महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों, पुलिस हर कदम पर आपके साथ : एसपी

पुलिस प्रशासन द्वारा जिले में महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को जिला मुख्यालय पर टाउन हॉल में महिलाओं से संवाद व सम्मान समारोह हुआ। समारोह में आए एसपी निश्चय प्रसाद एम ने उपस्थित महिलाओं से संवाद करते हुए सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी। एसपी ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और किसी भी विपरीत परिस्थिति में मुखर होकर आवाज उठाएं, पुलिस हर मोड़ पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि डीजीपी के निर्देशानुसार यह राज्य स्तरीय अभियान 1 जुलाई से 29 जुलाई तक चलाया जा रहा है। टाउन हॉल में जहां 400 से अधिक महिलाएं उपस्थित थीं, वहीं जिले के अधीनस्थ थानों के अटल सेवा केंद्रों के जरिए करीब दो हजार महिलाएं ऑनलाइन जुड़ीं। उत्कृष्ट कार्य करने वाली 29 महिलाओं को सम्मानित किया गया। एसआईयूसीएडब्ल्यु की एएसपी डॉ. कृष्णा ने आभार जताया। समारोह में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिन, आशा सहयोगिनी, एनएसएस/एनसीसी कैडेट्स, स्कूल-कॉलेज की शिक्षिकाएं आदि शामिल हुई।

सरकार की सख्ती; पुलिस ने खामियों का सर्वे कराया:रोड समतल करें और हर 5 से 10 किमी पर रम्बल स्ट्रिप्स लगाएं, इससे ड्राइवर अलर्ट रहेंगे

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लगातार बढ़ रहे हादसों को रोकने के लिए सरकार की सख्ती के बाद पुलिस ने खामियों का सर्वे कराया है। जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने सर्वे में सामने आई कमियों को दूर कराने के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा है। इसमें रोड अलाइनमेंट और समतलीकरण दुरुस्त कराने, हर 5 से 10 किमी पर रम्बल स्ट्रिप्स लगाने, रेस्ट एरिया बढ़ाने और एक्सप्रेस-वे को सीसीटीवी कवरेज में लेने जैसे सुझाव दिए गए हैं। आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर कई जगह सड़क समतल नहीं है। कुछ स्थानों पर अचानक गड्ढेनुमा स्ट्रक्चर और सड़क की असमानता के कारण तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर रोड अलाइनमेंट और समतलीकरण ठीक कराने की जरूरत है। रात में लंबी दूरी तय करने वाले चालकों को नींद की झपकी आने का खतरा रहता है। इसलिए प्रत्येक 5 से 10 किलोमीटर पर पर्याप्त संख्या में रम्बल स्ट्रिप्स लगाने का सुझाव दिया गया है, ताकि वाहन चालक अलर्ट रहें। साथ ही दुर्घटना संभावित स्थानों पर अतिरिक्त चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाने की भी अनुशंसा की गई है। इंटरकनेक्टिविटी प्वाइंट पर अचानक लेन बदलने से हादसे सर्वे में सामने आया कि इंटरकनेक्टिविटी प्वाइंट पर चालक अचानक लेन बदलते हैं। इससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। आईजी ने सुझाव दिया है कि ऐसे प्वाइंट से करीब एक किलोमीटर पहले ही नीचे उतरने के लिए अलग लेन निर्धारित की जाए। साथ ही बड़े आकार के संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि चालक समय रहते अलर्ट हो सकें और अचानक कट न मारें। जयपुर-बांदीकुई के बीच रेस्ट एरिया नहीं, मुख्य मार्ग पर खड़े हो रहे वाहन जयपुर से बांदीकुई के बीच रेस्ट एरिया नहीं है। ऐसे में भारी वाहनों के चालक टायर गर्म होने या विश्राम के लिए वाहनों को मुख्य मार्ग पर ही खड़ा कर देते हैं। यह हादसों का बड़ा कारण बन सकता है। पत्र में इस हिस्से में रेस्ट एरिया विकसित करने का सुझाव दिया गया है। रेस्ट एरिया में ट्रक चालकों के लिए सस्ती दरों पर भोजनालय की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि चालक भोजन या आराम के लिए गलत जगह वाहन न रोकें। जून में 34 हादसे, 40 मौतें 1 जुलाई को दौसा में हुए हादसे के बाद आईजी राहुल प्रकाश ने एक्सप्रेस-वे का खुद निरीक्षण किया था। इसके बाद कमेटी से भी विजिट कराई गई। दौसा-अलवर क्षेत्र में पिछले दिनों हादसे लगातार बढ़े हैं। एक्सप्रेस-वे पर यातायात भी बढ़ रहा है। पिछले साल जून में 170 किलोमीटर के क्षेत्र में 25 हादसे हुए थे, जिनमें 21 लोगों की मौत हुई थी। इस साल जून में 34 हादसे हुए, जिनमें 40 लोगों की मौत हुई और 65 लोग घायल हुए। ट्रॉमा सेंटर और रेस्क्यू संसाधन बढ़ाने का सुझाव अलवर-दौसा क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर बनाने की जरूरत बताई गई है। साथ ही प्रत्येक रेस्ट एरिया में दमकल, एम्बुलेंस, क्रेन, वेल्डिंग मशीन, कटिंग उपकरण और प्रशिक्षित ऑपरेटर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है। इससे हादसे के बाद घायलों को समय पर मदद मिल सकेगी और वाहन में फंसे लोगों को जल्द निकाला जा सकेगा। कैमरे बदलें, ओवरस्पीडिंग व नो-पार्किंग पर ई-चालान हों आईजी ने एक्सप्रेस-वे को सीसीटीवी कवरेज में लेने का सुझाव भी दिया है। इससे ओवरस्पीडिंग और नो-पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों के ऑटोमैटिक ई-चालान हो सकेंगे। पहले लगाए गए कई कैमरे खराब हो चुके हैं। इन्हें बदलकर बेहतर क्वालिटी के कैमरे लगाने की जरूरत बताई गई है। एक्सप्रेस-वे पर लगातार बढ़ रहे हादसों को रोकने के लिए कमेटी से सर्वे कराया है। जो खामियां मिली हैं, उन्हें दुरुस्त कराने के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा है।
– राहुल प्रकाश, रेंज आईजी, जयपुर

