एसीबी की कार्रवाई:निगम में किसके आदेश चलते हैं? डीएलबी ने हटाया, जोन ने रिलीव किया… फिर भी कर्मचारियों ने कुर्सियां नहीं छोड़ीं
निगम के आमेर-हवामहल जोन में एसीबी की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अनियमितताओं की नई परतें सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि स्थानीय स्तर पर न केवल निगम प्रशासन बल्कि स्वायत्त शासन विभाग के आदेशों की भी पालना नहीं हो रही। एपीओ किए गए अधिकारी महीनों तक उसी जोन में काम करते रहे, जबकि मूल पद पर भेजे गए कर्मचारी भी पुराने पद पर जमे रहे। सबसे बड़ा मामला अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी गोपी वल्लभ शर्मा का है। डीएलबी निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने 6 मई को उन्हें एपीओ कर मुख्यालय में उपस्थिति देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन दो महीने बाद भी उन्होंने मुख्यालय में जाइनिंग नहीं दी और आमेर-हवामहल जोन में ही कार्य करते रहे। इसी तरह गुरुवार को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते एसीबी के हत्थे चढ़े जमादार रामसिंह का मामला भी गंभीर प्रशासनिक लापरवाही उजागर करता है। रामसिंह को 12 जून को जमादार पद से हटाकर उसके मूल पद सफाई कर्मचारी पर भेज दिया था। जोन उपायुक्त सीमा चौधरी ने आदेश जारी कर उसे वार्ड-26 में सफाई कार्य के लिए तैनात किया और उसी दिन रिलीव भी कर दिया था। इसके बावजूद रामसिंह करीब डेढ़ महीने तक जोन में जमादार की तरह काम करता रहा। एसीबी की कार्रवाई के बाद किया एपीओ निगम में एसीबी ने पांच दिनों में 4 कर्मचारियों को ट्रैप किया है। सिविल लाइंस जोन में एक जेईएन रिश्वत लेते पकड़ा। कार्रवाई की भनक लगते ही तत्कालीन जोन उपायुक्त सुनील बैरवा कार्यालय छोड़कर चले गए, जो पकड़ से बाहर हैं। गुरुवार को आमेर-हवामहल जोन में जमादार रामसिंह तथा निगम मुख्यालय में रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश को ट्रैप किया। अब एसीबी की जांच उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी केंद्रित हो गई है। वहीं, आमेर-हवामहल जोन में एसीबी कार्रवाई के बाद तत्कालीन जोन उपायुक्त सीमा चौधरी को डीएलबी ने एपीओ कर डीएलबी मुख्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले सिविल लाइंस जोन के तत्कालीन उपायुक्त सुनील बैरवा को निगम मुख्यालय एपीओ किया था। हालांकि उनके मामले में डीएलबी की ओर से अभी अलग से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। छह साल से डेपुटेशन पर जमी उप रजिस्ट्रार निगम हेरिटेज के गठन के दौरान सांख्यिकी विभाग से 10 अधिकारी-कर्मचारी डेपुटेशन पर आए थे। अधिकांश कर्मचारी 4 वर्ष बाद अपने मूल विभाग में लौट गए, लेकिन आदर्श नगर जोन की उप रजिस्ट्रार सपना बसवाल अब भी निगम में कार्यरत हैं। वे 17 जून, 2020 को डेपुटेशन पर आई थीं। उनका मूल पद सांख्यिकी निरीक्षक का है। इसी तरह विक्रम सिंह सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर हैं।

