जिस बेटे की मन्नत मांगी, उसी के साथ परिवार खत्म:होशियारपुर में 3 दिन पहले छुट्‌टी आया फौजी, रात तक शॉपिंग की; जालंधर में गाड़ी क्रेटा से टकराई

जालंधर में भीषण सड़क हादसे में होशियारपुर के दसूहा का परिवार उजड़ गया। हादसे में सेना की रेजिमेंट के जवान रुपिंदर सिंह, उनकी मां, पत्नी और डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई। रुपिंदर बेटा होने की मन्नत उतारने के लिए 3 दिन पहले छुट्टी घर लेकर आए थे। रूपिंदर ने घर आते ही महाराष्ट्र के श्री हजूर साहिब जाने की तैयारी शुरू कर दी थी। रविवार को पत्नी को शॉपिंग करवाई थी। रूपिंदर के रिश्तेदार अमनजीत सिंह ने बताया कि पिता ने भी साथ जाना था। लेकिन ऐन मौके पर जाने से मना कर दिया। घर में बन रहे एक कमरे का लेंटर डाला जाना था। जिसके चलते पिता घर पर ही रुक गए। सोमवार सुबह तड़के रुपिंदर मां संतोष कौर, पत्नी हरप्रीत कौर और डेढ़ साल के बेटे अरवप्रीत सिंह के साथ अपनी कार से निकले थे। वाहेगुरु की फतेह बुलाते हुए परिवार की गाड़ी दसूहा से करीब 45 किलोमीटर आगे किशनगढ़ में जौहर ढाबे के पास बरेली से जम्मू की तरफ जा रही कार से टकरा गई। मौके पर ही सभी लोगों ने दम तोड़ दिया। रिश्तेदार ने बताया कि सभी ने जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से श्री हजूर साहिब के लिए ट्रेन पकड़नी थी। गाड़ी को जालंधर में ही पार्क करना था। एक झटके में परिवार के बिखरने की कहानी… जवान की 4 साल पहले हुई थी शादी
दसूहा के गांव हिम्मतपुरा के रहने वाले रुपिंदर जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारतीय सेना की 30 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे। उनकी सेना में 13 साल की सेवा हो चुकी थी। रिश्तेदारों के मुताबिक, करीब चार साल पहले उनकी शादी नौशेरा की रहने वाली हरप्रीत कौर से हुई थी। डेढ़ साल पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ। 3 दिन पहले छुट्‌टी लेकर घर आए थे
उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर बेटा हुआ तो वह परिवार के साथ हजूर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। बेटे के जन्म के बाद वह कई बार छुट्टी लेकर घर आए, लेकिन किसी न किसी कारण यात्रा नहीं हो सकी। इस बार उन्होंने हर हाल में श्री हजूर साहिब जाने का मन बनाया। इसके लिए वह दो दिन पहले ही राजोरी से छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचे थे। घर में काम के चलते पिता नहीं गए
परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि रुपिंदर सिंह ने पिता सुरेंदर सिंह को भी साथ चलने के लिए कहा था। लेकिन वो माने नहीं। पहले पूरे परिवार ने एक साथ जाने का प्लान बनाया था। लेकिन घर में बन रहे एक कमरे का लेंटर डाला जाना था। जिसके चलते पिता घर पर ही रूक गए। रात तक शॉपिंग करते रहे
रिश्तेदार ने बताया कि रुपिंदर श्री हजूर साहिब जाने के लिए बहुत उत्साहित थे। ‌उन्होंने घर आने के बाद रेस्ट तक नहीं की। छुट्टी आते ही जाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी। हादसे से पिछले दिन रविवार रात तक वह पत्नी और बच्चे के लिए शॉपिंग करता रहे। रुपिंदर सिंह खुद ड्राइव कर रहे थे कार
उन्होंने जालंधर सिटी से श्री हजूर साहिब के लिए ट्रेन पकड़नी थी। जिसके लिए उन्होंने पहले से ही टिकट करवाकर रखे थे। सोमवार सुबह 4 बजे रुपिंदर सिंह परिवार को लेकर अपनी गाड़ी (बलेनो) से जालंधर के लिए निकले। कार को खुद रुपिंदर ड्राइव कर रहे थे। कार बेकाबू होकर क्रेटा से टकराई
जालंधर के किशनगढ़ के पास जौहल ढाबे के समीप सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर उनकी कार बेकाबू होकर दूसरी तरफ जाकर क्रेटा गाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों के परखच्चे उड़ गए। इसमें रुपिंदर सिंह, उनकी मां, पत्नी और डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई। क्रेटा में सवार 5 लोग भी घायल
वहीं क्रेटा कार (UP21 CJ 9595) में सवार उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एसएसएफ टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की खबर मिलते ही पिता बिलख पड़े
रिश्तेदार ने बताया कि 6 बजे के करीब हादसे की सूचना मिलने के बाद घर पर पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता सुरेंदर का कहना था कि अभी कुछ घंटे पहले ही तो उन्होंने पूरे परिवार को माथा टेकने के लिए खुशी-खुशी भेजा था। सुबह ही रुपिंदर के घर पर ढांढस बंधाने वाले लोग एकत्रित हो गए। आज अंतिम संस्कार हुआ पुलिस ने सिविल अस्पताल जालंधर से चारों डेडबॉडी को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के सौंप दिया गया है। चारों का अंतिम संस्कार मंगलवार को दोपहर किया गया। बहन इंग्लैंड में होने के चलते पंजाब नहीं आ सकती। उसे परिवार में हुई मौतों के बारे में बता दिया गया है। रुपिंदर के बड़े भाई भी सेना में हैं। ************ ये खबर भी पढ़ें: जालंधर में 2 कारें भिड़ी, 4 की मौत: इनमें एक ही परिवार के 3 लोग शामिल, 5 घायल; बेकाबू बलेनो डिवाइडर पार कर क्रेटा से टकराई
जालंधर में जम्मू नेशनल हाईवे पर क्रेटा और बलेनो कार की टक्कर हो गई। बलेनो सवार 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि क्रेटा सवार 5 लोग गंभीर घायल हैं। मृतकों में 2 साल का बच्चा, फौजी, उनकी पत्नी और एक अन्य महिला शामिल है। (पढ़ें पूरी खबर)

