जम्मू-कश्मीर में लश्कर कमांडर जाकिर अहमद ढेर:पहलगाम हमले के बाद बनी हिट लिस्ट में शामिल था; शोपियां में 5 दिन से ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी मारा गया। बुधवार को सुरक्षाबलों ने उसका शव बरामद किया। आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सेना ने शनिवार शाम चनापोरा इलाके में ऑपरेशन शुरू किया था। ऑपरेशन के पांचवें दिन जाकिर गनी का शव बरामद हुआ। एक और आंतकी लतीफ भट के छिपे होने की आशंका है। जाकिर गनी उन 14 आतंकियों की सूची में शामिल था, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया था। यह संयुक्त ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF ने मिलकर चलाया। आंतकियों के खिलाफ 5 दिन से ऑपरेशन जारी आतंकियों के छिपे होने की खुफिया सूचना मिलने के बाद शनिवार शाम से चनापोरा इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। ऑपरेशन में सेना की 44 आरआर, 20 आरआर, 34 आरआर, 55 आरआर, 3 पैरा, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और CRPF की 14 व 178 बटालियन शामिल हैं। सेना की खास एंटी टेरेरिज्म यूनिट, ‘विक्टर फोर्स’ ने बाग के घने पेड़ों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए और इलाके में रोशनी का इंतजाम भी किया। सुरक्षाबल पिछले कई दिनों से गांवों और आसपास के इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। कुलगाम का रहने वाला था जाकिर सूत्रों के मुताबिक, जाकिर कुलगाम के मतलहामा का रहने वाला था। वह 2023 से दक्षिण कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय था। जाकिर का नाम पाकिस्तान से जुड़े कई आतंकी हमलों से भी जुड़ा था। अक्टूबर 2025 में NIA कोर्ट ने इनके खिलाफ नोटिस जारी किया था और हाल ही में उनका नाम अप्रैल 2026 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़ा था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में 14 आतंकवादियों की सूची जारी की थी और उनके घर भी गिरा दिए गए थे। सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक, जाकिर 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, जबकि लतीफ पिछले साल LeT में शामिल हुआ था। 14 लोकल आतंकियों में 9 मारे गए, अब 5 की तलाश अगर जाकिर गनी की मौत की पुष्टि हो जाती है तो 9वां आतंकी होगा, जिसे सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। जिन 14 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, जाकिर गनी को मिलाकर उनमें से अब तक 9 मारे जा चुके हैं। 6 आतंकी मई 2025 में शोपियां और पुलवामा में एनकाउंटर के दौरान मारे गए थे। पहलगाम हमले के बाद से चलाए गए सेना के मेजर ऑपरेशन ——————- ये खबर भी पढ़ें… हाफिज सईद ने ही पहलगाम हमले की साजिश रची:NIA बोली- भारत के खिलाफ जंग छेड़ी; अब तक हमले के आरोपी 3 आतंकी ढेर पहलगाम हमले पर NIA ने सोमवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने कहा कि बैसरनघाटी में हुए आतंकी हमले की साजिश लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद ने ही रची थी। NIA ने हाफिज पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…

जयपुर-आगरा NH पर बस का स्टीयरिंग फेल, पेट्रोल-पंप में घुसी:दीवार तोड़कर खेत में गिरी, अगला हिस्सा चकनाचूर, 3 पैसेंजर्स घायल

जयपुर से आगरा जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस की स्टीयरिंग अचानक फेल हो गई। बेकाबू बस पेट्रोल-सीएनजी पंप की सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए खेत में जा घुसी। हादसे में बस में सवार 14 में से तीन पैसेंजर्स घायल हो गए। बस पेट्रोल और सीएनजी मशीनों से कुछ फीट की दूरी से निकल गई, जिससे बड़ा हादसा टल गई। घटना बुधवार सुबह करीब 7 बजे दौसा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर संवास स्थित पेट्रोल-सीएनजी पंप पर हुई। देखें… घटना से जुड़ी PHOTOS फोटो-1 : जयपुर से आगरा जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस की स्टीयरिंग फेल होने से वह बेकाबू हो गई और हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंप में घुस गई। फोटो-2 : बस पेट्रोल पंप की सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए खेत में जा घुसी। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फोटो-3 : बस में सवार तीन लोग घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए सिकराय उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब पढ़ें… पूरा घटनाक्रम सीएनजी डिस्पेंसिंग मशीनों से टकराने से बची घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। इसमें बस पेट्रोल और सीएनजी डिस्पेंसिंग मशीनों के बिल्कुल पास से गुजरती हुई दिखाई दे रही है। बस कुछ ही फीट की दूरी से मशीनों को पार कर खेत में जा रुकी। अगर बस मशीनों से टकरा जाती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था और भारी जनहानि हो सकती थी। हादसे के समय पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस लहराते हुए पहले सुरक्षा दीवार तोड़ती हुई खेत में जाकर रुकी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बस में सवार तीन लोग घायल मानपुर थाना SHO सतीश कुमार ने बताया- सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। घायल तीनों यात्रियों को इलाज के लिए सिकराय उपजिला हॉस्पिटल भेजा गया। मौके का निरीक्षण कर क्रेन की मदद से बस को हटवाया। शुरुआती जांच में हादसे की वजह बस की स्टीरिंग फेल होना सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बस की तकनीकी स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है। गनीमत रही कि बस पेट्रोल और सीएनजी मशीनों से नहीं टकराई। इनपुट- देवेन्द्र सैहणा, सिकराय

