श्रीनाथजी को लगाया सवा लाख आमों का भोग:देशभर से आए श्रद्धालुओं में बंटा प्रसाद; ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव मनाया

नाथद्वारा में पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में आज(रविवार) को ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव परंपरागत विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर प्रभु का विशेष श्रृंगार किया गया और उन्हें सवा लाख से अधिक आमों का भोग अर्पित किया गया। मान्यता के अनुसार- बृजवासियों की ओर से ऋतुफल के रूप में प्रभु को आम भेंट किए गए थे, इसी परंपरा के तहत ज्येष्ठाभिषेक के अवसर पर आमों का विशेष भोग लगाया जाता है। बाद में प्रसाद स्वरूप आमों का वितरण श्रद्धालुओं में किया गया। स्वर्ण जड़ित शंख से कराया ज्येष्ठाभिषेक स्नान
मंदिर प्रशासन ने बताया कि ज्येष्ठा नक्षत्र के मौके पर तिलकायत महाराज की आज्ञा से युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा और लाल बावा ने श्रीनाथजी प्रभु व लाडले लाल को सुगंधित अधिवासित यमुना जल से स्वर्ण जड़ित शंख से ज्येष्ठाभिषेक स्नान कराया। मंगला दर्शन के बाद श्रीजी प्रभु को धोती-उपरणा धारण करवाकर अभिषेक की सेवा की गई। इस दौरान प्रभु के स्नान के अलौकिक दर्शन करीब ढाई घंटे तक चले, जिसमें राजस्थान के अलावा, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और प्रभु के दर्शन किए। अभिषेक के बाद विशेष श्रृंगार किया गया और प्रभु को सवा लाख से अधिक आमों का भोग अर्पित किया गया। फिर इसे प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं में बांट दिया गया। मंदिर की बावड़ी के जल से होता है पूजन
युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा ने बताया- यह जन्माष्टमी की तरह नक्षत्र प्रधान उत्सव है। ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में ज्येष्ठा नक्षत्र होने पर सूर्योदय से पूर्व प्रभु को शीतल अष्टगंध से अधिवासित जल से पुरुष सूक्त के मंत्रोच्चार के बीच स्नान कराया जाता है। उन्होंने बताया कि अभिषेक के लिए एक दिन पहले मंदिर की भीतर की बावड़ी से जल लाकर विधिवत पूजन किया जाता है। इस जल में कदंब, कमल, गुलाब, जूही सहित आठ प्रकार के पुष्प, केसर, चंदन और यमुना जल मिलाकर अधिवास किया जाता है। यह सेवा बाल स्वरूप प्रभु के सुखारोग्य और रक्षा भाव से की जाती है। प्रभु को बालक मानकर होती है पूजा भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप हैं यहां। भगवान को 7 साल का बालक मानकर सेवा पूजा होती है। मंदिर में काली पाषाण प्रतिमा है। दुनियाभर में यह एक ही मंदिर है जहां भगवान को 21 तोपों की सलामी दी जाती है। नाथद्वारा के स्वामी भगवान श्रीनाथजी हैं। ऐसा बताते हैं कि भगवान की प्रतिमा में हीरे जड़े हैं। मान्यता है कि यहां चावल के दानों में भी श्रीनाथजी के दर्शन होते हैं। यहां से लोग चावल के दाने ले जाते हैं और तिजोरी में रखते हैं। इससे घर में समृद्धि आती है। माना जाता है कि श्रीनाथजी भगवान का वह बालरूप हैं, जब गोकुल को इंद्र के कोप बचाने के लिए भगवान ने गोवर्धन पर्वत उठा लिया था। तब एक शिला पर उनकी काली छाया छप गई। भगवान ने इंद्र की पूजा करने के बजाय गौ सेवा की प्रेरणा गोकुल वासियों को दी थी, इससे इंद्र नाराज हो गए और जोरदार बारिश की। भगवान ने इंद्र का घमंड तोड़ दिया। श्रीनाथजी के मंदिर में 8 झांकियां होती हैं। मान्यता के अनुसार बाल कृष्ण इतने आकर्षक थे कि उन्हें देखने गोपियां नंद बाबा के घर बार-बार चक्कर लगाती थीं। यशोदा माता को इस बात की परेशानी रहने लगी कि गोपाल के खान-पान और आराम में बाधा पैदा होगी। इसलिए उन्होंने बाल गोपाल से मिलने का समय तय कर दिया।

