ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या:बेटे ने मारपीट की, घसीटते हुए सड़क पर ले गया; जमीन को लेकर चल रहा था विवाद

झुंझुनूं के खेतड़ी इलाके में बेटे ने जमीनी विवाद में ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी। बेटे ने पिता से मारपीट की और घसीटते हुए सड़क पर ले आया। घटना मेहाड़ा थाना क्षेत्र के गांव ढोसी में गुरुवार रात करीब 10ः30 बजे की है। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। बेटे और पिता में 30 बीघा जमीन को लेकर तीन साल से विवाद चल रहा था। थानाधिकारी राममनोहर ठोलिया ने बताया- महावीर प्रसाद (65) की हत्या की गई है। बेटे शमशेर सिंह (38) को पकड़ लिया है। घटना को लेकर बाढ़ड़ा निवासी राकेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। राकेश कुमार ने बताया- महावीर प्रसाद उसके ससुर थे। विवाद के चलते शमशेर अपने पिता से अलग रहता था। ग्राफिक में देखें पूरा घटनाक्रम…
धर्मशाला के पास बैठे थे राकेश कुमार ने बताया- गुरुवार को उनके ससुर घर पर अकेले थे, उनकी पत्नी रिश्तेदारों के यहां घरड़ाना गांव गई हुई थी। रात करीब 10ः30 बजे महावीर प्रसाद धर्मशाला के पास बैठे थे। इसी दौरान शमशेर सिंह वहां आया और पिता से मारपीट करने लगा। पिता को घसीटते हुए सड़क पर लाया, टक्कर मारी मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन शमशेर सिंह रुका नहीं और अपने पिता को पीटता रहा और घसीटते हुए सड़क पर ले आया। इसके बाद उसने वहां खड़े ट्रैक्टर से पिता को कुचल दिया। महावीर प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तुरंत खेतड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटा-बेटियों में बराबर बांटना चाहते थे जमीन थानाधिकारी ने बताया- पिता और बेटे के बीच ढोसी गांव में 30 बीघा जमीन को लेकर तीन साल से विवाद चल रहा है। महावीर प्रसाद चाहते थे कि ये जमीन चारों बेटियों और बेटे शमशेर में बराबर बांटी जाए, जबकि शमशेर पूरी जमीन पर अपना हक चाहता था। मामले को लेकर कई बार रिश्तेदारों ने समझाइश भी की थी। महावीर प्रसाद खेती करते थे। ….. ये भी पढ़ें- जयपुर में बेटे ने पिता को थप्पड़-घूंसों से पीटा,VIDEO:लात भी मारी, जमीन पर गिरे तो घसीटता हुआ कमरे में ले गया; परिवार देखता रहा जयपुर में एक बेटे ने बुजुर्ग पिता को बेरहमी से पीटा। बेटे ने एक के बाद एक कई थप्पड़, लात और घूंसे पिता पर बरसाए। इस दौरान पिता सीढ़ियों में भी गिर गए। इसके बावजूद आरोपी बेटा नहीं रुका। वह जमीन पर गिरे पिता को हाथ से पकड़कर घसीटता हुआ कमरे में ले गया। इस दौरान पूरा परिवार देखता रहा। पूरी खबर पढ़ें…

उदयपुर में बदला मौसम, कई इलाकों में हुई बारिश:एक्सपर्ट ने कहा- दक्षिणी राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हुईं; कल आंधी-बारिश का अलर्ट

उदयपुर में शुक्रवार दोपहर मौसम में अचानक बदलाव हुआ। सुबह से तेज धूप और उमस के बीच दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए। इसके बाद शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और फिर बारिश शुरू हुई। मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हिरणमगरी, सविना, चेतक सर्किल, कोर्ट चौराहा, रूपसागर रोड, शोभागपुरा, 100 फीट रोड से लेकर आसपास के इलाके में बारिश हुई। इससे लोगों को राहत मिली। यहीं नहीं जिले के कानोड़, भटेवर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश हुई। दोपहर में बूंदाबांदी के बाद शाम करीब चार बजे से बारिश को दौर शुरू हुआ। करीब 15 मिनट तक शहर में बारिश हुई। बारिश से जिन इलाकों में जल भराव की समस्या है वहां पानी भर गया। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाइवे पर भटेवर में भी पानी भर गया। मौसम विशेषज्ञ और गुरुनानक स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया- दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिणी राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। उन्होंने बताया- उदयपुर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में आगामी दिनों में खंड वर्षा (छिटपुट बारिश) होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही और नमी बढ़ने से मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 27 जून को आंधी-बारिश का अलर्ट उदयपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इससे एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में हल्की कमी महसूस हुई और लोगों को तेज धूप व उमस से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार- यदि मानसूनी गतिविधियां इसी तरह आगे बढ़ती रहीं तो अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार- 27 जून को आंधी-बारिश का अलर्ट है। वहीं 2 जुलाई तक बादल छाए रहेंगे।

