बीजेपी विधायक बोले-देश से धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है कांग्रेस:असफल होने वाले अपनी कमियों का आकलन करें, बयानबाजी नहीं

कोटा दक्षिण से भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है। संदीप शर्मा ने कहा- कांग्रेस पूरे भारत से धीरे-धीरे एक ‘विलुप्त प्रजाति’ बनती जा रही है। विधायक शर्मा ने कहा- राजनीति में लगातार असफल होने वाले लोगों को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कमियों का आकलन करना चाहिए। राजनीति सकारात्मकता और सेवा का मार्ग है, जहां व्यक्ति को अपने स्वार्थों से ऊपर उठकर जनता की सेवा करनी पड़ती है। लोकतंत्र की परीक्षा में जनता ही हमें पास या फेल करती है। राजस्थान की राजनीतिक संस्कृति की सराहना करते हुए संदीप शर्मा ने कहा- यहां की राजनीति सहज, समर्पित और सरल है। यह बिहार और उत्तर प्रदेश की (पुरानी) राजनीति जैसी नहीं है, जहां कभी गुंडे-मवाली बड़े-बड़े पद हासिल कर लिया करते थे। राजस्थान में गाली-गलौज या उटपटांग बातें करके राजनेता खुद का ही नुकसान करते हैं।
संदीप शर्मा ने कहा- जनता के लिए संघर्ष करते हुए उनके जीवन में 27 मुकदमे दर्ज हुए थे, लेकिन अब वे सभी समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारे ऊपर लगे मुकदमे छात्र हितों, युवाओं को रोजगार दिलाने और जन आंदोलनों से जुड़े थे। हमारे ऊपर ऐसा कोई मुकदमा दर्ज नहीं है कि हमने किसी की जमीन पर कब्जा किया हो या किसी का मकान खाली करवाया हो। राजनीति में पूरा जीवन लोगों के लिए समर्पित होना चाहिए। दरअसल, पिछले कुछ समय से कोटा में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल और भाजपा नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग और बयानबाजी का दौर चल रहा है। विधायक संदीप शर्मा के इस बयान को इसी सियासी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

बिहार रिजेक्श PK, ट्विटर पर नंबर वन ट्रेंड कर रहा:प्रशांत किशोर बांकीपुर से लड़ेंगे विधानसभा उपचुनाव, नितिन नवीन के गढ़ में बीजेपी को देंगे टक्कर

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जनसुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इसकी घोषणा की है। इस घोषणा के बाद से ट्विटर पर ट्रेंड होने लगा ‘बिहार रिजेक्ट PK’। दोपहर बाद नंबर वन ट्रेंड कर रहा है। वहीं, प्रशांत किशोर ने कहा, “चार सालों से जन सुराज ही मेरी जिंदगी है। पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरा करने का प्रयास करूंगा। बांकीपुर से अगर जीत मिलती है तो उससे पार्टी का मनोबल काफी बढ़ेगा और पार्टी आगे बढ़ेगी।” बता दें नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद से ही पीके के बांकीपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। पिछले दिनों खुद पीके ने कहा था- अगर मेरे चुनाव लड़ने से भाजपा बांकीपुर जैसी मजबूत सीट हारती है, तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। ‘बिहार में जब तक परिवर्तन नहीं आता, तब तक संघर्ष करता रहूंगा’ प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं पार्टी कार्यकर्ता वरिष्ठ नेता और बिहार की जनता को आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इतनी बड़ी जिम्मेदारी मेरे कंधे पर रखी है। बांकीपुर में चुनाव लड़ने की जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है, उसे मैं पूरी तरह से निभाऊंगा। अगले 5 वर्षों में बिहार में जब तक परिवर्तन नहीं आता, तब तक मैं संघर्ष करता रहूंगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि नवंबर 2025 में जिन मतदाताओं ने जनसुराज की वोट दिया, उन सबको मैं धन्यवाद देता हूं। बांकीपुर की जनता से मैं वादा करता हूं कि मैं पूरी ईमानदारी के साथ काम करूंगा। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि अगर आप अपना जनप्रतिनिधि बनाकर जनसुराज के प्रतिनिधि को भेजते हैं तो वह 242 विधायकों पर भारी पड़ेगा। PK ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि, ‘वह पिछले दरवाजे से मुख्यमंत्री बने हैं। वह एक सिलेक्टेड मुख्यमंत्री है। उनका भी चाल चरित्र और चेहरा जल्द ही सामने आ जाएगा। मैं बेहतर हूं या खराब हूं, यह तय जनता को करना है। बांकीपुर की जनता से मैं अपील करता हूं कि आप केवल एक ईमानदार और अच्छे प्रत्याशी को अपना नेता चुनें। इस सीट से बिहार की सरकार नहीं बदलेगी। बल्कि बिहार की राजनीति बदलेगी। यह बिहार को एक नया विकल्प देने का चुनाव। बांकीपुर के चार लाख मतदाताओं से मैं समर्थन मांग रहा हूं।’ BJP से ये हो सकते हैं उम्मीदवार भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो नील रतन घोष का नाम लगभग फाइनल है। 1.नील रतन घोष: बीजेपी ने उम्मीदवार चुनने में उनकी पसंद का ख्याल रखा है। स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग पर नील रतन घोष (नीलू दा) को टिकट मिल सकता है। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। नितिन नवीन के साथ लंबे समय रहे हैं। उनके विश्वासी हैं। नितिन नवीन भी इन्हें सम्मान देते हैं। पर्दे के पीछे से नितिन नवीन का पूरा काम संभाल रहे थे। नीलू मंदिरी के रहने वाले हैं,मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हैं। रेस में इनके भी नाम 2. अजय आलोक नेशनल मीडिया में भाजपा के मजबूत चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले अजय आलोक को भी बांकीपुर में नितिन नवीन के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। कायस्थ जाति से आने वाले डॉ. आलोक के पिता पद्म श्री गोपाल प्रसाद सिन्हा बड़े डॉक्टर हैं। पटना में इनकी एक अलग छवि है। 2003 में अपना पॉलिटिकल करियर शुरू करने वाले आलोक ने 2005 में कैमूर के चैनपुर विधानसभा सीट से LJP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। 2010 के चुनाव में भी इन्होंने इसी सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। वे दोनों चुनाव हार गए। इसके बाद 2012 में जदयू जॉइन किया। पार्टी के प्रवक्ता और महासचिव बने। 2023 में जदयू से इस्तीफा देकर BJP का दामन थामा। फिलहाल BJP के राष्ट्रीय मीडिया का मुखर चेहरा हैं। 3. रणवीर नंदन भाजपा नेता रणवीर नंदन धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष हैं। इनके नाम की भी चर्चा बांकीपुर सीट के लिए है। रणवीर शिक्षित और सौम्य क्षवि के नेता माने जाते हैं। कायस्थ जाति से आते हैं। पटना के ही रहने वाले हैं। प्रो. रणवीर नंदन कभी नीतीश कुमार के भरोसेमंद माने जाते थे। 2014 में नीतीश ने इन्हें पहली बार अपनी पार्टी के कोटे से विधान परिषद भेजा था। 2020 में कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी की तरफ से इन्हें रिपीट नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने सितंबर 2023 में जेडीयू से इस्तीफा दे दिया था। जानिए क्यों बांकीपुर से चुनाव लड़ने जा रहे हैं प्रशांत किशोर 1. पार्टी और अपनी विश्वसनीयता बढ़ाना 2025 बिहार विधानसभा चुनाव जन सुराज पार्टी के लिए एक बड़ा रियलिटी चेक था। 2 अक्टूबर 2024 को पार्टी के औपचारिक गठन के बाद प्रशांत किशोर ने कड़ी मेहनत की। गांव-गांव घूमे। बड़ी उम्मीदों के साथ उन्होंने 243 में से 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। हालांकि, चुनाव परिणामों में जन सुराज एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। सिर्फ एक सीट मढ़ौरा में दूसरे नंबर पर रही। पार्टी का वोट शेयर 3.4% रहा। यानी 16,77,583 वोट मिले। इस करारी हार के बाद जन सुराज के वजूद और क्रेडिबिलिटी (विश्वसनीयता) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव की सीट राघोपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में हट गए थे। नहीं लड़े। इसकी खूब किरकिर हुई। अब बांकीपुर से चुनाव लड़कर प्रशांत किशोर लोगों को मैसेज देंगे कि पार्टी प्रयोग के दौर से बाहर निकल गई है। बिहार छोड़कर भागे नहीं हैं। प्रशांत किशोर मजबूत फाइट देते हैं या जीतते हैं तो यह साबित होगा कि जन सुराज सिर्फ कागजी या डिजिटल पार्टी नहीं है, बल्कि जमीन पर टिकने वाली राजनीतिक ताकत है। PK पर अक्सर आरोप लगता है कि वे सिर्फ बैकस्टेज रणनीतिकार हैं और खुद चुनावी राजनीति से बचते हैं। खुद चुनाव लड़कर वे इस छवि को तोड़ेंगे और जनता के बीच अपनी गंभीरता साबित करेंगे। 