बिहार-एनकाउंटर में मारे गए भरत के घर बजे देशभक्ति गीत:तेरहवीं पर मां बोली- सम्राट पर भरोसा नहीं; मांझी ने कहा- पुलिस ने सही किया

बिहार के भोजपुर में 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं है। करीब 25 हजार लोगों के लिए खाने का इंतजाम है। जबकि 15 हजार और लोगों के लिए राशन स्टॉक रखा गया है। श्राद्ध का भोज शुरू हो चुका है। अब तक 14 हजार लोग भोज खा चुके हैं। भरत तिवारी के घर पर देशभक्ति गीत बजाए जा रहे हैं। श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने “भ्रष्ट व्यवस्था मुर्दाबाद”, “बलिदानी लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे कालों से”, “चारों तरफ अंधेरा है, पहरेदार लुटेरा है”, “शहीदों, हम शर्मिंदा हैं” के नारे लगाए। इधर, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को सही ठहराया है। उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर कोई पिस्टल लहराएगा तो मैं उसे कैसे छोड़ सकता हूं। पुलिस मर जाए तो बहुत अच्छा। अगर कोई पुलिस पर पिस्टल तानने वाला मारा जाए तो सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने जो किया वो सही है।” खबर से जुड़े हाईलाइट्स भरत के गांव से आई तस्वीरें देखिए… मां बोली- सम्राट और उनकी पुलिस पर भरोसा नहीं भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि आज बेटे का श्राद्धकर्म है, लेकिन मेरे बेटे की हत्या के आरोपियों की आज तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। आम आदमी कोई गलती करता है, तो पुलिस तत्काल उसे पकड़ लेती है। लेकिन मेरे बेटे के केस में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। गांव में भरत का स्मारक बनना चाहिए, लेकिन मुझे बिहार सरकार से उम्मीद नहीं है कि वो ऐसा करेगी।
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि मुझे कोर्ट पर भरोसा है, कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर भाई भरत की मूर्ति लगाने की गांव वाले मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने इसे रोक दिया, ये बिल्कुल गलत है। अगर सरकार स्मारक नहीं बनवाएगी तो हम लोग खुद भरत का गांव में स्मारक बनवाएंगे। भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भरत तिवारी की तेरहवीं और बाकी अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

राम मंदिर दान चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री बोले- महादंड मिलेगा:भोपाल में कहा- भारत के मुसलमान इंडोनेशिया जाकर देखें, नमाज पढ़ने वाले दिवाली मनाते हैं

भोपाल में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंगलवार को राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस घटना से लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। धीरेंद्र शास्त्री के मुताबिक, यह सिर्फ एक मंदिर का मामला नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की प्रतिष्ठा और विश्वास से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के धाम में रहकर इस तरह का कृत्य करने वालों को महादंड मिलेगा। धर्म विरोधी ताकतें ऐसी परिस्थितियां बना रही हैं राम मंदिर चंदा चोरी मामले में संघ और चंपत राय का नाम आने तथा उन पर एफआईआर दर्ज नहीं होने के सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। एसआईटी और जांच एजेंसियां लगी हैं, इसलिए उन्हें निष्पक्ष जांच करने दी जानी चाहिए। विदेशों में इस मामले की आलोचना पर उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा को मानने वाले लोगों के मन में यह पीड़ा है। उन्होंने बताया कि जकार्ता में भी मैंने इस विषय का जिक्र किया था। सभी मंदिरों को शंकराचार्य के नियंत्रण में देने के सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि धर्म विरोधी ताकतें ऐसी परिस्थितियां बना रही हैं, जिससे मंदिरों और संतों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिरों की सेवा और प्रबंधन की जिम्मेदारी ऐसे लोगों को मिलनी चाहिए, जो सनातन, वैष्णव परंपरा और भगवान के प्रति पूरी तरह समर्पित हों। इंडोनेशिया में 5 वक्त के नमाजी भी कथा सुनते हैं अपने संबोधन में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत के मुसलमानों के संदर्भ में इंडोनेशिया का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों को इंडोनेशिया जाकर देखना चाहिए। वहां पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले लोग दीपावली भी मनाते हैं और रामकथा में भी शामिल होते हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भोपाल में हबीबगंज स्थित कैंसर हीलर सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। सिया-केतन केस पर बोले- अपराध की जड़ संस्कारों की कमी पुणे के चर्चित सिया-केतन केस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- बढ़ते अपराधों के पीछे संस्कारों का अभाव सबसे बड़ा कारण है। कानून केवल दंड दे सकता है, लेकिन समाज को सही दिशा संस्कार ही दे सकते हैं। यह घटना नासमझी और प्रेम के अंधेपन का परिणाम है। प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं होता। NEET पेपर लीक पर कहा- देशहित में जो हो, वही होना चाहिए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे पहले भी अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा, “देश में जो भी हो, वह सबके हित में होना चाहिए।” कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और राजनीति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “राजनीति हमारा विषय नहीं है, धर्मनीति हमारा विषय है। हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान पर हमसे कुछ भी पूछिए, हम उस पर अपनी बात रखेंगे लेकिन राजनीतिक विवादों पर हम कोई टिप्पणी नहीं करते। ये खबर भी पढ़ें… राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की दान चोरी पर चुप्पी: उज्जैन में भास्कर के सवालों पर बचते नजर आए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने उज्जैन पहुंचे। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट में दान चोरी को लेकर दैनिक भास्कर ने सवाल किए।उन्होंने सवालों के जवाब नहीं दिए। मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया। पढ़ें पूरी खबर…

₹400 तनख्वाह वालों ने NEET की सुरक्षा तोड़ी:200 लड़कों को बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन में नौकरी दिलवाई, इन्हीं के जरिए सॉल्वर बैठाए

