सरमथुरा में बाघिन के हमले में बाघ मित्र घायल:हाथ और पैर हुए जख्मी, जंगल में लगे कैमरा ट्रैप की जांच करने गए थे

धौलपुर के सरमथुरा वन क्षेत्र के रीझौनी बनखंड में शुक्रवार सुबह टाइगर ट्रैकिंग के दौरान बाघिन टी-117 ने एक बाघ मित्र पर हमला कर दिया। इस हमले में बाघ मित्र राजवीर मीना घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार राजवीर मीना अपने साथी सोनू मीना के साथ नियमित टाइगर ट्रैकिंग पर थे। वे जंगल में लगे कैमरा ट्रैप की जांच कर रहे थे, तभी पास में छिपी बाघिन टी-117 ने अचानक राजवीर मीना पर हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ और पैर पर घाव हो गए। बाघिन हमला करने के बाद जंगल में लौट गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र सिंह चौधरी मौके पर पहुंचे। घायल राजवीर मीना को तत्काल सरमथुरा अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए धौलपुर रेफर कर दिया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि बाघ मित्र राजवीर मीना की स्थिति खतरे से बाहर है। उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया है। वन विभाग की टीम पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

वनपाल भर्ती परीक्षा- उदयपुर में 18,927 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड:57 केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन और सीसीटीवी से होगी निगरानी; जानें प्रवेश करने सहित अन्य नियम

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा 28 जून को होगी। यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पारी में आयोजित की जाएगी। उदयपुर जिले में इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एडीएम दीपेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- उदयपुर शहर और आसपास इलाकों में परीक्षा के लिए 57 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 38 सरकारी स्कूल-कॉलेज और 19 प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को केंद्र बनाया है। परीक्षा में कुल 18 हजार 927 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा की तैयारियों को लेकर गुरुवार शाम ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी 57 केंद्र अधीक्षकों, 76 ऑब्जर्वर्स और 29 डिप्टी कोऑर्डिनेटर्स ने हिस्सा लिया और परीक्षा के नियमों को समझा। 57 केंद्रों पर कुल 76 ऑब्जर्वर्स तैनात रहेंगे परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के बहुत ही कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी 57 केंद्रों पर कुल 76 ऑब्जर्वर्स तैनात रहेंगे। सरकारी केंद्रों पर एक-एक और प्राइवेट केंद्रों पर दो-दो ऑब्जर्वर्स की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा केंद्रों के हर कमरे में केवल 24 परीक्षार्थियों के बैठने की क्षमता तय की गई है। साथ ही हर कमरे में दो-दो वीक्षक यानी इनविजिलेटर तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके। इस परीक्षा के लिए सबसे दूरी वाले दो केंद्र बनाए गए हैं। इनमें पहला महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ी है, जो करीब 13 किलोमीटर दूर है। दूसरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बलीचा है, जिसकी दूरी 11 किलोमीटर है। स्टूडेंट्स को एक घंटे पहले मिलेगा प्रवेश प्रशासन ने कहा- सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा यानी 60 मिनट पहले तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी हालत में एंट्री नहीं मिलेगी। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी तरह का मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या अन्य गैजेट ले जाना बैन रहेगा। बिना ई-एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मुख्य गेट पर ही अभ्यर्थियों का फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा और उनकी पूरी चेकिंग की जाएगी। यह प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की नजर में रिकॉर्ड होगी। बोर्ड के नियमों के अनुसार- परीक्षा के मुख्य कामों की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद सभी सेंटर्स से जरूरी सामग्री को जुटाया जाएगा।

छुट्टी का दिन, फिर भी मंत्रियों के बंगलों पर भीड़:तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे कर्मचारी; मंत्री बोले- विधवा-गंभीर बीमार कर्मचारियों को मिलेगी प्राथमिकता

