ब्रेकिंग न्यूज़
उम्मेद हॉस्पिटल में प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाया, तबीयत बिगड़ी:ओ पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव चढ़ाया; प्रसूता व एक अन्य महिला के सेम नाम से गफलत

जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। आरोप है कि 15 जुलाई को ओ पॉजिटिव और 16 जुलाई को बी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद प्रसूता की किडनी प्रभावित हुई और उसे एमजीएच के आईसीयू में भर्ती कर डायलिसिस करना पड़ा। मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि प्रसूता और एक और महिला जिसका ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव था, उन दोनों का नाम एक था। इन दोनों के पति का नाम भी एक जैसा होने की वजह से ये लापरवाही हुई है।
इधर, इस पूरे मामले में उम्मेद हॉस्पिटल प्रशासन बोलने से इनकार कर रहा है। एमजीएच हॉस्पिटल में करवाया एडमिट गलत ब्लड चढ़ाने के बाद धापू भील की हालत बिगड़ने पर उसे गुरुवार रात महात्मा गांधी हॉस्पिटल (एमजीएच) रेफर किया गया, जहां उनका आईसीयू में उपचार चल रहा है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 11 जुलाई को बेटे को दिया था जन्म परिजनों ने बताया कि 11 जुलाई को बावड़ी में धापू ने पुत्र को जन्म दिया था। खून की कमी बताकर उन्हें उम्मेद अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान ब्लड चढ़ाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के इसके बाद उनका पेशाब बंद हो गया और रक्तस्राव शुरू हो गया। उनका कहना है कि उन्हें अब तक पूरी जानकारी नहीं दी गई कि उनकी हालत बिगड़ने का कारण क्या था। एम्स में ऐसे ही केस में मौत हो चुकी शहर के अस्पतालों में गलत खून चढ़ाने का यह एक साल में तीसरा मामला है। पिछले वर्ष अक्टूबर में जोधपुर एम्स में मांगीलाल बिश्नोई (50) को कथित रूप से बिना आवश्यकता रक्त चढ़ा दिया गया था, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई। नवंबर में एमजीएच के कॉटेज वार्ड में बी पॉजिटिव रक्त ए पॉजिटिव ग्रुप के एक बास्केटबॉल खिलाड़ी को चढ़ा दिया गया था। मरीज के आपत्ति जताने पर रक्त चढ़ाना तुरंत रोक दिया गया था। अब इसी तरह का मामला उम्मेद अस्पताल में सामने आया है।

भाई ने कुल्हाड़ी से वार कर की भाई की हत्या:नशे के लिए पैसे मांगने पर हुआ विवाद, कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला; हिरासत में आरोपी

बीकानेर में पैसे के विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल को पिता और स्थानीय लोगों ने हाॅस्पिटल पहुंचाया, जहां डाॅक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना नोखा कस्बे के पंचारिया चौक पर रात करीब 11:30 बजे हुई। पहले ग्राफिक्स में देखें घटनाक्रम..
नशे के लिए मांगे थे पैसे एएसआई बलवान सिंह ने बताया- मृतक के पिता ने रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार रात हुकुमचंद उर्फ सेवाराम (32) ने आरोपी छोटे भाई जगदीश (29) पुत्र ओमप्रकाश से नशे के लिए पैसे मांगे। जगदीश ने पैसे देने से मना किया तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। दोनों घर से बाहर निकलकर झगड़ने लगे। विवाद बढ़ने पर छोटा भाई जगदीश घर के अंदर से कुल्हाड़ी लाया और बड़े भाई हुकुमचंद पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। परिजन लहूलुहान हालत में ले गए अस्पताल हुकुमचंद लहूलुहान हालत में सड़क पर ही गिर पड़ा। इस दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय सुनील भादू ने लहूलुहान पड़े देखा तो लोगों को सूचना दी। मृतक के पिता और परिजन तुरंत हुकुमचंद को बागड़ी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही नोखा सीओ जरनैल सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस नेआरोपी को उसके घर से ही हिरासत में ले लिया और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी जब्त कर ली है। शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस ने घटना स्थल पर बैरिकेडिंग कर दीहै। फिलहाल मौके पर पुलिस और आरएसी जाब्ता तैनात है। मृतक के पिता ओमप्रकाश ने बताया – आरोपी भाई जगदीश पंचारिया की दुकान चलाता था। जबकि मृतक हुकुमचंद नशे का आदी था और कोई काम नहीं करता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों में पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। मृतक के परिवार में पिता और तीन भाई हैं। बड़ा भाई पुखराज बाहर रहता है जबकि हुकुमचंद और जगदीश पिता के साथ रहते थे। आरोपी और मृतक दोनों भाई अविवाहित हैं। यह भी पढ़ें जयपुर में बहन की मौत का बदला,मेडिकल स्टूडेंट को काटा:कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी लड़की, परिवार वाले बोले- सुसाइड नहीं, हत्या है जयपुर में अपनी बहन की मौत का बदला लेने के लिए भाई ने उसके मेडिकल स्टूडेंट दोस्त को अधमरा कर दिया। आरोपी ने युवक के सिर, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किया। घायल युवक पिछले 8 दिनों से महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। ( यहां पढ़ें पूरी खबर)

5 हजार कमाने वाली महिला को 2 करोड़ का नोटिस:घर पर मिली सूखी रोटी; शराब माफिया ने गरीबों के आधार-अकाउंट नंबर से लिए ठेके

नाम पुष्पा देवी, उम्र 60 साल। अपने गुजर-बसर के लिए पड़ोसियों के बच्चों को संभालती हैं। इसके बदले महीने के 2 से 5 हजार रुपए मिलते हैं। इन्हें आबकारी विभाग से करीब 2 करोड़ रुपए का जुर्माना भरने का नोटिस मिला है। पड़ताल करने भास्कर टीम इनके घर पहुंची तो पुराना दरवाजा, खिड़की में रखी सूखी रोटी दिखी। इनकी आर्थिक स्थिति वाकई दयनीय थी। अलवर जिले में आपको पुष्पा देवी जैसे कई गरीब लोग मिल जाएंगे, जिन्हें ऐसी पेनल्टी के नोटिस मिले हैं। दरअसल, इन सभी के नाम करोड़ों के शराब ठेके थे। तय समय में शराब की निश्चित मात्रा न बेचने पर इन्हें ये नोटिस मिले थे। शराब ठेकेदारों ने इन्हें 10 से 15 हजार रुपए का लालच देकर इनके नाम से लाइसेंस लेकर पूरा खेल किया था। सिर्फ अलवर ही नहीं, राजस्थान के कई शहरों में शराब माफियाओं ने आबकारी विभाग को ऐसे ही चूना लगाया है और पूरे राजस्थान में विभाग का ऐसे ठेकेदारों पर करीब 160 करोड़ रुपए बकाया हो गया है। अलवर में ऐसी दुकानों से अकेले वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही विभाग को करीब 50 से 60 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है, जिसकी रिकवरी आज भी विभाग नहीं कर पाया है। शराब माफिया ये खेल कैसे खेलते हैं? गरीबों को फंसाकर फायदा खुद कैसे उठाते हैं और सरकार को कैसे चूना लगाते हैं? पढ़िए, भास्कर की खास पड़ताल में… सिलसिलेवार पढ़िए- पूरा मामला शराब ठेकेदार बिचौलिए का लेते हैं सहारा शराब ठेकेदार गरीबों को फंसाने के लिए किसी लोकल मीडिएटर का सहारा लेते हैं। अलवर में भास्कर टीम 3 पीड़ितों के घर पहुंची। तीनों पीड़ितों ने एक कॉमन नाम लिया, वो था- दुर्गेश पारीक उर्फ भुल्ली। भुल्ली शराब ठेकेदारों और गरीब परिवारों के बीच की कड़ी बना। ये शराब ठेकेदारों के इशारे पर ऐसे भोले-भाले लोगों को ढूंढता है, जिनकी कमाई कम हो और उनके नाम कोई बड़ी संपत्ति भी न हो। इसके बाद हर महीने 10 से 12 हजार देने का झांसा देकर आधार कार्ड, खाता नंबर और अन्य कागज ले लेता है। भुल्ली गरीबों के कागजात को शराब ठेकेदारों तक पहुंचाता है। इसके बाद ठेकेदार गरीबों के नाम शराब ठेके का लाइसेंस लेते हैं। जिसे वे अपने मुनाफे के लिए इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण से समझिए विभाग को कैसे लगाते हैं चूना मान लीजिए शराब ठेकेदार का नाम लालाराम है। उसके नाम से शराब ठेका है। उसने गरीब व्यक्ति सुनील के नाम एक और शराब ठेके का लाइसेंस ले लिया। लालाराम ने अपने ठेके का पूरा माल बेचने के लिए धांधली की। उसने अपनी दुकान से भी माल बेचा और अपना माल सुनील के नाम से ली गई दुकान पर भी जाकर बेचा। ऐसा करके उसने कम समय में अपनी दुकान का सारा माल बेचकर आबकारी के नियम की पूरी पालना की और गलत तरीके से मुनाफा भी कमाया। वहीं सुनील तय समय पर माल नहीं बेचने पर करोड़ों रुपए के जुर्माने की भेंट चढ़ गया। अलवर में कैसे फंसे लोग, पीड़ित और उनके परिवार की जुबानी पूरी कहानी पीड़ित 1- पहले हम पुष्पा देवी के घर पहुंचे तो देखा कि उनके पास रहने को ठीक तरह से जगह तक नहीं है। करोड़ों रुपए की शराब की दुकान होने की बात उनसे पूछी तो चौंकाने वाला खुलासा किया। महिला ने बताया कि ठेकेदार दुर्गेश पारीक उर्फ भुल्ली ने उससे पेंशन शुरू कराने के नाम पर आधार कार्ड और खाता नंबर लिया था। उसने बताया कि खाता भी नया खुलवाया था। यह खाता मेरे बेटे अजय ने अपने दोस्त राजेश के कहने पर खुलवाया था। पुष्पा के नाम से 2024-25 में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ के लीली व जावली में दो शराब की दुकानें चल चुकी हैं। पीड़ित 2- अपनाघर शालीमार निवासी रूपा देवी के नाम दो करोड़ रुपए की शराब की दो दुकानें हैं। महिला के बेटे राजेश गुप्ता ने बताया कि दुर्गेश उर्फ भुल्ली ठेकेदार ने मुझे झांसे में लेकर मम्मी के कागज ले लिए। उसे पता नहीं था कि शराब के ठेके उनके नाम से लिए जाएंगे। फिर मोटी रिकवरी उनके हिस्से में आ जाएगी, यह किसी ने नहीं बताया। अब मां की पेंशन बंद हो गई है और बहन व जीजा ने मां के खाते में मकान बेचने पर 20 लाख रुपए जमा कराए हैं। वो पैसा भी अकाउंट में ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे पूरा परिवार तनाव में है। पीड़ित 3- लादिया मोहल्ला निवासी 45 साल के युवक वेदप्रकाश के नाम साल 2024-25 में 9 करोड़ रुपए कीमत के शराब के दो ठेके चले हैं। उनकी मां सरोज ने बताया कि भुल्ली ने हमारे साथ धोखा किया है। बेटे को शराब पिलाकर उसने आधार कार्ड और खाता नंबर ले लिए। भुल्ली ने बेटे को सात हजार रुपए दिए थे, लेकिन वो भी छोटा-मोटा काम करने के बदले दिए थे। अब सरकारी नोटिस आने पर इस घपले का पता लगा। हम कैसे हर्जाना भरें, हम तो दो रुपए भी देने की स्थिति में नहीं हैं। हमारे पास तो आटा लाने के भी पैसे नहीं रहते हैं। शराब ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए धांधली नियम के अनुसार- गरीबों की दुकान से तय समय में शराब नहीं बिकने पर 7 दिन में इनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाना चाहिए था। इसके बावजूद अलवर के इन पीड़ितों का लाइसेंस साल भर 2024-25 में चालू रखा। मार्च 2025 में इनका लाइसेंस निरस्त किया गया। ऐसे में सीधे तौर पर इन्हें फंसाने वाले शराब ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया। अलवर में शराब ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत से 60 करोड़ का घाटा सूत्रों के अनुसार- शराब ठेकेदार गरीब लोगों के नाम पर ली दुकान पर अपना माल बेचकर कम समय में मोटा मुनाफा कमाते हैं। उनके इस काले कारनामे में आबकारी विभाग के कई अफसरों की मिलीभगत होना भी सामने आया है। सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए आबकारी अधिकारी ने सालभर (2024-2025) ‘मिलीभगत का खेल’ खेला और डिफॉल्टर शराब दुकानों को समय पर निरस्त करने के बजाय वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन का इंतजार किया। इस पूरे खेल में न केवल राजस्व को भारी नुकसान हुआ है, बल्कि उन्हीं डिफॉल्टर ठेकेदारों को नए नामों से दोबारा दुकानें भी आवंटित कर दी गई हैं। इसका नतीजा रहा कि अलवर जिला शराब के ठेकों से प्राप्त रेवेन्यू में सबसे पीछे चला गया। 2024-2025 में करीब 50 से 60 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। ये वो दुकानें हैं जिनको गरीबों के नाम आवंटित कराया गया। आबकारी विभाग कैसे करेगा वूसली? करोड़ों रुपए की इस चपत के बाद अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस राशि की वसूली की है। अलवर में भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट में साफ हो गया है कि जिन लोगों के नाम पर पहले ये दुकानें थीं, वे केवल कागजी मोहरे थे। उनके पास इतनी संपत्ति या बैंक बैलेंस भी नहीं है कि सरकार उनकी जमीन या कोई स्थायी संपत्ति कुर्क करके इस 50 से 60 करोड़ रुपए की भरपाई कर सके। यानी, सोची-समझी रणनीति के तहत ऐसे लोगों को आगे किया गया, जिनसे भविष्य में वसूली की कोई गुंजाइश ही न बचे। 160 करोड़ रुपए बाकी, 200 के पास संपत्ति नहीं तत्कालीन आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन का हाल में ट्रांसफर हुआ है। उन्होंने कहा- यह सही है कि राजस्थान में 216 में से 200 मामलों में अनुज्ञाधारकों के पास कोई संपति नहीं है। अधिकतर प्रकरण 2023 से पहले के होंगे। इन मामलों में वसूली की जाएगी। एसडीआरआई (स्टेट डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) लिंक निकाल रहा है। उस समय दुकान चलाने वाले दस्तावेजों में मोबाइल नंबर किसके थे। उस नंबर के सही मिलने पर वसूली की जाएगी। पिछले साल हमने पौने दो करोड़ रुपए की रिकवरी की है। अब करीब 160 करोड़ रुपए बकाया है। आबकारी विभाग पर उठे सवाल

