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कोटा में निकाय चुनाव को लेकर 100-वार्डों का खाका तैयार:भाजपा अपने काम गिनाएगी तो कांग्रेस कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगी

कोटा में नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनावी प्रक्रिया के तहत 100 वार्डों का प्रारंभिक गणित और व्यवस्थाओं का खाका तैयार कर लिया गया है। नवबंर 2025 के करीब 9 महीने बाद स्थानीय सरकार के चुनाव होने हैं, ऐसे में प्रशासन मतदाता सूची, मतदान केंद्र, वार्डवार व्यवस्थाओं और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। चुनावी हलचल के बीच राजनीतिक दलों ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। ऐसे में भाजपा अपने कार्यकाल में हुए काम गिनाएगी तो कांग्रेस कई मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी में है। दरअसल, लंबे समय से लटके कोटा नगर निगम चुनावों को लेकर आखिरकार प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े रुख और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्राथमिक स्तर पर कोर्ट में चुनावों की तारीखों की जानकारी देने के बाद निकाय चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। हालांकि, अभी निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की आधिकारिक तारीखों और विस्तृत समयसीमा की घोषणा होना बाकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब बैठकों और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के बाद फाइनल वोटर्स की लिस्टे अब जारी होने की उम्मीद है। बता दें कि नवंबर 2025 को पार्षदों और महापौर का कार्यकाल खत्म हो गया था। कोटा में पहले दो निगम उत्तर और दक्षिण थे। लेकिन अब एक ही नगर निगम कर दिया गया है। ऐसे में इस बार एक ही बोर्ड चुना जाएगा। नवंबर 2025 से 9 महीने बाद पार्षदों और महापौर को चुना जाएगा। 100 वार्डों का गणित तैयार चुनावों के आधिकारिक नोटिफिकेशन से पहले ही बुनियादी ढांचा दुरुस्त किया जाना है। कोटा नगर निगम में इस बार 100 वार्डों के नए सीमांकन के आधार पर चुनावी बिसात बिछाई जाएगी। वार्डवार मतदाता सूचियों को अपडेट करने, भौतिक सत्यापन और पोलिंग बूथों के निर्धारण का काम अब होना है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही आयोग से तारीखों की अंतिम अधिसूचना जारी होगी, चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इधर, निकाय चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही कोटा के राजनीतिक दल भी अब इलेक्शन मोड में आ रहे हैं। बूथ स्तर के कार्यकर्ता और संगठन चुनावों के लिए तैयार भाजपा नेताओं के अनुसार, पिछले ढाई साल से सरकार और पार्टी जनहित को सर्वोपरि मानकर काम कर रही है। शहर के विकास को नए आयाम दिए गए हैं। इसी के आधार पर बूथ स्तर के कार्यकर्ता और संगठन चुनावों के लिए तैयार है। भाजपा केंद्र और राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल, विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दम पर जनता के बीच पैठ बनाने की रणनीति तैयार कर रही है। कांग्रेस कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगी वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस शहर की स्थानीय समस्याओं को लेकर आक्रामक है। कांग्रेस पार्टी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत, नाली-पटान, सफाई व्यवस्था, सीवरेज की नाकामी और टूटी सड़कों के मुद्दों को हथियार बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। स्थानीय मुद्दों पर ही तय होगी कोटा की सरकार राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कोटा नगर निगम का चुनाव बड़े राष्ट्रीय या राज्यस्तरीय मुद्दों के बजाय शुद्ध रूप से स्थानीय विकास और जनसुविधाओं के इर्द-गिर्द घूमेगा। पिछले कार्यकाल के अधूरे प्रोजेक्ट्स, सड़कों की हालत और सफाई व्यवस्था मतदाताओं के निर्णय में अहम भूमिका निभाएंगे। जैसे-जैसे चुनाव आयोग की आधिकारिक तारीखों का समय नजदीक आएगा, कोटा में वार्ड स्तर पर बैठकों, जनसंपर्क अभियानों और राजनीतिक आंदोलनों का शोर और तेज होना तय है।

10गांवों के पंचों की पंचायती ने लगाया 19लाख का दंड:वसूली के बाद प्रीतिभोज के 4 लाख और मांगे, नहीं देने पर परिवार को समाज से निकाला

