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कोटपूतली कलेक्टर ने शिव मंदिर तालाब बावड़ी में की सफाई:बोलीं- जनभागीदारी से ही जल स्त्रोतों का संरक्षण संभव; सामाजिक संगठन और युवा भी हुए शामिल

कोटपूतली कई ऐतिहासिक बावड़ी पर शुक्रवार को साफ-सफाई के लिए अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी और अन्य संगठनों ने मिलकर शिव मंदिर तालाब बावड़ी पर सफाई की। ये अभियान जिला प्रशासन और नगर परिषद कोटपूतली ने यूनिसेफ पूनम मीणा और बावड़ी बाईसा आकांक्षा मोदी के संयुक्त सहयोग से चलाया। इसका उद्देश्य कोटपूतली के ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक संगठनों, युवाओं ने किया सामूहिक श्रमदान
अभियान में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी, स्वच्छता सेवा दल प्रवीण बंसल, लायंस क्लब कमल किशोर और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक श्रमदान किया। अभियान के दौरान ऐतिहासिक बावड़ी परिसर में व्यापक स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े संदेशों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने श्रमदान कर यह संदेश दिया कि जल धरोहरों का संरक्षण केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर बोलीं- जनसहभागिता के बिना संरक्षण संभव नहीं
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि ऐतिहासिक जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत होने के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। इनका संरक्षण जनसहभागिता के बिना संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कलेक्टर ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो जिले की प्रत्येक जल धरोहर को पुनर्जीवित किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से ऐसे अभियानों में निरंतर सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, भारत स्काउट एवं गाइड, जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जनसहभागिता को बढ़ावा दिया। प्रशासन ने जिले के नागरिकों, छात्रों, व्यापारिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की। प्रशासन ने यह भी कहा कि प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा योगदान भी स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ कोटपूतली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, एसीईओ गोपाल लाल मीणा, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा सहित नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी, सफाई कर्मी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

खैरथल-तिजारा में न्यायिक अधिकारियों ने एग्रीकल्चर कॉलेज में किया पौधारोपण:पर्यावरण बचाने का दिया संदेश, संरक्षण को बताया हर नागरिक की जिम्मेदारी

खैरथल-तिजारा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के निर्देश पर शनिवार को कृषि कॉलेज, बासकृपालनगर में एक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरित एवं स्वच्छ वातावरण का संदेश देना था। पर्यावरण संरक्षण को बताया नागरिकों की जिम्मेदारी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा के अध्यक्ष शैलेंद्र व्यास ने पौधरोपण कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। व्यास ने उपस्थित लोगों से केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। सुरक्षित भविष्य के लिए बताया कदम इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को एक सामाजिक दायित्व बताते हुए सभी से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कुमारी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 डॉ. सुरभि सिंह, सिविल न्यायाधीश खुशबू कंवरिया, कृषि महाविद्यालय बास कृपाल नगर के अधिष्ठाता डॉ. एम.पी. यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी किशनगढ़ बास सतीश नरूका, बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश तिवाड़ी, सचिव रविंद्र तक्षक, लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के एडवोकेट रामनिवास, एडवोकेट अर्पित शर्मा तथा एडवोकेट चंद्रवीर सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) उपस्थित रहे। इन सभी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। यह आयोजन हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण के सामूहिक संदेश के साथ संपन्न हुआ।

हनुमानगढ़ एसपी बी. आदित्य ने संभाला पदभार:पहली क्राइम मीटिंग में अपराध नियंत्रण पर जोर, शाखाओं का किया निरीक्षण

हनुमानगढ़ जिले के नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने शनिवार को पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों के साथ पहली अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इससे पूर्व, कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अरविंद बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नोहर) गीता चौधरी, सीओ सिटी मीनाक्षी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने एसपी बी. आदित्य का स्वागत किया। स्वागत के उपरांत एसपी बी. आदित्य ने कार्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने क्राइम ब्रांच, परिवाद शाखा, डीएसबी शाखा, फोर्स शाखा, सीसीटीएनएस, साइबर सेल और अभय कमांड सेंटर जैसी विभिन्न शाखाओं का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक शाखा की कार्यप्रणाली को समझा और वहां तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों से उनके दैनिक कार्यों, लंबित मामलों तथा व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए टीमवर्क और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। इसके पश्चात, एसपी कार्यालय के सभागार में बी. आदित्य की अध्यक्षता में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों की पहली अपराध समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों की समीक्षा, वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों, अपराध नियंत्रण की रणनीति तथा आगामी प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम, प्रभावी पुलिसिंग और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