पंजाब में आसमान में चमकती दिखी तेज रोशनी, VIDEO:तरनतारन-पठानकोट में लोग बोले- पहले कभी ऐसा नहीं देखा, ये उल्का पिंड हो सकता

पंजाब के कई जिलों में गुरुवार रात आसमान में अचानक तेज रोशनी चमकती दिखी। ये नजारा देखते ही लोग हैरान रह गए और इसे उल्का पिंड बताने लगे। कुछ ही देर में घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। तरनतारन में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसमान में कुछ समय के लिए एक तेज चमक दिखाई दी। यह सामान्य बिजली की चमक जैसी नहीं थी और न ही यह आतिशबाजी थी। अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट के साथ कई और जिलों में ये नजारा दिखा। इसी वजह से कई लोगों ने इसे उल्का पिंड या आसमान में दिखाई देने वाली किसी खगोलीय घटना से जोड़ा। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। घटना से जुड़े PHOTOS… VIDEO में क्या दिख रहा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रात के आसमान में एक तेज चमकदार रोशनी दिखाई दे रही है। यह रोशनी कुछ सेकंड तक तेज रफ्तार से आगे बढ़ती नजर आती है और फिर अचानक गायब हो जाती है। इसी दृश्य को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उल्का पिंड दिखने का दावा कई सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि वीडियो में दिखाई देने वाली चमक उल्का पिंड (Meteor) की हो सकती है। उनका कहना है कि वायुमंडल में प्रवेश करते समय उल्का पिंड इसी तरह तेज रोशनी पैदा करते हैं। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी वैज्ञानिक संस्था या संबंधित विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पठानकोट में भी 8:40 बजे दिखाई दिया नजारा पठानकोट में भी देर शाम 8:40 पर उल्का पिंड गिरने का दावा किया गया। जिसके बाद शहर में चर्चा शुरू हो गई। बता दें, ये उल्का पिंड देखने में ठीक इस प्रकार प्रतीत हुआ जैसे किसी बड़े पटाखे को आसमान में छोड़ा गया हो। ज्यादातर लोगों ने इसे पटाखा ही समझा। मिशन रोड से गुजर रहे राजेश ने बताया कि चंद सैकेंड के लिए ऐसा लगा जैसे बड़ी लाइट ऑन हुई हो। लेकिन, अगले ही पल वो गायब हो गया। राजेश ने कहा कि उस समय ऐसा लगा जैसे किसी ने आसमान में बड़ा पटाखा छोड़ा हो। क्या होता है उल्का पिंड? उल्का पिंड (मेटेराइट) अंतरिक्ष में घूमने वाले पत्थर या धातु के टुकड़े होते हैं। जब ये टुकड़े पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं और घर्षण (रगड़) के कारण पूरी तरह नष्ट नहीं होते, बल्कि चट्टान के रूप में पृथ्वी की सतह पर आ गिरते हैं, तो इन्हें उल्का पिंड कहा जाता है।