राजस्थान में तबादलों से बैन हटने के बाद मंत्रियों के सरकारी आवासों और सचिवालय में कर्मचारियों और उनके परिजनों की भीड़ नजर आ रही है। मुहर्रम की सरकारी छुट्टी के दिन भी मंत्रियों के आवासों पर तबादलों को लेकर भीड़ रही। सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक मंत्रियों के घरों पर बड़ी संख्या में लोग तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आवास पर रही। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, पशुपालन और डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत सहित अधिकतर मंत्रियों के यहां लोग तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे। मंत्रियों ने भी लोगों से मिलकर तबादलों की अर्जियां लीं और उनकी समस्याएं सुनकर प्राथमिकता के आधार पर तबादला करने का आश्वासन दिया। दिव्यांग, एकल महिला और बीमार कार्मिकों को प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा- लंबे समय से कर्मचारियों की तबादलों से बैन हटाने की मांग थी, जिसे ध्यान में रखकर सरकार ने तबादलों से बैन हटाया है। हम तबादलों में दिव्यांग, एकल महिला, विधवा सहित लंबे समय से अपने घर से दूर रहने वाले कार्मिकों को प्राथमिकता दे रहे हैं। मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा-मेरे चारों विभागों के कार्मिक तबादलों को लेकर आ रहे हैं, जिनकी अर्जियों पर प्राथमिकता के आधार पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, जो अन्य विभागों से संबंधित कर्मचारी आ रहे हैं, उनकी लिस्ट बनाकर संबंधित मंत्रियों को भेजकर उनसे आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें उचित स्थान पर लगाया जाए।
5 जुलाई तक हो सकेंगे ट्रांसफर राजस्थान सरकार ने करीब 7 दिन पहले सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया था। यह रोक 5 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। कार्मिकों की मांग को देखते हुए सरकार ने 16 दिन के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगे बैन को हटाया है। इन ट्रांसफर-पोस्टिंग में एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता और गंभीर बीमार कर्मचारियों (कैंसर, दिमाग की बीमारी, हार्ट की बीमारी, फेफड़े और किडनी की बीमारी से ग्रसित) को प्राथमिकता दी जाएगी। यह आदेश सरकारी कर्मचारियों के अलावा निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू है। हालांकि, सरकार ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों और चिकित्सा विभाग में तबादलों से बैन नहीं हटाया है।

नशे के खिलाफ कालंद्री में हुंकार, डोडा-अफीम छोड़ने का आह्वान:उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान, नशामुक्त समाज पर जोर

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सिरोही तथा जिला प्रशासन के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान द्वारा संचालित कालंद्री स्थित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में विचार गोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत कालंद्री के प्रशासक महिपाल सिंह देवड़ा रहे, जबकि सिरोही पंचायत समिति के प्रधान हसमुख कुमार मेघवाल ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी अशोक बिश्नोई, आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के प्रदेश सचिव विक्रम सिंह करणोत और डॉ. सी.एम. चौहान मौजूद रहे। संस्थान के अध्यक्ष रामेश्वर लाल बिश्नोई मुख्य वक्ता रहे। डोडा, अफीम और सिंथेटिक नशे से दूर रहने की अपील मुख्य वक्ता रामेश्वर लाल बिश्नोई ने संस्थान की सामाजिक गतिविधियों और नशा मुक्ति केंद्र की सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने डोडा, अफीम, सिंथेटिक सहित अन्य मादक पदार्थों से दूर रहकर स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया। परिवार और समाज की जिम्मेदारी पर जोर मुख्य अतिथि महिपाल सिंह देवड़ा ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ परिवार और समाज दोनों स्तर पर जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से भी युवाओं को नशे की बुराइयों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
नशे की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने की अपील जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक बिश्नोई ने विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें नशे की खरीद-फरोख्त से संबंधित कोई सूचना मिले तो वे तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन को जानकारी देकर प्रशासन का सहयोग करें। जनजागरण अभियान मजबूत करने का संकल्प अध्यक्षीय उद्बोधन में पंचायत समिति सिरोही के प्रधान हसमुख कुमार मेघवाल ने नशे के विरुद्ध जनजागरण अभियान को मजबूत करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। केंद्र की स्वयंसेविका सानिया कुंवर ने भी समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वयंसेविकाओं आरती लोहार, शोभा लोहार, पूजा लोहार, मेहर खान, संगीता तथा स्वयंसेवकों कुलदीप सिंह और अंकित सिंह को अतिथियों ने मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

मुहर्रम पर तलवार और लाठी से दिखाए हैरतअंगेज करतब:प्रमुख मार्गों से ताज़ियों का भव्य जुलूस निकाला; मन्नतें पूरी होने पर लगाई लोटनी