2. वैकल्पिक राजनीति का लिटमस टेस्ट प्रशांत किशोर अपनी पदयात्रा के समय से ही ‘राइट टू एजुकेशन’ और ‘बिहार के बच्चों को बिहार में ही रोजगार’ देने का नैरेटिव सेट कर रहे हैं। साथ ही पारंपरिक जातिगत राजनीति को नकारने का दावा करते हैं। बांकीपुर जैसे पढ़े-लिखे और शहरी क्षेत्र में उनकी इस नई सोच का असली लिटमस टेस्ट होगा कि क्या शहरी मतदाता पारंपरिक पार्टी लाइन से अलग हट सकता है। बांकीपुर पूरी तरह से पटना नगर निगम का एक कोर शहरी इलाका है। यहां ग्रामीण क्षेत्रों जैसी पारंपरिक जातिगत गोलबंदी (जैसे यादव-कुर्मी या ठेठ महादलित समीकरण) उतनी हावी नहीं होती, जितनी ‘क्लास और अवेयरनेस’ की राजनीति होती है। यहां की आबादी में उच्च मध्यम वर्ग, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, डॉक्टर्स, लॉयर्स और बड़े कारोबारी (वैश्य और सवर्ण) शामिल हैं। 3. BJP के गढ़ में सेंध लगाकर तीसरा विकल्प बनना बांकीपुर BJP का मजबूत किला है। 1995 से यहां भाजपा चुनाव नहीं हारी है। यहां जीत या अच्छा मुकाबला प्रशांत किशोर को BJP-विरोधी तीसरा विकल्प के रूप में स्थापित करेगा। प्रशांत किशोर जानते हैं कि अगर वे RJD या JDU के गढ़ में लड़ेंगे तो उन्हें सीधे जातिगत अभेद्य दीवारों (जैसे यादव या कुर्मी-कोइरी ब्लॉक) का सामना करना पड़ेगा, जिसे तोड़ना अभी मुश्किल है। बांकीपुर में BJP का वोटर ‘मोदी लहर’ और ‘राष्ट्रवाद’ के कारण बंधा है। यदि वह वोटर स्थानीय स्तर पर BJP से थोड़ा भी नाराज होगा तो वह RJD को वोट देने की बजाय प्रशांत किशोर जैसे एक पढ़े-लिखे विकल्प को चुनना पसंद कर सकता है। महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) बांकीपुर में खुद को बेहद कमजोर स्थिति में पाता है। ऐसी स्थिति में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष अंदरूनी तौर पर प्रशांत किशोर को वॉकओवर दे सकता है या अपने कैडर वोटर (अल्पसंख्यक और यादव मतदाता, जो करीब 60,000 हैं) को PK की तरफ शिफ्ट करवा सकता है। बांकीपुर का जातीय समीकरण क्या है? पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट को बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल और ‘VIP’ शहरी सीटों में गिना जाता है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस विधानसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 3,79,420 है। आधिकारिक चुनावी विश्लेषणों और मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक… प्रशांत किशोर के जीतने की कितनी संभावना है? फैक्ट्स और आंकड़ों की एनालिसिस करें तो प्रशांत किशोर के जीतने की राह काफी मुश्किल है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में वे उलटफेर भी कर सकते हैं। हालांकि, अगर प्रशांत किशोर इस मुकाबले को त्रिकोणीय से आमने-सामने की लड़ाई में बदलने में कामयाब होते हैं, तो उनकी संभावना बढ़ सकती है। इसके लिए 3 फैक्टर काम करेंगे… 1. महागठबंधन का ‘टैक्टिकल वॉकओवर’ बांकीपुर में RJD या कांग्रेस जानती है कि वे अकेले दम पर BJP को नहीं हरा सकते। अगर महागठबंधन परदे के पीछे से प्रशांत किशोर को इन डायरेक्ट समर्थन दे दे और अपना उम्मीदवार कमजोर उतारे, तो महागठबंधन का पारंपरिक करीब 30% वोट बैंक सीधे PK के खाते में ट्रांसफर हो सकता है। 2. सवर्ण और युवा वोट बैंक में सेंधमारी अगर बीजेपी के नए स्थानीय उम्मीदवार को लेकर एंटी-इन्कंबेंसी (नाराजगी) होती है, तो PK इसका फायदा उठा सकते हैं। बांकीपुर में करीब 1.10 लाख से अधिक युवा वोटर (18-34 आयु वर्ग) हैं। PK का ‘बिहार में रोजगार’ और ‘भविष्य का बदलाव’ वाला नैरेटिव अगर इस युवाओं और BJP के पारंपरिक वोट बैंक में 20 से 25% की भी सेंधमारी कर देता है, तो मुकाबला बराबरी पर आ जाएगा। 3. PK का खुद का सेलिब्रिटी और ब्रांड स्टेटस 2025 विधानसभा चुनाव में जन सुराज की प्रत्याशी वंदना कुमारी को 7,717 वोट मिले थे, क्योंकि वे स्थानीय चेहरा थीं। लेकिन जब प्रशांत किशोर खुद लड़ेंगे, तो पूरी पार्टी की ताकत, असीमित संसाधन, और मीडिया का पूरा फोकस इसी एक सीट पर आ जाएगा। वे इस चुनाव को ‘बिहार का भविष्य बनाम पुराना ढर्रा’ बनाकर एक नया नैरेटिव खड़ा कर सकते हैं, जो न्यूट्रल वोटर्स को खींच सकता है। ========================== ये खबर भी पढ़ें… बांकीपुर में PK को सपोर्ट करेगा महागठबंधन!:सम्राट के सामने अग्निपरीक्षा, भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई, जानिए क्या हैं समीकरण पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। जन सुराज पार्टी के के अंदर बहुत मजबूती से तैयारी चल रही है कि प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरें। सूत्रों के अनुसार ये लगभग फाइनल भी हो चुका है। चूंकि यह सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की है, इसलिए प्रशांत किशोर यहां से पूरे देश को मैसेज देना चाहते हैं। उनकी इस इच्छा को पूरी करने में महागठबंधन भी अहम भूमिका निभा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