पिंडवाड़ा में तेज रफ्तार कार पलटी, 4 घायल:एयरबैग खुलने से बड़ा हादसा टला, जोधपुर से माउंट आबू जा रहे थे

पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब 5 बजे एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर सड़क किनारे चट्टान पर पलट गई। इस हादसे में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जोधपुर निवासी कृष्ण कुमार, विष्णु संजय भाई और हरीश अपनी निजी कार से जोधपुर से माउंट आबू घूमने जा रहे थे। ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर बामनवाड़ जी वीर भगवान मंदिर के सामने अचानक उनकी कार बेकाबू होकर सड़क किनारे पलटती हुई एक चट्टान से जा टकराई। गनीमत रही कि कार में लगे एयरबैग खुल गए, जिससे हादसा और गंभीर होने से टल गया। घटना की सूचना मिलते ही पिंडवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। लगभग 2 किलोमीटर दूर वीरवाड़ा गांव से एंबुलेंस 108 भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज देने के बाद सिरोही के सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत घायलों को भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया। बताया जा रहा है कि दो घायलों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर पहुंचे घायलों के रिश्तेदारों ने उनके परिजनों को भी घटना की सूचना दी।

हादसे में घायल हुए दो लोगों ने बताया कि उन्हें दुर्घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वे कहां हैं, यह भी उन्हें नहीं पता। वहीं, एक अन्य युवक ने पुष्टि की कि वे जोधपुर से माउंट आबू घूमने जा रहे थे।

उदयपुर में प्रेम प्रसंग में युवक का अपहरण, हत्या:महिला से मिलने गए थे; पहाड़ी पर मिला शव; पुलिस ने महिला सहित 4 को किया डिटेन

उदयपुर में प्रेम प्रसंग के चलते एक व्यक्ति की अपहरण कर हत्या कर दी गई। सुखेर थाना क्षेत्र में 26 जून को मावली निवासी हिम्मत सिंह सोलंकी (45) महिला मित्र का कैलाशपुरी में इंतजार कर रहे थे। तभी पिकअप में सवार होकर 7-8 लोग आए और हिम्मत सिंह का अपहरण करके करीब 10 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर ले गए थे। इसके बाद हिम्मत सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हिम्मत सिंह के घर नहीं लौटने पर परेशान परिजनों ने इस संबंध में सुखेर थाने में शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने 27 जून को सर्च अभियान चलाया। इसके बाद हिम्मत सिंह का शव पेसेफिक अस्पताल के पीछे पहाड़ी पर शनिवार शाम करीब 5 बजे मिला था। घटना के विरोध में राजपूत करणी सेना और समाज के लोगों ने रविवार को एमबी हॉस्पिटल में प्रदर्शन किया। हिम्मत सिंह शादीशुदा थे। उनके दो बच्चे हैं। सुखेर के थानाधिकारी भरत योगी ने बताया- पुलिस चार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पुलिस ने महिला को भी आरोपी बनाया है। पिकअप में पटककर ले गए और बेरहमी से पीटा जानकारी के अनुसार- मावली निवासी हिम्मत सिंह 26 जून को कार से कैलाशपुरी गए थे। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके हिम्मत सिंह एक महिला का इंतजार कर रहे थे। करीब 10 मिनट बाद बिना नंबर की सफेद पिकअप आई और उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। पिकअप में से 7 से 8 बदमाश उतरे। बदमाश ने लाठियों और पत्थरों से कार के कांच तोड़ दिए और हिम्मत सिंह को लाठियों से बेरहमी से पीटा। फिर पिकअप में पटककर अपहरण कर ले गए थे। 5 लाख रुपए की सहायता और, परिजन को संविदा पर नौकरी की मांग करणी सेना ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मृतक परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। इसके बाद जिला प्रशासन के साथ बातचीत हुई। इसमें मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का निर्णय हुआ। प्रदर्शन शांत होने के बाद मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सुपुर्द किया।