री-NEET एग्जाम में सॉल्वर बैठाने के लिए परीक्षा माफिया ने बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम क्रैक किया था। इसके लिए उन्होंने 200 लड़कों को इनोवेटिव व्यू कंपनी में नौकरी पर रखवा दिया था। एक महीने से ये लड़के कंपनी के अंदर सिस्टम की रेकी करते रहे। इन्हीं के जरिए परीक्षा माफिया ने एग्जाम के दौरान सॉल्वर बैठाए। पहले कैंडिडेट सॉल्वर के साथ सेंटर पर जाता था। इसके बाद कंपनी में बैठे लड़के ओरिजन कैंडिडेट की बायोमीट्रिक स्कैनिंग के बाद सॉल्वर को एग्जाम हॉल में भेज देते थे। ओरिजनल कैंडिडेट बाहर आ जाता था। भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए और देखिए परीक्षा माफिया ने 20 साल पुरानी ट्रिक से कैसे डमी कैंडिडेट्स को एंट्री दिलवाई… लीक के बजाय बायोमीट्रिक क्रैक का प्लान NEET 2026 पेपर लीक के बाद सरकार पूरी तरह सख्त हो गई। केंद्र सरकार ने पेपर के सभी रूट को सेफ कर दिया। राज्य सरकारों को गाइडलाइन जारी कर दी गई। केंद्र से लेकर राज्य सरकार का पूरा फोकस पेपर लीक पर था, परीक्षा माफिया भी इस तैयारी को भांप गए। उन्होंने पेपर लीक के बजाए बायोमीट्रिक सुरक्षा को ही तोड़ने का पूरा प्लान कर दिया। हमारी टीम को राज्य सरकार की खुफिया जांच एजेंसी का इनपुट मिला। बताया गया कि जिस कंपनी को बायोमीट्रिक जांच की जिम्मेदारी दी, उसी कंपनी में परीक्षा माफिया ने अपने लड़कों को भर्ती करा दिया। एजेंसी के इनपुट को जब टीम ने क्रॉस चेक किया तो एक बड़ी कड़ी सामने आई। लखीसराय पुलिस ने परीक्षा के दौरान 18 लड़कों को गिरफ्तार किया, जो नीट एग्जाम में बायोमीट्रिक कंपनी इनोवेटिव व्यू में भर्ती हुए थे। मामले की जांच कर रही एजेंसी से जुड़े अधिकारियों की माने तो बिहार के अलग-अलग जिलों में ऐसे 200 से ज्यादा कर्मचारियों के भर्ती करने क इनपुट है। NTA ने जिसे जांच का जिम्मा दिया उसी ने गेम किया NTA ने जांच के लिए जिस एजेंसी को सिलेक्ट किया था उस एजेंसी ने भी कैंडिडेट्स की जांच के लिए दूसरी एजेंसी को लगा दिया और यहीं से पूरा खेल हो गया। पढ़िए गड़बड़ी की एक-एक कड़ी। अफसर नहीं सेट हुए तो बना ली डमी कर्मचारियों की चेन पड़ताल के दौरान इनपुट मिला कि इनोवेटिव व्यू कंपनी के बड़े अफसरों के स्तर से गड़बड़ी नहीं हुई। पूरा खेल स्टेट लेवल पर किया गया। परीक्षा माफिया का नेटवर्क देश के सभी राज्यों में फैला है। इसलिए बिहार ही नहीं देश के अन्य राज्यों यूपी, झारखंड, बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान के परीक्षा माफियाओं ने केंद्र सरकार की सुरक्षा लेयर को तोड़ने के लिए जांच एजेंसी में अपने आदमी सेट करने की प्लानिंग कर रखी थी। जांच में मिले इनपुट के मुताबिक सबसे पहले माफिया ने इनोवेटिव व्यू कंपनी में सेटिंग करनी चाही थी, लेकिन इनोवेटिव व्यू कंपनी से उनकी डील नहीं हो पाई। परीक्षा माफिया बड़े मामले पर डील करना चाहते थे, लेकिन ऊपरी स्तर से डील की कोई कड़ी सेट नहीं हो पाई। इसके बाद सेटिंग के लिए माफिया ने नोएडा में बैठे कंपनी के कुछ अन्य बड़े अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां भी कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद प्लानिंग कंपनी में बायोमीट्रिक जांच के लिए लगाए जाने वाले कर्मचारियों की भर्ती की हुई। परीक्षा माफिया ने कंपनी के स्टेट लेवल पर सेटिंग कर अपने हिसाब से लड़कों की भर्ती करा दी। इन्ही लड़कों ने 400 रुपए रोज की तनख्वाह में नीट परीक्षा में वेरिफिकेशन की सबसे मजबूत कड़ी को तोड़ दिया। कंपनी में भर्ती का तरीका जिससे सुरक्षा बाईपास हुई पड़ताल में सामने आया कि माफिया ने इसी भर्ती प्रक्रिया का फायदा उठाने की योजना बनाई। इसके लिए इनोवेटिव व्यू कंपनी को मैनपावर सप्लाई करने वाले अधिकारियों से साठगांठ कर ली। सरगना ने अपने विश्वसनीय लोगों को इस कंपनी में अस्थाई कर्मचारियों के रूप में भर्ती कराने के लिए पूरा नेटवर्क तैयार किया, ताकि परीक्षा केंद्र के अंदर तकनीकी स्टाफ के रूप में माफियाओं के अपने लोग मौजूद रहें और असली परीक्षार्थी की जगह पर सॉल्वर एंट्री हो जाए। इसका खुलासा लखीसराय पुलिस की जांच में हुआ। परीक्षा माफियाओं ने राज्य के अन्य जिलों की तरह लखीसराय में भी अपने लोगों की एक दिन की नौकरी लगवाई थी। जांच के दौरान इनोवेटिव व्यू कंपनी में भर्ती ऐसे 18 लड़कों को पुलिस ने एग्जाम के दिन ही पकड़ा था, इसके बाद इनोवेटिव व्यू कंपनी में डेली वेजेज पर काम करने वाले कर्मियों को डिटेक्ट किया जा रहा है। 400 रुपए की नौकरी वालों के सहारे 60 लाख की डील हमारी जांच में पता चला कि परीक्षा माफिया अपने लोगों की भर्ती कराने के बाद कैंडिडेट ढूंढने में जुट गए। लखीसराय में किसका एग्जाम सेंटर है, जिनका परीक्षा केंद्र संबंधित जिले में है। इसके लिए ऐसे परिवारों की तलाश की गई जो किसी भी कीमत पर मेडिकल कॉलेज में बच्चों का प्रवेश चाहते थे। ऐसे अभ्यर्थियों के परिजनों से 40 लाख से 60 लाख रुपए तक की डील की गई। इसके लिए बिजनेस मैन और डॉक्टर को विशेष रूप से टारगेट पर लिया गया था। मेडिकल स्टूडेंट्स को बनाया सॉल्वर परीक्षा माफियाओं के लिए सबसे अहम था ऐसे सॉल्वर ढूंढना जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा आसानी से निकाल सकें। इसके लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे मेधावी छात्रों से संपर्क किया। सरगना ने यह जिम्मेदारी पटना PMCH के स्टूडेंट अश्विनी कुमार को दी। अश्विनी ने अपने साथ के उन लड़कों को सेट किया जो नीट का परीक्षा निकाल कर अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे थे। खासकर वैसे लड़कों से संपर्क किया जो आर्थिक रूप से कमजोर थे। उन्हें परीक्षा देने के बदले 15 से 20 लाख रुपए तक देने की डील की। इन सभी सॉल्वर को भरोसा दिलाया कि सारे सेंटर पर अपने लड़कों की ड्यूटी है। एंट्री के समय कोई परेशानी नहीं होगी। अपने लड़के आसानी से सेंटर के अंदर घुसा देंगे। अश्विनी खुद PMCH का स्टूडेंट है। वह पटना में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी की है। नीट की तैयारी के दौरान ही इसके साथ पटना में नीट की तैयारी करने वाले और लड़के संपर्क में थे। अश्विनी ने उन सभी से संपर्क किया। इसके साथ नीट की तैयारी करने वाले लड़के भारत के अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे थे। सरगना अश्विनी के अलावा खुद भी सॉल्वर से सेटिंग किया। अश्विनी बिहार के लड़के सेट किए जिसमें मधेपुरा का मंतोष कुमार, मुजफ्फरपुर का विवेक कुमार, सुपौल का हिमांश कुमार, मधुबनी का सौरभ ओझा और मधुबनी का रौशन कुमार के साथ और भी कई लड़के हैं। साथ ही माफियाओं ने पलामू के चंचल कुमारी, गिरिडीह की पूनम कुमारी, दिल्ली का अमन अग्रवाल, राजस्थान के सवाई माधोपुर का जितेन्द्र कुमार से सेटिंग की। परीक्षा के लिए अश्विनी ने पटना PMCH के और भी स्टूडेंट को सेट किया जो लखीसराय के अलावा बिहार के अलग-अलग