बंगाल में बच्ची से रेप-मर्डर का आरोपी एनकाउंटर में ढेर:पुलिस बोली- राइफल छीनकर भाग रहा था; तालाब से मिला था नाबालिग का शव

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग से रेप और मर्डर का एक आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूछताछ के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान प्रभास मंडल ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली। इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें प्रभास को गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारुईपुर में 12 साल की लड़की 4 जुलाई को लापता हो गई थी। 5 जुलाई को उसका शव एक तालाब से मिला। पोस्टमॉर्टम में रेप की पुष्टि हुई, जिसके बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने रेप-मर्डर के आरोप में प्रभास सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दूसरा आरोपी आनंद सरदार है। आरोपियों ने बच्ची को जिंदा तालाब में फेंका था पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच भी की, जिसमें चार लोग लड़की को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लड़की के सिर और प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान मिले। लड़की के सिर पर या तो किसी भारी चीज से वार किया गया था या उसे किसी सख्त सतह पर पटका गया था। शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और काटने के निशान थे। उसके फेफड़ो और पेट में पानी मिला। आरोपियों ने उसे जिंदा ही तालाब में फेंक दिया था। डूबने और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। भीड़ ने एक संदिग्ध को पीट-पीटकर मार डाला था 5 जुलाई को तालाब से लड़की का शव मिलने के तुरंत बाद भीड़ ने एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसपर बच्ची के रेप और मर्डर में शामिल होने का शक था। मृतक की पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई थी। रेप-मर्डर केस से जुड़ी 5 तस्वीरें…. CM बोले- भीड़ के हाथों मारा गया युवक निर्दोष था, 5 बातें ममता का पीड़ित परिवार से मिलने नहीं देने का आरोप बच्ची से रेप-मर्डर मामले को लेकर बंगाल में राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी समेत पार्टी नेताओं ने घटना के विरोध में 6 जुलाई को कैंडल मार्च निकाला। पार्टी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया और पुलिस ने उन्हें रोक दिया। TMC के अनुसार, ममता को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। NCW ने एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 6 जुलाई को बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से एक हफ्ते के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने एक बयान में कहा कि ATR में न केवल इस भयानक अपराध की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र होना चाहिए, जिसमें अपराध में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, केंद्रीय बलों के जवानों पर हमला किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई। भास्कर नॉलेज… ————————- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में बच्ची से रेप-हत्या, आरोपी को गोली मारी:पुलिस का दावा- भागने की कोशिश कर रहा था; अस्पताल में भर्ती बारुईपुर जैसा ही एक मामला 22 जून को नई दिल्ली में सामने आया था। जहां 11 साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने के लिए पैर में गोली मारी। पीड़ित बच्ची गुब्बारा बेचती थी। वह फुटपाथ पर सो रही थी। आरोप है कि टैक्सी ड्राइवर बबलू ने उसे अगवा किया। उसका रेप किया और हत्या कर लाश महरौली के जंगल में फेंक दी। पढ़ें पूरी खबर…

गेस्ट हाउस में बदलेगा पूर्व CM केजरीवाल का बंगला:दिल्ली सरकार जल्द मंजूरी देगी, मंत्री-अधिकारी ठहरेंगे; भाजपा ने शीश महल नाम दिया था

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास रहे सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले को राज्य सरकार स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर सरकार अंतिम फैसला लेने के करीब है। बंगला नंबर-6 को अन्य राज्य अतिथि गृहों की तरह विकसित किया जाएगा। यहां बाहर से आने वाले मंत्री और सरकारी अधिकारी ठहरेंगे। इसके लिए शुल्क भी लिया जाएगा। प्रस्ताव में पार्किंग, वेटिंग हॉल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी हायर लेवल से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। फिलहाल खाली है बंगला, देखरेख में 10 कर्मचारी लगे सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री का यह आवास फिलहाल खाली पड़ा है। इसके रखरखाव के लिए करीब 10 कर्मचारी तैनात हैं, जो रोजाना साफ-सफाई के साथ रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर समेत अन्य उपकरणों का रखरखाव करते हैं। केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते इस बंगले के नवीनीकरण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। भाजपा ने इसके महंगे और आलीशान रेनोवेशन को लेकर इसे ‘शीशमहल’ नाम दिया था। केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें… CAG की रिपोर्ट- बंगले में 18.88 करोड़ रुपए का महंगा इंटीरियर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए। 2022 से चल रही केजरीवाल के बंगले पर खर्च की जांच 2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने बंगले के रेनोवेशन अनियमितताओं और लागत बढ़ने के आरोपों की जांच शुरू की थी। फिलहाल इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। यह जांच तत्कालीन विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें रेनोवेशन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

