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एक साल से बंद रास्ता खुलवाया, अब बनेगी सड़क:JCB से कब्जा हटवाया, PWD ने निर्माण शुरू किया

नागौर की पोटलिया माजरा ग्राम पंचायत में प्रशासन ने गुरुवार को ‘रास्ता खोलो अभियान’ के तहत करीब एक साल से बंद पड़े रास्ते को खुलवाकर किसानों को बड़ी राहत दी। जेसीबी की मदद से रास्ते पर किया गया कब्जा हटाया गया। इसके तुरंत बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क निर्माण का कार्य भी शुरू करवा दिया। नागौर तहसीलदार नृसिंह टाक ने बताया कि पोटलिया माजरा क्षेत्र के किसानों की ओर से लंबे समय से रास्ता खुलवाने की मांग की जा रही थी। शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और पांचौड़ी थाना पुलिस के जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचकर कब्जा हटवाया। खेत मालिक ने रोक रखा था रास्ता नृसिंह टाक ने बताया कि गुढ़ा भगवानदास से पोटलिया माजरा ग्राम पंचायत को जोड़ने वाली इस सड़क का निर्माण पहले ही स्वीकृत हो चुका था। प्रारंभ में यहां कच्चा रास्ता संचालित था, लेकिन सड़क निर्माण शुरू होने पर एक खेत मालिक ने अपने खेत के पास से गुजरने वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। इससे सड़क निर्माण कार्य रुक गया और ग्रामीणों व किसानों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने मौके पर जेसीबी से अवरोध हटवाया और रास्ता बहाल कराया। रास्ता खुलते ही पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया।

बैंगन की सब्जी खाई, पानी पीते ही परिवार बेहोश:एक-एक चार लोग जमीन पर गिरे, इलाज के बाद खतरे से बाहर

जैसलमेर के देवा गांव में फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, दोपहर में बैंगन की सब्जी और रोटी खाने के बाद जैसे ही उन्होंने पानी पीया, सभी एक-एक कर बेहोश होने लगे। घबराए परिजन उन्हें तुरंत देवा के स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए चारों को जैसलमेर के राजकीय जवाहिर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी हालत स्थित है। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. खाना खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
रिश्तेदार दिलीप कुमार ने बताया कि पाक विस्थापित भील परिवार के प्रेमाराम (65) के घर गुरुवार को बैंगन की सब्जी बनी थी। दोपहर में परिवार के सभी लोगों ने रोटी और सब्जी खाई। इसके बाद पानी पीते ही घर के सदस्य एक-एक कर बेहोश होकर गिरने लगे। आसपास के लोग और परिजन घबरा गए और तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर सभी को देवा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। 2. पानी पीने वालों की तबीयत बिगड़ी
दिलीप ने बताया कि पानी पीने के बाद प्रेमाराम की पत्नी नाजा (60), बेटा मिठूराम (42), उसकी पत्नी धीया (28) और बेटे सागर की पत्नी संगीता (25) की तबीयत बिगड़ गई। प्रेमाराम ने भी वही खाना खाया था, लेकिन उन्होंने पानी नहीं पिया था, इसलिए उनकी तबीयत नहीं बिगड़ी। 3. सभी खतरे से बाहर, जांच के लिए टीम रवाना
जवाहिर हॉस्पिटल अस्पताल के डॉ. नरेश शर्मा ने बताया- देवा स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद चारों को दो 108 एम्बुलेंस से जवाहिर हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। दूषित भोजन या पानी से यह परेशानी हुई है और समय पर इलाज मिलने से सभी मरीज अब खतरे से बाहर हैं। सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र पालीवाल ने बताया- घटना की सूचना मिलते ही फूड सेफ्टी टीम देवा गांव के लिए रवाना कर दी गई है। भोजन और पानी के सैंपल लेकर जांच की जाएगी।

फलोदी जिला अस्पताल में अंगदान की शपथ ली:स्वास्थ्यकर्मियों ने जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया, कहा-कई लोगों को मिल सकता है नया जीवन