उदयपुर में बंद लाइटें और कीचड़ से फूटा गुस्सा:आदिनाथ और महावीर कॉलोनी की जनता बेहाल, गोवर्धन कल्याण के प्रयासों से ठीक हुआ सीवर का ढक्कन

दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ के तहत उदयपुर शहर से बुनियादी नागरिक समस्याओं और उनके समाधान की मिली-जुली तस्वीरें सामने आई हैं। जहां एक ओर फतेहपुरा की खारोल गली में बंद स्ट्रीट लाइटें, बड़गांव की अरिहंत कॉलोनी में सड़कों पर बहता नाली का गंदा पानी, आदिनाथ कॉलोनी के खाली प्लॉट में जमा कचरा और खुमानपुरा में आवारा मवेशियों का आतंक जनता के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर सजग निवासियों की शिकायतों पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई भी की है। 100 फिट रोड पर संबंधित विभाग ने तुरंत कचरा साफ करवाकर राहत दी है, तो अशोक नगर में नगर निगम ने ढीले सीवर के ढक्कन को दुरुस्त किया है। इसके अलावा, भूपालपुरा में आए दिन हादसों का कारण बन रहे सीवर ढक्कन को मुस्तैदी से ठीक करवाकर निगम के जमादार गोवर्धन कल्याण जनता के लिए ‘पब्लिक के स्टार’ बनकर उभरे हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… रात होते ही पसर जाता है सन्नाटा और अंधेरा
उदयपुर शहर के फतेहपुरा इलाके से बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट हुई है। इस मामले में मुनीरा भावनगर ने ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट करते हुए लिखा कि खारोल गली नं 4 C में बंद रोड लाइट के कारण लोगों के काफी समस्या हो रही है। लोगों ने मांग की है कि समस्या का तुरंत समाधान किया जाए ताकि लोगों को अंधेरे से राहत मिले।
गंदे पानी से गुजरने को मजबूर कॉलोनीवासी
बड़गांव के अरिहंत कॉलोनी के रहने वाले चेतराम बैरवा ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की है कि नाली का पानी रोड पर बह रहा है। उन्होंने लिखा कि नाली का पानी बहने के तेज बदबू भी आ रही है। साथ ही उस रास्ते से लोगों को गुजरने में भी समस्या आ रही है। पैदल चलने वालों के लिए तो और भी समस्या बनी हुई है।
प्लॉट में कचरा डालने से बढ़ा बीमारियों का खतरा
उदयपुर के फतेहपुरा क्षेत्र स्थित आदिनाथ कॉलोनी (गली नंबर 4 ए) में कचरे के कारण हालात बदतर हो रहे हैं। स्थानीय निवासी मोइज अली ने ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट कराते हुए बताया कि इलाके के एक खाली लावारिस प्लॉट में लोग लगातार कचरा फेंक रहे हैं। यह कचरा उड़कर पास की नाली में फंस रहा है, जिससे नाली भी चोक हो रही है। इस वजह से पूरी कॉलोनी में गंदगी और तेज बदबू फैल चुकी है। निवासियों ने प्रशासन से इस प्लॉट और नाली की तुरंत सफाई कराने की मांग की है।
महावीर कॉलोनी में बेसहारा पशुओं का आतंक
उदयपुर शहर के खुमानपुरा इलाके की महावीर कॉलोनी में बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या से स्थानीय लोग परेशान हैं। क्षेत्रवासी सुनील सैन ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर इस समस्या को उठाते हुए बताया कि गलियों में आवारा मवेशियों के जमावड़े के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। पशुओं के आपस में लड़ने से बच्चों और बुजुर्गों का अकेले बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। कॉलोनी के लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि इन बेसहारा पशुओं को पकड़कर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों या गौशाला भिजवाया जाए।
100 फिट रोड पर हुई साफ-सफाई
उदयपुर शहर के 100 फिट रोड से प्रताप सिंह राणावत ने कुछ समय पहले दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि सड़क के किनारे साफ-सफाई नहीं हो रही है। जिसके कारण हर समय गंदगी रहती है। हालांकि, समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है।
अशोक नगर में नगर निगम का एक्शन
शहर के अशोक नगर k-1 रोड से अनुग्रह गिर ने ‘भास्कर समाधान’ पर सीवर के ढक्कन की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें लिखा था कि नगर निगम वाले कुछ समय पहले ढक्कन सही करके गए थे, लेकिन वो ठीक से लगा नहीं था। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के जमादार ने मौके पर पहुंच कर इसका समाधान करवा दिया है।
गोवर्धन कल्याण बने ‘पब्लिक के स्टार’
उदयपुर के भूपालपुरा स्थित K रोड पर मेन सीवर लाइन का ढक्कन सही ढंग से नहीं लगाया गया था, जिससे आए दिन लोग वहां ठोकर खाकर गिर रहे थे। वहां रहने वाले अनुग्रह गिर ने भास्कर एप पर समस्या पोस्ट की थी, जिस पर नगर निगम के जमादार ने गोवर्धन कल्याण ने मौके पर पहुंच कर समाधान करवा दिया है। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है।
पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.आम जनता की समस्याओं को मिला मंच:उदयपुर में सड़क पर फैला कीचड़ तो कहीं नालियां हुईं बंद, अधिकारियों को पाबंद कर वार्डों में शुरू कराया सफाई अभियान 2.उदयपुर में सड़क और रोड लाइटें हुई ठीक:कई इलाकों में अब भी गंदगी और झूलते तारों की समस्या, कनिष्ठ अभियंता रवि जैन बने ‘स्टार ऑफिसर’ 3.आठ साल पुरानी नाले की समस्या का हुआ समाधान:जनसमस्याओं पर कार्रवाई जारी, समाधान से लोगों को मिली राहत, प्रमोद कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 4.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं की खुली पोल:सीवर और गंदगी की शिकायतों पर निगम ने दिखाया एक्शन, अजय घारू बने आज ‘पब्लिक के स्टार’ 5.उदयपुर में जलभराव और सीवर से मिली राहत:श्रीनाथ नगर और हिरण मगरी में दूर हुआ संकट, जमादार प्रकाश चंद्र बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.उदयपुर में बंद स्ट्रीट लाइटों से बढ़ी लोगों की चिंता:कहीं कचरे का अंबार, कहीं पानी-बिजली की मार, लाइनमैन आशीष मीणा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 7.उदयपुर में सड़क पर गड्ढे, नलों में सूखा:कॉलोनियों में बुनियादी विकास की खुली पोल, ऐप पर पोस्ट होते ही दौड़ा प्रशासन 8.उदयपुर में सड़कें बनीं आफत:गारियावास में छाया अंधेरा, प्रताप नगर में गैस पाइपलाइन के लिए खोदी सड़क छोड़ दी अधूरी 9.उदयपुर में जनता की आवाज का दिखा दम:कहीं 15 दिन बाद हटा कचरा तो कहीं दुरुस्त हुई पानी की टंकी 10.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:फतहसागर में बेसहारा पशु ब्रिज से गिर रहे, बड़गांव में बिजली के तारों पर लटका पेड़, खुली नालियों से हादसे का डर

