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बॉर्डर से 20 किमी दूर धार्मिक स्थल पर चला बुलडोजर:हाईकोर्ट से याचिकाएं खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई, भारी पुलिस जाब्ता तैनात

जैसलमेर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 20 किलोमीटर दूर घोटारू क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने एक धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत की गई इस कार्रवाई में करीब 2 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन का कहना है कि यह भूमि पोंग डैम विस्थापितों के लिए आवंटित थी। हाईकोर्ट से याचिकाएं खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई प्रशासन के अनुसार घोटारू क्षेत्र के खारकी स्थित हिंगोले की ढाणी में सरकारी जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाकर धार्मिक स्थल विकसित कर लिया गया था। मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। प्रशासनिक टीम बुलडोजर लेकर पहुंची बुधवार शाम एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान करीब 2 बीघा जमीन पर बने हॉल, बाथरूम और अन्य निर्माण को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। सीमा क्षेत्र होने से सुरक्षा के रहे विशेष इंतजाम कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रामगढ़, तनोट, शाहगढ़ थाना पुलिस के साथ पुलिस लाइन का जाब्ता भी मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन का कहना है कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर दायरे में आता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थीं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और प्रतिबंधित जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

गंगरार में राशन की दुकान से 28.49 टन गेहूं गायब:रिकॉर्ड और मौके पर मिले स्टॉक में बड़ा मिला अंतर; प्रवर्तन निरीक्षक ने FIR दर्ज करवाई

चित्तौड़गढ़ की गंगरार तहसील पर स्थित सारण सेंटर पर गेहूं गायब मिलने के मामले में आखिरकार बुधवार देर रात को FIR दर्ज करवाई गई। एक उचित मूल्य दुकान से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का करीब 28 हजार 486 किलो गेहूं गायब मिलने के मामले में आखिरकार बुधवार देर रात को प्रवर्तन निरीक्षक जितेंद्र सैनी ने FIR दर्ज करवाई गई। विभाग की जांच में सामने आया कि पोस मशीन के रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर 28 हजार 911 किलो गेहूं होना चाहिए था, लेकिन मौके पर सिर्फ 425 किलो गेहूं मिला। इसके बाद विभाग ने दुकानदार को लगातार नोटिस भेजे, लाइसेंस भी निरस्त कर दिया और गेहूं की भरपाई का मौका दिया, लेकिन न तो जवाब मिला और न ही गेहूं वापस जमा कराया गया। अब प्रवर्तन निरीक्षक जितेंद्र सैनी की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य प्रावधानों में मामला दर्ज कराया गया है। दुकानदार ने अवकाश लेने के लिए आवेदन दिया था पूरा मामला गंगरार तहसील के सारण सेंटर स्थित उचित मूल्य दुकान के संचालक नरेन्द्र कुमार मेनारिया से जुड़ा है। विभाग के अनुसार दुकानदार ने अवकाश लेने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उसके साथ कोई मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं लगाया गया। आवेदन भी खुद दुकानदार ने नहीं बल्कि उसके भाई महेश मेनारिया ने कार्यालय में जमा कराया। इसके बाद विभाग को मामला संदिग्ध लगा। अधिकारियों ने कई बार फोन पर संपर्क कर दुकानदार को भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया। इसके बाद प्रवर्तन निरीक्षक जितेन्द्र सैनी ने मामले की जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 नवंबर 2024 को नरेन्द्र कुमार मेनारिया को निलंबित कर दिया गया और उसकी जगह अस्थायी रूप से पास की उचित मूल्य दुकान के संचालक जगदीश जाट को वितरण की जिम्मेदारी सौंप दी गई। रिकॉर्ड में 28,911 किलो, मौके पर मिला 425 किलो गेहूं वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने के दौरान दुकान का स्टॉक जांचा गया। 3 दिसंबर 2024 को प्रवर्तन निरीक्षक ने जब दुकान का भौतिक सत्यापन किया तो बड़ा अंतर सामने आया। पोस मशीन में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार उस समय दुकान पर 28 हजार 911 किलो गेहूं मौजूद होना चाहिए था, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को उसका वितरण किया जा सके। लेकिन मौके पर सिर्फ 425 किलो गेहूं मिला। यानी 28 हजार 486 किलो गेहूं कम पाया गया। विभाग का कहना है कि यह गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब और पात्र परिवारों को बांटा जाना था, लेकिन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में इतना बड़ा अंतर मिलने से गबन की आशंका पुख्ता हो गई। लाइसेंस निरस्त के बाद भी जवाब नहीं जांच के बाद जिला रसद कार्यालय ने दुकानदार को अपनी बात रखने और गेहूं की भरपाई करने का पूरा मौका दिया। विभाग की ओर से अलग-अलग समय पर 19 फरवरी 2025, 30 जून 2025 और 18 दिसंबर 2025 को कुल तीन नोटिस जारी किए गए। इन नोटिसों में 28 हजार 486 किलो गेहूं के संबंध में जवाब मांगा गया और स्टॉक की कमी पूरी करने के लिए कहा गया। विभाग के अनुसार नरेन्द्र कुमार मेनारिया ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही गेहूं वापस जमा कराया। इस बीच विभाग ने उसका प्राधिकरण भी निरस्त कर दिया, लेकिन इसके बावजूद कोई संतोषजनक जवाब या कार्रवाई नहीं हुई। लगातार मौका देने के बाद भी जब न तो कमी पूरी की गई और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया, तब विभाग ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया। अब दर्ज हुई FIR प्रवर्तन निरीक्षक जितेन्द्र सैनी ने गंगरार थाने में रिपोर्ट देकर नरेन्द्र कुमार मेनारिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुकानदार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले गेहूं का गबन कर उसका निजी उपयोग किया। यह कृत्य राजस्थान खाद्यान्न एवं आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश 1976, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2011 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन है। गंगरार थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि अब मामला दर्ज हो चुका है। मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि जिस गेहूं का रिकॉर्ड में उल्लेख था, वह गरीब और जरूरतमंद परिवारों के राशन के लिए रखा गया सरकारी स्टॉक था।