फलोदी में गुरुवार को जिला अस्पताल फलोदी और ग्रामीण सेवा शिविर में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को अंगदान के प्रति जागरूक कर मानव जीवन बचाने के लिए प्रेरित करना था। अधिकारी और कर्मचारियों ने अंगदान की शपथ ली कार्यक्रम में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने अंगदान की शपथ ली। उन्होंने समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया। आगामी विश्व अंगदान दिवस (3 अगस्त) और अंगदान माह (जुलाई) के उपलक्ष्य में भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित ऑनलाइन शपथ कार्यक्रम में भी लोगों ने हिस्सा लिया। जिला अस्पताल और ग्रामीण सेवा शिविरों में उपस्थित लोगों, डॉक्टरों और चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने ऑनलाइन शपथ ग्रहण की। 5 लाख लोगों ने डिजिटल अंगदान की शपथ ली मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया- देश में पांच लाख से अधिक नागरिक डिजिटल अंगदान की शपथ ले चुके हैं। हालांकि, वास्तविक अंगदान की संख्या अभी भी अपेक्षाकृत कम है। डॉ. राठौड़ ने जोर दिया कि एक मृत अंगदाता अपने अंगों के माध्यम से आठ लोगों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। सीएमएचओ ने जिले के नागरिकों से स्वयं अंगदान के लिए आगे आने और अपने परिवार व समाज को इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने अंगदान को ‘महादान’ बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अनेक लोगों को नया जीवन दे सकता है। कई कर्मचारी और अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने तथा अधिक से अधिक लोगों को अंगदान की शपथ दिलाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर डॉ. सतीश कटारिया, डॉ. धर्मेंद्र पुनिया, नर्सिंग अधीक्षक चैनाराम गोगलु, पूर्णमल सोनी, शिवप्रकाश चांडा, रतन जैन और जयश्री सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

50 साल की महिला ट्रेन से कटी:झुंझुनूं में अपने ननिहाल आई थी, मौके पर दम तोड़ा

50 साल की महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा नेता की ढाणी और गुढ़ा रोड के बीच हुआ। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। कोतवाली थाने के ASI यूसुफ खान ने बताया- पहचान मनोहारी देवी (50) पत्नी किशन लाल सैनी के रूप में हुई है। मनोहारी देवी अपने पति के ननिहाल झुंझुनूं आई हुई थी। परिजन ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार थी। आज सुबह ही वह झुंझुनू पहुंची थी। सुबह लगभग 11:15 बजे वह घर से निकली थी, जिसके बाद दोपहर करीब 1:00 बजे यह दुखद हादसा हुआ। पुलिस के अनुसार भटिंडा-जयपुर पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 54703) भटिंडा से जयपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान नेता की ढाणी और गुढ़ा रोड के बीच महिला ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई।

खैरथल स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का एजीएम ने निरीक्षण किया:यात्रियों की सुविधाओं से जुड़ी मांगें उठीं, ट्रेनों के ठहराव और जीआरपी-आरपीएफ चौकी की मांग

खैरथल रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्यों का गुरुवार को असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एजीएम) अशोक माहेश्वरी ने निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे उठाते हुए प्रमुख ट्रेनों के ठहराव, प्लेटफॉर्म संख्या दो का बंद गेट खोलने और जीआरपी-आरपीएफ चौकी स्थापित करने की मांग की। एजीएम अशोक माहेश्वरी ने स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार, पार्किंग क्षेत्र, प्रतीक्षालय और फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) सहित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्लेटफॉर्म-2 का गेट खोलने की मांग खैरथल विकास मंच के प्रतिनिधि श्यामलाल शर्मा और मनोहर लाल परवाना ने स्टेशन परिसर में टीन शेड का विस्तार, प्लेटफॉर्म संख्या दो की ओर जाने वाला मार्ग खोलने, प्लेटफॉर्म संख्या दो से रेलवे फाटक तक समानांतर रास्ता उपलब्ध कराने और प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी। एजीएम ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जीआरपी-आरपीएफ चौकी की भी उठी मांग संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश रोघा के नेतृत्व में शहर के नागरिकों ने प्लेटफॉर्म संख्या दो की ओर हाल ही में बंद किए गए गेट को दोबारा खोलने की मांग की। उनका कहना था कि यह मार्ग करीब 50 वर्षों से यात्रियों और स्थानीय लोगों के उपयोग में था। गेट बंद होने से लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। नागरिकों ने स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ चौकी स्थापित करने के साथ-साथ प्रतीक्षालय में एक सुपरवाइजर की नियुक्ति की भी मांग की। बेहतर सुविधाओं की उम्मीद अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे आधुनिकीकरण कार्यों से खैरथल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने और क्षेत्र के रेल यातायात को नई गति मिलने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान एडीआरएम गौरव गौड़, डीसीएम जगदीश कुमार, सीनियर डिविजनल इंजीनियर मुकेश बाकोलिया सहित रेलवे विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बोलीं- ईकेवाईसी मानसिक उत्पीड़न, 5 घंटे धरना दिया:कलेक्टर नहीं मिली तो घंटाघर पर प्रदर्शन किया; ADM को सौंपा ज्ञापन

