सरकार बोली- पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना एक एक्सपेरिमेंट:असर अगले साल पता चलेगा; सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा सप्लाई पॉलिसी जारी रखने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को विन्प डिस्टिलरीज एंड शुगर प्राइवेट लिमिटेड से एथेनॉल खरीद बढ़ाने पर विचार करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश BPCL की याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार की मौजूदा पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं होगा। BPCL ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण की राष्ट्रीय नीति को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्रोग्राम अभी भी एक्सपेरिमेंट है। इसका पूरा असर अगले साल तक पता चलेगा। क्या है एथेनॉल सप्लाई का विवाद एथेनॉल सप्लाई का यह विवाद कर्नाटक की विन्प डिस्टिलरीज एंड शुगर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका से जुड़ा है। विन्प ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए दलील दी थी कि उसका एथेनॉल बनाने का प्लांट है। इसकी सलाना उत्पादन क्षमता करीब 9.90 करोड़ लीटर है, लेकिन उसे केवल 3.92 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया है। सरकार ने कहा था कि किसी कंपनी को पहले ज्यादा आवंटन मिला तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कंपनी को हर बार उतनी ही मात्रा में आवंटन मिलेगा। हाईकोर्ट ने BPCL को खरीद कोटा बढ़ाने पर विचार करने को कहा। इस आदेश के खिलाफ BPCL ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट रूम लाइव- अटॉर्नी जनरल: यदि एक सप्लायर का कोटा बढ़ाया जाता है तो अन्य कंपनियां भी समान मांग लेकर अदालत पहुंच सकती हैं। इससे देशभर में ऐसे मामलों की बाढ़ आ सकती है और नेशनल पॉलिसी प्रभावित होगी। एथेनॉल सप्लाई के अनुबंध अक्टूबर 2025 में अंतिम रूप ले चुके हैं। 378 सप्लायर्स को कुल 1,050 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति का आवंटन किया गया था, जिनमें से 18 जून तक 680 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हो चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि BPCL ने पहले कर्नाटक हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील क्यों नहीं की। अटॉर्नी जनरल: इसी तरह की कई याचिकाएं देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में पेंडिंग हैं। इस मुद्दे पर अक्टूबर से पहले फैसला होना जरूरी है, क्योंकि उसी समय एथेनॉल सप्लाई का नया एग्रीमेंट होना है। हाईकोर्ट ने कहा था- एथेनॉल सप्लाई बढ़ाने पर विचार करें कर्नाटक हाईकोर्ट ने BPCL, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को आदेश दिया था कि वे VINP डिस्टिलरीज एंड शुगर्स की 2025-26 के लिए ज्यादा एथेनॉल आवंटन की मांग पर विचार करें। कोर्ट ने कहा था कि सरकार की नीति के तहत बने ऐसे एथेनॉल प्लांट, जो सिर्फ ऑयल कंपनियों को एथेनॉल बेचते हैं, उन्हें लॉन्ग टर्म ऑफटेक एग्रीमेंट (LTOA) के तहत मिलने वाली प्राथमिकता का लाभ मिलना चाहिए। सरकार बोली- 1.4 लाख करोड़ की बचत हुई सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण योजना से कच्चे तेल का आयात कम हुआ है और देश को 1.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ी है और प्रदूषण भी कम हुआ है। भारत ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले पूरा कर लिया है। 1 अप्रैल से पूरे देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल मिल रहा है। अब सरकार ने 2030 तक 30% एथेनॉल मिश्रण का नया लक्ष्य रखा है। सरकार ने E20 को बताया सुरक्षित हाल के दिनों में कुछ लोगों, खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े लोगों ने आशंका जताई है कि E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है और ईंधन दक्षता कम हो सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज किया है। तेल मंत्रालय ने हाल ही में कहा था कि E20 ईंधन से वाहन इंश्योरेंस अमान्य होने या वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावों के समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। मंत्रालय के अनुसार, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम सुरक्षित, उपभोक्ता हितैषी और आर्थिक रूप से फायदेमंद है। कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा सरकार के मुताबिक, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से भारत ने कच्चे तेल के आयात पर 1.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ी है, प्रदूषण कम हुआ है और किसानों को भी फायदा मिला है। भारत पिछले साल ही पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले हासिल कर चुका है। एक अप्रैल से पूरे देश में E20 पेट्रोल की सप्लाई शुरू हो चुकी है। अब सरकार 2030 तक इसे बढ़ाकर 30% करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। —————————————- ये खबर भी पढ़ें: 20% से ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो, पेट्रोल पंप पर मिल रहे E20 पेट्रोल पर कोई राहत नहीं केंद्र सरकार 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लेगी। अभी ज्यादातर जगहों पर 20% एथनॉल मिला पेट्रोल मिलता है जिसपर कोई राहत नहीं दी गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल का इम्पोर्ट कम होगा और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर… एथेनॉल से पेट्रोल टैंक में जम रही काली फंगस, माइलेज घटा, सर्विसिंग का खर्च दोगुना, नमी से इंजन में जंग का दावा विक्रम दिल्ली के पालिका भवन में काम करते हैं। तीन साल पहले पुरानी कार खरीदी। एक साल बाद ही कार के फ्यूल सिस्टम में दिक्कत आ गई। पता चला कि कार में सिर्फ 10% एथेनॉल (E10) वाला पेट्रोल ही डाल सकते थे, लेकिन 20% एथेनॉल वाला, यानी E20 फ्यूल डाल दिया गया। इसका असर कार के माइलेज पर भी दिख रहा है। पहले साल में कार की सर्विसिंग में 15-20 हजार रुपए खर्च हुए। अगले साल खर्च दोगुना हो गया। पढ़ें पूरी खबर…

