उदयपुर में तेज बारिश से सड़कें लबालब:लगातार एक घंटे तक हुई बरसात, शादी वाले परिवारों को हुई भारी परेशानी

उदयपुर शहर में शुक्रवार की रात को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। करीब एक घंटे तक चली बारिश से शहर की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वैसे मानसून उदयपुर में आज सुबह एंट्र कर चुका था लेकिन मानसून की तेज बारिश रात में हुई। वहीं आज सुबह से रिमझिम बारिश चल रही है। रात साढ़े आठ बजे से बारिश की शुरूआत हुई और 9 बजे से झमाझम हुई। शहर में आज बड़ी संख्या में शादियां थी और उसमें बारिश से बड़ा खलल पड़ा। इधर, आज मानसून की एंट्री होने पर लोगों में खुशी थी लेकिन दिन भर उमस ने परेशान किया पर मानसून की बारिश नहीं हुई। रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश ने अहसास करा दिया कि मानसून आ गया है। रात को शहर के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई।
न्यू आरटीओ रोड पर भरा पानी शहर के शोभागपुरा से न्यू आरटीओ जाने वाली रोड पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी भर गया। यहीं स्थिति शहर के कई स्थानों पर देखने को मिली जहां जल भराव की समस्या है। शहर में आज कई शादियों के आयोजन थे और रिस्पेशन समारोह में बारिश ने खलल डाली और सारी तैयारियां चौपट हो गई। रात करीब 9 बजे इस कदर बारिश हुई कि शादियों में गाड़ी पार्क कर गार्डन के अंदर लोग नहीं जा सके और छाते भी तेज बारिश के आगे नहीं चले। बारिश रुकने के बाद लोग धीरे-धीरे शादी वाली जगह पहुंचे। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है जिले के ऋषभदेव कस्बे में तेज बारिश का दौर रात दस बजे तक चला। आठ दिन की देरी से हुई मानसून की एंट्री इससे पहले शुक्रवार सुबह उदयपुर में मानसून की एंट्री हुई। आमतौर पर उदयपुर में मानसून 18 से 25 जून के आस-पास प्रवेश करता है, लेकिन इस साल करीब 8 देरी से आया है। 2025 में मानसून की एंट्री 18 जून को हुई थी। इस साल 3 जुलाई को मानसून आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। उदयपुर में मानसून विदाई का समय 15 सितंबर के बाद निर्धारित है।

मंगेतर की हत्या की आरोपी सिया का दूसरा मोबाइल मिला:चेतन से कोडवर्ड में चैटिंग करती थी; दोनों 14 दिन येरवदा जेल में रहेंगे

पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी। वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा। सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी। चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें… कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है। दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है। प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया

पंजाब में जीजा को जिंदा जलाया, VIDEO सामने आया:बीच-बचाव करने आई भाभी भी जलकर मरी; पत्नी को लेने अमृतसर से मायके तरनतारन गया था