टोंक की महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन सुबह करीब 11 बजे से शाम पौने 4 बजे तक चला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलेक्टर टीना डाबी से मिलना चाहतीं थीं। दोपहर में ADM विनोद कुमार मीना भी धरना खत्म करने के लिए समझाने आए , लेकिन महिलाएं नहीं मानी। कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ गई। इससे नाराज होकर शाम पौने 4 बजे सभी महिलाएं उठकर नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंची और प्रदर्शन किया। करीब 15 मिनट बाद एडीएम विनोद मीना मौके पर आए और महिलाओं को समझाया कि कलेक्टर जरूरी काम से व्यस्त हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी मांगों को लेकर ADM को ज्ञापन सौंपा। इन मांगों का ज्ञापन सौंपा मांगों में बताया- 2 अक्टूबर 1975 को शुरू हुई आईसीडीएस योजना के 50 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने इसकी गोल्डन जुबली मनाने के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया। 50 साल की सेवा के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के बुनियादी अधिकार न्यूनतम वेतन, पेंशन ग्रेच्युटी और फंड की भी कोई घोषणा नहीं की गई। टोंक जिले के दूरदराज से पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के आने के बाद से 3 से 6 साल के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से हटाकर स्कूलों की औपचारिक शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं निजीकरण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। कहा- काम का बोझ बढ़ा है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उदाहरण देते हुए कहा कि ताजे पौष्टिक भोजन की जगह पैक्ड फूड, कैश ट्रांसफर और सेंट्रलाइज्ड कॉपोर्रेट किचन लाना और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के नाम से आंगनबाड़ियों की जगह नंद घर बनाना। पिछले कुछ वर्षों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अतिरिक्त कामों का बोझ लगातार बढ़ा है, जिसमें एफएसआरटी, ईकेवाईसी ऑनलाइन काम, जनगणना, एसआईआर और बीएलओ की ड्यूटी शामिल हैं। कलेक्टर के नाम ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि 2018 से केंद्र सरकार ने मानदेय में एक पैसा भी नहीं बढ़ाया है, जबकि महंगाई रोज बढ़ रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ग्रेच्युटी भुगतान के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अभी भी श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के नाम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नाजायज तरीके से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खराब मोबाईल फोन, नेटवर्क की समस्याओं और तकनीकी गड़बड़ियों जैसी वजहों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जाता है। रिकग्निशन सिस्टम और ईकेवाईसी मानसिक उत्पीड़न उन्हें फेस रिकग्निशन सिस्टम और ईकेवाईसी को लेकर अपमान और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। जबकि सरकार ने न तो सही 5जी डिवाईस दिए हैं और न ही वाई फाई कनेक्शन।उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से आईसीडीएस के बजट में कटौती के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वेतन नहीं मिल पा रहा है साथ ही कई महीनों से भवन के किराए और अच्छी गुणवत्ता वाले भोजन के लिए भी फंड नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार कि आंगनबाड़ी विरोधी नीतियों के विरोध और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की जायज मांगो को मनवाने के लिए ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स ने 10 जुलाई को देशभर में जिला स्तर तक काला दिवस मनाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में दस जुलाई को काले कपडे पहनकर और काले झंडे लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में उषा गुप्ता, गुड्डी लक्षकार, संतरा सोयल, कौशल्या लक्षकार, ममता वर्मा, सजना, निर्मला, गायत्री, बबली, सीमा जांगिड़, मधु शर्मा, प्रतीक्षा, सीमा, नीलू माहुर, शिमला आदि शामिल रही।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय भुगतान को लेकर किया प्रदर्शन:रायपुर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, शीघ्र भुगतान की मांग

झालावाड़ में रायपुर ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। संभाग अध्यक्ष मंजू कारपेन्टर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लंबित मानदेय और विभिन्न मदों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर जुलूस निकाला और रायपुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे नियमित रूप से टीकाकरण, स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस, सुपोषण दिवस, पोषण ट्रैकर, अपार आईडी, होम विजिट, चुनाव ड्यूटी, विभिन्न सर्वे, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पोषण आहार वितरण और वजन दिवस सहित कई सरकारी योजनाओं का दायित्व निभा रही हैं। इसके बावजूद, लंबे समय से उनका मानदेय और अन्य मदों का भुगतान लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित मानदेय और अन्य बकाया राशि का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, तहसीलदार ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और समाधान का प्रयास किया जाएगा।

अंडर-19 क्रिकेट में श्रीलंंका ने भारत को हराया:आखिरी ओवर में चौका-छक्का लगाया; तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती

श्रीलंका अंडर-19 ने तीसरे यूथ वनडे में भारत को 1 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने वीके विनीत के शतक की बदौलत 50 ओवर में 8 विकेट पर 290 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने आखिरी गेंद पर एक विकेट रहते टारगेट हासिल कर लिया। हम्बनटोटा में खेले गए मुकाबले में 9 विकेट गंवा चुकी श्रीलंका को आखिरी ओवर में 11 रन की जरुरत थी। चमिका हीनातिगला ने पहले चौका-छक्का लगाया और आखिरी गेंद पर सिंगल लेकर टीम को जीत दिला दी। चमिका ने 68 गेंद पर नाबाद 84 रन बनाए। विनीत ने 131 रन बनाए, लक्ष्य की फिफ्टी भारत के लिए वीके विनीत ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 136 गेंदों पर 13 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 131 रन बनाए। लक्ष्य रायचंदानी ने 63 गेंदों पर 7 चौकों के साथ 61 रन का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी कर भारतीय पारी को संभाला। हालांकि, भारतीय टॉप ऑर्डर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। कप्तान यशवर्धन चौहान 6 रन और रजत बघेल 14 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। कुशाग्र ओझा ने 3, अर्जुन राजपूत ने 14 रन बनाए। सातवें नंबर पर उतरे शाविन विनोद ने 31 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 26 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि मोहित 19 रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से सेथमिका सेनेविरात्ने ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। गिम्हान मेंडिस को 2 और कविजा गामगे को 1 विकेट मिला। चमिका हीनातिगला ने दिलाई रोमांचक जीत 291 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पहला विकेट जल्दी गंवा दिया। इसके बाद सेनुजा वेकुनागोडा ने 67 रन बनाकर पारी को संभाला। कविजा गामगे (29) और किथमा विथानापथिराना (31) ने भी अहम योगदान दिया। आखिर में चमिका हीनातिगला ने मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने 68 गेंदों पर 84 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया। अंतिम ओवर में श्रीलंका को 11 रन चाहिए थे। हीनातिगला ने ओवर की दूसरी गेंद पर चौका लगाया, लेकिन अगली दो गेंदें डॉट रहीं, जिससे दबाव बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने पांचवीं गेंद पर शानदार छक्का जड़कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। आखिरी गेंद पर एक रन लेकर श्रीलंका ने 1 विकेट से मैच और 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। ————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पैराग्वे की मंत्री ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान को गाली दी:इंटरव्यू में ‘सन ऑफ बिच’ कहा; फुटबॉल वर्ल्डकप की 3 कंट्रोवर्सी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। अमारिला ने अब एम्बाप्पे को पिल्ला (सन ऑफ बिच) कहा है। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से इनकार किया है। पूरी खबर

15 साल की लड़की से गैंगरेप, चार आरोपी गिरफ्तार:जबरन उठाकर फॉर्म हाउस पर उठाकर लेकर गए; जान से मारने की दी धमकी

15 साल की लड़की से गैंगरेप के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पीड़िता को घर में अकेला पाकर जबरन उठाकर फॉर्म हाउस पर लेकर गए थे। वहां नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप किया। अगले दिन जान से मारने की धमकी देकर रास्ते में छोड़कर भागे थे। मामला खैरथल-तिजारा जिले का है। परिजनों की शिकायत के बाद सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल भी करवाया है। गैंगरेप कर जान से मारने की धमकी दी पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह और उनकी पत्नी रिश्तेदारी में गए थे। घर में 15 साल की बेटी अकेली थी। इसका फायदा उठाकर 20 जून की रात आरोपी दीवार फांदकर घर में घुस गए। आरोपी बेटी का मुंह दबाकर जबरन घसीटते हुए बाहर खड़ी बाइक पर पटक कर एक फॉर्म हाउस पर ले गए, वहां नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप किया। अगले दिन जान से मारने की धमकी देकर रास्ते पर छोड़कर चले गए। घर आकर बेटी ने आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया। चार आरोपी गिरफ्तार मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन एक ही गांव के हैं, जबकि चौथा आरोपी कोटा का रहने वाला है, जो इनका परिचित बताया जा रहा है।

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:बेटे ने पीट-पीटकर पिता को मार डाला; कोबरा लेकर अस्पताल पहुंचा युवक; महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर झुंझुनूं जिले से है। यहां PWD विभाग में UDC के पद पर तैनात बेटे ने अपनी मां की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. एंट्री के 7 दिन बाद पूरे राजस्थान में छाया मानसून
राजस्थान में 2 जुलाई को एंट्री करने वाले मानसून ने गुरुवार को पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है। सबसे आखिर में मानसून बीकानेर और श्रीगंगानगर में पहुंचा। धौलपुर के मनियां इलाके में बारिश से 2 मंजिला मकान ढह गया। 6 लोग मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने निकाला। पूरी खबर पढ़ें 2. टीचर फाइल में छिपाकर ले गया था LDC का पेपर
जैसलमेर में LDC (ग्रेड सेकेंड) भर्ती परीक्षा में नकल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महिला अभ्यर्थी को टीचर ने नकल कराई, जो CCTV में कैद हो गया। टीचर फाइल में पेपर छिपाकर बाहर ले गया था। इस दौरान दूसरे अभ्यर्थियों ने आपत्ति की तो कहा- तुम्हें भी बता देंगे, शोर मत करो। पूरी खबर पढ़ें 3. PWD कर्मचारी ने मां को मार डाला, चाकू से किए वार
झुंझुनूं के नवलगढ़ थाना इलाके में PWD विभाग में UDC के पद पर तैनात बेटे ने अपनी ही बुजुर्ग मां की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। पूरे कमरे में खून फैल गया। वारदात के बाद बेटे ने खुद अपनी बहन और जीजा को फोन कर कहा- मैंने मां को मार डाला है। पूरी खबर पढ़ें 4. सोशल मीडिया पोस्ट से गर्माया माहौल, इंटरनेट सेवा बंद
करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद माहौल गर्मा गया। इसके बाद प्रशासन ने बुधवार रात 12 बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी। इसके अलावा सवाई माधोपुर जिले की 3 तहसीलों में भी इंटरनेट बंद कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें 5. बेटे ने डंडों से पीट-पीटकर पिता को मार डाला
बाड़मेर में सियोलो की ढाणी में बेटे ने अपने ससुर-साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी, जिसके रुपए बेटा मांग रहा था। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. कोबरा ने डसा, डिब्बे में डालकर अस्पताल पहुंचा युवक
पाली में युवक को कोबरा ने अंगुली पर डस लिया। उसने सांप को डिब्बे में बंद किया और अस्पताल लेकर पहुंच गया। कोबरा डिब्बे में फुफकार रहा था, जिसे देख लोग घबरा गए। युवक ने डॉक्टर से कहा- 12 सालों से सांप पकड़ रहा हूं। पहली बार काटा है, मेरा इलाज करो। पूरी खबर पढ़ें 7. अतिक्रमण हटाने पर हंगामा, जेसीबी पर चढ़ा युवक
जोधपुर में भदवासिया मंडी इलाके में नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो हंगामा हो गया। एक होटल मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़क लिया और हाथ से कांच का गेट तोड़ दिया। एक युवक की चाय की केबिन हटाई तो वह टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगा और जेसीबी पर चढ़ गया। पूरी खबर पढ़ें 8. हिरण का शिकार करते पकड़े गए, मांस बरामद
बालोतरा के गिड़ा थाना इलाके में ग्रामीणों ने हिरण का शिकार करने वाले 3 आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों के पास से हिरण का मांस, शिकार में इस्तेमाल कटर, टॉर्च और बाइक बरामद हुई है। ग्रामीणों को देख तीनों शिकारी भागने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने 10 किमी तक पीछा कर पकड़ लिया। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया
झालावाड़ के जनाना अस्पताल में एक महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया है। इनमें 3 बेटियां और 1 बेटा है। डिलीवरी के बाद मां की हालत सामान्य है, जबकि वजन कम होने के कारण चारों बच्चों को NICU में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी रख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. ओबीसी परिवारों का सर्वे करने घर-घर जाएंगे कर्मचारी
प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों से पहले ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे।