नागौर के खींवसर में आज 5 घंटे बिजली कटौती:सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक सप्लाई रहेगी बंद, पोल शिफ्टिंग का काम होगा

नागौर जिले के खींवसर में सीसी सड़क निर्माण कार्य के चलते बीच में आ रहे बिजली पोलों को हटाने और नए स्थान पर शिफ्ट करने के लिए गुरुवार को करीब 5 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक शहर के कई इलाकों में विद्युत सप्लाई बाधित रहेगी। एवीवीएनएल के सहायक अभियंता जयदीप सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए बिजली पोल बदले जाएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से कार्य के दौरान संबंधित फीडर की बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। बिजली कटौती के कारण उपखंड कार्यालय, तहसील कार्यालय, पंचायत समिति कार्यालय, जिला अस्पताल सहित आसपास के कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। यदि तकनीकी कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है तो बिजली आपूर्ति निर्धारित समय से पहले भी बहाल की जा सकती है।

राजेंद्र राठौड़ ने शेविंग कराते हुए की सुनवाई:मंत्री झाबर सिंह के स्वागत में 'समस्या वाला पोस्टर'; स्कूल की छत पर चढ़े DEO साहब

नमस्कार बारां में नगरीय विकास मंत्रीजी के स्वागत में अनोखे पोस्टर लग गए। भाजपा के ऐसे सीनियर नेता, जिनके पास पद तो कोई नहीं, लेकिन फुरसत चैन से दाढ़ी बनवाने की नहीं। जयपुर में सरकारी स्कूलों की छतें चेक हो रही हैं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. टूटी सड़कों पर मंत्रीजी का ‘स्वागत’ बरसात में सड़कें टूटती ही हैं। इसमें शिकायत क्या करना? लेकिन लोगों को लगता है कि शिकायत करना हमारा अधिकार है। बारां में सड़कें टूटी हैं। सड़कों में गड्‌ढे हैं। गड्‌ढों में पानी भर जाता है। दुपहिया वाले गिर पड़ते हैं। पानी उछलने से कपड़े गंदे हो जाते हैं। टूटी सड़कें रोजगार को बढ़ावा देती हैं। सड़क टूटेगी तो बेकार बैठे ठेकेदार को काम मिलेगा। मजदूरों को काम मिलेगा। गाड़ी खराब होगी तो टायर बिकेंगे, मैकेनिकों को काम मिलेगा। मोटर पाट्‌र्स बनाने वाली कंपनियों में मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ेगी। कपड़े खराब होंगे तो साबुन-डिटर्जेंट बनाने वाली कंपनियों को काम मिलेगा। जूते-चप्पल बनाने वाले फैक्ट्रियों के मजदूरों को काम मिलेगा। रोजगार के इतने अवसरों के बाद भी बारां में कुछ लोगों ने नगरीय विकास मंत्री जी के आने पर चौराहे पर पोस्टर टांग दिया। पोस्टर पर लिखा था- मंत्रीजी का बारां की सड़कों पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सड़कें बदहाल हैं। जनता बेहाल है। बदहाल सड़कों से कब मिलेगी निजात? पूछता है बारां। हालांकि यह इबारत लिखने में हिंदी की वर्तनी उतनी ही अशुद्ध थी, जितनी सुजानगढ़ वाले SDM साहब की। मंत्रीजी को बुरा तो लगा होगा। उन्होंने अपने गांव में लोगों के स्वागत के लिए कालीन बिछा दी थी। लोग हैं कि पोस्टर बिछा रहे हैं। खैर, नगरीय विकास का काम जीवन-मृत्यु के चक्र जैसा है। सड़क बनेगी तो टूटेगी, टूटेगी तो