10 दिन से ओवरफ्लो सीवर की समस्या का हुआ समाधान:शहर में बिजली, सीवर, सड़क और सफाई से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई, मोहित मिश्रा बने 'पब्लिक के स्टार'

जोधपुर शहर के लोग दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं, जिन पर प्रशासन भी लगातार कार्रवाई कर रहा है। शहर में बिजली, सीवर, सड़क और सफाई से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई हैं। वहीं कुछ शिकायतों का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है। पावटा बी रोड सेकेंड ग्राउंड क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर की समस्या के समाधान के लिए मोहित मिश्रा, एग्जीक्यूटिव, डिस्कॉम कॉल सेंटर को आज का स्टार ऑफिसर चुना गया है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के ‘पब्लिक के स्टार’ : मोहित मिश्रा पावटा बी रोड सेकेंड ग्राउंड क्षेत्र निवासी ऋतांशु सक्सेना ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि बार-बार ट्रांसफॉर्मर खराब होने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। पोस्ट मिलने के बाद डिस्कॉम कॉल सेंटर के एग्जीक्यूटिव मोहित मिश्रा ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करवाई। इसके बाद ट्रांसफॉर्मर की खराबी दूर कर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई। समय पर कार्रवाई से क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिली। ट्रांसफॉर्मर की समस्या का समाधान पावटा बी रोड सेकेंड ग्राउंड क्षेत्र निवासी ऋतांशु सक्सेना की ओर से बार-बार ट्रांसफॉर्मर खराब होने और बिजली आपूर्ति बाधित रहने की समस्या पोस्ट की थी। समस्या पोस्ट करने के बाद डिस्कॉम की टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रांसफॉर्मर संबंधी खराबी दूर कर दी। विभाग ने बताया कि अब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है और फिलहाल किसी प्रकार की बिजली संबंधी समस्या नहीं है। समस्या के समाधान से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। 10 दिन से ओवरफ्लो सीवर की समस्या का हुआ समाधान अजय चौक निवासी राजीव सिंह ने भास्कर समाधान पर समस्या पोस्ट की थी कि उनके क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से सीवर ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी जमा हो रहा था। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी और सफाई भी नहीं हो पा रही थी। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर सीवर की सफाई कर समस्या का समाधान कर दिया। इसके बाद गंदे पानी की निकासी सुचारु हो गई और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। सार्वजनिक शौचालय में गंदगी का अंबार बदला रोड स्थित सार्वजनिक शौचालय में लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शिकायतकर्ता प्रकाश भाटी ने बताया कि बरसात के मौसम में शौचालय से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण शौचालय का उपयोग करना मुश्किल हो गया है। लोगों ने नगर निगम से नियमित सफाई और कीटनाशक छिड़काव कराने की मांग की है। अस्पताल के बाहर सड़क पर गड्ढे बलदेव नगर स्थित सांचेती अस्पताल के बाहर सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। शिकायतकर्ता नीरज प्रजापत ने बताया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और आए दिन दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है। 15 दिन से चोक सीवर लाइन सिविल एयरपोर्ट रोड स्थित शारदा पार्क क्षेत्र में सीवर लाइन पिछले 15 दिनों से चोक पड़ी है। इससे गंदगी जमा होने लगी है और आसपास के लोगों को बदबू व संक्रमण का खतरा सताने लगा है। क्षेत्रवासी प्रदीप शर्मा का कहना है कि शिकायत के बाद भी केवल औपचारिक कार्रवाई हुई, लेकिन मशीन से सफाई नहीं कराई गई। लोगों ने जल्द सीवर लाइन की सफाई कराने की मांग की है। सड़क किनारे कचरे का ढेर से बढ़ रही गंदगी लावरान क्षेत्र में सड़क किनारे लंबे समय से कचरे का ढेर लगा हुआ है। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। शिकायतकर्ता निखिल का कहना है कि पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सफाई नहीं कराई गई। लोगों ने नगर निगम से नियमित कचरा उठाने और क्षेत्र की सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग की है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान: लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान:सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कों की समस्याएं आई सामने 2.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 3.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 4.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने ‘पब्लिक के स्टार 5.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 7.’भास्कर समाधान’ पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी 8.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 9.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्‌ढा 10.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या

प्रताड़ना से परेशान महिला ने बेटे-भांजियों के साथ घर छोड़ा:हरियाणा के होटल में मिलीं, दो दिन पहले अचानक घर से गायब हुई थीं

झुंझुनूं के एक गांव से दो दिन पहले अपने दो साल बेटे और दो नाबालिक भांजियों के साथ लापता हुई विवाहिता हरियाणा के नारनौल में एक होटल में मिली। पुलिस जांच में सामने आया कि विवाहिता घर वालों के व्यवहार और प्रताड़ना से परेशान होकर घर छोड़कर गई थी। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने चारों को दस्तयाब कर लिया। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम पुलिस ने बताया, विवाहिता अपने दो वर्षीय बेटे और ननद की दो किशोर बेटियों (16 और 18 वर्ष) के साथ दो दिन पहले अचानक घर से लापता हो गई थी। दोनों किशोरियां अपने ननिहाल आई हुई थीं। बुधवार सुबह जब परिवार के लोग सोकर उठे तो चारों घर पर नहीं मिले। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों किशोरियों की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उन्होंने बेटियों के अपहरण की आशंका जताई। साथ ही आरोप लगाया कि घर से जेवरात और नकदी भी गायब है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल लोकेशन समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच में पता चला कि चारों हरियाणा के नारनौल पहुंच चुके हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नारनौल के एक होटल में दबिश दी और विवाहिता, दोनों किशोरियों तथा उसके दो वर्षीय बेटे को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। पूछताछ में सामने आई घर छोड़ने की वजह पुलिस पूछताछ में विवाहिता ने बताया कि वह घर वालों के कथित व्यवहार और लगातार हो रही प्रताड़ना से बेहद परेशान थी। मानसिक तनाव और तंग आकर उसने अपनी दोनों भांजियों और दो वर्षीय बेटे के साथ घर छोड़ने का फैसला लिया और हरियाणा चली गई। पुलिस ने चारों को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:पोस्ट करने के 24 घंटे में हटाया मलबा तो साल भर बाद साफ हुईं नालियां, सिकंदर बने 'पब्लिक के स्टार'