सेंटर पर परीक्षा में बैठने के लिए तैयार हुए। मिशन के लिए सॉल्वर को एक जगह किया गया था ब्रीफ परीक्षा के दो दिन पहले सारे सॉल्वर को पटना बुलाया गया। पटना के एक मकान में अलग-अलग कमरे में रखा गया और सभी सॉल्वर को ओरिजनल परीक्षार्थी से मिलवाया गया। यहां सभी को प्लान बताया गया कि परीक्षा के दिन सेंटर पर ओरिजनल परीक्षार्थी भी मौजूद रहेंगे। सेंटर पर बायोमीट्रिक अटेंडेंस लेने वाले कर्मचारियों की भीड़ का फायदा उठाते हुए मुख्य परीक्षार्थी की बायोमीट्रिक अटेंडेंस ले लेंगे और उनकी जगह पर सॉल्वर को एंट्री दे दी जाएगी। सेंटर के अंदर इनविजिलेटर सॉल्वर को नहीं पकड़े इसलिए सभी को एडिटेड एडमिट कार्ड दिया गया। ऐसे कराई गई डमी कैंडिडेट्स की एंट्री रीक्षा वाले दिन असली अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर ही मौजूद रहे। एंट्री के दौरान उनका बायोमीट्रिक सत्यापन और फोटो सेंटर से 100 मीटर दूर किसी स्थान पर करा लिया गया। इसके बाद सॉल्वर को परीक्षा केंद्र के अंदर भेज दिया गया। अश्विनी खुद बायोमीट्रिक कर्मचारी बनकर एग्जाम सेंटर के अंदर गया था। गिरोह के एक सदस्य ने खोला राज पूरी कड़ी एक्सपोज करने के पीछे गैंग के ही एक सदस्य का बड़ा रोल रहा। परीक्षा माफिया गिरोह के ही एक युवक ने लखीसराय जिला प्रशासन को मेल कर जानकारी दी कि लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय में मधुप्रिया की जगह पुनम परीक्षा दे रही है। इसके बाद जिला प्रशासन तुरंत एक्टिव हुआ और एसपी ने सभी सेंटर को अलर्ट कर दिया। इसके बाद लखीसराय के सारे सेंटर पर बारीकी से परीक्षार्थियों की जांच कि गई तो 9 सॉल्वर पकड़े गए। सरकार की सख्ती को क्रैक करने का मास्टर प्लान सरकार पेपर लीक को लेकर काफी सख्त हो गई थी। केंद्र सरकार के साथ राज्यों की सरकारें भी पेपर लीक पर विशेष रूप से सख्त थी। इसलिए जांच वाले पॉइंट्स को क्रैक कर सॉल्वर बैठाने की प्लानिंग थी। सॉल्वर नहीं पकड़े जाए इसके लिए एंट्री के दौरान जांच करने के लिए जो कंपनी ठेका लेती है। उस कंपनी में माफियाओं ने अपने आदमी की भर्ती करा दिए। परीक्षा सेंटर पर ही अपने आदमी घुसा दिए, ताकि पेपर की छपाई से लेकर उसके परिवहन, स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों तक वितरण और परीक्षा शुरू होने तक हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी गई। इस बार ऐसी व्यवस्था की गई थी कि न तो प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर निकल सके और न ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने से पहले उसकी कॉपी किसी के हाथ लग सके। इसलिए माफियाओं ने सेंटर पर फिंगर प्रिंट लेने और फेस रिकॉग्निशन के लिए अपने आदमी की भर्ती करा दी। माफिया ने सबसे पहले यह पता लगाया कि इस बार परीक्षा में बायोमीट्रिक सत्यापन का काम किस कंपनी को मिला है। इसके पीछे मंशा इस व्यवस्था में किसी स्तर पर सेंध लगा दी जाए तो असली अभ्यर्थी की जगह दूसरे सॉल्वर को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया जा सकता है। अब सरकार की तैयारी जानिए 3 मई 2026 को हुए नीट-यूजी परीक्षा का पेपर किसी एग्जाम सेंटर से नहीं बल्कि प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। इसके बाद केंद्र सरकार ने 21 जून की री-एग्जाम को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा मानते हुए री-एग्जाम के लिए पूरी रणनीति बदल दी। प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO की सीधी निगरानी में इस बार परीक्षा कराई गई। PMO की सीधी मॉनिटरिंग और वॉर-रूम इस बार पेपर सेटिंग से लेकर रिजल्ट तक हर स्टेज की मॉनिटरिंग PMO द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोजाना अपडेट दिए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई हाई-लेवल मीटिंग में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और एयरफोर्स के अधिकारी शामिल हुए। NTA के री-एग्जाम को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारी का आदेश दिया गया। एयरफोर्स को सौंपी गई लॉजिस्टिक्स की कमान अब तक नीट के पेपर डाक और सड़क के रास्ते भेजे जाते थे। यह काम विभाग के कर्मचारी करते थे। इस बार सरकार ने भारतीय वायुसेना यानी IAF को जिम्मेदारी दी। प्लान के मुताबिक क्वेश्चन पेपर को प्रिंटिंग प्रेस से सीधे देशभर के 18 एयरफोर्स स्टेशनों और एयरपोर्ट तक एयरलिफ्ट किया गया। एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन से एग्जाम सेंटर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर क्वेश्चन पेपर पहुंचाए गए। पेपर सेटर का लॉकडाउन पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट, ट्रांसलेटर और मॉडरेटर को 21 जून तक एक गुप्त जगह पर लॉकडाउन में रखा गया। उनके मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट, स्मार्टवॉच सब जब्त कर लिए गए। न किसी से मिल सकते थे, न बाहर संपर्क कर सकते थे। प्रोसेस को कई हिस्सों में बांटा गया ताकि कोई एक व्यक्ति पूरी जानकारी न रख सके। बिहार में कैसे पहुंचा पेपर 19 जून की रात IAF के विमान से सीलबंद बक्सों में पेपर बिहटा एयरफोर्स स्टेशन और पटना एयरबेस पर लाए गए। DM और SP की निगरानी में जिला स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए। पुलिस और सिविल स्टाफ की निगरानी में इन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में शिफ्ट किया गया। 24×7 CCTV, डिजिटल लॉक और बायोमीट्रिक एंट्री की व्यवस्था की गई। पेपर की निगरानी के लिए CRPF की ड्यूटी लगाई गई। पटना से अन्य जिलों में पेपर पहुंचाने के लिए GPS ट्रैकिंग वाली गाड़ियों से पेपर भेजे गए। डाक विभाग को सिर्फ बैकअप में रखा गया। पहले पेपर 3-4 दिन पहले सड़क के रास्ते से पेपर आता था। इस बार IAF ने 24 घंटे के अंदर डिलीवरी की। किसी भी इंसान के इंवॉल्वमेंट को सीमित कर दिया गया। कंपनी से मांगा गया पक्ष – नहीं मिला जवाब भास्कर ने इनोवेटिव कंपनी से बातकर उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। हमने मेल भी किया, लेकिन किसी भी मेल का कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। कंपनी का पक्ष आते ही हम खबर में अपडेट करेंगे। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… री-नीट- 8 राज्यों से बिहार लाए गए 200 सॉल्वर:50 करोड़ तक की डील, कैंडिडेट्स को दूर बैठाकर देना था एग्जाम, NTA की सुरक्षा कैसे टूटी री-नीट फर्जीवाड़े की परतें जैसे-जैसे ‎खुल रही हैं, वैसे-वैसे एक ऐसे सॉल्वर सिंडिकेट का चेहरा ‎सामने आ रहा है, जिसे MBBS के छात्र ‎चला रहे थे। केंद्र सरकार ने सख्ती बरतकर पेपर लीक होने से तो रोक लिया, लेकिन बिहार में मेडिकल के छात्रों ने NTA की सुरक्षा में सेंध लगा दी। सॉल्वर सिंडिकेट का सरगना मुजफ्फरपुर का अर्पित यादव है। उसने कोटा में पढ़ाई के दौरान तीन दोस्तों के साथ मिलकर गिरोह बनाया था। पूरी खबर पढ़े…