बनेगी। यही चक्र चलता रहेगा। बारां वाले छोटे-मोटे गड्‌ढों पर रो रहे हैं। यहां राजधानी की सड़कों में से सुरंगें निकल रही हैं। लेकिन कोई चूं तक नहीं करता। सड़क का तो पता नहीं लेकिन दिल को तसल्ली देने के लिए मंत्रीजी ने अपने सोशल मीडिया पर जोरदार रील डाल रखी है। स्लोमोशन वीडियो के साथ जानी-पहचानी आवाज आती है- सफर में धूप तो होगी। जो चल सको तो चलो। इसी में आगे जोड़ा जा सकता है- सड़क में गड्‌ढे तो होंगे, जो संभल सको तो चलो। 2. शेविंग के साथ जनसुनवाई राजेंद्र राठौड़ साहब ने एक मामले में इंपीरियल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डॉ. वीरू सहस्रबुद्धे को भी पछाड़ दिया। हम उन सहस्रबुद्धे की बात कर रहे हैं जो ‘थ्री इडियट’ फिल्म में प्रोफेसर थे। समय का सदुपयोग करने के लिए सहस्रबुद्धे अपने चेंबर में संगीत सुनते हुए दो घड़ी आराम करते हैं और इसी दौरान हजामत बनवाते हैं। दोनों हाथों से लिखने में दक्ष सहस्रबुद्धे तक शेविंग कराते वक्त सोफे पर पसर जाया करते थे और सभी एक्टिविटीज बंद कर दिया करते थे। लेकिन राठौड़ साहब रेस में आगे निकल गए। उनके पास तो पार्टी-संगठन में कोई विशिष्ठ पद या कार्यभार भी नहीं। इसके बावजूद उन्हें इतनी फुरसत भी नहीं कि दो-चार मिनट का वक्त निकालकर दाढ़ी बनवा लें। उनका एक वीडियो सामने आया जिसमें वे कुर्सी पर बैठे जनसुनवाई कर रहे हैं। साथ ही शेविंग भी हो रही है। समस्या सुनाई जा रही है और उसी अवस्था में सुनी भी जा रही है। राजू भैया से बाबोसा तक के सफर के पीछे राठौड़ साहब की यही मेहनत और लगन नजर आती है। बिना पद इतना सब कुछ कर रहे हैं। पद मिलने के बाद तो… 3. चलते-चलते.. क्या समय आ गया है? घोर कलयुग। जो अफसर AC दफ्तरों में बैठने के आदी रहे, उन्हें नसैनी लगाकर छतों पर चढ़ाया जा रहा है। DEO का काम क्या अब सरकारी स्कूल की छतों पर चढ़कर ये देखने का है कि मोरा (नाला) जाम तो नहीं है। ये कैसा सेफ्टी ऑडिट? दरअसल सरकारी आदेश था कि हर सरकारी स्कूल का सेफ्टी ऑटिड किया जाए। स्कूल की हालत क्या है? जर्जर तो नहीं, गिरने की हालत में तो नहीं? आदेश में साफ लिखा था कि शिक्षा अधिकारी खुद जाकर स्कूलों की हालत देखें। छतों पर पानी तो नहीं भरा है। दीवारों में तरेड़ें तो नहीं पड़ी हैं। करंट तो नहीं दौड़ रहा? पलस्तर गिरने की अवस्था में तो नहीं है? 7 जुलाई तक ऑडिट करना था। ऐसे में जयपुर में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अपनी टीम लेकर लेकर निकले और सरकारी स्कूलों की छतें नाप ली। अधिकारी भी धन्यवाद के पात्र हैं, जो अपनी जगह किसी और को नहीं चढ़ाया। खुद चढ़े और हालात अपनी आंखों से देखे। तभी लापरवाही बरतने वाले दो स्कूलों को नोटिस दे पाए। बात नौनिहालों के जीवन की है। अधिकारी अपने फर्ज की सीढ़ी चढ़ेंगे तो बच्चे भी सुरक्षित माहौल में पढ़ेंगे। इनपुट सहयोग- शुभम निमोदिया (बारां), नरेश भाटी (चूरू)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

CCTV फुटेज से पकड़ी LDC भर्ती परीक्षा की नकल:रिलीवर ने महिला अभ्यर्थी से लिया था पेपर, पढ़िए- 7 मिनट की रिकॉर्डिंग से कैसे खुला राज