ANTF ने तस्कर को पार्टनरशिप का झांसा-देकर राजस्थान बुलाकर दबोचा:दूसरे नाम से करवाई थी टिकट; आईडी चेक की तो पकड़ा गया

ANTF टीम ने रविवार को भीनमाल और रानीवाड़ा के बीच कागमाला टोल पर कार्रवाई की है। इस दौरान 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर जालमसिंह को गिरफ्तार किया। ANTF ने इनामी आरोपी के पार्टनर तस्कर ने इनामी वांटेड को एमडी सप्लाई करने और पार्टनरशिप की मीटिंग के लिए महाराष्ट्र से राजस्थान बुलाया था। वह प्राइवेट बस से आ रहा था। एएनटीएफ टीम बालोतरा से जालोर तक प्राइवेट बसों पर नजर रखी हुई थी। ऐसे में मल्लिनाथ ट्रेवल्स बस भीनमाल और रानीवाड़ा के बीच कागमाला टोल पर पहुंची। ऐसे में टीम ने कागमाला टोल पर बस को रुकवाकर तलाशी ली। सभी पैसेंजर को चैक किया गया। लेकिन, जालमसिंह नाम कोई व्यक्ति बस में नहीं मिला। कंडेक्टर से लिस्ट लेकर उसे चेक की लेकिन उसमे भी जालमसिंह का नाम नहीं था। टीम को पुख्ता जानकारी थी। ऐसे में टीम ने बस में सवार सभी पैसेंजर की आईडी चैक की। इस दौरान जब जगदीश से आईडी मांगी तो घबराने लगा, बोला मैं महाराष्ट्र से आया हूं। टीम को आईडी दिखाने से मना कर दिया। तब टीम को शक हुआ तो सख्ताई से पूछताछ की। तो जगदीश ही जालमसिंह निकला। उसके बाद टीम ने उसे दबोच लिया। ANTF टीम ने की प्लानिंग एएनटीएफ टीम को सूचना मिलने पर पुणे और वलसाड जाकर उसके बारे में जानकारी जुटाई कई दिनों तक जालमसिंह की तलाश करती, लेकिन सफलता नहीं मिली। टीम वापस राजस्थान आकर जालमसिंह को पकड़ने की प्लानिंग की। 6 माह पहले फरार हुआ था आईजी विकास कुमार ने बताया- एएनटीएफ टीम ने 6 माह पहले जालोर के भीनमाल में अवैध मादक- तस्करी करते हुए एक युवक को पकड़ा था, युवक से जब एएनटीएफ ने पूछताछ की तो उसने बताया- यह एमडी जालमसिंह को देनी थी। वो मुझसे लेने आने वाला था। उससे पहले ही पुलिस ने मुझे पकड़ लिया। दोस्त को पकड़ने जाने की सूचना मिलने पर जालमसिंह वापस गुजरात चला गया। भीनमाल पुलिस थाने में जालमसिंह का नाम दर्ज है। गुजरात, महाराष्ट्र में काटी फरारी आईजी ने बताया- जालमसिंह इतना शातिर था कि मामले की खबर लगते ही राजस्थान आने का रास्ता छोड़ दिया। अपने घर आना-जाना बंद कर दिया। आरोपी को पता था कि पुलिस उसे पकड़ने के लिए हिम्मतनगर भी आएगी। इस दौरान जालमसिंह अपना ठिकाना बदलता रहा। कभी वलसाड़, सूरत, मुंबई, थाणे, पुणे में फरारी काटता रहा। इनाम घोषित होते ही छोड़ा राजस्थान आईजी ने बताया- जालमसिंह जब राजस्थान आया हुआ था तो उसे उसके मिलने वाले से पता चला कि उस पर इनाम घोषित है। ऐसे में वह फरारी काटने के लिए राजस्थान छोड़कर गुजरात, महाराष्ट जा निकला। वहीं अपने परिवार वालों से भी संपर्क तोड़ दिए। 