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गोठड़ा में नौ दिवसीय श्रीराम कथा आज से

कस्बे के सांवरियानाथ मंदिर परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ होगा। 18 से 26 जुलाई तक होने वाली कथा को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति के अनुसार रामेश्वर पीठाधीश्वर बालयोगी महंत बाबा बालकदास महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक श्रीराम कथा का वाचन करेंगे। कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, धर्म, कर्तव्य, करुणा और लोक-कल्याण के संदेशों का वर्णन किया जाएगा। सांवरियानाथ महिला मंडल और ग्रामवासियों की ओर से इस धार्मिक कार्यक्रम के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है।

प्रदेश में श्रीगंगानगर के बाद चूरू 41.1 डिग्री के साथ सबसे गर्म, नमी के अभाव में मुरझाने लगीं हैं फसलें

भास्कर संवाददाता | चूरू जिले में एक सप्ताह से बारिश नहीं हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश में श्रीगंगानगर के बाद चूरू सबसे गर्म दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर में अधिकतम पारा 41.8 जबकि चूरू में 41.1 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पूर्व चूरू में छह जुलाई को अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री दर्ज किया गया था। मानसून की बेरुखी का सबसे अधिक असर खरीफ की बारानी खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। बारिश व नमी की कमी से फसलें मुरझाने लगी हैं। जिले में अधिकांश बुवाई जून के दूसरे पखवाड़े में की गई है। ऐसे में फसलें अभी पर्याप्त रूप से विकसित भी नहीं हो पाई है तथा उनकी बढ़वार भी रुक गई है। अगर आगामी एक सप्ताह में मानसून ने फिर से जोर नहीं पकड़ा तो इस बार खरीफ फसलों में भारी नुकसान होने का डर किसानों को सता रहा है। मौसम विभाग कमजोर मानसून रहने की चेतावनी जारी कर चुका है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री बढ़कर 41.1 व न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री बढ़कर 30.1 डिग्री पर पहुंच गया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 40.6 व न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री दर्ज हुआ था। डीबी अस्पताल वरिष्ठ ​िफजिशयन डॉ. आरिफ खान ने बताया कि तेज गर्मी से बचाव के लिए दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और आम पन्ना का सेवन करें। हरी व सब्जियां व फलों का सेवन बढ़ाएं। ये शरीर में पानी का स्तर बनाए रखते हैं। तला-भूना व मसालेदार खाना खाने से बचें। बासी खाने और सड़क किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। तेज बुखार, त्वचा का लाल होना, बहुत अधिक सूखा होना, सिरदर्द, चक्कर और उल्टी तथा मांसपेशियों में खिंचाव जैसी स्थिति महसूस हो, तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करवाएं। जिले में अब तक 10.57 लाख हैक्टेयर से अधिक में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है। इसमें कपास आठ हजार हैक्टेयर, मूंगफली 112600 हैक्टेयर, ग्वार 160200 हैक्टेयर, मूंग 334600 हैक्टेयर, मोठ 157000, बाजरा 242000, तिल 630 हैक्टेयर के अलावा सब्जी व अन्य फसलों को मिलाकर कुल 10.57 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई है। 22 जुलाई के बाद ही बारिश की संभावना : जयपुर मौसम केन्द्र निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य के अधिकांश भागों में कमजोर मानसून परिस्थितियां आगामी तीन-चार दिन जारी रहने की प्रबल संभावना है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में 21 जुलाई से बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं 22-23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी व मध्य भागों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 23 से 28 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।

डॉ. शेखावत हुए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित

चूरू | होम्योपैथी यूनिवर्सिटी संरक्षक व सलाहकार डॉ. अमरसिंह शेखावत को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2026 से नवाजा गया है। डॉ. शेखावत को ये सम्मान होम्योपैथी व यूनिवर्सिटी के प्रचार-प्रसार, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और समाज सेवा के लिए दिया गया है। जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में हुए दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने डॉ. शेखावत को सम्मान से नवाजा।

प्रसूता मृत्यु पर प्रमुख शासन सचिव के बयान का एएनएम-एलएचवी संघ ने किया विरोध

प्रसूता मृत्यु के मामले में प्रमुख शासन सचिव के बयान का एलएचवी-एएनएम संघ ऑफ राजस्थान ने विरोध जताया है। संघ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नफीसा बानो ने इसे आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान धरातल पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल गिराते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की बैठक में नफीसा बानो ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली एएनएम और एलएचवी विपरीत परिस्थितियों में भी सेवाएं दे रही हैं। उन्हें ही जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया जा रहा है। यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से स्वास्थ्य कर्मियों में रोष है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी कार्यशैली और बयानों में सुधार नहीं किया तो प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। साथ ही प्रसूता मृत्यु के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराने की भी मांग की। ।