बड़, पीपल, नीम लगाने का अभियान शुरू

सादुलपुर | संत कबीर मानव धर्म चेतन आश्रम संत रतनदास महाराज द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में निशुल्क पौधरोपण का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक नीम, बड़, पीपल लगवाने के लिए उनसे संपर्क कर सकते हैं। पौधरोपण का किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, बल्कि आश्रम की तरफ से यह सुविधा निशुल्क रहेगी।

राजस्थान के हर 10वें सरकारी स्कूल में बिजली नहीं:7,200 स्कूलों में 1 शिक्षक, 140 में शून्य विद्यार्थी…पर 189 टीचर

राजस्थान में स्कूलों की संख्या और शिक्षक-छात्र अनुपात देखने पर शिक्षा व्यवस्था संतुलित नजर आती है। 1,06,445 स्कूल, 7,93,158 शिक्षक और 1.59 करोड़ विद्यार्थी हैं। औसत छात्र-शिक्षक अनुपात 20:1 है। लेकिन यूडाइस 2025-26 रिपोर्ट बताती है कि तस्वीर अलग है। 7,200 स्कूल ऐसे हैं जहां एक शिक्षक है। इनमें 1 लाख 78 हजार 531 विद्यार्थी हैं। दूसरी ओर, 140 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी विद्यार्थी नहीं है, लेकिन 189 शिक्षक हैं। मूलभूत सुविधा की बात करें तो कुल स्कूलों में से 98,399 (92.4%) में बिजली कनेक्शन है, जबकि 97,405 (91.5%) स्कूलों में कार्यशील बिजली उपलब्ध है। सरकारी स्कूलों की स्थिति निजी स्कूलों से कमजोर है। 69,983 सरकारी स्कूलों में से 63,809 (91.2%) में बिजली कनेक्शन है और 63,117 (90.2%) में बिजली है। यानी करीब हर दस में एक सरकारी स्कूल आज भी कार्यशील बिजली से वंचित है। असमानता… देश में पहली बार एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या घटी… लेकिन अब भी एक लाख से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं देशभर में एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है। 2025 सत्र में 1,04,125 की तुलना में 2026 सत्र में 1,00,843 बचे हैं। हालांकि, आंध्र प्रदेश में बीते साल 3,445 एकल शिक्षक स्कूल बढ़ गए। महाराष्ट्र में 1,117 स्कूल, राजस्थान में 1,063 स्कूल, कर्नाटक में 693 स्कूल, झारखंड में 655 स्कूल, असम में तमिलनाडु में 286 स्कूल, असम में भी ऐसे 339 स्कूल, हरियाणा में 212 स्कूल, हिमाचल प्रदेश में 164 स्कूल और बिहार में 141 स्कूल बढ़े।

बाजार में मोबाइल मिला, मालिक को लोटाया

चौथ का बरवाड़ा| तहसील क्षेत्र के राजकीय विद्यालय जाझेड़ा के वरिष्ठ अध्यापक सांवरा गुर्जर व उनके बड़े भाई छीतर गुर्जर कंवरपुरा ने एक व्यक्ति का गिरा मोबाइल लोटाया। शिक्षक ने बताया उन्हें अलीगढ़ के बाजार में ओप्पो कंपनी का महंगा मोबाइल पड़ा हुआ मिला। इसकी कीमत 27 हजार रुपए थी। दोनों ने मोबाइल में मिले नंबरों के आधार पर मोबाइल मालिक रामप्रसाद मीणा देवरी खोहल्या को लौटाया।

अवैध हुक्का बार में 15 पकड़े, इनमें आठ सवाईमाधोपुर जिले के लोग

कासं| सवाईमाधोपुर पुलिस थाना बजाज नगर, जयपुर पूर्व की स्पेशल टीम ने डिओना रेस्ट्रो में अवैध हुक्का बार पर कार्रवाई कर 15 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों में आठ युवक सवाईमाधोपुर जिले के हैं। पुलिस ने 10 युवकों का कोटपा एक्ट के तहत चालान किया है। अवैध हुक्का बार से 10 हुक्का, 10 चिलम, 22 पाइप, 1 चिमटा, 1 कोयला जाली, 3 खुले फ्लेवर पैकेट जब्त किए हैं। पुलिस ने संचालक को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त, जिला जयपुर पूर्व, रंजीता शर्मा ने बताया कि जिले में अवैध तरीके से चल रहे हुक्का बार के संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। गठित टीम ने थाना क्षेत्र में अवैध रूप से हुक्का बार चला रहे कैफे डिओना रेस्ट्रो, टोंक रोड पर दबिश दी। टीम ने 10 हुक्का, 10 चिलम, 22 पाइप, 1 चिमटा, 1 कोयला जाली, 3 खुले फ्लेवर पैकेट जब्त किए। कैफे डिओना रेस्ट्रो में बैठकर हुक्का पीने वाले 10 युवकों के कोटपा एक्ट 2003 के तहत चालान काटे गए। कैफे डिओना रेस्ट्रो के संचालक मनोज कुमार (38) पुत्र कालूराम, निवासी चक 1 जी.एम.डी., पुलिस थाना संगरिया, जिला हनुमानगढ़ को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया गया। 15 युवक गिरफ्तार, इनमें 8 सवाईमाधोपुर के पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान कैफे डिओना रेस्ट्रो से 15 युवकों को गिरफ्तार किया है। हुक्का बार से गिरफ्तार युवकों में सवाईमाधोपुर जिले के नमोनारायण (21) पुत्र हरिमोहन मीणा निवासी सैलू थाना कुण्डेरा सवाईमाधोपुर, जयसिंह (19) पुत्र प्यारेलाल मीणा निवासी सारसोप थाना चौथ का बरवाड़ा, अखलेश (19) पुत्र मस्ताराम निवासी एण्डा थाना कुण्डेरा, दीपक (23) पुत्र गिर्राज निवासी भूखा थाना मलारना डूंगर, कुलदीप मीणा पुत्र मुकेश मीणा निवासी ग्राम एण्डा थाना कुण्डेरा, आकाश (19) पुत्र परसुराम मीणा निवासी सैलू थाना कुण्डेरा, नीरज मीणा (23) पुत्र हरिमोहन मीणा निवासी सैलू थाना कुण्डेरा, विक्रम (23) पुत्र आशाराम मीणा निवासी गांव सैलू थाना कुण्डेरा शामिल हैं।