तरनतारन में अपनी पत्नी को मायके से ससुराल ले जाने आए पति को उसके ही साले ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसमें व्यक्ति की मौत हो गई। उसे बचाने आई भाभी भी आग की चपेट में आई, जिससे उसकी भी जान चली गई। इतना ही नहीं, इन दोनों को आग के हवाले करने वाला साला भी चपेट में आ गया, जिससे वह भी बुरी तरह झुलस गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। यह दुर्घटना तो पिछले महीने की है, लेकिन पूरे अग्निकांड का अब सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस सीसीटीवी में व्यक्ति के साथ कहासुनी, हाथापाई होती दिख रही है। इसके बाद आग लगने पर पीड़ित इधर-उधर भागते दिख रहे हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 13 जून को हुई वारदात पुलिस के अनुसार, यह मामला तरनतारन के गांव संघा का है। यह वारदात 13 जून को हुई। मृतक की पहचान अमृतसर के गांव लोपोके के निवासी लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है। 13 जून को वह अपनी पत्नी संदीप कौर को मनाकर ससुराल लाने के लिए उसके मायके गांव संघा पहुंचा था। इनकी 9 महीने पहले शादी हुई थी। कुछ दिन बाद ही झगड़ के बाद पत्नी मायके चली आई थी और यहीं रह रही थी। ससुराल पहुंचने पर लवप्रीत सिंह की उसके ससुराल वालों से बहस हुई। पड़ोसी भी मौके पर जमा हो गए। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और लवप्रीत का साला साजन सिंह पेट्रोल की बोतल उठा लाया। उसने वह बोतल अपने जीजा लवप्रीत पर उढ़ेल दी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा इसी दौरान बीच-बचाव करने साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर भी आ गईं, जिससे तेल उनके ऊपर भी गिर गया। इसके बाद गुस्से में साजन सिंह ने लाइटर लगा दिया, जिससे फौरन आग लग गई। थोड़ी देर में दोनों लवप्रीत सिंह और गुरजीत कौर जल गए। साजन सिंह भी आग की चपेट में आ गया, जिससे वह भी झुलस गया। मौके पर मौजूद लोग फौरन लवप्रीत और गुरजीत को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें डॉक्टर ने मृत करार दे दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने लवप्रीत और गुरजीत की हत्या के आरोप में साजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसे भी कुछ दिन अस्पताल में रहना पड़ा। उसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में क्या दिख रहा SHO बोले- आरोपी को जेल भेजा सदर थाने के SHO नवदीप सिंह ने बताया है कि साजन इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसने तेल डालकर अपने जीजा लवप्रीत को आग लगा दी, जिससे वह करीब 92 प्रतिशत तक झुलस गया था। इससे उसकी मौत हो गई। बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज कर साजन को आरोपी बनाया है। उसे दो लोगों की हत्या के केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना में प्रेमी जोड़े की 4 साल की लव स्टोरी, शादीशुदा थे, होटल में गोली मारी
एक मुलाकात, फिर दोस्ती, उसके बाद बेइंतहा मोहब्बत और आखिर में होटल के कमरे में दो लाशें… तरनतारन की दो बच्चों की मां और फिरोजपुर के शादीशुदा युवक की प्रेम कहानी का अंत किसी फिल्मी क्लाइमैक्स से कम नहीं रहा। पढ़ें पूरी खबर…

तानों-वर्चस्व की जंग में गई डकैत जगन की जान:गैंग में दबदबा बनाने के लिए रची साजिश; जानिए 15 मिनट में कैसे हुआ मर्डर

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या महज आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था, बल्कि जेल के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और लगातार मिल रहे तानों का नतीजा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विष्णु जाट अपने गैंग के बीच खुद को बड़ा अपराधी साबित करना चाहता था। दूसरी ओर, 100 से ज्यादा मुकदमों वाला डकैत जगन गुर्जर, विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर लगातार तंज कसता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स (टिप्पणियों) से आहत होकर विष्णु ने जगन की हत्या का प्लान बनाया, फिर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस की पड़ताल में वारदात से लेकर सबूत मिटाने तक की पूरी कहानी अब सिलसिलेवार (मिनट-टू-मिनट) सामने आ गई है। जेल में इस तरह हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या जगन को ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे बंदी पुलिस सूत्रों के अनुसार, विष्णु जाट पहले से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। उसकी गैंग के कई सदस्य भी उसी जेल में बंद हैं। गैंग के साथी अक्सर उसका मजाक उड़ाते थे कि उसके खिलाफ केवल छोटे-मोटे चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और उसने अब तक कोई बड़ा अपराध नहीं किया है। दूसरी तरफ, मार्च 2026 में डकैत जगन गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। 100 से ज्यादा मुकदमों वाले जगन का जेल में अलग ही दबदबा था। बंदी उसे ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे। जांच में सामने आया है कि जगन अक्सर विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स से परेशान होकर विष्णु ने तय कर लिया कि यदि वह जगन जैसे बड़े अपराधी की हत्या कर देगा, तो जेल में उसका भी वर्चस्व स्थापित हो जाएगा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा- मैंने जगन की हत्या कर उसका ‘उद्धार’ किया है। पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस बीच दोनों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया। इसके बाद 27 जून को विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी। ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे। जेल अधीक्षक बोले- टेक्निकल स्टाफ नहीं, कई कैमरे बार-बार खराब होते हैं जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- जेल में सीसीटीवी की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार DOIT को मेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद (नॉन-लाइव) हो जाते हैं। फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की है। शनिवार (आज) को उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे की जांच और रिमांड को लेकर कार्रवाई की जाएगी। ——- ये खबरें भी पढ़िए… 1- डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार, बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवान जेल से कड़ी सुरक्षा में उसे लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर 2- जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। पढ़ें पूरी खबर…

