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कोटा में 2 दिन बाद फिर एक्टिव होगा मानसून:एक घंटा बारिश के बाद भी गर्मी और उमस से राहत नहीं मिली, आज तेज धूप रही

कोटा और हाड़ौती अंचल में मौसम लगातार बदल रहा है। शुक्रवार को लंबे इंतजार के बाद हुई तेज बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी थी। वहीं, शनिवार सुबह से ही मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली। तेज धूप और हवा में नमी के कारण पूरा शहर उमस की चपेट में है। इससे लोग पसीने से तर-बतर हो रहे है। वहीं, 21 जुलाई से मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेजी से बढ़ेंगी। शुक्रवार को कोटा शहर समेत ग्रामीण इलाकों में करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश दर्ज की गई थी। इससे एक बार तो मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। लेकिन बारिश का यह दौर लंबा नहीं खिंचा। कोटा में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री रहा। गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी शुक्रवार को कुल 16.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार की बारिश के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि तापमान में गिरावट आएगी। लेकिन शनिवार सुबह से ही शहर में तेज धूप खिली हुई है। हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस का स्तर काफी बढ़ गया है। इससे राहगीर और बाजार आने वाले लोग पसीने से तर-बतर नजर आ रहे हैं। फसलों को मिली संजीवनी, लेकिन कुछ इलाके अब भी सूखे शुक्रवार को कोटा के साथ-साथ कैथून और खेड़ारामपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश पिछले कई दिनों से सूख रही उड़द, सोयाबीन और धान की फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही। हालांकि, भांडाहेड़ा और चारचौमा जैसे क्षेत्र कल भी सूखे रह गए, जहां किसान आज फिर चिलचिलाती धूप के बीच आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। क्यों बदला मौसम और कब मिलेगी राहत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) इस समय पश्चिम बंगाल और झारखंड के पास सक्रिय है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन भी उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है। आगामी 21 जुलाई से कोटा संभाग में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेजी से बढ़ेंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि कोटावासियों को इस मौजूदा धूप और उमस से जल्द ही बड़ी राहत मिलेगी। मौसम केंद्र के अनुसार मानसून का सिस्टम अभी पूरी तरह सक्रिय है।

गड्ढे में डूबे चचेरे-भाइयों की मौत, परिजन धरने पर बैठे:आर्थिक मुआवजा, नौकरी समेत विभिन्न मांगों पर अड़े

अवैध खनन से बने गड्ढों में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत के बाद आक्रोशित परिजन बाड़मेर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। आर्थिक मुआवजा व नौकरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन शनिवार को धरना जारी जारी है। शनिवार को बड़ी संख्या में समाज व जनप्रतिनिधि और नेता पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अवैध खनन से जो गड्ढे हुए है एक दो दिन में हुए नहीं है कई साल लगे। इसके बावजूद प्रशासन सो रहा है। इधर पुलिस व प्रशासन लगातार परिजनों और समाज के लोगों से समझाइश करने का प्रयास कर रहा है। परिजनों का आरोप: लीज छोड़ दूसरी जगह की खुदाई जनप्रतिनिधि उदाराम मेघवाल ने बताया- दरूड़ा के अंदर अवैध खनन कर गड्ढे खोदे गए थे। इसमें दो युवकों की जान जाना यह प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। क्रेशर मालिका ने जहां पर लीज ली है वहां पर खुदाई नहीं करके अवैध तरीके से खुदाई की है। प्रशासन को इसको लेकर संज्ञान में लेना चाहिए। शनिवार को धरना स्थल पर पूर्व विधायक मेवाराम जैन, कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा, आजादसिंह, रिड़मलसिंह दांता, भाजपा नेता लक्ष्मण बडेरा, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद है। घर से आधा किलोमीटर दूर हुआ हादसा मृतक के चाचा सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव निवासी देवराम (18) पुत्र किशनाराम, उसका चचेरा भाई किरताराम (20) पुत्र गणेशकुमार और गांव का ही एक अन्य युवक प्रवीण किसी से मिलने के लिए घर से निकले थे। घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित स्टोन क्रेशर के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे हैं। वहां से गुजरने के दौरान देवराम का पैर फिसल गया और वह गड्ढे में गिर गया। उसे बचाने के लिए किरताराम ने भी छलांग लगा दी, लेकिन वह भी डूब गया। दोनों को डूबता देख प्रवीण ने परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद जसाई से आर्मी को बुलाया गया। अवैध खनन से बने हैं 50–100 फीट गहरे गड्ढे सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव में करीब 20–30 स्टोन क्रेशर संचालित हैं। क्रेशर संचालकों ने अवैध खनन कर जगह-जगह 50–100 फीट गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इनमें पानी भरा रहता है। गांव जाने का रास्ता भी इन गड्ढों के पास से होकर गुजरता है, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। यह है प्रमुख मांगे पढ़े इससे जुड़ी खबर…. अवैध-खनन से बने गड्ढे में डूबने से चचेरे-भाइयों की मौत:एक का पैर फिसला तो दूसरा बचाने बचाने कूदा था, एक घंटे बाद निकाले जा सके शव बाड़मेर में अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे में पैर फिसलने से एक भाई गिर गया, उसे डूबता देख दूसरा भाई बचाने कूदा। मौके पर मौजूद तीसरे साथी ने शोर मचाया, लेकिन तब तक दोनों चचेरे भाई डूब चुके थे। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सेना को सूचना दी। एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों चचेरे भाइयों को बाहर निकाला जा सका। उन्हें जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। (पढ़े पूरी खबर)

सागवाड़ा में बिजली कर्मचारी पर पोल शिफ्टिंग के दौरान हमला:लकड़ी और डंडे से मारपीट, राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के सेलोता गांव में बिजली निगम के एक लाइनमैन पर सरकारी कार्य के दौरान हमला किया गया। पोल शिफ्टिंग का काम कर रहे लाइनमैन ओमप्रकाश मीणा के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई, जिससे सरकारी काम में बाधा उत्पन्न हुई। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लाइनमैन ओमप्रकाश मीणा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सहायक अभियंता के निर्देश पर उन्हें सेलोता में नवीन पाटीदार के घर के पास बिजली का पोल शिफ्ट करने का आदेश मिला था। जब ओमप्रकाश अपनी टीम कैलाश, दिनेश, रोहित और पुष्पेंद्र के साथ मौके पर पहुंचे और पोल शिफ्टिंग का कार्य शुरू किया। इसी दौरान नवीन पाटीदार, केबलजी पाटीदार, रीता केबल और हंतोक पाटीदार वहां आ गए। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए सरकारी काम रोकने की धमकी दी। जब ओमप्रकाश ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का काम है, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार रीता पाटीदार ने लकड़ी और डंडे से ओमप्रकाश के साथ मारपीट की, जबकि अन्य आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस हमले में ओमप्रकाश के शरीर, गाल, हाथ और पैर पर चोटें आईं। हमले और विरोध के चलते पोल शिफ्टिंग का कार्य पूरा नहीं हो सका। पीड़ित ने घटना की सूचना तुरंत सहायक अभियंता को फोन पर दी। बाद में, उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट और वीडियो सबूतों के साथ उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। अधिकारियों के निर्देश पर पीड़ित ने सागवाड़ा थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

सड़क पर तड़पते युवक की CMHO ने ड्रेसिंग की:हादसा देख गाड़ी रुकवाई, एम्बुलेंस बुला कर अस्पताल पहुंचाया

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने घाटोल रोड पर देवदा के पास एक सड़क हादसे में तड़प रहे घायल युवक को अस्पताल भी भिजवाया। ​CMHO डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ शनिवार सुबह विभागीय निरीक्षण के लिए घाटोल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान देवदा के समीप उन्हें सड़क पर एक दुर्घटनाग्रस्त बाइक और पास ही लहूलुहान हालत में दर्द से तड़पता हुआ एक युवक दिखाई दिया। डॉ. राठौड़ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई। राठौड़ ने बताया कि वे अपनी गाड़ी में हमेशा एक ‘फर्स्ट-एड किट’ (प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स) साथ रखते हैं। आज जब युवक को तड़पता देखा, तो एक डॉक्टर होने के नाते मेरा पहला कर्तव्य उसकी जान बचाना था। आज यही सजगता किसी की जिंदगी बचाने में काम आई। ​मौके पर की ड्रेसिंग, 108 बुलाकर पहुंचाया CHC ​CMHO ने सड़क पर ही बैठकर घायल युवक के घावों को साफ किया और उसकी प्रॉपर ड्रेसिंग की, जिससे बहता हुआ खून रुक गया और युवक को काफी राहत मिली। मौके पर प्राथमिक उपचार देने के साथ ही उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल किया। एम्बुलेंस के आते ही डॉ. राठौड़ ने युवक को त्वरित और बेहतर इलाज के लिए घाटोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भिजवाया। युवक के बाएं पैर में दो जगह फ्रेक्चर हुआ है। तस्वीरों में देखिए मौके पर क्या हुआ…

नोटों की गड्डी का लालच देकर सोने की अंगूठी ली:जरूरतमंद को खाना खिलाने का बहाना बनाकर फरार हो गए बदमाश

अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग (76) के साथ ठगी का मामला सामने आया है। शातिर बदमाश नकली नोटों की गड्डी का लालच देकर करीब 10 ग्राम सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भैरू मंदिर के पास नगरा निवासी ओमप्रकाश वर्मा ने बताया- 17 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे नगरा सब्जी मंडी में सब्जी खरीद रहे थे। इस दौरान दो अज्ञात युवक पास आए। एक युवक ने हाथ में 500 के नोटों की गड्डी थमाई, जबकि दूसरे ने एक जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराने का बहाना बनाकर उंगली से 10 ग्राम सोने की अंगूठी उतरवा ली। अंगूठी लेकर फरार हुए आरोपियों ने कहा- 10 मिनट में नगरा मंदिर से लौटकर अंगूठी वापस कर देंगे, लेकिन दोनों मौके से फरार हो गए। काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। उसने नोटों की गड्डी देखी तो उसके नीचे दो पत्थर रखे हुए थे। नोट भी नकली निकले। इसके बाद उन्होंने अलवर गेट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। ……….. पढें ये खबर भी…. पुष्कर मेले में पहली बार महिलाएं दौड़ाएंगी बैलगाड़ी:अरावली की तलहटी में 60KM होगी घुड़सवारी, ट्रिक राइडिंग भी होगी पुष्कर पशु मेले में पहली बार अरावली की तलहटी में एंड्योरेंस राइडिंग (एक लंबी दूरी की घुड़सवारी) होगी। इसमें घोड़े और राइडर 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे, जिसमें 20-20 किलोमीटर के तीन लूप होंगे। हर 20 किलोमीटर पर घोड़ों की हार्ट बीट, डिहाइड्रेशन और फिटनेस की जांच की जाएगी। राइडर का भी स्टेमिना देखा जाएगा। मेडिकल अनफिट होने पर घोड़े को राइडिंग से बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा रेवाल चाल (घोड़ों की एक विशेष चाल) और महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड भी पर्यटकों व टूरिस्ट को आकर्षित करेगी। पशुपालन विभाग की ओर से गाय और ऊंटों को लेकर हर साल की तरह इस साल भी कई प्रतियोगिताएं होंगी। पूरी खबर पढें

600 से अधिक छात्राओं को मिला आत्मरक्षा का प्रशिक्षण:सीखी गई बातों को नियमित अभ्यास के माध्यम से जीवन में अपनाने की अपील

भारत विकास परिषद, झालारानी शाखा द्वारा आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक निजी स्कूल में समापन हो गया। इस शिविर में कुल 600 से अधिक बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह के अवसर पर शाखा अध्यक्ष अर्चना मालपानी ने स्कूल की प्राचार्या, उप-प्राचार्या, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और भारत विकास परिषद के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सभी के सहयोग से यह प्रशिक्षण शिविर अत्यंत सफल रहा, जिससे छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास और साहस का भी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मिला। अपने संबोधन में अर्चना मालपानी ने छात्राओं से कहा कि हर दिन सीखने का अवसर देता है और निरंतर सीखने वाला ही जीवन में आगे बढ़ता है। उन्होंने आत्मरक्षा प्रशिक्षण को केवल एक कौशल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और आत्मसम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी बालिकाओं से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को नियमित अभ्यास के माध्यम से अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सहायता के लिए भी तैयार रहें। कार्यक्रम के दौरान, भारत विकास परिषद झालारानी शाखा की ओर से ट्रेनर कृष्णा वर्मा को मोमेंटो और सर्टिफिकेट भेंट किया गया। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने शाखा अध्यक्ष अर्चना मालपानी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। अंत में, स्कूल परिवार और भारत विकास परिषद के सभी पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाली छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शाखा सदस्य सचिव चेतना गर्ग, कोषाध्यक्ष सुमन खंडेलवाल, मधु अग्रवाल, एडवोकेट शशि अग्रवाल, स्नेहा खंडेलवाल, निधि खंडेलवाल, इशा नौलखा, ममता गुप्ता, रीना अग्रवाल, रानी माहेश्वरी और मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि गुप्ता सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

शिक्षकों के तबादलों पर बीएपी का अल्टीमेटम:कहा- आदेश रद्द नहीं हुए तो स्कूलों पर लगेंगे ताले

डूंगरपुर जिले में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने अनुसूचित क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के तबादलों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष और मनमाने तरीके से हुए तबादलों से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बीएपी ने तबादला आदेश तत्काल रद्द कर शिक्षकों को यथावत रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर सड़क से लेकर स्कूलों तक आंदोलन किया जाएगा और स्कूलों पर ताले लगाए जाएंगे। राजनीतिक द्वेष में तबादलों का आरोप बीएपी जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत ने कहा कि सरकार ने बिना पर्याप्त कारणों के शिक्षकों के स्थानांतरण किए हैं। विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्र के विद्यालयों में हुए तबादलों को उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम बताया। उनका कहना है कि इससे कई स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हुआ है और छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। महिला और दिव्यांग शिक्षकों की परेशानियां बढ़ीं रोत ने आरोप लगाया कि महिला और दिव्यांग शिक्षकों के भी तबादले किए गए हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों के विरोध में छात्र और अभिभावक भी सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार को मनमाने तबादलों के बजाय शिकायतों के समाधान और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। आंदोलन की चेतावनी, सरकार को अल्टीमेटम बीएपी ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तबादला आदेश जल्द वापस नहीं लिए गए और शिक्षकों को पूर्ववत नहीं रखा गया तो पार्टी सड़क से लेकर स्कूलों तक व्यापक आंदोलन करेगी। रोत ने कहा कि समय रहते फैसला नहीं लिया गया तो स्कूलों पर ताले लगाए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। स्कूल भवनों की सुरक्षा पर भी उठाए सवाल बीएपी के सामान्य वर्ग प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चुण्डावत ने झालावाड़ हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यालयों की मरम्मत और सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपए का बजट स्वीकृत होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्य नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल लीपापोती कर बजट खर्च दिखाया गया। बारिश के मौसम को देखते हुए उन्होंने सरकार से स्कूल भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इस दौरान राष्ट्रीय सदस्य दिनेश रोत, अरविंद रोत सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

मामा-भांजे का असिस्टेंट प्रोफेसर में एक साथ चयन:नैनवां के कैलाश और रामसहाय ने अभावों के बीच पढ़ाई कर सफलता अर्जित की

बूंदी जिले के नैनवां क्षेत्र से स्वामी विवेकानंद सरकारी मॉडल स्कूल, नैनवां में शारीरिक शिक्षा व्याख्याता कैलाश चीता और उनके भांजे रामसहाय मीणा का राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर शारीरिक शिक्षा भर्ती में एक साथ चयन हुआ है। कैलाश चीता मूल रूप से मीणा भजनेरी के पास स्थित चितों की झोपड़िया गांव के निवासी हैं। उन्होंने बचपन से ही गरीबी का सामना किया, लेकिन शिक्षा और खेल के प्रति उनकी लगन ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कैलाश ने पहले तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के रूप में झालावाड़ और द्वितीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के रूप में अजमेर में सेवाएं दीं। वर्तमान में वे नैनवां के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में कार्यरत हैं। सरकारी सेवा में आने से पूर्व कैलाश चीता ने नैनवां के भगवान आदिनाथ जय राज मारवाड़ा महाविद्यालय में दो वर्ष, राजकीय महाविद्यालय बूंदी में चार वर्ष (2009 से 2013 तक) और कोटा विश्वविद्यालय, कोटा में भी अपनी सेवाएं दीं। उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने राज्य, राष्ट्रीय और अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तर पर पहचान बनाई। उनके कई शिष्य आज विभिन्न राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। कैलाश चीता के भांजे डेलपुरा निवासी रामसहाय मीणा का भी असिस्टेंट प्रोफेसर शारीरिक शिक्षा पद पर चयन हुआ है। रामसहाय वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल मोहम्मदगढ़, जिला टोंक में शारीरिक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी धर्मपत्नी भी गवर्नमेंट उच्च माध्यमिक स्कूल बोसरिया, जिला टोंक में शारीरिक शिक्षिका हैं। मामा-भांजे दोनों की खेलों में बचपन से ही गहरी रुचि थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देई से साथ में शुरू की, जिसके बाद बूंदी कॉलेज और कोटा विश्वविद्यालय में भी एक साथ अध्ययन किया। दोनों ने एक साथ सरकारी सेवा में प्रवेश किया और अब एक साथ असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित हुए हैं।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैद:सरपंच का चुनाव हारने के बाद भांजे का किया था मर्डर; मूंछों पर ताव देते हुए कोर्ट से निकले दोषी

अलवर में सरपंच चुनाव की रंजिश में अवतार सिंह की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र (डीजे) कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साल 2016 में हुए सरपंच चुनाव में मिली हार के बाद हुई रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया था। शनिवार को सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषी कोर्ट परिसर से मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले, जिसका वीडियो भी सामने आया है। आरोपी पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह रिश्ते में अवतार सिंह का मामा लगता है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने 22 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ये फैसला सुनाया है। पहले देखिए, मामले से जुड़ी 3 PHOTO’S सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर किया था हमला अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह चौहान और अजय मोहन मुखिजा ने बताया कि 10 जून 2016 की शाम करीब 6:30 बजे नौगावां थाना क्षेत्र के पाटा गांव में सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर अवतार सिंह और उनके परिजनों पर हथौड़े, तलवार, चाकू, लोहे के पाइप, हॉकी और लाठियों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने नौगावां थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया और सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 10 साल 18 दिन बाद मिला न्याय फैसले के बाद मृतक के बेटे अजयपाल ने कहा कि आज अदालत के फैसले से उनके परिवार को 10 साल 18 दिन बाद न्याय मिला है। उन्होंने बताया कि उनके पिता अवतार सिंह, इंद्रजीत सिंह के रिश्तेदार (भांजे) थे। उस समय गांव पाटा में सरपंच चुनाव को लेकर दोनों पक्ष अलग-अलग प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे। जिस प्रत्याशी का समर्थन उनके पिता कर रहे थे, उसके चुनाव जीतने के बाद आरोपियों ने चुनावी रंजिश में हमला कर उनके पिता की हत्या कर दी।

मंत्री बेढम बोले- बच्चों से सेप्टिक टैंक साफ करवाना शर्मनाक:बच्चे पढ़ने आते हैं, ऐसे काम करवाना गलत; 1 बच्ची की हुई थी मौत

डीग जिले गोपालगढ़ स्थित मीलखेड़ा मदरसा में सेप्टिक टैंक साफ करते समय एक दीवार ढह गई। मलबे में गिरने 1 बच्ची की मौत हो गई वहीं 12 लड़कियां घायल हो गई। घटना को लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा- यह बहुत शर्मनाक घटना है। पढ़ाई के लिए आने वाले बच्चों से इस तरह के काम करवाए जाते हैं। जो भी इस हादसे के पीछे है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि कल डीग जिले के मीलखेड़ा में हादसा हुआ। सूचना पर तुरंत पुलिस के अधिकारी पहुंचे थे। जिसके बाद स्थिति को संभाला। ऐसे प्रतिष्ठानों के संचालकों को विचार करना चाहिए कि बच्चों से ऐसी जगह काम करवाना चाहिए। जिसने भी बच्चों को ऐसे काम पर लगाया वह बहुत शर्मनाक घटना है। बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं। पढ़ाई के लिए आने वालों बच्चों से इस तरह के काम करवाना बहुत गलत है। जिला कलेक्टर पूरे मामले पर निगरानी रखे हैं। बच्चों से ऐसे काम करवाना शर्मनाक जवाहर सिंह बेढम ने कहा कल रात ही पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हमारी प्राथमिकता है कि बच्चे सुरक्षित रहें। सरकार इस घटना को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया है। इस तरह से बच्चों से काम करवाना शर्मनाक है। हरियाणा की रहने वाली एक लड़की की हुई मौत दरसल गोपालगढ़ स्थित मीलखेड़ा मदरसा में कल एक दर्दनाक हादसा हुआ। मदरसा प्रशासन द्बारा करीब 13 लड़कियों से सेप्टिक टैंक साफ करवाया जा रहा था। लड़कियां टैंक में उतरकर मलबा निकाल रहीं थी। इस दौरान टैंक की दीवार गिर गई। घटना में रोहिन निवासी फिरोजपुर हरियाणा की मौत हो गई और, 12 लड़कियां घायल हो गई। 10 दिन पहले भी करवाया सीवर टैंक साफ सभी घायल लड़कियों को इलाज के लिए अलवर रेफर किया गया था। सेप्टिक टैंक के अंदर 30 फुट लंबा, 8 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरी दीवार बनी हुई थी। सीवर को 10 दिन पहले साफ करवाया गया था लेकिन, सीवर टैंक में कुछ मलबा जमा था। इसलिए मदरसा प्रशासन लड़कियों से जमा हुआ मलबा साफ करवा रहा था। 4 लोगों के खिलाफ हुई FIR घटना के बाद मदरसा प्रशासन मोहम्मद अरशद, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद असजद और रिजवाना के नाम FIR दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच जुट गई है। एसपी शरण कांबले का कहना है कि घटना के पीछे जो भी मदरसा के लोग हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।