भूप्रेमी की गिरफ्तारी पर आंदोलन तेज, 8 दिन में महापंचायत, संघर्ष समिति का गठन, कुंडेरा पुलिस थाना घेराव की तैयारी

सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज मीणा भूप्रेमी प्रकरण को लेकर चल रहे आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को ग्राम रावल के भैरूजी मंदिर में बैठक हुई। इसमें संघर्ष को संगठित रूप देने के लिए अंतरिम संघर्ष समिति बनाई गई। आने वाले दिनों में महापंचायत कर कुंडेरा थाने के घेराव की रणनीति बनाने का निर्णय िकया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि 26 जून को कुंडेरा थाना पुलिस ने हेमराज मीणा भूप्रेमी को अवैध रूप से गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ शांति भंग में झूठी कार्रवाई की गई। मारपीट की गई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस व राज्य सरकार से मांग की गई कि तत्कालीन थाना अधिकारी, संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। बैठक में मांग रखी गई कि गांव में हुई चोरी की जिन घटनाओं की रिपोर्ट पहले दर्ज नहीं की गई, उनकी निष्पक्ष जांच हो। बताया गया कि कलेक्टर, एसपी को गांव के लोग ज्ञापन देकर अवगत करा चुके हैं। बैठक में तय हुआ कि ज्ञापन के अनुसार थाना अधिकारी, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 8 दिन के अंदर सर्व समाज की महापंचायत होगी। उसी दिन रणनीति बनाकर पुलिस थाना कुंडेरा का घेराव किया जाएगा। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी। इसके बाद भी पुलिस वालों के खिलाफ आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। रावल गांव की बैठक में पूर्व सरपंच राम सिंह मीणा, लाखन सिंह एडवोकेट ने कहा कि रावल ही नहीं, क्षेत्र के गांवों में मंदिरों में चोरी हो रही है। किसानों की बोरिंग से केबल चोरी हर दो-चार दिन में हो रही है। पुलिस ने आज तक एक भी चोरी का खुलासा नहीं किया।

सख्त आदेश जारी:राज शाला संबलन एप से अब निजी स्कूलों का भी होगा डिजिटल निरीक्षण, अधिकारियों को मौके से ही दर्ज करनी होगी जानकारी

