पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ आज:प्रदेश की जरूरत का 60 प्रतिशत फ्यूल बनाएंगे, हर साल 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर 12 बजे देश की सबसे हाईटेक और प्रदेश की पहली पचपदरा रिफाइनरी देश को सुपुर्द करेंगे। इसी के साथ काले क्रूड से बाड़मेर ही नहीं राजस्थान में खुशहाली का नया स्वर्णिम द्वार खुल जाएंगे। यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा 79,459 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जो शुरुआत में 43,129 करोड़ का था। दुनिया की सबसे अत्याधुनिक तकनीकों से लैस एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी BS-6 मानकों का सबसे स्वच्छ ईंधन देगी। यहां से निकलने वाला कच्चा तेल रिफाइन होने के लिए गुजरात और अन्य राज्यों में भेजा जाता था। अब यह यहीं रिफाइन होगा। पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीइथिलीन जैसे मूल्यवान पेट्रोकेमिकल उत्पाद यहीं बनेंगे। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल उत्पादों से प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और मेडिकल उपकरण बनाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े सहायक उद्योगों को सीधी राह मिलेगी। पूरी क्षमता से रिफाइनरी चलेगी तब राजस्थान की जरूरत की 60-70 फीसदी डीजल-पेट्रोल की मांग पूरी होगी। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पेट्रोलियम मंत्री हरदीपसिंह पुरी, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित प्रदेश व केंद्र के कई नेता शामिल होंगे। प्रोजेक्ट में 9 रिफाइनरी और 4 पेट्रो केमिकल यूनिट पेट्रोल-डीजल-एलपीजी से पेटकॉक तक तैयार होंगे 1.शुरुआती उत्पाद- स्विंग नेफ्था, लाइट-हेवी केरोसिन, लाइट-हेवी गैस ऑयल गैस। 2.पेट्रोल- नेफ्था को सीसीआर यूनिट में भेज बीएस-4 मानकों का पेट्रोल तैयार होगा। 3.डीजल- लाइट-हेवी गैस ऑयल को डीजल हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में प्रोसेस कर सल्फर-मुक्त अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल बनेगा। 4.एलपीजी और अन्य गैसें- फ्लुइड कैटेलिटिक क्रैकिंग और डिलेड कोकर यूनिट में भारी तेल को तोड़कर एलपीजी और प्रोपलीन निकलेगा। 5.पेट्रोकेमिकल्स- सह-उत्पादों को पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में भेजा जाता है। पॉलीप्रोपाइलीन, बेंजीन और टोल्यूनि जैसे महत्वपूर्ण उत्पाद बनेंगे। ये प्लास्टिक और पॉलीमर उद्योगों के काम आएंगे।
पेटकोक: डिलेड कोकर यूनिट की क्रैकिंग प्रक्रिया से ठोस पेट्रोलियम कोक बनेंगे। 4 मेगा पाइप लाइन, क्रूड की 2, गैस-पानी की एक-एक 1.क्रूड ऑयल लाइनें स्थानीय क्रूड- मंगला क्रूड टर्मिनल से रिफाइनरी तक 80 किमी. लंबी व 30 इंच चौड़ी विशेष इलेक्ट्रिकल-हीटेड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। आयातित क्रूड- गुजरात के भोगत टर्मिनल से पचपदरा तक विदेशी क्रूड ऑयल लाने के लिए 575 किमी. लंबी और 30 इंच चौड़ी नई पाइपलाइन बिछाई गई है। 2.पानी की पाइपलाइन- रिफाइनरी चलाने के लिए 5,300 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा कच्चे पानी की आवश्यकता रहेगी। इसे पूरा करने के लिए इंदिरा गांधी नहर से रिफाइनरी तक 200 किमी. लंबी 46 इंच चौड़ी पाइपलाइन बिछाई गई है। 3. प्राकृतिक गैस पाइपलाइन- रागेश्वरी गैस टर्मिनल से रिफाइनरी तक प्राकृतिक गैस लाने के लिए 80 किमी. लंबी और 34 इंच चौड़ी पाइपलाइन का उपयोग किया जाएगा। 13 साल में कितना संवरा पचपदरा टाउनशिप: रिफाइनरी के पास 247 एकड़ जमीन पर 613.15 करोड़ से टाउनशिप विकसित की गई है। इसमें 800 से ज्यादा फ्लैट और आवास हैं। ए कैटेगरी के बड़े विला के रूप में 24, बी कैटेगरी के 120, सी कैटेगरी के 656 आवास हैं। सीआईएसएफ के जवानों के लिए अलग से बैरक और क्वार्टर हैं। सोलर पैनल लगे हैं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कचरा प्रबंधन की सुविधा है। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मिल्क बूथ, स्पोर्ट्स, क्रिकेट मैदान और जिम, कम्युनिटी हॉल, क्लब हाउस, ऑडिटोरियम और उपासना स्थल हैं। 2 गेस्ट हाउस हैं। स्कूल: एचपीसीएल की ओर से 600 बच्चों के लिए आधुनिक स्कूल तैयार किया गया है। सीबीएसई पैटर्न से शिक्षा प्रणाली रहेगी। स्कूल बिल्डिंग का काम पूरा हो गया है। स्कूल में आधुनिक ऑडियो-विजुअल सहायता और डिजिटल बोर्ड से लैस कमरे हैं। विज्ञान और कंप्यूटर की अलग-अलग हाईटेक लैब हैं। एक विशाल लाइब्रेरी है। इसमें डिजिटल संसाधनों और ई-बुक्स की सुविधा रहेगी। पूरे स्कूल को सीसीटीवी से लैस किया गया है। मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल- रिफाइनरी के सामने ही 50 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल तैयार हो रहा है। इसमें जनरल वार्ड के साथ इमरजेंसी और आईसीयू की सुविधा भी है। औद्योगिक क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी रहेगी। आधुनिक डिजिटल एक्स-रे, सोनोग्राफी, स्वचालित पैथोलॉजी लैब, ईसीजी, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, एंबुलेंस सेवा रहेगी।