श्रीगंगानगर में अगले दो दिन बारिश की संभावना:राजस्थान में सबसे गर्म शहर, तापमान 41 डिग्री के पार

श्रीगंगानगर जिला बुधवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। दिन का अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री दर्ज किया गया। तेज धूप और उमस के कारण दिनभर लोग बेहाल रहे। शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई 17 मिलीमीटर बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। कई इलाकों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ, जबकि जिला मुख्यालय पर अच्छी बारिश हुई। ग्रामीण इलाके हालांकि बिल्कुल सूखे रहे। बारिश के बाद आज गुरुवार सुबह से फिर तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। मौसम राडार स्टेशन, श्रीगंगानगर पर गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को न्यूनतम 29 डिग्री और अधिकतम 41.8 डिग्री रहा, जबकि मंगलवार को न्यूनतम 29.0 डिग्री और अधिकतम 40.1 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक-दो दिन तक बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

सांसद संजना जाटव की पुलिस से हुई नोकझोंक:घायल मिले युवक की मौत के बाद लोगों का फूटा आक्रोश, 27 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार

डीग जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र के चौकीपुरा गांव में एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद बवाल हो गया। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
बाद में भरतपुर सांसद संजना जाटव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और शव को लेकर आईजी कार्यालय जाने का प्रयास किया। इस दौरान 3 मांगों पर सहमति बनने के बाद 27 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया जानकारी के अनुसार चौकीपुरा निवासी 40 वर्षीय धर्मवीर पुत्र भंवर सिंह 4 दिन पहले गांव के बाहर घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पीट-पीटकर की गई हत्या है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहले कुम्हेर थाने पर प्रदर्शन किया। सांसद और पुलिस में हुई नोकझोंक
स्थानीय प्रशासन से बात नहीं बनने पर सांसद संजना जाटव मृतक के गांव पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जब कोई समाधान नहीं निकला, तो सांसद ने शव को ट्रैक्टर में रखकर आईजी कार्यालय ले जाने का प्रयास किया।
इस दौरान रास्ते में सांसद और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, और ग्रामीणों ने ‘प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। एसपी, एसडीएम पहुंचे, 3 मांगों पर बनी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीग एसपी और कुम्हेर एसडीएम मौके पर पहुंचे। सांसद और ग्रामीणों से लंबी बातचीत के बाद 3 मांगों पर सहमति बनी। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
सहमति बनने के बाद 27 घंटे‎ बाद शव का दाह संस्कार हो सका। सांसद बोलीं- मेरे साथ पुलिस ने बदतमीजी की
पूरे मामले को लेकर सांसद संजना जाटव ने बताया कि मुझे सूचना मिली तो मैं भी गांव पहुंच गई, जहां मैने प्रशासन से बात की तो मुझे भी संतुष्ट जवाब नहीं मिला और मजबूरन मुझे धरने पर बैठना पड़ा। जब मैं न्याय के लिए शव को आईजी ऑफिस ले जाने लगी तो पुलिस कर्मी मेरे आगे खड़े हो गए और शव को नहीं ले जाने दिया। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल हो गया और पुलिस की इस हरकत को देख ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मेरे और ग्रामीणों के साथ पुलिस प्रशासन के द्वारा बदतमीजी की गई। मुझे मजबूरन कहा गया कि आप मेरे को हथकड़ी लगाए और जेल में डालें।
इसके बाद मौके पर डीग एसपी कांबले गोपीनाथ शरण और एसडीएम श्रेष्ठा कुमारी पहुंचे, जिन्होंने तीनों मांगों पर सहमति जताते हुए आश्वासन दिया।
एसपी बोले- मांगों पर सहमति बनने के बाद हंगामा हुआ खत्म
इधर एसपी कांबले गोपीनाथ शरण ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलने के बाद मैं मौके पर पहुंचा और आश्वासन दिया कि जो मांगे है, उन पर कार्रवाई की जाएगी और जो दोषी हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मांगों पर सहमति बनने के बाद हंगामा खत्म हो गया। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। एएसपी अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक तूल देना चाह रहे है। पुलिस बार-बार पीड़ित परिवार को आश्वासन दे रही थी जो दोषी होंगे उन्हें नहीं बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है।

