयरमैन श्री मधुसेविता दास प्रभु के नाम लिखे पत्र में अक्टूबर 2025 में लिए उस फैसले पर दोबारा विचार करने कहा है, जिसके तहत विदेशों में अलग-अलग समय पर रथ यात्रा निकाली जा रही है। एक दिन पहले ही केन्या की राजधानी नैरोबी में ISKCON ने रथयात्रा निकाली। 21 जून को लंदन में, 14 जून को न्यूयॉर्क सिटी में और 5 जुलाई को सिडनी में रथयात्रा निकाली गई। गौरतलब है कि इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी और मुख्य रथयात्रा 16 जुलाई को होगी। रथयात्रा हिंदू कैंलेंडर के मुताबिक हमेशा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि पर होती है। इधर, पुरी में तीनों रथों के निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। यहां बढ़ई, सहायक और पेंटर समेत करीब 220 कारीगर दिन-रात रथ तैयार करने में जुटे हैं। गजपति ने गलत तिथि पर स्नान यात्रा की लिस्ट भेजी ISKCON ने पहले पुरी मंदिर को भरोसा दिलाया था कि स्नान यात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाएगी, लेकिन वे दुनिया भर के कई शहरों में अलग-अलग तारीखों पर इस त्योहार का आयोजन कर रहे हैं। इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी। अपनी बात के समर्थन में, देब ने 1 मई के बाद की गई स्नान यात्राओं की एक लिस्ट भी भेजी है। दिब्यसिंह ने यह भी लिखा है कि ISKCON से अनुरोध है कि वह यह सुनिश्चित करें कि दुनिया भर के सभी ISKCON मंदिर स्नान यात्रा केवल ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर ही मनाए। मध्य प्रदेश में प्रस्तावित रथयात्राओं पर भी जताई आपत्ति गजपति महाराज ने उज्जैन स्थित ISKCON मंदिर की ओर से 16 से 25 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के 66 स्थानों पर रथयात्रा आयोजित करने की योजना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रथ यात्रा केवल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाला 9 दिवसीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास रचित स्कंद पुराण में भी भगवान जगन्नाथ ने स्वयं स्नान यात्रा और रथयात्रा की निर्धारित तिथि बताई हैं। ऐसे में मनमानी तिथियों पर आयोजित करना प्राचीन परंपराओं और शास्त्रों के विपरीत है। ISKCON का तर्क- विदेशों में हर जगह एक ही दिन आयोजन संभव नहीं पुरी मंदिर की पिछली आपत्तियों का जवाब देते हुए ISKCON ने कहा था कि हर देश में जलवायु परिस्थितियों, सरकारी नियमों और स्थानीय सांस्कृतिक कारकों बड़ा असर डालते हैं। इसके कारण शास्त्रों में बताई गई तारीख पर रथयात्रा आयोजित करना हमेशा संभव नहीं होता है। इस्कॉन ने पुरी मंदिर को बताया था- “रूस में वहां का मौसम, सरकार और स्थानीय संस्कृति अक्सर शास्त्रों में बताई गई तारीखों पर रथयात्रा निकालने के अनुकूल नहीं होती है।” भास्कर नॉलेज… रथयात्रा को लेकर विवाद नया नहीं है। 2024 और 2025 में भी पुरी के गजपति महाराजा ने ISKCON से अनुरोध किया था कि विदेशों में भी पुरी के धार्मिक पंचांग के अनुसार रथयात्रा आयोजित की जाए। 2026 में यह विवाद इसलिए ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि कई देशों में रथयात्रा पुरी की तिथि से कई हफ्ते पहले आयोजित की गई, जिसके बाद औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पुरी रथयात्रा: 200 से ज्यादा लोग 58 दिनों में तैयार करते हैं रथ, जानिए यात्रा के बाद क्या होता है इन रथों का हर साल भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 45 फीट ऊंचे तीनों रथ 200 से ज्यादा लोग सिर्फ 58 दिनों में तैयार करते हैं। ये रथ 5 तरह की खास लकड़ियों से पूरी तरह हाथों से बनाए जाते हैं। शुरुआत अक्षय तृतीया से हो जाती है और गुंडिचा यात्रा के दो दिन पहले रथ बन कर तैयार हो जाते हैं। यात्रा खत्म होने के बाद रथों को तोड़ दिया जाता है। पढ़ें पूरी खबर…

झारसुगुड़ा में पति बाइक पर बांधकर लाया पत्नी का शव:परिजन का आरोप- स्वास्थ्य केंद्र ने घंटों इंतजार करवाया, न शव वाहन दिया, न एंबुलेंस