साधु ने 500 रुपए नहीं देने पर हाथी से कुचलवाया:पसलियां टूटीं, पुलिस बोली- पैसे मांगने की बात गलत, बार-बार सूंड के पास जा रहा था

बांसवाड़ा में युवक को हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया। इसके बाद पैर से कुचल दिया। जिससे उसकी पसलियां टूट गईं। गंभीर हालत में युवक को उदयपुर रेफर किया गया है। परिजनों का आरोप है कि हाथी वाले बाबा ने 500 रुपए मांगे, नहीं देने पर हाथी से हमला करवा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि पैसों के लिए युवक पर हाथी से हमला करवाने की बात गलत है। युवक बार-बार हाथी की सूंड के पास जा रहा था। जिससे हाथी ने गुस्से में आकर युवक पर हमला कर दिया। मामला पाटन थाना क्षेत्र का गुरुवार शाम करीब 7 बजे का है। युवक को गंभीर हालत में बांसवाड़ा से उदयपुर रेफर किया गया है। ​₹20 देने के बाद मांगे ₹500, मना करने पर बाबा भड़के घायल के भांजे कालू ने बताया- मामा प्रभु (50) पुत्र हकरिया, निवासी पणदा शाम को घर से गेहूं पिसवाने के लिए छोटी सरवा गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में उनको हाथी वाले साधु बाबा मिले। कालू ने कहा- मामा ने बाबा को 20 रुपए दिए। बाबा ने पैसे रख लिए। इसके बाद मामा से 500 रुपए और मांगने लगे। मामा ने पैसे देने से मना किया तो बात झगड़ने लगे। आरोप है कि हाथी पर बैठे बाबा ने हाथी को इशारा किया। हाथी ने अपनी सूंड से प्रभु को जमीन पर पटक दिया। इसके बाद हाथी ने उनके सीने पर पैर रख दिया, जिससे उनकी पसलियां टूट गईं। डॉक्टर बोले- कई पसलियां टूटीं, फेफड़ों में जम रहा खून घटना के बाद बाबा हाथी के साथ मौके से भाग गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल प्रभु को तुरंत कुशलगढ़ हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर शुक्रवार शाम उसे जिला हॉस्पिटल लाया गया। देर रात डॉक्टरों ने उदयपुर रेफर कर दिया। एमजी हॉस्पिटल के उपनियंत्रक डॉ. दामोदर गोयल ने बताया कि युवक की दोनों तरफ की कई पसलियां टूट गई थीं। फेफड़ों में खून जमा होने लगा था, जिससे उसे सांस लेने और ऑक्सीजन मिलने में दिक्कत हो रही थी। युवक गंभीर हालत में कुशलगढ़ से रेफर होकर आया था। पुलिस बोली- पैसों के लिए हमला करवाने की पुष्टि नहीं पाटन थानाधिकारी मोहम्मद रिजवान ने बताया कि युवक रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान हाथी ने गुस्से में उसे पटक दिया। सूचना पर पुलिस ने हाथी वाले बाबा से पूछताछ की, लेकिन अब तक पैसों के लिए युवक पर हाथी से हमला करवाने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया- बाबा के साथ करीब 13-14 लोग भी थे। पुलिस सभी को रात में थाने लेकर आई थी। शुक्रवार सुबह पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि युवक बार-बार हाथी की सूंड के पास जा रहा था। पीड़ित की शिकायत ले ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

डंपर से बाइक टकराने से युवक की मौत:अचानक ब्रेक लगाने से हुआ हादसा, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

चूरू के दूधवाखारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। गांव चलकोई के पास एक डंपर से बाइक टकराने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल युवक को तुरंत डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। दूधवाखारा थाना के एएसआई अजीत सिंह ने बताया कि भलाउ ताल निवासी जयपाल ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, जयपाल का बड़ा भाई रोहिताष कुमार (25) शुक्रवार रात चूरू से तारानगर होते हुए अपने गांव आ रहा था। चलकोई गांव के पास सड़क पर आगे चल रहे एक डंपर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इसी दौरान पीछे से आ रही रोहिताष की बाइक डंपर से टकरा गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जयपाल की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