200 रुपए प्रति ग्राम की दर पर बेचते है आईजी ने बताया- आरोपी जालमसिंह को उसका दोस्त अवैध मादक पदार्थ एमडी लाकर देता था। जालमसिंह एमडी और उसके सहायक पाउडर मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ा देता। गुजरात में हिम्मत नगर और उसके आस-पास सप्लाई करता। इस तरीके से डबल मुनाफा कमाता। एक तरफ कमीशन तो दूसरी तरफ सहायक पाउडर से कमाई करता। दोस्त से 160 रुपए प्रतिग्राम में खरीद कर और आगे 200 रुपए प्रति ग्राम की दर से बेचता था। पार्टनर के सहारे राजस्थान बुलाया आईजी ने बताया- टीम ने राजस्थान में जालमसिंह के साथ तस्करी करने वाले पार्टनर के रूप में काम कर रहे व्यक्ति से कस्टमर बनकर संपर्क कर बड़ी मात्रा में एमडी खेप खरीदने की बात कही। साथ ही राजस्थान में बड़ी मात्रा में एमडी सप्लाई करना चाहते है। टीम ने जालमसिंह के पार्टनर को पार्टनरशिप देने का लालच दिया। तब तस्कर ने अपने पार्टनर जालमसिंह से बात करने को कहा। कुछ दिनों बाद तस्कर ने टीम को बताया कि जालमसिंह से बात हो गई है। प्राइवेट बस से महाराष्ट्र से रवाना होकर आ जाएगा। टीम ने महाराष्ट्र से आने वाली प्राइवेट बस के बारे में जानकारी ली। खुद नहीं रखता मोबाइल आईजी ने बताया- आरोपी इतना शातिर था कि फरारी काटने के समय मोबाइल का भी उपयोग नहीं करता था। फरारी के दौरान जहां भी वह जाता लोगों को अपने पास मोबाइल नहीं होने का बताकर घरवालों से बात करने के लिए उनका मोबाइल लेता व काम से ही अपने घर बात करता। थापन गांव में खोली होटल, फिर भागा गुजरात आरोपी जालमसिंह ने करीब 3 माह पहले राजस्थान के बाहर फरारी काटी और छुपते-छुपते घरवालों से मिलने अपने गांव आया। अपने भाई को नया धंधा करवाने के लिए अपने गांव के नजदीक थापन, सिवाना गांव में नवदुर्गा नाम से एक होटल खोली और वहां बड़े भाई लालसिंह को बैठाया। भेष बदलकर आता था आरोपी भेष बदलकर होटल पर आता। कुछ समय रुककर होटल के कामकाज देखकर वापस चला जाता। जालमसिंह अपने परिवार वालों से मिलकर घर पर नहीं रुकता था। रुकने के लिए अपने किसी परिचित के यहां चला जाता। राजस्थान में कारोबार फैलाना था आरोपी जालमसिंह इतना शातिर था कि तस्कर पार्टनर की ओर से रखी मीटिंग में आने के लिए हां तो भर दी, लेकिन पकड़ने जाने का डर भी सताता था। प्राइवेट बस का टिकट जगदीश के नाम से करवाता था। राजस्थान में आने का पता नहीं चलता और काम पूरा कर महाराष्ट्र लौट सकें। 16 साल तक चला ईमानदार की राह पर आईजी विकास कुमार ने बताया- जालमसिंह पढ़ा लिखा नहीं था। मजदूरी करने के लिए हिमंत नगर, गुजरात चला गया। वहां पर 16 साल तक बारदाने की मजदूरी का काम ईमानदारी से किया। वहां पर एक व्यक्ति से दोस्ती हुई। दोस्त पैसे कमाने की स्कीम बताई साथ मिलकर अवैध मादक-पदार्थ की तस्करी का धंधा शुरू किया।

हॉस्पिटल में मारपीट हुई थी,जैन-समाज ने धरने की चेतावनी दी:मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष पर बवाल कराने का आरोप, बोले- डॉक्टर्स के दबाव में पुलिस

उदयपुर के जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में पिछले दिनों इलाज में लापरवाही और मारपीट का मामला एक ​फिर गरमा गया है। सकल दिगम्बर जैन समाज के पदाधिकारियों ने रविवार को इस पूरे घटनाक्रम पर रोष जताया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर्स और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (संगठन) के दबाव में पुलिस द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई। पदाधिकारियों ने मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की। अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी उन्होंने कहा- IMA प्रदेशाध्यक्ष डॉ आनंद गुप्ता ने मौके पर आकर बवाल किया और जानबूझकर विवाद किया। उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। पुलिस डॉक्टर्स और उनके संगठन के दबाव में है। जल्द कोई कार्रवाई नहीं होने पर समाज द्वारा अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई। दरअसल, पूरा मामला 2 जून का है, जहां कुम्हारों का भट्टा स्थित जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में मरीज कुलदीप जैन की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर्स और परिजनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई थी। कुलदीप जैन एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए उदयपुर के जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बताया कि उनके दोनों हाथों में फ्रैक्चर है, जिसके लिए एक सामान्य ऑपरेशन होगा। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन दोपहर करीब 3 बजे होना था, जिसमें डेढ़ से दो घंटे का समय लगना बताया गया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी मरीज को होश नहीं आया। उन्हें सीधे वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि शाम 6 बजे तक भी हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने परिजनों को मरीज की सही स्थिति और बीमारी के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं दी। इसी बीच हॉस्पिटल प्रशासन ने बाहर से दूसरे डॉक्टरों को बुला लिया और पुलिस को भी खबर कर दी। मरीज की हालत गंभीर होने की बात सुनकर जैन समाज के कई लोग भी हॉस्पिटल पहुंच गए। सही जानकारी नहीं मिलने के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया, जो बाद में विवाद और हाथापाई में बदल गया। लगातार बढ़ते दबाव के बाद मरीज को गंभीर और नाजुक हालत में गीतांजलि हॉस्पिटल रेफर किया गया। जान से मारने की धमकी देने का आरोपी सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष सुमति प्रकाश जैन ने बताया- डिस्चार्ज टिकट में मरीज की हालत को अलग तरह से दिखाया गया है, जिसकी जांच होनी चाहिए। गीतांजलि हॉस्पिटल में भी डॉक्टरों ने इलाज से पहले कुछ कागजों पर दस्तखत करवाए। इसके बाद जम्बू कुमार जैन को दोबारा साइन के बहाने एक कमरे में बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद 25-30 डॉक्टरों और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। समाज के महामंत्री रमेश चंद्र कैरोत ने बताया- हॉस्पिटल के बाहर लक्ष्य जैन को भी जबरन बंधक बनाकर रोक लिया गया। बाद में समाज के लोगों ने वहां पहुंचकर उन्हें छुड़ाया। रात करीब 1 बजे मरीज के बेटे अक्षत जैन को भी नीचे बुलाया गया, जहां मेडिकल स्टाफ ने उन्हें घेर लिया। बाद में पुलिस उन्हें सुरक्षा देने के बजाय हिरासत में लेकर थाने चली गई। समाज के पदाधिकारी लक्ष्मीलाल बोहरा ने बताया- इस पूरे मामले की सविना थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई निष्पक्ष जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और न ही कोई स्वतंत्र जांच कमेटी बनी है। पूरे मामले की जांच किसी सीनियर पुलिस अधिकारी की देखरेख में समय सीमा में हो। डॉक्टर्स और उनके संगठनों के दबाव में पुलिस ने उनकी तरफ से कोई मामला भी दर्ज नहीं किया। जबकि डॉक्टर्स ने भी उनके साथ मारपीट की थी। मरीज कुलदीप जैन ने बताया कि दोनों अस्पतालों के सीसीटीवी फुटेज, ओटी रिकॉर्ड और डॉक्टरों की कॉल डिटेल जैसे सबूत तुरंत सुरक्षित किए जाएं। पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाए। पीड़ित परिवार और गवाहों को तुरंत पुलिस सुरक्षा मिले ताकि वे बिना किसी डर के न्याय पा सकें। ………… केस से जुड़ी यह खबरे भी पढ़िए… गुस्साई भीड़ हॉस्पिटल में घुसी, डॉक्टर्स पर हमला, जमकर पीटा,VIDEO:IMA के प्रदेशाध्यक्ष के सड़क पर कपड़े फाड़े; बिजनेसमैन के गलत इलाज का आरोप प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज के परिजनों ने किया हंगामा:डॉक्टर से मारपीट, इलाज में लापरवाही का आरोप लगा की तोड़फोड़ डॉक्टर से मारपीट, भूपालपुरा सीआई लाइन हाजिर:प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज के रिश्तेदारों ने की थी हाथापाई, कपड़े तक फाड़ दिए थे