अलवर में चार दिन नहीं होगी बारिश:20-21जुलाई को बरसात के आसार; बिजली गिरने की चेतावनी, उमस बढ़ी

अलवर जिले में एक बार फिर गर्मी और उमस का असर बढ़ने लगा है। गुरुवार सुबह से तेज धूप खिलने के कारण लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ा। तापमान बढ़ने के साथ दिन में गर्मी और ज्यादा महसूस होने की संभावना है। मौसम विभाग ने पहले 19 जुलाई तक घने बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन ताजा पूर्वानुमान में बदलाव करते हुए अब 19 जुलाई तक बारिश की संभावना लगभग समाप्त कर दी है। इस दौरान केवल आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 20 और 21 जुलाई को जिले में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन दोनों दिनों के लिए आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मानसून की अच्छी बारिश का इंतजार हालांकि मंगलवार को हुई अच्छी बारिश से जमीन में नमी जरूर आई है, लेकिन मानसून की एंट्री होने के बावजूद जिले को अब तक अपेक्षित बारिश नहीं मिल सकी है। अच्छी बारिश के इंतजार में लोग लगातार आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। अभी तक नहीं चले झरने हर साल बारिश के मौसम में लोग वाटरफॉल और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं, लेकिन इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने से झरने और जल स्रोत अभी तक पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। ऐसे में जिलेवासियों को अब अच्छी मानसूनी बारिश का इंतजार है।

सीवरेज ब्लॉक की समस्या से आमजन को मिली निजात:एसबीआई बैंक चौराहे पर फैले गंदे पानी से लोगों का निकला मुश्किल हो रहा था

सवाई माधोपुर में आमजन सीवरेज ब्लॉक की समस्या से काफी परेशान थे। सीवरेज का गंदा पानी लोगों के लिए परेशानी बन रही थी। जिससे लोगों का वहां से निकलना भी मुश्किल हो रखा था। आखिरकार गुरुवार को नगर परिषद प्रशासन ने सुध लेते हुए पुराने शहर स्थित बैंक चौराहे पर ब्लॉक हुई सीवरेज लाइन को सही किया। इसके बाद अब लोगों को इस समस्या से राहत मिल सकी। 15 दिनों से लोग परेशान हो रहे थे दरअसल, सवाई माधोपुर शहर एसबीआई बैंक चौराहे की हालात बहुत खराब थे। इस चौराहे से करीब 8 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों सहित तीन बैंकों में काम पर आने वाले लोग परेशान थे। सड़क पर फैली गंदगी से यहां बदबू छाई हुई है। जिससे मौसमी बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ था। इसे लेकर लोगों ने कई बार नगर परिषद प्रशासन को अवगत भी कराया जा चुका था। गुरुवार को विभाग ने सुध लेते हुए इस समस्या का समाधान कर दिया।

सरकारी स्कूल के टीचर ने छात्रा से की छेड़छाड़:छुट्टी के बाद छात्रा ने परिजनों को बताया, छात्रा को सुनसान क्लास में ले गया टीचर

