पूर्व संयुक्त-आयुक्त राजीव गर्ग पर ACB का एक और शिकंजा:आय से 98.55% अधिक संपत्ति का मामला दर्ज, 3 लाख की रिश्वत ट्रैप के बाद जांच में खुली करोड़ों की अवैध संपत्ति

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रतापगढ़ में संयुक्त आयुक्त एवं महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र रहे राजीव गर्ग के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का एक और मामला दर्ज किया है। ब्यूरो की जांच में राजीव गर्ग के पास उनकी वैध आय से 98.55 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, ACB ने अगस्त 2024 में राजीव गर्ग को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया था। ट्रैप कार्रवाई के बाद उनके ठिकानों पर तलाशी और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की गई। इसी दौरान आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य सामने आए। जांच में पाया गया कि राजीव गर्ग के पास उनकी ज्ञात वैध आय से 98.55 प्रतिशत अधिक, यानी 1 करोड़ 73 लाख 64 हजार 893 रुपये की अवैध परिसंपत्तियां हैं। इस आधार पर ACB ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति का अलग मुकदमा दर्ज किया है। ACB के अनुसार अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रतन सिंह राजपुरोहित करेंगे। जांच के दौरान राजीव गर्ग की संपत्तियों के स्रोत, निवेश, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जाएगी। ACB का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

झोटवाड़ा में गैराज पर फायरिंग से मची अफरा-तफरी:लेन-देन के विवाद में दो हवाई फायर, वारदात के बाद कार में फरार; पुलिस जुटी आरोपियों की तलाश में

राजधानी के झोटवाड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम निवारू रोड स्थित लक्ष्मी नगर में संचालित एक गैराज पर फायरिंग होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और गोली किसी को नहीं लगी। सूचना मिलते ही झोटवाड़ा थाना पुलिस और वेस्ट जिले की डीएसटी टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार निवारू रोड पर जितेन्द्र शर्मा का महालक्ष्मी मोटर गैराज संचालित है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनका दूसरे पक्ष के कुछ लोगों के साथ लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम करीब 6 बजे दूसरे पक्ष से यश और अमन अपने कुछ साथियों के साथ गैराज पर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद और झगड़े में बदल गई। इसी दौरान दूसरे पक्ष के एक युवक ने कथित रूप से दो हवाई फायर कर दिए। अचानक फायरिंग होने से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद सभी आरोपी एक कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पर झोटवाड़ा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फायरिंग की घटना के पीछे लेन-देन का विवाद सामने आया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। मामले की जांच जारी है।

जोधपुर शहर के आधे हिस्से में कल नहीं आएगा पानी:कई इलाकों का सप्लाई शेड्यूल बदला; पांच घंटे इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद

जोधपुर शहर के करीब आधे हिस्से में गुरुवार को पानी की सप्लाई बंद रहेगी। इससे लोगों को पानी की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) का कहना है कि ग्रीष्मकालीन जल भंडारण के साथ-साथ फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों की जरूरी सफाई एवं रखरखाव कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। PHED नगर वृत्त जोधपुर के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता के अनुसार, शहर के सभी फिल्टर हाउसों से जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इसके चलते कई इलाकों में पानी की सप्लाई का शेड्यूल एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है। इन इलाकों में बदला पानी सप्लाई का शेड्यूल कायलाना, चौपासनी और सूरपुरा फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में 2 जुलाई की सप्लाई अब 3 जुलाई को और 3 जुलाई की सप्लाई 4 जुलाई को दी जाएगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों (सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाइपास और शिल्पग्राम के आसपास) में गुरुवार सुबह 10 बजे तक जलापूर्ति सामान्य रहेगी। इसके बाद 3 जुलाई की सप्लाई 4 जुलाई को और 4 जुलाई की सप्लाई 5 जुलाई को की जाएगी। इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में गुरुवार को बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में पांच घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तके जाजीवाल जकड़ा, बुधनगर, अठकली, सूरज बासनी, बनाड़ बिश्नोई की ढाणी, जालेली नायला और आसपास के सभी संबंधित क्षेत्रों में बिजली नहीं आएगी।

