हिमाचल के जवान विशम्बर पंचतत्व में विलीन:11 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ताबूत से लिपटी; माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल
ऊना जिले के मलांगड़ मियां गांव निवासी सेना के हवलदार विशम्बर सिंह आज (मंगलवार को) पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनके 11 साल के बेटे अक्षित ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले, सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। विशम्बर सिंह की पार्थिव देह सुबह 8.30 बजे घर पहुंचते ही उनकी माता शीला देवी और पत्नी सोनिया देवी ताबूत से लिपट गई। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है और बार-बार बेसुध हो रही है। कुछ देर के लिए पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा गया। विशम्बर सिंह अपने पीछे छह महीने व 11 साल के दो बेटों समेत माता-पिता और पत्नी को छोड़ गए हैं। शव यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में विशम्बर सिंह अमर रहे के नारे गूंजे।
विशम्बर ने 18 साल तक देश सेवा की हवलदार विशम्बर सिंह जुलाई 2008 में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती के कुछ साल बाद में उनका विवाह सोनिया देवी से हुआ। विशम्बर का बड़ा बेटा केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में छठी कक्षा में पढ़ता हैं। पिता रसीला राम भी सेना से रिटायर विशम्बर सिंह के पिता रसीला राम भी जैक राइफल में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान में वह चंडीगढ़ में कार्यरत हैं। उन्हें सोमवार शाम को चंडीगढ़ ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन सुबह ही उन्हें देहरादून से बड़े बेटे विशम्बर सिंह के निधन की सूचना मिली। ये अधिकारी-नेता मौजूद रहे प्रशासन की तरफ से एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, डीएसपी हेडक्वार्टर अजय ठाकुर, देहरादून से आए सैन्य अधिकारियों, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र पटियाल और लेफ्टिनेंट कर्नल केसी शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। विशम्बर के भाई का पांच साल पहले निधन हो चुका यह परिवार के लिए दूसरा बड़ा आघात है, क्योंकि पांच साल पहले उन्होंने अपने छोटे बेटे जसविंदर सिंह को भी खो दिया था, वह भी सेना में थे। विशम्बर सिंह लगभग डेढ़ माह पहले छुट्टी बिताने के बाद देहरादून में अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। उन्होंने रविवार शाम को अपने पिता रसीला राम और पत्नी सोनिया देवी से फोन पर आखिरी बार बात की थी और सब ठीक होने की बात कही थी। बता दें विशम्बर सिंह कल अपनी यूनिट में पीटी में शामिल हुए थे। पीटी पूरी होने के बाद जब वह साइकिल से यूनिट लौट रहे थे, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद साथी जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विशम्बर सिंह की अंतिम शव यात्रा के PHOTOS…