डीडवाना-कुचामन में 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ:प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मिलेगा नया आधार

डीडवाना-कुचामन जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग के संयुक्त तत्वावधान में ‘मिशन बुनियाद’ का शुभारंभ किया गया। इस पहल के साथ, डीडवाना-कुचामन राजस्थान का 41वां जिला बन गया है, जहां प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECE) और प्री-प्राइमरी शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में जिला उपनिदेशक गौरव चौधरी, जिले के सभी सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) और पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मिशन बुनियाद के उद्देश्यों, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के विभिन्न घटकों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी सेक्टरों के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए हैं। इनके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से संबंधित गतिविधियां नियमित रूप से साझा की जाएंगी। पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण मॉड्यूल और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। रॉकेट लर्निंग की ओर से वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक धीरज जांगिड़, कार्यक्रम प्रबंधक अक्षय शर्मा, हनुमानगढ़ जिला समन्वयक मीनाक्षी स्वामी और नागौर जिला समन्वयक आशीष सिन्हा ने कार्यक्रम के संचालन और सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग का यह संयुक्त प्रयास जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के समग्र विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अयोध्या में 225 उद्यमियों की भजन संध्या:स्वाती मिश्रा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति ने बांधा समा

अयोध्या में रामनगरी की पावन फिजाओं में शुक्रवार शाम भक्ति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजस्थान के विजयबाड़ा से आए 225 से अधिक उद्यमियों ने विजयबाड़ा इलेक्ट्रिकल डीलर्स एसोसिएशन (वेडा) के ‘डिवाइन वाराणसी-अयोध्या टूर’ के तहत शहर के एक होटल में आयोजित भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते रहे और पूरा माहौल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति से हुई। उन्होंने राग भैरवी में भगवान श्रीराम के आदर्श, त्याग और मर्यादा पर आधारित रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद प्रसिद्ध भजन गायिका स्वाती मिश्रा ने श्रीराम भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक तालियां बजाते और भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ी के संत एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास ने कहा कि सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी तक उसके संस्कार पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं। उन्होंने वेडा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल दर्शन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनती हैं। इस अवसर पर निर्माणी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत मुरलीदास भी मौजूद रहे। वेडा के अध्यक्ष रमेश जैन ने बताया कि 225 सदस्यीय दल ने सबसे पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और गंगा आरती में शामिल हुआ। इसके बाद अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि रामनगरी की आध्यात्मिक ऊर्जा और यहां का आत्मीय वातावरण सभी श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की अविस्मरणीय स्मृति बन गया। कार्यक्रम में वेडा के उपाध्यक्ष अशोक जैन, सचिव तमन्ना, ओमप्रकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

भाई को पढ़ाने के लिए होटलों में काम किया:सेना में जाने का सपना छोड़ा; मां ने मजदूरी कर पढ़ाया; पढ़िए री-नीट की सफलता की कहानियां