जालोर में शुक्रवार को हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मुहर्रम का पर्व पूरी अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। शहर के प्रमुख मार्गों से ताज़ियों का भव्य जुलूस निकाला गया। श्रद्धालुओं ने देश में अमन चैन और शांति के लिए दुआएं मांगी। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान पारंपरिक अखाड़े का प्रदर्शन मुस्लिम समाज के युवाओं और कलाकारों ने ताज़िया जुलूस के दौरान पारंपरिक अखाड़े का प्रदर्शन किया। जुलूस के आगे चलते हुए युवाओं ने लाठी डंडे और तलवारों से एक से बढ़कर एक कलाबाजियां और हैरतअंगेज करतब दिखाए। इस दौरान पूरा माहौल या अली या हुसैन’ के नारों से गूंज उठा। मन्नतें पूरी होने पर लगाई लोटनी, सुंदेलाव तालाब में ठंडे होंगे ताज़िए मुहर्रम पोल से शुक्रवार सुबह ताज़ियों का जुलूस रवाना हुआ। यह जुलूस शहर के घांचियों की पिलानी और पिंजरों की मस्जिद से होते हुए बड़ी पोल के बाहर पहुंचा। शाम 5 बजे ताज़िए अपने मुकाम के लिए रवाना हुए। जिसके बाद इन्हें पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सुंदेलाव तालाब में ठंडा किया जाएगा। इस दौरान एक अनोखा दृश्य भी देखने को मिला। जिनकी मन्नतें पूरी हुईं, उन्होंने अकीदत के साथ ताज़िए के सामने जमीन पर लोटनी (लेटकर परिक्रमा) लगाकर अपनी मन्नत पूरी की। अब्बास अलमदार का जुलूस निकाला इससे पहले, गुरुवार रात को मातमी पर्व के सिलसिले में अब्बास अलमदार का जुलूस निकाला गया था। यह जुलूस बड़ी पोल स्थित शेख फरीद शाह बाबा दरगाह से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सांडबाव पोल पहुंचा। मातमी धुनों और गमगीन माहौल के बीच युवाओं ने गुरुवार रात को भी अखाड़ा प्रदर्शन कर अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

अजमेर में बीच सड़क पर तोप चलाई, तलवारें लहराईं,VIDEO:ढोल-नगाड़ों पर हैरतअंगेज करतबों के बीच खेला गया हाईदौस, कई लोग घायल हुए

अजमेर में मुस्लिम समुदाय ने यौमे आशूरा के मौके पर अंदरकोट क्षेत्र में धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर ताजिये और डोले शरीफ की सवारी निकाली गई। अंदरकोट में बड़ा हाईदौस खेला गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और तलवारों के साथ कर्बला की जंग का मंजर साकार किया गया। आशिकाने हुसैन ने तलवारों से जौहर दिखाए। शाम तक ताजियों को सैराब करने का सिलसिला चलता रहा। इधर, बड़े ताजिये की सवारी गुरुवार रात 12 बजे बाद शुरू हुई। ताजिया झालरा में सैराब किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने फातेहाख्वानी की, शहीदाने कर्बला की याद में कलाम पढ़े गए। हाईदौस खेलने के दौरान कई अकीदतमंद घायल भी हुए। इनका मौके पर ही उपचार किया गया। बता दें कि इस मौके पर प्रशासन की ओर से 100 तलवारें दी जाती है। इन तलवारों से हाईदौस खेला जाता है। बाद में वापस प्रशासन जब्त कर लेता है। पहले देखिए, ये PHOTO’S कई वॉलंटियर्स ने लाठियों-हॉकी से लोगों को किया कवर शुक्रवार को दोपहर में दी सोसाइटी पंचायत अंदर कोटियान की ओर से अंदरकोट में बड़ा हाईदौस खेला गया। इस मौके पर जन प्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शिरकत की। व्यवस्था बनाने के लिए कई वॉलंटियर्स ने लाठियों और हॉकी स्टिक्स के साथ लोगों को कवर किया गया। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस प्रशासन ने हाईदौस की कराई वीडियोग्राफी हाईदौस के पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी पुलिस प्रशासन ने कराई। इस मौके पर मेडिकल टीम भी मौजूद रही, ताकि घायलों होने वाले युवकों को तत्काल उन्हें ट्रीटमेंट दिया जा सके। हाईदौस के दौरान तय लोगों ने तलवार से हैरतअंगेज करतब दिखाए। हाईदौस के जरिये कर्बला की जंग में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके जां निसारों को याद किया। इस दौरान तोप के गोले दागे गए। ताजियों की सवारी निकाली गई। इन ताजियों को अंबाबाव में सैराब किया गया। इधर, नमाज के बाद बड़े ताजिये पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटी। यहां फातेहाख्वानी की गई। नमाज के बाद तकरीर का भी अहतमाम किया गया। तडके झालरा में ताजिया सैराब किया गया।

