20 साल पुराने पांचना-बांध जल विवाद पर बनी सहमति:जयपुर में किरोड़ी समेत 3 मंत्रियों ने दोनों पक्षों से की वार्ता, 6 जुलाई तक खुलेगा पानी

राजस्थान के 20 साल पुराने पांचना बांध जल विवाद को लेकर जयपुर में मंगलवार देर रात सहमति बन गई। बांध का पानी 6 जुलाई तक खोला जाएगा। दोनों पक्षों ने सहमति पत्र पर साइन किए। इससे पहले शिक्षा संकुल के माधव सभागार में मंगलवार रात 8 बजे बैठक हुई थी। जिसमें सरकार के तीन मंत्रियों और दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में सहमति नहीं बन पाई थी। कमांड एरिया के किसान बीच में ही बैठक छोड़कर चले गए थे। इसके बाद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी नाराज होकर बाहर निकल गए थे। रात में दोबारा हुई बैठक मीटिंग छोड़कर निकले किरोड़ीलाल मीणा रात 10 बजे फिर से माधव सभागार में पहुंचे। यहां किरोड़ी ने पांचना बांध विवाद को लेकर मंत्री सुरेश रावत और जवाहर सिंह के साथ बातचीत की। इसके बाद तीनों मंत्रियों ने दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों से वार्ता करके विवाद को सुलझाया। बैठक में पहले हुआ विवाद, देखें फोटो… विवाद के बाद जल संसाधन मंत्री ने कहा था- समस्या का समाधान होगा मंगलवार को बैठक में विवाद होने के बाद जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा- यह मामला 20 साल पुराना है। इसके समाधान में थोड़ा समय लगेगा। एक दौर की वार्ता से इसका समाधान संभव नहीं है। आज बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी, लेकिन जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के नाराज होकर जाने के सवाल पर रावत ने कहा- ऐसा नहीं था, जब दो पक्षों में किसी मुद्दे पर बात होती है तो सभी अपना पक्ष रखते हैं, इसे विवाद कहना गलत है। इसे आपसी संवाद कहा जाए तो ज्यादा बेहतर रहेगा। रावत ने कहा- आज बैठक में काफी मुद्दों पर दोनों पक्ष सहमत थे। कुछ मुद्दे ऐसे थे, जिन पर फिलहाल सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद एक पक्ष ने 7 दिन बाद फिर बैठक करने का प्रस्ताव रखा है। रावत ने कहा- किरोड़ी लाल मीणा सीनियर मंत्री हैं। वे जिस वर्ग से आते हैं, वे निश्चित तौर पर उस समाज की बात रखेंगे। रावत ने कहा- 7 दिन पहले या 7 दिन बाद को लेकर विवाद जैसी कोई बात नहीं है। पानी की टेस्टिंग को लेकर कुछ विवाद जरूर था। 8 से 10 बिंदुओं पर चर्चा की गई है। एक-दो बिंदु पर फिलहाल चर्चा सफल नहीं हो पाई है। दोनों पक्षों का उस पर मतभेद है। इसे हम जल्द ही सुलझा लेंगे। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा आज बैठक में चर्चा हुई है। सभी पक्ष समाधान की ओर आगे बढ़ रहे हैं। जल्द ही इस विवाद का समाधान कर दिया जाएगा। समझौते के ड्राफ्ट पर अटकी थी बातचीत सूत्रों के अनुसार- बैठक के दौरान समझौते के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन जब ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने की बात आई तो दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई। बैठक के दौरान कमांड एरिया के किसानों ने पहले मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से अलग से बातचीत की। इसके बाद भी जब कोई ठोस सहमति नहीं बनी तो वे बैठक छोड़कर बाहर आ गए। किसानों ने जताई नाराजगी बैठक से बाहर निकलने के बाद कमांड एरिया के किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- जब मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई बात का भी पालन नहीं किया जा रहा है तो ऐसी बैठक में बैठे रहने का कोई औचित्य नहीं है। यदि पहले से हुए आश्वासनों को ही लागू नहीं किया जाएगा तो नई बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। बैठक से बाहर आए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की पहल को सरकार सफल नहीं होने देना चाहती। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 74 गांव आमने-सामने करौली जिले के पांचना बांध के जल वितरण को लेकर करीब 20 साल से विवाद बना हुआ है। इस विवाद में कुल 74 गांव दो पक्षों में बंटे हुए हैं। एक ओर कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान हैं, जो सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती और फसलों के लिए समय पर पानी मिलना जरूरी है। वहीं दूसरी ओर बांध के डूब क्षेत्र के 39 गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नहरों में पानी छोड़ने से डूब क्षेत्र के गांवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनकी समस्याएं बढ़ेंगी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। यह खबर भी पढ़ें… पांचना-बांध विवाद पर हाईकोर्ट नाराज, कहा-पानी क्यों नहीं दे रहे:15 दिन का दिया समय; कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा पांचना डैम पर किरोड़ी की चेतावनी, सीएम को लिखी चिट्ठी:बोले-नहरों में तुरंत पानी छुड़वाएं, नहीं तो मुझे मजबूरन कुछ कदम उठाना पड़ेगा दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक लगातार तीसरे दिन किया जाम:पटरी पर महिलाओं का डांस, 200 ट्रैक्टर-JCB के साथ पहुंचे किसान दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर आए किसान:डेढ़ घंटे तक फाटक को बंद नहीं होने दिया, पुलिस-प्रशासनिक अफसर पहुंचे