ओडिशा के झारसुगुड़ा में एक व्यक्ति पत्नी के शव को बाइक पर लाने मजबूर हो गया। लाइकेरा ब्लॉक के उडियापाली गांव में रहने वाले नरेश छत्रिया की पत्नी जमुना की मौत मुद्रजोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गई थी। नरेश जमुना की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले गया था। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेश ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उसे शव वाहन नहीं मिला। मजबूरन नरेश, अपने पड़ोसी की बाइक पर पत्नी के शव को रखकर घर लेकर आया। मुंद्राजोर CHC से लेकर ओडियापाली गांव की दूरी लगभग 5 किमी है। शनिवार 4 जुलाई को हुए इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें नरेश पत्नी के शरीर को चादर से ढंककर बाइक पर लेकर जाता दिख रहा है। पहले देखिए इस घटना की एक तस्वीर… नरेश ने पत्नी का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया, भोज देना पड़ता लोग बोले- दाना माझी की याद ताजा हो गई नरेश छत्रिया की घटना को देखकर इसकी तुलना दाना माझी की घटना से की जा रही है। दरअसल आज से ठीक 10 साल पहले अगस्त 2016 में ओडिशा के कालाहांडी में दाना माझी अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर 10 किमी तक पैदल चले थे। उनके साथ छोटी सी बेटी भी थी। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो पूरे देश में वायरल हो गए। इसे गरीबी, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शव-वाहन व्यवस्था की विफलता बताया गया था। घटना के बाद ओडिशा सरकार ने जांच के आदेश दिए। शव-परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाप्रयाण योजना जैसी मुफ्त शव-वाहन सेवाएं भी शुरू की गई थीं। ———————- ओडिशा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अप्रैल में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा था शख्स: कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ ओडिशा के क्योंझर में अप्रैल 2026 में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। आदिवासी जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारी खाता धारक को साथ लाने कहा करते थे। पढ़ें पूरी खबर…

खैरथल-तिजारा में चिटफंड धोखाधड़ी मामला, ईडी ने मांगे सबूत:सभी पीड़ितों को समन जारी, एफआईआर और बैंक डिटेल्स जमा करानी होगी

खैरथल-तिजारा के गांव मातौर में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड धोखाधड़ी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, ईडी जयपुर ने मामले की जांच के तहत परिवादी सत्यवीर चौधरी, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पीड़ित जमाकर्ताओं को समन जारी किए हैं। सभी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से मांगे सबूत
शिकायतकर्ताओं के वकील प्रताप सैन ने बताया- ईडी ने समन में पीड़ितों से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित पहचान एवं पते के प्रमाण, नवअंश ग्रुप एवं उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज शिकायत या एफआईआर की प्रति, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित सभी बैंक खातों का विवरण तथा नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड और सिंदुरिया माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के निदेशकों एवं एजेंटों के माध्यम से खुलवाए गए एफडी, बचत खाते, ऋण खाते सहित अन्य बैंक खातों की जानकारी मांगी है। करोड़ों के गबन का लगा आरोप
दरअसल, मामला 29 सितंबर 2025 का है। खैरथल थाने में दर्ज इस मामले में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर आम जनता से करोड़ों रुपए जमा कराकर गबन करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने खैरथल थाने में मामला दर्ज कराया और लगातार सरकार, प्रशासन तथा जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत की जमा पूंजी फंस गई है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। 10 लोगों को आरोपी बनाया, एक की हुई मौत
मामले में पुलिस की जांच के दौरान 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें एजेंट दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इनमें उमराव, दाताराम, सतपाल और पुरण फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जयपाल, नरेश, जिलेसिंह, वेंकटेश्वर प्रसाद और प्रेम कुमार जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रताप सैन न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर एवं रजिस्ट्रार कंपनियां, जयपुर द्वारा सब रजिस्ट्रार सहकारी समिति, खैरथल को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद दावों के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और सुनवाई भी समय पर नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। ये भी पढ़ें- मामा-भांजे ने फाइनेंस कंपनी बनाई, करोड़ों रुपए लेकर फरार:गुस्साए पीड़ितों ने घर में तोड़फोड़ की, बाइक फूंकी; बोले-मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़ा था साल 2010… खैरथल-तिजारा का मातौर गांव मामा-भांजे ने नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी बनाई। खुद का ऑफिस खोला और लोगों को रकम पर साल का 24% तक ब्याज देने का झांसा दिया। बॉन्ड, पासबुक और रसीदें भी छपवाईं। पहले कुछ साल ब्याज के साथ रुपए लौटाकर विश्वास जीता। इसके बाद लोग झांसे में आकर मेहनत से कमाई हुई मोटी रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) और RD (रिकरिंग डिपॉजिट) में जमा कराने लगे। 15 साल में निवेश के नाम पर जमा किए गए करोड़ों रुपए लेकर मामा-भांजा फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में पप्पू गुर्जर की तबीयत बिगड़ी:खाना खाने के बाद सीने में दर्द की शिकायत; डॉक्टर ने किया चेकअप