नाबालिग के अपहरण मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

टोंक | कोतवाली थाना पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में मुख्य आरोपी सोहेल सहित उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। थानाधिकारी बीएल वैष्णव ने बताया कि बालिका के पिता की रिपोर्ट पर अपहरण का मामला दर्ज कर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी नाबालिग को टोंक से पहले अजमेर, फिर जयपुर और बाद में दिल्ली लेकर गए थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सोहेल के साथ उसके सहयोगी ताहिर सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है तथा अपहरण के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।

गाय को बचाने में कैम्पर पलटी, 4 घायल, एक अजमेर रेफर

ब्यावर| सेदरिया के पास शाम को भीषण सड़क हादसा हुआ। कैम्पर गाड़ी गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गई। कैम्पर में सवार चार यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान सेदरिया निवासी राहुल पुत्र पोलू सिंह, राहुल पुत्र सूरज सिंह, राहुल पुत्र चमन सिंह, अरविंद पुत्र अशोक सिंह के रूप में हुई। चारों उदयपुर बाईपास से कैम्पर में सेदरिया घर लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर अचानक गाय आ गई। गाड़ी पलट गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने चारों का प्राथमिक उपचार किया। राहुल पुत्र पोलू सिंह की हालत गंभीर मिली। उसे अजमेर जवाहरलाल नेहरू अस्पताल रेफर किया गया। बाकी घायलों का इलाज जारी है। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जांच शुरू की।

ब्रेस्ट कैंसर के हर साल 15000 नए मरीज:पुरुष को दिखाने में शर्म, सिर्फ 7 महिला डॉक्टर, चौथी स्टेज में इलाज… झिझक तोड़नी होगी, क्योंकि हर साल 6000 मौतें

ब्रेस्ट कैंसर को लेकर प्रतिदिन 41 नए मरीज आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर कैंसर के फैलाव के बाद मेडिकल कॉलेजों में पहुंच रहे हैं। जयपुर स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट तक पहुंचते-पहुंचते कई मरीज चौथी स्टेज में जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। इनमें ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं हैं, जो पुरुष डॉक्टरों को अपनी तकलीफ बताने में शर्माती हैं, झिझकती हैं, बीमारी को छिपाती हैं। इसी का नतीजा है कि हर साल औसतन 6 हजार महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो रही है।
आंकड़ों की पड़ताल में चौंकाने वाली बात देखिए! प्रदेश के 33 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ 7 महिला डॉक्टर (एसएमएस मेडिकल कॉलेज व स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट में 3, इनमें 2 गायनी ऑन्को सर्जरी व 1 रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, 2 बीकानेर मेडिकल कॉलेज, उदयपुर व जोधपुर मेडिकल कॉलेज में 1-1 रेडिएशन ऑन्को) ही हैं। हालांकि, जोधपुर में एक एडहॉक पर। जिला अस्पताल या सीएचसी में एक भी नहीं। कुल कैंसर रोग विशेषज्ञों (महिला-पुरुष) की स्थिति भी दयनीय है। कुल स्वीकृत 99 पदों में केवल 25 कार्यरत हैं। मेडिकल ऑन्कोलॉजी में केवल 10% पद भरे हैं। राजधानी के एसएमएस मेडिकल कॉलेज व स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में सर्वाधिक 10 डॉक्टर हैं। राजमेस के 25 मेडिकल कॉलेजों सहित प्रदेश की 718 सीएचसी और 37 जिला अस्पतालों में कैंसर के इलाज की कोई कारगर व्यवस्था नहीं है। जहां भी गिने-चुने विशेषज्ञ हैं, उनमें कोई ऐसा नहीं है, जो ब्रेस्ट कैंसर के लिए समर्पित हो। ये फैकल्टी सभी तरह के कैंसर को देख रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल 15 हजार नए केस आ रहे हैं। ऐसे में हर जिले में ब्रेस्ट कैंसर के लिए अलग सेंटर की जरूरत है, वहां मेडिकल कॉलेजों में भी अलग से कोई व्यवस्था ही नहीं है। यहां सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि ब्रेस्ट कैंसर को पहचानने और रोकने की सबसे पहली कड़ी है- कैंसर की स्क्रीनिंग। इसी में सबसे बड़ा धोखा हो रहा है। बिना अल्ट्रासाउंड और रिपोर्टिंग के कैंसर वैन चल रही है। केवल आंकड़े बढ़ाए जा रहे हैं। सालभर पहले कैंसर स्क्रीनिंग का नंबर 55 लाख तक था, जो अब 1.38 करोड़ को पार कर चुका है। लेकिन न तो फैकल्टी बढ़ पाई और ना ही जिलास्तर तक इलाज की सुविधाएं। शुरुआती स्क्रीनिंग में अगर महिला डॉक्टर होंगी तो महिलाएं बिना झिझक के जांच करा सकती हैं। राजस्थान में ब्रेस्ट कैंसर का अंधकार गहराता जा रहा है… सिस्टम-सरकार को अनदेखी का ग्रहण हटाना होगा स्वास्थ्य विभाग व कैंसर रजिस्ट्री की रिपोर्टों के अनुसार- वर्ष 2023 से 2026 के बीच ब्रेस्ट कैंसर से हर साल औसतन 6000 महिलाओं की मृत्यु हुई। 2021 में 5690 और 2022 में 6002 मौतें हुईं। 2023 में 6330, वर्ष 2024 में 6674 और वर्ष 2025 में 6752 महिलाओं की मृत्यु हुई। इतना डरावना आंकड़ा क्यों? इसका जवाब नीचे दिए आंकड़ों में पढ़िए… तस्वीर अंधकारमय; मेडिकल कॉलेज आखिरी उम्मीद, वहां भी अंधेरा कायम 22 पदों में 10 पद भरे। मेडिकल 2, सर्जरी 3, थेरेपी 5

