अजमेर में बीच सड़क पर तोप चलाई, तलवारें लहराईं,VIDEO:ढोल-नगाड़ों पर हैरतअंगेज करतबों के बीच खेला गया हाईदौस, कई लोग घायल हुए
अजमेर में मुस्लिम समुदाय ने यौमे आशूरा के मौके पर अंदरकोट क्षेत्र में धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर ताजिये और डोले शरीफ की सवारी निकाली गई। अंदरकोट में बड़ा हाईदौस खेला गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और तलवारों के साथ कर्बला की जंग का मंजर साकार किया गया। आशिकाने हुसैन ने तलवारों से जौहर दिखाए। शाम तक ताजियों को सैराब करने का सिलसिला चलता रहा। इधर, बड़े ताजिये की सवारी गुरुवार रात 12 बजे बाद शुरू हुई। ताजिया झालरा में सैराब किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने फातेहाख्वानी की, शहीदाने कर्बला की याद में कलाम पढ़े गए। हाईदौस खेलने के दौरान कई अकीदतमंद घायल भी हुए। इनका मौके पर ही उपचार किया गया। बता दें कि इस मौके पर प्रशासन की ओर से 100 तलवारें दी जाती है। इन तलवारों से हाईदौस खेला जाता है। बाद में वापस प्रशासन जब्त कर लेता है। पहले देखिए, ये PHOTO’S कई वॉलंटियर्स ने लाठियों-हॉकी से लोगों को किया कवर शुक्रवार को दोपहर में दी सोसाइटी पंचायत अंदर कोटियान की ओर से अंदरकोट में बड़ा हाईदौस खेला गया। इस मौके पर जन प्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शिरकत की। व्यवस्था बनाने के लिए कई वॉलंटियर्स ने लाठियों और हॉकी स्टिक्स के साथ लोगों को कवर किया गया। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस प्रशासन ने हाईदौस की कराई वीडियोग्राफी हाईदौस के पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी पुलिस प्रशासन ने कराई। इस मौके पर मेडिकल टीम भी मौजूद रही, ताकि घायलों होने वाले युवकों को तत्काल उन्हें ट्रीटमेंट दिया जा सके। हाईदौस के दौरान तय लोगों ने तलवार से हैरतअंगेज करतब दिखाए। हाईदौस के जरिये कर्बला की जंग में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके जां निसारों को याद किया। इस दौरान तोप के गोले दागे गए। ताजियों की सवारी निकाली गई। इन ताजियों को अंबाबाव में सैराब किया गया। इधर, नमाज के बाद बड़े ताजिये पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटी। यहां फातेहाख्वानी की गई। नमाज के बाद तकरीर का भी अहतमाम किया गया। तडके झालरा में ताजिया सैराब किया गया।