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाना खाने के बाद पप्पू ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर जेल के डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- रविवार शाम को पप्पू का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद ऐहतियातन जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी जांच की गई। पप्पू गुर्जर को पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच अस्पताल में रात 10:45 बजे लाया गया। बता दें कि पप्पू गुर्जर डकैत जगन गुर्जर का भाई है। जांच व उपचार के बाद उसे जेल शिफ्ट कर दिया गया। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी जगन गुर्जर की हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया

सिक्किम के राज्यपाल माथुर बोले-यूपी के अखबारों में मेरे कार्टून:सभी की मेहनत से 300 पार की; जनता दल तोड़ने की बात पर भैंरोसिंह शेखावत नाराज हुए

जोधपुर मारवाड़ इंटरनेशल कंनवेंशन सेंटर में सर प्रताप विधि महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव का आयोजन रविवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसमें राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए माथुर ने कहा- मैं जब 2016 में उत्तरप्रदेश के प्रभारी बनकर गया तो किसी ने विश्वास नहीं किया कि भाजपा इतनी सीटें जीत सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार बनाने के लिए जनता दल को भी तोड़ने का काम किया गया। माथुर ने कहा- साल 2016 में मैं उत्तर प्रदेश चला गया। जहां नेता बदलना हो, वहां मेरे जैसे हथियार को या मेरे जैसे औजार टूल को भेजा जाता था। वहां विधानसभा में हमारी पार्टी की 46 सीट थी। तब मेरे मित्र भी कहने लगे, आपने बहुत मजे ले लिए। राजस्थान कर दिया, गुजरात कर दिया, अब यूपी पता लगेगा। मैंने जब 245 का नारा दिया तो शुरू-शुरू में सारे अखबारों में मेरे कार्टून छपे। राजस्थान का कोई शेख चला आ रहा है, 46 से सीधा 245 टारगेट कर रहा है, लेकिन तब मैंने सभी कार्यकर्ताओं को समझाया, धमकाया। बाद में सबकी मेहनत से तीन सौ पांच सीटें जीत गए। जनता दल को तोड़ने की बात पर नाराज हुए थे भैंरोसिंह शेखावत ओमप्रकाश माथुर ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों को इच्छाशक्ति और संकल्प का महत्व बताते हुए कहा- मुझे आज आपके बीच में एक घटना बताने की याद आ गई। 1990 से पहले राजनीतिक में चला गया था, लेकिन हमारे पास राजस्थान में सभी 200 स्थान के कैंडिडेट नहीं थे। जब पहला चुनाव हुआ तो मुझे लगा कि 80 सीट ऐसी हैं, जिन पर हमारे पास लोग ही नहीं है। 1990 में मिलीजुली सरकार बनी। हमें 74 सीटें मिली और 56 सीटों पर जनता दल जीती। अब मेरे दिमाग आया, मैं नया-नया गया था। क्यों नहीं जनता दल को तोड़ा जाए। भैंरोसिंह शेखावत पहले तो बहुत नाराज हुए। अरे क्या तोड़ते हो, कैसे-कैसे लोगों को लाओगे। मैंने कहा- किसी न किसी को तो लाएंगे, तभी तो आगे बढ़ेंगे। फिर धीरे-धीरे तय हुआ कि जनता दल को तोड़ा जाए। फिर जनता दल-डी बनाया। 1992 में ढांचा तो गया तो हमारी सरकार भंग हुई। पांच सरकारें भंग हुई उस समय। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल। 1993 में वापस चुनाव आए। मुख्यमंत्री भैंरोसिंह ने श्रीगंगानगर और बाली दो जगह से चुनाव लड़ा। जब बाली में भैंरोसिंह प्रचार करने गए तो पीतापुर से धानमंडी आठ किलोमीटर जाने को दो घंटे लगे फोर व्हील गाड़ी में। मैं गाड़ी ड्राइव कर रहा था और पूरे रास्ते में पत्थर में मैंने गाड़ी कुदाई तो पूरे रास्ते उन्होंने गालियां बोलीं। कहां फंसा दिया पत्थरों में, कहां फंसा दिया भाट्टो में, क्योंकि वे उबड़-खाबड़ रास्ते थे। फिर बाली आते-आते सभा हुई। उन्होंने कहा कि भाट्टो (पत्थरों) में फंसा दिया। मैं सीट खाली करूंगा। जीत को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया हमने उनको जिताने को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया है। चुनाव परिणाम आए तो गंगानगर में भैंरोसिंह तीसरे नंबर पर रहे, बाली से जीते और फिर 92 में मुख्यमंत्री बन गए। उस समय ना तो उत्तर प्रदेश में सरकार बनी, ना मध्य प्रदेश में बनी, ना हिमाचल में बनी, ना दिल्ली में बनी। सिर्फ राजस्थान की सरकार रिपीट हुई। उसमें चार कम पड़ गए। फिर हम 10 निर्दलीय ले आए तो काम करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। हमको कुछ नहीं लेना कि संस्था का नाम हो गया, बहुत अच्छा। संस्था के पदाधइकारी तो कुछ नहीं लेना लेकिन संस्था आने वाले बच्चों को और कैसे अच्छा पढ़ा सके और कैसे गुणवत्ता पैदा हो। देखिए इच्छा शक्ति से कहीं कमी नहीं आने वाली। संस्था का विस्तार नहीं होने पर लगाई फटकार माथुर ने संस्था को लेकर कहा कि गिरीश आप तीन बार से अध्यक्ष हो, लेकिन संस्था का कैंपस से बाहर विस्तार नहीं हुआ। संस्था का सभी के सहयोग से विस्तार करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मदद के लिए लोगों के पास जाने पर वजन भी कुछ कम होगा। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 15 लाख रुपए संस्था को देने की घोषणा की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल आदि शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर ससम्मानित भी किया गया।