राजस्थान को निर्यात का नया हब बनाने की तैयारी:जयपुर में खुलेगा एग्जिम इंडिया बैंक का पहला क्षेत्रीय कार्यालय, राजस्थान के आयात-निर्यात को बढ़ाने पर फोकस

राजस्थान को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भारत सरकार के निर्यात-आयात बैंक (EXIM Bank) ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। बैंक जल्द ही जयपुर में अपना पहला क्षेत्रीय कार्यालय शुरू करेगा, जिससे प्रदेश के निर्यातकों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और उद्योगों को वित्तीय सेवाएं, निर्यात ऋण, व्यापार परामर्श और वैश्विक बाजारों से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। जयपुर के होटल हिल्टन मे आयोजित प्रेस वार्ता में बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर तरुण शर्मा ने कहा कि राजस्थान में निर्यात के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य को हाई-वैल्यू तथा टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों की मदद से देश के अग्रणी निर्यात केंद्रों में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राजस्थान का वस्तु निर्यात 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे राज्य देश का 10वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान का निर्यात मुख्य रूप से सोना-आभूषण, धातु और संसाधन आधारित उत्पादों पर निर्भर है। ऐसे में निर्यात को नई दिशा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, सोलर उपकरण, एडवांस टेक्सटाइल्स और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। पांच जिलों तक सीमित है अधिकांश निर्यात तरुण शर्मा ने बताया कि राजस्थान के कुल निर्यात का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा केवल पांच जिलों से आता है। ऐसे में अन्य जिलों की निर्यात क्षमता विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी, नीमराना और अलवर जैसे औद्योगिक क्लस्टर, राज्य में उपलब्ध औषधीय पौधों की संपदा और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन राजस्थान को वैश्विक निर्यात हब बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका राजस्थान का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, लेकिन वहां अभी भी ज्वेलरी, ग्रेनाइट, सीमेंट और प्लाईवुड जैसे उत्पादों का दबदबा है। वैश्विक मांग के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और फार्मा उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की जरूरत है। टेक्सटाइल, ऑटो और सोलर सेक्टर पर रहेगा विशेष फोकस बैंक ने राजस्थान के लिए ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स, हर्बल फार्मा, सोलर ऊर्जा उपकरण, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और एमएसएमई सेक्टर को भविष्य के प्रमुख निर्यात क्षेत्र बताया। बैंक पहले से ही भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा की टेक्सटाइल इकाइयों, बीकानेर की महिला हस्तशिल्प संस्थाओं और विभिन्न व्यापार सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों निर्यात लेनदेन को सहयोग प्रदान कर रहा है। इसके अलावा जयपुर, उदयपुर और फलोदी में कारीगरों के कौशल विकास और जिला स्तर पर निर्यात बढ़ाने के लिए भी कई परियोजनाओं का समर्थन किया जा रहा है। जयपुर कार्यालय से उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ तरुण शर्मा ने बताया कि जयपुर में क्षेत्रीय कार्यालय शुरू होने के बाद प्रदेश के उद्यमियों को निर्यात वित्त, परियोजना ऋण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार परामर्श, विदेशी खरीदारों से संपर्क और वैश्विक बाजारों तक पहुंच जैसी सुविधाएं यहीं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उद्योगों को अन्य राज्यों के कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, प्राकृतिक पत्थर, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग गुड्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही वित्तीय सहयोग और बाजार उपलब्ध कराकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रेस वार्ता के दौरान तरुण शर्मा ने अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में कच्चे तेल की कीमतों, समुद्री माल ढुलाई (फ्रेट), बीमा प्रीमियम और सप्लाई चेन पर असर पड़ता है, जिससे वैश्विक व्यापार की लागत बढ़ जाती है। हालांकि उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और भारतीय उद्योगों ने वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियां चुनौतियों के साथ-साथ भारतीय कंपनियों के लिए नए व्यापारिक अवसर भी लेकर आ रही हैं।

