पत्नी का सिर दीवार पर मारा, फिर गला घोंटकर हत्या:पकड़े जाने के डर से दोनों बच्चों का मर्डर, पछतावे में फंदा लगाकर किया सुसाइड
फलोदी के फतेहगढ़ गांव में एक कृषि फार्म पर 30 जून को परिवार के 4 लोगों की मौत के मामले में पुलिस की जांच में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। पाली के रोहट इलाके में बिठू गांव का गेनाराम (35) फलोदी से करीब 40 किमी दूर फतेहगढ़ गांव में कृषि फार्म पर खेती करता था। यहां वह पत्नी पुष्पा (32), 13 साल की बेटी खुशबू और 10 साल के बेटे किशन के साथ रहता था। गेनाराम की पत्नी पुष्पा की दिमागी हालत पिछले दो–तीन साल से ठीक नहीं थी। ऐसे में वह अजीब हरकतें करती थी। उसे पति व परिजन भोपा (तांत्रिक) के पास ले जा रहे थे। भूत-प्रेतात्मा का साया निकालने के लिए पुष्पा को देचू इलाके में भी लेकर गए। वहां भी भोपाओं ने जादू-टोटका कर भूत भगाने के दावे किए थे, लेकिन पुष्पा की सेहत में सुधार नहीं हुआ। देचू इलाके में गेनाराम के दो और भाई खेती करते हैं। पुष्पा का भाई भी खेती करता है। उनके साथ 29 जून को गेनाराम अपनी पत्नी पुष्पा को लेकर बिठू गांव में एक थान (मंदिर) पर ले गया। वहां भोपा ने दावा किया कि पूर्णिमा के दिन टोना-टोटका करने के बाद पुष्पा के सिर से भूत-प्रेत का साया निकल जाएगा। अपने दोनों बच्चों को फतेहगढ़ में छोड़ गेनाराम पत्नी, भाई-साले के साथ 29 जून को अपने गांव बिठू पहुंचा। वहां थान पर फेरी लगाई और भोपा से पूजा कराने के बाद जीप से उसी रात करीब 9 से 10 बजे फतेहगढ़ पहुंच गए। रास्ते में चामू गांव क्रॉस करते ही पुष्पा फिर से अजीब हरकतें करने लगी। गेनाराम व उसकी पत्नी को घर छोड़ कर उसका भाई-साला समेत चार लोग जीप से अपने घर चले गए। उस रात क्या हुआ? पत्नी की तबीयत में नहीं हो रहा था सुधार पुलिस का मानना है कि घटना वाली रात को गेनाराम इस बात को लेकर गुस्से में था कि सभी थान-मंदिर पर ले जाने के बाद भी उसकी पत्नी की सेहत में सुधार नहीं हो रहा था। उस रात अजीब हरकतें कर रही पत्नी को देख गेनाराम को लगा कि उस पर फिर से भूत-प्रेत सवार हो गया। ललाट पर चोट के निशान से लग रहा है कि बेकाबू पत्नी ने दीवार पर सिर मारा होगा। गेनाराम ने काबू में करने के लिए पत्नी को चारपाई पर सुलाने का प्रयास किया होगा, लेकिन वह काबू में नहीं आई। इससे गेनाराम ने उसका गला दबा दिया। पकड़े जाने के डर से बच्चों का गला घोंटा महिला की चारपाई के पास ही अन्य चारपाई पर बेटी खुशबू और बेटा किशन का शव मिला। दोनों के गले पर निशान है। आशंका है कि इन दोनों की भी हत्या गला दबाकर की गई है। पुलिस मान रही है कि पति-पत्नी के बीच शोर-शराबा सुन कर बच्चे जाग गए होंगे। पत्नी की हत्या के बाद गेनाराम को गलती का अहसास हुआ होगा और पकड़े जाने के डर से उसने दोनों बच्चों को भी गला दबाकर मार दिया। खुद भी फांसी पर लटक गया मां व दोनों बच्चों के शव चारपाई पर मिले। उनसे करीब 20–30 फीट की दूरी पर बरामदे में पंखे के हुक से बनाए फंदे पर गेनाराम का शव लटका मिला। पूजा-पाठ का सामान भी मिला। गेनाराम (मृतक) की जेब से मौली का धागा भी मिला। पुलिस यह मान रही है कि पत्नी व दोनों बच्चों की हत्या के बाद गेनाराम को अपने किए पर पछावा हुआ और उसने फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। दो भाई भी फतेहगढ़ में खेती-बाड़ी करते हैं गेनाराम चार भाइयों और तीन बहनों में से एक था। उसके दो भाई चेनाराम और सियाराम भी फतेहगढ़ क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करते हैं। बीठू गांव में उसके पिता जोधाराम, मां सीतादेवी और एक दिव्यांग भाई रहते हैं। पिता लकवाग्रस्त हैं। मां सीतादेवी पति और दिव्यांग बेटे की देखभाल करती हैं। उसके पिता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गेनाराम की पत्नी पुष्पा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी वजह से गेनाराम मानसिक तनाव में था। गेनाराम पिछले करीब चार साल से फतेहगढ़ क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करता था और परिवार भी उसके साथ रहता था। परिजन बोले- अकेले तीन लोगों की गला दबाकर हत्या नहीं कर सकता परिजनों का कहना है कि गेनाराम अकेले तीन लोगों की गला दबाकर हत्या नहीं कर सकता। उन्हें आशंका है कि उसने पहले खाने में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ मिलाकर पत्नी और बच्चों को खिलाया होगा। इसके बाद उनका गला घोंटकर हत्या की। फिर खुद फंदे पर झूल गया। गेनाराम के रिश्तेदार जगदीश कुमार ने बताया – गेनाराम 29 जून को अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ बीठू (रोहट) आया था। यहां उसने एक थान (मंदिर) पर पत्नी को दिखाया और प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे वह परिवार सहित वापस फतेहगढ़ के लिए रवाना हो गया था। अगली सुबह चारों के शव खेत में मिले। पुलिस ने कहा- पत्नी की हालत से तनाव में था पति देचू थाना प्रभारी विक्रमसिंह सांदू ने बताया कि गेनाराम के परिजनों से अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि उसकी पत्नी की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इससे वह डिप्रेशन (तनाव) में था। किसी भी बॉडी पर ऐसी कोई जाहिर चोट नहीं मिली, जिससे मौत हो सके। विस्तार से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि पत्नी व दोनों बच्चों का गला दबाकर हत्या करने के बाद गेनाराम भी फांसी पर झूल गया।
——- यह खबर भी पढ़िए… ‘बच्चों के लिए जीने वाला जान कैसे ले सकता है’:भाई बोला-बेटी को टीचर बनाना चाहता था, ट्रैक्टर चालाना भी सिखाया; हर इच्छा पूरी करता था पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर किसान गेनाराम के सुसाइड करने के बाद भाई को यकीन नहीं है कि वह ऐसा कैसे कर कसता है। भाई ने कहा- जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था। पढ़ें पूरी खबर… पत्नी, बेटे-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड किया:महिला पर बताया था भूत-प्रेत का साया; फर्श पर पड़े मिले शव फलोदी जिला मुख्यालय से करीब 42 किमी दूर फतेहगढ़ गांव में पत्नी, बेटा-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड कर लिया। चारों शव खेत में पड़े मिले। पुलिस के अधिकारी मौके पर छानबीन में जुटे हैं। FSL की टीम ने मौके से सबूत जुटाया। कहा जा रहा है कि पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी से पति परेशान रहता था। यह घटना देचू थाना इलाके में हुई है। पढ़ें पूरी खबर…