जोधपुर में एक घंटे में साफ किया तालाब:170 लोगों ने मिलकर चलाया अभियान; शहरवासियों से अपील: कचरा तालाब में न डालें

स्वच्छ और हरित जोधपुर के तहत रविवार को 170 लोगों ने मिलकर महज एक घंटे में रातानाडा गणेश मंदिर तालाब को साफ किया। नगर निगम जोधपुर, स्वच्छ भारत मिशन, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, जोधपुर और ग्रीन जोधपुर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में शामिल लोगों ने पूरे परिसर की भी सफाई की। शहरवासियों ने मिलकर बदली तस्वीर दरअसल, तालाब में काफी गंदगी थी। वहीं तालाब के आस-पास भी झाड़ियां और कचरा फैला था। मशीन से भी इस काम में कई देर लग सकती थी। ऐसे में सभी ने मिलकर महज 1 घंटे में पूरे तालाब की तस्वीर बदल दी। इस अवसर पर नगर निगम और पर्यावरण संस्थाओं ने शहरवासियों से अपील की कि पूजा सामग्री, निर्माल्य, प्लास्टिक अथवा अन्य कचरा तालाबों एवं जलाशयों में न डालें। अभियान के सफल आयोजन पर नगर निगम जोधपुर एक दशक से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे पंडित जीवराज श्रीमाली, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, ग्रीन जोधपुर संस्था तथा सभी 170 श्रमवीरों के प्रति शहरवासियों ने आभार व्यक्त किया। ये रहे मौजूद अभियान में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नगर निगम जोधपुर के ब्रांड एम्बेसडर पंडित जीवराज श्रीमाली, स्वच्छ भारत मिशन, नगर निगम जोधपुर के प्रभारी पदम सिंह कच्छवाह, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा और ग्रीन जोधपुर संस्था के सेवादारों सहित शहर के अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने श्रमदान किया। इस दौरान सुखविंदर सिंह सलूजा, शंकर सिंह राजपुरोहित, विष्णु प्रजापत, कुलदीप, सिद्धार्थ राजपुरोहित, नलिनी, शारदा, संतोष, जगदीश सिंह, संजय चौहान, गजेंद्र परिहार, राम सिंह खींची, दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार शाक्य, दिनेश शाक्य, देवेंद्र कुमार शाक्य, तरुण गोयल, कुलदीप सिंह, मोहम्मद अकरम शेख, हरीश गहलोत, हरीश चंद्र सांखला, रितिका सोलंकी, हेमंत माथुर, अजय पुरोहित, अंकुर प्रजापति, सुनील नाथ सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।