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) की लिपिक ग्रेड द्वितीय (LDC) भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में सीसीटीवी फुटेज से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई धांधली एग्जाम रूम में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। जांच में सामने आया कि एक रिलीवर ने महिला अभ्यर्थी का पेपर करीब 6 से 7 मिनट तक अपने पास रखा। इसी फुटेज के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा ने कोतवाली थाना पुलिस को लिखित रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद केंद्र अधीक्षक, दो वीक्षक, एक रिलीवर और एक अभ्यर्थी सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस ने सरकारी स्कूल के हेडमास्टर उम्मेदसिंह, टीचर जालम सिंह, एग्जामिनर (वीक्षक), भीमसिंह, रिलीवर पदमसिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर को हिरासत में लिया है। अब 2 पॉइंट्स में पढ़िए… 5 जुलाई का घटनाक्रम CCTV में कैद हुई 7 मिनट की पूरी कहानी
जांच समिति ने जब रूम नंबर-10 की CCTV फुटेज देखी तो कथित नकल का पूरा घटनाक्रम सामने आ गया। फुटेज में रिलीवर पदम सिंह महिला अभ्यर्थी मनु कंवर के पास जाकर उसका प्रश्नपत्र लेता दिखाई देता है। आरोप है कि प्रश्नपत्र करीब 6 से 7 मिनट तक उसके पास रहा और बाद में वापस अभ्यर्थी को सौंप दिया गया। जांच अधिकारियों का मानना है कि इसी दौरान परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई और अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। जिला अधिकारी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज
जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) महेश कुमार बिस्सा ने कोतवाली पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है, जिसमें पुलिस ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 की धारा 3/10 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। सांसद बोले- एसआईटी करें जांच
घटना सामने आने के बाद सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर मामले की जांच के लिए सीएम से स्पेशल टास्क फोर्स के गठन की मांग की है। उन्होंने कहा भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ये खबर भी पढ़िए… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। पूरी खबर पढ़िए LDC एग्जाम में महिला अभ्यर्थी को कराई नकल:कमरे से बाहर भेज दिया था पेपर; हेडमास्टर, टीचर समेत 5 को पकड़ा जैसलमेर में 5 जुलाई को हुई LDC (ग्रेड सेकेंड) भर्ती परीक्षा में नकल कराने का मामला सामने आया है। बुधवार को शहर कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ है। पूरी खबर पढ़िए

आज भी राजस्थान में तेज बारिश का यलो-ऑरेंज अलर्ट:उदयपुर, अलवर में भारी बरसात, कई जिलों मं 3 इंच पानी बरसा; कल से बदलेगा मौसम