महिला पटवारी ने किया सुसाइड:किराए के कमरे में फंदे से लटकी मिली; एक साल पहले हुई थी शादी

करौली जिले के टोडाभीम में महिला पटवारी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पटवारी किराए के कमरे में रहती थी। घटना टोडाभीम थाना इलाके के जोशी पाड़ा मोहल्ले की मंगलवार शाम करीब 4 बजे की है। थाना अधिकारी सुन्नीलाल मीणा ने बताया- मंगलवार शाम 5 बजे सूचना मिली कि जोशी पाड़ा मोहल्ले में महिला पटवारी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर महिला को नीचे उतारा और टोडाभीम उप जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उगंती देवी (25) अलवर जिले के मालाखेड़ा के लीली गांव की रहने वाली थी। वह टोडाभीम की ग्राम पंचायत भनकपुरा में पटवारी के पद पर कार्यरत थीं। तहसीलदार दिनेश मीणा ने बताया- पटवारी उगंती देवी और टोडाभीम की माचडी ग्राम पंचायत की ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एक ही मकान में किराए पर कमरे लेकर रहती थीं। शाम 4 बजे हेमलता के पास उगंती देवी के पति का फोन आया। पति ने कहा कि उगंती फोन नहीं उठा रही है। इस पर जब हेमलता चेक करने गईं तो उगंती के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। हेमलता ने खिड़की से झांककर देखा तो उगंती फंदे से लटकी हुई थीं। हेमलता ने चिल्लाकर आसपास के लोगों को इकट्‌ठा किया। एक साल पहले हुई थी शादी तहसीलदार दिनेश मीना ने बताया- उगंती देवी की शादी मई 2025 में हुई थी। उनके पति अलवर में सरकारी टीचर हैं। उगंती को फंदे से लटका देखकर हेमलता की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए टोडाभीम उप जिला अस्पताल लेकर गए। थाना अधिकारी सुन्नीलाल मीणा ने बताया- महिला के पीहर पक्ष को सूचना दे दी गई है। शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। … यह खबर भी पढ़ें… खेत में बनी डिग्गी में डूबने से मां-बेटी की मौत:12 साल के बेटे को लोगों ने बचाया; जांच में जुटी पुलिस बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के जालबसर गांव में मंगलवार को खेत में बनी डिग्गी में डूबने से मां और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। वहीं 12 वर्षीय बेटे को आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया। (पूरी खबर पढ़ें) DSP को मैसेज भेज व्यापारी ने किया सुसाइड:लिखा- मरने वाला झूठ नहीं बोलता, ASI ने मुझसे 18 हजार रिश्वत ली खैरथल-तिजारा जिले के व्यापारी ने डीएसपी (तिजारा सीओ) को वाट्सएप पर मैसेज भेजकर सुसाइड कर लिया। मैसेज में व्यापारी ने लिखा- ‘मरने वाला झूठ नहीं बोलता। एएसआई ने मुझसे 18 हजार रिश्वत ली। लेकिन केस में से सबूत और मेरी गवाही हटा दी गई।’ (पूरी खबर पढ़ें)

कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर 11वें दिन प्रदर्शन:भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, पुलिस पर समर्थकों को रोकने के आरोप

नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 11वें दिन भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। इसी बीच वहां तीन दिनों से भूख हड़ताल कर रहे लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई। आंदोलन के आयोजकों ने बताया कि वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर घटकर 66 पर पहुंच गया है, जो सामान्य से कम माना जाता है। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल कर रहे हैं। वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। समर्थकों और पार्टी के सदस्यों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। कुछ लोगों को पहचान पत्र नहीं होने के कारण प्रवेश नहीं दिया गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की 4 तस्वीरें… सोनम वांगचुक 170 दिन जोधपुर जेल में रहे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। दीपके का दावा- राजस्थान पैरामेडिकल का पेपर जयपुर में लीक हुआ छात्र संगठनों का भी समर्थन प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छह छात्र नेता भी शामिल हैं, जो अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। इनमें संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश समेत अन्य छात्र नेता शामिल हैं। CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है और इसकी शुरुआत NEET समेत कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों और पेपर लीक के विरोध में की गई थी। पार्टी ने कहा कि आने वाले दिनों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य जवाबदेही से जुड़े मुद्दे भी आंदोलन का हिस्सा बनाए जाएंगे। CJP का 8 शहरों में प्रदर्शन CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। 10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… DMK ने भी दस्तखत किए; बोले- चुनाव आयोग की प्रकिया मनमानी और लोकतंत्र विरोधी चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने मंगलवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को लेटर लिखा। पूरी खबर पढ़ें…

ऑनलाइन गेमिंग के लिए पति के 13 लाख चुराए:सामान बिखेरकर घर में चोरी होने का ड्रामा रचा; शादी के पहले से ही थी लत