800 रुपए में पार्सल डिलीवरी, चाहे विस्फोटक हो या ड्रग्स:कैमरे पर रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर का अवैध सिस्टम, चेक तक नहीं करते कार्टन के अंदर क्या है?

राजस्थान रोडवेज की बसों में 900 से 1 हजार रुपए लेकर धड़ल्ले से अवैध पार्सल भेजे जा रहे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर पार्सल तक चेक नहीं करते कि इसमें ड्रग्स या हथियार तो नहीं? पटाखे या अन्य विस्फोटक तो नहीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए संकट बन जाए। बड़े-बड़े बोरे और कार्टन तक यात्रियों के सामान के बीच या ड्राइवर के केबिन में रखकर भेजे जा रहे हैं। ये खतरनाक इसलिए है, क्योंकि कई बार इन्हीं पार्सलों के कारण यात्रियों को हादसे के वक्त बस से निकलने की जगह नहीं मिलती। इस खेल का खुलासा करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ग्राहक (कस्टमर) बनकर ड्राइवर से मिला। एक पार्सल में ईंट रखकर टनकपुर (उत्तराखंड) भेजने के लिए कहा। ड्राइवर ने पार्सल भेजने के 800 रुपए लिए। चेक तक नहीं किया कि पार्सल में कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भास्कर रिपोर्टर जयपुर-टनकपुर रूट की बस के ड्राइवर लोकेश यादव से मिला। ड्राइवर ने कहा- किराया सामान देखकर तय होगा। 900 से 1000 रुपए लगेंगे। ड्राइवर के दावे की सच्चाई जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खाली कार्टन लिया। उसमें केवल एक ईंट रखी और पैक कर दिया। ऊपर टनकपुर का पता लिख दिया गया, ताकि वह असली पार्सल जैसा लगे। इसके बाद टीम उसी रोडवेज बस के पास पहुंच गई। (रिपोर्टर ने ड्राइवर को 800 रुपए दे दिए।) चीफ मैनेजर को बुलाया तो ड्राइवर मौके से भाग गया रिपोर्टर ने सिंधी कैंप बस स्टैंड के चीफ मैनेजर राकेश राय को मौके पर बुलाया। चीफ मैनेजर के पहुंचते ही ड्राइवर वहां से निकल गया। बाद में उसे बुलाया गया। बस की जांच हुई तो वही कार्टन ड्राइवर के केबिन में रखा मिला। चीफ मैनेजर ने पूछा तो ड्राइवर ने माना कि पार्सल उसी ने रखा था। अपना बचाव करने के लिए ये भी बोला कि बाद में वह बिल लेकर आ जाता। चीफ मैनेजर राकेश राय ने कहा- पहले बिल होना चाहिए था। बिना बिल सामान नहीं ले जाया जा सकता। सामान ड्राइवर के केबिन में रखा गया था, जबकि वहां सामान रखने की अनुमति नहीं है। मामले की रिपोर्ट संबंधित आगार (सेक्शन) को भेज दी गई है। राजस्थान रोडवेज में लघु (छोटे) पार्सल सेवा के ये हैं नियम ——– ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। पढ़ें पूरी खबर… 2- जयपुर में बिना जांच बसों में रखे जा रहे पार्सल:यात्रियों की जान से खिलवाड़; दौसा अग्निकांड के बाद ग्राउंड पर भास्कर का रियलिटी चेक दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून की देर रात हुए बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। भीषण हादसे के बाद यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