प्रदेश के सभी गैर-सरकारी (निजी) स्कूलों का निरीक्षण अब पूरी तरह डिजिटल होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। अब सरकारी स्कूलों की तरह ही निजी स्कूलों की व्यवस्थाओं को भी ‘राज शाला संबलन’ एप के जरिए परखा जाएगा। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस नई व्यवस्था को तुरंत और प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्कूल परिसर में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। उन्हें मौके से ही एप पर लाइव जानकारी दर्ज करनी होगी, जो ओटीपी आधारित होगी। इस दौरान स्कूल की पढ़ाई, प्रशासनिक व्यवस्था, फीस, और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था में निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की गई है। हर अधिकारी को अपने मासिक लक्ष्य का कम से कम 75 प्रतिशत निरीक्षण अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। शिक्षा विभाग हर 15 दिन में इन निरीक्षणों की वर्चुअल समीक्षा करेगा। खत्म होगा कागजी निरीक्षण: अब तक विभाग को शिकायतें मिलती थीं कि कई बार अधिकारी स्कूल जाए बिना ही दफ्तर में बैठकर ‘टेबल इंस्पेक्शन’ (कागजी रिपोर्ट) तैयार कर लेते थे। स्कूल प्रबंधन और निचले स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत से कई कमियां छुपा ली जाती थीं। ‘राज शाला संबलन’ एप इसी भ्रष्टाचार को खत्म करने का हथियार है। यह एप ‘जियो-फेंसिंग’ तकनीकपर काम करता है। इसका मतलब है कि जब तक अधिकारी स्कूल की सटीक लोकेशन (जीपीएस कोऑर्डिनेट्स) के दायरे में खड़ा नहीं होगा, तब तक एप में निरीक्षण का फॉर्म ही नहीं खुलेगा। इससे फर्जी रिपोर्टिंग और सेटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। मोनोपोली पर रोक: अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म, जूते या स्कूल बैग खरीदने का दबाव तो नहीं बनाया जा रहा।n किताबों का बदलाव: स्कूल प्रबंधन हर साल बेवजह पाठ्यपुस्तकें तो नहीं बदल रहा।n फीस नियमन: राजस्थान विद्यालय (फीस विनियमन) अधिनियम-2016 और 2017 के तहत फीस कमेटी बनी है या नहीं। इसके दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड हैं या नहीं।n बुनियादी सुविधाएं व सुरक्षा: फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, खेल का मैदान, लैब, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय और रैंप जैसी सुविधाओं की जांच।n आरटीई: शिक्षा के अधिकार से जुड़े नियमों का सही से पालन हो रहा है या नहीं। डेटा से तय हो सकेगी स्टार रेटिंग इस डिजिटल लाइव मॉनिटरिंग का लॉन्ग-टर्म फायदा सीधे अभिभावकों को मिलेगा। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो एप के जरिए जो रियल-टाइम डेटा इकट्ठा होगा, उसका इस्तेमाल भविष्य में प्राइवेट स्कूलों की ग्रेडिंग के लिए किया जा सकता है। जिन स्कूलों में सुरक्षा, आरटीई और फीस नियमों का शत-प्रतिशत पालन मिलेगा, उन्हें बेहतर ‘स्टार रेटिंग’ दी जा सकेगी। इस डेटा को शाला दर्पण पोर्टल से लिंक किया जा सकता है, ताकि नए सत्र में एडमिशन के समय पैरेंट्स आसानी से देख सकें कि कौन सा स्कूल नियमों के मामले में कितना पारदर्शी और सुरक्षित है। बता दें कि ‘राज शाला संबलन’ एप ‘जियो-टैगिंग’ तकनीक पर आधारित है। इसका मतलब यह है कि निरीक्षण अधिकारी किसी दफ्तर या घर में बैठकर खानापूर्ति नहीं कर सकते, उन्हें स्कूल की वास्तविक लोकेशन पर जाकर ही एप में डेटा दर्ज करना होगा। यह पूरी तरह से पेपरलेस प्रक्रिया है।

झुंझुनूं में 15 को लगाई जाएगी टेलीफोन अदालत

दूरसंचार उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 जुलाई को सुबह 11 बजे दूरभाष केंद्र टेलीफोन एक्सचेंज झुंझुनूं में टेलीफोन अदालत का आयोजन किया जाएगा। सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि इस अदालत में झुंझुनूं कस्बे के टेलीफोन उपभोक्ताओं की सेवाओं से जुड़े प्रकरणों व विवादों पर विचार किया जाएगा। न्यायालय या उपभोक्ता परिषद में विचाराधीन, जिनमें अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, ऐसे मामलों पर विचार नहीं होगा।

महिला सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : एसपी मैत्रेयी

चौथ का बरवाड़ा | महाराजा हम्मीर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अन्वेषण भवन, पुलिस लाइन सवाई माधोपुर में महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम, संवाद एवं सम्मान समारोह में भाग लिया। एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि राजस्थान पुलिस का इतिहास वीरता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा की गौरवशाली परंपराओं से समृद्ध रहा है। पुलिस जवानों ने अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास की भावना को साकार किया। कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, यह समाज के हर नागरिक का दायित्व है। महिला सुरक्षा, जागरूकता, सामाजिक सहभागिता विषयों पर संवाद हुआ।