भीलवाड़ा नेशनल हाईवे पर चलती कार में लगी आग:ड्राइवर ने कूद कर बचाई जान, शॉर्ट सर्किट की आशंका

भीलवाड़ा-उदयपुर नेशनल हाईवे 758 पर कारोई थाना इलाके में विनायक विद्यापीठ के पास रविवार को चलती कार में अचानक आग लग गई। कार भीलवाड़ा की ओर से आ रही थी। इंजन से पहले धुआं निकला और कुछ ही सेकंड में आग की लपटें उठने लगीं। ड्राइवर ने तुरंत कार का फाटक खोलकर बाहर छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। चलती कार में अचानक लगी आग मामला कारोई थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 758 का है। भीलवाड़ा की ओर से आ रही कार जैसे ही विनायक विद्यापीठ के पास पहुंची, उसी दौरान अचानक इंजन से धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकंड में इंजन से आग की लपटें निकलने लगीं। ड्राइवर ने तुरंत बाहर कूदकर बचाई जान इंजन में आग लगते ही ड्राइवर ने तुरंत कार का फाटक खोला और गाड़ी से बाहर छलांग लगा दी। कुछ ही देर में कार ने पूरी तरह आग पकड़ ली। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की चपेट में आ गई। कार में लगी आग की लपटें और धुआं काफी दूर से नजर आने लगा। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने घटना की सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी। आग लगने के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए गाड़ियों का जाम भी लग गया। आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझी, शॉर्ट सर्किट की आशंका सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब आधे घंटे तक लगातार आग बुझाने का काम किया। इसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में कार में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। गनीमत रही कि ड्राइवर समय रहते कार से बाहर निकल गया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। क्रेडिट : बद्री लाल गुरला

