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बिजनेसमैन ने बेटे को किया किडनैप, VIDEO:मुंबई से फ्लाइट से आए किडनैपर, 12 दिन लॉज में रुके; आरोपी पिता राजस्थान से गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के मुरैना में गुटखा कारोबारी ने अपने 4 साल के बेटे का स्कूल से किडनैप कर लिया। किडनैपर मुंबई से फ्लाइट से ग्वालियर पहुंचे, फिर मुरैना आए। यहां साईं पैलेस लॉज में 12 दिन रुककर रेकी की। रेनबो पब्लिक स्कूल से किडनैप कर लिया। प्रबंधन ने बिना आईडी कार्ड मांगे बच्चे को सौंप दिया। रेनबो पब्लिक स्कूल के बाहर लगे CCTV कैमरे में अपहरण की वारदात कैद हुई। आरोपी कारोबारी नीरज उर्फ नीलेश राजपूत का ड्राइवर कार्तिकेय को कंधे पर उठाकर ले जाता नजर आया। आगे पिता स्कूटी लेकर खड़ा था। 3 साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी पिता को राजस्थान के पाली से गिरफ्तार किया है। साथ में बच्चा भी है। साथी अभी फरार हैं। दैनिक भास्कर की टीम साईं पैलेस लॉज पहुंची, जहां आरोपी पिता साथियों के साथ ठहरा था। टीम ने कमरे का जायजा लिया। लॉज संचालक से अपहरण से जुड़ी जानकारी जुटाई। इस दौरान लॉज संचालक ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। पढ़िए अपहरण कांड की पूरी कहानी… वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… टीचर ने बिना पहचान पत्र मांगे बच्चे को सौंपा मुरैना पुलिस के मुताबिक, 14 जुलाई को आरोपी लॉज संचालक की स्कूटी से स्कूल पहुंचा। छुट्टी के बाद एक आरोपी बच्चे का नाम बताकर उसे अपने साथ ले गया। टीचर ने बिना पहचान पत्र मांगे या पूछताछ किए मासूम को उसके हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपी बच्चे को लेकर फरार हो गए। जांच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों अलग-अलग रह रहे थे। पुलिस की कई टीमें राजस्थान में दबिश दे रही हैं। फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती, प्यार और फिर शादी कार्तिकेय अपहरण कांड की जांच के बीच परिवार की जानकारी सामने आई। नीलेश राजपूत और इशू यादव की पहचान 2018 में फेसबुक के जरिए हुई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और 2019 में उन्होंने शादी कर ली। नीलेश मूल रूप से राजस्थान के पाली का रहने वाला है। शादी के समय वह मुंबई में रहकर गुटखा का कारोबार करता था। शादी के बाद दोनों करीब तीन-चार साल मुंबई में साथ रहे। इसी दौरान बेटे कार्तिकेय का जन्म भी मुंबई में हुआ। विवाद के बाद बेटे को लेकर मुरैना आ गई पत्नी पत्नी इशू यादव का आरोप है कि बेटे के जन्म के बाद नीलेश शराब और नशे का आदी हो गया। वह उसके साथ मारपीट करने लगा। विवाद बढ़ने पर जनवरी 2025 में इशू बेटे कार्तिकेय को लेकर मायके मुरैना आ गई। अगस्त 2025 में नीलेश मुरैना पहुंचा और बेटे को अपने साथ मुंबई ले गया। समझौते का भरोसा मिलने पर इशू भी उसके साथ मुंबई चली गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर विवाद और मारपीट शुरू हो गई। जनवरी 2026 में इशू दोबारा बेटे कार्तिकेय को लेकर मुरैना लौट आई। तब से दोनों पति-पत्नी अलग-अलग रह रहे थे। करीब 2 महीने पहले इशू और उसकी मां ममता यादव ने कार्तिकेय का रेनबो पब्लिक स्कूल में दाखिला कराया था। स्कूल में दाखिले की जानकारी मिलते ही मुरैना पहुंचा पिता पुलिस जांच के अनुसार, इसी शैक्षणिक सत्र में कार्तिकेय का रेनबो पब्लिक स्कूल में दाखिला कराया गया। जानकारी मिलने पर पिता नीलेश मुंबई से मुरैना पहुंचा। पुलिस का मानना है कि इसी दौरान उसने बेटे के अपहरण की योजना बनानी शुरू कर दी। 