बस ड्राइवर को हार्टअटैक आया, सूझबूझ से बचा गया जिंदगियां:हालत बिगड़ते ही साइड में रोकी, फिर हो गया बेसुध, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

नदबई में मंगलवार रात राजस्थान रोडवेज के एक बस ड्राइवर की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ड्राइवर ने आखिरी समय में भी सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को सुरक्षित सड़क किनारे खड़ा कर दिया, जिससे बस में सवार दो यात्रियों की जान बच गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद ड्राइवर को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जयपुर के रामगढ़ निवासी वंशीधर पुत्र गिरधारीलाल राजस्थान रोडवेज के वैशाली नगर डिपो में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार को वह निर्धारित समय के अनुसार जयपुर से नदबई के लिए रोडवेज बस लेकर रवाना हुए थे। पूरे सफर के दौरान बस का संचालन सामान्य रूप से होता रहा, लेकिन नदबई शहर पहुंचने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। चक्कर आते ही बस को सुरक्षित किनारे लगाया प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार, जैसे ही बस नदबई के कुम्हेर रोड तिराहे के पास पहुंची, ड्राइवर को अचानक चक्कर आने लगे। इसके बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखा और बस को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित तरीके से सड़क किनारे खड़ा कर दिया। ड्राइवर की हालत गंभीर होते ही यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें नदबई के राजकीय जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत राजकीय जिला अस्पताल में डॉक्टर्स ने ड्राइवर की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टर्स ने मौत का कारण हार्ट अटैक माना है। ड्राइवर के निधन की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मचारियों में शोक का माहौल बन गया। पुलिस ने शव मॉर्च्युरी में रखवाया, परिजनों को दी सूचना घटना की जानकारी मिलने पर नदबई थाने के एएसआई राजेश कुमार अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई। एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि परिजनों को सूचना भेज दी गई है। उनके नदबई पहुंचने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

जयपुर के इंद्रा-मार्केट में कपड़े की दुकान में लगी आग:एसी में शॉर्ट सर्किट के चलते हुआ हादसा, आसपास अफरा तफरी मची

जयपुर में इंद्रा मार्केट में मंगलवार रात करीब 10:30 बजे एक कपड़े की दुकान में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फायर-ब्रिगेड की टीम ने समय रहते पाया काबू थानाधिकारी (SHO) राजेश गौतम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आग विकराल रूप नहीं ले सकी और आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। आग पर काबू पाने के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने राहत की सांस ली।

राजस्थान पुलिस में 100 इंस्पेक्टर के तबादले:एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने जारी किए ट्रांसफर आदेश; देखें पूरी लिस्ट

राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। ये स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर तत्काल प्रभाव से किए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार निरीक्षकों को पुलिस आयुक्तालय जयपुर, जोधपुर, विभिन्न रेंज, सीआईडी-सीबी, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग शाखाओं में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में सबसे अधिक अधिकारियों की पोस्टिंग अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर और सीआईडी-सीबी में की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के प्रकरण या राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 (CCA Rule-16) के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, 19 जून को जारी आदेश के तहत सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से जयपुर पुलिस आयुक्तालय किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। यहां देखें सूची

सबरीमाला गोल्ड केस-पूर्व TDB चीफ के खिलाफ सबूत मिले:केरल हाईकोर्ट ने SIT को नया केस दर्ज करने की मंजूरी दी