ट्विशा केस-CBI ने गिरिबाला और समर्थ का वॉइस सैंपल मांगा:कोर्ट में कहा- लैपटॉप का पासवर्ड भी चाहिए; 14 जुलाई तक बढ़ी आरोपियों की रिमांड

एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति एडवोकेट समर्थ सिंह की ज्यूडिशियल रिमांड 14 जुलाई तक बढ़ गई है। इससे पहले मंगलवार को दोनों आरोपियों की भोपाल की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए दो आवेदन कोर्ट में रखे। इनमें जांच एजेंसी ने समर्थ के लैपटॉप का पासवर्ड मुहैया कराने और दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने की परमिशन मांगी है। इन पर 3 जुलाई को सुनवाई होगी। ट्विशा पक्ष के वकील शुभांग दीक्षित ने बताया कि समर्थ का लैपटॉप सीबीआई पहले ही जब्त कर चुकी है, लेकिन वह लॉक्ड है। डिजिटल सबूत जुटाने और फॉरेंसिक जांच पूरी करने के लिए लैपटॉप का पासवर्ड जरूरी है। दीक्षित ने कहा कि वॉयस सैंपल के आवेदन पर फिलहाल कोर्ट ने आरोपी पक्ष से जवाब मांगा है। चोरी मामले में आरोपी पक्ष को नहीं मिली राहत सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने कहा- रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर पर चोरी हुई है। उन्हें संबंधित थाना क्षेत्र ले जाकर यह दिखाया जाए कि आखिर क्या-क्या सामान चोरी गया है। इस पर सीबीआई ने आपत्ति जताई। कहा कि चोरी का मामला और ट्विशा की मौत अलग-अलग केस हैं इसलिए वर्तमान सुनवाई में इस मांग पर विचार नहीं किया जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने कहा- यदि वे ऐसी कोई मांग करना चाहते हैं तो विधिवत लिखित आवेदन पेश करें। केवल मौखिक अनुरोध के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा। कोर्ट की टिप्पणी के बाद सीबीआई ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई के पास इसके लिए कोई नया आधार नहीं है। हालांकि, अदालत ने इस आपत्ति को स्वीकार नहीं किया और दोनों आरोपियों की रिमांड बढ़ा दी। गिरिबाला के घर में घुसे थे चोर, सायरन सुनकर भागे बता दें कि 27-28 जून की दरमियानी रात रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर में चोर घुस गए थे। उन्होंने सोने के जेवरात समेत गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ सिंह से जुड़े कुछ दस्तावेजों की एक फाइल चुराने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस आने के चलते चोरों को सामान छोड़कर भागना पड़ा था। वारदात के समय गिरिबाला के बड़े बेटे घर में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोर पिछले हिस्से से घर में दाखिल हुए, इसलिए उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। इसी दौरान इलाके में गश्त कर रही पुलिस घर के पास पहुंची। उनकी गाड़ी का सायरन सुनते ही बदमाश घबरा गए और सामान छोड़कर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा भी किया लेकिन वे चकमा देने में कामयाब रहे। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें दिखी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रविवार को दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBI ने 80kg की डमी फंदे पर लटकाई, सास-पति के सामने सीन रीक्रिएट भोपाल के ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही CBI ने घटना का रीक्रिएशन कर यह समझने की कोशिश की कि उस दिन क्या हुआ था। इसके लिए CBI ने करीब 80 किलो वजन की डमी को फंदे पर लटकाया और फिर उतारा। करीब दो घंटे तक चली इस प्रक्रिया में CBI ने अब तक सामने आए तथ्यों को घटनास्थल की परिस्थितियों से मिलाने की कोशिश की। पढे़ं पूरी खबर…