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तेज बारिश हुई। भरतपुर और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में तीन इंच तक पानी बरसा। अलवर, करौली, चित्तौड़गढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया। उदयपुर और सिरोही में भी देर शाम कई जगह भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश में 10 जुलाई तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को भरतपुर, धौलपुर, बारां, झालावाड़ में ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालोर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट है। 11 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मानसून के कमजोर होने की संभावना है। । राजस्थान के मौसम की PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म मानूसन सीजन के बड़े अपडेट्स कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटों में भरतपुर के बयाना और करौली के मंडलरायल में 84 मिमी (3 इंच से ज्यादा) से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, चित्तौड़गढ़ के भदेसर और निंबाहेड़ा में करीब 3 इंच तक बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दौसा, धौलपुर, करौली, अलवर, कोटा के चेचट में भी भारी बारिश हुई। पारा गिरा, गर्मी-उमस से राहत: राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण अब लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। जयपुर, अलवर, टोंक, चित्तौड़गढ़, सिरोही, दौसा, प्रतापगढ़, झुंझुनू, अजमेर और भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान जैसलमेर में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे कैसा रहेगा मौसम…
राजस्थान के बड़े शहरों का मौसम जयपुर: राजधानी में बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और धूप कमजोर रही। हल्की हवा चलने से लोगों को गर्मी के साथ उमस से भी थोड़ी राहत मिली। जयपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोधपुर: जिले में 9 जुलाई तक आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां बुधवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सीकर: जिले में बुधवार को पूरे दिन मौसम साफ रहा। हल्की हवा चली, लेकिन दिनभर उमस बनी रही। शाम को कई इलाकों में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उदयपुर: लेकसिटी के ग्रामीण इलाकों में बुधवार को हल्की बारिश हुई। उदयपुर जिले में पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है। दिन का तापमान करीब 35 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। कोटा: जिले में बुधवार को दिनभर उमस और गर्मी रही। यहां अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सीजन में अब तक कुल 97.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। अजमेर: जिले में बुधवार सुबह मौसम में ठंडक रही और बादल छाए रहे, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद धूप खिल गई जो शाम तक रही। यहां अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार रात से सुबह 8 बजे तक शहर में 42.2 मिमी बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार कल भी बरसात के आसार हैं। आनासागर झील का जलस्तर 11 फीट 1 इंच तक पहुंच गया है और पानी की निकासी जारी है। अलवर: जिले में बुधवार दोपहर को करीब डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश से जिला हॉस्पिटल में पानी घुस गया। कई रिहायशी इलाकों में तीन-चार फीट तक पानी जमा हो गया। जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अलवर के तिजारा में 25 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क, सिल्वर लाइन भी:एक पेपर पर छपते 500 के 5 नोट, इंडस्ट्री की तरह गैंग में प्रोडक्शन

