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हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं पर रहेगी हर तीसरे दिन नजर:मुख्य सचिव ने दिखाई सख्ती, सुरक्षित प्रसव के लिए नई रणनीति, 24 घंटे तक होगी विशेष निगरानी

राजस्थान में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और हर गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के चिकित्सा अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की समीक्षा बैठक लेकर कहा- हर हाई रिस्क गर्भवती महिला की व्यक्तिगत निगरानी की जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में उच्च जोखिम (हाई रिस्क) वाली गर्भवती महिलाओं की नामवार सूची तैयार कर उसे संबंधित एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) से जोड़ा जाए। प्रत्येक महिला की नियमित मॉनिटरिंग हो और जरूरत पड़ने पर समय रहते उसे बड़े अस्पताल में रेफर किया जाए। उन्होंने सोमवार सुबह सभी जिलों में एएनएम की बैठक लेकर हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। प्रसव के बाद 24 घंटे तक विशेष निगरानी मुख्य सचिव ने कहा- अस्पतालों में प्रसव के बाद पहले 24 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए धात्री महिलाओं की लगातार निगरानी की जाए, उनके पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की जटिलता सामने आने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए। बैठक में लेबर रूम प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, एनेस्थीसिया, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, कोल्ड चेन और रेफरल सिस्टम जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) का सख्ती से पालन करें, ताकि प्रसव के दौरान किसी तरह की लापरवाही न हो। इन जिलों में सबसे अधिक हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सामने आया कि जुलाई माह में सीकर, नागौर, जालौर, बांसवाड़ा और चूरू जिलों में सबसे अधिक हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं चिन्हित हुई हैं। इन जिलों में विशेष निगरानी और अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन 6 ग्राम या उससे कम है या जो गंभीर एनीमिया से पीड़ित हैं और उनकी डिलीवरी की तारीख नजदीक है, उन्हें समय रहते ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एफसीएम इंजेक्शन या आयरन सुक्रोज थेरेपी उपलब्ध कराई जाए। ऐसी महिलाओं की सूची जिला स्तर पर तैयार रखी जाए और संबंधित एएनएम हर तीसरे दिन उनकी स्वास्थ्य जांच करे। सुरक्षित प्रसव की पहले से होगी तैयारी प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा- केवल इलाज ही नहीं, बल्कि प्रसव की पूर्व योजना (Birth Planning) भी बेहद जरूरी है। गर्भवती महिला का किस अस्पताल में प्रसव होगा, जरूरत पड़ने पर रेफरल कैसे होगा और सभी जरूरी जानकारियां ममता कार्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज हों, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, उनकी नियमित निगरानी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि हर गर्भवती महिला को समय पर उपचार मिले, जटिलताओं की समय रहते पहचान हो और सुरक्षित संस्थागत प्रसव के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

सीकर में स्टूडेंट ने किया सुसाइड:2 साल से हॉस्टल में रहकर कर रहा था तैयारी; स्टाफ ने फंदे से लटके देखा

सीकर में स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। सुबह हॉस्टल का स्टाफ उसे जगाने पहुंचा तो अंदर से दरवाजा बंद था। कई बार गेट खटखटाने के बाद भी वह नहीं उठा। हॉस्टल स्टाफ ने खिड़की से झांककर देखा तो फंदे से लटका हुआ था। हॉस्टल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल भिजवाया। पुलिस के अनुसार, छात्र ने पहली बार नीट की परीक्षा दी थी। वह दो साल से हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहा था। छात्र जयपुर ग्रामीण क्षेत्र का रहने वाला था। कमरे में अकेला रहता था छात्र, पास में मोबाइल भी नहीं था SHO उद्योग नगर राजेश कुमार ने बताया- पुलिस को मौके से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि छात्र हॉस्टल के कमरे में अकेले ही रहता था। वह अपने पास मोबाइल भी नहीं रखता था। छात्र के परीक्षा में कितने नंबर आए थे, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। परिवार ने मामले में किसी तरह की रिपोर्ट नहीं दी है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। — यह खबर भी पढ़िए.. दो भाइयों ने एक साथ क्लियर किया NEET:जयपुर के उपलक्ष्य की तीसरी रैंक, बोले- खुद को रिफ्रेश करने के लिए कॉमेडी शो देखता था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। जयपुर के उपलक्ष्य गोयल ने देशभर में तीसरी रैंक और अलवर के गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की। अलवर के दो भाई यशवर्धन (146वीं) और चिराग यादव (1096वीं) ने एक साथ नीट क्लियर किया है। पढ़ें पूरी खबर