केरल के सबरीमाला मंदिर के गोल्ड चोरी मामले में एसआईटी ने दावा किया है कि जांच में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष पीएस प्रशांत के खिलाफ अहम सबूत मिले हैं। एसआईटी ने कहा कि उसके पास कई अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों की भूमिका से जुड़े पर्याप्त सबूत हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में आपराधिक धोखेबाजी, जालसाजी और साजिश जैसे गंभीर अपराध बनते हैं। केरल हाईकोर्ट के जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस केवी जयकुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि एसआईटी इस मामले में नया केस दर्ज कर सकती है। SIT चाहे तो 2025 की गोल्ड प्लेटिंग को लेकर अलग से नया मामला दर्ज कर सकती है। या फिर अपनी जांच निष्कर्षों को 2019 में सोने के गायब होने से जुड़े पहले से चल रहे मामले में जोड़ सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि कुछ अन्य अधिकारियों और पूर्व बोर्ड सदस्यों की भूमिका की जांच अभी जारी है। अगर उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो एसआईटी उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। पहले पूरा मामला जानिए सबरीमाला मंदिर से जुड़े इस मामले में आरोप है कि मंदिर के गर्भगृह और द्वारपालक मूर्तियों पर लगी सोने की परत वाले तांबे के प्लेट्स से सोना निकाला गया और उसे हड़प लिया गया। इस मामले की जांच के लिए बनी केरल सरकार की SIT ने पाया कि देवस्वोम बोर्ड के अधिकारियों ने बिना सही अनुमति ये प्लेट्स बाहर दीं और इसमें कारोबारी व अन्य लोगों की मिलीभगत थी। प्रशांत ने अपने ऊपर लगे आरोप खारिज किए पूर्व टीडीबी अध्यक्ष पीएस प्रशांत ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि 2025 की गोल्ड प्लेटिंग में उनके खिलाफ कोई सीधा आरोप नहीं है, सिर्फ अदालत की अनुमति नहीं लेने की बात कही गई है। पी.एस. प्रशांत का कहना है कि प्रतिमाओं को दोबारा गोल्ड प्लेटिंग के लिए भेजने में सभी नियमों का पालन किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बोर्ड को 2019 में कथित सोने की हेराफेरी की कोई जानकारी नहीं थी। SIT की जांच में खुलासा- बचा हुआ सोना अभी भी उन्नीकृष्णन पोट्टी के पास अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी इस केस में मुख्य आरोपी मंदिर के पूर्व पुजारी नंबूदरी उन्नीकृष्णन पोट्टी, सोना व्यापारी डी मणि और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके साथ ही 9 अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मामले के 3 मुख्य किरदार मंदिर से 500 करोड़ का सोना चोरी होने का दावा SIT का कहना है कि इसमें देवस्वोम अधिकारियों की गंभीर लापरवाही और अनधिकृत तरीके से प्लेट्स सौंपने के मामले सामने आए हैं। SIT ने हाईकोर्ट को बताया है कि यह एक संगठित साजिश थी, जिसमें मंदिर की अन्य सोने से मढ़ी वस्तुओं को भी हटाकर सोना निकालने की योजना थी। ED अब यह जांच करेगी कि क्या इस प्रक्रिया से ‘अपराध की आय’ बनी है और जरूरत पड़ने पर आरोपियों की संपत्तियां भी अटैच की जा सकती हैं। इससे पहले गोल्ड स्कैम मामले में SIT को अहम जानकारी देने वाले कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने दावा करते हुए कहा था- ‘मंदिर के सोने की चोरी में TDB बोर्ड के पुराने अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। मेरा अनुमान है कि गायब संपत्तियों की कीमत लगभग 500 करोड़ हो सकती है। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… 2029 से अमरनाथ के लिए केबल कार चलाने की तैयारी, 5-8 घंटे का सफर 30 मिनट में पूरा होगा अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट लगेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला:3 साल सेवा देने के बाद बिना कारण हटाए, बहाल करने और बोनस अंक देने की मांग

सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला। SK मेडिकल कॉलेज और उससे अटैच SK हाॅस्पिटल और जनाना हॉस्पिटल में हटाए गए नर्सिंग संविदाकर्मियों ने आक्रोश जताया। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले संविदा नर्सिंगकर्मियों ने तुरंत प्लेसमेंट बहाल करने और अगली भर्तियों में एक्सपीरियंस के बोनस देने की भी मांग की है। नर्सिंग संविदाकर्मी मंगलवार देर शाम मोमबत्ती हाथों में लेकर कल्याण सर्किल पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए। संघर्ष समिति के रामनिवास चाहर ने बताया कि 3 साल पहले राजस्थान सरकार ने सरकारी हॉस्पिटलों में प्लेसमेंट और संविदा के आधार पर नर्सिंगकर्मियों को नियुक्ति दी थी। अब बिना कारण बताए इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन कर नर्सिंग संविदाकर्मियों की सेवा बहाल करने और अगली सरकारी नर्सिंग ऑफिसर की भर्तियों में एक्सपीरियंस के आधार पर 10 या 20 बोनस अंक देने की मांग की गई है। पहले देखें प्रदर्शन की ये PHOTOS आत्महत्या करने वाले संविदाकर्मी के परिजन को मिले 1 करोड़ मुआवजा राजेश कुमार बाटड़ ने बताया- नर्सिंग संविदाकर्मियों ने जयपुर में आहत होकर आत्महत्या करने वाले जयपुर के नर्सिंग संविदाकर्मी दीपक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि कैंडल मार्च के जरिए राज्य सरकार को जगाने की‌ कोशिश की है। अगर समय रहते सरकार मांगों को नहीं मानती है तो संपूर्ण राजस्थान में नर्सिंग कर्मियों का चल रहा धरना प्रदर्शन उग्र आंदोलन के रूप में तेज होगा। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में नर्सिंग संविदाकर्मी शामिल हुए।

PM मोदी ने सचिवों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक:कहा- विभागीय दीवारें तोड़ें, योजनाओं का असर जमीन पर दिखना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सेवा तीर्थ में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के लोगों के जीवन पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय के लिए पीएम गतिशक्ति (PM GatiShakti) प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर जोर दिया। बैठक में दो प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। पहला, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लिए विनियमन में सुधार और अन्य सुधार’, जबकि दूसरा विषय ‘आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना’ था। बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने इन दोनों विषयों के अनुरूप उठाए जा रहे प्रमुख कदमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने के प्रयासों, विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों और शासन एवं सेवा वितरण को बेहतर बनाने की भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की। विभागीय सीमाओं से बाहर निकलकर काम करना चाहिए: पीएम पीएम ने कहा- सभी विभागों को ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण अपनाते हुए विभागीय सीमाओं (साइलो) से बाहर निकलकर काम करना चाहिए। मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वित योजना से सरकारी कामकाज अधिक प्रभावी होगा। पीएम ने गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी बल दिया और कहा कि यह विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा बेहतर और तथ्य आधारित निर्णय लेने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। बैठक में प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी योजनाओं की सफलता का आकलन केवल उनके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव से किया जाना चाहिए। सरकारी कार्यों, जन-केंद्रित मामलों में ढिलाई न हो: पीएम पीएम ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बैठक में उन्होंने सचिवों को गवर्नेंस और इंप्लीमेंटेशन पर ध्यान केंद्रित रखने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि सरकारी कार्यों, खास तौर पर जन-केंद्रित पहलों में कोई ढिलाई या देरी न हो। पीएम मोदी ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ व्यवस्थागत बदलाव लेकर आई है और नागरिकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाया है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने संरचनात्मक सुधारों पर अपडेट दिया। यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र सरकार ने हाल ही में रेलवे सहित कई मंत्रालयों में ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ जैसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है, जिसमें इन्हें लागू करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है। —————
ये खबर भी पढ़ें… मोदी की मंत्रिपरिषद के साथ बैठक साढ़े 4 घंटे चली:कहा- मंत्री तेजी से फैसले लें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार रात को दिल्ली के सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रालयों के प्रदर्शन और आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई। पीएम ने कहा- ‘विकसित भारत 2047’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का लक्ष्य और वादा है। पूरी खबर पढ़ें…

जोधपुर में आज 15 से ज्यादा इलाकों में बिजली गुल:मेंटेनेंस के चलते रहेगा पावर कट, जानिए कब-कब होगी कटौती

जोधपुर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते आज 15 से अधिक कॉलोनियों में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तीन से पांच घंटे तक बिजली कटौती (पावरकट) रहेगी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक यहां रहेगी बिजली बंद: देवलिया फीडर, गुटखा फैक्ट्री के पास, चुन्नीलाल जी की प्याऊ, देवलिया गांव, बावरला गांव, सारण नगर (बावरला), प्रताप नगर (बावरला), शगुन रिसॉर्ट, राज इंजीनियरिंग कॉलेज, एसएलबीएस कॉलेज और 16 मील के आसपास का क्षेत्र। सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक यहां रहेगा पावरकट: खोखरिया, गुजरावास, बोरावास तथा 11 केवी खोखरिया फीडर से जुड़े सभी गांव।

हर रोटेरियन लगाएगा 10 पौधे, क्लब अध्यक्ष 1000:डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बोले- 15 करोड़ की सेवा परियोजनाएं,2027 तक 1 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

रोटरी इंटरनेशनल के नए रोटरी वर्ष 2026-27 की शुरुआत 1 जुलाई से होगी। इस अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अरुण बगड़िया ने पूरे वर्ष का विजन साझा किया। उन्होंने कहा- “सेवा ही सर्वोपरि” केवल रोटरी का आदर्श नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। अरुण बगड़िया ने बताया- रोटरी इंटरनेशनल पिछले 120 साल से मानव सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और अब डिस्ट्रिक्ट 3056 भी सेवा के नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे साल रोटरी के आदर्श “Service Above Self” को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। 15 करोड़ रुपए की सेवा परियोजनाओं का लक्ष्य उन्होंने बताया कि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 ने वर्ष 2026–27 में करीब 15 करोड़ रुपए की सेवा परियोजनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नेत्र चिकित्सा, बालिका शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, ग्रामीण विकास, रक्तदान, अंगदान जागरूकता और आपदा राहत जैसी योजनाएं शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ने कहा कि द रोटरी फाउंडेशन को और अधिक सशक्त बनाना इस वर्ष की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही सदस्यता बढ़ाने, नए रोटरी क्लब स्थापित करने तथा युवाओं को जोड़ने के लिए रोटरैक्ट और इंटरैक्ट क्लबों का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने रोटरी कम्युनिटी कॉर्प्स (RCC) को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया, ताकि आम नागरिक भी सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। हर रोटेरियन लगाएगा 10 पौधे, क्लब अध्यक्ष 1000 पर्यावरण संरक्षण को लेकर अरुण बगड़िया ने विशेष अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि 1 जुलाई को प्रत्येक रोटेरियन कम से कम 10 पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प ले। वहीं प्रत्येक क्लब अध्यक्ष 1000 पौधे लगाने और उनका संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास करें। लक्ष्य है कि 30 जून 2027 तक एक लाख से अधिक स्वस्थ एवं विकसित वृक्ष समाज को समर्पित किए जाएं। उन्होंने सभी क्लबों से अपील की कि उनके स्वागत में फूल-मालाओं, साफों और शॉल पर खर्च करने के बजाय उसी राशि का योगदान द रोटरी फाउंडेशन में करें। उनके अनुसार यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा और इससे सेवा कार्यों को नई गति मिलेगी। अरुण बगड़िया ने सभी रोटेरियन्स, रोटरैक्टर्स, इंटरैक्टर्स, आरसीसी सदस्यों, दानदाताओं और डिस्ट्रिक्ट टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से वर्ष 2026–27 को सेवा, सहयोग, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का स्वर्णिम अध्याय बनाया जाएगा।