उदयपुर में बारिश में मौसम को किया ठंडा:रविवार को हल्की धूप निकली, सलूंबर में सबसे ज्यादा 48 और शहर में 6 एमएम बारिश

उदयपुर में पिछले 2 दिनों में हुई बारिश से तापमान में कमी आई है। बारिश के चलते उमस और गर्मी से राहत मिली और तापमान में करीब 32.5 डिग्री बना हुआ है। रविवार को दोपहर तक आसमान में बादलों की आावाजाही होती रही और बारिश का मौसम बनता रहा। हालांकि दोपहर तक बारिश नहीं हुई। सुबह से रूककर हल्की धूप निकली और फिर बादलों के कारण कम हो गई। इससे पहले शनिवार को उदयपुर शहर का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री से. और न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री से. दर्ज किया गया। रविवार शाम तक एक बार फिर हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को लेकसिटी में मानूसन की पहली बारिश हुई थी। बाढ़ नियत्रंण केन्द्र से जारी आंकड़ों के अनुसार रविवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में सलूंबर में सबसे ज्यादा 48 एमएम बारिश हुई। वही उदयपुर शहर में सबसे कम 6 एमएम बारिश दर्ज की गई। जयसंमद में 19, देवास में 12 और डाया डैम पर 6 ​एमएम बारिश दर्ज की गई है। इस सीजन में अब तक उदयपुर में 59 एमएम और सलूंबर में 105 एमएम बारिश हो चुकी है। मानसून की पहली तेज बारिश के बाद उदयपुर के मौसम में ठंडक घुल गई। शनिवार को भी शहर में तेज बारिश का दौर शाम करीब 5 बजे शुरू हो गया था। शहर के अलग-अलग हिस्से में बारिश हुई। शहर के शोभागपुरा 100 फीट रोड पर तेज बारिश के चलते दो पहिया वाहनों पर चल रहे लोग गाड़ियों को रोककर बारिश से बचने का प्रयास करते देखे गए। यहां पर तेज हवा के साथ बारिश हुई। मौसम एक्पपर्ट आरएस देवड़ा ने बताया कि अगले 2-3 दिन बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होगी।

दोस्त ने दोस्त की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंका:छोटा भाई बोला- राजस्थान पुलिस की तैयारी कर रहा था भाई, दोस्त से मिलने से पहले बहन से बात की थी

