डीबी अस्पताल में करंट से मजदूर की मौत:ठेकेदार पर सुरक्षा उपकरण नहीं देने का आरोप, केस दर्ज; मुआवजा देने की मांग
गवर्नमेंट डीबी अस्पताल में बिजली का काम करते समय करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस मामले में अब एक नया मोड़ आया है। मृतक के ताऊ ने बिजली ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है। जांच अधिकारी कोतवाली थाने के एसआई बलवंत राम ने बताया कि डाब डीडवाना निवासी पप्पूराम नायक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार उनका भतीजा ओमप्रकाश नायक (19) करीब एक साल से डीबी अस्पताल में बिजली ठेकेदार के लिए मजदूरी कर रहा था और उसे प्रतिमाह 15 हजार रुपए बैंक खाते में मिलते थे। सोमवार शाम को ओमप्रकाश डीबी अस्पताल में बिजली का काम कर रहा था, तभी उसे हाई वोल्टेज लाइन का करंट लगा। साथी मजदूरों ने तुरंत उसे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के दूसरे दिन भी मजदूर के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। परिजन ठेकेदार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं और आरएलपी व नायक समाज के पदाधिकारी भी मॉर्च्युरी पहुंचे हैं। परिजनों ने बताया कि घटना वाले दिन ठेकेदार ने उन्हें फोन कर चूरू के डीबी अस्पताल आने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाने की सूचना दी थी। चूरू पहुंचने पर परिजनों को पता चला कि ठेकेदार ने ओमप्रकाश को बिजली का काम करते समय सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे, जिसके कारण उसकी मौत हुई। आरएलपी के पदाधिकारी व नायक समाज के लोग पहुंचे
हादसे की सूचना के बाद बुधवार सुबह आरएलपी पदाधिकारी व नायक समाज के लोग अस्पताल में मॉर्च्युरी के सामने पहुंचे। जहां आरएलपी व नायक समाज के लोगों ने बिजली ठेकेदार के द्वारा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की बात कहीं गई, जबकि परिजनों के अनुसार ठेकेदार बुधवार को अपने गांव चला गया हैं। आरएलपी के विजय पूनिया, देवेश चौधरी, संदीप कपूरिया, डाब सरपंच लोकेश बेनीवाल, नायक समाज के अध्यक्ष रामेश्वर लाल नायक ने बताया कि बिजली ठेकेदार के द्वारा उचित मुआवजा मृतक के परिजनों को मिलना चाहिए। अन्यथा आरएलपी व नायक समाज की ओर से प्रदर्शन किया जाएगा।