भीलवाड़ा में पत्नी ने ऑनलाइन गेमिंग की लत में घर में रखे पति के 13 लाख रुपए चुरा लिए। पुलिस ने CCTV फुटेज चेक किए तो उनमें नजर आया कि न कोई घर के बाहर गया था, न अंदर आया था। ऐसे में परिजनों से पूछताछ की तो पत्नी पर शक हुआ। सख्ती से पूछा तो उसने पूरी कहानी बता दी। पूछताछ में सामने आया कि क्षिप्रा जैन (30) शादी के पहले से ही ऑनलाइन गेमिंग की आदी है। वह जनवरी 2026 में ड्रैगन गेम में साढ़े चार लाख रुपए जीती थी। इसके बाद लालच में बड़ी रकम लगाने की सोची। ऐसे में जब वह हार गई तो रिकवरी करने के लालच में घर में रखे 13 लाख रुपए धीरे-धीरे गेमिंग में लगाती रही। ये रकम भी हार गई तो रुपए चोरी होने की साजिश रची। महिला का पति संदीप कुमार प्रॉपर्टी डीलर है। भीमगंज थाना SHO सुनील चौधरी ने बताया- पति संदीप कुमार की रिपोर्ट पर सोमवार को उनकी पत्नी क्षिप्रा जैन को गिरफ्तार किया। मंगलवार को कोर्ट में पेश कर 2 दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में और खुलासे होंगे। अब समझिए पूरा घटनाक्रम… 13 लाख चोरी होने की रिपोर्ट दी थी SHO सुनील चौधरी ने बताया- 23 जून को प्रॉपर्टी डीलर संदीप कुमार थाने आए और घर में रखे 13 लाख रुपए चोरी होने की रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में संदीप ने बताया था- मैं और पत्नी क्षिप्रा 22 जून को शाम 8 बजे बाजार गए थे। 9:30 बजे घर लौटे तो मेन गेट खुला था। अंदर सामान बिखरा हुआ था। अलमारी में रखे बैग को चेक किया तो उसमें से रुपए गायब थे। इसके बाद क्षिप्रा ने कहा कि पीछे से किसी ने बैग से रुपए निकाल लिए हैं। पत्नी ने ही सलाह दी कि मामले में FIR करवानी चाहिए। पति संदीप कुमार ने बताया कि बैग में 13 लाख रुपए थे, जो किसी का प्लॉट बेचने पर आए थे। उसे किसी दूसरी पार्टी को देना था। CCTV से शक गहराया पुलिस ने पड़ताल की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस दौरान क्षिप्रा पर पुलिस का शक गहराया। संदीप और उनकी मां का मकान आमने-सामने है। फुटेज में साफ दिखा कि उस डेढ़ घंटे में से करीब 1 घंटे तक संदीप की मां बाहर ही बैठी रही और बाकी के आधे घंटे में भी मुख्य द्वार (जो अंदर आने का एकमात्र रास्ता था) से किसी भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति ने घर में प्रवेश ही नहीं किया था। पुलिस को शक हुआ कि वारदात में घर का ही कोई सदस्य शामिल है। पुलिस ने इसके बाद परिजनों से पूछताछ की। खुद पति और उनकी मां से भी पूछताछ की। इनमें क्षिप्रा सबसे ज्यादा सस्पेक्टेड लगी। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो क्षिप्रा ने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। ड्रैगन गेम में हारी थी MBA पास पत्नी पूछताछ में क्षिप्रा ने बताया- ऑनलाइन गेम ड्रैगन में लाखों रुपए हारने के बाद वह परेशान थी। उसने पति संदीप के किसी को देने के लिए आए पेमेंट को चुराने का प्लान बनाया। पूछताछ में सामने आया कि उसने MBA किया है। प्राइवेट कंपनी में जॉब भी करती थी, जिसे कुछ महीने पहले ही छोड़ दिया था। शादी के पहले से लगा रही थी सट्टा

शिमला में कांग्रेस का लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह:संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठाए सवाल; रिज पर लोकतंत्र की रक्षा का लिया संकल्प

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने आज (मंगलवार को) शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’ आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखने का संकल्प लिया। सत्याग्रह का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं, जिससे उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर चिंता पैदा हुई है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के विश्वास को बनाए रखना है। पंवार ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र निरस्त होने के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करती हैं। विपक्ष की आवाज दबाने को जांच एजेंसियों का प्रयोग हो रहा: पंवार पंवार ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएगा। डॉ. पंवार ने लोगों से महात्मा गांधी के सिद्धांतों और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर लोकतंत्र और संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। ये नेता भी मौजूद रहे इस दौरान राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. संजय, प्रदेश संयोजक सचिन मिरूपा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री विनोद जिंटा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष दीपक राठौर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष छतर सिंह, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल, शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुंबई में चलती स्कूल बस पर पेड़ गिरा:एक छात्र की मौत, 11 घायल; सभी स्टूडेंट स्कूल से घर लौट रहे थे

मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार दोपहर प्राइवेट स्कूल बस पर एक विशाल पेड़ गिर गया। बस में कुल 12 स्टूडेंट थे, जिनका रेस्क्यू किया गया। इनमें से 11 साल के छात्र विहान श्रीवास्तव की अस्पताल में मौत हो गई जबकि 11 घायल स्टूडेंट अस्पताल में भर्ती है। स्कूल की छुट्टी के बाद प्राइवेट बस रोज की तरह बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी। तभी रोड नंबर 11 पर सड़क किनारे लगे पेड़ की बड़ी डालियां बस की छत पर आ गिरीं, जिससे बस का अगला और बीच का हिस्सा बुरी तरह दब गया। पेड़ गिरते ही बस के अंदर मौजूद बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग बस के पास पहुंचे। स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने घायल बच्चों को बस से बाहर निकाला। मशीनों और कटर की मदद से पेड़ को काटा जा रहा है। हादसे से जुड़ी 5 तस्वीरें… परिजन घटनास्थल पर पहुंचे हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। अपने बच्चों की चिंता में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ट्रैफिक को नियंत्रित करना शुरू कर दिया है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में पेट्रोकेमिकल्स की पाइपलाइन में आग, 17 झुलसे, 2 की हालत गंभीर पश्चिम बंगाल के हल्दिया में नेफ्था सप्लाई करने वाली पाइपलाइन में ब्लास्ट के बाद आग गई। इसकी चपेट में हल्दिया नगर पालिका के वार्ड-13 के चिरंजीबपुर इलाके के कई घर आ गए। घटना में 17 लोग झुलस गए। पुलिस के मुताबिक, सभी पीड़ितों को हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल में एडमिट कराया गया। इनमें से 2 लोगों की हालत गंभीर है। पूरी खबर पढ़ें…

पंजाब में मां ने की 3 बच्चों की हत्या:मोहाली से आकर रोपड़ नहर में फेंके; 4, 7 और 10 साल उम्र, खुद भी सुसाइड करने कूदी

रोपड़ में मोहाली की एक महिला ने अपने 3 बच्चों को नहर में फेंक दिया। इसके बाद खुद भी आत्महत्या करने के लिए नहर में छलांग लगा दी। इस घटना में तीनों बच्चों की मौत गई। इनमें से 2 बच्चों के शव गोताखोरों ने बरामद कर लिए हैं। जबकि, एक बच्चे की तलाश जारी है। वहीं, नहर के पास से मंगलवार को पुलिस ने महिला को जिंदा पकड़ लिया। वह डूबी नहीं और तैर कर किनारे पर आ गई थी। बताया जा रहा है कि महिला केवल नहर में कूदकर आत्महत्या करने के लिए ही मोहाली से रोपड़ आई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी की पहचान शकुंतला उर्फ सुमन के रूप में हुई है। वह मोहाली के मटौर की रहने वाली है। उसने अपने तीनों बच्चों 10 वर्षीय तपिश, 7 वर्षीय तनवी और 4 वर्षीय नितिन की हत्या कर दी। सास-ससुर ने लगाए गंभीर आरोप मृतक बच्चों के दादा रामबाबू ने अपनी बहू शकुंतला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से उसका व्यवहार सामान्य नहीं था और वह कई बार बच्चों को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें करती थी। परिजन के मुताबिक, परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था और घर में लगातार तनाव का माहौल बना रहता था। उन्होंने कहा कि बहू का साथ काफी समय से झगड़े भी होते थे। पता नहीं था कि वह बच्चों को मार ही देगी। सास-ससुर ने पुलिस को यह जानकारी दी 10 महीने पहले पति ने की थी आत्महत्या परिवार के अनुसार, करीब 10 महीने पहले शकुंतला के पति कमल ने भी आत्महत्या कर ली थी। पति की मौत के बाद परिवार पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ गया था। इसके बाद से ही परिवार की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। घर में कमाने वाला कोई नहीं था, इसलिए बच्चों के बूढ़े दादा को काम पर जाना पड़ता था। DSP बोले- हर एंगल से होगी जांच मामले की जानकारी देते हुए DSP सिटी-1 गुरचरण सिंह ने बताया कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। परिवार की परिस्थितियों, घटनाक्रम और आरोपी महिला से पूछताछ जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएगी। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बठिंडा में मां ने बच्चों की हत्या की, पहले 12 साल की बेटी, फिर 8 साल के बेटे को चूहा मारने की दवा दी पंजाब के बठिंडा में मां ने अपने बेटे और बेटी का कत्ल कर दिया। आरोप है कि दोनों बच्चे उसके प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे थे, इसलिए उसने दोनों को 15 दिन के अंदर जहर देकर मार दिया। पढ़ें पूरी खबर…