निहंग की आपत्तिजनक फोटो लीक, सिख प्रचारक भड़का:परवाना बोला- निहंग बदनाम किए; विक्की थॉमस, जहां मिलेगा, वहीं जवाब देंगे

निहंग जसदीप सिंह की आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने पर सिख प्रचारक बरजिंदर सिंह परवाना ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि विक्की सिंह थॉमस ने निहंगों को बदनाम किया है। एक निहंग के पास्ट के फोटो रिलीज कर तुमने बहुत गंदी हरकत की है। परवाना ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर विक्की थॉमस को चेतावनी दी है- तुम जहां भी मिलोगे, तुम्हें वहीं जवाब दिया जाएगा। तुम्हें बताया जाएगा कि पंजाब के लोगों के साथ धोखा करने का अंजाम क्या होता है। बता दें कि बीते रविवार को निहंग विक्की सिंह थॉमस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उत्तराखंड से निहंगों और पुलिस के बीच का मसला सुलझाकर लौटे निहंग जसदीप सिंह की आपत्तिजनक तस्वीरों को दिखाया गया था। ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर सोमवार को जसदीप सिंह ने माफी भी मांगी। परवाना ने वीडियो जारी कर ये बातें कहीं… विक्की थॉमस और जसदीप सिंह के बीच का विवाद संक्षेप में… विक्की थॉमस और निहंग जसदीप सिंह के बीच विवाद धार्मिक अमर्यादा और आपत्तिजनक तस्वीरों को सोशल मीडिया पर लीक करने के बाद शुरू हुआ। यह मामला तब गरमाया जब बीते रविवार को जसदीप सिंह उत्तराखंड में चल रहे विवाद को सुलझाकर पंजाब लौटे। निहंग विक्की थॉमस सिंह ने सोशल मीडिया पर करीब 11 मिनट का एक वीडियो और कुछ बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर कीं। उनका दावा है कि इन तस्वीरों में जसदीप सिंह एक अन्य निहंग युवक के साथ समलैंगिक स्थिति में हैं। विक्की थॉमस ने एक वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग भी जारी की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि जसदीप सिंह ने अपनी इस गलती को स्वीकार किया है और कहा कि उस वक्त वह नशे की हालत में थे। विक्की थॉमस ने जसदीप पर सिखी बाने की आड़ में गलत काम करने का आरोप लगाया और उनसे माफी मांगते हुए गुरु महाराज के 5 ककार त्यागने को कहा। इसके बाद जसदीप सिंह ने सोशल मीडिया पर संगत से माफी मांगते हुए कहा कि वह जल्द ही श्री अकाल तख्त साहिब और पंज प्यारों के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे और जो भी सजा मिलेगी उसे स्वीकार करेंगे। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड से पंजाब लौटे निहंग की आपत्तिजनक PHOTOS लीक: दूसरे निहंग के साथ दिख रहे जसदीप; विक्की थॉमस ने VIDEO शेयर किया मोहाली के ऐतिहासिक सोहाना साहिब गुरुद्वारे में रविवार को जिस निहंग जसदीप सिंह पर हमले की कोशिश हुई, उसी निहंग के कुछ आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर लीक हुए हैं। ये फोटो निहंग विक्की थॉमस सिंह ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड किए। (पढ़ें पूरी खबर)

बंगाल में पेट्रोकेमिकल्स की पाइपलाइन में आग, 17 झुलसे:2 की हालत गंभीर; पास से गुजरी रेलवे लाइन पर भी असर, ट्रेन सर्विस प्रभावित