आभूषण चमकाने के बहाने सोना उड़ाने वाले दो अरेस्ट:सोने-चांदी की सफाई के नाम पर कैमिकल से आभूषण की परत निकालते थे आरोपी

अलवर जिले की विजय मंदिर थाना पुलिस ने सोने-चांदी के आभूषण चमकाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी कैमिकल की मदद से आभूषण साफ करने के दौरान उसमें से सोने की कुछ मात्रा निकाल लेते थे। पुलिस ने उनसे सफाई में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल, उपकरण और अन्य सामान भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपी जयप्रकाश शाह (60) पुत्र जगदीश शाह और संतोष शाह (40) पुत्र बनारसी शाह निवासी भवनदेवी टोला बिहार हैं। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- 30 जून को एक महिला ने रिपोर्ट दी कि मेरी मां घर के बाहर बैठी थीं। तभी दो अनजान व्यक्ति पहुंचे और खुद को कंपनी की ओर से सोने-चांदी के आभूषण साफ करने वाला बताने लगे। महिला ने अपने सोने के कान के कुंडल साफ करवा दिए। सफाई के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। बाद में जब कुंडलों को सुनार के पास जांच के लिए ले जाया गया तो उनमें से सोने की मात्रा कम पाई गई। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों से सोने-चांदी की सफाई में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल, गोल्ड क्लीनिंग पाउडर, ब्रश, अलग-अलग कैमिकल से भरी बोतलें, पीतांबरी पाउडर, बाल्टियां तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा मिट्टी के तेल से भीगा कपड़ा और अधजली लाल मिर्च भी जब्त की गई है, जिनका इस्तेमाल वे सफाई की प्रक्रिया के दौरान करते थे।

जयपुर में 'लोकमंथन 2026' की शुरुआत:CM बोले- रामकथा-लोककलाओं ने किया चरित्र निर्माण, गजेंद्र शेखावत ने कहा- भारत की आत्मा है 'लोक'

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- भारत की संस्कृति और परंपराओं ने समाज को हमेशा सही दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि रामकथा, रामलीला और रासलीला जैसे लोक माध्यमों के जरिए पीढ़ियों ने जीवन के आदर्श, नैतिक मूल्य और संस्कार सीखे हैं। लोक कलाकारों ने केवल मनोरंजन नहीं किया, बल्कि समाज के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को शुरू हुए लोकमंथन 2026 में मुख्यमंत्री भजनलाल ने यह कहा। ‘हम भारत के लोग’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में लोक की भूमिका पर मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। इन्हें संरक्षित और नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति ही भारत की असली ताकत है, जिसने सदियों से समाज को एक सूत्र में बांधकर रखा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि लोकमंथन का मुख्य आयोजन दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का वास्तविक निर्माता और उसकी सबसे बड़ी शक्ति उसका ‘लोक’ है। यही भारत की आत्मा है और इसी के आधार पर देश की सांस्कृतिक पहचान कायम है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए कहा- राजस्थान की प्यास बुझाने के लिए राज्य सरकार ने जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, उन्हें आने वाले सालों में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता पूरे देश में अलग पहचान रखती है और लोकमंथन जैसे आयोजनों से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकमंथन के माध्यम से राजस्थान की लोक कला, संस्कृति, परंपराएं और लोक ज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इससे न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना भी मजबूत होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती से जुड़ा रहेगा, तभी वह विश्व का मार्गदर्शक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। लोक परंपराओं, संस्कृति और समाज के सामूहिक अनुभवों को सहेजना ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। बता दें कि लोकमंथन 2026 के शुभारंभ के साथ ही राजस्थान में सांस्कृतिक विमर्श की एक नई शुरुआत मानी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान लोक संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अलग-अलग विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षाविद, संस्कृति विशेषज्ञ, लोक कलाकार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए।