हिमाचल में मानसून 8 दिन की देरी से पहुंचा:2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; IMD ने जारी की एडवाइजरी

दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 दिन की देरी के बाद आज (30 जून) हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। मानसून ने पूरे किन्नौर जिला के अलावा कुल्लू व लाहौल-स्पीति के अधिकांश भागों, शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में मानसून के हिमाचल के ज्यादातर भागों को कवर कर लेगा। राज्य में अगले 4-5 दिनों के दौरान कुछेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेषकर, 2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल भी किन्नौर व लाहौल स्पीति जिला छोड़कर अन्य सभी जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। परसों रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस ज्यादा स्ट्रांग होगा। इससे अगले 72 घंटे तक कुछेक स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। IMD के मुताबिक- राज्य में 6 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। जहालमा नाले में बाढ़, टूरिस्ट-लोकल फंसे, प्रशासन ने रेस्क्यू किया मानसून की एंट्री से एक दिन पहले लाहौल स्पीति, चंबा जिला और जम्मू को जोड़ने वाली सड़क पर जहालमा नाला में बाढ़ के बाद 150 से ज्यादा लोकल और टूरिस्ट फंसे गए। स्थानीय प्रशासन ने सोमवार शाम को इन्हें होम स्टे, होटल और लोकल लोगों के घरों में ठहराया। आज सुबह अस्थाई पुल बनाकर लोगों को अपने अपने गतंव्य तक भेजा गया। हालांकि, लोकल और टूरिस्टों के वाहन अभी नहीं निकल पाए, क्योंकि सड़क बह जाने से वाहनों की आवाजाही अभी बहाल नहीं हो सकी। सड़क अवरुद्ध होने से लाखों रुपए का मटर भी फंस गया है। अब इसे भी लेबर के जरिए नाले से दूसरी साइड निकाला जा रहा है। बता दें कि बर्फ पिघलने के बाद कल जहालमा नाला में बाढ़ आ गई थी। सावधानी बरतने की एडवाइजरी मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के आसपास और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इस दौरान कई भागों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है। मानसून से पहले सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश राज्य में मानसून की एंट्री से पहले तक सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। IMD के अनुसार- एक से 30 जून तक 101.1 मिमी सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 67.3 मिमी ही बादल बरसे है। मानसून की दस्तक के बाद अब अच्छी बारिश के आसार है। आज भी कई भागों में हल्की बारिश हुई है। सामान्य से नीचे गिरेगा पारा मानसून की एंट्री के बाद अब तापमान में भी गिरावट आएगी। अभी तक ज्यादातर शहरों का पारा सामान्य से आसपास या थोड़ा अधिक बना हुआ है।

बंगाल से कश्मीर तक 1500km लंबी मानसून पट्टी बनी:इससे उत्तर भारत में 1 से 4 जुलाई तक भारी बारिश संभव, 26 राज्यों में मानसून पहुंचा

मानसून ने मंगलवार दोपहर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में एंट्री कर ली है। देश में अब तक 26 राज्यों को कवर कर लिया है। इससे पहले 24 जून को मध्य प्रदेश-गुजरात में एंट्री ली थी। इसके बाद 6 दिन अटका रहा। इससे कई राज्यों में गर्मी और उमस बनी हुई है। उधर, दिल्ली और उत्तर भारत के लिए राहत की खबर आ रही है। सैटेलाइट तस्वीरों में करीब 1,500 किमी लंबी मानसून ट्रफ (कम दबाव की लंबी पट्टी) बनती हुई दिखाई दी है। यह उत्तरी बंगाल की खाड़ी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ट्रफ बन चुकी है, लेकिन फिलहाल यह हिमालय की तलहटी (फुटहिल्स) के करीब स्थित है। यह ट्रफ धीरे-धीरे दक्षिण की ओर अपनी सामान्य स्थिति में पहुंचेगी, उत्तर भारत में बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर 1 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। समझें, मानसून ट्रफ क्या होती है मानसून ट्रफ कम दवाब क्षेत्र की एक लंबी पट्टी होती है, जिसे दक्षिण-पश्चिम मानसून की रीढ़ माना जाता है। यह ट्रफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी से भरी हवाओं को भारत के अंदरूनी हिस्सों तक खींचकर लाती है। इसी वजह से देश के कई इलाकों में बारिश होती है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… असम में बाढ़, 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित अरुणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश की वजह से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल में बारिश से लेकू नदी उफान पर आ गई, जिससे असम के जोनाई इलाके में भीषण बाढ़ आ गई। नेशनल हाईवे-515 भी डूब गया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, बाढ़ से राज्य के छह जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में पड़ा है, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से 96 गांव डूब गए हैं, करीब 1690 हेक्टेयर फसल और 48 हजार से ज्यादा जानवर प्रभावित हुए हैं। देशभर से बारिश की 6 तस्वीरें… 6 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के कई शहरों में मंगलवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा हरियाणा के रोहतक में 43.5°C दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली में 43.4°C, यूपी के बांदा में 43.2°C, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.2°C, पंजाब के आनंदपुर साहिब में 40.6°C और गुजरात के सुरेंद्रनगर में 40.5°C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 1 जुलाई: 2 जुलाई: अब राज्यों के मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: बिजली गिरी, दो की मौत, दो लोग नदी में बहे; भोपाल-सीहोर में बारिश, 50 जिलों में अलर्ट मध्य प्रदेश के भोपाल, सीहोर समेत कई जिलों में मंगलवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। पांढुर्णा में सोमवार रात से ही रुक-रुककर बारिश जारी है। आज सुबह करीब 7 बजे जिले के मुंगणापार-मोहगांव रोड पर बारिश के कारण एक पेड़ बिजली के तार तोड़ता हुए सड़क पर आ गिरा। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: इंतजार खत्म, यूपी में मानसून की एंट्री,पूर्वांचल के रास्ते आया, 20 शहरों में आंधी-बारिश यूपी में मानसून का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोनभद्र-महराजगंज के रास्ते मंगलवार को प्रदेश में एंट्री की। इसके असर से पूर्वी यूपी के 20 से ज्यादा शहरों में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: अलवर-कोटा में बारिश, 26 जिलों में आंधी-बरसात का अलर्ट,श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म जिला रहा राजस्थान में भीषण गर्मी और उमस के बीच मंगलवार को अलवर और कोटा में बारिश हुई। मौसम विभाग ने 26 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार राज्य में इस सप्ताह के अंत तक मानसून की एंट्री हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: पटना में सुबह से बादल छाए, समस्तीपुर में झमाझम बारिश, 27 जिलों में अलर्ट; बिजली से 4 लोगों की मौत बिहार में मानसून एक्टिव है। मंगलवार की सुबह खगड़िया, जमुई में झमाझम बारिश हुई। समस्तीपुर और कटिहार में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-40Kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। पूरी खबर पढ़ें…

यूपी-बिहार, छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 9 की मौत:मानसून की रफ्तार धीमी, एमपी-गुजरात में अटका; दिल्ली-हरियाणा में तापमान 43°C पार

देश के 4 राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि छह राज्यों में तेज गर्मी हो रही है। हरियाणा और दिल्ली में पारा 43°C से ज्यादा दर्ज किया गया। बिहार के 15 जिलों में सोमवार को आंधी के साथ बारिश हुई। सीतामढ़ी, मुंगेर और पटना में बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं 24 लोग झुलस गए। वहीं दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर बिजली गिर गई। मंदिर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा कर रहे थे। यूपी में मानसून की एंट्री के लिए मौसम सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को लखनऊ समेत 15 जिलों में तेज बारिश हुई। मिर्जापुर में बारिश के बाद अंडरपास में करीब 3 फीट तक पानी भरने से गाड़ियां फंस गईं। बस्ती और महराजगंज में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के डुमकी गांव में सोमवार शाम बिजली गिरने से 2 बच्चों और एक युवक की मौत हो गई। मध्य प्रदेश में सोमवार को 12 जिलों में बारिश हुई। मानसून 24 जून तक 22 राज्यों को कवर कर चुका है। इसके बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। यह मध्य प्रदेश और गुजरात के कई क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई तक यह बाकी राज्यों में भी पहुंच सकता है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… असम में बाढ़, 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित अरुणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश की वजह से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल में बारिश से लेकू नदी उफान पर आ गई, जिससे असम के जोनाई इलाके में भीषण बाढ़ आ गई। बाढ़ से नेशनल हाईवे-515 भी डूब गया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, बाढ़ से राज्य के छह जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में पड़ा है, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से 96 गांव डूब गए हैं, करीब 1690 हेक्टेयर फसल और 48 हजार से ज्यादा जानवर प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ और भारी मॉनसून बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू को फोन कर हालात की जानकारी ली। देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें… 6 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा हरियाणा के रोहतक में 43.5°C दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली में 43.4°C, यूपी के बांदा में 43.2°C, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.2°C, पंजाब के आनंदपुर साहिब में 40.6°C और गुजरात के सुरेंद्रनगर में 40.5°C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 1 जुलाई: 2 जुलाई:

अमरनाथ यात्रा के लिए पंजाब में कड़ी सुरक्षा:सेना-BSF और पुलिस चौकस, पैरामिलिट्री की 9 कंपनियां तैनात; शंभू से लेकर माधोपुर तक अलर्ट

अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पंजाब पुलिस, भारतीय सेना, बीएसएफ और सिविल प्रशासन ने मिलकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी, जबकि पंजाब और पड़ोसी राज्यों से श्रद्धालुओं का मूवमेंट 1 जुलाई से ही शुरू होने की उम्मीद है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस बार सुरक्षा व्यवस्था में सेना, वायुसेना, बीएसएफ और पंजाब पुलिस की स्थानीय तैनाती के साथ केंद्र की ओर से पंजाब को पैरामिलिट्री फोर्स की 9 कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं। इन कंपनियों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जा रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अतिरिक्त कंपनियां मिलने की संभावना है। सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरण और उन्नत हथियार प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हाईवे पर विभिन्न स्थानों पर लंगर की व्यवस्था भी की जा रही है। एसएसपी और डीआईजी स्तर पर बैठकें लंगर कमेटियों के प्रभारियों के साथ एसएसपी और डीआईजी स्तर पर बैठकें की जा चुकी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रियों के ठहरने के लिए सबसे बड़ा और सुव्यवस्थित इंतजाम जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा कठुआ जिले में (लखनपुर/माधोपुर पार करने के बाद) किया गया है। इसके बावजूद, यदि मौसम या किसी अन्य आपात स्थिति के कारण श्रद्धालुओं को पंजाब में रोकना पड़ता है, तो पठानकोट में उनके रहने और खाने के लिए विशेष कंटिंजेंसी प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए 3-टियर सुरक्षा चक्र यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर स्थित माधोपुर बॉर्डर पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की सहायता के लिए आधुनिक कमांड सेंटर पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। यहां सीसीटीवी, शेड, शौचालय और वाटर कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 7 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई हैं। कमांड सेंटर और संवेदनशील इलाकों में पंजाब पुलिस के जवानों के साथ-साथ सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवान भी तैनात रहेंगे। शंभू बैरियर से माधोपुर तक कड़ा पहरा पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा एनएच-44 से ही करें। इसके लिए पटियाला के शंभू बैरियर से लेकर माधोपुर नाके तक सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा पहरा है।
जालंधर-पठानकोट रोड : जालंधर से पठानकोट रोड की बात करें तो हर टोल प्लाजा पर पुलिस टीमें तैनात हैं। 1 जुलाई यानि कल से हर टोल प्लाजा और विशेष नाकेबंदी पर पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स तौनात की जाएगी। इनमें मानसर और लदपालवां टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। इसके अलावा, मीरथल नाका और पंजाब-हिमाचल सीमा स्थित चक्की पुल पर भारी डिप्लॉयमेंट रहेगा। जहां चैकिंग के साथ-साथ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जाएगी।
अमृतसर-पठानकोट रोड : सुरक्षा एजेंसियों के जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस रूट पर 15 से अधिक हाई सिक्योरिटी नाके लगेंगे। हर नाके पर पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहेंगे। अमृतसर से लेकर पठानकोट गोल चौक तक पूरे रूट को बस पेट्रोलिंग और नाकों से कवर किया गया है। ताकि, असमाजिक तत्वों को रोका जा सके।
डीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा का कहना है कि बठिंडा, खन्ना, पटियाला और बरनाला से लुधियाना के रास्ते पठानकोट के माधोपर तक आने वाले सभी लिंक रोड्स पर भी कड़ा पहरा रहेगा। आसमान से नजर रखेगी एयरफोर्स एयरफोर्स का काम आसमान से पूरे पंजाब पर नजर रखना है। ये रूटीन में भी होता है। लेकिन, इस बार इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। केवल कंटोनमेंट एरिया नहीं, बल्कि अपाचे हेलीकॉप्टर से पूरे रूट पर नजर रखने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, किसी बड़ी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एयरफोर्स को स्ंटैडबाय पर रखा गया है। पठानकोट में हुई इंटर एजेंसी को-ऑर्डिनेशन बैठक अमरनाथ यात्रा को लेकर पठानकोट में बेहद अहम इंटर एजेंसी को-ऑर्डिनेशन बैठक की गई, जिसमें डीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा के नेतृत्व में सुरक्षा और जन-सुविधाओं के रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में कोर कमांडर, जीओसी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के आलाधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में सुरक्षा प्लान और यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर बारीकी से चर्चा की गई। पहलगाम हमले और अमरनाथ यात्रा का कोई मेल नहीं डीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा ने पहलगाम में हुए पिछले घटनाक्रम का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि वह एक सरप्राइज इंसिडेंट था, जबकि यह एक पूर्व-घोषित और सुनियोजित यात्रा है, जो लगभग डेढ़ से पौने दो महीने चलेगी। इसके लिए हर संभावित खतरे को भांपते हुए कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से अमरनाथ यात्रियों के लिए 3 बेहद जरूरी अपील:

खबर हटके- मगरमच्छ के साथ बच्चे ने खेला डॉक्टर-डॉक्टर:जहरीली चींटी से कटवाकर साबित होती है मर्दानगी; रेस्टोरेंट में कमोड में सर्व हो रहा खाना