पश्चिम बंगाल के हल्दिया में सोमवार देर रात 2:45 बजे नेफ्था सप्लाई करने वाली पाइपलाइन में ब्लास्ट के बाद आग गई। इसकी चपेट में हल्दिया नगर पालिका के वार्ड-13 के चिरंजीबपुर इलाके के कई घर आ गए। घटना में 17 लोग झुलस गए। पुलिस के मुताबिक, सभी पीड़ितों को हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल में एडमिट कराया गया। 5 को तमलुक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से 2 लोगों की हालत गंभीर है। आग बुझाने में 12 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि आग सबसे पहले हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था पाइपलाइन में दिखी। कुछ ही देर में आग आसपास के रिहायशी इलाके तक फैल गई। साउथ रेलवे के मुताबिक जहां आग लगी उसके पास से हल्दिया और दुर्गाचक लाइन गुजरी है। फिलहाल ट्रेन सर्विस रोकी गई है। आग की 3 तस्वीरें… आग लगने की वजह पता नहीं पुलिस के मुताबिक पाइपलाइन में आग किस वजह से लगी, इसका पता नहीं चल सका है। पूरा इलाका कवर किया गया है। आग के कारण घटनास्थल के पास रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन के इक्विपमेंट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना पर हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा- हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है और कंपनी प्रभावित लोगों व प्रशासन को हरसंभव सहयोग दे रही है। कंपनी के अनुसार, शुरुआती जानकारी से संकेत मिलता है कि यह घटना प्लांस के पास नैफ्था की चोरी वाले स्थान के आसपास हुई हो सकती है। हालांकि, आग लगने के सही कारणों की जांच संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। रेलवे बोला- सिल्पा एंट्री गेट पर हुआ हादसा दक्षिण पूर्व रेलवे ने बताया कि सिल्पा प्रवेश गेट के पास गैस पाइप फटने के कारण मंगलवार सुबह 5:20 बजे से हल्दिया और दुर्गाचक के बीच रेल सर्विस रोकी गई है। कंपनी बोली- नैफ्था अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन कंपनी ने कहा कि नैफ्था अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन है। कंपनी पहले भी स्थानीय लोगों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट के बिना अथॉरिटी इस्तेमाल या छेड़छाड़ से होने वाले गंभीर खतरे को लेकर चेतावनी जारी करती रही है। ग्राफिक 1: नेफ्था क्या है? नेफ्था (Naphtha) क्या है? ………………. आग से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ की कोचिंग में आग, 15 मौतें: इनमें स्टूडेंट्स ज्यादा, बचने के लिए बाथरूम में छिपे, दम घुटा; 4 अफसर सस्पेंड, 4 आरोपी अरेस्ट उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 22 जून को दोपहर 1:30 बजे एक इमारत में आग लगी थी। हादसे में 15 लोगों की मौत हो हुई। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष रहे। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स थे। आग फैलने के बाद दूसरे फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। पूरी खबर पढ़ें…

मालिक को बचाने के लिए कोबरा से भिड़ी फीमेल डॉग,VIDEO:25 सेकेंड लड़े दोनों, मुंह-पंजे पर डंक मारा; करनाल में 8 मिनट में दम तोड़ा