दिव्यांग बेटे के लिए बनाई स्पेशल कुर्सी, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित:स्कूलों ने एडमिशन देने से इनकार किया तो इनोवेशन किया, मिला पेटेंट

एक मां अपने बच्चे के दर्द को सबसे करीब से महसूस करती है। पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के हेमलियावास खुर्द निवासी साइकोलॉजिस्ट नेहा सोलंकी ने भी अपने बेटे की तकलीफ को अपनी ताकत बना लिया। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बेटे के लिए उन्होंने ऐसी विशेष कुर्सी तैयार की, जिस पर दिव्यांग बच्चे बिना किसी सहारे के सुरक्षित और आरामदायक तरीके से बैठ सकें। उनके इस इनोवेशन ने उनके बेटे की जिंदगी आसान बनाई, साथ ही देशभर के विशेष बच्चों के लिए उम्मीद भी बनी हैं। अब नेहा सोलंकी का नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन ने वर्ष 2026 के ‘ग्रासरूट्स इनोवेटर रिकग्निशन’ के लिए उनका चयन किया है। पूरे देश से चुने गए 26 इनोवेटर शख्सियतों में उन्हें स्थान मिला है। उन्हें 31 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। बेटे की बीमारी बनी प्रेरणा
जयपुर निवासी नेहा सोलंकी की करीब 15 साल पहले पाली जिले के हेमलियावास खुर्द निवासी डॉ. अभिषेक भाटी से शादी हुई। शादी के बाद बेटे के जन्म से परिवार में खुशियां आईं, लेकिन 6 महीने बाद पता चला कि उनका बेटा सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित है। नेहा बताती हैं कि इस बीमारी में मस्तिष्क का विकास होता है, लेकिन शरीर की गतिविधियों पर पूरा नियंत्रण नहीं रह पाता। बच्चे को बैठने, उठने और संतुलन बनाए रखने में काफी कठिनाई होती है। बेटे की परेशानी ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और यहीं से दिव्यांग बच्चों के लिए कुछ करने का संकल्प जन्मा। स्कूलों के इनकार के बाद इनोवेशन करने का फैसला लिया
वर्तमान में जोधपुर में रह रही नेहा बताती हैं कि वर्ष 2023 में बेटे के स्कूल में प्रवेश के लिए कई निजी स्कूलों के चक्कर लगाए, लेकिन अधिकांश स्कूलों ने उसकी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए प्रवेश देने से मना कर दिया। आखिरकार एक स्कूल ने शर्त रखी कि यदि बच्चा सुरक्षित तरीके से बैठ सके तो प्रवेश दिया जाएगा। इसी चुनौती ने नेहा को विशेष कुर्सी बनाने की प्रेरणा दी। 9 महीने की मेहनत से तैयार हुई स्पेशल कुर्सी
नेहा ने करीब 9 महीने के रिसर्च और मेहनत के बाद ऐसी विशेष कुर्सी तैयार की, जिस पर सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चा बिना किसी सहारे के सुरक्षित बैठ सकता है। इस कुर्सी में बच्चे के शरीर को जरूरी सपोर्ट मिलता है, जिससे गिरने का खतरा भी नहीं रहता। इसी कारण उनका 10 वर्षीय बेटा सामान्य बच्चों के साथ स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। यह कुर्सी 3 से 12 साल तक के बच्चों के लिए उपयोगी है और इसका पेटेंट भी भारत सरकार से प्राप्त हो चुका है। दिव्यांग बच्चों के लिए बनाई कंपनी
अपने बेटे के अनुभव के बाद नेहा ने एक कंपनी की स्थापना की, जो विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए सहायक उपकरण विकसित करती है। अब तक वे दो प्रकार की विशेष कुर्सियां विकसित कर चुकी हैं। इसके अलावा ऐसे कई अन्य उपकरणों पर भी काम चल रहा है, जिनकी मदद से दिव्यांग बच्चे रोजमर्रा के कार्य अधिक आत्मनिर्भर होकर कर सकें। नेहा के पति एनजीओ चलाते है, जिसके जरिए नशा मुक्ति केंद्र का भी संचालन किया जाता है।

जयपुर में बिजनेसमैन की पत्नी से दिनदहाड़े लूट; VIDEO:चाकू दिखाकर धमकाया, फिर चेन छीन ले गया बदमाश; मंदिर जा रही थी महिला