गैंगस्टर लॉरेंस को अमेरिका ले जाएगी FBI:गोल्डी बराड़ पर ₹50 हजार डॉलर इनाम; पहली बार दावा- इन्होंने कनाडा में निज्जर की हत्या कराई

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया को अमेरिका ले जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों को वहां ट्रायल के लिए लाने हेतु प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए जल्द भारत सरकार से इनकी मांग की जाएगी। अधिकारियों ने ये बातें अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भारत से जुड़े इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के बाद कहीं। जिसमें 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुल 37 लोगों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में लॉरेंस, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा समेत अन्य आरोपियों पर 2023 में कनाडा में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। पहली बार लॉरेंस का नाम इस हत्याकांड से जोड़ा गया है। चार्जशीट में दावा किया गया है कि लॉरेंस भारत की जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क का संचालन करता था और उसके सहयोगी अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में ड्रग तस्करी, रंगदारी और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इसके अलावा इसमें पंजाब पुलिस के एक अफसर हुंदलप्रीत सिंह का भी नाम इसमें आया है। उसे भी अमेरिकी अधिकारियों ने प्रत्यर्पित कर ले जाने की बात कही है। वहीं FBI ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। इन पर लगाए आरोप सही साबित हुए तो अलग-अलग आरोपों में इन्हें 10 साल से भी अधिक सजा हो सकती है। FBI के कार्रवाई के बाद 8 खुलासे…. 1. कई साल की जांच के बाद 50 से ज्यादा ठिकानों पर रेड
अमेरिकी फेडरल एजेंसियों ने बताया कि इंडिया बेस्ड ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नेटवर्क की कई वर्षों से इंटरकॉन्टिनेंटल जांच चल रही थी। इसके तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। पूरे मामले में 37 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। इनमें 24 आरोपी गिरफ्तार या पहले से हिरासत में हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है। कार्रवाई में करीब एक टन (1000 किलोग्राम) कोकीन, दर्जनों हथियार, नकदी और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए। 2. तीन गैंग, एक इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क
अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक कार्रवाई सिर्फ एक गैंग के खिलाफ नहीं, बल्कि तीन इंडिया बेस्ड संगठित अपराध नेटवर्क पर हुई। भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस को नेटवर्क का हेड बताया गया है। नॉर्थ अमेरिका में ऑपरेशन गोल्डी बराड़ संभाल रहा था, जबकि यूरोप में रोहित गोदारा सक्रिय था। आरोप पत्र में जग्गू भगवानपुरिया और अमृतपाल बाठ के नेटवर्क का भी जिक्र किया गया है। एजेंसियों का दावा है कि ये गिरोह अलग-अलग देशों में समन्वय के साथ काम करते रहे। 3. भारत समेत 7 देशों तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क के तार भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैले थे। गिरोह ड्रग्स की तस्करी, रंगदारी, टारगेट किलिंग, हथियारों की सप्लाई और अन्य संगठित अपराधों को कई देशों में अंजाम देता था। 4. मैक्सिकन कार्टेल से कोकीन, हवाला-क्रिप्टो से पैसों का खेल
अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक नेटवर्क मैक्सिकन ड्रग कार्टेल से कोकीन खरीदकर अमेरिका और कनाडा तक पहुंचाता था। कारोबारी और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से धमकी देकर रंगदारी वसूली जाती थी। इसके बाद रकम हवाला, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य वित्तीय नेटवर्क के जरिए अलग-अलग देशों में ट्रांसफर की जाती थी। 5. पंजाब के पुलिस अधिकारी का भी नाम, 4 लाख डॉलर की रंगदारी का आरोप