चूरू में 75 फीसदी स्टूडेंट्स ने दिया वनपाल भर्ती एग्जाम:23 केंद्रों पर हुई परीक्षा, 1 घंटा पहले तक दिया गया प्रवेश

चूरू जिले में रविवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले के 23 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल 4,874 अभ्यर्थी मौजूद रहे, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 74.97 प्रतिशत है।
परीक्षा के लिए कुल 6,501 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 4,874 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,627 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन सुबह से ही मुस्तैद रहा। नकल और किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सभी केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर पुलिसकर्मियों और वीक्षकों द्वारा अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। कड़ी जांच के बाद मिला केंद्र में प्रवेश
अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र और फोटो पहचान पत्र के मिलान के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। जिला प्रशासन की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और परीक्षा केंद्रों पर प्रभावी प्रबंधन के कारण पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली। निर्देशों के अनुसार, समय की पाबंदी का भी सख्ती से पालन किया गया। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले सभी परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके कारण कई परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा दिए वापस लौटना पड़ा।

घर में दोष बताकर महिलाओं को ठगने वाला गिरफ्तार:गलत ऊर्जा बताकर डराता, फिर गहनों को शुद्ध करने का झांसा देकर ठग लेता

अजमेर की अलवर गेट थाना पुलिस ने महिलाओं को अंधविश्वास के नाम पर झांसा देकर सोने के गहने ठगने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी घरों में नकारात्मक ऊर्जा (निगेटिविटी) होने का डर दिखाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। गहनों को शुद्ध करने के बहाने लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार किया है। अब आरोपी से पूछताछ कर अन्य वारदातों और ठगे गए जेवरात के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। घर में दोष होने की बात कहकर डराया अलवर गेट थाने के एएसआई राजपाल सिंह ने बताया- धोलाभाटा क्षेत्र निवासी मंजू ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर आया। धार्मिक बातें करते हुए विश्वास में ले लिया। घर में नकारात्मक ऊर्जा और दोष होने की बात कहकर डराया। गहनों को शुद्ध करने का झांसा दिया। महिला के विश्वास में आने पर आरोपी ने सोने का मंगलसूत्र और कान की झुमकियां लेकर हाथ की सफाई से ठगी कर ली। मौके से फरार हो गया। जालंधर से पकड़ा गया बदमाश शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी खंगाले। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब के जालंधर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घर में मौजूद अकेली महिलाओं को निशाना बनाता है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान पलविंदर सिंह उर्फ बंटी पुत्र दिलबाग सिंह के रूप में हुई है। वह जालंधर (पंजाब) का रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले कॉलोनियों और मकानों की रेकी करता था। ऐसे घरों को निशाना बनाता था, जहां महिलाएं अकेली हों। इसके बाद धार्मिक बातें कर घर में प्रवेश करता। अंधविश्वास का सहारा लेकर महिलाओं को विश्वास में ले लेता था। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पास राख और किसी विशेष पाउडर जैसा पदार्थ रखता था। वह गहनों को शुद्ध करने और दोष दूर करने का दावा करता था। इसी दौरान हाथ की सफाई से असली गहने लेकर फरार हो जाता था। कई मामलों में पीड़ित महिलाओं को काफी देर बाद ठगी का पता चलता था। अलवर गेट थाना पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि उसने अजमेर सहित राजस्थान के अन्य शहरों में भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी से ठगे गए सोने के जेवरात बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

SUV में भरकर ला रहा था 53 लाख का डोडा-चूरा:19 कट्टों में 355 किलो माल भरा था; नाकाबंदी पर पकड़ा 40 हजार का इनामी तस्कर

भीलवाड़ा में काले रंग की SUV में 355 किलो अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 53 लाख 25 हजार रुपए बताई गई है। इनपुट के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी की थी। इस दौरान काले रंग की टाटा सफारी को रुकवाया और तलाशी ली तो इसमें अवैध नशा बरामद हुआ। पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पकड़े गए आरोपी पर दो थानों में मिलाकर 40 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने तस्कर को गिरफ्तार किया है। मामला बिजौलिया थाना इलाके का है। 19 कट्टों में भरा था 53 लाख का डोडा चूरा बिजौलिया थाना प्रभारी स्वागत पांड्या ने बताया- जिला स्पेशल टीम से मिली सूचना के आधार पर बिजौलिया क्षेत्र में एक काले रंग की टाटा सफारी को रुकवाकर तलाशी ली गई। गाड़ी से 19 अलग-अलग कट्टों में भरा हुआ कुल 355 किलो अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। मौके से कपिल पुत्र भारमलराम विश्नोई (28) निवासी कंवरजी का खेजड़ी, थाना ओसियां, जिला जोधपुर ग्रामीण को गिरफ्तार किया गया। 40 हजार का इनाम घोषित आरोपी पर पुलिस थाना गोटन (नागौर) द्वारा 15 हजार रुपए तथा पुलिस थाना बेंगू (चित्तौड़गढ़) द्वारा 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इस प्रकार आरोपी पर कुल 40 हजार रुपए का इनाम था।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह कार्रवाई बिजौलिया थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने की थी। कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई नरेश कुमार, डीएसटी के राकेश, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल मनोज, अनिल कुमार, दलवीर एवं रणजीत शामिल रहे।

एक्सरसाइज कर रहे कॉन्स्टेबल की हार्ट अटैक से मौत:SI एग्जाम की कर रहे थे तैयारी, पुलिस लाइन मैदान में अचेत होकर गिरे