22 जिलों में पहुंचा मानसून, आज पूरे राजस्थान में अलर्ट:जयपुर सहित कई जिलों में 2 इंच तक बारिश; जानें- आगे कैसा रहेगा मौसम

मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। लेट आए मानसून ने आधे राजस्थान को कवर कर लिया है। शुक्रवार को जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। जैसलमेर में देर शाम रेत का बवंडर उठा। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश जयपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले में करीब दो इंच रिकॉर्ड हुई। वहीं, मानसून के सक्रिय होने के बाद जयपुर सहित कई शहरों का दिन का तापमान 35 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… मानसून के बड़े अपडेट्स जयपुर में सड़क धंसी, हॉस्पिटल में पानी भरा: मानसून दस्तक देने के साथ ही जमकर बरसने लगा है। 2 जुलाई को दिन में एंट्री करने वाले मानसून ने देर रात तक पूरा जिला कवर लिया और खूब बरसा। सड़कें लबालब हो गईं, कई कॉलोनियों में पानी भर गया। एक अंडरब्रिज डूब गया। लगातार बरसात के कारण सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पानी भर गया। शहर की टोंक रोड पर 20 फीट का गड्ढा हो गया। कहां-कितनी बारिश हुई?: बांसवाड़ा के घाटोल में 41, केसरपुरा में 36, भूंगड़ा में 25, बीकानेर के बज्जू में 27, जोधपुर के भोपालगढ़ में 22, नागौर में 35, प्रतापगढ़ के अरनोद में 47, धरियावद में 20, टोंक के टोडारायसिंह में 36, उदयपुर के वल्लभनगर में 33 और बारापाल में 20 एमएम बरसात दर्ज हुई। इनके अलावा जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, फलोदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर समेत कई अन्य शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बीकानेर, जैसलमेर में तेज गर्मी, पारा 43 डिग्री: बारिश के बीच भी राजस्थान के कई हिस्सों में दिनभर उमस और गर्मी रही। सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बीकानेर और जैसलमेर में दर्ज हुआ। इसके अलावा बाड़मेर में 42.3, श्रीगंगानगर में 41.5, जोधपुर में 40.8, फतेहपुर में 39, जालोर में 39.2, नागौर में 38 और चूरू में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

आरएसएएचसी की बड़ी चूक:बिना फिजिकल वेरिफिकेशन बना परीक्षा केन्द्र, 1500 क्षमता वाले कॉलेज में 2600 छात्रों को बैठाया

राजस्थान स्टेट एलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल (आरएसएएचसी) की परीक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का फिजिकल वेरिफिकेशन किए बिना केवल चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दे दी गई। इसका खामियाजा 29 जून को आयोजित पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षा में सामने आया, जहां अव्यवस्था मिलने पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इससे 2600 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि करीब 1500 परीक्षार्थियों की क्षमता वाले परीक्षा केन्द्र पर 2600 छात्रों को बैठाया गया। व्यवस्था कम पड़ने पर परीक्षार्थियों को टेंट में बैठाकर परीक्षा करानी पड़ी। बाद में गड़बड़ियां सामने आने पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विरेन्द्र कुमार शर्मा ने स्वीकार किया कि समय कम होने के कारण फिजिकल निरीक्षण नहीं कराया गया और केवल चेकलिस्ट के आधार पर केन्द्र को स्वीकृति दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा केन्द्र की क्षमता, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किए बिना अनुमति देना गंभीर प्रशासनिक चूक है। क्या है मामला; कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में 29 जून को डिप्लोमा इन कैथ लैब टेक्नोलॉजी (डीसीएलटी), डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी (डीडीटी) और डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी (डीईसीजीटी) के प्रथम वर्ष एवं रिमांडेड छात्रों की सैद्धांतिक परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा के दौरान अव्यवस्था मिलने पर इसे रद्द करना पड़ा। जयपुर में इस दिन कुल 11 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। ये हैं बड़ी खामियां
1. पिछले 10 साल से सिर्फ जयपुर ही परीक्षा केन्द्र
काउंसिल पिछले दस वर्षों से पैरामेडिकल कोर्स की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं केवल जयपुर में आयोजित करा रही है। इससे जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बाड़मेर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बीकानेर, चूरू और अलवर सहित अन्य जिलों के छात्रों पर यात्रा, ठहरने और भोजन का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। मौजूदा समय में गायत्री राठौड़ के पास चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विभाग, दोनों के सचिव का दायित्व है। ऐसे में जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने और एसओपी जारी करने की मांग उठ रही है। 2. परीक्षा केन्द्रों और परीक्षकों को नाममात्र का मानदेय
परीक्षा केन्द्रों को प्रति छात्र करीब 12 रुपए और परीक्षकों को 250 रुपए मानदेय दिया जाता है, जिसे विशेषज्ञ अपर्याप्त मानते हैं। 3. काउंसिल का अपना भवन नहीं
आरएसएएचसी वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रही है और अब तक उसका अपना भवन नहीं बन पाया है। हमने कालवाड़ रोड स्थित सेंटर का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने की बजाय चेकलिस्ट के आधार पर परीक्षा केन्द्र की अनुमति दी थी। सरकार को जिला या संभाग स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाने के लिए भी पत्र लिखा है, ताकि प्रदेश के बाहर के छात्रों को अपने गृह जिले या संभाग में परीक्षा देने की सुविधा मिल सके। -डॉ. वीरेन्द्र कुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, आरएसएएचसी

खानपुर: ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक में शिक्षा गुणवत्ता व सुरक्षा पर जोर ​दिया

खानपुर| सीबीईओ कार्यालय में ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक हुई। अध्यक्षता सीबीईओ नाथूलाल वर्मा ने की। बैठक में ब्लॉक की शैक्षणिक रैंकिंग, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन, तथा स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। प्रधानाचार्य दिलीप कारपेंटर ने ब्लॉक रैंकिंग से जुड़ी स्थिति बताई और शैक्षणिक प्रगति व सुधार के बिंदु रखे। प्रधानाचार्य बालचंद नागर ने आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया और उपयोगिता की जानकारी दी। एसीबीओ सियाराम नागर ने जर्जर भवनों और छतों की स्थिति, नालियों की सफाई, स्कूल परिसर और बाहर जलभराव की समस्या पर रिपोर्ट रखी। उन्होंने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नाथूलाल वर्मा ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को समय पर स्कूल पहुंचने, विद्यार्थियों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने, और सुरक्षा मानकों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने ब्लॉक खानपुर की जिले में रैंकिंग सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास करने को कहा। बैठक में 38 पीईईओ और 47 प्रधानाचार्य शामिल हुए। मंच पर शिवचरण जाटव, प्रधानाचार्य खंडी और महेंद्र पाटोदिया, प्रधानाचार्य सूमर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश धाकड़, प्रधानाचार्य करनवास ने किया।

शहर-स्तरीय सांख्यिकीय रिपोर्ट:जयपुर, जोधपुर, कोटा की आर्थिक सेहत का बनेगा रिपोर्ट कार्ड; रोजगार-उद्योग, जनसंख्या जैसे आंकड़ों से बनेंगी विकास योजनाएं