अमेरिकी चार्जशीट में दावा किया गया है कि नेटवर्क ने भारत में मौजूद कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों का भी इस्तेमाल किया। इसमें पंजाब पुलिस से जुड़े हुंदलप्रीत सिंह नाम के अधिकारी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया कि कैलिफोर्निया में रहने वाले एक व्यक्ति से 4 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगने के लिए उसका इस्तेमाल किया गया। पीड़ित को धमकी दी गई थी कि रकम नहीं देने पर पंजाब में रह रहे उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। हालांकि यह अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है। इस पर पंजाब पुलिस का अभी कोई रिएक्शन नहीं है। 6. निज्जर हत्याकांड भी चार्जशीट का हिस्सा
अमेरिकी एजेंसियों ने ने आरोप लगाया है कि 2023 में कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश में लॉरेंस और गोल्डी बराड़ की भूमिका थी। यह पहली बार है, जब लॉरेंस का नाम निज्जर हत्याकांड में जोड़ा गया हो। इससे पहले सिख कट्‌टरपंथी संगठन उस पर शक जरूर जताते आए हैं। हालांकि अमेरिकी आरोप पत्र में भारत सरकार की किसी भूमिका का आरोप नहीं लगाया गया है। 7. RICO समेत सख्त कानूनों में केस दर्ज
अमेरिकी एजेंसियों ने आरोपियों पर हत्या, हत्या की साजिश, ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी, रंगदारी, मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध से जुड़े आरोप लगाए हैं। इनके खिलाफ अमेरिका के सबसे सख्त संगठित अपराध कानून रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशंस एक्ट (RICO) समेत कई धाराओं में कार्रवाई की गई है। 8. FBI, DEA, RCMP समेत कई एजेंसियों का संयुक्त ऑपरेशन
इस कार्रवाई में सिर्फ FBI ही नहीं, बल्कि अमेरिका की ड्रग्स और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने वाली फेडरल एजेंसी (DEA), होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की आपराधिक जांच एजेंसी (HSI), हथियार, विस्फोटक और संबंधित संगठित अपराधों की जांच करने वाली फेडरल एजेंसी (ATF), मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स फ्रॉड और वित्तीय अपराधों की जांच करने वाली कर विभाग (IRS) की आपराधिक जांच शाखा (IRS-CI) समेत कई फेडरल एजेंसियां शामिल थीं। इनके अलावा देशभर में संघीय स्तर के अपराधों की जांच कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) भी शामिल रहीं। कनाडा ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम दिया। अधिकारियों के मुताबिक, हाल के वर्षों में इंडिया बेस्ड संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ यह सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियानों में से एक है। अब नजर इस बात पर है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद भारत सरकार और भारतीय जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं। लॉरेंस को अमेरिका ले जाने में आगे क्या होगा? क्या कभी किसी को भारत से प्रत्यर्पित किया गया?
इसका जवाब है हां, गणेश शेनॉय नाम के व्यक्ति को साल 2025 में लगभग 20 साल पुराने सड़क हादसे में मौत के मामले में भारत ने उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद भारतीय अदालतों और सरकार ने प्रत्यर्पण मंजूर किया। गणेश शेनॉय 2005 में अमेरिका में सड़क हादसे के बाद भारत भाग आया था। वह करीब 20 साल तक भारत में रहा और अमेरिकी प्रत्यर्पण अनुरोध के खिलाफ भारतीय अदालतों में कानूनी लड़ाई लड़ता रहा। सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी। इसके बाद सितंबर 2025 में उसे भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया, जहां उस पर मुकदमा चला। जिन गैंगस्टरों का नाम, उनके बारे में जानिए

मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे:बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला; 1000 साल पुराना मंदिर, दीवारों पर रामायण कथा उकेरी गई

पीएम मोदी बुधवार को अपने इंडोनेशिया दौरे के तीसरे और आखिरी दिन वहां के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे। यह मंदिर एक हजार साल पुराना है। पीएम ने मंदिर के जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। इसके बाद आरती की और पुजारियों से आशीर्वाद लिया। पीएम के साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी मंदिर गए। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ तस्वीर शेयर की। उन्होंने प्लेन के अंदर से अपना एक वीडियो भी शेयर किया और आसमान से मंदिर का नजारा दिखाया। इंडोनेशिया से पीएम आज शाम ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न रवाना होंगे। उनका ऑस्ट्रेलिया दौरा 8 से 10 जुलाई तक है। प्रम्बानन मंदिर में पीएम, 4 तस्वीरें… प्रम्बानन मंदिर के अंदर 240 मंदिर, सबसे ऊंचा शिव मंदिर PM के इंडोनेशिया-ऑस्ट्रेलिया दौरे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

पहली बार कैमरे पर नकली नोट गिरोह:1 लाख के बदले 10 लाख के नोट, दावा- एटीएम भी नहीं पकड़ सकता

पहली बार कैमरे पर देखिए आपके पर्स तक नकली नोट पहुंचने वाले गैंग के चेहरे। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। रील में मोबाइल नंबर भी दिए हुए थे। रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर कॉन्टेक्ट किया। 1 लाख रुपए के बदले 10 लाख के नकली नोटों की डील ऑफर हुई। वीडियो कॉल पर पहले कैश चेक कराया गया, फिर 40 मिनट तक हम पर नजर रखी। नकली नोट के 3 सैंपल दिए। टीम ने डील टाल दी तो कई बाइक और कारों से पीछा किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहला मोबाइल नंबर: पहले महाराष्ट्र के लिए कहा, फिर अलवर बुलाया रिपोर्टर ने 722****572 नंबर पर मैसेज किया- कितने में कितने दोगे? दूसरे दिन रिप्लाई आया- 1 लाख के 10 लाख मिलेंगे। ऑल इंडिया मार्केट ATM और बैंक डिपॉजिट हो जाएंगे। हैंड टू हैंड महाराष्ट्र के अकोला आना पड़ेगा। एडवांस 10 हजार, उसके बाद ही डिलीवरी होगी। पूरा फर्स्ट क्वालिटी का माल रहेगा। बेस्ट क्वालिटी का पेपर रहेगा। तीसरे दिन वीडियो कॉल में रुपए देखे, फिर गैंग के दूसरे आदमी से कॉन्टैक्ट कराया अलवर के लिए निकलने पर रिपोर्टर ने माफिया को मैसेज किया। इसके बाद माफिया ने वीडियो कॉल किया। वीडियो कॉल में माफिया ने अपना कैमरा बंद कर रखा था। उसने रुपए दिखाने के लिए कहा। रिपोर्टर ने एक लाख रुपए का बंडल दिखाया। उसे रुपए के बंडल पर विश्वास नहीं हुआ तो सही तरीके से दिखाने के लिए कहा। बोला- ये तो 50 हजार रुपए हैं। रिपोर्टर ने कहा- 1 लाख रुपए ही हैं। गिनकर ले लेना। पूरी संतुष्टि होने के बाद माफिया ने रिपोर्टर को इंतजार करने और किसी और को भेजने की बात कही। उसने रिपोर्टर की फोटो लेकर अपने साथियों को भेज दिया। काफी देर तक कोई नहीं आया तो रिपोर्टर ने दोबारा