डिस्कॉम एईएन ने पदभार संभाला

किशनगंज| बिजली निगम कार्यालय सीसवाली से स्थानांतरण होकर एईएन राधेश्याम मीणा द्वारा शुक्रवार को किशनगंज कार्यालय मैं पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उनका कर्मचारियों ने तिलक माल्यार्पण कर मीणा का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व में कार्यरत एईएन सतपाल मीणा द्वारा नवनियुक्त एईएन राधेश्याम मीणा को सभी औपचारिकताएं पूरी पदभार संभलाया लाया गया। साथ ही पूर्व के एईएन सतपाल मीणा का स्थानांतरण होने पर बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा साफा बंधन तिलक एवं माल्यार्पण कर विदाई दी गई। जानकारी अनुसार तकरीबन 12 वर्ष पूर्व कस्बे के बिजली निगम कार्यालय में जेईएन के पद पर रहकर अपनी सेवा सेवाएं दे चुके हैं।

55 डॉक्टर व 100 से अधिक नर्सिंग स्टाफ को दो माह से वेतन नहीं मिला

चूरू सहित राज्य के कई मेडिकल कॉलेज में दो महीनों से डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को वेतन नहीं मिला। इसके चलते जिले के ग्रुप-2 के 55 डॉक्टर और 100 से अधिक नर्सिंग स्टाफ परेशान हैं। प्रभावित डॉक्टरों ने शुक्रवार को बैठक की और अस्पताल अधीक्षक से मिल कर अपनी पीड़ा बताई तो उन्होंनेतीन-चार दिन में वेतन भुगतान होने का आश्वासन दिया। डॉक्टरों का कहना है कि जिला स्तर पर उनके वेतन भुगतान को लेकर कार्रवाई कर दी गई है, लेकिन उच्च स्तर पर मामला पेंडिंग है। इधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी का कहना है कि बजट/फाइल का मामला उच्च स्तर (जयपुर) पर अटका है। हमने स्थानीय स्तर से सारी प्रक्रिया पूरी कर दी है। अगले तीन-चार दिन में वेतन का भुगतान हो जाने की पूरी उम्मीद है।

जिले में 231 पुलिसकर्मियों की 58 टीमों ने 293 जगह एक साथ दबिश दी, 89 बदमाश पकड़े

पुलिस ने जिले में सक्रिय बदमाशों व आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि अभियान के जरिए या तो अपराधी अपराध छोड़ दे, या फिर चूरू छोड़ दे का संदेश दिया गया। अभियान के तहत 15 और 16 जुलाई को पूरे जिले में एक साथ 293 संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान 29 हिस्ट्रीशीटरों की चैकिंग की गई और अलग-अलग मामलों में वांछित व सक्रिय 89 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई को लेकर एएसपी सुनील कुमार, रिछपाल सिंह, सतपाल सिंह के सुपरविजन में सभी एसएचओ ने पहले लंबे समय तक खुफिया इनपुट जुटाए। इसके बाद एक साथ दबिश दी गई। बीकानेर रेंज आईजी के निर्देशानुसार जिले में टॉप-10 सक्रिय अपराधियों, इनामी बदमाशों, हार्डकोर अपराधी व तस्करों के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया गया। पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अन्य वारदातों के खुलासे और फरार मुल्जिमों की गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना है। -निश्चय प्रसाद एम, एसपी, चूरू