बाड़मेर में अपने भाई को डॉक्टर बनाने का सपना देखने वाले भाइयों ने मजदूरी की तो किसी ने सेना में जाने का सपना छोड़ कर पत्थर उठाए। किसी के पिता की मौत हुई तो मां ने मजदूरी कर बेटे को नीट की तैयारी करवाई। किसी ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी और टीचर के कहने पर फिर से शुरुआत की। आज री-नीट के सफल स्टूडेंट्स की लिस्ट में इनका नाम है। बाड़मेर की फिफ्टी विलेजर्स सेवा संस्थान में पढ़ने वाले 4 स्टूडेंट्स ने नीट परीक्षा पास की है। ये संस्थान गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता है। हालही में नीट रिजल्ट जारी हुआ है। इसमें मगाराम ने नीट में ऑल इंडिया 27279वीं रैंक हासिल की है। वहीं, पोलाराम की 1041वीं रैंक आई है। इसके साथ ही लाखाराम ने ऑल इंडिया 15283 रैंक प्राप्त की है। सवाईसिंह ने नीट में ऑल इंडिया में 15039वीं रैंक हासिल की है। सभी ने पहली बार में ही सफलता हालिस कर संस्था और परिवार का नाम रोशन किया है। पढ़िए बाड़मेर से री-नीट में सफल होने वाले स्टूडेंट्स की कहानियां… मुझे पढ़ाने के लिए भाई ने अपनी पढ़ाई छोड़ी मगाराम ने नीट में ऑल इंडिया 27279वीं रैंक हासिल की है। 564 नंबर आए है। मगाराम ने 10वीं सरकारी स्कूल पचपदरा से की। मगाराम ने बताया- मैं जब 3 दिन का था मेरे पिताजी की रोड एक्सीडेंट में डेथ हो गई थी। उसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी मेरे मां पर आ गई थी। मां ने दिहाड़ी मजदूरी करने के साथ नरेगा में काम करके हम दोनों भाइयों को पढ़ाया। 10वीं करने के बाद बड़े भाई ने मुझे पढ़ाने के लिए अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी। गुजरात जाकर बोरियां डालने का काम करने लगा। मगाराम ने आगे बताया- भाई को 15-20 हजार रुपए के आसपास मजदूरी मिलती थी। हम दो भाई और दो बहने है। बहनें ससुराल रहती है। डॉक्टर बनने के बाद जब भी मैं आऊंगा तो गांव में ही ड्यूटी लूंगा। गांव के लोगों की सेवा करूंगा। हमारे गांव में हेल्थ की सुविधा नहीं थी। उसको देखकर मैंने मन में ठान लिया कि मुझे डॉक्टर बनना है। मेरा सपना है कि मैं न्यूरोलॉजिस्ट बनने का सपना है। पिता बीमार रहते, मां का निधन हुआ नीट में 1041 रैंक हासिल करने वाले पोलाराम ने बताया- 10वीं मैंने गांव की सरकारी स्कूल से की थी। तब मुझे चूनाराम सर ने फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। मैंने वहां पर फॉर्म भरा। फिर हमारे घर और आर्थिक स्थिति का वेरिफिकेशन किया गया। इसके बाद मेरा सलेक्शन हुआ। यहां पर फ्री में रहना, पढ़ना और रहना हो गया। दो साल में 11 और 12वीं की। फिर नीट की तैयारी की इस बार मेरा सलेक्शन हो गया। यहां पर तीन साल तैयारी की। दसवी 85 प्रतिशत नंबर आए थे। पोलाराम का कहना है कि मेरे पिता जी की उम्र 65 साल है। वो मजदूरी पर जा नहीं पा रहे। मां का देहांत साल 2021 में हो गया था। साल 2023 में मेरे भाई ने 12वीं की और कमाने वाला कोई नहीं था। भाई ने होटल पर मजदूरी करना शुरू की और मैं यहां पर पढ़ने के लिए यहां पर आ गया। मेरी चार बहने है तीन ससुराल जाती है और सबसे छोटी बहन घर का काम करती है। बड़े भाई ने कहा कि मैं मजदूरी पर चला जाता हूं, तूं पढ़ाई कर लें। हम दोनों ही पढ़ाई में होशियार थे। उसका सेना में जाने का सपना था और तैयारी कर रहा था। अग्निवीर दौड़ में रह गया था। फिर उसने तैयार की नहीं और घर की स्थिति खराब थी। कोचिंग जाकर हम पढ़ नहीं सकते है वहां पर लाखों रुपए लगते है। इतनी हमारी इनकम नहीं है। मैं यह नहीं सोचा कि मैं टॉप एक हजार के पास पहुंच जाऊंगा। मेरी रैक ऑल इंडिया में 1041 आई है। कैटगरी रैक 341 आई है। मेरा सपना डॉक्टर बनने के साथ अच्छा इंसान बनने का सपना था। पोलाराम ने कहा- मां की डेथ के बाद बड़ा दुख हुआ। कमाने वाला कोई नहीं था, लगा कि पढ़ाई छूट जाएगी। घर की स्थिति खराब थी। मजदूरी करने वाला बनेगा डॉक्टर लाखाराम ने नीट में ऑल इंडिया 15283 रैंक हासिल की है। ओबीसी रैंक 7120 रही। लाखाराम ने बताया- मेरी बहन के ससुराल में मैंने 5वीं तक पढ़ाई की। उसके बाद मेरे घर से 7 किलोमीटर दूर सरकारी स्कूल बोथिया जागीर स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई की। टीचर महेश कुमार गुर्जर ने मेरा बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने मुझे फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। साल 2023 से अब तक 11वीं, 12वी पास की है। नीट रिजल्ट को क्रेक किया। लाखाराम ने मेरे पिता तुलसाराम जी किसान है पहले गुजरात में बोरियां डालने का काम करते थे। इसके बाद भाग्यम वेलपेड पर काम करते थे। वहां 11-12 हजार सैलेरी थी। 9 भाई बहन है। बहने ससुराल जाती है। तीन भाइयों ने घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। मजदूर करते है। लाखाराम ने कहां- गर्मी की छुटिट्यों में डेढ़ माह तक कमठा मजदूरी की। उस समय मुझे 350 रुपए मिलते थे। मेरा सलेक्शन बीकानेर फिफ्टी विलेजर्स में हुआ था। एक साल रहने के बाद मेरी तबीयत बिगड़ने के बाद मुझे बाड़मेर विफ्टी विलेजर्स में आ गया। यहां पर पढ़ाई 10-12 घंटे पढ़ाई हो जाती है। मुझे जितनी उम्मीद थी उससे मेरे कम नंबर आए है। लाखाराम के 10वीं 84 प्रतिशत और 12वीं 87.80 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए है। नीट में 586 नंबर आए है। 10वीं के बाद पढ़ाई छुटी सवाईसिंह ने नीट में ऑल इंडिया में 15039वीं रैंक हासिल की है। EWS में 1709वीं रैंक आई है। 587 नंबर आए है। मेरे परिवार में 6 भाई बहनें है। इसमें चार बहनों की शादी हो रखी है। वहीं एक छोटी बहन है। मेरे पिता का देहांत 24 जून 2023 को गया था। इससे पहले पिता पैर से विकलांग थे। 10वीं के बाद मेरी पढ़ाई छूट गई। मैंने मजदूरी भी की, लेकिन मेरे टीचरों ने मुझे संस्थान के बारे में बताया। वहां पर मेरा एडमिशन हो गया।