माफिया को काॅल किया… इसके बाद 772****583 नंबर से कॉल आया थोड़ी देर बाद उसी नंबर से दोबारा कॉल आया 40 मिनट तक बिठाए रखा, भास्कर टीम पर रखी नजर रिपोर्टर ने अपनी लोकेशन भेज दी। इसके बाद अलवर के एक पेट्रोल पंप के सामने चाय के ठेले के पास खड़ा हो गया। रिपोर्टर लोकेशन पर नहीं मिला तो गैंग के सदस्य ने कॉल किया और लोकेशन पूछी। रिपोर्टर ने पंप के सामने चाय पीने की बात कही। दोनों रिपोर्टर 40 मिनट तक वहीं बैठे रहे। कोई कॉल नहीं आया। इस दौरान बहुत से युवक कार, बाइक और पैदल वहां से गुजरे। आभास हो गया कि हम पर नजर रखी जा रही है। रिपोर्टर को पैदल बुलाया, नकली नोट के सैंपल दिए शाम को करीब 6 बजे उस युवक का फिर से कॉल आया। वो पहले से ही हमारे आसपास घूम रहा था। पुलिस साथ में नहीं होने का विश्वास होने पर उसने दूर से ही हमें इशारा किया। कार छोड़कर पैदल ही ​सीधे आने के लिए कहा। रिपोर्टर पैदल ही युवक से मिलने के लिए निकल गया। करीब 500 कदम की दूरी तय करने के बाद एक प्लाॅट के पास खड़े युवक ने रिपोर्टर को आवाज लगाई। यह युवक नकली नोट के सैंपल लेकर आया था। युवक ने रिपोर्टर को एक पैकेट दिया। पैकेट में नकली नोट के 3 सैंपल थे। एक 500 का और दो 100 रुपए के। उसके पास पानी की एक बोतल भी थी और एक ओसवाल साबुन का पैकेट। इसके बाद युवक ने नकली नोट पर पानी और साबुन लगाया। नोट लाल होने लगा और रंग उतरने लगा। लगातार भास्कर टीम का पीछा करते रहे इसके बाद रिपोर्टर नोट चेक करने का बहाना बनाकर वहां से निकल गए। भास्कर टीम की कार निकलते ही चार–पांच बाइक व कारें पीछा करने लग गईं। भास्कर टीम काफी देर तक अलवर में घूमती रही तो गैंग के सदस्य ने कॉल किया- नोट चेक क्यों नहीं कर रहे? वो बार–बार फोन कर रहा था। रिपोर्टर करीब एक घंटे तक अलवर शहर में इधर–उधर अपनी कार घुमाता रहा। बाद में पुलिस की सख्ती का बहाना कर डील को रोक लिया और अगले दिन बात करने की बात कही। रिपोर्टर ने जब पुलिस का बहाना बनाया तो युवक ने कोई भी परेशानी नहीं आने का दावा किया। इतना ही नहीं अलवर के बाहर तक छोड़कर आने की भी बात कही। रिपोर्टर ने पकड़े जाने का डर बताया और उस दिन के लिए ​डील को टाल दिया। इस पर गिरोह के सदस्य ने अलवर से बाहर दौसा बॉर्डर तक नकली नोट सप्लाई करने का दावा किया। आईजी बोले- असली जैसे लग रहे नोट भास्कर ने मामले में रेंज आईजी राहुल प्रकाश से बात की। उन्होंने कहा- नकली नोट के नाम पर लोगों को ठगने का काम भी चल रहा है। पुलिस ने दौसा में एक गिरोह पकड़ा था। उससे भारी संख्या में नकली नोट बरामद किए थे। जो तीन नोट दिखाए हैं, यह देखने में असली ही लग रहे हैं। बैंक में चेक कराने पर ही सच सामने आएगा। डिस्क्लेमर : इस इन्वेस्टिगेशन का मकसद नकली नोटों के सिंडिकेट का सच सामने लाना था। इस दौरान भास्कर टीम ने न ही गिरोह से नकली नोट लिए और न ही असली नोट दिए। गिरोह ने 3 नकली नोट बतौर सैंपल दिए थे। भास्कर ने वो तीनों नोट पुलिस को सौंप दिए। पार्ट-2 में कल पढ़िए : नकली नोट में कैसे डालते गांधीजी का वाटरमार्क-सिल्वर लाइन, गैंग के प्रमुख किरदार