भरतपुर के सेवर थाना इलाके में 2 जुलाई को झाड़ियों में एक युवक का शव मिला था। आज उसकी शिनाख्त हो गई है। मृतक के भाई का कहना है कि सुगम के दोस्त ने ही उसकी हत्या की है। जिसके बाद शव झाड़ियों में फेंक दिया है। राजस्थान पुलिस की तैयारी कर रहा था युवक केशव निवासी नगला छतरी थाना लखनपुर ने बताया कि मेरा बड़ा भाई सुगम (22) भरतपुर में किराए पर कमरा लेकर रहता था। वह ब्लिंकिट में पार्ट टाइम नौकरी और राजस्थान पुलिस की तैयारी कर रहा था। सुगम ने वैष्णव धर्मशाला में किराए पर कमरा ले रखा था। सुगम मोबाइल के जरिए परिवार के संपर्क में रहता था। बहन को बताया था दोस्त से मिलने जा रहा है 1 जुलाई को सुगम ने अपनी बहन भुपेश को फोन किया। सुगम ने अपनी बहन को बताया कि वह अपने दोस्त दिनेश गुर्जर के पास जा रहा है। दिनेश गुर्जर एम्युनेशन डिपो में फायरमैन पर तैनात है। 2 जुलाई को उसे दिल्ली पेपर देने के लिए जाना है। बहन से बात करने के बाद सुगम अपने दोस्त से मिलने के लिए चला गया। 3 दिन तक परिजन सुगम को ढूंढते रहे शाम करीब 6 बजे भूपेश ने वापस अपने भाई सुगम को फोन किया। भूपेश ने यह बात अपने परिवार वालों को बताई। परिजन 3 दिन तक सुगम को ढूंढते रहे। उसका कुछ पता नहीं लगा। कल परिजनों को पता लगा कि सुगम का शव आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा हुआ है। तब उन्होंने अस्पताल में आकर सुगम के शव की शिनाख्त की थी। 2 जुलाई को मिला था सुगम का शव दूसरी तरफ 2 जुलाई को सेवर पुलिस को सूचना मिली थी कि विजय हॉस्पिटल के पास झाड़ियों में एक युवक का शव पड़ा हुआ है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया। सुगम की जीभ निकली हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर FSL की टीम बुलाकार मौके से साक्ष्य जुटाए थे। दोस्त पर हत्या का आरोप सुगम के भाई का आरोप है कि दिनेश गुर्जर ने ही उसकी हत्या की है। क्योंकि सुगम का शव दिनेश के सरकारी क्वार्टर से 5 सौ मीटर की दूरी पर पाया था। उसने ही सुगम की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंका है। शव का मेडिकल बोर्ड से हुआ पोस्टमार्टम सेवर थाने SI करतार सिंह ने बताया कि 2 जुलाई को झाड़ियों में एक शव मिला था। आज उसकी शिनाख्त हो गई है। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। परिजनों ने FIR दर्ज करवा दी है। मामले की जांच की जा रही है।

11-हजार केवी लाइन का इंसुलेटर टूटा घरों में करंट:एक महिला समेत दो गायों की मौत, 3 लोग करंट की चपेट से झूलसे

कोटा के अनंतपुरा थाना क्षेत्र की बरड़ा बस्ती स्थित क्रेशर रोड इलाके में आज साढ़े 12 बजे हाईटेंशन बिजली लाइन में हुए हादसे ने पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मचा दी। जानकारी के अनुसार 11 केवी विद्युत लाइन का इंसुलेटर टूटने के बाद करंट आसपास के घरों में फैल गया। अचानक घरों में करंट दौड़ने से लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। इस हादसे में एक महिला सलमा की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग भी झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे में जमीन पर करंट फैलने से दो गायों की भी मौत हो गई। अनंतपुरा थाना अधिकारी रमेश कविया ने बताया कि बरड़ा बस्ती में दो मकानों के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। इसी दौरान लाइन का इंसुलेटर टूट गया, जिसके बाद करंट दो घरों के बीच फैल गया और यह बड़ा हादसा हो गया। पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इंसुलेटर टूटने की वजह क्या थी और कहीं लापरवाही तो इस हादसे का कारण नहीं बनी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। लोगों ने क्षेत्र में गुजर रही हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