26 जून को नीलेश राजपूत मुरैना पहुंचा और साईं पैलेस लॉज में एक साथी के साथ कमरा लेकर रुका। इसके बाद वह लौट गया। फिर 28 जून से 14 जुलाई तक 3 साथियों के साथ दोबारा उसी लॉज में ठहरा। इसी दौरान उसने बच्चे की गतिविधियों, स्कूल आने-जाने के रास्तों, छुट्टी के समय और सुरक्षा व्यवस्था की रेकी कर पूरी साजिश तैयार की। 28 जून से 14 जुलाई तक साथियों के साथ लॉज में रुका लॉज संचालक अमित गुप्ता ने बताया कि नीलेश पहली बार 26 जून को एक साथी के साथ आया था। इसके बाद 28 जून से 14 जुलाई तक वह दो साथियों के साथ लगातार लॉज में रुका। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति भी कई बार वहां आया-जाया और कई बार ठहरा। कमरा बदला, किराए में भी किया मोलभाव शुरुआत में आरोपियों को कमरा नंबर-6 दिया गया था। बाद में 3 लोगों के रहने पर उन्हें कमरा नंबर-4 दे दिया गया। पहले कमरे का किराया 800 रुपए प्रतिदिन था, जबकि बड़े कमरे का किराया 1200 रुपए तय हुआ। बातचीत के बाद आरोपी 1000 रुपए प्रतिदिन देने पर सहमत हो गए। खाना खाने के बहाने कई बार ले गए स्कूटी लॉज संचालक के मुताबिक, आरोपी कई बार खाना खाने का बहाना बनाकर उनकी स्कूटी ले जाते थे और कुछ देर बाद लौटा देते थे। इससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ। 14 जुलाई को भी उन्होंने कुछ देर के लिए स्कूटी मांगी। संदेह से बचने के लिए उसी स्कूटी से रेनबो पब्लिक स्कूल पहुंचे। स्कूल के बाहर इंतजार, फिर बच्चे को लेकर हुए फरार 14 जुलाई को एक आरोपी स्कूल के बाहर छुट्टी का इंतजार करता रहा। दोपहर करीब 2 बजे छुट्टी होते ही वह स्कूल के गेट के अंदर पहुंचा, बच्चे का नाम बताया और उसे लेने की बात कही। गेट पर मौजूद टीचर ने बिना पहचान पत्र मांगे और बिना पूछताछ के कार्तिकेय को उसके साथ भेज दिया। आरोपी बच्चे को करीब 100 मीटर तक गोद में लेकर पैदल चला। इसके बाद वह पहले से स्कूटी लेकर खड़े साथी के पास पहुंचा और दोनों फरार हो गए। कुछ देर बाद कार्तिकेय की नानी उसे लेने स्कूल पहुंचीं तो बच्चा नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और अपहरण का मामला दर्ज कराया। सीसीटीवी फुटेज से खुली साजिश की परतें पुलिस ने स्कूल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। शुरुआत में मां और नानी आरोपी की पहचान नहीं कर सकीं। पुलिस की सख्ती और सीसीटीवी फुटेज दिखाने के बाद मां ने बताया कि बच्चे को ले जाने वाला व्यक्ति उसके पति का ड्राइवर नीरज है। वहीं, लॉज संचालक ने भी सीसीटीवी देखकर उस स्कूटी चालक की पहचान कर ली, जो आरोपी पिता के साथ लॉज में ठहरा था। अपहरण के बाद आरोपी चंबल नदी की ओर पहुंचे। नाकेबंदी और पीछा किए जाने की आशंका में उन्होंने स्कूटी सड़क किनारे लावारिस छोड़ दी। चंबल के पास छोड़ी स्कूटी, दूसरे वाहन से भागे स्कूटी छोड़ने के बाद आरोपी ने लॉज संचालक को फोन कर कहा, “स्कूटी चंबल नदी के पास खड़ी है, जाकर ले जाना। अब हम वापस नहीं आएंगे।” बाद में उसका मोबाइल बंद हो गया। कुछ समय बाद उसने वॉयस मैसेज भेजकर स्कूटी चंबल पुल के पास खड़ी होने की जानकारी दी। बुधवार देर रात उसने फिर मैसेज कर पूछा कि स्कूटी ले आए क्या। किराए और पैसों की बात होने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। पुलिस ने साईं पैलेस लॉज के कमरे की तलाशी लेकर ट्रॉली बैग, कपड़े और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं बरामद कीं। राजस्थान से पिता गिरफ्तार, बच्चा भी साथ में 15 जुलाई को पुलिस को मोबाइल लोकेशन धौलपुर होते हुए राजस्थान के पाली क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस की कई टीमें राजस्थान रवाना की गईं। 16 जुलाई को जांच में पिता नीलेश राजपूत की भूमिका सामने आई। पुलिस ने उसे अपहरण की साजिश का मुख्य आरोपी माना। पुलिस ने पिता को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है।

हाईकोर्ट बोला- 5 दिन में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख बताएं:राज्य चुनाव आयुक्त से कहा- आप क्यों चाहते हैं कि हम अवमानना की कार्रवाई शुरू करें

प्रदेश में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर आज भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने राज्य चुनाव आयोग से कहा कि 5 दिन में (सोमवार तक) चुनाव की तारीख बताएं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि सोमवार तक ओबीसी आयोग रिपोर्ट देने की तारीख और राज्य सरकार लॉटरी निकालने की तारीख बताए। सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी आयोग के सदस्य सचिव मौजूद रहे। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयुक्त से कहा- आप क्यों चाहते हैं कि हम आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करें। इस पर चुनाव आयुक्त ने कहा- हमारी तैयारी पूरी है। हमें सरकार ने आरक्षण का वर्गीकरण करके नहीं दिया है। अगर सरकार हमें लॉटरी निकालकर दे देती है तो हम 2 दिन में चुनाव प्रक्रिया शुरू कर देंगे। वहीं ओबीसी आयोग को लेकर कोर्ट ने कहा- जब 9 मई 2025 को सरकार ने 3 महीने के लिए आयोग का गठन किया था तो आपने रिपोर्ट क्यों नहीं दी। अगर आपसे काम नहीं होता है तो मना कर दीजिए। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार क्यों?
हाईकोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह से कहा- जब हमने कह दिया था कि आप ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार नहीं करेंगे तो आपने चुनाव की घोषणा क्यों नहीं की। ओबीसी आयोग से कहा- जब हमने 31 जुलाई तक चुनाव कराने के निर्देश दे रखे थे तो आपने रिपोर्ट देने के लिए 14 अगस्त तक की डेट कैसे दे दी। इसका मतलब है कि आप कोर्ट के आदेश की पालना नहीं करना चाहते हैं। इस पर ओबीसी आयोग ने कहा- हमारे पास संसाधन नहीं थे, इसलिए रिपोर्ट नहीं दे सके। इस पर कोर्ट ने कहा- हर हाल में आदेश की पालना होनी चाहिए। दरअसल, हाईकोर्ट ने 22 मई के आदेश से सरकार और चुनाव आयोग को प्रदेश में 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक चुनाव आयोग ने इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं की है। — ये खबर भी पढ़िए- पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी:कहा-इलेक्शन कमीशन सक्षम नहीं तो हम किसी को अपॉइंट कर देते हैं; CEC को तलब किया राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव तय समय सीमा में नहीं कराने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा- अगर राज्य चुनाव आयोग इलेक्शन कराने में सक्षम नहीं है तो हम हाईकोर्ट से किसी को चुनाव कराने के लिए अपॉइंट कर देते हैं। हाईकोर्ट ने सरकार से कहा- हमें सख्त आदेश पास करने के लिए मजबूर मत कीजिए। (पढ़िए पूरी खबर)

आग लगने से घायल स्मार्ट मीटर कंपनी कर्मचारी की मौत:परिजन बोले- अधिकारियों ने पेट्रोल डालकर जलाया है, 2 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