भास्कर अपडेट्स:नीट पेपर लीक मामले के दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी पी.वी. कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी। CBI के मुताबिक, लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी इस मामले के मास्टरमाइंड हैं। एजेंसी का दावा है कि वे कई सालों तक NEET के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे और NTA की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर पुणे की स्पेशल कोचिंग क्लासों के जरिए पेपर लीक कराया। वहीं, लातूर के RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि उन्हें परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर मिल गए थे। CBI इस मामले में NTA पैनल के सदस्यों, कुलकर्णी और मनीषा मंडारे की भूमिका की भी जांच कर रही है। आज की बाकी बड़ी खबरें… अमरनाथ यात्रा के लिए एक दिन में रिकॉर्ड 9,837 श्रद्धालु रवाना, 361 गाड़ियों के काफिले में निकले अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रिकॉर्ड 9,837 श्रद्धालु रवाना हुए। यह इस साल अब तक का सबसे बड़ा एक दिन का जत्था है। श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा के बीच 361 वाहनों के काफिले में पहलगाम और बालटाल बेस कैंप के लिए निकले। अधिकारियों के मुताबिक, 188 वाहनों में सवार 5,337 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से रवाना हुए। वहीं, 173 वाहनों में 4,500 श्रद्धालु छोटे बालटाल मार्ग के लिए निकले। इस जत्थे में 6,684 पुरुष, 2,730 महिलाएं, 21 बच्चे, 320 साधु, 80 साध्वियां और 2 ट्रांसजेंडर श्रद्धालु शामिल हैं। 57 दिन की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF), स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। सरकारी स्कूलों में 86 लाख छात्र कम हुए, प्राइवेट स्कूलों में 88 लाख नए एडमिशन देश में सरकारी स्कूलों की बजाय प्राइवेट स्कूलों की ओर छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो साल में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या करीब 86 लाख कम हो गई। वहीं, इसी दौरान प्राइवेट स्कूलों में 88 लाख से ज्यादा नए छात्रों ने एडमिशन लिया। रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में सरकारी स्कूलों में 12.75 करोड़ छात्र थे, जो 2025-26 में घटकर 11.89 करोड़ रह गए। दूसरी ओर, प्राइवेट स्कूलों में छात्रों की संख्या 9 करोड़ से बढ़कर 9.89 करोड़ हो गई। देशभर में स्कूलों में कुल छात्रों की संख्या में भी हल्की गिरावट आई है। यह 24.80 करोड़ से घटकर 24.72 करोड़ रह गई है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि शिक्षकों की संख्या बढ़ी है। अब देश में 1.03 करोड़ शिक्षक हैं, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात पहले से बेहतर हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बिना छात्रों वाले स्कूलों और सिर्फ एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या कम हुई है। वहीं, मिडिल और सेकेंडरी स्तर पर बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर भी घटी है और पहले के मुकाबले ज्यादा छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं। चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज कंटेंट विवाद पर Meta की सफाई, बोला- बच्चों के शोषण के लिए हमारे एप्स पर कोई जगह नहीं इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) से जुड़े विज्ञापनों के मामले में केंद्र सरकार के नोटिस के बाद Meta ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने कहा कि बच्चों का यौन शोषण एक भयानक अपराध है और उसकी किसी भी एप पर ऐसे कंटेंट के लिए कोई जगह नहीं है। Meta ने मंगलवार को एक विस्तृत ब्लॉग जारी कर बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए AI बेस्ड सिस्टम, विज्ञापन का रिव्यू और बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है। Meta ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि कंपनी जानबूझकर बच्चों से जुड़े अनुचित विज्ञापन लोगों को दिखाती है। पिछले साल उसने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल 40 लाख से ज्यादा अकाउंट हटाए थे। कॉकरोच जनता पार्टी का ‘एक्स’ अकाउंट बहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी का ‘एक्स’ अकाउंट बहाल करने का आदेश दिया। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि नीट-यूजी 2026 री-टेस्ट से पहले संभावित अराजकता रोकने के लिए 21 मई को अकाउंट ब्लॉक किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ब्लॉकिंग आदेश रद्द कर दिया। क्रायोजेनिक इंजन का इसरो ने सफल परीक्षण किया, गगनयान में भी होगा इस्तेमाल इसरो ने अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (एलवीएम3) के अगले मिशन के लिए सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में किया गया। परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इंजन उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार है। एलवीएम3 इसरो का सबसे भारी रॉकेट है। इसी रॉकेट से चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और तीन वाणिज्यिक मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किए जा चुके हैं। यही रॉकेट भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान में भी इस्तेमाल किया जाएगा। असली TMC विवाद- चुनाव आयोग ने रितब्रत बनर्जी गुट को 10 जुलाई तक जवाब दाखिल करने कहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) में नेतृत्व को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने रितब्रत बनर्जी गुट को जवाब दाखिल करने के लिए 10 जुलाई तक का समय दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, रितब्रत गुट ने अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का और समय मांगा था, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को 6 जुलाई शाम 5:30 बजे तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने तय समय के भीतर अपना विस्तृत जवाब आयोग को सौंप दिया, जबकि रितब्रत गुट ने समय बढ़ाने की मांग की। BRO फंड घोटाला: CBI ने 3 को गिरफ्तार किया, फर्जी मजदूरों के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी की सीबीआई ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के फंड में गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लद्दाख में तैनात BRO का एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं। तीनों पर फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 26 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। CBI ने बताया कि दर्ज एफआईआर में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर रैंक के कुल 10 अधिकारियों के अलावा कुछ निजी व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। गुजरात हाई कोर्ट का मामला- ‘काजू कतली पर फॉइल नुकसानदेह का प्रमाण नहीं’ गुजरात हाई कोर्ट ने कहा है कि काजू कतली पर लगी एल्युमिनियम फॉयल को सेहत के लिए नुकसानदेह बताने का कोई सबूत रिकॉर्ड पर नहीं है। कोर्ट ने मिठाई दुकान मालिकों को मिलावट के केस में बरी करने के फैसले को सही ठहराया। बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने तथ्यों और कानून को ठीक से नहीं पढ़ा। ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को सजा दी थी, जिसे अपीलीय कोर्ट ने पलटते हुए आरोपियों को बरी कर दिया था। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए अपीलीय कोर्ट का फैसला बरकरार रखा।

भारत से कैलाश पर्वत दर्शन के लिए करना होगा इंतजार:2 माह बाद जारी होंगे परमिट; व्यू पॉइंट पर हर दिन बदलता रहता है मौसम

तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के भारत से दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को अभी करीब दो महीने और इंतजार करना होगा। फिलहाल इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सितंबर के आसपास परमिट शुरू होने पर आदि कैलाश और ओम पर्वत आने वाले श्रद्धालु 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ओल्ड लिपुलेख (ओल्ड लिपुपास) जाकर भारत की सीमा से कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इस वर्ष यात्रा सीजन की शुरुआत में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओल्ड लिपुलेख पहुंचकर कैलाश पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। बाद में खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से सेना ने इस क्षेत्र में आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी थी। प्रशासन और सेना के बीच वार्ता के बाद सीमित संख्या में पर्यटकों को अनुमति दी गई, लेकिन फिलहाल ILP बंद होने से सामान्य श्रद्धालु वहां नहीं जा पा रहे हैं। ओल्ड लिपुलेख 17 हजार फीट ऊंचाई पर ओल्ड लिपुलेख चीन सीमा पर समुद्र तल से करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह हाई एल्टीट्यूड क्षेत्र है, जहां हर दिन मौसम बदलता रहता है। बादल और घना कोहरा छाने पर कैलाश पर्वत दिखाई नहीं देता। ओल्ड लिपुलेख तक सड़क बन चुकी है, लेकिन अंतिम चोटी तक पहुंचने के लिए करीब 300 मीटर पैदल खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। कई बार ऑक्सीजन की कमी और कठिन चढ़ाई के कारण वाहन बीच रास्ते में ही रुक जाते हैं, जिससे यात्रियों को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सभी श्रद्धालुओं को अनुमति देने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और सेना समन्वय बनाकर सभी पात्र श्रद्धालुओं को ओल्ड लिपुलेख तक जाने की अनुमति दे, ताकि सीमांत क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके। पिछले वर्ष आदि कैलाश और ओम पर्वत आने वाले यात्रियों के लिए ओल्ड लिपुलेख से कैलाश दर्शन की व्यवस्था शुरू की गई थी। तब करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने इसका लाभ उठाया था। डीएम आशीष भटगांई ने बताया कि सेना से समन्वय के बाद श्रद्धालुओं को कैलाश दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। फिलहाल इनर लाइन परमिट जारी नहीं हो रहे हैं। परमिट शुरू होने के बाद आदि कैलाश और ओम पर्वत आने वाले श्रद्धालु ओल्ड लिपुलेख से कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इसलिए अहम है यह व्यू पॉइंट ओल्ड लिपुलेख का यह व्यू पॉइंट इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि यहां से श्रद्धालु भारत की सीमा के भीतर रहकर ही तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकते हैं। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है और जैन, बौद्ध तथा बोन धर्म में भी इसका विशेष धार्मिक महत्व है। पारंपरिक कैलाश-मानसरोवर यात्रा में श्रद्धालुओं को तिब्बत जाकर कैलाश पर्वत की परिक्रमा और मानसरोवर झील के दर्शन करने पड़ते हैं। इसके लिए पासपोर्ट, वीजा और लंबी तथा महंगी यात्रा की जरूरत होती है। हालांकि, ओल्ड लिपुलेख से केवल कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं और श्रद्धालु मानसरोवर झील तक नहीं पहुंचते। इसके बावजूद यह व्यू पॉइंट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां से श्रद्धालु बिना चीन गए, भारत की सीमा से ही कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं होगी। आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के साथ कैलाश दर्शन भी संभव हो सकेंगे, जिससे कम समय और कम खर्च में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को शिवधाम के दर्शन का अवसर मिल सकेगा। पहली बार 2023 में हुए थे कैलाश के दर्शन 3 अक्टूबर 2023 को पहली बार भारतीय सीमा से श्रद्धालुओं ने पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन किए थे। पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी स्थित ओल्ड लिपुलेख दर्रे से कैलाश पर्वत स्पष्ट दिखाई दिया था। इससे पहले भारत के श्रद्धालुओं के पास कैलाश दर्शन के लिए तिब्बत जाना ही एकमात्र विकल्प था। तब पहले जत्थे में पांच तीर्थयात्री शामिल थे, जो 2 अक्टूबर को गुंजी कैंप पहुंचे थे। यहां से दर्शन स्थल पहुंचकर कैलाश पर्वत के दर्शन किए, इस दौरान कई श्रद्धालु भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। दरअसल, इससे कुछ महीने पहले उत्तराखंड पर्यटन विभाग, सीमा सड़क संगठन (BRO) और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने इस स्थान की पहचान की थी। इसके बाद उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। ————- ये खबर भी पढ़ें : बारिश ने लगाया आदि कैलाश यात्रा पर ब्रेक: 62 दिनों बाद अब नहीं मिलेंगे परमिट, अब तक 52,441 लोग कर चुके दर्शन पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश और सड़कों पर मलबा गिरने की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट (आईएलपी) जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर की पहल- एक पेड़, एक जिंदगी:हमारे विशेष अंक को गमले में लगाएं; 75 लाख पौधे लगाने के महाभियान का हिस्सा बनें

क्या आपने कभी सोचा है कि किसी अखबार को पढ़ने के बाद गमले में लगा दें और उसमें से एक पौधा उग आए। दैनिक भास्कर हर साल लेकर आता है ऐसा ही एक विशेष अंक, जो अपने साथ बीज लाता है। एक स्पेशल टेक्नोलॉजी के माध्यम से इस अखबार के कागज में बीजों को मिलाया जाता है। अखबार को पढ़ने के बाद इसे किसी गमले या बगीचे की मिट्टी में लगाइए। नियमित रूप से पानी दीजिए और कुछ ही दिनों में यही अखबार एक नए पौधे का रूप लेने लगता है। और जब लाखों लोग मिलकर एक-एक पौधा उगाते हैं तो एक छोटी सी शुरुआत बड़े बदलाव की नींव बन जाती है। इस बदलाव को और मजबूत बनाने के लिए दैनिक भास्कर चला रहा है एक महाभियान, जिसके अंतर्गत 75 लाख पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया है। अभियान से कैसे जुड़ें, पूरी प्रॉसेस जानने के लिए वीडियो देखें…