राजस्थान के तीन शहर जयपुर, जोधपुर और कोटा को अब आबादी या भौगोलिक विस्तार से नहीं, बल्कि आर्थिक क्षमता, रोजगार सृजन, महिला उद्यमिता और उद्योग-व्यापार की वास्तविक तस्वीर के आधार पर आंका जाएगा। शहर-स्तरीय सांख्यिकीय रिपोर्ट के तहत इनकी आर्थिक प्रोफाइल तैयार की गई है। इससे सरकार को पहली बार यह स्पष्ट आधार मिलेगा कि किस शहर की अर्थव्यवस्था किन क्षेत्रों पर टिकी है। कहां रोजगार की संभावना अधिक और किन क्षेत्रों में निवेश या सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। बता दें, शहरों के लिए ऐसी यह रिपोर्ट पहली बार तैयार की जा रही है। केंद्रीय राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) 2025 के आंकड़ों का उपयोग कर शहर-स्तरीय आकलन तैयार करने की पहल की है। पहली बार देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले 46 शहरों (जनगणना 2011 के अनुसार जनसंख्या के आधार पर) की एक व्यापक सांख्यिकीय रूपरेखा में आकलन किया गया है। जयपुर में 48.49 हजार प्रतिष्ठानों से 1 लाख को रोजगार रिपोर्ट के अनुसार जयपुर में लगभग 48.49 हजार प्रतिष्ठान और 1.01 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। यहां प्रति प्रतिष्ठान सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) करीब 4.68 लाख रुपए तथा सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक 55 फीसदी है। जोधपुर में प्रति प्रतिष्ठान जीवीए लगभग 3.89 लाख और कोटा में 2.59 लाख रुपए है। तीनों शहरों में सेवा क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों का सबसे बड़ा आधार बनकर उभरा है। सरकार का उद्देश्य शहरों की आर्थिक ताकत और कमजोरियों की पहचान कर विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। अभी अधिकांश सरकारी आंकड़े राज्य या जिला स्तर तक सीमित रहते थे, जिससे शहर-विशेष की चुनौतियों और संभावनाओं का सटीक आकलन कठिन था। नई व्यवस्था इस कमी को दूर करेगी। भविष्य में इन रिपोर्टों के आधार पर यह तय करना आसान होगा कि किस शहर में औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएं, कहां व्यापारिक अधोसंरचना बढ़ाई जाए, किस क्षेत्र में कौशल विकास कार्यक्रम चलें और किन शहरों में महिला उद्यमिता को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाए। इससे सरकारी निवेश और बजट का उपयोग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। रिपोर्ट कार्ड से यह फायदा होगा सरकार क्या चाहती है? पहली बार विकास के लिए आर्थिक संकेतकों को पैमाना बनाना बेहतर है। दूसरे शहरों की योजनाएं भी इसी आधार पर बने। -एनके जैन, अध्यक्ष, एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई:2.07 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी में CBI का एक्शन, राजस्थान-ओडिशा से 3 गिरफ्तार

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड सरकारी अधिकारी से 2.07 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में सीबीआई ने राजस्थान और ओडिशा में कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने राजस्थान के नागौर और ओडिशा के बालेश्वर सहित सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर की गई। सीबीआई ने इस संबंध में 25 मार्च 2026 को केस दर्ज किया था। सीबीआई के अनुसार ठगों ने एक सेवानिवृत्त लोक सेवक को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर धमकाया। आरोपियों ने उन्हें फर्जी कार्रवाई में फंसाने की बात कहकर कुल 2.07 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सबसे पहले एक ट्रस्ट के नाम से खोले गए बैंक खाते में जमा करवाई गई। इसके बाद रकम को ठिकाने लगाने के लिए कई अन्य बैंक खातों में लेयरिंग कर ट्रांसफर किया गया। नागौर से एक, बालेश्वर से दो आरोपियों को पकड़ा सीबीआई ने 30 जून 2026 को राजस्थान और ओडिशा में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान राजस्थान के नागौर से एक आरोपी और ओडिशा के बालेश्वर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से संदिग्ध दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं। सीबीआई इनकी जांच कर रही है। सीबीआई ने चेताया- डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं
सीबीआई ने लोगों को चेताया है कि कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी या रेगुलेटरी अथॉरिटी फोन या वीडियो कॉल पर इस तरह की कार्रवाई नहीं करती। एजेंसी ने अपील की है कि फर्जी निवेश योजनाओं, पुलिस या जांच अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल और डिजिटल अरेस्ट की धमकियों से डरकर पैसा ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।