सवाई माधोपुर में पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह पुलिस लाइन ग्राउंड में एक्सरसाइज कर रहे थे, अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस स्टाफ ने जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने कॉन्स्टेबल कुंजीलाल मीणा (35) को मृत घोषित कर दिया। वह सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। मामला पुलिस लाइन में शनिवार रात करीब 8 बजे का है। रविवार को पैतृक गांव में राजकीय सम्मान से कॉन्स्टेबल का अंतिम संस्कार किया गया। दौड़ पूरी करने के बाद एक्सरसाइज करते समय हुए अचेत कोतवाली SHO मदन लाल मीणा ने बताया – सवाई माधोपुर के गंभीरा गांव निवासी कॉन्स्टेबल कुंजीलाल मीणा पुलिस लाइन में तैनात थे। 2011 में पुलिस में भर्ती हुए थे। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा 4 महीने का है जबकि बेटी 3 साल की है। वहीं पिता भरत लाल मीणा किसान है। पत्नी का नाम मीरा मीणा है। तीन भाई और एक बहन है। बड़े भाई रेलवे में और छोटा भाई पढ़ाई करता है। जबकि ​बहन की शादी हाे चुकी है। कुंजीलाल मीणा इन दिनों सब-इंस्पेक्टर भर्ती की तैयारी कर रहे थे। शनिवार शाम को पुलिस लाइन ग्राउंड में फिजिकल की तैयारी कर रहे थे। दौड़ पूरी करने के बाद जैसे ही एक्सरसाइज शुरू की तभी अचानक मैदान में ही अचेत होकर गिर पड़े। पुलिस स्टाफ ने तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया, मृत घोषित किया SHO ने बताया -पुलिस लाइन में मौजूद साथी जवानों ने कुंजीलाल मीणा को जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक सामने आई है। इसके बाद शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर परिजनों को घटना की सूचना दी गई। पोस्टमॉर्टम के बाद सम्मान के साथ परिजनों को सौंपी बॉडी मदन लाल मीणा ने बताया – रविवार सुबह परिजनों के जिला अस्पताल पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस जवानों ने अपने साथी कॉन्स्टेबल को पुष्प अर्पित कर सम्मान से अंतिम विदाई दी। पार्थिव देह परिजनों को सुपुर्द किया गया। कुंजीलाल मीणा का उनके पैतृक गांव गंभीरा में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। — हार्ट अटैक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत; VIDEO:दुकान पर काम करते समय लड़खड़ाकर गिर पड़े, एक दिन पहले भी सीने में दर्द हुआ था राजसमंद में दुकान पर काम कर रहे व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। व्यापारी दुकान में साफ-सफाई कर रहे थे, तभी अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़े। पूरी खबर पढ़िए पिता की हार्टअटैक से मौत के-बाद बेटी ने किया सुसाइड:शव को देखते ही तालाब की तरफ दौड़ी और लगा दी छलांग बीकानेर में हार्ट अटैक से पिता की मौत के बाद बेटी ने सुसाइड कर लिया। पिता का शव देखकर युवती ने खेत में बने पोंड (तालाब) में छलांग लगा दी। पूरी खबर पढ़िए

तेज रफ्तार कार खेत में पलटी, युवक की मौत:2 दोस्तों के साथ ससुराल से आ रहा था, दो घायल अस्पताल में भर्ती

अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे के गोपालपुरा मोड़ के पास अनियंत्रित कार पलटने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं दो युवक गंभीर घायल हो गए। यह हादसा शनिवार रात करीब 1 बजे हुआ था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बमुश्किल कार से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार- तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खेत में कई बार पलट गई। इससे कार सवार नीरज पूनिया (28) निवासी बड़ोली की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार सवार लोकेश पूनिया निवासी बड़ोली और सचिन सदावत निवासी लीली गंभीर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां इलाज के बाद सचिन सदावत की नाजुक हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल अलवर के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल वहां उसका इलाज जारी है। देर रात ससुराल से लौट रहे थे तीनों दोस्त तीनों युवक शनिवार देर रात नीरज के ससुराल से लौट रहे थे। इसी दौरान गोपालपुरा मोड़ के पास कार की रफ्तार तेज होने के कारण ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी कई बार पलटते हुए खेत में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का ऊपरी हिस्सा पिचक गया। हादसे के बाद पुलिस ने मृतक नीरज के शव को कब्जे में लेकर लक्ष्मणगढ़ CHC की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। पुलिस प्रशासन ने कहा- पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।