जहां बस-ट्रेलर भिड़े,वहां घुमावदार सड़क पर न साइनबोर्ड, न लाइट:कन्फ्यूज होकर अचानक ब्रेक लगा देते हैं ड्राइवर, एक्सप्रेस-वे पर हादसे में 8 की मौत

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार रात 2:30 बजे कोलवा थाना इलाके में बस और ट्रेलर की भिड़ंत में 8 लोगों की मौत हो गई। बस में सवार 21 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। FSL और एक्सपट्‌र्स की टीम ने घटना स्थल देखा तो पता चला कि बस ट्रेलर के पीछे चल रही थी। रफ्तार में होने के कारण ट्रेलर नहीं दिखा और बस का आगे का हिस्सा ट्रेलर के बैक में फंस गया और आग लग गई। हादसे की वजह समझने के लिए भास्कर टीम मौके पर पहुंची। पड़ताल में सामने आया कि जहां हादसा हुआ, वहां बने लूप पर न कोई साइन बोर्ड है न ही लाइट। ऐसे में ड्राइवर रास्ता नहीं समझ पाते और कन्फ्यूजन में ब्रेक लगा देते हैं। यही कन्फ्यूजन कई बार हादसे की वजह बन जाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… न लाइट, न साइन बोर्ड राहगीरों से बात की तो पता चला कि यहां पर कोई साइन बोर्ड नहीं है, जिससे पता चल सके कि जयपुर के लिए आगे लूप बना हुआ है। लूप पर किसी प्रकार का कोई बोर्ड या अन्य साइन नहीं है। ऐसे में ड्राइवर को पता नहीं चलता कि लूप आ गया है या आने वाला है। लूप से आगे निकलने पर जब गलती का एहसास होता है तो ड्राइवर अचानक गाड़ी रोक लेते हैं। ऐसे में पीछे से आ रही गाड़ी से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है। घटना स्थल के पास जहां से जयपुर के लिए रास्ता निकलता है, वहां रोड लाइट नहीं है। सीसीटीवी भी नहीं है। दुर्घटना संभावित क्षेत्र होने के बावजूद एंबुलेंस या दमकल नहीं थी। हादसे में घायल लोगों ने भी बताया कि हादसे के बाद काफी समय तक कोई सुरक्षा एजेंसी मौके पर नहीं पहुंची। हाईवे पर लगे साइन बोर्ड पर जयपुर का एरो नहीं इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर लूप से पहले एक साइन बोर्ड है। बोर्ड पर अजमेर और जयपुर लिखा है। अजमेर के नीचे एराे बनाकर दिखाया गया है कि आगे आने वाला लूप अजमेर की तरफ जाएगा। जयपुर के पास ऐसा कोई एरो नहीं बना हुआ। ऐसे में लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं, क्योंकि गूगल मैप उस रास्ते को जयपुर का बताता है। भास्कर ने वहां से गुजर रहे मुकेश से बात की तो उन्होंने बताया कि नए ड्राइवर को एरो नहीं होने से परेशानी होती है। समझ नहीं पाते कि ये रास्ता जयपुर के लिए जा रहा है। जलते हुए बस से कूदे लोग, ड्राइवर बस में फंसने से जिंदा जला हादसा देखते हुए दूसरे ड्राइवरों ने अपने वाहन रोके और मदद को दौड़े। देखते ही देखते आग पूरी बस में फैल गई। जान बचाने के लिए झुलसे लोग बस से कूदे। इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए। सबसे पहले आग केबिन में लगी, फिर पूरी बस में फैल गई। ड्राइवर बस में जिंदा जल गया। बस की डिक्की में जहां सवारियों का सामान रखा जाता है, वहां पर सिगरेट के पैकेट, दवाइयां, केमिकल के ड्रम और ऑयल क केन थे। … एक्सीडेंट की ये खबरें भी पढ़ें… राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। (पूरी खबर पढ़ें) दौसा बस-अग्निकांड: ‘मेरी आंखों के सामने पत्नी जल गई साहब’:किसी ने मदद नहीं की; पैसेंजर बोलीं- मालूम नहीं पति कहां गिरे, लोग सीटों में फंसे थे अचानक सोकर उठे थे, झटका लगा और बच्ची का सिर आगे टकराया। मैंने देखा मेरे पति वहां नहीं थे। अपने 2 बच्चों के साथ पति को ढूंढ रही दिव्या ये कहते-कहते रोने लगी। बेटा बार-बार उनके आंसू पोंछ रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)

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