शादीशुदा महिला के साथ भाग रहे प्रेमी की हत्या:ससुराल वालों ने पकड़कर पीटा, 3 साल से चल रहा था लव अफेयर

बाड़मेर में 6 बच्चों की मां के साथ भाग रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। दोनों के बीच 3 साल से अवैध संबंध थे। लाठी-डंडों से हमले में सिर में चोट लगने से युवक ने मौके पर दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। घटना ग्रामीण थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुई। बाड़मेर ग्रामीण थाना प्रभारी विक्रम चारण – मागाराम (25) चौहटन थाना क्षेत्र के सांवलोर का रहने वाला था। बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र में रहने वाली 32 साल की महिला के साथ लव अफेयर था। महिला के गांव के पास में ही युवक की बहन का घर है। ऐसे में आने-जाने के समय दोनों की मुलाकात हुई थी। महिला के छह बच्चे हैं। अब पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. टैक्सी से गांव पहुंचा, महिला को साथ लेकर निकल रहा था
बाड़मेर ग्रामीण थाना प्रभारी विक्रम चारण ने बताया – पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे मागाराम टैक्सी से महिला के गांव पहुंचा था। उस समय महिला घर में अपने छह बच्चों के साथ अकेली थी, क्योंकि उसका पति किसी काम से बाड़मेर गया हुआ था। पुलिस के अनुसार दोनों गांव से साथ निकल रहे थे। 2. ससुराल पक्ष ने देख लिया, फिर हमला कर दिया
पुलिस पूछताछ में सामने आया – महिला के ससुराल पक्ष के लोगों ने दोनों को साथ जाते देख लिया। इसके बाद उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। आरोप है कि इस दौरान मागाराम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। युवक बचने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए, जबकि महिला वापस अपने घर चली गई। 3. पति लौटा तो घर के पास पड़ा मिला शव
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में महिला के पति ने बताया कि घटना के समय वह घर पर नहीं था और किसी काम से बाड़मेर गया हुआ था। शुक्रवार सुबह वापस लौटा तो घर के पास मागाराम का शव पड़ा मिला। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मागाराम और महिला के बीच पिछले करीब तीन साल से प्रेम संबंध थे और पति की गैर-मौजूदगी में दोनों ने भागने की प्लानिंग की थी। 4. मौके से सबूत जुटाए, जांच जारी
बाड़मेर ग्रामीण थाना प्रभारी विक्रम चारण ने बताया – पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया हैं। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं मृतक युवक के परिजनों की रिपोर्ट की आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूछताछ के आधार पर मामले में कार्रवाई की जा रही है।

जयपुर में बेटे ने पिता को थप्पड़-घूंसों से पीटा,VIDEO:लात भी मारी, जमीन पर गिरे तो घसीटता हुआ कमरे में ले गया; परिवार देखता रहा

जयपुर में एक बेटे ने बुजुर्ग पिता को बेरहमी से पीटा। बेटे ने एक के बाद एक कई थप्पड़, लात और घूंसे पिता पर बरसाए। इस दौरान पिता सीढ़ियों में भी गिर गए। इसके बावजूद आरोपी बेटा नहीं रुका। वह जमीन पर गिरे पिता को हाथ से पकड़कर घसीटता हुआ कमरे में ले गया। इस दौरान पूरा परिवार देखता रहा। पिता के सिर और मुंह पर गंभीर चोट आई हैं। घटना सांगानेर थाना क्षेत्र के चंदलाई स्थित मारुति कॉलोनी की 19 जून की है। इसी दिन पीड़ित आनंदी लाल उच्चेनिया (67) की बेटी सुनेना थाने में मामला दर्ज करवाने पहुंची थी, लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। सुनेना ने बताया- सिर्फ शिकायत लेकर पुलिस ने कहा कि सुबह आना। अगली सुबह पीड़ित पिता थाने पहुंचे। फिर बड़े साहब आने की बात कहकर अगले दिन मुकदमा दर्ज करने की बात की। 21 जून को पिता बेटियों के साथ थाने पहुंचे, तब जाकर मुकदमा दर्ज किया। आनंदी लाल के साथ उनके बड़े बेटे धनपत उच्चेनिया ने मारपीट की थी। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। पहले देखिए, बेटे की बेरहमी की PHOTOS…
पीड़ित आनंदी लाल उच्चेनिया बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया- बड़ा बेटा चंदलाई गांव (जयपुर) में रहता है, जबकि छोटा बेटा मधुसूदन मेरे साथ रहता है। 19 जून 2026 की रात करीब 8 बजे मधुसूदन घर पहुंचा था। आते ही मारपीट शुरू कर दी थी। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे किराएदारों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया था। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार किया सांगानेर थाना पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग की शिकायत पर घटना के तुरंत बाद मामला दर्ज कर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। मामले में नियमानुसार कार्रवाई पहले से जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिता और पुत्र एक ही घर में रहते हैं। किसी घरेलू विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आरोपी के प्रति गहरा रोष है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। पीड़ित के चार बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें से छोटा बेटा मानसिक रूप से कमजोर है।
…. यह खबर भी पढ़ें… जयपुर में पीट-पीटकर मां को मार डाला, VIDEO:बेहोश होने के बाद भी मुक्के मारता रहा बेटा, पति बचाने की कोशिश करता रहा जयपुर में बेटे की ओर से मां की हत्या करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि युवक मां को बेरहमी से पीटता है। पत्नी को पिटते देख कॉन्स्टेबल पति बचाने आता है। मां के बेहोश होने पर भी बेटा मुक्के मारता रहा। मामला करधनी इलाके का 15 सितंबर का है। (पूरी खबर पढ़ें)

रेगिस्तानी इलाके में पहली बार दिखा घड़ियाल; VIDEO:इंदिरा गांधी नहर में पंजाब से बहकर आने का अनुमान; आसपास के गांवों के लोग डरे

जैसलमेर जिले के नाचना इलाके में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार करीब 5 फीट लंबा घड़ियाल दिखाई दिया। ग्रामीणों ने नहर में घड़ियाल को तैरते देखा तो उसका वीडियो बना लिया। घड़ियाल पानी के तेज बहाव के साथ बहता हुआ पोकरण लिफ्ट तक पहुंच गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेगिस्तानी इलाके में घड़ियाल दिखाई देने का यह पहला मामला है। उनका अनुमान है कि यह पंजाब के हरीके बैराज से बहकर यहां पहुंचा है। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक रेस्क्यू नहीं किया जा सका है। पहले देखिए, रेगिस्तान में घड़ियाल की तस्वीरें… ग्रामीणों ने घड़ियाल देखा तो वीडियो बनाया
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम को अवाय गांव के देवाराम और कालूराम इंदिरा गांधी नहर के पास से गुजर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नहर के पानी में एक अजीब जीव को तैरते देखा। दोनों ने तुरंत मोबाइल निकाला और उसके फोटो-वीडियो बना लिए। इन लोगों ने जब यह वीडियो गांव में दूसरे लोगों को दिखाया तो बड़ी संख्या में लोग नहर के पास पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि यह जीव पिछले कुछ दिनों से रोज शाम को नहर में दिखाई दे रहा है। अब यह अवाय गांव से आगे बढ़कर करीब आधा किलोमीटर दूर पोकरण लिफ्ट के पास नजर आया है। मगरमच्छ प्रजाति का जीव, लेकिन इंसानों पर हमला नहीं करता
वन्यजीव एक्सपर्ट और उप वन संरक्षक कुमार शुभम के अनुसार, घड़ियाल मगरमच्छ प्रजाति का ही हिस्सा है। हालांकि, इसका मुंह काफी पतला और लंबा होता है, इसलिए यह आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता। यह मुख्य रूप से मछलियां खाता है। बहते पानी में रेस्क्यू मुश्किल, छोटी जगह आते ही पकड़ेंगे
डीएफओ (वन विभाग, IGNP स्टेज-2) देवेंद्र सिंह ने बताया- रेगिस्तान में पहली बार घड़ियाल दिखाई देने का मामला सामने आया है। अनुमान है कि घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ बहकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के इस हिस्से तक पहुंचा है। पहले भी नहर बंदी के दौरान इसके दिखाई देने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुख्य नहर में पानी का बहाव बहुत तेज है, ऐसे में बहते पानी के बीच घड़ियाल का रेस्क्यू करना तकनीकी रूप से काफी मुश्किल है। हमारी टीम लगातार वन्यजीव विशेषज्ञों के संपर्क में है। जैसे ही घड़ियाल किसी छोटी डिग्गी, कम पानी वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर रुकेगा, तुरंत रेस्क्यू कर लिया जाएगा। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। ये खबरें भी पढ़ें अंडों से निकलते घड़ियाल के बच्चों का रोमांच:नेस्टिंग पॉइंट्स पर 40 दिन तक नजर रखी तब बना अद्भुत VIDEO अंडों से निकलते घड़ियाल के बच्चे, लाइव VIDEO:मां के कुकू कॉल पर बाहर निकलना शुरू कर देते हैं

राजस्थान के 307 बांध पूरी तरह खाली:44% पानी ही बचा, सिर्फ 5 फुल; उदयपुर जोन में पिछले साल से बेहतर हालात

राजस्थान में मानसून के इंतजार के बीच राज्य बांधों को लेकर जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार राज्य के बड़े, मध्यम और छोटे बांधों में अभी कुल क्षमता का 44.22 प्रतिशत पानी बचा है। राहत की बात यह है कि साल 2024 के मुकाबले 2025 और 2026 में करीब 15 फीसदी ज्यादा पानी एकत्र है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार पानी करीब 2 फीसदी कम है। उदयपुर जिले और संभाग के लिहाज से इस बार थोड़ी राहत है। यहां पानी की स्थिति पिछले साल के मुकाबले अधिक है। मेवाड़-वागड़ के मुख्य बांधों में इस समय जलस्तर बेहतर होने से मानसून से पहले शहर में पानी का बड़ा संकट टला है। उदयपुर के स्थानीय निवासी और सैलानियों के लिए अच्छी बात यह है कि यहां की मुख्य झीलों का जलस्तर अभी भी आधे से अधिक बना हुआ है। क्या मानसून तक नहीं होगा जल संकट? उदयपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य झीलों फतेहसागर और पिछोला में अभी भी 65 फीसदी से ज्यादा पानी है। जलदाय विभाग के अनुसार, झीलों में मौजूद यह पानी मानसून के आने और झीलों के दोबारा छलकने तक पूरे उदयपुर शहर की वाटर सप्लाई के लिए पर्याप्त है। शहर को पानी सप्लाई करने वाले मानसी वाकल बांध में भी 60 प्रतिशत से ज्यादा का स्टॉक है। इसका सीधा मतलब यह है कि मानसून में थोड़ी देरी होने पर भी उदयपुर शहर के लोगों को फिलहाल पानी की कटौती या किसी बड़े जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। सैलानियों के लिए भी राहत की बात है कि जून के इस आखिरी हफ्ते में भी झीलों का नजारा सूखा नहीं, बल्कि पानी से लबालब दिख रहा है। राजस्थान के 307 बांध पूरी तरह खाली, रोज सूख रहा पानी जल संसाधन विभाग की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार- राजस्थान के कुल 693 बांधों की निगरानी की जा रही है। इनमें से 307 बांध पूरी तरह से सूख चुके हैं, यानी इनमें बिल्कुल पानी नहीं है। वहीं, केवल 5 बांध ही ऐसे हैं, जो पूरी तरह से लबालब भरे हुए हैं। बाकी बचे 381 बांधों में थोड़ा-बहुत पानी है, जिन्हें आंशिक रूप से भरा हुआ माना गया है। बिना बारिश और तेज गर्मी के कारण पिछले 24 घंटों में ही राज्य के बांधों में कुल 11.88 एमसीएम पानी की कमी आई है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 23 सबसे बड़े और प्रमुख बांधों में अभी 56.09 प्रतिशत पानी मौजूद है। दूसरी तरफ, 263 मध्यम दर्जे के बांधों में 26.27 प्रतिशत पानी बचा है। सबसे चिंताजनक हालत 407 छोटे बांधों की है, जिनमें उनकी कुल क्षमता का महज 13.50 फीसदी पानी ही बचा हुआ है। अगर अलग-अलग इलाकों यानी जोन के हिसाब से देखें तो कोटा जोन के बांधों में सबसे ज्यादा 54.93 प्रतिशत पानी है, जबकि जोधपुर जोन के बांधों में सबसे कम 18.68 प्रतिशत पानी बचा है। उदयपुर संभाग (जोन) के अन्य जिलों में पानी की स्थिति

