राजस्थान को निर्यात का नया हब बनाने की तैयारी:जयपुर में खुलेगा एग्जिम इंडिया बैंक का पहला क्षेत्रीय कार्यालय, राजस्थान के आयात-निर्यात को बढ़ाने पर फोकस

राजस्थान को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भारत सरकार के निर्यात-आयात बैंक (EXIM Bank) ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। बैंक जल्द ही जयपुर में अपना पहला क्षेत्रीय कार्यालय शुरू करेगा, जिससे प्रदेश के निर्यातकों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और उद्योगों को वित्तीय सेवाएं, निर्यात ऋण, व्यापार परामर्श और वैश्विक बाजारों से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। जयपुर के होटल हिल्टन मे आयोजित प्रेस वार्ता में बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर तरुण शर्मा ने कहा कि राजस्थान में निर्यात के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य को हाई-वैल्यू तथा टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों की मदद से देश के अग्रणी निर्यात केंद्रों में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राजस्थान का वस्तु निर्यात 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे राज्य देश का 10वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान का निर्यात मुख्य रूप से सोना-आभूषण, धातु और संसाधन आधारित उत्पादों पर निर्भर है। ऐसे में निर्यात को नई दिशा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, सोलर उपकरण, एडवांस टेक्सटाइल्स और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। पांच जिलों तक सीमित है अधिकांश निर्यात तरुण शर्मा ने बताया कि राजस्थान के कुल निर्यात का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा केवल पांच जिलों से आता है। ऐसे में अन्य जिलों की निर्यात क्षमता विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी, नीमराना और अलवर जैसे औद्योगिक क्लस्टर, राज्य में उपलब्ध औषधीय पौधों की संपदा और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन राजस्थान को वैश्विक निर्यात हब बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका राजस्थान का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, लेकिन वहां अभी भी ज्वेलरी, ग्रेनाइट, सीमेंट और प्लाईवुड जैसे उत्पादों का दबदबा है। वैश्विक मांग के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और फार्मा उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की जरूरत है। टेक्सटाइल, ऑटो और सोलर सेक्टर पर रहेगा विशेष फोकस बैंक ने राजस्थान के लिए ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स, हर्बल फार्मा, सोलर ऊर्जा उपकरण, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और एमएसएमई सेक्टर को भविष्य के प्रमुख निर्यात क्षेत्र बताया। बैंक पहले से ही भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा की टेक्सटाइल इकाइयों, बीकानेर की महिला हस्तशिल्प संस्थाओं और विभिन्न व्यापार सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों निर्यात लेनदेन को सहयोग प्रदान कर रहा है। इसके अलावा जयपुर, उदयपुर और फलोदी में कारीगरों के कौशल विकास और जिला स्तर पर निर्यात बढ़ाने के लिए भी कई परियोजनाओं का समर्थन किया जा रहा है। जयपुर कार्यालय से उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ तरुण शर्मा ने बताया कि जयपुर में क्षेत्रीय कार्यालय शुरू होने के बाद प्रदेश के उद्यमियों को निर्यात वित्त, परियोजना ऋण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार परामर्श, विदेशी खरीदारों से संपर्क और वैश्विक बाजारों तक पहुंच जैसी सुविधाएं यहीं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उद्योगों को अन्य राज्यों के कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, प्राकृतिक पत्थर, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग गुड्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही वित्तीय सहयोग और बाजार उपलब्ध कराकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रेस वार्ता के दौरान तरुण शर्मा ने अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में कच्चे तेल की कीमतों, समुद्री माल ढुलाई (फ्रेट), बीमा प्रीमियम और सप्लाई चेन पर असर पड़ता है, जिससे वैश्विक व्यापार की लागत बढ़ जाती है। हालांकि उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और भारतीय उद्योगों ने वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियां चुनौतियों के साथ-साथ भारतीय कंपनियों के लिए नए व्यापारिक अवसर भी लेकर आ रही हैं।

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