भरतपुर के एक सरकारी स्कूल के टीचर के खिलाफ एक छात्रा से छेड़छाड़ की FIR दर्ज की गई है। स्कूल का टीचर 8 साल की छात्रा को एक सुनसान कमरे में ले गया। वहां जाकर टीचर ने छात्रा से अश्लील हरकतें की। छुट्टी के बाद छात्रा जब अपने घर गई तो, उसने अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया। स्कूल से आने बाद सहमी हुई थी छात्रा तीसरी क्लास की छात्रा के पिता ने पुलिस में FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि मेरी 8 साल की बेटी मंगलवार को स्कूल गई थी। जब वह स्कूल से घर आई तो, काफी सहमी हुई थी। बच्ची को देखकर सभी ने उसके सुस्त होने के कारण पूछा। बच्ची ने काफी डरते हुए बताया कि उसके स्कूल में एक टीचर उसे सुनसान क्लास में ले गया और वहां ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ की है। कल नाबालिग के कोर्ट में हुए बयान घटना का पता लगने के बाद बच्ची का पिता तुरंत पुलिस के पास पहुंचा और 58 साल के टीचर के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। कल नाबालिग के कोर्ट में बयान भी करवाए गए। फिलहाल अभी तक टीचर की गिरफ्तार नहीं हो सकी है। बयान के आधार पर जांच बढ़ेगी आगे CO रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कल नाबालिग के कोर्ट में बयान करवाए गए थे। बयान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

सीकर में नाबालिग से रेप, प्रेग्नेंट हुई:पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, स्कूल से 2 नाबालिग लड़की लापता

सीकर पुलिस ने 17 साल की कोचिंग छात्रा से रेप के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक सीकर आते ही पकड़ा गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। दरअसल, 17 साल की नाबालिग लड़की ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया था कि वह दूसरे राज्य की रहने वाली है। जो सीकर में कोचिंग करने के लिए आई थी। एक लड़के से उसकी पहचान अपने राज्य में थी। लड़का भी यहां नाबालिग के पीछे-पीछे आ गया। यहां उसने नाबालिग के साथ रेप किया। रेप होने के चलते नाबालिग लड़की प्रेग्नेंट हो चुकी थी। सीकर में कोचिंग करने के बाद नाबालिग लड़की दूसरे शहर में चली गई थी। जहां पेट में तकलीफ होने पर उसने जांच करवाई तो पता चला कि वह 4 से 5 सप्ताह की प्रेग्नेंट है। इसके बाद दूसरे शहर के ही एक पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। जो बाद में सीकर पुलिस को ट्रांसफर हुआ। सीकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई बार उसके ठिकानों पर भी दबिश दी। लेकिन आरोपी नहीं मिला अब जैसे ही वह सीकर आया तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। स्कूल से 2 नाबालिग लापता सीकर जिले में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली 2 नाबालिग लड़कियों के लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस में मुकदमा दर्ज हुआ है। नाबालिग लड़कियों के पिता के दोस्त ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि दोनों नाबालिग लड़की सीकर के प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है जो 14 जुलाई को दोपहर 12 बजे के करीब स्कूल से गायब है। जब स्कूल स्टाफ के द्वारा घर पर फोन किया गया तो पता चला कि दोनों लड़कियां दो लड़कों के साथ शहर की तरफ जा रही है। इसके बाद कुछ भी पता नहीं चल पाया। पुलिस दोनों लड़कियों की तलाश कर रही है।

एमजीएसयू ने जून-2026 परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख बढ़ाई:अब 17 जुलाई तक बिना लेट फीस, 21 जुलाई तक दोगुने शुल्क के साथ होगा आवेदन

महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) ने सेमेस्टर जून-2026 परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी 17 जुलाई तक सामान्य शुल्क के साथ, 19 जुलाई तक 100 रुपए लेट फीस और 21 जुलाई तक दोगुनी परीक्षा फीस के साथ आवेदन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय फॉर्म भरने से वंचित रहे विद्यार्थियों को राहत देने के लिए लिया है। कुलगुरु की स्वीकृति के बाद बढ़ाई गई तिथि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजाराम चोयल ने बताया कि पहले सामान्य परीक्षा शुल्क के साथ आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित थी। विद्यार्थियों की मांग और सुविधा को देखते हुए तथा कुलगुरु की स्वीकृति के बाद आवेदन की तिथियों में विस्तार किया गया है। 17 जुलाई तक सामान्य शुल्क के साथ भर सकेंगे फॉर्म संशोधित कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थी 17 जुलाई 2026 तक बिना किसी विलंब शुल्क के ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र भर सकेंगे। इसके बाद 19 जुलाई तक 100 रुपए विलंब शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। 21 जुलाई तक दोगुनी फीस के साथ मिलेगा अंतिम मौका विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंतिम अवसर के रूप में 21 जुलाई 2026 तक दोगुनी परीक्षा फीस के साथ आवेदन करने की अनुमति दी है। इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यूएमसी प्रकरण वाले स्टूडेंट्स भी कर सकेंगे आवेदन विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर-2025 परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग (यूएमसी) प्रकरण के तहत शामिल वे स्टूडेंट्स, जिन्हें नियमानुसार सेमेस्टर जून-2026 परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र घोषित किया गया है, वे भी निर्धारित तिथियों के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्टूडेंट्स से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। साथ ही परीक्षा आवेदन से जुड़े सभी दिशा-निर्देश और आवश्यक जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करने को कहा है।

शूटिंग के बीच शहजाद का सरप्राइज, युवाओं संग गाया 'कारवां':बोले- यह गीत मुश्किल दौर से गुजर रहे लोगों को हिम्मत देता है

बॉलीवुड के चर्चित गायक शहजाद अली इन दिनों अपने नए म्यूजिक वीडियो की शूटिंग के लिए जयपुर आए हुए है। जवाहर सर्किल पर निर्देशक अमन प्रजापत के निर्देशन में उनके दो नए म्यूजिक वीडियो की शूटिंग कर रहे हैं। शूटिंग के दौरान उस समय भावुक और यादगार माहौल बन गया, जब कुछ युवा गिटार पर शहजाद का चर्चित गीत ‘कारवां’ गाने लगे। अपनी शूटिंग बीच में रोककर शहजाद सीधे उन युवाओं के बीच पहुंचे, उनकी गायकी की सराहना की और फिर उनके साथ मिलकर ‘कारवां’ गाया। यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और गीत समाप्त होते ही तालियों की गूंज से पूरा माहौल उत्साह से भर उठा। जयपुर में फिल्माए जा रहे इस म्यूजिक वीडियो का निर्देशन अमन प्रजापत कर रहे हैं, जबकि इसके निर्माता सौरभ प्रजापत हैं। वीडियो के सिनेमैटोग्राफी (डीओपी) की जिम्मेदारी आशीष कुमावत संभाल रहे हैं। इस गीत में शहजाद अली के साथ आकांक्षा भल्ला भी नजर आएंगी। पहले यहां देखिए शूटिंग के फोटोज शूटिंग के दौरान शहजाद अली ने कहा कि ‘कारवां’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए उम्मीद का संदेश है जो जीवन में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैंने यह गीत गाया था, तब इसने मुझे भी हिम्मत दी थी। अगर कभी जिंदगी में निराशा महसूस हो, तो यह गीत जरूर सुनिए। मुझे विश्वास है कि यह आपको फिर से खड़े होने की ताकत देगा। जयपुर में मिले प्यार से अभिभूत शहजाद ने कहा कि राजस्थान की धरती संगीत और संस्कृति से सराबोर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जहां भी जाइए, लोग अच्छे संगीत को दिल से अपनाते हैं। जब मैंने जवाहर सर्किल पर कुछ युवाओं को मेरा गीत गाते देखा तो मैं खुद को रोक नहीं पाया। उनके साथ गाना मेरे लिए बेहद खास पल था। यही राजस्थान है, यहां प्यार है, संगीत है, मोहब्बत है और अपनापन है। उन्होंने बताया कि वे निर्देशक अमन प्रजापत और निर्माता सौरभ प्रजापत के साथ दो नए गीतों की शूटिंग के लिए जयपुर आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक इन नए गीतों को भी उतना ही प्यार देंगे, जितना ‘कारवां’ को मिला। फिल्म ‘धुरंधर’ के बाद अपने करियर में आए बदलाव पर शहजाद ने मुस्कुराते हुए कहा कि पहले जिंदगी अच्छी थी, अब बेहतरीन है। पहले मैं घर में था, अब लोग मुझे पहचानने लगे हैं। उम्मीद करता हूं कि लोगों का प्यार और दुआएं हमेशा इसी तरह मिलती रहें। कौन हैं शहजाद अली? शहजाद अली बॉलीवुड के उभरते हुए गायकों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी दमदार आवाज और भावपूर्ण गायकी से कम समय में अलग पहचान बनाई है। उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता फिल्म ‘धुरंधर’ के प्रेरणादायक गीत ‘कारवां’ से मिली। यह गीत युवाओं के बीच संघर्ष, उम्मीद और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया और सोशल मीडिया से लेकर लाइव कॉन्सर्ट तक खूब पसंद किया गया। शहजाद अपनी सूफियाना अंदाज की गायकी, रोमांटिक गीतों और मोटिवेशनल ट्रैक्स के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी आवाज में भावनाओं की गहराई और सरल प्रस्तुति उन्हें नई पीढ़ी के पसंदीदा गायकों में शामिल करती है। वे लगातार नए म्यूजिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं और स्वतंत्र संगीत (इंडी म्यूजिक) के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।