हरियाणा के करनाल में एक पालतू फीमेल लैब्रा ने अपने मालिक की जान बचाने के लिए ब्लैक कोबरा से भिड़कर अपनी जान दे दी। घर में सांप घुसता देख डॉग जिम्मी उस पर टूट पड़ी। इस दौरान कोबरा ने उसके मुंह और पंजे पर कई बार डंक मारे, लेकिन वह पीछे नहीं हटी और लगातार उससे लड़ती रही। करीब 25 सेकेंड तक चली इस लड़ाई के बाद सांप पास में जाकर छिप गया। वहीं, डंक का जहर फैलने से करीब 8 मिनट के भीतर जिम्मी की मौत हो गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिम्मी के मालिक सुमित ठाकुर का कहना है कि अगर जिम्मी सांप से नहीं भिड़ती तो कोबरा घर के अंदर घुस सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था। तस्वीरें में जिम्मी-कोबरा की लड़ाई देखें.. सिलसिलेवार जानिए पूरी घटना… सांप दिखते ही दौड़े जिम्मी-मैक्स रविवार शाम करीब 6 बजे निसिंग निवासी सुमित ठाकुर अपने दोनों पालतू लैब्रा जिम्मी और मैक्स को घुमाने के लिए बाहर निकल रहे थे। तभी घर के गेट से एक ब्लैक कोबरा सांप अंदर घुसता दिखाई दिया। इससे पहले कि सुमित कुछ समझ पाते, दोनों कुत्ते सांप की तरफ दौड़ पड़े। 25 सेकेंड तक जिम्मी लड़ती रही सुमित ने बताया कि सांप ने जैसे ही फन फैलाया, जिम्मी ने सबसे पहले उस पर हमला कर दिया। इस दौरान कोबरा ने उसके मुंह और पंजे पर डंक मार दिया। डंक लगने के बावजूद जिम्मी लगातार सांप से लड़ता रहा। वहीं दूसरा लैब्रा मैक्स भी सांप के आसपास घूमता रहा, ताकि वह आगे न बढ़ सके। करीब 25 सेकेंड तक दोनों लड़े। स्नेकमैन बुलाकर सांप पकड़वाया सुमित ने बताया कि करीब 8 मिनट के भीतर जिम्मी के शरीर में जहर फैल गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसी दौरान सांप पास की दीवार के किनारे जाकर छिप गया। उन्होंने तुरंत स्नेकमैन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे स्नेकमैन ने कोबरा को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। सुमित ने वेटनरी डॉक्टर को भी बुलाया, लेकिन डॉक्टर के पहुंचने से पहले ही जिम्मी ने दम तोड़ दिया। IVF सेंटर चलाते हैं सुमित सुमित ठाकुर पेशे से डॉक्टर हैं और कुरुक्षेत्र में उनका इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) सेंटर है। उन्होंने बताया कि जिम्मी को करीब 9 साल पहले करनाल से लाए थे। वह परिवार का सदस्य बन चुका था। उसके खाने-पीने और रहने का पूरा ध्यान रखा जाता था। गर्मियों में उसके लिए एसी और कूलर, जबकि सर्दियों में हीटर की व्यवस्था रहती थी। तीनों बच्चों को जिम्मी-मैक्स से लगाव सुमित ने बताया कि मैक्स भी उनके साथ ही घर आया था। घर में तीन बच्चे हैं और तीनों का दोनों लैब्रा से खास लगाव था। दोनों कुत्ते डेरे की सुरक्षा भी करते थे और उनके रहते कोई भी अनजान व्यक्ति आसानी से अंदर नहीं आ सकता था।

जनरल द्विवेदी आर्मी चीफ पद से रिटायर:बोले- सेना ने जिम्मेदारियां बखूबी निभाईं, ऑपरेशन सिंदूर उदाहरण; नए जनरल धीरज सेठ ने पदभार संभाला

जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को आर्मी चीफ के पद से रिटायर हो गए। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। द्विवेदी ने कहा- दो सालों में भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर अपनी तैयारी, संतुलन और सतर्कता मजबूत बनाए रखी। ऑपरेशन सिंदूर इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज मैं यह जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वह एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेता हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को कायम रखते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। द्विवेदी की जगह जनरल धीरज सेठ ने ली है। उन्होंने आज कार्यभार संभाल लिया है। सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ हैं। उन्हें भारतीय सेना में लगभग चार दशक का अनुभव है। उन्होंने दिसंबर 1986 सेना ज्वॉइन की थी। जनरल द्विवेदी ने कहा- भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर तैयारी रखी जनरल सेठ उप सेना प्रमुख के पद पर रह चुके सेना बैकग्राउंड वाले परिवार से आते हैं सेठ आर्मी चीफ सेठ सेना के बैकग्राउंड वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद से 1997 में रिटायर हुए थे। जनरल कृष्ण मोहन सेठ ने सेना की दो बड़ी और अहम टुकड़ियों XXI स्ट्राइक कोर और III कोर की कमान भी संभाली थी। धीरज सेठ खेलों में भी गहरी रुचि रखते हैं। उन्हें टेनिस और गोल्फ खेलना पसंद है। उनकी पत्नी का नाम कोमल सेठ है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक:5 सेना, 1 एयरफोर्स का जवान, 2 को वीरता सम्मान मिला; वॉर मेमोरियल में नाम दर्ज ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 6 जवान शहीद हुए थे। केंद्र सरकार ने 13 महीनों बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर इनके नाम सार्वजनिक किए। इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

हिमाचल के जवान विशम्बर पंचतत्व में विलीन:11 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ताबूत से लिपटी; माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