10% आरक्षण की मांग को लेकर आज डीएनटी-समाज का महापड़ाव:विद्याधर नगर में जुटेंगे 1 लाख लोग;शहीद स्मारक और सीएम आवास कूच की दी चेतावनी

जयपुर में घुमंतू और अर्ध-घुमंतू (डीएनटी) समाज ने की ओर से महापड़ाव किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि इसमें राजस्थान सहित देशभर से करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। समाज की ओर से बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 10 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ समाज जुटेगा। पिंकसिटी प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में डीएनटी समाज के प्रदेशाध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया और पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने जानकारी दी। रतन नाथ कालबेलिया ने कहा- घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय राजस्थान की करीब 15 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन आज भी समाज के लोग स्थायी आवास, पहचान और मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रतन नाथ कालबेलिया ने कहा- सरकार को बुधवार शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि तय समय तक मांगें नहीं मानी तो महापड़ाव से शहीद स्मारक तक कूच किया जाएगा। सभा के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला जाएगा। दो साल से कर रहे आंदोलन रतन नाथ कालबेलिया ने कहा- डीएनटी समाज दो साल से मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। पाली में 32 घंटे तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जाम किया गया था और 11 मई से जैसलमेर से ‘जेल भरो आंदोलन’ भी शुरू किया गया। इसके बावजूद सरकार ने हमारी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया। अब मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगी बातचीत राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने कहा- पिछले दो साल में सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक से स्पष्ट हो गया कि सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब डीएनटी समाज मुख्यमंत्री स्तर के अलावा किसी अन्य अधिकारी से बातचीत नहीं करेगा। समाज की प्रमुख मांग है कि डीएनटी वर्ग की अनुसूचित जाति (एससी) में आने वाली जातियों को 3 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल जातियों को 7 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, ताकि कुल 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

पूर्व MLA बलजीत-यादव को राहत नहीं,5 महीने से जेल में:हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका; विधायक निधि के दुरुपयोग और गबन का आरोप

बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस रवि चिरानिया की अदालत ने आज पूर्व विधायक की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने 25 जून को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (MLA Fund) से 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के दुरुपयोग और गबन के आरोप में 3 फरवरी को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, ईडी मामलों की विशेष अदालत ने 25 अप्रैल को बलजीत यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद पूर्व विधायक की ओर से हाईकोर्ट का रुख करते हुए जमानत याचिका दायर की गई थी।
ईडी ने कहा-गबन की राशि से संपत्तियां खरीदी बहस के दौरान ईडी ने कहा कि इस मामले में एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज करके मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जिन फर्मों को काम के ठेके दिए गए वो वर्क ऑर्डर मिलने के बाद बनाई गई अथवा उनके जीएसटी पंजीकरण फर्जी थे। इन फर्मों के जरिए धनराशि यादव के सहयोगियों और रिश्तेदारों तक पहुंचाई गई। ईडी ने कहा कि बलजीत यादव ने गबन के 2.78 करोड़ रुपए से संपत्तियों की खरीद और राजनीतिक खर्चा किया। यह था घोटाला 2021 में बलजीत यादव ने विधायक रहते हुए अलवर के 32 सरकारी स्कूलों में क्रिकेट बैट, बैडमिंटन किट और अन्य सामग्री खरीदी में भूमिका निभाई थी। आरोप है कि सामान ढाई-तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा। सामग्री घटिया क्वालिटी की थी। 3.72 करोड़ की हेराफेरी में यादव की भूमिका थी। इस केस में बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्रा. लिमिटेड, सूर्या इंटरप्राइजेज, राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज, शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज के संचालक व शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं।