ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत:अचानक यू-टर्न लेते समय हुआ हादसा, आमेर रोड पर जलमहल के पास की घटना

जयपुर में आमेर रोड स्थित जलमहल के पास सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। गुरुवार को सुबह साढ़े तीन बजे आमेर की ओर जा रहे ट्रक की चपेट में स्कूटी सवार युवक चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, ट्रक और स्कूटी दोनों रामगढ़ मोड़ से आमेर की ओर जा रहे थे। जलमहल के पास ट्रक चालक ने अचानक यू-टर्न लिया। इसी दौरान पीछे चल रही स्कूटी ट्रक की चपेट में आ गई। हादसे में स्कूटी सवार अरशद (28) गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी (SHO) हेमंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एसएमएस हॉस्पिटल की मोर्च्यूरी भिजवाया। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों सुपुर्द कर दिया गया। मृतक मोहम्द अरशद के चचेरे भाई समीर ने ट्रक के ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक चालक के अचानक यू-टर्न लेने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ट्रक चालक की भूमिका और दुर्घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़े मां-बाप; VIDEO:2 बार जमीन पर पटका, छाती में सींग मारा, पसलियां टूटीं

ट्यूशन पढ़कर लौट रही 5 साल की बच्ची पर घर के सामने ही गाय ने अचानक हमला कर दिया। बच्ची की मां ने जैसे ही यह देखा, उसके होश उड़ गए। वह जान की परवाह किए बिना गाय से भिड़ गई। दोनों सींग पकड़ लिए। गाय ने उसको भी 2 बार पटक कर कुचल दिया, जिससे पसलियां टूट गईं। इतने में बच्ची के पिता और पड़ोसी भी आ गए। सबने मिलकर किसी तरह गाय को वहां से भगाया। यह घटना श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान इलाके की CRK कॉलोनी (वार्ड नंबर-26) में मंगलवार शाम को हुई। यह पूरा वाकया सामने लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। इसका 50 सेकेंड का वीडियो गुरुवार को सामने आया। तस्वीरों से समझिए… 50 सेकेंड का पूरा घटनाक्रम ‘बेटी को तड़पता देख मुझे अपनी जान का डर नहीं रहा’ हॉस्पिटल में भर्ती मंजीत कौर (30) ने कहा- मैंने जब अपनी बच्ची पर गाय को हमला करते हुए देखा तो मेरे होश उड़ गए। मुझे बस यही दिख रहा था कि किसी भी तरह अपनी बच्ची को बचाना है। गाय मुझे सींग मार रही थी, पैरों से कुचल रही थी, लेकिन मुझे सिर्फ हरकीरत की जान की फिक्र थी। बच्ची के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें छाती में गाय के सींग और पैर लगने से अंदरूनी चोटें आई हैं, जिससे उनकी पसलियां टूट गई हैं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्ची के मुंह, घुटने, पैर और सिर पर गंभीर चोटें और खरोंचें आई हैं।
बीच-बचाव करने के दौरान पिता को भी मामूली चोटें आई हैं।

उदयपुर में कई जगह बारिश; कल आ सकता मानसून:गिर्वा से लेकर ऋषभदेव, छाणी और बावलवाड़ा में अच्छी बारिश

उदयपुर शहर में गुरुवार दोपहर को हिरणमगरी सहित अन्य इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं कई इलाकों में सूखे की स्थिति रही। इससे पहले सुबह से शहर में बादल छाए रहे। इधर, राजस्थान के कई जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है। उदयपुर में शुक्रवार को मानसून की एंट्री होने की संभावना मौसम एक्सपर्ट ने जताई है। हवा के साथ हुई तेज बारिश शहर से सटे गिर्वा क्षेत्र के तीतरड़ी, ढोल की पाटी, डाकन कोटड़ा, बिलिया और एकलिंगपुरा सहित आसपास इलाकों में दोपहर बाद बारिश हुई। बारिश शुरू होते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और तेज गर्मी से बेहाल लोगों ने राहत की सांस ली। उदयपुर जिले के ऋषभदेव कस्बे में दोपहर एक से डेढ़ बजे तक तेज बारिश हुई। पिछले दो दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली। ऋषभदेव के आसपास के गांवों में भी बारिश हुई। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा के पास छाणी गांव में भी दोपहर में अच्छी बारिश हुई। बावलवाड़ा गांव में दोपहर 1.45 से 2.15 तक आधे बारिश हुई। अधिकतम तापमान गिरा उदयपुर में गुरुवार को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस था। इस तरह अधिकतम तापमान में 1.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। अब जानिए एक्सपर्ट ने क्या कहा… मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया- उदयपुर में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की अरब सागरीय शाखा के कारण बादल छाए हुए हैं और शुक्रवार से मानसूनी वर्षा शुरू होने की संभावना है। जिले में खंड वर्षा की संभावना है। मानसून के पहुंचने के बाद लगातार सभी जगह बारिश होगी।
इनपुट : शैलेंद्र जैन, प्रतीक्षा गांधी, चेतन व्यास

केंद्रीय मंत्री बोले- लोगों की क्षमता बढ़ाने के लिए एआई:जितेंद्र सिंह ने कहा- इस तकनीक से लोगों को हर सेक्टर में मिल रही मदद

जयपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा- भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के दूसरे दिन गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह कहा। इससे पहले ‘AI इन पुलिसिंग’ सेशन में पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल, डेटा सिक्योरिटी और नई टेक्नोलॉजी की चुनौतियों पर चर्चा हुई। एक्सपर्ट्स ने बताया कि AI से इन्वेस्टिगेशन, लॉ एंड ऑर्डर, क्राइम एनालिसिस और पब्लिक सर्विस बेहतर हो सकती है, लेकिन संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजस्थान कैडर के 2007 बैच के IPS अधिकारी और डीआईजी (BPRD) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने कहा कि पुलिस विभाग ने AI को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अपनाना शुरू कर दिया है। हालांकि, इसका इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित और जवाबदेह होना चाहिए, क्योंकि पुलिस के पास सबसे संवेदनशील डेटा होता है। क्रिमिनल डेटा प्राइवेट कंपनियों के पास जाना खतरनाक डॉ. कपूर ने कहा कि आज पुलिस के पास ऐसा कोई अपना AI प्लेटफॉर्म नहीं है, इसलिए कई बार बाहरी कंपनियों के टूल्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “हम पुलिस का डेटा, क्रिमिनल रिकॉर्ड और इंटेलिजेंस से जुड़ी जानकारी प्राइवेट कंपनियों के साथ शेयर कर रहे हैं। यह बहुत बड़ा खतरा है। इस डेटा पर प्राइवेसी के कानून लागू होते हैं और इसका लीक होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जोखिम बन सकता है।” पुलिस को अपने AI टूल्स खुद बनाने होंगे उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध AI टूल्स डेटा कहां से लेते हैं, इसकी पूरी जानकारी किसी के पास नहीं होती। डेटा प्रोटेक्शन के नियम पूरी तरह लागू होने के बाद ऐसे कई टूल्स बंद भी हो सकते हैं। इसलिए पुलिस को अपनी जरूरत के हिसाब से इन-हाउस AI टूल्स तैयार करने होंगे और कंसल्टेंट्स पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। डेटा सिक्योरिटी भी पुलिस की जिम्मेदारी होगी डॉ. कपूर ने कहा कि आने वाले समय में पुलिस की जिम्मेदारी केवल लोगों की जान-माल की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। अगर किसी थाने से क्रिमिनल डेटा लीक होता है तो उसकी जवाबदेही भी पुलिस की होगी। इसलिए डेटा सिक्योरिटी को भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा बनाना होगा। दिल्ली पुलिस का ‘ई-चिट्ठा’ बना उदाहरण उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस में ‘ई-चिट्ठा’ सॉफ्टवेयर के जरिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी ऑटोमैटिक तरीके से अलॉट होती है। इससे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी, तेज और प्रभावी बना है। AI कभी पुलिस की जगह नहीं ले सकता डॉ. कपूर ने कहा कि AI से सीए, वकील और हेल्थ सेक्टर जैसे कई प्रोफेशन प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन पुलिसिंग में ऐसा संभव नहीं है। थाना और पुलिसकर्मी हमेशा पुलिसिंग की सबसे अहम यूनिट रहेंगे। AI केवल उनकी एफिशिएंसी बढ़ाने का काम करेगा, उनकी जगह नहीं ले सकता। ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी की समझ जरूरी उन्होंने कहा कि AI का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए पुलिसकर्मियों को नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देना जरूरी है। भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग के लिए टेक्नोलॉजी की समझ और डेटा सिक्योरिटी दोनों पर बराबर फोकस करना होगा। एआई से आसान, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा शासन केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा- सरकार का लक्ष्य तकनीक के जरिए शासन को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। प्रधानमंत्री के “अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार” के विजन के तहत पिछले 10 साल में शुरू की गई हर डिजिटल पहल का उद्देश्य लोगों को बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना रहा है। तकनीक ऐसी होनी चाहिए, जो प्रक्रियाओं को आसान बनाए, अनावश्यक औपचारिकताएं खत्म करे और लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करे। डिजिटल गवर्नेंस अब नए दौर में पहुंचा डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा- जयपुर में दो दिनों तक चली नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस ने दिखाया कि भारत की डिजिटल गवर्नेंस यात्रा अब सिर्फ सेवाओं को ऑनलाइन करने तक सीमित नहीं है। अब देश एआई, डेटा आधारित निर्णय, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रशासन का नया मॉडल तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार तभी सफल माने जाएंगे, जब उनका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। इसी दिशा में सीपीग्राम्स (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली) जैसी व्यवस्था ने शिकायतों के निस्तारण का समय कम किया है और देशभर में लोगों की पहुंच को आसान बनाया है। दो दिवसीय सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी प्रदर्शनों और अनुभव साझा करने के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस के सफल मॉडलों पर भी चर्चा की जा रही है।

भाजपा नेता को घेरकर लोहे के सरिए से पीटा:सिर पर गहरा घाव, हाथ में फैक्चर; आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर रात 11 बजे तक धरना

एक भाजपा नेता और वकिल पर बुधवार की देर शाम को कुछ अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और हाथ में गंभीर चोट आई। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सिरोही रेफर किया गया। घटना के विरोध में सियाणा क्षेत्रपाल व्यापार संघ और राजपुरोहित समाज के लोगों ने सियाणा पुलिस चौकी के बाहर रात 11 बजे तक धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। दरअसल, वह कचहरी से अपना काम निप्टाकर शाम को अपनी कार से सियाणा गांव जा रहे थे। इसी दौरान गांव के आसपास सामने से आ रही गाड़ी में अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। यह घटना जालोर जिले के बागरा थाना क्षेत्र के सियाणा गांव में बुधवार शाम की है। आकोली और सियाणा के बीच कार रुकवाकर किया हमला बिशनगढ़ थाने के सीआई मोहनलाल गर्ग ने बताया कि सियाणा निवासी भाजपा युवा मोर्चा के जिला प्रवक्ता और वकील नटवर सिंह राजपुरोहित (37) बुधवार को जालोर कचहरी से काम खत्म कर अपनी कार से सियाणा लौट रहे थे। शाम करीब 6 बजे आकोली और सियाणा के बीच आडवाडा गांव के पास सामने से आई एक गाड़ी में सवार अज्ञात लोगों ने उनकी कार रुकवाई और धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के दौरान आसपास अन्य लोगों को आता देख हमलावर मौके से फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस की मदद से घायल नटवर सिंह राजपुरोहित को सियाणा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सिरोही रेफर कर दिया गया। जहां उनका इलाज जारी है। सिर में गहरा घाव, हाथ में फ्रैक्चर हमले में नटवर सिंह राजपुरोहित के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया। हमले से उनके सिर में गहरा और लंबा चीरा लग गया, जिससे काफी खून बहा। घाव इतना गंभीर था कि सिर पर कई टांके लगाने पड़े। इसके अलावा उनके एक हाथ में भी फ्रैक्चर हुआ है। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी। गिरफ्तारी की मांग को लेकर रात 11 बजे तक धरना घटना की सूचना मिलते ही सियाणा क्षेत्रपाल व्यापार संघ और राजपुरोहित समाज के लोग सियाणा पुलिस चौकी के सामने जमा हो गए। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। धरना रात करीब 11 बजे तक चला। बाद में बागरा थाना प्रभारी मोहनलाल गर्ग के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर गुरुवार शाम 5 बजे तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। पुलिस कर रही मामले की जांच बागरा थाने के सीआई मोहनलाल गर्ग ने बताया कि रात में हुई मारपीट के मामले में जांच की जा रही और टीमें बनाकर आरोपियों के पकड़ने का प्रयास किया जा रहा हैं।

जयपुर- टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ा लेपर्ड, कुत्ते का शिकार,VIDEO:12 सेकेंड में मारा, कुछ देर डॉग के पास बैठा, फिर घसीटकर ले गया

जयपुर की झालाना सेंचुरी में लेपर्ड ‘बहादुर’ ने अचानक तीन टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ लगा दी। इससे कुछ देरी के लिए जिप्सी में सवार 10 से ज्यादा पर्यटक डर गए। हालांकि, लेपर्ड के निशाने पर एक जिप्सी के नीचे बैठा डॉग था। करीब 12 सेकेंड में बहादुर ने डॉग को गर्दन से दबोचकर मार दिया। घटना बुधवार दोपहर को वॉच टावर के पास बने वाटर पॉइंट की है। शिकार के इस नजारे को एक टूरिस्ट ने कैप्चर किया। सबसे पहले देखिए- ‘बहादुर’ ने कैसे किया शिकार शिकार के पास बैठा, फिर जंगल में ले गया टूरिस्ट रोहित गंगवाल ने बताया शिकार के बाद लेपर्ड कुछ देर तक वहां रुका और फिर उसे लेकर घने जंगल की ओर चला गया। जंगल में शिकार की यह पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि वहां मौजूद पर्यटक केवल उसे देखते ही रह गए। बता दें कि लेपर्ड अवसरवादी शिकारी होता है। ऐसे में अगर उसे आस-पास आसान शिकार दिखाई देता है, तो वह बिना समय गंवाए हमला कर देता है। ऐसे में झालाना लेपर्ड रिजर्व में सामने आए इस घटनाक्रम ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया। जयपुर के झालाना में 50 से ज्यादा लेपर्ड जयपुर में पिछले कुछ वक्त से लेपर्ड की संख्या लगातार बढ़ रही है। झालाना, आमागढ़ और नाहरगढ़ सफारी में लगभग 75 लेपर्ड रह रहे हैं। इनमें सबसे अधिक लगभग 50 लेपर्ड झालाना में है। वहीं, 20 से ज्यादा लेपर्ड आमागढ़ के जंगलों में है। जयपुर देश का पहला ऐसा शहर है जहां 2 लेपर्ड सफारी, एक लॉयन सफारी, एक टाइगर और एक एलिफेंट सफारी है। राजस्थान के इन जिलों में हैं लेपर्ड की मौजूदगी राजस्थान में जयपुर, अलवर, सीकर, भरतपुर, करौली, बूंदी, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, पाली, सिरोही, जालोर, डूंगरपुर, झुंझुनूं, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, टोंक और दौसा जिलों में लेपर्ड की मौजूदगी है। इनके अलावा बाड़मेर और जोधपुर में कभी-कभी अजमेर, पाली, राजसमंद, सिरोही के जंगलों से लेपर्ड का मूवमेंट होता है। …. लेपर्ड के शिकार करने की ये खबर भी पढ़िए… होटल की छत पर सो-रहे कर्मचारी के पास पहुंचा लेपर्ड;VIDEO:कुत्ते का शिकार किया माउंट आबू (सिरोही) के एक होटल में लेपर्ड घुस गया। उसने होटल की छत पर सो रहे कर्मचारी (युवक) के पास बंधे कुत्ते का शिकार किया। इसके बाद लेपर्ड युवक की तरफ बढ़ा। पूरी खबर पढ़िए…

जयपुर में बिना जांच बसों में रखे जा रहे पार्सल:यात्रियों की जान से खिलवाड़; दौसा अग्निकांड के बाद ग्राउंड पर भास्कर का रियलिटी चेक

दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार (30 जून) देर रात हुए बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। भीषण हादसे के बाद यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बस की डिक्की में सिगरेट के कार्टन (बॉक्स) समेत भारी मात्रा में पार्सल ठसाठस भरे हुए थे। इसी दावे की जमीनी हकीकत जानने के लिए ‘दैनिक भास्कर’ की टीम बुधवार को जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पहुंची। वहां जो तस्वीरें और लापरवाही के नजारे सामने आए, उन्होंने यात्री बसों में अवैध रूप से चल रहे पार्सल ढुलाई के खेल को उजागर करने के साथ ही यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भास्कर के रियलिटी चेक में सामने आए ये 4 बड़े खुलासे… 1. बसों की डिक्की में धड़ल्ले से लोड हो रहे पार्सल रियलिटी चेक के दौरान कई निजी स्लीपर बसों की डिक्कियों में बड़े पैमाने पर पार्सल लोड होते मिले। कहीं गत्ते के बड़े बॉक्स रखे जा रहे थे, तो कहीं प्लास्टिक की बोरियां और अन्य पैकेट। कई जगह इस व्यावसायिक सामान को बिना किसी सुरक्षात्मक अलगाव के यात्रियों के निजी सामान (लगेज) के साथ ही ठसाठस भरा जा रहा था। पार्सल लोडिंग का यह खेल खुलेआम और लगातार चलता नजर आया। 2. न सामान की जांच, न सुरक्षा की कोई व्यवस्था भास्कर टीम ने देखा कि ज्यादातर बसों में पार्सल रखने से पहले उनकी कोई सुरक्षा जांच नहीं की जा रही थी। सामान किस श्रेणी का है, उसमें कोई ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री तो नहीं है, या उसे सुरक्षित तरीके से पैक किया गया है या नहीं- इसकी पुष्टि करने वाली कोई व्यवस्था मौके पर दिखाई नहीं दी। बिना किसी रोक-टोक के पार्सल सीधे बस की डिक्की में सरकाए जा रहे थे। 3. बेखबर यात्री, खतरे में जान बस में सफर करने वाले ज्यादातर यात्रियों को यह भनक तक नहीं होती कि जिस डिक्की में उनका कीमती सामान रखा है, उसी में किस तरह के कमर्शियल पार्सल भी ले जाए जा रहे हैं। यदि किसी पार्सल में ज्वलनशील या जोखिमपूर्ण सामग्री हो, तो किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना के समय आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 4. हादसे के बाद फिर खड़े हुए गंभीर सवाल दौसा हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यात्री बसों का इस्तेमाल पार्सल ढुलाई के लिए तय सुरक्षा मानकों के अनुसार हो रहा है? क्या हर पार्सल की उचित जांच और स्क्रीनिंग की जाती है? क्या प्रतिबंधित सामग्री को रोकने का कोई सिस्टम है? और यदि नहीं, तो यह लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा के लिए कितना बड़ा टाइम बम साबित हो सकती है? अधिकारियों से नहीं मिला जवाब मामले में दैनिक भास्कर टीम ने संबंधित अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया। सबसे पहले राजस्थान के परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा से फोन और संदेश के माध्यम से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने न तो कॉल रिसीव किया और न ही भेजे गए संदेश का कोई जवाब दिया। इसके बाद परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा से भी इस मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया गया। मंत्री ने कहा कि वे पूरे मामले की जानकारी लेकर अपना पक्ष देंगे। ———— दौसा हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। पढ़ें पूरी खबर

टोंक में 4 इंच से ज्यादा बारिश:अलवर में बहने लगी नदी, दौसा में जगह-जगह पानी भरा; 10 से ज्यादा जिलों में बारिश

राजस्थान में गुरुवार को मानसून की एंट्री हो गई है। जयपुर, दौसा, चित्तौड़गढ़, अलवर, अजमेर, प्रतापगढ़, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, भरतपुर, उदयपुर सहित 10 से ज्यादा जिलों में बरसात हुई। टोंक जिले के मालपुरा क्षेत्र के टोरडी सागर में 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ में एक से डेढ़ इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। अलवर में तेज बारिश के बाद रूपारेल नदी बहने लगी। सीकर के नीम का थाना में बारिश से सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। उदयपुर के ऋषभदेव में आधे घंटे तक बरसात हुई। दौसा जिले के कई इलाकों में पानी भरने होने से लोगों को परेशानी हो रही है। दो दिन से बदले मौसम के कारण लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इधर राजस्थान-पाकिस्तान के बॉर्डर वाले जिलों में अब भी तेज गर्मी का असर है। यहां तापमान 40 डिग्री के ऊपर रिकॉर्ड हो रहा है। पहले देखिए मौसम से जुड़ी 4 फोटोज… अब देखिए- मानसून की वर्तमान स्थिति बीते 24 घंटे में बदला मौसम देरी से आए मानसून के कारण इस बार जून के अंत तक तेज गर्मी और उमस रही है। बीते 24 घंटे में राजस्थान के अधिकतर जिलों में मौसम बदला है। जयपुर, दौसा, अलवर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में रुक-रुककर बरसात हो रही है। जयपुर में इस साल मानसून ने दो दिन की देरी से एंट्री की। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की अन्य PHOTOS
राजस्थान में मानसून की एंट्री:7 दिन की देरी से आया, 12 जिलों को कवर किया; इस बार कमजोर रहने की संभावना मौसम से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

पत्नी का सिर दीवार पर मारा, फिर गला घोंटकर हत्या:पकड़े जाने के डर से दोनों बच्चों का मर्डर, पछतावे में फंदा लगाकर किया सुसाइड

फलोदी के फतेहगढ़ गांव में एक कृषि फार्म पर 30 जून को परिवार के 4 लोगों की मौत के मामले में पुलिस की जांच में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। पाली के रोहट इलाके में बिठू गांव का गेनाराम (35) फलोदी से करीब 40 किमी दूर फतेहगढ़ गांव में कृषि फार्म पर खेती करता था। यहां वह पत्नी पुष्पा (32), 13 साल की बेटी खुशबू और 10 साल के बेटे किशन के साथ रहता था। गेनाराम की पत्नी पुष्पा की दिमागी हालत पिछले दो–तीन साल से ठीक नहीं थी। ऐसे में वह अजीब हरकतें करती थी। उसे पति व परिजन भोपा (तांत्रिक) के पास ले जा रहे थे। भूत-प्रेतात्मा का साया निकालने के लिए पुष्पा को देचू इलाके में भी लेकर गए। वहां भी भोपाओं ने जादू-टोटका कर भूत भगाने के दावे किए थे, लेकिन पुष्पा की सेहत में सुधार नहीं हुआ। देचू इलाके में गेनाराम के दो और भाई खेती करते हैं। पुष्पा का भाई भी खेती करता है। उनके साथ 29 जून को गेनाराम अपनी पत्नी पुष्पा को लेकर बिठू गांव में एक थान (मंदिर) पर ले गया। वहां भोपा ने दावा किया कि पूर्णिमा के दिन टोना-टोटका करने के बाद पुष्पा के सिर से भूत-प्रेत का साया निकल जाएगा। अपने दोनों बच्चों को फतेहगढ़ में छोड़ गेनाराम पत्नी, भाई-साले के साथ 29 जून को अपने गांव बिठू पहुंचा। वहां थान पर फेरी लगाई और भोपा से पूजा कराने के बाद जीप से उसी रात करीब 9 से 10 बजे फतेहगढ़ पहुंच गए। रास्ते में चामू गांव क्रॉस करते ही पुष्पा फिर से अजीब हरकतें करने लगी। गेनाराम व उसकी पत्नी को घर छोड़ कर उसका भाई-साला समेत चार लोग जीप से अपने घर चले गए। उस रात क्या हुआ? पत्नी की तबीयत में नहीं हो रहा था सुधार पुलिस का मानना है कि घटना वाली रात को गेनाराम इस बात को लेकर गुस्से में था कि सभी थान-मंदिर पर ले जाने के बाद भी उसकी पत्नी की सेहत में सुधार नहीं हो रहा था। उस रात अजीब हरकतें कर रही पत्नी को देख गेनाराम को लगा कि उस पर फिर से भूत-प्रेत सवार हो गया। ललाट पर चोट के निशान से लग रहा है कि बेकाबू पत्नी ने दीवार पर सिर मारा होगा। गेनाराम ने काबू में करने के लिए पत्नी को चारपाई पर सुलाने का प्रयास किया होगा, लेकिन वह काबू में नहीं आई। इससे गेनाराम ने उसका गला दबा दिया। पकड़े जाने के डर से बच्चों का गला घोंटा महिला की चारपाई के पास ही अन्य चारपाई पर बेटी खुशबू और बेटा किशन का शव मिला। दोनों के गले पर निशान है। आशंका है कि इन दोनों की भी हत्या गला दबाकर की गई है। पुलिस मान रही है कि पति-पत्नी के बीच शोर-शराबा सुन कर बच्चे जाग गए होंगे। पत्नी की हत्या के बाद गेनाराम को गलती का अहसास हुआ होगा और पकड़े जाने के डर से उसने दोनों बच्चों को भी गला दबाकर मार दिया। खुद भी फांसी पर लटक गया मां व दोनों बच्चों के शव चारपाई पर मिले। उनसे करीब 20–30 फीट की दूरी पर बरामदे में पंखे के हुक से बनाए फंदे पर गेनाराम का शव लटका मिला। पूजा-पाठ का सामान भी मिला। गेनाराम (मृतक) की जेब से मौली का धागा भी मिला। पुलिस यह मान रही है कि पत्नी व दोनों बच्चों की हत्या के बाद गेनाराम को अपने किए पर पछावा हुआ और उसने फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। दो भाई भी फतेहगढ़ में खेती-बाड़ी करते हैं गेनाराम चार भाइयों और तीन बहनों में से एक था। उसके दो भाई चेनाराम और सियाराम भी फतेहगढ़ क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करते हैं। बीठू गांव में उसके पिता जोधाराम, मां सीतादेवी और एक दिव्यांग भाई रहते हैं। पिता लकवाग्रस्त हैं। मां सीतादेवी पति और दिव्यांग बेटे की देखभाल करती हैं। उसके पिता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गेनाराम की पत्नी पुष्पा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी वजह से गेनाराम मानसिक तनाव में था। गेनाराम पिछले करीब चार साल से फतेहगढ़ क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करता था और परिवार भी उसके साथ रहता था। परिजन बोले- अकेले तीन लोगों की गला दबाकर हत्या नहीं कर सकता परिजनों का कहना है कि गेनाराम अकेले तीन लोगों की गला दबाकर हत्या नहीं कर सकता। उन्हें आशंका है कि उसने पहले खाने में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ मिलाकर पत्नी और बच्चों को खिलाया होगा। इसके बाद उनका गला घोंटकर हत्या की। फिर खुद फंदे पर झूल गया। गेनाराम के रिश्तेदार जगदीश कुमार ने बताया – गेनाराम 29 जून को अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ बीठू (रोहट) आया था। यहां उसने एक थान (मंदिर) पर पत्नी को दिखाया और प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे वह परिवार सहित वापस फतेहगढ़ के लिए रवाना हो गया था। अगली सुबह चारों के शव खेत में मिले। पुलिस ने कहा- पत्नी की हालत से तनाव में था पति देचू थाना प्रभारी विक्रमसिंह सांदू ने बताया कि गेनाराम के परिजनों से अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि उसकी पत्नी की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इससे वह डिप्रेशन (तनाव) में था। किसी भी बॉडी पर ऐसी कोई जाहिर चोट नहीं मिली, जिससे मौत हो सके। विस्तार से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि पत्नी व दोनों बच्चों का गला दबाकर हत्या करने के बाद गेनाराम भी फांसी पर झूल गया।
——- यह खबर भी पढ़िए… ‘बच्चों के लिए जीने वाला जान कैसे ले सकता है’:भाई बोला-बेटी को टीचर बनाना चाहता था, ट्रैक्टर चालाना भी सिखाया; हर इच्छा पूरी करता था पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर किसान गेनाराम के सुसाइड करने के बाद भाई को यकीन नहीं है कि वह ऐसा कैसे कर कसता है। भाई ने कहा- जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था। पढ़ें पूरी खबर… पत्नी, बेटे-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड किया:महिला पर बताया था भूत-प्रेत का साया; फर्श पर पड़े मिले शव फलोदी जिला मुख्यालय से करीब 42 किमी दूर फतेहगढ़ गांव में पत्नी, बेटा-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड कर लिया। चारों शव खेत में पड़े मिले। पुलिस के अधिकारी मौके पर छानबीन में जुटे हैं। FSL की टीम ने मौके से सबूत जुटाया। कहा जा रहा है कि पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी से पति परेशान रहता था। यह घटना देचू थाना इलाके में हुई है। पढ़ें पूरी खबर…

श्याम-नगर में दो कारों की भिड़ंत, हादसे में लोग घायल:आमने- सामने से टक्कर से एक कार पलटी, पुलिस ने शुरू की जांच

राजधानी जयपुर के श्याम नगर थाना क्षेत्र स्थित निर्वाण नगर इलाके में बुधवार को दो कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में दोनों वाहनों में सवार लोगों को चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार हादसे में शामिल एक कार का नंबर UP 16 DP 0726 और दूसरी कार का नंबर RJ 45 CS 1664 है। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा और उनमें सवार लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और किसी पक्ष की लापरवाही तो इसका कारण नहीं थी।