हाईकोर्ट ने नर्सिंग-पैरामेडिकल काउंसलिंग पर लगाई रोक:एनओसी लंबित होने से संस्थानों को नुकसान का अंदेशा; 15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी नर्सिंग और स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों को राहत देते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की पीठ ने राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) के कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2026 के तहत बीएससी नर्सिंग, डी.फार्म और बीपीटी पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह रोक लंबित एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) आवेदनों पर निर्णय न होने के कारण लगाई है। याचिकाकर्ता संस्थानों की ओर से अधिवक्ता श्रेयांस मर्डिया और अधिवक्ता अंकुर माथुर ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर 2024 की नीति के तहत आवेदन मांगे थे। संस्थानों ने आवश्यक ढांचा विकसित कर आवेदन जमा किए, लेकिन डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश मामलों में एनओसी जारी नहीं की गई है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि आरयूएचएस ने 11 जून 2026 को काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर दिया है। ऐसे में यदि एनओसी लंबित रहती है तो संस्थानों का एक और शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है, जिससे उन्हें भारी नुकसान होगा। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि मामला विचाराधीन है और अंतिम निर्णय के लिए समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद लंबित आवेदनों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इन दलीलों और टिप्पणियों के बाद हाईकोर्ट ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को तय की है।

झुंझुनूं में 8 धर्मकांटों पर लगाया जुर्माना:बिना वैरिफिकेशन चल रहे थे; सिंघाना और नवलगढ़ में टीम की कार्रवाई

झुंझुनूं जिले में विधिक माप विज्ञान विभाग ने तौल-माप में पारदर्शिता लाने के लिए अभियान की शुरुआत की है। इसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 धर्मकांटों पर कार्रवाई करते हुए कुल 24 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है। ​विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि कुल 8 धर्मकांटे ऐसे थे, जिनका विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा वैध वैरिफिकेशन नहीं करवाया गया था। वैरिफिकेशन के बिना मशीनों का उपयोग करना अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके कारण विभाग ने इन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की। ​इन धर्मकांटों पर हुई कार्रवाई ​विभाग की चेतावनी, नियमों का पालन करें
​विधिक माप विज्ञान अधिकारी कहा कि कोई भी व्यापारी या धर्मकांटा संचालक विभाग से सत्यापन करवाए बिना तौल उपकरण का उपयोग नहीं कर सकता। यह विधिक माप विज्ञान अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। उपभोक्ताओं को सही माप मिलना उनका कानूनी अधिकार है।

महेश जोशी-संजय बड़ाया के खिलाफ ACB ने पेश किया चालान:20 हजार करोड़ रुपए के JJM घोटाले में 3 हजार पेज का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल

राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) में कथित 20 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तत्कालीन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) मंत्री महेश जोशी और निजी व्यक्ति संजय बड़ाया के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। एसीबी ने करीब 3000 पेजों का आरोप पत्र विशेष एसीबी न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया की अदालत में प्रस्तुत किया। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक मंजुला जैन ने अदालत को बताया कि मामले में अनुसंधान अभी भी लंबित है और जांच जारी है। पहले भी दाखिल हो चुका है चालान इस मामले में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुबोध अग्रवाल सहित 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पहले चालान पेश किया जा चुका है। एसीबी अब तक मामले में कई चरणों में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ये आरोपी हैं न्यायिक हिरासत में मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बड़ाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार वर्तमान में जेल में हैं। एक आरोपी को मिली जमानत मामले के आरोपी अरुण श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं अन्य आरोपी जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। एसीबी के अनुसार- जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया, ठेकों के आवंटन और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने पर मामले में पूरक चालान भी पेश किए जा सकते हैं।
यह खबर भी पढ़ें… जलदाय विभाग के अफसरों को होटल में बांटी थी रिश्वत:फरार SE ने 15 लाख रुपए में बनवाया था फर्मों का फर्जी सर्टिफिकेट; संपत्ति होगी कुर्क राजस्थान में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अफसरों को जयपुर के एक होटल में बुलाकर रिश्वत बांटी गई थी। घोटाले में शामिल पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 9 अफसर 17 फरवरी को पकड़े गए थे। (पूरी खबर पढ़ें) पूर्व IAS पूछताछ में रोने लगे,जोशी के नाम पर चुप:सुबोध अग्रवाल ने नहीं दिए 125 सवालों के जवाब, बोले- घोटाले में मेरी भूमिका नहीं जल जीवन मिशन घोटाले में दिल्ली से पकड़े गए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल से 12 अप्रैल 2026 को 10 घंटे लगातार पूछताछ की गई थी। उनसे फर्म को दिए गए फर्जी सर्टिफिकेट व पूर्व मंत्री महेश जोशी को लेकर भी सवाल किए गए थे। (पूरी खबर पढ़ें)

राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 5 दिन बाद खत्म:सरकार-यूनियन में बनी सहमति; 25 जुलाई तक आएगी भर्ती की अधिसूचना

राजस्थान में 5 दिनों से सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर चल रही नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। राज्य सरकार और संयुक्त वाल्मीकि सफाई श्रमिक संघ के बीच हुई बातचीत में अलग-अलग मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने बुधवार रात करीब 8:30 बजे हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। सरकार और यूनियन के बीच सहमति बनने के बाद अब गुरुवार से सफाई कर्मचारी काम पर लौटेंगे। हड़ताल के कारण राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी और जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे। सरकार और यूनियन के बीच हुई बातचीत में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। बैठक में तय किया गया है कि आगामी भर्ती में परंपरागत रूप से सफाई कार्य करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही निकायों में कम से कम एक साल का सफाई कार्य अनुभव भर्ती का प्रमुख आधार माना जाएगा। बैठक में तय हुआ कि 25 जुलाई तक सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। भर्ती प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम से होगी पूरी समझौते के अनुसार- निकायों में अगर एक साल का अनुभव रखने वाले पर्याप्त अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य संस्थाओं में एक साल का सफाई कार्य अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। इन मांगों पर भी सहमति हड़ताल की अवधि को अवैतनिक अवकाश मानेंगे हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को भी राहत मिली है। सरकार ने कहा- हड़ताल की अवधि को सवैतनिक अवकाश माना जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। वहीं पांच दिनों तक चली हड़ताल के दौरान कई इलाकों में कचरा नहीं उठने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है।

फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का सांकेतिक अनशन:कहा- करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ेगा फीस वृद्धि का असर; पांचवें दिन भी धरना जारी

जोधपुर की जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई का धरना पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ता एक दिन के सांकेतिक अनशन पर बैठे। कार्यकर्ताओं ने मांगें नहीं मानने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। एनएसयूआई जोधपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनीष विश्नोई ने कहा- एनएसयूआई कार्यकर्ता पिछले पांच दिन से धरने पर बैठे हैं। हमारी मुख्य मांग यही है कि फीस वृद्धि वापस ली जाए। जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं ली जाती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। वहीं, एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता एमएल चौधरी ने बताया- बातचीत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया। फीस वृद्धि का असर करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ रहा है, जिनमें से बहुत से छात्र गांवों में मजदूर किसान वर्ग से आते हैं। 27 जून को शुरू किया था धरना गौरतलब है कि फीस बढ़ोतरी वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर एनएसयूआई और ABVP ने 27 जून को धरना शुरू किया था। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल और विश्नविद्यालय प्रशासन के साथ हुई बातचीत में बढ़ी हुई फीस (1350 रुपए) की 30 फीसदी कम करने पर मंगलवार देर शाम सहमति बन गई थी। कम की गई राशि को छात्रों के परीक्षा शुल्क में शामिल किया जाएगा। इसके बाद एबीवीपी ने अपना धरना समाप्त कर लिया, जबकि एनएसयूआई का धरना फिलहाल जारी है। NSUI की हैं ये मांग