दैनिक भास्कर एप की स्पेशल सीरीज के पहले पार्ट में आपने ऑन कैमरा नकली नोट माफिया के चेहरे देखे। भास्कर रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर पूरे नेटवर्क को एक्सपोज किया। भास्कर की पड़ताल में नकली नोट बनाने वाले एक और गैंग का सच सामने आया। ये गैंग किसी इंडस्ट्री की तरह ही नेटवर्क चला रहा था। प्रोडक्शन, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा गैंग के अलग-अलग सदस्यों के पास। इनके बनाए नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क भी होता था। सिल्वर लाइन के लिए खाना पैक करने वाला सिल्वर फॉयल यूज करते थे। 40 लाख से ज्यादा के नकली नोट मार्केट में चला चुके थे। पढ़िए नकली नोट गिरोह और उसके तीन अहम किरदारों की कहानी… विशाल : बिजनेस ठप हुआ तो आया नकली नोट का आइडिया नकली नोट बनाने का मास्टरमाइंड। झारखंड का रहने वाला है। वर्तमान में नोएडा में रह रहा था। पिता का बिजनेस था। पिता की मौत के बाद बिजनेस ठप हो गया। विशाल ने कई काम किए, लेकिन सब में घाटा हुआ। फिर कमीशन पर युवकों को नौकरी लगाने का काम करने लगा। इसी दौरान उसे नकली नोट छापने का आइडिया आया। कंप्यूटर का अच्छा डिजाइनर है। 6 महीने तक खुद ही डमी बनाने पर काम करता रहा। फिर अपने साथ गुलशन बैरवा और संतोष वाल्मीकि को जोड़ लिया। गुलशन बैरवा : दिल्ली में कई जगह नकली नोट चलाए गुलशन बैरवा रोहिणी का रहने वाला है। विशाल के साथ मिलकर 3 साल से रोज देर रात तक असली जैसे नोट छापने की प्रैक्टिस कर रहा था। कई बार डिजाइन बनाए और सैंपल चेक करने बाजार जाता था। नोट की फाइनल डमी तैयार होने के बाद मार्केटिंग का काम संभाला। दिल्ली में कई जगह नकली नोट चलाए। जांच में पता लगा कि अब तक 40 लाख के नकली नोट चला चुके हैं। संतोष वाल्मीकि : घर पर नोट छापने का पूरा सेटअप संतोष वाल्मीकि फरीदाबाद के बसंतपुर में रहता था। वैसे यूपी के अलीगढ़ का है। पहले ओला बाइक चलाता था। कम्प्यूटर का अच्छा जानकार है। नकली नोट की फाइनल डमी तैयार करने में विशाल की मदद की थी। संतोष के घर पर ही नोट छापने का पूरा सेटअप लगा रखा था। विशाल और संतोष दोनों पिछले 8 साल से अच्छे दोस्त थे। यहां से 23 लाख 37 हजार रुपए के नोट बरामद हुए थे। 11 प्रिंटर व 3 लैपटॉप से बनाते थे नकली नोट, हर नोट का सीरियल नंबर अलग विशाल और संतोष मिलकर नोट की डमी तैयार करते थे। गुलशन मार्केटिंग का काम करता था। एक पेपर पर 500 रुपए के तीन नोट बनाते थे। हर नोट का सीरियल नंबर भी अलग रखते थे। पहले कुछ ही प्रिंटर थे। काम बढ़ने लगा तो 11 कलर प्रिंटर नए ले आए। 10 डाई भी बना रखी थी। नोट प्रिंट करने के लिए नोएडा से पेपर खरीदते थे। लैपटॉप में ही नोट के सीरियल नंबर अलग-अलग रखते थे। आरोपी काफी समय से दिल्ली व नोएडा के बाजार में नोट खपा रहे थे। यूपी में भी नेटवर्क बना लिया था। डाई बनाकर वाटरमार्क बनाते थे, सिल्वर लाइन भी लगाते दौसा सदर थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि नकली नोट को असली दिखाने के लिए एक डाई बनाई थी। इससे नोट के बीच में महात्मा गांधी का वाटर मार्क और 500 रुपए का वाटर मार्क भी बनाते थे।
नोट के बीच में एक सिल्वर की लाइन भी बनाते थे। इसे खाना पैक करने वाले सिल्वर फॉइल से बनाते थे। इसे कैंची से काट कर नोट के साइड में चिपका कर गर्म करके लगाते थे। इसे लगाने के बाद नोट बिल्कुल असली की तरह दिखता था। असली नोट की तरह से डाई बनाकर काटते थे। ऐसे हुआ खुलासा : लोकल मार्केट में नकली नोट चलाते हुए पकड़ा दौसा में आयुष नाम का युवक रोजाना 500 रुपए का नकली नोट लेकर मार्केट में जाता था। 500 का नोट देकर 40 से 50 रुपए का सामान लेता था। बाकी पैसे ले आता। तीन महीने से ये सिलसिला चल रहा था और किसी को शक नहीं हुआ। वह एक दुकान से सामान लेने के बाद दोबारा उस दुकान पर नहीं जाता था। बाजार में आराम से नोट चलने लगे तो आयुष भी आश्वस्त हो चुका था कि अब कोई दिक्कत नहीं है। इधर, लंबे समय तक नकली नोट आने की बात दुकानदारों में फैल गई। आपस में चर्चा शुरू हो गई कि रोजाना किसी न किसी दुकान पर नकली नोट आ रहा है। दुकानदारों ने कोतवाली दौसा पुलिस को पूरी कहानी बताई। पुलिस ने सिविल में निगरानी शुरू की। आयुष लगभग एक समय ही बाजार में निकलता था। वह 28 मई को बाजार में नकली नोट लेकर आया तो दुकानदारों ने पहचान लिया। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसे पकड़ कर घर की तलाशी ली गई। उसके पास से 500 रुपए के 80 नोट मिले। सारे नोट अलग-अलग सीरीज के थे। तब उससे पूछताछ शुरू हुई तो पूरी चेन खुल गई। आयुष से पूछताछ में उसके पड़ोसी कुलदीप गुर्जर निवासी लवाण का नाम सामने आया। फिर एक नाबालिग का नाम सामने आया। किशनगढ़- अजमेर में भी इसी गैंग के सदस्य सप्लाई करते थे आयुष से पकड़े जाने पर पड़ोसी कुलदीप फरार हो गया था। फिर आगे की कड़ी में एक नाबालिग का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे पकड़ा तो पता लगा कि 17 हजार रुपए के बदले 40 हजार रुपए लिए जाते हैं। इस दौरान नकली नोट का अजमेर के किशनगढ़ में भी मामला सामने आया। किशनगढ़ और अजमेर में भी इसी गैंग के सदस्य सप्लाई करते थे। पुलिस ने फरार कुलदीप को पकड़ लिया। इन तीनों से पूछताछ में पता लगा कि सारा माल दिल्ली से आता है। इन्होंने नाबालिग को राजस्थान का हेड बना दिया था। कुलदीप गुर्जर को किशनगढ़ और अजमेर हेड की जिम्मेदारी दी थी। आयुष को दौसा में नेटवर्क बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी तरह अलवर और भरतपुर में भी नेटवर्क बनाने की तैयारी कर ली थी। नाबालिग ने कई दोस्तों को नेटवर्क में जोड़ लिया था। जांच में पता लगा कि नाबालिग को दिल्ली भेजा जाता था। वह कभी ओला से माल लाता था तो कभी ट्रेन से। वह धौलाकुआं (दिल्ली) उतर जाता था। वहां से बस स्टैंड जाता था। उसे एक पैकेट बना हुआ मिल जाता था। उसे लेकर वह आ जाता था। दो मिनट लेट पहुंचते तो निकल जाते 24 लाख पुलिस की टीम फरीदाबाद में संतोष के पास पहुंची। तब वहां एक टैक्सी खड़ी हुई थी। पुलिसकर्मी अगर 2 मिनट लेट हो जाते तो 24 लाख रुपए लेकर निकल जाते। वहां 11 प्रिंटर, 3 लैपटॉप, 10 डाई, पेपर, कटिंग मशीन सहित काफी सामान मिला। तीनों ने मिलकर सारा सामान टैक्सी में लोड कर दिया था। उन्हें आयुष व किशोर के पकड़े जाने की सूचना मिल चुकी थी। पहली बार कैमरे पर नकली नोट गिरोह : 1 लाख के बदले 10 लाख के नोट, दावा- एटीएम भी नहीं पकड़ सकता, पार्ट-1 पहली बार कैमरे पर देखिए आपके पर्स तक नकली नोट पहुंचने वाले गैंग के चेहरे। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। (पढ़ें पूरी खबर)

सख्त आदेश जारी:राज शाला संबलन एप से अब निजी स्कूलों का भी होगा डिजिटल निरीक्षण, अधिकारियों को मौके से ही दर्ज करनी होगी जानकारी

प्रदेश के सभी गैर-सरकारी (निजी) स्कूलों का निरीक्षण अब पूरी तरह डिजिटल होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। अब सरकारी स्कूलों की तरह ही निजी स्कूलों की व्यवस्थाओं को भी ‘राज शाला संबलन’ एप के जरिए परखा जाएगा। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस नई व्यवस्था को तुरंत और प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्कूल परिसर में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। उन्हें मौके से ही एप पर लाइव जानकारी दर्ज करनी होगी, जो ओटीपी आधारित होगी। इस दौरान स्कूल की पढ़ाई, प्रशासनिक व्यवस्था, फीस, और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था में निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की गई है। हर अधिकारी को अपने मासिक लक्ष्य का कम से कम 75 प्रतिशत निरीक्षण अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। शिक्षा विभाग हर 15 दिन में इन निरीक्षणों की वर्चुअल समीक्षा करेगा। खत्म होगा कागजी निरीक्षण: अब तक विभाग को शिकायतें मिलती थीं कि कई बार अधिकारी स्कूल जाए बिना ही दफ्तर में बैठकर ‘टेबल इंस्पेक्शन’ (कागजी रिपोर्ट) तैयार कर लेते थे। स्कूल प्रबंधन और निचले स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत से कई कमियां छुपा ली जाती थीं। ‘राज शाला संबलन’ एप इसी भ्रष्टाचार को खत्म करने का हथियार है। यह एप ‘जियो-फेंसिंग’ तकनीकपर काम करता है। इसका मतलब है कि जब तक अधिकारी स्कूल की सटीक लोकेशन (जीपीएस कोऑर्डिनेट्स) के दायरे में खड़ा नहीं होगा, तब तक एप में निरीक्षण का फॉर्म ही नहीं खुलेगा। इससे फर्जी रिपोर्टिंग और सेटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। मोनोपोली पर रोक: अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म, जूते या स्कूल बैग खरीदने का दबाव तो नहीं बनाया जा रहा।n किताबों का बदलाव: स्कूल प्रबंधन हर साल बेवजह पाठ्यपुस्तकें तो नहीं बदल रहा।n फीस नियमन: राजस्थान विद्यालय (फीस विनियमन) अधिनियम-2016 और 2017 के तहत फीस कमेटी बनी है या नहीं। इसके दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड हैं या नहीं।n बुनियादी सुविधाएं व सुरक्षा: फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, खेल का मैदान, लैब, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय और रैंप जैसी सुविधाओं की जांच।n आरटीई: शिक्षा के अधिकार से जुड़े नियमों का सही से पालन हो रहा है या नहीं। डेटा से तय हो सकेगी स्टार रेटिंग इस डिजिटल लाइव मॉनिटरिंग का लॉन्ग-टर्म फायदा सीधे अभिभावकों को मिलेगा। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो एप के जरिए जो रियल-टाइम डेटा इकट्ठा होगा, उसका इस्तेमाल भविष्य में प्राइवेट स्कूलों की ग्रेडिंग के लिए किया जा सकता है। जिन स्कूलों में सुरक्षा, आरटीई और फीस नियमों का शत-प्रतिशत पालन मिलेगा, उन्हें बेहतर ‘स्टार रेटिंग’ दी जा सकेगी। इस डेटा को शाला दर्पण पोर्टल से लिंक किया जा सकता है, ताकि नए सत्र में एडमिशन के समय पैरेंट्स आसानी से देख सकें कि कौन सा स्कूल नियमों के मामले में कितना पारदर्शी और सुरक्षित है। बता दें कि ‘राज शाला संबलन’ एप ‘जियो-टैगिंग’ तकनीक पर आधारित है। इसका मतलब यह है कि निरीक्षण अधिकारी किसी दफ्तर या घर में बैठकर खानापूर्ति नहीं कर सकते, उन्हें स्कूल की वास्तविक लोकेशन पर जाकर ही एप में डेटा दर्ज करना होगा। यह पूरी तरह से पेपरलेस प्रक्रिया है।

झुंझुनूं में 15 को लगाई जाएगी टेलीफोन अदालत

दूरसंचार उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 जुलाई को सुबह 11 बजे दूरभाष केंद्र टेलीफोन एक्सचेंज झुंझुनूं में टेलीफोन अदालत का आयोजन किया जाएगा। सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि इस अदालत में झुंझुनूं कस्बे के टेलीफोन उपभोक्ताओं की सेवाओं से जुड़े प्रकरणों व विवादों पर विचार किया जाएगा। न्यायालय या उपभोक्ता परिषद में विचाराधीन, जिनमें अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, ऐसे मामलों पर विचार नहीं होगा।

महिला सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : एसपी मैत्रेयी

चौथ का बरवाड़ा | महाराजा हम्मीर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अन्वेषण भवन, पुलिस लाइन सवाई माधोपुर में महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम, संवाद एवं सम्मान समारोह में भाग लिया। एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि राजस्थान पुलिस का इतिहास वीरता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा की गौरवशाली परंपराओं से समृद्ध रहा है। पुलिस जवानों ने अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास की भावना को साकार किया। कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, यह समाज के हर नागरिक का दायित्व है। महिला सुरक्षा, जागरूकता, सामाजिक सहभागिता विषयों पर संवाद हुआ।

लाइसेंस सस्पेंड हुआ तो बहाली से पहले रिफ्रेशर ट्रेनिंग जरूरी

सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बहाली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब किसी चालक का लाइसेंस निलंबित होने पर सिर्फ निलंबन अवधि पूरी होने से लाइसेंस अपने आप सक्रिय नहीं होगा। लाइसेंस दोबारा चालू कराने के लिए चालक को परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त संस्थान में अनिवार्य रिफ्रेशर ट्रेनिंग कोर्स करना होगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही लाइसेंस बहाल होगा। नई व्यवस्था का मकसद सिर्फ दंड देना नहीं है। चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। परिवहन विभाग का मानना है कि प्रशिक्षण से चालकों को यातायात नियमों की बेहतर जानकारी मिलेगी। आगे नियमों का पालन ज्यादा जिम्मेदारी से होगा। रिफ्रेशर कोर्स में सड़क सुरक्षा के नियम, सुरक्षित ड्राइविंग, ट्रैफिक संकेतों का पालन, दुर्घटना से बचाव के उपाय, आपातकाल में सही व्यवहार, मोटर वाहन अधिनियम के प्रमुख प्रावधान सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र जारी होगा। यह प्रमाण-पत्र जिला परिवहन कार्यालय में जमा कराने के बाद ही लाइसेंस फिर से सक्रिय किया जाएगा। परिवहन विभाग ने चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। तय गति सीमा में वाहन चलाएं। शराब पीकर वाहन चलाने से बचें। सड़क सुरक्षा के सभी नियम मानें। विभाग ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं है। सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करना है। इन मामलों में लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई परिवहन विभाग के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाना, ओवरस्पीड, खतरनाक ड्राइविंग, बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन तथा अन्य गंभीर मामलों में पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई के तहत ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाता है। पहले तीन माह की निलंबन अवधि पूरी होने पर लाइसेंस स्वतः सक्रिय हो जाता था, लेकिन अब यह सुविधा समाप्त कर दी गई है। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, बिना प्रशिक्षण नहीं मिलेगा लाइसेंस जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह का कहना है कि लगातार यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से वाहन चालकों में अनुशासन बढ़ेगा, नियमों के प्रति जागरूकता आएगी और सड़क हादसों में कमी लाने में मदद मिलेगी। नई गाइडलाइन के अनुसार निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद भी लाइसेंस तब तक निष्क्रिय रहेगा, जब तक चालक रिफ्रेशर प्रशिक्षण पूरा कर उसका प्रमाण-पत्र जमा नहीं करा देता। इसके बाद ही विभाग लाइसेंस को पुनः सक्रिय करेगा।

बहरावंडा खुर्द में 20 मिनट तक हुई बारिश, उमस से मिली राहत

क्षेत्र में बुधवार को करीब 20 मिनट बारिश हुई। भीषण उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली। दोपहर बाद मौसम बदला। आसमान में काले बादल छाए। तेज हवा चली। बारिश शुरू हुई। पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया। सड़कों पर पानी बहने लगा। तापमान में गिरावट दर्ज हुई। कई दिनों से गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बच्चे घरों से बाहर निकले। बारिश का आनंद लिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी मौसम खुशनुमा रहा। लोगों के चेहरों पर खुशी दिखी। बारिश से किसानों में सबसे ज्यादा खुशी रही। किसान गिरधर जाट, पुष्पेंद्र चौधरी, चेतन जाट ने कहा कि यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक होगी। खेतों में बोई सोयाबीन, बाजरा, मक्का, उड़द को नमी मिली। बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। जिन किसानों ने अभी बुवाई नहीं की है, उनके लिए भी बारिश अनुकूल मानी जा रही है। खेतों में नमी बढ़ी। कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। बारिश करीब 20 मिनट ही हुई। इस दौरान अच्छी वर्षा हुई। खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी। ग्रामीणों ने इसे मौसम के लिहाज से राहत भरा बताया। मौसम साफ हुआ। ठंडी हवाएं चलती रहीं। शाम तक वातावरण सुहावना बना रहा।