‘भास्कर समाधान’ पर लोगों की भेजी पोस्ट का लगातार समाधान होने से कोटा में प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी भी कम हो रही है। शहर में एक ही दिन में चार बड़ी परेशानियों के हल होने से लोगों को भी राहत मिली है। इनमें समस्या पोस्ट करने के 24 घंटे में ही मलबा उठा लिया गया तो शास्त्री मार्केट की ठठेरा गली में एक साल बाद नालियों की सफाई होने से व्यापारी भी काफी खुश हैं। 10 साल पुरानी सीवरेज और नालियों के कनेक्शन की समस्या का समाधान करवाकर वार्ड नंबर 28 के जमादार सिकंदर पंवार आज ‘पब्लिक के स्टार’ बने हैं। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की समस्याएं हल हुईं… एक साल बाद साफ हुईं नालियां कोटा के शास्त्री मार्केट की ठठेरा गली से धीरज मंगरानी ने ‘भास्कर समाधान’ पर नालियों से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि रामपुरा बाजार की गलियों में बीते एक साल से न तो नालियों की मरम्मत हुई है न ही इन नालियों का कचरा निकाला गया है। बारिश के मौसम में नालियां ओवरफ्लो होने पर गंदा पानी रास्ते पर बहने लगता है। व्यापारी बहुत परेशान है। समस्या का समाधान करवाएं। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या के पोस्ट होने के 24 घंटे बाद ही निगम ने नालियों की सफाई करवा दी। 24 घंटे में हट गया गली में पड़ा मलबा कोटा के संजय लोढ़ा ने रामपुरा पोस्ट ऑफिस के पास वाली गली की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि गली में काफी दिनों से मलबा पड़ा हुआ है लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी निगम कर्मचारी इसे हटा नहीं रहे हैं। मलबे से मुख्य रास्ता भी अवरुद्ध हो रहा है जिससे व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम की समस्या भी हो रही है। पूरे रोड पर यहां–वहां पत्थर और रोड़ी पड़े होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद निगम ने 24 घंटे में ही मलबा हटा दिया। खराब स्ट्रीट लाइट फिर से हुई रोशन कपिल कुमार ने रावतभाटा रोड, घोड़े बाबा सर्किल, गुमानपुरा से स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि स्ट्रीट लाइट खराब होने से उनकी गली में लंबे समय से अंधेरा छाया रहता है। इससे लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है। समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग के कर्मचारियों ने खराब लाइट का समाधान कर लोगों को अंधेरे से राहत दिलाई है। सिकंदर पंवार बने ‘पब्लिक के स्टार’ कोटा के पुलिस थाना चौक, अंसारी रोड से नवीन कुमार चौथवानी ने 8–10 साल पुरानी नालियों की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में सभी घरों की लाइन मेन चैम्बर से जोड़ दी गई हैं लेकिन उनके घर का कनेक्शन अब तक नहीं किया गया है। यह समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेंन्द्र कुमार के निर्देश पर नया वार्ड 28 के जमादार सिकंदर पंवार ने समस्या का समाधान करवा दिया है। हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेंन्द्र ने इसकी जानकारी भी शेयर की है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… ऊंचे ब्रेकर बने हादसों की वजह कोटा। रामगंज मंडी के पंचमुखी रोड, अमन चैन नगर से जसवंत कुमार ने ऊंचे ब्रेकर की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सुकेत रोड, जानकी नगर में स्थानीय लोगों ने सीमेंट से बने टूटे खम्भों को ब्रेकर बनाने में इस्तेमाल किया है। इससे बना ब्रेकर असामान्य रूप से ऊंचा हो गया है। दोपहिया वाहन चालक ही नहीं, बल्कि चौपहिया वाहन चालक भी परेशान हो रहे हैं। कुछ तो गिरने से चोटिल भी हो चुके हैं। ऐसे ब्रेकर जानकी नगर के कई मुख्य रास्तों पर है। समस्या का समाधान करवा कर राहगीरों को राहत दें। गहरी टूटी नाली बनी परेशानी कोटा। सोगारिया के काला तालाब एरिया से ओम प्रकाश राणावत ने टूटी नाली की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा की क्षेत्र में पाबूजी की धर्मशाला वाली गली में सीमेंट से बनी एक नाली टूटी हुई है। गहराई अधिक होने से वाहन चालकों को इससे काफी असुविधा हो रही है। बारिश में पानी भर जाने से नाली की गहराई का अंदाजा नहीं लगता जिससे दोपहिया वाहन चालक गिर भी जाते हैं। वहीं बेसहारा पशुओं का पांव भी अंणेरे में इसमें फंसने से वो घायल हो रहे हैं। एक ही रोड पर तीन बड़ी परेशानियां कोटा के बोरखेड़ा से यशवंत सिंह ने समस्या पोस्ट कर तीन अलग–अलग परेशानियां का समाधान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से नया नोहरा क्षेत्र में तीन बड़ी समस्याएं हैं। पहली अंडरग्राउंड सीवरेज लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त है जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। दूसरा सड़क पर जगह–जगह गड्‌ढों के कारण आने–जाने में बहुत परेशानी हो रही है। वहीं पूरे रोड पर रोड अथॉरिटी के स्टैंडर्ड के विपरीत ऊंचे ब्रेकर्स बनाए गए हैं जिससे गाड़ी चलाते समय हादसे का डर रहता है। मेंटिनेंस के अधूरे काम से परेशानी कोटा के पार्श्वनाथ नगर, सहारा एनक्लेव से यशवंत ने अधूरे पाइपलाइन के काम से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि आरएसजीएल ने पूरी कॉलोनी में पाइपलाइन डालने का काम अधूरा छोड़ा हुआ है। इससे जगह–जगह गड्‌ढे हो गए हैं, खुले पाइप और खोदी गई मिट्‌टी से रास्ता जाम हो रहा है और राहगीरों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस काम को जल्द पूरा करवाकर कॉलोनीवासियों को राहत दें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*’भास्कर समाधान’ में सुरेन्द्र बने ‘पब्लिक के स्टार’:* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*’भास्कर समाधान’: आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्‌ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्‌ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*’भास्कर समाधान’ पर प्रेमचंद बने ‘पब्लिक के स्टार’:* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं ‘पब्लिक की स्टार’:* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने ‘स्टार ऑफिसर’:* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित

जेईएन बीना बनीं 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में दो महीने पुरानी सीवरेज की समस्या हुई ठीक, 20 दिन से खराब स्ट्रीट लाइट भी चमकी, गड्‌ढे भरने का इंतजार

अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ से 20 दिन बाद खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान हो गया। वहीं दो महीने से ओवरफ्लो हो बह रहे सीवरेज लाइन की मरम्मत से भी स्थानीय लोगों को राहत मिली है। ऐसे ही बिजली के तारों और जाम नालियों की समस्या का भी विभाग के अधिकारियों ने समाधान करवा दिया है। अजमेर में लोगों की भेजी हुईं ऐसी ही अन्य समस्याओं के हल भी विभागीय समाधान की प्रक्रिया में हैं। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत देने का काम किया… जेईएन बीना बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ अजमेर से योगेश ने केसर कॉलोनी, डॉ लाला वाली गली से दो महीने से ओवरफ्लो हो रहे सीवरेज चैम्बर की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि कई बार निगम कर्मियों को इस समस्या के बारे में बताने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। दो महीने से सीवर का गंदा पानी गलियों और सड़कों पर बह रहा है। सड़क भी बीते पांच साल से टूटी हुई है। समस्या पोस्ट होने के बाद निगम की जेईएन बीना मीणा ने समाधान करवा दिया है। पोस्ट के बाद हुई नालियाें की सफाई शहर के सांईं बाबा मार्ग, उदयनगर से राजेश पंजाबी ने नालियाें की सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया था कि नालियों में बड़ी–बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। सफाईकर्मी भी कॉलोनी में हफ्तों नहीं आते। जमादार को भी इस संबंध में कई बार कह चुके लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। बारिश में जलभराव से पूरी कॉलोनी परेशान होती है। इस समस्या के सामने आने के बाद निगम के सफाईकर्मियों ने पूरी लाइन की नालियां साफ कर लोगों की परेशानी दूर कर दी है। 20 दिन से खराब स्ट्रीट लाइट हुई रोशन अजमेर की दयानंद कॉलोनी से पंकज ने कई दिनों से खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि कॉलोनी की गली नंबर एक में 20 दिन से स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। इसे सुधारने के लिए निगम के कर्मचारियों को भी कह चुके लेकिन समाधान नहीं हुआ। बरसात के इन दिनों में अंधेरे में लोगों को आने–जाने में बहुत परेशानी होती है। समस्या सामने आने के बाद निगम ने स्ट्रीट लाइट ठीक करवा दी। पेड़ों में उलझे बिजली के तार किए ठीक ‘भास्कर समाधान’ पर जेपी नगर, मदार सेक्टर 3 से हिमांशु लालवानी ने बिजली के तारों में पेड़ों की टहनियों के टच होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि वार्ड 55 की डबल स्टाेरी बिल्डिंग के आसपास काफी समय से बिजली के तार पेड़ों की टहनियों में उलझे हुए हैं। इससे आए दिन स्पार्किंग होती है और कई बार फॉल्ट के कारण घंटो पॉवर कट हो जाता है। बार–बार घरों में बिजली जाने से इलेक्ट्रिक उपकरणों के खराब होने का डर रहता है। समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने इसका समाधान करवा दिया। एक नजर उन समस्याओं पर भी जिनका समाधान अभी विभागीय प्रक्रिया में हैं… स्ट्रीट लाइट और हैंडपंप दोनों खराब अजमेर के फायसागर रोड, गोटा कॉलोनी से भाग्यश्री चौहान ने अपनी कॉलोनी की दो समस्याएं ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की हैं। उन्होंने लिखा कि हमारी कॉलोनी में निगम की लगाई हुई स्ट्रीट लाइट कई दिनों से खराब पड़ी है। शाम होते ही पूरी गली अंधेरे में डूब जाती है। वहीं सालों से खराब पड़े कॉलोनी के हैंडपंप की भी मरम्मत नहीं करवाई गई है। अजमेर में पहले ही पेयजल की काफी समस्या है। ऐसे में इसे ठीक करवाकर राहत दें। नए बने नाले की दीवार गिरने का डर अजमेर के चचियावास रोड, चुंगी चौराहा, लोहा खान कॉलोनी से पप्पू मानसुरे ने नवनिर्मित नाले की समस्या पोस्ट की है। उन्हाेंने लिखा कि हाल ही इस नाले का निर्माण किया गया है लेकिन सेटबैक ठीक न होने के कारण यह बारिश में ढह सकता है। इससे नाले का सारा पानी वापस कॉलोनी में ही भरेगा। समस्या का समाधान कर लोगों को असुविधा से बचाएं। सड़क के गड्‌ढे नहीं भरे, बनी परेशानी विज्ञान नगर की मुकेश टेलर वाली गली से परेश काकानी ने टूटी सड़क और गड्‌ढे की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि पंचवटी कॉलोनी की गली नंबर 5 में गैस पाइपलाइन कनेक्शन के बाद रोड को दोबारा रिपेयर नहीं किया गया। इससे गली में जगह–जगह गड्‌ढे होने से लोगों को काफी असुविधा हो रही है। राहगीरों को भी गाड़ियां लेकर आने–जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। निगम और संबंधित विभाग के कर्मचारियों को कई बार कह चुके लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रोड लाइट खराब, विभाग बेपरवाह ‘भास्कर समाधान’ पर नयन टाक ने सुभाष नगर से खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि हमारी गली में कई दिनों से गली की सरकारी लाइट काम नहीं कर रही है। बारिया के दिनों में जहरीले जीव–जंतुओं के खतरे के बीच लोग मोबाइल की टॉर्च में रात को घर से बाहर निकल रहे हैं। निगम के कर्मचारियों को इस संबंध में कई बार कह चुके लेकिन कोई इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। शक्ति नगर, सुभाष नगर कॉलोनी के लोगों को इससे काफी असुविधा हो रही है। इसका जल्द समाधान करवाएं। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर

अजमेर में शोरूम से निकलते ही कार में आग लगी,VIDEO:धुआं उठता देख डॉक्टर ने मां को बाहर निकाल लिया; दमकल ने पाया काबू

अजमेर में नई कार खरीदने की खुशी उस समय दहशत में बदल गई, जब शोरूम से निकलने के करीब आधे घंटे बाद ही चलती कार में आग लग गई। गनीमत रही कि कार चला रहे जेएलएन अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग के न्यूरो सर्जन डॉ. कुशल गोयल ने समय रहते बोनट से उठता धुआं देख लिया। उन्होंने तुरंत कार सड़क किनारे रोककर अपनी मां को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना पर पहुंची नगर निगम की दमकल ने आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अजमेर में यह पहला मामला है जब शोरूम से निकलने के कुछ देर बाद ही कार में आग लग गई। गोयल गुरुवार दोपहर ढाई बजे शोरूम से निकले थे और तीन बजे कार में आग लग गई। घर लौट रहे थे डॉक्टर जानकारी के अनुसार वैशालीनगर के आनंद नगर में रहने वाले डॉ. कुशल गोयल ने गुरुवार को मारुति कंपनी की ऑल्टो के-10 नई कार साढ़े पांच लाख रुपए में खरीदी थी। शोरूम से डिलीवरी लेने के बाद वे अपनी मां और परिवार के साथ घर लौट रहे थे। करीब आधे घंटे बाद वैशालीनगर में कार के अगले हिस्से से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया स्थिति की गंभीरता समझते हुए डॉ. गोयल ने तुरंत कार सड़क किनारे रोक दी और सभी परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ ही क्षणों में बोनट के भीतर आग की लपटें उठने लगीं। उन्होंने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकल मौके पर पहुंची और आग पर समय रहते काबू पा लिया। इससे आग पूरी कार में फैलने से पहले ही नियंत्रित हो गई। आग बुझाने के बाद क्षतिग्रस्त कार को टो-व्हीकल की मदद से वापस शोरूम ले जाया गया। आग के कारणों का नहीं चला पता प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। तकनीकी जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आग शॉर्ट सर्किट, किसी तकनीकी खराबी या अन्य किसी वजह से लगी। फिलहाल घटना को लेकर कंपनी स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।