बांसवाड़ा में महिला का मुंह खा गया कुत्ता:होंठ से गाल तक मांस कटा, 40 टांके आए; खाना खाकर घर के बाहर बैठीं थी

बांसवाड़ा में खाना खाकर घर के बाहर बैठी एक महिला पर कुत्ते ने हमला कर दिया। महिला के हाथ और चेहरे को बुरी तरह नोचा। महिला के होंठ से गाल तक का मांस कटकर निकल गया। गंभीर रूप से घायल महिला के चेहरे और हाथ पर 40 टांके लगाने पड़े। ग्रामीणों के अनुसार, यही कुत्ता गांव के दो अन्य लोगों पर भी हमला कर चुका है, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। घटना सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार की शाम को हुई। खाना खाकर घर के बाहर बैठी थी, तभी कुत्ते ने हमला किया
जानकारी के अनुसार, बडवेल निवासी हीरा (50) पत्नी मकना गुरुवार शाम करीब 7 बजे खाना खाने के बाद अपने घर के बाहर बैठी थी। इसी दौरान अचानक एक कुत्ता वहां आ गया और हमला कर दिया। महिला जब तक कुछ समझ पाती, तब तक कुत्ते ने उनके हाथ और गाल पर बुरी तरह काट लिया। लोगों ने कुत्ते को भगाया, अस्पताल में आए 40 टांके
महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को वहां से भगाया गया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत सज्जनगढ़ के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कुत्ते के हमले में महिला के हाथ और गाल पर 40 टांके आए हैं। एक दिन में तीन लोगों को बनाया शिकार, गांव में दहशत
108 एम्बुलेंस के पायलट पंकज कुमार जाटव ने बताया- इस कुत्ते ने हीरा देवी के अलावा गांव के 2 अन्य लोगों को भी काटकर घायल कर दिया। एक ही दिन में तीन लोगों पर हुए हमले के बाद बडवेल गांव में दहशत का माहौल है। घायल महिला का फिलहाल अस्पतााल में इलाज जारी है। — कुत्ते के हमले की ये खबर भी पढ़ें… कुत्ते ने 2-घंटे में 36 को काटा,लोगों ने घेरकर मारा:घर के बाहर खेल रही बच्ची का गाल नोंचा; बुजुर्ग का अंगूठा चबा डाला बांसवाड़ा के गढ़ी में बुधवार को कुत्ते ने 2 घंटे में 36 लोगों को काट दिया। एक बच्ची का गाल नोंच लिया। बुजुर्ग का अंगूठा पर काट लिया। लोगों ने घेरकर कुत्ते को मार डाला। पूरी खबर पढ़िए जर्मन शेफर्ड डॉग ने 4 साल की बच्ची को नोंचा:सिर पर हमला कर लहूलुहान कर डाला, पड़ोसी ने तड़पती बच्ची को देख गेट बंद कर लिया जयपुर में जर्मन शेफर्ड डॉग ने एक 4 साल की बच्ची पर हमला कर दिया। सिर नोंचकर लहूलुहान कर डाला। घायल बच्ची का एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। पूरी खबर पढ़िए

स्कूल से शुरू हुई प्रेम कहानी का हॉस्पिटल में अंत:पति बोला-पत्नी और बच्चे को खोकर अकेला रह गया; सिजेरियन के बाद हुई थी मौत