कोलंबिया में एक बच्चे ने मगरमच्छ के साथ डॉक्टर-डॉक्टर खेला जिसका वीडियो वायरल हो गया। वहीं, अमेजन जंगल में एक जनजाति के लड़कों को जहरीली चींटी से कटवाकर मर्दानगी साबित करनी पड़ती है। उधर, ताइवान में एक ऐसा रेस्टोरेंट है जहां कमोड में खाना सर्व होता है। यूके में एक लड़के ने करीब ₹40 लाख खर्च करके खुद को बार्बी डॉल में बदल लिया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक ऐसा बिल्ला वायरल हो रहा है जिसके दो नहीं चार कान हैं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

2029 से अमरनाथ के लिए केबल कार चलाने की तैयारी:अप्रैल 2027 से काम शुरू होगा; 5-8 घंटे का सफर 30 मिनट में पूरा होगा

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट लगेंगे। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर ली है। इसे केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। सूत्रों के मुताबिक नवंबर-दिसंबर में टेंडर जारी किए जाएंगे। अप्रैल 2027 से निर्माण शुरू होगा। 2029 तक इसे चालू करने का लक्ष्य है। केबल कार बालटाल के डोमेल गेट से चलकर संगम टॉप तक जाएगी। मुख्य गुफा और प्राकृतिक बर्फ के शिवलिंग की संवेदनशीलता को देखते हुए इसका आखिरी स्टेशन गुफा से करीब 2km पहले बनाया जाएगा। अभी बालटाल से अमरनाथ गुफा तक 14km पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। केबल कार शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को सिर्फ 2-3km पैदल या पालकी से जाना होगा। पैदल ट्रैक के समानांतर रोपवे नहीं बनेगा सूत्रों के मुताबिक रोपवे मौजूदा पैदल मार्ग के बिल्कुल समानांतर नहीं बनेगा। इसे पहाड़ियों और गहरी खाइयों के ऊपर से सीधी हवाई लाइन में बनाया जाएगा। हालांकि इसके टर्मिनल पैदल मार्ग से जुड़े रहेंगे, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला जा सके। वो सबकुछ, जो आपके लिए जानना जरूरी… 1. इस प्रोजेक्ट को कौन तैयार कर रहा है? यह केंद्र सरकार की ‘पर्वतमाला’ योजना के तहत बनाया जा रहा है। निर्माण की जिम्मेदारी सड़क परिवहन मंत्रालय की नोडल एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के पास है। 2. प्रोजेक्ट का अनुमानित बजट कितना है? डीपीआर के मुताबिक इस परियोजना पर करीब ₹1,200 करोड़ खर्च होंगे। यह जम्मू-कश्मीर में पहले चरण में बनने वाले ₹16 हजार करोड़ के 8 बड़े रोपवे प्रोजेक्ट का हिस्सा है। 3. क्या अमरनाथ गुफा सालभर जा सकेंगे? केबल कार ऑल-वेदर तकनीक से लैस होगी और तेज हवा व बर्फबारी में भी चल सकेगी। लेकिन सर्दियों में संगम टॉप से गुफा तक का 2-3km पैदल रास्ता भारी बर्फ से बंद रहता है। इसलिए यात्रा गर्मियों के सीजन में ही संभव होगी। 4. फिर केबल कार का सबसे बड़ा फायदा क्या होगा? बालटाल से गुफा तक पहुंचने का समय 5-8 घंटे से घटकर 25-30 मिनट रह जाएगा। डीपीआर के मुताबिक प्रति घंटे 1,500 से 2,000 श्रद्धालु सफर कर सकेंगे। यानी एक दिन में करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के आने-जाने की क्षमता होगी। अभी बालटाल रूट से रोज 10 हजार श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति मिलती है। 5. हर केबिन में कितने लोग बैठ सकेंगे? ब्लूप्रिंट के मुताबिक 30 से 50 बंद केबिन वाली केबल कारें चलाई जाएंगी। हर केबिन में 6 से 8 यात्री बैठ सकेंगे। 6. बालटाल रूट पर सबसे बड़ी चुनौती क्या है? सबसे मुश्किल हिस्सा बरारीमार्क और संगम टॉप का होगा। बरारीमार्क में तेज बर्फीली हवाओं के बीच पिलर खड़े करना चुनौती है। वहीं संगम टॉप हिमस्खलन (एवलांच) प्रभावित क्षेत्र है, जहां पिलरों को ग्लेशियर के दबाव से सुरक्षित रखना होगा। इसके अलावा निर्माण के लिए हर साल जून से अक्टूबर तक करीब चार महीने का ही समय मिलेगा। 3 जुलाई से यात्रा शुरू, अभी हिमलिंग करीब 5 फीट ऊंचा इस साल 3 जुलाई से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन खत्म होगी। कुल 57 दिनों की यात्रा चलेगी। अभी बाबा बर्फानी का हिमलिंग करीब 5 फीट ऊंचा है। यात्रा शुरू होने तक इसके करीब साढ़े चार फीट का रह जाने का अनुमान है। पिछले साल यात्रा के पहले दिन हिमलिंग की ऊंचाई करीब 4 फीट थी। पिछले दो साल से कश्मीर में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ रही है। इसका असर हिमलिंग पर भी पड़ रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही हिमलिंग का आकार घटने लगता है। यात्रा के लिए ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराने वाले श्रद्धालुओं को मंगलवार से जम्मू में टोकन दिए जाएंगे। टोकन लेने वाले श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन और RFID कार्ड जारी करने की प्रक्रिया 2 जुलाई से शुरू होगी। यात्रा को लेकर सिक्योरिटी हाईअलर्ट पर… अमरानाथ यात्रा के दो रूट, इस साल 57 दिन की यात्रा —————– ये खबर भी पढ़ें… अमरनाथ यात्रा से पहले बाबा बर्फानी की पहली पूजा: उपराज्यपाल ने दर्शन किए; यात्रा 3 जुलाई से शुरू, सिक्योरिटी का ट्रायल हुआ अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले 29 जून को को बाबा बर्फानी की पहली पूजा हुई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने पूजा की। पूरी खबर पढ़ें…