खाद कंपनियों से वसूली मामले में सर्च:दो एओ के नाम अकूत संपत्ति, 5 लाख रु. नकद, 11 प्लॉट, 2 फ्लैट और सुपर मार्ट में पार्टनर

भिवाड़ी व कोटपूतली-बहरोड़ में संचालित खाद कंपनियों पर कार्रवाई का डर दिखाकर वसूली करने वाले दोनों कृषि अधिकारियों के घरों की सर्च में एसीबी को अकूत संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। एसीबी ने गुरुवार को शाहपुरा के पास हाइवे पर कृषि अधिकारियों की सरकारी गाड़ी सफारी को रुकवाकर चेकिंग की थी। इनके पास बेग में छिपाकर रखे सैंपल पैकेटों में 2.63 लाख रुपए मिले थे। यह राशि भिवाड़ी व कोटपूतली में संचालित खाद कपंनियों से वसूली कर लाई गई थी। एओ महेश कुमार मीणा के बैग से 1,48,500 और एओ चंदाराम गुर्जर के बैग में 1,15,000 रुपए मिले थे। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव व कृषि विभाग का चालक रमेश चंद्र मीणा भी सवार थे। किसकी-कितनी संपत्ति

एसीबी की कार्रवाई:निगम में किसके आदेश चलते हैं? डीएलबी ने हटाया, जोन ने रिलीव किया… फिर भी कर्मचारियों ने कुर्सियां नहीं छोड़ीं

निगम के आमेर-हवामहल जोन में एसीबी की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अनियमितताओं की नई परतें सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि स्थानीय स्तर पर न केवल निगम प्रशासन बल्कि स्वायत्त शासन विभाग के आदेशों की भी पालना नहीं हो रही। एपीओ किए गए अधिकारी महीनों तक उसी जोन में काम करते रहे, जबकि मूल पद पर भेजे गए कर्मचारी भी पुराने पद पर जमे रहे। सबसे बड़ा मामला अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी गोपी वल्लभ शर्मा का है। डीएलबी निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने 6 मई को उन्हें एपीओ कर मुख्यालय में उपस्थिति देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन दो महीने बाद भी उन्होंने मुख्यालय में जाइनिंग नहीं दी और आमेर-हवामहल जोन में ही कार्य करते रहे। इसी तरह गुरुवार को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते एसीबी के हत्थे चढ़े जमादार रामसिंह का मामला भी गंभीर प्रशासनिक लापरवाही उजागर करता है। रामसिंह को 12 जून को जमादार पद से हटाकर उसके मूल पद सफाई कर्मचारी पर भेज दिया था। जोन उपायुक्त सीमा चौधरी ने आदेश जारी कर उसे वार्ड-26 में सफाई कार्य के लिए तैनात किया और उसी दिन रिलीव भी कर दिया था। इसके बावजूद रामसिंह करीब डेढ़ महीने तक जोन में जमादार की तरह काम करता रहा। एसीबी की कार्रवाई के बाद किया एपीओ निगम में एसीबी ने पांच दिनों में 4 कर्मचारियों को ट्रैप किया है। सिविल लाइंस जोन में एक जेईएन रिश्वत लेते पकड़ा। कार्रवाई की भनक लगते ही तत्कालीन जोन उपायुक्त सुनील बैरवा कार्यालय छोड़कर चले गए, जो पकड़ से बाहर हैं। गुरुवार को आमेर-हवामहल जोन में जमादार रामसिंह तथा निगम मुख्यालय में रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश को ट्रैप किया। अब एसीबी की जांच उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी केंद्रित हो गई है। वहीं, आमेर-हवामहल जोन में एसीबी कार्रवाई के बाद तत्कालीन जोन उपायुक्त सीमा चौधरी को डीएलबी ने एपीओ कर डीएलबी मुख्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले सिविल लाइंस जोन के तत्कालीन उपायुक्त सुनील बैरवा को निगम मुख्यालय एपीओ किया था। हालांकि उनके मामले में डीएलबी की ओर से अभी अलग से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। छह साल से डेपुटेशन पर जमी उप रजिस्ट्रार निगम हेरिटेज के गठन के दौरान सांख्यिकी विभाग से 10 अधिकारी-कर्मचारी डेपुटेशन पर आए थे। अधिकांश कर्मचारी 4 वर्ष बाद अपने मूल विभाग में लौट गए, लेकिन आदर्श नगर जोन की उप रजिस्ट्रार सपना बसवाल अब भी निगम में कार्यरत हैं। वे 17 जून, 2020 को डेपुटेशन पर आई थीं। उनका मूल पद सांख्यिकी निरीक्षक का है। इसी तरह विक्रम सिंह सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर हैं।

सोलर से मिले रुपए के बंटवारे का विवाद:3 साल से अलग रह रहे थे दोनों भाई, पैतृक मकान से परिजनों से मिलने पहुंचे युवक पर बड़े भाई ने बैट से किया हमला

जिले के शिव थाना क्षेत्र के पूषड गांव में पैसों के लेनदेन के विवाद की वजह से हत्या का मामला सामने आया है। यहां एक बड़े भाई ने आवेश में आकर अपने ही सगे छोटे भाई पर क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के पिता की रिपोर्ट पर आरोपी बड़े भाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शिव थानाधिकारी डॉ. मनोहर विश्नोई ने बताया कि पूषड गांव निवासी तोगाराम मेघवाल के दो बेटे जेठाराम और सुरेश कुमार (27) पिछले करीब 3 साल से अलग रह रहे थे। छोटा भाई सुरेश कुमार गांव में स्थित अपने पैतृक मकान में रहता था। बड़ा भाई जेठाराम उससे करीब 5 किमी. दूर गांव की सरहद पर स्थित खेत में बने मकान में अपने परिवार और पिता तोगाराम के साथ रहता था। दोनों भाई खेती करते थे। गुरुवार देर रात दोनों में विवाद हुआ। छोटा भाई पत्नी के साथ पुराने घर में पिता से मिलने गया था, वहीं पर हुआ विवाद हत्या की मुख्य वजह जमीन के बदले मिले रुपए थे। दरअसल, पिता तोगाराम मेघवाल की जमीन सोलर कंपनी को सोलर प्लेटें लगाने के लिए दी गई थी। इसके एवज में कंपनी ने परिवार को 4 लाख रुपए दिए थे। यह पूरी रकम बड़े भाई जेठाराम ने अपने पास रख ली। छोटे भाई सुरेश कुमार को एक भी रुपया नहीं दिया। इसी राशि को लेकर दोनों भाइयों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार रात सुरेश अपनी पत्नी के साथ पिता के पास पहुंचा। उसने रुपए नहीं देने की शिकायत की। गुस्साए जेठाराम ने बैट से हमला कर सुरेश की जान ले ली। उसने घर में रखा क्रिकेट बैट उठाया। सुरेश के सिर पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला इतना गंभीर था कि सुरेश के सिर पर गहरी चोटें आईं। अत्यधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिता व पत्नी के सामने हत्या घटना के समय घर पर दोनों भाइयों के पिता तोगाराम, जेठाराम, और सुरेश की पत्नी भी मौजूद थी। सभी ने बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराने का पूरा प्रयास किया। जेठाराम के सिर पर खून सवार था। उसने किसी की एक न सुनी। अपने से करीब 10 साल छोटे भाई की जान ले ली। पिता ने दर्ज कराया बड़े बेटे पर हत्या का केस घटना की जानकारी मिलने पर शिव थानाधिकारी मनोहर विश्नोई पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। वहां मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। इसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि मृतक के पिता तोगाराम ने शुक्रवार को अपने ही बड़े बेटे जेठाराम के खिलाफ रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में रुपयों के लेनदेन के विवाद में छोटे बेटे सुरेश की हत्या का आरोप लगाया है।

मारपीट व लूट का मामला:कार में आए 4 बदमाश, बाइक पर घर जा रहे ज्वैलर को रोककर पीटा, 1 तोला सोना, 8 किलो चांदी लूटी

राजधानी में एक ज्वेलर को कार सवार चार बदमाशों ने मारपीट कर लूट लिया। वारदात खोराबीसल इलाके में नांगललाडी स्टैंड के पास शुक्रवार रात 8 बजे हुई। कार सवार बदमाश बाइक सवार ज्वेलर पर हमला कर गहनों से भरा बैग लूट ले गए। बैग में 8 किलो चांदी, 1 तोला सोना और 15 हजार रुपए नकद रखे हुए थे। बदमाशों ने ज्वेलर को डंडों और पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ज्वेलर को कालवाड़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वारदात नांगलनाडी मुख्य बाजार स्थित श्री श्याम ज्वैलर्स के मालिक शंकरलाल शर्मा के साथ हुई। शंकरलाल रोजाना की तरह शुक्रवार रात दुकान बंद कर बाइक से घर जा रहे थे। दुकान से कुछ दूरी पर ही एक कार ने उनका रास्ता रोक लिया। कार से चार बदमाश उतरे। उनके हाथों में डंडे और पाइप थे। उन्होंने बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर शंकरलाल पर हमला कर दिया। हाथ पर जोरदार वार लगने से बैग छूट गया और बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। खास बात यह है कि करीब 7 महीने पहले शंकरलाल की दुकान में चोरी हुई थी। इसके बाद से वह रोज शाम को दुकान का माल बैग में रखकर घर ले जाने लगे थे। बदमाशों ने इसी रूटीन को निशाना बनाया। व्यापारी ने चांदी शुक्रवार को ही जयपुर से खरीदी थी। मुंह पर कपड़ा बांधकर आए बदमाश, रेकी की
पीड़ित ज्वैलर शंकरलाल ने पुलिस को बताया कि चारों बदमाशों ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। वारदात के बाद पुलिस ने बदमाशों की तलाश में जयपुर कमिश्नरेट, जयपुर ग्रामीण सहित आसपास के इलाकों में ए-श्रेणी की नाकाबंदी कराई, लेकिन देर रात तक सुराग नहीं लगा। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

झुंझुनूं सतत विकास के लक्ष्य में राजस्थान में टॉपर:जयपुर 10वें से फिसल कर 22वें नंबर पर आया, सेहत भी कमजोर, पर अमीरी में आगे

प्रदेश के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के एसडीजी इंडेक्स-2025 में विकास की कई विरोधाभासी तस्वीरें सामने आई हैं। प्रदेश की राजधानी जयपुर में जहां गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों का अनुपात सबसे कम, 6.15 प्रतिशत है, वहीं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की रैंकिंग में यह 10वें स्थान से फिसलकर 22वें स्थान पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, आदिवासी बाहुल्य उदयपुर में हर तीसरा परिवार अब भी गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य और टीकाकरण जैसे सामाजिक संकेतकों में उदयपुर कई विकसित जिलों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का औसत एसडीजी स्कोर 59.11 से बढ़कर 60.80 हो गया है। 100 अंकों में 67.13 अंक हासिल कर झुंझुनूं दूसरे वर्ष भी पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि चित्तौड़गढ़ 65.41 और राजसमंद 65.00 अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। वहीं, जैसलमेर 51.82 अंकों के साथ प्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। मेवाड़ के चित्तौड़गढ़ और राजसमंद का टॉप-3 में शामिल होना क्षेत्र की मजबूत विकास स्थिति को दर्शाता है।उदयपुर जिले का एसडीजी स्कोर 59.19 रहा और उसे प्रदेश में 17वां स्थान मिला। पिछले वर्ष उदयपुर की रैंकिंग 12वें स्थान पर थी। दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर (57.03), बांसवाड़ा (55.47) और प्रतापगढ़ (57.81) भी राज्य के औसत स्कोर से नीचे रहे।राजस्थान के अधिकांश जिले अभी ‘परफॉर्मर’ श्रेणी में हैं। केवल झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद ही सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में बेहतर प्रगति दर्ज कर पाए हैं। गरीबी : दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी जिलों पर अब भी गरीबी का सबसे बड़ा दबाव
डूंगरपुर में 40.87 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 37 प्रतिशत और उदयपुर में 33.83 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा के नीचे हैं। प्रतापगढ़ में यह आंकड़ा 28.55 प्रतिशत है, जबकि राज्य का औसत 15.92 प्रतिशत है। यानी प्रदेश में गरीबी का सबसे बड़ा दबाव अब भी दक्षिणी आदिवासी जिलों पर है। स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के बावजूद यही क्षेत्र समग्र विकास की दौड़ में पीछे हैं। जानिए एसडीजी इंडेक्स के बारे में
एसडीजी इंडेक्स भारत में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की प्रगति को मापने वाला सूचकांक है, जिसे नीति आयोग जारी करता है। इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों के आधार पर राज्यों के प्रदर्शन का आकलन करना है। उदयपुर में हर तीसरा परिवार अब भी गरीब – मेवाड़ से चित्तौड़गढ़ और राजसमंद दूसरे और तीसरे पर, उदयपुर 17वें स्थान पर सेहत : जयपुर की सेहत सबसे खराब, उदयपुर की हालत भी ठीक नहीं, बारां सबसे स्वस्थ
जयपुर स्वास्थ्य और खुशहाली में मात्र 37.60 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर रहा। उदयपुर भी 42.22 स्कोर के साथ फिसड्‌डी है। 63.54 अंकों के साथ बारां की सेहत सबसे अच्छी है। सिकर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और अलवर के लोग स्वास्थ्य और खुशहाली में सबसे पीछे हैं। जेंडर इक्वालिटी – प्रदेश लैंगिक समानता में फेल प्रदेश, झुंझुनूं को छोड़ सभी जगह हालात खराब
महिला सशक्तिकरण-लैंगिक समानता में प्रदेश की स्थिति खराब है। इस लक्ष्य में राज्य का औसत स्कोर केवल 39.60 है। झुंझुनूं (52.88 इंडेक्स स्कोर) को छोड़कर बाकी सभी अति-पिछड़ी श्रेणी में हैं। महिलाओं के खिलाफ सबसे कम अपराध दर पाली (18.08 प्रति लाख) में दर्ज की गई। स्कूलों में बिजली – प्रदेश में 90 से बढ़कर 96% हुआ कवरेज, बारां 70 से बढ़कर 90 पर पहुंचा
प्रदेश में स्कूलों तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है। बिजली कनेक्शन वाले स्कूलों का प्रतिशत वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में 90.01% से बढ़कर 96.18 हो गया है। सबसे बड़ा सुधार बारां जिले में दर्ज किया गया है। यहां बिजली सुविधा वाले स्कूलों का अनुपात 70.80 प्रतिशत से बढ़कर सीधा 90.20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बड़ा बदलाव -विकास यात्रा अब शहरी और ग्रामीण अंतर से आगे रिपोर्ट का सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि राजस्थान की विकास यात्रा अब केवल शहरी-ग्रामीण अंतर की कहानी नहीं रह गई है। जयपुर जैसा समृद्ध जिला विकास सूचकांक में अपेक्षा से पीछे है, जबकि उदयपुर जैसा जिला गरीबी से जूझते हुए भी स्वास्थ्य और सामाजिक संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। प्रदेश के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विकास की रफ्तार बढ़ाने से ज्यादा विकास की खाई को पाटने की है।

सियासी हलचल तेज:अमित शाह दिल्ली बुलाकर मंत्रियों से ले रहे फीडबैक, परफॉर्मेंस भी पूछ रहे

प्रदेश की सियासत में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने हलचल बढ़ा दी है। एक-एक कर राजस्थान के मंत्रियों को दिल्ली बुलाए जाने से अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में मंत्रियों को अपनी परफॉर्मेंस भी बतानी है और उनके खिलाफ यदि शिकायतें हैं, तो उसकी वजह भी बतानी है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि मंत्रियों को दिल्ली बुलाकर राजस्थान में कामकाज को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। पिछले दो-तीन दिनों में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जैसे मंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया है। बीते करीब एक साल से इस बात को लेकर बीच-बीच में चर्चा उठती रही है कि मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होने जा रहा है। हालांकि अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के नेताओं, मंत्रियों को इसी तरह बुलाकर अपने फीडबैक मैकेनिज्म को मजबूत करता रहा है। सियासी सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली की इसके पीछे की कहानी कुछ इसी तरह की है। हालांकि स्थानीय आलोचक यह जरूर चर्चा छेड़ रहे हैं कि जिन-जिन मंत्रियों की शिकायतें ज्यादा हैं, पहले दौर में उन्हें ही बुलाया जा रहा है। चर्चाओं पर विराम की कोशिश कृषि मंत्री मीणा व शिक्षा मंत्री दिलावर ने हालांकि अपने अपने कार्यक्रम जारी कर अधिकृत रूप से भी दिल्ली दौरे की जानकारी दी है, वे अपने-अपने मंत्रालयों के अधिकृत कार्यक्रमों में भी शामिल हुए हैं। दिलावर ने एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होने का जिक्र किया है। वहीं, किरोड़ी ने शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति वाले विकसित भारत ग्राम योजना कार्यक्रम का जिक्र किया। चिकित्सा मंत्री खींवसर भी दो दिन पहले अमित शाह से मिले। अब शुक्रवार को किरोड़ीलाल मीणा शाह से मिले। परफॉर्मेंस के साथ फीडबैक लिया गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर भी चर्चा असल में पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि राज्य के चार में एक मंत्री को ड्रॉप कर एक नए की एंट्री संभव है। इनमें सबसे ज्यादा नाम पिछले दिनों राज्यसभा सदस्य बने डॉ. सतीश पूनियां को लेकर चल रहा है। पार्टी के केंद्रीय सूत्रों के अनुसार उन्हें किसी मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। यही कारण है कि मौजूदा एकमात्र राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे भागीरथ चौधरी से रिप्लेस किए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है।

पाक आतंकी भट्टी का बॉर्डर सिंडिकेट:ऑनलाइन गेम, पैसा और ग्लैमर से युवाओं को बना रहा जासूस

भारत-पाकिस्तान सीमा पर अब घुसपैठ सिर्फ तारों के नीचे से नहीं, बल्कि स्मार्टफोन के जरिए डिजिटल हो गई है। राजस्थान एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड द्वारा प्रदेश के 20 से ज्यादा शहरों में की गई छापेमारी और बाड़मेर से 20 साल के बशीर की गिरफ्तारी ने एक बेहद खतरनाक नेटवर्क का खुलासा किया है। पाकिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर शहजाद भट्टी अब बॉर्डर के युवाओं को स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल करने की साजिश रच रहा है। युवक ने गुजरात से लौटकर गांव को बनाया केंद्र एटीएस के इनपुट पर रामसर पुलिस द्वारा गागरिया गांव से गिरफ्तार किया गया बशीर (20) पुत्र आमदन खान इस नेटवर्क का अहम मोहरा था। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि बशीर पहले गुजरात में मजदूरी करता था। कुछ महीने पहले ही वह गांव लौटा था और काम-काज छोड़कर लगातार मोबाइल पर सक्रिय रहता था। गागरिया गांव रणनीतिक और भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में आता है। एजेंसियां अब यह जांच कर रही है कि गुजरात में रहने के दौरान वह किसके संपर्क में आया और अब तक उसने कौन-सी खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेजी हैं। गागरिया निवासी बशीर के खिलाफ रामसर थाने में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। प्रारंभिक जांच में उसका संबंध पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सामने आया है। एटीएस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से गहन पूछताछ कर रही हैं, जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य खुलासे होंगे। -चूनाराम जाट, एसपी, बाड़मेर।

राष्ट्रीय युवा संसद में महिला सशक्तीकरण:युवाओं का चुनावी सुधार, जातीय जनगणना और डिजिटल मीडिया विनियमन पर मंथन

नगर निगम जयपुर में मंच मिनिस्ट्री एवं युवा साथी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद का शनिवार को समापन हुआ। देश के 25 से अधिक राज्यों से आए 250 से ज्यादा युवाओं ने सांसदों, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए चार प्रमुख मुद्दों पर संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप चर्चा और वाद-विवाद किया। मुख्य आयोजक एवं संस्थापक मोहित शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने किया। युवा संसद में महिला सशक्तीकरण एवं समान प्रतिनिधित्व, निर्वाचन सुधार एवं चुनावी पारदर्शिता, जातीय जनगणना एवं आरक्षण सुधार तथा डिजिटल प्रसारण एवं ऑनलाइन मीडिया विनियमन से जुड़े चार प्रस्तावित विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए शोध आधारित तर्क, सुझाव और समाधान प्रस्तुत किए। संवैधानिक जागरूकता
सह आयोजक डॉ. नीकी चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल संसद की कार्यवाही का मंचन करना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, शोध कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था। सह आयोजक मनु कम्बोज ने कहा कि राष्ट्रीय युवा संसद युवाओं को जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी मंच है।

पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ आज:प्रदेश की जरूरत का 60 प्रतिशत फ्यूल बनाएंगे, हर साल 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर 12 बजे देश की सबसे हाईटेक और प्रदेश की पहली पचपदरा रिफाइनरी देश को सुपुर्द करेंगे। इसी के साथ काले क्रूड से बाड़मेर ही नहीं राजस्थान में खुशहाली का नया स्वर्णिम द्वार खुल जाएंगे। यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा 79,459 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जो शुरुआत में 43,129 करोड़ का था। दुनिया की सबसे अत्याधुनिक तकनीकों से लैस एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी BS-6 मानकों का सबसे स्वच्छ ईंधन देगी। यहां से निकलने वाला कच्चा तेल रिफाइन होने के लिए गुजरात और अन्य राज्यों में भेजा जाता था। अब यह यहीं रिफाइन होगा। पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीइथिलीन जैसे मूल्यवान पेट्रोकेमिकल उत्पाद यहीं बनेंगे। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल उत्पादों से प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और मेडिकल उपकरण बनाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े सहायक उद्योगों को सीधी राह मिलेगी। पूरी क्षमता से रिफाइनरी चलेगी तब राजस्थान की जरूरत की 60-70 फीसदी डीजल-पेट्रोल की मांग पूरी होगी। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पेट्रोलियम मंत्री हरदीपसिंह पुरी, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित प्रदेश व केंद्र के कई नेता शामिल होंगे। प्रोजेक्ट में 9 रिफाइनरी और 4 पेट्रो केमिकल यूनिट पेट्रोल-डीजल-एलपीजी से पेटकॉक तक तैयार होंगे 1.शुरुआती उत्पाद- स्विंग नेफ्था, लाइट-हेवी केरोसिन, लाइट-हेवी गैस ऑयल गैस। 2.पेट्रोल- नेफ्था को सीसीआर यूनिट में भेज बीएस-4 मानकों का पेट्रोल तैयार होगा। 3.डीजल- लाइट-हेवी गैस ऑयल को डीजल हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में प्रोसेस कर सल्फर-मुक्त अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल बनेगा। 4.एलपीजी और अन्य गैसें- फ्लुइड कैटेलिटिक क्रैकिंग और डिलेड कोकर यूनिट में भारी तेल को तोड़कर एलपीजी और प्रोपलीन निकलेगा। 5.पेट्रोकेमिकल्स- सह-उत्पादों को पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में भेजा जाता है। पॉलीप्रोपाइलीन, बेंजीन और टोल्यूनि जैसे महत्वपूर्ण उत्पाद बनेंगे। ये प्लास्टिक और पॉलीमर उद्योगों के काम आएंगे।
पेटकोक: डिलेड कोकर यूनिट की क्रैकिंग प्रक्रिया से ठोस पेट्रोलियम कोक बनेंगे। 4 मेगा पाइप लाइन, क्रूड की 2, गैस-पानी की एक-एक 1.क्रूड ऑयल लाइनें स्थानीय क्रूड- मंगला क्रूड टर्मिनल से रिफाइनरी तक 80 किमी. लंबी व 30 इंच चौड़ी विशेष इलेक्ट्रिकल-हीटेड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। आयातित क्रूड- गुजरात के भोगत टर्मिनल से पचपदरा तक विदेशी क्रूड ऑयल लाने के लिए 575 किमी. लंबी और 30 इंच चौड़ी नई पाइपलाइन बिछाई गई है। 2.पानी की पाइपलाइन- रिफाइनरी चलाने के लिए 5,300 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा कच्चे पानी की आवश्यकता रहेगी। इसे पूरा करने के लिए इंदिरा गांधी नहर से रिफाइनरी तक 200 किमी. लंबी 46 इंच चौड़ी पाइपलाइन बिछाई गई है। 3. प्राकृतिक गैस पाइपलाइन- रागेश्वरी गैस टर्मिनल से रिफाइनरी तक प्राकृतिक गैस लाने के लिए 80 किमी. लंबी और 34 इंच चौड़ी पाइपलाइन का उपयोग किया जाएगा। 13 साल में कितना संवरा पचपदरा टाउनशिप: रिफाइनरी के पास 247 एकड़ जमीन पर 613.15 करोड़ से टाउनशिप विकसित की गई है। इसमें 800 से ज्यादा फ्लैट और आवास हैं। ए कैटेगरी के बड़े विला के रूप में 24, बी कैटेगरी के 120, सी कैटेगरी के 656 आवास हैं। सीआईएसएफ के जवानों के लिए अलग से बैरक और क्वार्टर हैं। सोलर पैनल लगे हैं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कचरा प्रबंधन की सुविधा है। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मिल्क बूथ, स्पोर्ट्स, क्रिकेट मैदान और जिम, कम्युनिटी हॉल, क्लब हाउस, ऑडिटोरियम और उपासना स्थल हैं। 2 गेस्ट हाउस हैं। स्कूल: एचपीसीएल की ओर से 600 बच्चों के लिए आधुनिक स्कूल तैयार किया गया है। सीबीएसई पैटर्न से शिक्षा प्रणाली रहेगी। स्कूल बिल्डिंग का काम पूरा हो गया है। स्कूल में आधुनिक ऑडियो-विजुअल सहायता और डिजिटल बोर्ड से लैस कमरे हैं। विज्ञान और कंप्यूटर की अलग-अलग हाईटेक लैब हैं। एक विशाल लाइब्रेरी है। इसमें डिजिटल संसाधनों और ई-बुक्स की सुविधा रहेगी। पूरे स्कूल को सीसीटीवी से लैस किया गया है। मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल- रिफाइनरी के सामने ही 50 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार हो रहा है। इसमें जनरल वार्ड के साथ इमरजेंसी और आईसीयू की सुविधा भी है। औद्योगिक क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी रहेगी। आधुनिक डिजिटल एक्स-रे, सोनोग्राफी, स्वचालित पैथोलॉजी लैब, ईसीजी, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, एंबुलेंस सेवा रहेगी।

बालोतरा में मूसलाधार बारिश:बाड़मेर में बूंदाबांदी; दिन का पारा 41 डिग्री पार, रात 9 बजे तेज अंधड़ के बाद बूंदाबांदी से राहत

बाड़मेर और बालोतरा में आखिरकार मानसून ने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। लंबे समय से भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस का सितम झेल रहे आमजन को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव से आसमान में काली घटाएं छा गईं और ठंडी हवाओं के साथ बादल बरसे। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 41.4 और न्यूनतम 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही उमस के कारण लोग बेहाल रहे। शाम होने के साथ ही आसमान में बादल छाए और बिजली की चमक शुरू हो गई। बालोतरा इलाके में रात 8 बजे तक तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। वहीं रात 9 बजे बाड़मेर में हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जो रुक-रुक कर देर रात तक जारी रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अब राहत की खबर है। जिले के ग्रामीण इलाकों में भी कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। आगे क्या- आज से एक सप्ताह बारिश मानसून की एंट्री के बाद अब एक सप्ताह तक बारिश की संभावना है। शनिवार को भी बाड़मेर जिले में 30-40 किमी. की रफ्तार से आंधी चलेगी।