ऊना जिले के मलांगड़ मियां गांव निवासी सेना के हवलदार विशम्बर सिंह आज (मंगलवार को) पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनके 11 साल के बेटे अक्षित ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले, सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। विशम्बर सिंह की पार्थिव देह सुबह 8.30 बजे घर पहुंचते ही उनकी माता शीला देवी और पत्नी सोनिया देवी ताबूत से लिपट गई। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है और बार-बार बेसुध हो रही है। कुछ देर के लिए पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा गया। विशम्बर सिंह अपने पीछे छह महीने व 11 साल के दो बेटों समेत माता-पिता और पत्नी को छोड़ गए हैं। शव यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में विशम्बर सिंह अमर रहे के नारे गूंजे।
विशम्बर ने 18 साल तक देश सेवा की हवलदार विशम्बर सिंह जुलाई 2008 में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती के कुछ साल बाद में उनका विवाह सोनिया देवी से हुआ। विशम्बर का बड़ा बेटा केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में छठी कक्षा में पढ़ता हैं। पिता रसीला राम भी सेना से रिटायर विशम्बर सिंह के पिता रसीला राम भी जैक राइफल में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान में वह चंडीगढ़ में कार्यरत हैं। उन्हें सोमवार शाम को चंडीगढ़ ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन सुबह ही उन्हें देहरादून से बड़े बेटे विशम्बर सिंह के निधन की सूचना मिली। ये अधिकारी-नेता मौजूद रहे प्रशासन की तरफ से एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, डीएसपी हेडक्वार्टर अजय ठाकुर, देहरादून से आए सैन्य अधिकारियों, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र पटियाल और लेफ्टिनेंट कर्नल केसी शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। विशम्बर के भाई का पांच साल पहले निधन हो चुका यह परिवार के लिए दूसरा बड़ा आघात है, क्योंकि पांच साल पहले उन्होंने अपने छोटे बेटे जसविंदर सिंह को भी खो दिया था, वह भी सेना में थे। विशम्बर सिंह लगभग डेढ़ माह पहले छुट्टी बिताने के बाद देहरादून में अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। उन्होंने रविवार शाम को अपने पिता रसीला राम और पत्नी सोनिया देवी से फोन पर आखिरी बार बात की थी और सब ठीक होने की बात कही थी। बता दें विशम्बर सिंह कल अपनी यूनिट में पीटी में शामिल हुए थे। पीटी पूरी होने के बाद जब वह साइकिल से यूनिट लौट रहे थे, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद साथी जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विशम्बर सिंह की अंतिम शव यात्रा के PHOTOS…

टेलीग्राफ अखबार के पूर्व संपादक का पासपोर्ट रिन्यू मामला:केरल सीएम ने बंगाल के मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की

केरल के सीएम वी.डी. सतीशन ने 29 जून को पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी को लेटर लिखकर द टेलीग्राफ के पूर्व संपादक आर. राजगोपाल के पासपोर्ट रिन्यू मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। बताया जा रहा है कि वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद आई नेगेटिव पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट के कारण राजगोपाल का पासपोर्ट रिन्यू कराने का आवेदन अटका हुआ है। सतीशन ने X पोस्ट में लिखा- वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में अपील की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पुलिस रिपोर्ट के कारण पासपोर्ट रिन्यू में देरी हो रही है। सतीशन ने लिखा कि राजगोपाल पिछले तीन दशकों से कोलकाता में रह रहे हैं। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे पत्रकारिता करियर में काम किया है और द टेलीग्राफ के संपादक भी रह चुके हैं। उन्होंने आगे लिखा कि राजगोपाल प्रोफेसर वी. रामदास के बेटे हैं। प्रोफेसर रामदास केरल में गांधी स्मारक निधि के राज्य सचिव रह चुके हैं और जनसेवा के लिए उनका व्यापक सम्मान किया जाता था। थरूर ने सतीशन के हस्तक्षेप का समर्थन किया सीएम के लेटर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए शशि थरूर ने लिखा, यह एक मुख्यमंत्री की ओर से दूसरे मुख्यमंत्री को किया गया अहम हस्तक्षेप है। हो सकता है कि इसका जवाब यह मिले कि यह केंद्र सरकार का मामला है और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। राजगोपाल 25 साल से कोलकाता में रह रहे राजगोपाल का कहना है कि पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद उनके पासपोर्ट रिन्यू का आवेदन भी अटक गया। न्यूज वेबसाइट द वायर में पब्लिश अपने आर्टिकल में उन्होंने लिखा कि वे पिछले 25 साल से अधिक समय से कोलकाता के बालीगंज विधानसभा क्षेत्र में रह रहे हैं। इसके बावजूद उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया, क्योंकि 2002 की वोटर लिस्ट में उनका या उनके पिता का नाम नहीं मिला। उन्होंने लिखा कि 2010 से मतदाता होने और कोलकाता से प्रकाशित द टेलीग्राफ के 7 साल तक संपादक रहने के बावजूद उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। पासपोर्ट के रिन्यू में देरी निजी मामला नहीं इंडिया टुडे से बातचीत में राजगोपाल ने कहा कि उनके पासपोर्ट के रिन्यू में देरी सिर्फ उनका निजी मामला नहीं। उनका कहना है कि यह मामला SIR के दौरान वोटर लिस्ट के लिए जुटाए गए आंकड़ों के सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल पर सवाल उठाता है। उन्होंने कई बार पुलिस अधिकारियों से पूछा कि क्या कोई सरकारी आदेश, सर्कुलर या मेमो है, जिसमें पासपोर्ट सत्यापन पूरा होने से पहले संबंधित व्यक्ति का नाम दोबारा वोटर लिस्ट में होना अनिवार्य बताया गया हो। ———————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल विधानसभा में एंटी-गुंडा और OBC आरक्षण बिल पास:अगस्त में UCC बिल पेश होगा, पूर्व जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनी पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सोमवार को कानून-व्यवस्था और OBC आरक्षण से जुड़े चार बिल पास कर दिए। इनमें एंटी-गुंडा कानून के तहत पुलिस अब कुछ मामलों में बिना ट्रायल के 12 महीने तक हिरासत में रख सकेगी। वहीं, OBC आरक्षण से जुड़े दो संशोधन बिलों को भी मंजूरी मिल गई। पूरी खबर पढ़ें…

चेतन कहता था- शादी के बाद राजस्थान शिफ्ट हो जाएगा:पैसे का इंतजाम सिया कर लेगी; पढ़ें- केतन हत्याकांड के आरोपी के दोस्तों ने क्या खुलासे किए

पुणे में 18 जून को केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। मूल रूप से जोधपुर के पलासनी गांव का रहने वाला चेतन चौधरी का परिवार पुणे में रहता है। जोधपुर में रहने वाले चेतन के कुछ दोस्तों ने बताया कि चेतन के पिता की दुकान (किराना) के सामने सिया गोयल के पिता का ऑफिस है। चेतन पुणे में ही पढ़ाई करता था। कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ वह क्रिकेट भी खेलता था। इस दौरान वह (चेतन) सिया के भाई साहिल के संपर्क में आया। इसके बाद सिया से दोस्ती हुई। दोनों उदयपुर और जोधपुर भी घूमने आए थे। इस दौरान जोधपुर में चेतन के दोस्तों ने उसे सिया के साथ देखा था। चेतन ने अपने दोस्तों को बताया था कि वह और सिया रिलेशनशिप में हैं। जल्द ही शादी करेंगे। चेतन कई बार सिया को मारवाड़ी महिलाओं के पहनावे और राजस्थान के कल्चर से जुड़ी रील्स दिखाता था। उसने (चेतन) दोस्तों को बताया था कि सिया और वह शादी के बाद उदयपुर या जोधपुर में शिफ्ट हो जाएंगे। इसके लिए सिया अपने परिवार से पैसों का इंतजाम कर लेगी। चेतन ने केतन हत्याकांड से दो-तीन महीने पहले से समाज के लोगों और दोस्तों से मिलना भी बंद कर दिया था। इस मामले में पुणे पुलिस सिया और चेतन के मोबाइल डाटा की रिकवरी कर सर्च हिस्ट्री का पता लगा रही है। रिश्तेदार के घर रह रहा चेतन का परिवार पुणे में मार्केट यार्ड नाम के इलाके में जोधपुर के पलासनी गांव के चेतन के पिता बाबूलाल सीरवी की दुकान है। 25 जून से दुकान बंद है। चेतन का परिवार पुणे स्थित अपने घर को छोड़ दिया है। सभी अपने रिश्तेदार के घर जाकर रह रहे हैं। इलाके में अधिकांश दुकानें मारवाड़-मेवाड़ के लोगों की हैं। यहां वे ड्राइफ्रूट और किराना का बिजनेस करते हैं। मार्केट में पाली, जोधपुर, नागौर, उदयपुर, जालोर-सिरोही के लोगों का व्यापार है। वे परिवार के साथ मार्केट में दुकान के ऊपर ही रहते थे। केतन अग्रवाल की हत्या के बाद 27 जून को पुणे में कैंडल मार्च निकाला गया था। इस घटना के बाद मार्केट यार्ड (पुणे) के अधिकांश व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली हैं। मार्केट में दिन–रात पुलिस का पहरा है। घटना सामने आने के बाद से लोग चेतन को लेकर गुस्से में हैं। इस वजह से पुणे में मारवाड़ी लोगों के खिलाफ माहौल गरम है। वहां रह रहे राजस्थानी लोगों में भय व दहशत है। अभी माहौल गरम, कुछ बोले तो पुलिस-पब्लिक का डर पुणे के मार्केट यार्ड में 40 साल से बिजनेस कर रहे सोजत (पाली) के 65 साल के व्यक्ति ने बताया कि पुणे में काफी मारवाड़ी हैं। कई बार पहले भी हत्या, लूट और चोरी जैसे मामले में मारवाड़ के लोगों की गिरफ्तारी हुई है। लेकिन केतन हत्याकांड के बाद लोकल व मारवाड़ी लोगों के बीच खाई बनती जा रही है, जिसे ठीक होने में समय लगेगा। यहां रहने वाले बाली (पाली) के 35 साल के व्यक्ति ने बताया कि 27 जून को इस केस से आक्रोशित लोगों ने कैंडल मार्च निकाला था। कैंडल मार्च में मारवाड़ी लोग भी शामिल हुए, लेकिन अभी तक माहौल गरम है। इसलिए चेतन-सिया और उसके परिवार के बारे में कोई भी खुलकर नहीं बोल रहा है। दोनों के परिवार वालों को रिश्ते की जानकारी थी पुणे पुलिस की ओर से रिमांड में की गई पूछताछ में सामने आया है कि सिया और चेतन के रिश्ते की जानकारी दोनों परिवार को थी। सिया के परिवार ने केतन हत्याकांड के बाद चेतन के परिवार को घटना के बारे में बताया था। हालांकि उस वक्त तक दोनों परिवार को यह नहीं पता था कि केतन की हत्या में सिया या चेतन शामिल हैं। केतन हत्याकांड में कब क्या हुआ? 31 मई : सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया। 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई। 18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। …. केतन हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बॉयफ्रेंड चेतन के साथ उदयपुर आई थी सिया:3 करोड़ में बुक किया था आलीशान रिसॉर्ट, केतन से यहीं शादी करने की जिद की थी पुणे (महाराष्ट्र) के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (23) के साथ उदयपुर भी आई थी। पूरी खबर पढ़िए… 2. जोधपुर का रहने वाला है सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी:गर्लफ्रेंड को पुणे से मेहरानगढ़ किला घुमाने लाया था, पैतृक घर पहुंचा भास्कर पुणे (महाराष्ट्र) में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी मंगेतर सिया गोयल का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (23) जोधपुर का रहने वाला है। चेतन का बिलाड़ा कस्बे के पलासनी गांव में पैतृक घर है। पूरी खबर पढ़िए…

राम मंदिर चोरी- अयोध्या पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष नजरबंद:कई कांग्रेस नेता हाउस अरेस्ट; CCTV की निगरानी में तैनात अफसर का 17 साल बाद ट्रांसफर

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने सोमवार देर रात 11.30 बजे अयोध्या के एक होटल में नजरबंद कर दिया। थोड़ी देर बाद उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस ले गई। कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा, तनुज पूनिया और उज्जवल रमण सिंह को हाउस अरेस्ट किया गया है। अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस डेलिगेशन चढ़ावा चोरी का विरोध करने पहुंचा था। उन्होंने आज यानी मंगलवार को ट्रस्ट कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोपहर 12.30 बजे राम जन्मभूमि मंदिर कूच किया। पुलिस ने मंदिर से एक किलोमीटर पहले टेढ़ी बाजार में उन्हें रोक दिया। इससे कार्यकर्ता भड़क गए। धक्का-मुक्की करने लगे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें हिरासत में लिया। घसीट-घसीटकर गाड़ी में भरा। इससे पहले, अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा- मेरे पति की आवाज दबाने के लिए भाजपा सरकार किसी भी हद तक गिर सकती है। पुलिस जीप में ले जाने के बाद हमारे सहयोगियों को गलत जानकारियां देकर भटकाया जा रहा है। ‘चढ़ावा चोरों’ के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। अगर मेरे पति को कुछ भी होता है, तो जिम्मेदारी अधर्मी भाजपा सरकार की होगी। 17 साल बाद RMO का ट्रांसफर, CCTV की जिम्मेदारी संभालते थे चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, सरकार ने SIT से फाइनल रिपोर्ट मांगी राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…