बीकानेर में स्मार्ट मीटर कंपनी में काम करने वाले युवक की झुलसने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की 14 जुलाई को मौत हुई थी, जिसके बाद 15 जुलाई को परिजनों ने कंपनी से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ पेट्रोल डालकर आग लगाने का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी में कार्यरत लक्ष्मण सिंह से जुड़ा है, जो कंपनी में इंचार्ज के पद पर काम कर रहा था। अनूपगढ़ में थी पोस्टिंग अनूपगढ़ निवासी रेवंत सिंह राजपूत ने पुलिस में दर्ज एफआईआर में बताया कि उनका बेटा लक्ष्मण सिंह स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी में बतौर इंचार्ज काम करता था। उसकी पोस्टिंग श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में थी। नौकरी से हटाने का लगाया आरोप एफआईआर के अनुसार कंपनी के बीकानेर डिवीजन के अधिकारियों ने लक्ष्मण सिंह को काम से हटा दिया था। परिजनों का आरोप है कि फर्जी आदेश जारी कर उसे नौकरी से हटाया गया। जानकारी लेने बीकानेर ऑफिस पहुंचा था रेवंत सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि लक्ष्मण सिंह एक जुलाई को खुद को हटाए जाने के संबंध में जानकारी लेने के लिए बीकानेर डिवीजन ऑफिस पहुंचा था। आरोप है कि वहां उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई। पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान लक्ष्मण सिंह पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। इसके बाद उसे तुरंत पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 14 जुलाई को उसकी मौत हो गई। दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत नीतिश माथुर और एकराज पंवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी डिग्री से नौकरी दिलाने वाला आरोपी गिरफ्तार:लेक्चरर भर्ती- 2022 में नियुक्ति का आरोप,अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक (हिंदी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नियुक्ति दिलाने के मामले में सहयोगी आरोपी को गिरफ्तार किया है। SOG ने आरोपी को 13 जुलाई को पकड़ा था, जिसके बाद कोर्ट में पेश कर 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि मामले में सहयोगी आरोपी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को गिरफ्तार किया है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री पेश की थी। RPSC की ओर से सत्यापन कराने पर यह डिग्री फर्जी पाई गई। फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने में निभाई अहम भूमिका जांच में सामने आया कि आरोपी अशोक विश्नोई ने महेंद्र सिंह राव के माध्यम से डॉ. सुरेश कुमार से संपर्क किया और उनकी बहन ब्रह्मा कुमारी के लिए मेवाड़ यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध करवाई। जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने विश्वविद्यालय के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंद्रूल से संपर्क कर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई। अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में फर्जी डिग्री हासिल करने वाली ब्रह्मा कुमारी सहित अब तक कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने के संबंध में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी आरोपी की भूमिका की जांच जारी है। पहले भी हो चुका है गिरफ्तार SOG के अनुसार अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को जोधपुर जिले के कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य प्रकरण में भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव, पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई के नेतृत्व में SOG अजमेर यूनिट द्वारा की गई। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी है

लड़की की सगाई को लेकर विवाद,पिता-पुत्र समेत 3 की हत्या:दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार, चाकू से हमला किया

बीकानेर में लड़की के रिश्ते को लेकर हुई कहासुनी में पिता-पुत्र समेत तीन की हत्या कर दी। मामला गुरुवार दोपहर 1:20 बजे का छत्तरगढ़ के खारवाली में सुरजनवाली गांव का है। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी मृदुल कच्छावा और FSL टीम मौके पर पहुंची। खाजूवाला डीएसपी आकांक्षा चौधरी ने बताया- खारवाली निवासी जिंदू खान (55) पुत्र याकूब खान और उसके बेटे करीम खान (25) और साले सुरजनवाली निवासी अलीशेर (60) पुत्र अब्दे खान की हत्या की गई है। हमले में नब्बू (35) घायल हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार दो पक्षों में विवाद हुआ था। झगड़ने वाले दोनों पक्ष आपस में मामा-भांजा लगते हैं। चाकू से एक-दूसरे पर हमला किया गया। पुलिस ने तीनों शवों को छत्तरगढ़ के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। इसके बाद से अस्पताल में भारी भीड़ इकट्‌ठा हो गई। हॉस्पिटल में पुलिस फोर्स तैनात की गई। बहस खूनी संघर्ष में बदली जानकारी के अनुसार- गांव में पेस्टिसाइड छिड़काव के बाद परिवार का सदस्य बीमार हो गया था। ऐसे में जिंदू, करीम, अलीशेर और नब्बू समेत अन्य लोग हालचाल पूछने गए थे। इसी दौरान परिवार में एक लड़की की सगाई कराने को लेकर बहस हो गई थी। बहस खूनी संघर्ष में बदल गई और मौके पर मौजूद लोगों ने एक-दूसरे पर चाकू से वार कर दिए। 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- मामले ने गुलाबनबी, याकूब अली, बरकत अली, अकरम, रहमत अली, मशूक, अल्ताफ, सिकंदर समेत 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि सभी आरोपी लाठी, कुल्हाड़ी और बड़ी छुरियां लेकर आए थे कंटेंट : इस्माइल खान, खाजूवाला

SOG ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री रैकेट का आरोपी पकड़ा:पहले पकड़े गए आरोपियों को बिचौलिया बनकर फर्जी डिग्रियां दिलाई थी

चित्तौड़गढ़ में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की साल 2022 की हिंदी लेक्चरर (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और गिरफ्तारी की है। SOG ने जोधपुर निवासी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को 14 जुलाई को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उसने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार के नाम पर फर्जी एमए (हिंदी) की डिग्री और मार्कशीट उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इस मामले में अब तक फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने वाली अभ्यर्थी समेत 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने की कोशिश SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया- RPSC में हिंदी लेक्चरर भर्ती के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री जमा कराई थी। आयोग ने जब डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन कराया तो पता चला कि यह डिग्री मेवाड़ यूनिवर्सिटी ने जारी ही नहीं की थी। इसके बाद मार्च 2024 में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि अभ्यर्थी ने फर्जी डिग्री और झूठे शपथ पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश की थी। ऐसे जुड़ा अशोक चोटिया का नाम जांच आगे बढ़ी तो एसओजी को पता चला कि अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया ने इस पूरी प्रक्रिया में बिचौलिए की भूमिका निभाई। उसने महेंद्र सिंह राव के जरिए डॉ. सुरेश कुमार से संपर्क किया और उनकी बहन ब्रह्मा कुमारी के लिए फर्जी डिग्री और मार्कशीट की व्यवस्था करवाई। जांच में यह भी सामने आया कि अशोक ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंदुल से संपर्क कर यह फर्जी डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध कराए। SOG का कहना है कि जांच में अशोक की भूमिका के पर्याप्त सबूत मिले हैं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अदालत से 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड मिलने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। 15 गिरफ्तार, दूसरे मामलों में भी आरोपी एसओजी के अनुसार इस मामले में अब तक फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने वाली अभ्यर्थी सहित कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अशोक विश्नोई के खिलाफ इसी तरह फर्जी डिग्री दिलाने से जुड़ा एक और मामला भी अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज है, जिसमें उसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। इसके अलावा वह जोधपुर जिले के कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी पहले गिरफ्तार हो चुका है। एसओजी का कहना है कि पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट के जरिए और कितने लोगों को फर्जी डिग्रियां उपलब्ध कराई गईं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

राजस्थान में भगवान जगन्नाथ की रथयात्राएं निकलीं:उदयपुर में पहली बार 375 साल पुराना रथ शामिल, 21 बंदूकों की सलामी दी; जयपुर में 25-फीट ऊंचा रथ

राजस्थान के अलग-अलग शहरों में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। उदयपुर में जगदीश मंदिर से राजस्थान की सबसे बड़ी और देश में तीसरी बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा निकली। भगवान जगन्नाथ स्वामी 95 किलो चांदी के रथ पर मां लक्ष्मी और दानीराय जी के साथ विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। भगवान को 21 बंदूकों की सलामी दी गई। इस यात्रा में जगदीश मंदिर की स्थापना के बाद पहली बार 375 साल पुराने लकड़ी के रथ को भी शामिल किया गया। इसमें भगवान श्री कृष्णजी और राधा जी जुगल सरकार विराजित हुए। जयपुर में जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से पुरी (ओडिशा) की तर्ज पर गोविंददेवजी मंदिर से भव्य रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ 25 फीट और बलभद्र व देवी सुभद्रा 12-12 फीट ऊंचे रथ पर सवार हुए। वहीं, जयपुर में गुप्त वृंदावन धाम में मॉडर्न हाइड्रोलिक रथ पर शोभायात्रा निकाली गई। कोटा में इस्कॉन केंद्र गोविंद धाम की ओर से रथयात्रा में भक्त भजनों पर नाचते-गाते चले। अजमेर में यात्रा के दौरान महिलाएं भगवान जगदीश के रथ के आगे झाड़ू से सफाई करती हुई चलीं। करीब 800 किलो वजनी रथ को खींचने के लिए दोनों ओर 200 मीटर लंबे रस्से बांधे गए। जोधपुर शहर के सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। यह प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में 250 साल पुरानी परंपरा के तहत सुबह रथयात्रा महोत्सव हुआ। भगवान गौर गोविंद को चांदी के प्राचीन रथ में विराजमान कर मंदिर परिसर की चार परिक्रमा कराई गई। देखिए, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से जुड़ीं PHOTOS… … जगन्नाथ रथयात्रा के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

डॉक्टर ने कहा-अनपढ़ हूं, मुझे हॉस्पिटल से बाहर निकालो:मरीज के परिजन बोले-आपको शर्म आनी चाहिए, पसलियों में फ्रैक्चर को बताया मामूली चोट

झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही की शिकायत पर ऑर्थोपेडिक डॉक्टर जगदेव सिंह मरीज के परिजनों पर भड़क गए। कहा- “मैं पढ़ा हुआ नहीं हूं, मैं तो अनपढ़ हूं, निकालो मुझे हॉस्पिटल से बाहर। मामला 15 जुलाई का है। इसका वीडियो आज सामने आया है। वीडियो में डॉक्टर मरीज के परिजनों से बहस करते दिख रहे हैं। मरीज के भाई का आरोप है कि उसके छोटे भाई का एक्सीडेंट हो गया था। डॉक्टर जगदेव सिंह ने एक्स-रे देखने के बाद भीं फ्रैक्चर नहीं बताया। दवाइयां देकर घर भेज दिया। यह है मामला गांव डूमरा निवासी विकास महला का 12 जुलाई की देर शाम एक्सीडेंट हो गया था। परिजन 13 जुलाई को उसे बीडीके हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। विकास के भाई मुकेश महला ने बताया- ऑर्थोपेडिक डॉक्टर जगदेव सिंह ने एक्स-रे करवाया और रिपोर्ट देखने के बाद कहा- कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने दवाइयां लिखकर हम लोगों को घर भेज दिया। कंपाउंडर ने देखा तो पता चला फ्रैक्चर मुकेश महला ने बताया- घर जाने के बाद जब हमने परिवार के एक सदस्य, जो कि कंपाउंडर हैं, विकास को देखा तो वे हैरान रह गए। विकास की पसलियों में फ्रैक्चर था। परिवार को समझ नहीं आया कि जिस डॉक्टर ने रिपोर्ट देखी, उन्होंने इतनी गंभीर चोट को सामान्य कैसे बता दिया। 15 जुलाई को परिजन वापस हॉस्पिटल पहुंचे और डॉक्टर से पूछा- आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? आरोप है कि डॉक्टर जगदेव सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय परिजनों से अभद्रता शुरू कर दी। डॉक्टर और परिजनों के बीच हुई तीखी बहस डॉक्टर जगदेव सिंह और परिजनों के बीच हुई इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में डॉक्टर चैम्बर के अंदर मरीजों और अन्य लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। परिजन : डॉक्टर साहब, आपको यह भी पता नहीं चला कि हड्डी टूटी हुई है? डॉक्टर :मैं पढ़ा हुआ नहीं हूं। मैं तो अनपढ़ हूं। परिजन : हां, तुम अनपढ़ ही हो। परिजन :डॉक्टर साहब, आप जिला हेडक्वार्टर के हॉस्पिटल में बैठे हैं। आपको इतना तो एहसास होना चाहिए कि आपने क्या काम किया है। डॉक्टर : हां, बैठा हूं। निकाल दो मुझे यहां से बाहर। परिजन: हम आपको बाहर क्यों निकालें? डॉक्टर होकर ऐसी भाषा बोल रहे हैं? एक्स-रे में साफ दिख रहा है कि हड्डी टूटी हुई है, फिर भी आपने कह दिया कि कुछ नहीं है। आपको पता है कि मरीज को कितनी पीड़ा हुई है?” परिजन: डॉक्टर साहब, आपको थोड़ी बहुत तो शर्म आनी चाहिए। डॉक्टर: नहीं है शर्म। आप दो के ही पास शर्म है क्या?” परिजन :आप जिला हेडक्वार्टर के हॉस्पिटल में बैठे हैं, कम से कम अपनी जिम्मेदारी तो समझें।” डॉक्टर :तुम बैठ जाओ।

व्यापारी के बेटे की सिर में गोली मारकर हत्या:दोस्तों के साथ गया था, घर से 45 किमी दूर शव मिला; 12वीं क्लास में पढ़ता था

अलवर में टेंट व्यापारी के 16 साल के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। एक गोली सिर के आर-पार हो गई। दूसरी गोली उसके जबड़े में फंस गई। शुरुआती जांच में मामला आपसी विवाद का लग रहा है। वह दोस्तों के साथ ही घर से बाहर गया था, उसके बाद लौटा नहीं था। पुलिस ने 2 दोस्तों को हिरासत में ले लिया है। मामला नौगांवा इलाके का है। नौगांवा के तसई इंदिरा कॉलोनी निवासी तुषार कुमार पुत्र राजेश कुमार की हत्या की गई है। लड़के का शव अलवर शहर से करीब 45 किमी दूर एक फार्म हाउस की दीवार के पास पहाड़ी पर मिला है। पोस्टमॉर्टम करने पर पता चला कि लड़के को दो गोली मारी गई। पुलिस का कहना है कि जांच कर रहे हैं। जल्दी मामले का खुलासा किया जाएगा। 14 जुलाई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी तुषार कुमार की गुमशुदगी की शिकायत परिवार वालों ने 14 जुलाई को ही सदर थाने में दे दी थी। तुषार के मामा विनीत कुमार भूगोर में रहते हैं। तुषार अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था। वह 12वीं का स्टूडेंट था। विनीत ने बताया- तुषार 14 जुलाई को भूगोर इलाके से अपने कुछ दोस्तों के साथ अचानक गायब हो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस को खबर दी। 15 जुलाई को तुषार का शव नौगांवा के पास पहाड़ियों में एक फार्म हाउस के बगल में मिला। तुषार कुमार अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। कॉल डिटेल के आधार पर 2 दोस्त हिरासत में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुषार के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने उन दोस्तों को चिन्हित किया, जो आखिरी वक्त में तुषार के साथ थे। परिजनों ने दोस्तों पर शक जताया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों दोस्तों को हिरासत में लिया है। — यह खबर भी पढ़िए… पड़ोसियों ने की 80 साल के व्यापारी की हत्या, रोज अंकल-अंकल कहते थे, चोरी करने घुसे अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी। उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। (पूरी खबर पढ़ें)

शादी का झांसा देकर महिला से रेप:अश्लील फोटो और वीडियो से ब्लैकमेल कर रुपए हड़पे, धमकी दी

सीकर जिले में 34 साल की महिला से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ रेप किया। इतना ही नहीं आरोपी ने रेप करने के दौरान अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जिन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला से रुपए भी हड़पे। महिला ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। 34 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि पड़ोस में ही रहने वाला एक युवक परिचित था। जो कई बार उसके घर पर आता-जाता रहता था। आरोपी युवक ने महिला से सोशल मीडिया पर बातचीत करके नजदीकियां बढ़ाई और कहने लगा कि वह उसे पसंद करता है और उसके साथ ही शादी करेगा। आरोपी ने महिला को मिलने के लिए बुलाया। तब शादी का झांसा देकर महिला के साथ रेप कर लिया। रेप के दौरान अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इन फोटो और वीडियो से ब्लैकमेल करता रहा और रुपए भी हड़प लिए। इसके बाद भी वह महिला को लगातार परेशान कर रहा था। महिला ने यह बात अपने पति को बताई और पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया। अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 25 साल की युवती घर से 20 हजार रुपए लेकर फरार सीकर जिले में 25 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती घर से 20 हजार रुपए लेकर चली गई। इस संबंध में युवती के पिता ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 15 जुलाई की रात उनके साथ सो रही थी। सुबह उठे तो बेटी घर पर नहीं मिली। इतना ही नहीं घर में रखे 20 हजार रुपए भी गायब मिले।