करौली में लिपिक भर्ती परीक्षा में 74% अभ्यर्थी हुए शामिल:12 केंद्रों पर पहली पारी संपन्न, कड़ी जांच के बाद मिला प्रवेश

करौली में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय/कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यह परीक्षा जिला मुख्यालय के 12 केंद्रों पर 2 पारियों में आयोजित की जा रही है। पहली पारी का एग्जाम हो चुका है। पहली पारी में कुल 4512 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3350 मौजूद रहे, जबकि 1162 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। इस पारी में उपस्थिति का प्रतिशत 74.25 रहा, वहीं अनुपस्थिति 25.75 प्रतिशत दर्ज की गई।
परीक्षा की पहली पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुई। शाम 6 बजे तक होगा दूसरी पारी का एग्जाम
दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित थी। जिले में कुल 4512 अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया गया था। परीक्षा के सफल संचालन के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर महावीर सिंह को परीक्षा समन्वयक और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता को अतिरिक्त समन्वयक नियुक्त किया गया था। अधिकारियों ने परीक्षा से पहले सभी केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, यातायात, पेयजल और विद्युत सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं।

यमुना जल समझौते पर मंत्री का दावा 'भ्रामक':यमुना जल संघर्ष समिति के संयोजक यशवर्धन सिंह शेखावत ने लगाया आरोप, RTI का हवाला देकर सरकार से मांगा जवाब,

यमुना जल परियोजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। यमुना जल संघर्ष समिति के संयोजक यशवर्धन सिंह शेखावत ने जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें मंत्री ने कहा था कि परियोजना से संबंधित समझौता ज्ञापन (MOA) सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध है। शेखावत ने इसे जनता को गुमराह करने वाला बयान करार दिया है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन मंत्री या तो अपने बयान के समर्थन में लिंक साझा करें या फिर जनता से भ्रामक जानकारी देने के लिए माफी मांगें।
​यह है पूरा मामला ​हाल ही में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने सार्वजनिक मंचों से यह दावा किया था कि यमुना जल परियोजना का MOA आमजन के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यशवर्धन सिंह शेखावत ने चुनौती दी कि यदि यह सच है, तो सरकार को तत्काल उस पोर्टल का नाम और लिंक साझा करना चाहिए। ​शेखावत ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय जल आयोग (CWC), अपर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) या राजस्थान सरकार के किसी भी आधिकारिक पोर्टल पर यह दस्तावेज़ कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है। ​RTI का जवाब न मिलने पर उठाए सवाल ​यशवर्धन सिंह शेखावत ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्वयं 29 मई 2026 को अपर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन दायर किया था। ​शेखावत ने आरोप लगाया कि कानूनी समय-सीमा बीत जाने के बाद भी आज तक उन्हें कोई उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, यदि सब कुछ सार्वजनिक है और पोर्टल पर उपलब्ध है, तो फिर RTI का जवाब देने में परेशानी क्यों की जा रही है। यह स्पष्ट करता है कि जानकारी को जनता से छुपाया जा रहा है। ​सरकार से ये हैं प्रमुख मांगें
​यमुना जल परियोजना शेखावाटी के लाखों लोगों के भविष्य और प्यासे खेतों की सिंचाई से जुड़ी है। इसे देखते हुए संघर्ष समिति ने राज्य सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं। नवीन समझौता ज्ञापन (MOA) की प्रमाणित प्रति तत्काल सार्वजनिक की जाए। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और उसकी वर्तमान स्थिति को पोर्टल पर डाला जाए। परियोजना की कुल लागत, वित्तीय भागीदारी और इसे पूरा करने की समय-सीमा स्पष्ट की जाए। UYRB में लंबित RTI आवेदन का तत्काल उत्तर दिया जाए ​ ​पारदर्शिता लोकतंत्र का आधार ​यशवर्धन सिंह शेखावत ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही पारदर्शिता से तय होती है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शेखावाटी की जनता अपने जल अधिकारों के प्रति सजग है। जब तक सरकार पूरी योजना का खाका, बजट और समय-सीमा सार्वजनिक नहीं करती, तब तक इस तरह के दावों पर विश्वास करना मुश्किल है।