बर्थडे-पार्टी से लौट रहे दोस्तों की कार पलटी, 1 मौत:हाईवे पर बेकाबू हुई थी गाड़ी, एक ने मौके पर दम तोड़ा; 3 घायल

जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे चार युवकों की कार राठौड़ फार्म हाउस के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना डीडवाना-कुचामन जिले के नावा उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार रात 11 बजे की है। जन्मदिन समारोह से लौटते समय हुआ हादसा नावां थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि सभी युवक नावा में एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद कार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान राठौर फार्म हाउस के पास उनकी कार अचानक बेकाबू होकर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया। हादसे में लीचाणा निवासी मुरली पाराशर (26) पुत्र गिरधारीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं कार में सवार अन्य चार युवक घायल हैं, जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। लीचाणा निवासी युवक की मौत परिजनों के अनुसार मुरली भावता कस्बे में मोबाइल की दुकान चलाता था, जबकि उसके पिता गिरधारीलाल खेती करते हैं। युवक की मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। कार में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में उपचार जारी है। डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कार के अनियंत्रित होकर पलटने से हादसा होना सामने आया है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। इनपुट सहयोग : कमलेश पारीक।

वांगचुक का 9.5Kg वजन गिरा, चल नहीं पा रहे थे:चादरें लेकर पहुंचे पुलिसकर्मी, उठाकर ले गए; 21 दिन की भूख हड़ताल की 21 PHOTOS

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस सफेद चादरें लेकर जंतर-मंतर पहुंची और वांगचुक को ले जाते हुए चादरों से घेर लिया। 21 दिनों में उनका वजन 9.5 किलो घटा। इस दौरान कई विपक्षी नेता और फिल्म एक्टर उनसे मिलने पहुंचे। देखिए भूख हड़ताल की 21 PHOTOS…. 18 जुलाई 17 जुलाई 16 जुलाई 15 जुलाई 14 जुलाई 13 जुलाई 12 जुलाई 11 जुलाई 10 जुलाई 9 जुलाई 8 जुलाई 7 जुलाई 6 जुलाई 5 जुलाई 4 जुलाई 3 जुलाई 2 जुलाई 1 जुलाई 30 जून 29 जून 28 जून ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… वांगचुक को अनशन के 21वें दिन पुलिस ने उठाया:सिविल ड्रेस में जंतर-मंतर पहुंची, एंबुलेंस से अस्पताल भेजा; कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके भूख हड़ताल पर बैठे दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस सिविल ड्रेस में पहुंची थी और वांगचुक को सफेद चादर में उठाकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। पूरी खबर पढ़ें…