ऑटो रिक्शा खंभे से टकराया, एक युवक की मौत:शिवगंज-देवली मार्ग पर हादसा, पुलिस जांच में जुटी

सिरोही के शिवगंज-देवली मार्ग पर गुरुवार देर शाम एक सवारी ऑटो रिक्शा बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकरा गया। हादसे में ऑटो के आगे बैठा खिंदारा (बाली) निवासी विक्रम मीणा (पुत्र सुनीलाल मीणा) गंभीर रूप से घायल हो गया।उसे शिवगंज के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। तेज रफ्तार में हुआ हादसा थानाधिकारी बाबूलाल राणा ने बताया कि गुरुवार देर शाम तेज रफ्तार सवारी ऑटो के बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकराने की सूचना मिली थी। इसके बाद एएसआई प्रेम सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शिवगंज से देवली जा रहा था ऑटो प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सवारी ऑटो शिवगंज से यात्रियों को लेकर देवली की ओर जा रहा था। इसी दौरान ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिससे ऑटो सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा टकराया। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित दुर्घटना में ऑटो के आगे बैठे विक्रम मीणा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल शिवगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य यात्री चले गए, जांच में जुटी पुलिस हादसे के बाद ऑटो में सवार अन्य यात्री वाहन छोड़कर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।

डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण में युवाओं को साइबर सुरक्षा सिखाई:फर्जी ऐप, वॉयस क्लोनिंग और डिजिटल अरेस्ट से बचने की दी जानकारी

राजसमंद जिले के भीम उपखंड में चल रहे सात दिवसीय डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। राजसमंद पुलिस और कॅरियर संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना और साइबर ठगी से बचाव के लिए तैयार करना रहा। साइबर अपराध के नए तरीकों की दी जानकारी पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रोग्रामर खैरुल वसीम ने प्रतिभागियों को संचार साथी ऐप, साइबर अपराधों के नए तरीकों और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, वॉयस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट और नकली मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह खैरुल वसीम ने युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि आसान लोन, इनाम या आकर्षक ऑफर के नाम पर भेजी जाने वाली एपीके फाइल को कभी डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसी फाइलों के जरिए साइबर अपराधी मोबाइल की बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, फोटो और अन्य निजी डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड करें ऐप प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सलाह दी गई कि मोबाइल ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन पर जोर प्रशिक्षण में युवाओं को मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा नहीं करने के बारे में भी जानकारी दी गई। चैहान ज्ञान केंद्र के प्रबंधक प्रवीण सिंह चैहान ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए तैयार करना है।

सीकरी बिजलीघर में शॉर्ट सर्किट से ट्रांसफार्मर में लगी आग:कर्मचारियों ने समर्सिबल से पानी डालकर बुझाई, गुलपाड़ा फीडर बंद

डीग जिले के सीकरी बिजलीघर में शुक्रवार दोपहर एक ट्रांसफार्मर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और धुआं उठने लगा, जिससे बिजलीघर परिसर में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप फैल गया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग तेजी से फैली। कर्मचारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल समर्सिबल पंप चालू कर ट्रांसफार्मर पर पानी डालना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझ जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के बाद एहतियात के तौर पर गुलपाड़ा फीडर की विद्युत आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। इससे इस फीडर से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। भीषण गर्मी के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर को काफी नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत और तकनीकी जांच का कार्य जारी है, और शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट और भीषण गर्मी के कारण बढ़ा विद्युत लोड माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल पाएगा। विभाग की टीम मौके पर नुकसान का आकलन कर रही है और वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रही है। गुलपाड़ा फीडर से जुड़े गांवों के लोगों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से पेयजल आपूर्ति, घरेलू और कृषि कार्य प्रभावित होंगे। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर या वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।