सलूम्बर में 'क्लीन सलूम्बर-ग्रीन सलूम्बर' टीम सक्रिय:महीनों से तालाब-नदियों की सफाई, प्लास्टिक छोड़ने की अपील

सलूम्बर शहर में ‘क्लीन सलूम्बर-ग्रीन सलूम्बर’ टीम जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण की स्वच्छता के लिए सक्रिय है। यह टीम पिछले कई महीनों से प्रत्येक रविवार को तालाबों और नदी की नियमित सफाई का अभियान चला रही है। इस जनअभियान में सेवानिवृत्त शिक्षक, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमी स्वेच्छा से श्रमदान करते हैं। जल स्त्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील अभियान के तहत टीम आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी कर रही है। सदस्यों ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की है। उनका कहना है कि एकल उपयोग वाली प्लास्टिक जल स्रोतों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन रही है। टीम ने नागरिकों से अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया, जिससे शहर के तालाब और नदियां स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त रह सकें। अभियान से जुड़े शंकरलाल भोई ने पूजा सामग्री के निस्तारण पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पूजा-अर्चना के बाद फूल-माला, कपड़े, प्लास्टिक और अन्य सामग्री को सीधे नदी या तालाबों में प्रवाहित करना उचित नहीं है। यह सामग्री जलाशयों में जमा होकर प्रदूषण फैलाती है और लोगों के पैरों तले आने से उसका सम्मान भी नहीं रह पाता। भोई ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे पूजा सामग्री का वैज्ञानिक एवं सम्मानजनक तरीके से निस्तारण करें, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण की भी रक्षा हो सके। हाल ही में आयोजित सफाई अभियान में राकेश प्रजापत, रामभरोसे पुरोहित, रामचन्द्र और शिवानंद पुरोहित सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने श्रमदान किया और अभियान को सफल बनाया।

जोधपुर में 3 युवतियां, विवाहिता और बुजुर्ग घर से लापता:बिना बताए घर से निकले, परिवार परेशान; सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

जोधपुर में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन युवतियों, एक विवाहिता, एक नाबालिग लड़की और एक बुजुर्ग के लापता होने के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने गुमशुदगी के मामले दर्ज कर सभी की तलाश शुरू कर दी है। 19 साल की बेटी को कोई सुराग नहीं मिला: महामंदिर थाना क्षेत्र यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी 19 वर्षीय बेटी शनिवार को बिना बताए घर से कहीं चली गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आस-पड़ोस में उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सहायक उप निरीक्षक (ASI) हुकमाराम को सौंपी है। विवाहिता-युवती लापता, परिवार परेशान: सूरसागर थाना क्षेत्र सूरसागर थाने में एक विवाहिता और एक युवती के लापता होने के मामले दर्ज किए गए हैं। पहली रिपोर्ट में एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी 38 वर्षीय पत्नी शुक्रवार को बिना बताए घर से निकली थी, जो वापस नहीं लौटी। इस मामले की जांच एएसआई देवाराम कर रहे हैं। वहीं, इसी थाना क्षेत्र से शुक्रवार को ही एक अन्य युवती के भी अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। बिना बताए घर से नाबालिग बेटी: भगत की कोठी थाना क्षेत्र भगत की कोठी थाना इलाके से एक नाबालिग लड़की और एक बुजुर्ग के लापता होने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहली रिपोर्ट में परिजनों ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी 27 जून की रात को बिना बताए घर से कहीं चली गई, जो अब तक वापस नहीं लौटी है। वहीं, दूसरी रिपोर्ट में परिजनों ने बताया कि घर के बुजुर्ग 1 जुलाई को किसी काम से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे और न ही उनका कोई पता चल पाया है। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है