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-आसाराम को हम जमानत नहीं देंगे:जीवन को खतरा हो, तभी विचार करेंगे; राजस्थान सरकार से जवाब तलब

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आसाराम द्वारा दायर याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें साल 2013 के नाबालिग से रेप मामले में उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने आसाराम की सजा पर रोक लगाने से इनकार करते हुए राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार को 2 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के सीनियर वकील डी.एस. नायडू ने दलील दी कि आसाराम की उम्र 80 साल से अधिक है और वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को आसाराम के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा- फिलहाल हम जमानत नहीं दे रहे हैं। राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद यदि ऐसी गंभीर स्थिति सामने आती है, जिससे उनके जीवन को खतरा हो, तभी जमानत पर विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट ने बरकरार रखी थी आसाराम की सजा राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को फैसले में आसाराम की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। हालांकि, अदालत ने आसाराम को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और पॉक्सो अधिनियम के तहत सामूहिक गैंगरेप और बच्चे के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न से संबंधित आरोपों से बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने आसाराम को आईपीसी की धारा 376(डी), पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(जी)/6 और आईपीसी की धारा 120(बी) (आपराधिक साजिश) के आरोपों से भी मुक्त कर दिया था। हालांकि, अदालत ने आईपीसी की धारा 376(2)(एफ) (नाबालिग से रेप) के तह दोषसिद्धि को बरकरार रखा, जिसके चलते ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा यथावत रही। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 370(4) (मानव तस्करी), 506 (आपराधिक धमकी), 509 (महिला की मर्यादा का अपमान), 354(ए) (यौन उत्पीड़न), पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 तथा किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम की धारा 23 के तहत भी उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा। साथ ही, आईपीसी की धारा 376 और धारा 34 (समान मंशा) के तहत भी उनकी सजा कायम रखी गई। वहीं, हाईकोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी संचिता गुप्ता उर्फ शिल्पी और शरत चंद्र को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। 25 अप्रैल 2018 को ट्रायल कोर्ट ने आसाराम को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ रेप का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। — यह खबर भी पढ़िए… ‘भूत का साया’ क्या था, शिल्पी-शरत को क्यों बरी किया:आसाराम की सजा बरकरार, 16 सवालों से जानिए हाईकोर्ट का फैसला नाबालिग से रेप के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर मुख्यपीठ) ने आसाराम की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत तुरंत रद्द करते हुए सरेंडर करने का आदेश दिया है। साथ ही तत्काल गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर —————

SIR पर 23 विपक्षी दलों ने CJI को लेटर लिखा:DMK ने भी दस्तखत किए; बोले- चुनाव आयोग की प्रकिया मनमानी और लोकतंत्र विरोधी

चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने मंगलवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को लेटर लिखा। DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया मनमानी और लोकतंत्र विरोधी है। SIR का उद्देश्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाना है, जबकि लोकतंत्र का आधार सभी वयस्क नागरिकों को वोट का अधिकार देना है। लेटर पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) समेत 23 विपक्षी दलों और निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने हस्ताक्षर किए हैं। SIR से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की सहमति SIR प्रक्रिया से विभिन्न राज्यों में लोगों पर प्रभाव पड़ा सूत्रों के मुताबिक, लेटर पर साइन करने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वाम दलों के नेता शामिल हैं। लेटर में कहा गया है कि जब लोकतांत्रिक संस्थाएं अपेक्षित तरीके से काम नहीं करतीं, तब देश की जनता न्यायपालिका की ओर उम्मीद से देखती है। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया से विभिन्न राज्यों में लोगों पर पड़े प्रभाव की बात की गई। कांग्रेस महासचिव बोले- विपक्ष एकजुट है कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 8 जून को इंडिया ब्लॉक की बैठक में लेटर भेजने का फैसला लिया गया था। SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल बीजेपी को फायदा पहुंचाने TMC सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल बीजेपी को फायदा पहुंचाने और चुनाव नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से विपक्षी दलों ने CJI को लेटर लिखकर चुनावी प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा की मांग की है। सागरिका ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि 23 विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से CJI को लेटर लिखकर न्यायपालिका से अपील की है कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल बीजेपी के फायदे के लिए किस तरह किया जा रहा है, इसकी जांच की जाए।
8 जून: खड़गे SIR और चुनाव निष्पक्षता पर CJI को पत्र लिखने की बात कही INDIA ब्लॉक की 8 जून को 2 साल बाद 7वीं बैठक दिल्ली में हुई थी। इसमें 25 दलों के नेता शामिल हुए थे। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, समेत कई नेता मौजूद रहे। वहीं उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली जुड़े। मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- SIR में करोड़ों वोटर के नाम कटे। SIR और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर CJI को लेटर लिखेंगे। सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। गठबंधन हर 2 महीने में और मानसून सत्र के दौरान भी बैठक करेगा। अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। पूरी खबर पढ़ें… SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। SIR के पहले और दूसरे फेज में 60 करोड़ मतदाता शामिल हुए चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को देशभर में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हुए। पहले फेज में बिहार, दूसरे में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा हुआ था। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ शामिल किए जा चुके हैं। बाकी 39 करोड़ को तीसरे फेज में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में प्रक्रिया इस महीने पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगी। —————————- ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- जनता में भाजपा के खिलाफ नाराजगी: अगला लोकसभा चुनाव हमारा, INDIA ब्लॉक को मैसेज- विपक्ष को मिलकर लड़ना होगा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से कहा था कि जनता के बीच भाजपा के खिलाफ काफी नाराजगी है। इसी वजह से अगला लोकसभा चुनाव विपक्ष के पक्ष में है। हालांकि उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी चुनौती चुनावों का स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होना है। पूरी खबर पढ़ें…

पुणे मर्डर- क्या हुडी में दिखा व्यक्ति चेतन ही था:पुलिस चलने का तरीका जांचेगी, सिया का केस लड़ने पर 2 वकीलों का दावा

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस आरोपी चेतन चौधरी का गेट एनालिसिस करेगी। गेट एनालिसिस यानी पुलिस चेतन के चलने का तरीका, बॉडी मूमेंट, कदमों की लंबाई की जांच करेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि दावा है कि 18 जून को (मर्डर वाले दिन) लोहगढ़ फोर्ट पर हुडी पहने दिखा युवक चेतन ही था। इधर, मर्डर के इस मामले में नया कानूनी विवाद सामने आया है। आरोपी सिया का केस लड़ने को लेकर आशुतोष श्रीवास्तव नाम के वकील और सिया के परिवार के बीच विवाद की स्थिति बनती दिख रही है। दरअसल, 2 वकीलों आशुतोष श्रीवास्तव और विपुल दुशिंग ने सिया गोयल की ओर से कोर्ट में पैरवी करने का दावा किया है। आशुतोष का कहना है कि सिया गोयल ने अपना केस लड़ने के लिए उन्हें नियुक्त किया है। 29 जून को सिया के भाई साहिल ने कहा कि हमारे वकील विपुल दुशिंग हैं। आशुतोष श्रीवास्तव हमारे वकील नहीं है, वे हम पर प्रेशर बना रहे हैं। इसके बाद श्रीवास्तव ने साहिल को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा। दो वकीलों का विवाद कब शुरू हुआ मामला 29 जून को सुनवाई के दौरान बढ़ा। जब वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिया ने कथित तौर पर कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव मेरे वकील नहीं हैं। मेरी ओर से विपुल दुशिंग पैरवी कर रहे हैं। इसके बाद आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को कानूनी नोटिस भेजकर 10 करोड़ रुपए हर्जाने की मांग की है। नोटिस में उन्होंने मांग की है कि साहिल (सिया का भाई) उनके खिलाफ दिए गए कथित बयान तुरंत वापस लें। सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें। चेतन कहता था- शादी के बाद राजस्थान शिफ्ट हो जाएगा, पैसे का इंतजाम सिया कर लेगी केतन मर्डर केस में आरोपी चेतन चौधरी राजस्थान के जोधपुर के पलासनी गांव का रहने वाला है। दैनिक भास्कर ने चेतन के दोस्तों से बातचीत की है। उनके मुताबिक, चेतन के पिता की दुकान (किराना) के सामने सिया गोयल के पिता का ऑफिस है। चेतन पुणे में ही पढ़ाई करता था। कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ वह क्रिकेट भी खेलता था। इस दौरान वह (चेतन) सिया के भाई साहिल के संपर्क में आया। इसके बाद सिया से दोस्ती हुई। दोनों उदयपुर और जोधपुर भी घूमने आए थे। इस दौरान जोधपुर में चेतन के दोस्तों ने उसे सिया के साथ देखा था। चेतन ने अपने दोस्तों को बताया था कि वह और सिया रिलेशनशिप में हैं। जल्द ही शादी करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… दावा- सिया ने केतन से ₹1 करोड़ लेकर चेतन को दिए पुणे पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन से शादी की शॉपिंग के नाम पर ₹1 करोड़ लिए थे। इन पैसों से शॉपिंग नहीं की, बल्कि पूरी रकम प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी थी। इधर, केतन-सिया की बाली प्री-वेडिंग ट्रिप के लिए 6 जून को उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने वाले कैब ड्राइवर वैभव जाधव का बयान सामने आया। उसके मुताबिक सिया बाली नहीं जाना चाहती थी। रास्ते में उसकी अपने भाई साहिल से किसी बात को लेकर बहस हो रही थी। वैभव ने बताया- कुछ देर बाद गाड़ी एक स्थान पर रुकी, जहां 4 अन्य लोग सवार हुए। बाद में गाड़ी फूड कोर्ट पर रुकी। सभी लोग खाने-पीने चले गए। कुछ देर बाद सिया आई। गाड़ी से कुछ सामान निकालकर अपने बूट में छिपा लिया और वापस चली गई वैभव ने कहा कि मैंने सभी लोगों को एयरपोर्ट छोड़ा। बाद में कॉल आया कि केतन का पासपोर्ट कैब में छूट गया है। मैं एयरपोर्ट पहुंचा। गाड़ी की सभी ने तलाशी ली, लेकिन गाड़ी में पासपोर्ट नहीं मिला। पुलिस के 3 और दावे, इशारा मिलते ही केतन को धक्का दिया हत्या से 6 दिन के अंदर आरोपी अरेस्ट 18 जून को केतन की हत्या से छह दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी सिया और चेतन को अरेस्ट कर लिया। जांच के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है। 31 मई को मर्डर का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर ——————- ये खबर भी पढ़ें… सिया के सामने केतन मर्डर का सीन रीक्रिएट किया गया: पुलिस लोहगढ़ किला ले गई, दीवार से डमी गिराकर देखा पुणे मर्डर केस में पुलिस ने रविवार को केतन को लोहगढ़ किले से गिराने का सीन रीक्रिएट किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए पुलिस सुबह 6.30 बजे आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। टीम करीब 2.30 घंटे किले पर रही। पूरी खबर पढ़ें…