जयपुर में दिन-दहाड़े बिजनेसमैन की पत्नी से लूट का मामला सामने आया है। बदमाश चाकू दिखाकर बिजनेसमैन की पत्नी से चेन छीन ले गया। वह सुबह मंदिर जा रही थीं। गली में खड़ी गाय को रोटी खिलाकर जैसे ही आगे बढ़ीं तभी पीछे-पीछे चल रहे बदमाश ने चाकू दिखाकर रोक लिया। फिर गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन तोड़कर फरार हो गया। बिजनेसमैन की पत्नी ने शोर मचाते हुए कुछ दूर तक बदमाश का पीछा किया, लेकिन आरोपी फरार हो गया। घटना मानसरोवर थाना क्षेत्र के किरण पथ की शनिवार सुबह करीब 7:13 बजे की है। घटना का वीडियो रविवार को सामने आया। पुलिस घटनास्थल पर लगे CCTV फुटेज में कैद हुए लुटेरे की तलाश कर रही है। SI मुकेश कुमार ने बताया- किरण पथ निवासी भावना (57) के साथ लूट की वारदात हुई। उनके पति की प्रतापनगर में बुक स्टोर है। पहले देखिए वारदात के PHOTOS… दिन-दहाड़े चाकू दिखाकर तोड़ी चेन पुलिस ने बताया- किरण पथ निवासी भावना (57) शनिवार सुबह कालोनी में स्थित मंदिर में जा रही थीं। घर से 100 मीटर चली होंगी तभी बदमाश ने चाकू दिखाकर उनको रोक लिया। वह कुछ समझ पातीं इससे पहले गले से सोने की चेन तोड़कर भाग निकला। भावना ने शोर मचाते हुए बदमाश का कुछ दूर तक पीछा भी किया। लेकिन आसपास किसी के नहीं होने के कारण लुटेरा फरार हो गया। चेन का लॉकेट टूटकर गिर गया, जिसे भावना ने उठा लिया। चेन स्नेचिंग की सूचना पर मानसरोवर थाना पुलिस वारदात स्थल पर पहुंची। पुलिस ने वहां लगे CCTV फुटेजों को खंगाला। फुटेज में लुटेरे चेन छीनकर भागते हुए नजर आ रहा है। पीड़िता ने रविवार को मानसरोवर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरे की तलाश कर रही है। — ये खबर भी पढ़ें… जयपुर में बुजुर्ग को गिराया, घसीटा; VIDEO:लाखों के गहने लूट ले गया बदमाश; डर के मारे महिला घर में हुई कैद जयपुर के सोडाला इलाके में बेखौफ बदमाश ने दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया। मंदिर से दर्शन कर लौट रही महिला को बदमाश ने पीछे से आकर जोरदार धक्का दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गईं। इसके बाद बदमाश ने उनके साथ मारपीट की और कानों के टॉप्स व गले की सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। लूटे गए गहनों की कीमत करीब 4.23 लाख रुपए बताई जा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)

राजस्थान के दंपती के शव उत्तराखंड के जंगल में मिले:पिता बोले- गैंगरेप के बाद हत्या कर शव लटकाए; 6 महीने पहले हुई थी शादी

अलवर के युवक और उसकी पत्नी का उत्तराखंड के पौढ़ी जिले में शव मिला है। 6 महीने पहले युवक की शादी बिजनौर में हुई थी। युवक चार दिन पहले पत्नी को लेने ससुराल गया था। दोनों 16 जुलाई को बिजनौर से मोबाइल ठीक कराने कोटद्वार गए थे। शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। 17 जुलाई को घर से करीब 50 किलोमीटर दूर जंगल में दोनों के शव मिले। 18 जुलाई को युवक का शव अलवर लाया गया। युवक के पिता सेना में हवलदार हैं। पिता ने आरोप लगाया- मेरी बहू गर्भवती थी। बहू से गैंगरेप के बाद बेटे के साथ उसकी हत्या कर शवों को पेड़ से लटका दिया गया। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है, मामले की जांच जारी है। पिता बोले- बहू को लेने गया था बेटा जानकारी के अनुसार- अलवर जिले के एक गांव के निवासी युवक की शादी इसी साल जनवरी में बिजनौर जिले की युवती से हुई थी। युवक ने 12वीं क्लास पास करके आर्मी की तैयारी कर रहा था। युवक के पिता ने कहा- करीब 15 दिन पहले बहू मायके गई थी। 15 जुलाई को उसे वापस लाने बेटा बिजनौर गया था। 16 जुलाई को दोनों घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। हमने संपर्क किया तो दोनों के मोबाइल बंद मिले। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज कराई। 17 जुलाई को सड़क किनारे खड़ी बाइक में चाबी लगी मिली। वहीं बेटे और बहू का बैग मिला। पुलिस ने आसपास के जंगल में तलाश की तो देर रात एक पेड़ से दोनों के शव लटके मिले। घटनास्थल से दोनों के टूटे हुए मोबाइल बरामद हुए। पिता ने कहा- दोनों खुश थे, आत्महत्या नहीं कर सकते पिता ने कहा- मेरा बेटा और बहू खुशहाल जीवन जी रहे थे। बहू गर्भवती थी और परिवार नए सदस्य के आने की तैयारी कर रहा था। ऐसे में दोनों के आत्महत्या करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्स्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हरियाली के संकल्प के साथ मनाया करौली का स्थापना दिवस:रन फॉर करौली, चित्रकला प्रतियोगिता और पौधारोपण से दिया पर्यावरण संदेश