‘मैं सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) से बड़ी उम्मीद के साथ बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में पत्नी को लेकर आया था। पत्नी की सिजेरियन डिलीवरी के दो दिन बाद ही बच्चे की मौत हो गई। पत्नी की किडनी फेल हो गई थी। वह एक महीने तक हॉस्पिटल में तड़पती रही और आखिर में उसने दम तोड़ दिया। मैं कुछ नहीं कर सका। पत्नी और बच्चे, दोनों को खोकर खाली हाथ लौट गया। स्कूल के दिनों में प्रेम हुआ था। घरवालों की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज की थी। साथ जीने का सपना भी पूरा नहीं हो सका।’ यह दर्द है सूरतगढ़ के रहने वाले कमल नायक का, जिनकी पत्नी प्रीति (20) की पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन के बाद किडनी फेल होने से 19 जून को मौत हो गई थी। कमल ने कहा- मेरे लिए सबसे बड़ा नुकसान पत्नी और बच्चे को खोना है। पहले समझिए… पूरा मामला बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल्योर का पहला मामला 18 मई को सामने आया था। लेकिन हॉस्पिटल प्रशासन ने इसकी जानकारी 6 जून को दी थी। सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। हालात इतने बिगड़ गए थे कि प्रसूताओं की कई बार डायलिसिस की गई। सभी को ICU में शिफ्ट किया गया। इनमें तारा देवी (27) और राहिला (19) को छुट्टी दे दी गई। इमरती (20) पोस्ट कोविड आईसीयू में भर्ती है। कमला का मेडिसिन आईसीयू में इलाज जारी है। प्रीति निवासी सूरतगढ़ की 19 जून और शारदा नायक (26) ने 21 जून को दम तोड़ दिया था। अब पढ़िए, प्रीति के पति कमल नायक की जुबानी… जांच करवाने हॉस्पिटल लेकर आया था कमल नायक ने बताया- पत्नी प्रीति 6 महीने की प्रेग्नेंट थी। ब्लड प्रेशर (BP) गड़बड़ होने पर सूरतगढ़ के हॉस्पिटल लेकर गया था। रेफर करने पर 15 मई को इलाज के लिए बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल लेकर आया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे बच्चे की हालत गंभीर बताई। मुझे कहा गया कि मां और बच्चे में से किसी एक की जान को खतरा है, इसलिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। 16 मई को ऑपरेशन किया गया। डिलीवरी के बाद मां और बच्चा, दोनों सुरक्षित थे। पत्नी को लेबर रूम में शिफ्ट किया गया था। सिजेरियन के 2 दिन बाद बच्चे की मौत कमल के अनुसार, 17 मई को डॉक्टरों ने प्रीति की तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी दी। इसके अगले दिन 18 मई को नवजात बच्चे की मौत हो गई। प्रीति की ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी। इलाज के दौरान खून और यूरिन (पेशाब) आना भी बंद हो गया था। इसके बाद बिना रेफर किए ही जयपुर या जोधपुर ले जाने की बात कही गई। फोन पर बात करवाने के बाद अस्पताल में दोबारा इलाज शुरू किया गया। बाद में सांस लेने में दिक्कत होने पर प्रीति के गले में पाइप डाल दिया गया। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने किडनी और लिवर प्रभावित होने की जानकारी दी। इलाज के दौरान प्रीति करीब एक महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। आखिरकार 19 जून को उसकी मौत हो गई। कमल ने कहा- मैंने पत्नी और बच्चे को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन दोनों को नहीं बचा सका। अब मैं अकेला रह गया हूं। पत्नी छोड़कर चली गई और बच्चा भी नहीं रहा। स्कूल की दोस्ती प्यार में बदली, फिर लव मैरिज की कमल ने बताया- मैं और प्रीति सूरतगढ़ में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इस दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। बालिग होने के बाद दोनों ने अगस्त 2025 में इंटरकास्ट लव मैरिज कर ली। परिवार की नाराजगी के बावजूद दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया था, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया। कमल सूरतगढ़ में सैलून पर काम करते हैं। उन्होंने कहा- अब तक मुझे कोई आर्थिक सहायता या सरकारी मदद नहीं मिली है। हॉस्पिटल में जान गंवाने वाली शारदा नायक के परिवार ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान सूरतगढ़ से बीकानेर पहुंचा था। पीबीएम हॉस्पिटल से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए प्रदर्शन में शामिल हुआ था। न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाई थी। … मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर में प्रसूता के पति ने खुद पर पेट्रोल छिड़का:बोले- मां-बाप को पुलिस ले गई; पत्नी के शव के पोस्टमॉर्टम के लिए दबाव बना रहे बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं

‘भास्कर समाधान’ से प्रशासन तक पहुंच रही समस्याएं:2 महीने से बंद स्ट्रीट लाइट, सालभर से बिजली कनेक्शन का इंतजार; सफाई और सड़कें भी बनीं सिरदर्द

जोधपुर में कहीं दो महीने से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है, तो कहीं किसी को एक साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल सका है। पूरे जोधपुर में विभिन्न वार्डों में खुदी सड़कें लोगों का सिरदर्द बढ़ा रही हैं। जोधपुर से ऐसी ही समस्याएं लोग दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ पर फोटो-वीडियो के साथ पोस्ट कर रहे हैं। पोस्ट से जिम्मेदारों तक विकास की जमीनी हकीकत भी पहुंच रही है। कई मामलों में अधिकारियों ने पहल करते हुए समाधान भी करवाए हैं। जोधपुर से आईं कुछ ऐसी ही समस्याओं और उनके समाधानों पर एक नजर… 2 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब जोधपुर के कबीर नगर से नवदीप शर्मा ने दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर स्ट्रीट लाइट की समस्या भेजी है। उन्होंने संक्षिप्त में बताया कि दो महीने से उनके क्षेत्र बुद्धि भील बस्ती, श्री मोहनदास मार्ग पर बिजली पोल की लाइट खराब है जिसे ठीक नहीं किया जा रहा है। 1 साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं जोधपुर से ‘भास्कर समाधान’ पर पंडितान नगर, नांदड़ी से पृथ्वी सिंह ने बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरे एक साल से ऊपर हो गया है। डिमांड राशि भी भर चुका हूं लेकिन कनेक्शन नहीं किया जा रहा है। 15 दिन से नहीं हुई टैक्सी स्टैंड पर सफाई ‘भास्कर समाधान’ पर प्रताप नगर से राजा कुरैशी ने बताया कि उनके एरिया में बीते 15 दिनों से सफाई नहीं हो रही है। पोस्ट में राजा ने लिख ने कि बिस्मिल्लाह डेयरी के पास बने टैक्सी स्टैंड पर बहुत गंदगी है। सफाई प्रभारी और हैल्थ इंस्पेक्टर को कई बार कह चुके लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आकाशवाणी केन्द्र के पास डस्टबिन गायब महामंदिर एरिया की रेडियो कॉलोनी से कमलेश ने कचरा नियमित न उठने और कचरा पात्र न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि पावटा–सी में आकशवाणी केन्द्र के पास गली में रखा बड़ा डस्टबिन गायब है। लोग खुले में कचरा डाल रहे हैं। रोज सफाई न होने से गंदगी भी फैल रही है। आइए अब एक नजर उन समाधानों पर भी डालें, जो विभागीय अधिकारियों ने करवाए हैं.. पोस्ट से मिला हल, उठ गया कचरा विजय चौक के चतुर्भुज गहलोत मार्ग से राजवीर सिंह ने कचरा न उठाने की शिकायत पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि पांच दिन से कचरा सड़क किनारे पड़ा सड़ रहा है। इस पर वार्ड जमादार सलाउद्दीन भाटी ने साफ–सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। अब लोगों को काफी सुविधा है। पोस्ट के बाद हो गई साफ–सफाई सूरसागर से अंकित सोलंकी ने क्षेत्र में गंदगी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नियमित सफाई न होने से कचरा यहां–वहां बिखर जाता है। इस पर वार्ड के सफाई प्रभारी ने समस्या का निपटारा करते हुए सफाई करवा दी और लोगों को भी खुले में कचरा न डालने की अपील की। राजकुमार बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर की श्रीराम कॉलोनी, पुरानी भाखरी का बास, सूरसागर से अंकित सोलंकी ने क्षेत्र में गंदगी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नियमित सफाई न होने से कचरा यहां–वहां बिखर जाता है। इस पर वार्ड संख्या 5 के सफाई प्रभारी राजकुमार ने समाधान करवा दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर

‘भास्कर समाधान’ पर समस्याओं का हो रहा हल:कोटा में रोड के बीच गड्‌ढा, खराब रोड लाइट, अतिक्रमण से जाम की समस्या, घरों में घुस रहा नाले का पानी

कोटा में सड़क, बिजली, सफाई, जलनिकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं कई वार्डों में लोगों की रोजमर्रा की परेशानी बनी हुई हैं। कहीं सड़क के बीच गड्ढा हादसों का कारण बन रहा है तो कहीं नाले का पानी घरों तक पहुंच रहा है। ऐसे मुद्दों को लेकर लोग दैनिक भास्कर की पहल ‘भास्कर समाधान’ पर लगातार पोस्ट कर जिम्मेदारों से सवाल पूछ रहे हैं। विभागों के चक्कर लगाकर थक चुके लोगों के लिए ‘भास्कर समाधान’ जिम्मेदार अधिकारियों तक सीधे पहुंचने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। कई मामलों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने समाधान की दिशा में कदम भी उठाए हैं। रोड के बीच गड्‌ढा, गिर रहे लोग दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर तलवंडी से कृष्ण कुमावत ने समस्या पोस्ट की है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि अमर पंजाबी के सामने वाली गली में बीते एक साल से रोड के बीच एक गड्‌ढा बना हुआ है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक इसमें फंसकर गिर रहे हैं। रात को और ज्यादा परेशानी होती है। आंधी में गिरी रोड लाइट, लगाई नहीं कोटा शहर के नयागांव से कपिल शर्मा ने रोड लाइट की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की है। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि बीते दिनों आई आंधी में घर के सामने लगे पोल की लाइट टूटकर नीचे गिर गई। लेकिन विभाग ने अब तक दूसरी लाइट नहीं लगाई है। इससे पूरी गली में अंधेरा रहता है। अतिक्रमण से सर्किल से चौराहे तक जाम महावीर नगर विस्तार योजना से संजय कुमार ने संतोषी माता सर्किल से केशवपुरा चौराहे तक ट्रैफिक जाम की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि इस रोड पर सड़क किनारे इतना ज्यादा अतिक्रमण है कि अगर शाम को एक कार भी थोड़ी देर रुक जाए तो लंबा जाम लग जाता है। नाली जाम, घरों में घुस रहा पानी कोटा के रंगबाड़ी से आदी ने लालबाई माता जी के चौक से नालियों की समस्या भेजी है। उन्होंने बताया कि चौक में कई दिनों से मुख्य सीवर लाइन के जाम होने से पूरे चौक में गंदा पानी भर रहा है। थोड़ी सी बरसात होते ही स्थिति और खराब हो जाती है। पानी वापस आसपास के घरों में घुस रहा है। इस समस्या का तुरंत समाधान करवाएं। अब एक नजर उन समस्याओं के समाधान पर जो अधिकारियों की कोशिशों से संभव हुए… रोड के बीच था गड्‌ढा, हुआ पैच वर्क कोटा से अभय सिंह चारण ने बारां रोड, मानपुरा चौराहे के बीच करीब एक फुट गहरे और चार फुट चौड़े गड्‌ढे की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि इसकी वजह से चौपहिया और दोपहिया वाहन चालक काफी परेशान होते हैं। इस पर एक्शन लेते हुए संबंधित विभाग ने गड्‌ढे का पैचवर्क कर समाधान करवा दिया है। डेढ़ महीने से बंद लाइट हुई चालू अमन कॉलोनी से एक यूजर ने बताया कि उनकी गली में जामा मस्जिद रोड पर डेढ़ महीने से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। अंधेरे में वाहनचालकों और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। इस पर एक्शन लेते हुए स्थानीय जन प्रतिनिधी ने समस्या का समाधान करवा दिया है। तबस्सुम मिर्जा बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ कोटा के विज्ञान नगर की अमन कॉलोनी से अब्दुल कादिर ने नूरी जामा मस्जिद रोड पर बंद पड़ी लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि बीते डेढ़ महीने से यह लाइट बंद है और इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। इस पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय पार्षद तबस्सुम मिर्जा ने लाइट सही करवाकर समाधान कर दिया। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 2.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 3.जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 4.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’