करौली का 29वां जिला स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। “रन फॉर करौली” से शुरू हुए समारोह में बच्चों, युवाओं, अधिकारियों और आमजन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। “स्वच्छ करौली एवं सुंदर करौली” थीम के तहत जिलेभर में सफाई अभियान, वृक्षारोपण, श्रमदान, पेंटिंग प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘रन फॉर करौली’ से हुई शुरुआत स्थापना दिवस की शुरुआत रविवार सुबह “रन फॉर करौली” के आयोजन से हुई। मुंशी त्रिलोकचंद माथुर स्टेडियम से जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह और सीडीईओ सर्वेश गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली स्टेडियम से शुरू होकर गुलाब बाग, हाथीघाटा और पुरानी कलेक्ट्री सर्किल होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर संपन्न हुई। स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान स्थापना दिवस के तहत प्रशासन ने “स्वच्छ करौली एवं सुंदर करौली” थीम पर जिलेभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। विभिन्न स्थानों पर श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। सरकारी कार्यालयों में वर्षों से पड़े अनुपयोगी सामान और बेकार उपकरणों का नियमानुसार निस्तारण किया गया तथा कचरा हटाकर परिसर को स्वच्छ बनाया गया। वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि स्थापना दिवस कार्यक्रम के तहत जिले के सभी विभागों ने चयनित स्थानों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। पेंटिंग प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह दोपहर में पंचायत समिति सभागार में पेंटिंग प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कॉलेज छात्रा से मोबाइल छीनने वाला आरोपी अरेस्ट:एक नाबालिग डिटेन, पुलिस ने बाइक व अन्य जगह से चुराया फोन भी बरामद किया

अजमेर की कृष्ण गंज थाना पुलिस ने कॉलेज स्टूडेन्ट से मोबाइल छीनकर ले जाने वाले आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। साथ ही वारदात में शामिल नाबालिग को भी डिटेन किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से बाइक भी बरामद की है। यही नहीं पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र से छीना गया मोबाइल भी आरोपियों से जब्त किया है। पूछताछ में आरोपियों से अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद है। फॉर्म जमा कराकर घर लौट रही युवती से मोबाइल छीना कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविंदसिंह ने बताया-रामपुरा नांद निवासी लक्ष्मी फुलवारिया (18) ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वह राजकीय उच्च गर्ल्स कॉलेज अजमेर (सावित्री कॉलेज) में पढ़ने के लिए आती है। 15 जुलाई को कॉलेज में फार्म जमा कराकर गांव जाने के लिए जवाहर रंगमंच के पास वाले तिराहे पर बस का इंतजार कर रही थी। दोपहर को दो लडके सावित्री कॉलेज चौराहे की तरफ से आए और बाइक पर पीछे बैठे लड़के ने मोबाइल छीन लिया और सीधा शास्त्रीनगर की तरफ भाग गए। पीछा किया लेकिन हाथ नहीं आए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पहुंच कर आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा हेड कॉन्स्टेबल संदीप कुमार की सुचना पर एक युवक मस्जिद वाली गली लोहाखान निवासी ओमप्रकाश उर्फ अजय गुप्ता (40) को गिरफ्तार व एक नाबालिग को डिटेन कर मोटरसाइकिल को जब्त किया। आरोपियों के कब्जे से युवती का मोबाइल व एक अन्य चुराया गया मोबाइल बरामद किया। आरोपी अपने शोक पूरा करने के लिए वारदात करते थे। पुलिस को इनसे और भी वारदातों के खुलने की संभावना है। ………… पढें ये खबर… नगर निकाय के पूर्व कमिश्नर से ठगी की कोशिश:ठग ने CI बनकर दी धमकी, 75 हजार का फर्जी मैसेज भेजा अजमेर में साइबर ठगों ने नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर को निशाना बनाते हुए ऑनलाइन ठगी की कोशिश की। ठग ने पुलिस थाना प्रभारी की प्रोफाइल फोटो लगाकर कॉल किया और खुद को थाना प्रभारी बताकर धमकाने लगा। ठग ने पहले खुद को सरकारी स्कूल का टीचर बताकर टाइल्स का ऑर्डर दिया। पूरी खबर पढें

50 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार:5 हजार रुपए का इनामी एक साल से फरार था, आंध्र प्रदेश में काट रहा था फरारी

सवाई माधोपुर में पुलिस ने 50 लाख रुपए की सायबर ठगी के मामले में कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मामले में एक साल से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी कमलेश कुमार (43) पुत्र बनवारी लाल जाट को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद से ही आरोपी आंध्रप्रदेश में छिपकर फरारी काट रहा था। पुलिस ने उसे शनिवार रात को सीकर से दबोचा है। जिले की कोतवाली थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की है। सायबर ठगी की एक लाख रुपए की राशि की रिकवर कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया- एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन, एएसपी विजय सिंह मीना और सीओ सिटी राजेन्द्र मीणा के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने वांछित आरोपी कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। थानाधिकारी मीणा ने बताया- 4 जून 2025 को पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अनन्या अग्रवाल नाम की महिला ने वाट्सऐप पर इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग का लिंक भेजकर संपर्क किया। इसके बाद अधिक मुनाफे और रकम दोगुनी करने का झांसा देकर गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर यूपीआई और आरटीजीएस के जरिए करीब 50 लाख रुपए की सायबर ठगी कर ली। रुपए कमलेश के अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 1 लाख रुपए आरोपी कमलेश के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर फ्रॉड की 1 लाख रुपए की राशि भी बरामद की है। इस मामले में पुलिस पहले ही एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल कमलेश से पूछताछ जारी है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। कोतवाली थाना पुलिस ने बताया- जिले में सायबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुरुषोत्तम शर्मा बने जिला अध्यक्ष:नवनीत प्रिय त्रिपाठी को जिला मंत्री बनाया, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की नई कार्यकारिणी घोषित

धौलपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) की नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें पुरुषोत्तम शर्मा को जिलाध्यक्ष और नवनीत प्रिय त्रिपाठी को जिला मंत्री नियुक्त किया गया है। यह घोषणा रविवार को राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में आयोजित साधारण सभा में की गई। बैठक में संगठन की प्रदेश महिला मंत्री गीता जैलिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रही, जबकि देवेश प्रसाद शर्मा ने इसकी अध्यक्षता की। संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान
मुख्य अतिथि गीता जैलिया ने संगठन के उद्देश्यों और नए विधान पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों के हितों के लिए संगठन को मजबूत बनाने और सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान, पूर्व जिलाध्यक्ष ने नियमानुसार पुरानी कार्यकारिणी को भंग करने की घोषणा की। इसके बाद, प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार आगामी 3 साल के लिए नई जिला कार्यकारिणी का मनोनयन किया गया। दुर्गेश परमार को महिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया
नई कार्यकारिणी में पुरुषोत्तम शर्मा को जिलाध्यक्ष, नवनीत प्रिय त्रिपाठी को जिला मंत्री, झब्बूलाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बहादुर सिंह को कोषाध्यक्ष और दुर्गेश परमार को महिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और शिक्षक हितों के संरक्षण के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने का संकल्प लिया।

भुट्टे के पैसे मांगने पर पिता-पुत्र से मारपीट:ईंट से फोड़ा सिर, लात-घूंसों से पीटा, 2 गुटों में हुआ खूनी संघर्ष

डीग जिले के कामां कस्बे में भुट्टे के पैसे मांगने पर एक ठेला संचालक और उसके बेटे पर हमला किया गया। आरोप है कि कुछ युवकों ने बीच सड़क पर पिता-पुत्र के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। यह घटना कामां कस्बे में एक पेट्रोल पंप के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ठेले वाले ने ग्राहकों से भुट्टे के पैसे मांगे, जिस पर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर कुछ युवकों ने ठेला संचालक और उसके बेटे के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। हमलावर ने ईंट से फोड़ा सिर
मारपीट के दौरान पीड़ित ठेला संचालक अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागता हुआ दिखाई दिया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, लेकिन शुरुआत में किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। वायरल वीडियो में भी कुछ युवक पीड़ित के साथ मारपीट करते हुए दिख रहे हैं। इस दौरान एक हमलावर हाथ में ईंट लेकर पीड़ित का सिर फोड़ देता है। पुलिस मामले की जांच में जुटी
घटना के बाद पीड़ित ठेला संचालक ने कामां थाने में आरोपितों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वीडियो और शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने इस तरह की घटना पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि छोटी-सी बात पर हुई इस मारपीट से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।