सिरोही के मामावली गांव में देवासी समाज के एक परिवार को लड़ाई के मामले में पंचायती ने 19 लाख रुपए का दंड लगाया है।
यह दंड भरने के बाद जब परिवार ने पंचों के प्रीतिभोज का 4 लाख का बिल चुकाने से इनकार किया, तो उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। अब यह परिवार पिछले एक महीने से सामाजिक तिरस्कार झेल रहा है। यह मामला देवासी समाज के 2 बच्चों के बीच हुई लड़ाई से जुड़ा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए 10 गांवों के पंचों ने एक पंचायती बुलाई।
पंचायती में परिवार पर 19 लाख रुपए का दंड लगाया गया। बताया गया कि बच्चों का यह विवाद सिरोही सदर थाना क्षेत्र में हुआ था, जिस पर पुलिस ने मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया था। पंचों ने पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर सरूपगंज थाना क्षेत्र के इशारे गांव में पंचायती आयोजित की। इशारे गांव में हुई थी पंचायती
दंड वसूली के बाद पंचों ने प्रीतिभोज का आयोजन किया। जब पीड़ित परिवार ने प्रीतिभोज के 4 लाख रुपए का भुगतान करने से मना किया, तो पंचों ने परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का फैसला सुनाया। पीड़ित परिवार का ‘हुक्का-पानी’ बंद
इस बहिष्कार के तहत परिवार का समाज से “हुक्का-पानी” बंद कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि परिवार के सदस्य न तो समाज के किसी अन्य सदस्य के घर जा सकते हैं और न ही कोई उनके घर आ सकता है। 1 महीने पहले मामला दर्ज
पीड़ित परिवार ने एक महीने पहले पुलिस में मामला दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस अब तक जांच का हवाला दे रही है।
वहीं स्थानीय विधायक ओटाराम देवासी भी इस कुरीति को खत्म करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
पीड़ित परिवार अब मुख्यमंत्री से गुहार लगा रहा है कि देवासी समाज में प्रचलित इस कुरीति पर तुरंत रोक लगाई जाए। मामावली गांव के निवासी पीड़ित परिवार के डूंगाराम देवासी ने बताया कि ”बच्चों की लड़ाई पर पंचायती बैठी। 19 लाख का जुर्माना लगाया। फिर प्रीतिभोज का बिल मांगा। हमने नहीं दिया तो हमें समाज से निकाल दिया। एक महीने से हम तिरस्कार झेल रहे हैं। पुलिस में भी शिकायत दी, एक महीना हो गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि ऐसी कुरीति पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।”

तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से पेड़ टूटा:ड्राइवर घायल; अवैध बजरी ले जाते समय पुलिस दिखने पर बढ़ाई थी स्पीड

जालोर शहर के कल्याण नगर क्षेत्र में पुलिस को देखकर भाग रहे अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर करीब 50 साल पुराना नीम का पेड़ गिर गया। इससे ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया है। दरअसल, मंगलवार दोपहर पुलिस से बचने के प्रयास में अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली के ड्राइवर ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। ट्रैक्टर की ट्रॉली उठाकर सड़क पर बजरी खाली करने की कोशिश की, लेकिन ट्रॉली की चपेट में करीब 50 वर्ष पुराना और डेढ़ फीट मोटा नीम का पेड़ आ गया। पेड़ तने से टूटकर सीधे ट्रैक्टर पर गिर पड़ा, जिससे ड्राइवर नरेश कुमार चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल ड्राइवर को जालोर के सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब एक बजे दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अवैध रूप से बजरी भरकर ले जाई जा रही थी। पुलिस वाहन को पीछे आता देखकर दोनों ड्राइवर गलियों से तेज गति में ट्रैक्टर दौड़ाने लगे। इसी दौरान कल्याण नगर में एक ड्राइवर ने चलते ट्रैक्टर की ट्रॉली उठाकर बजरी सड़क पर खाली कर दी, जिससे हादसा हो गया। हादसे में नीम का पेड़ टूटकर ट्रैक्टर पर गिर गया। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिसके कारण आसपास के कई घरों और कॉलोनियों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं दूसरा ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस ने सड़क पर फैली बजरी दोबारा ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरवाकर वाहन को थाने पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर दलपत चौधरी का बताया जा रहा है। पुलिस फरार ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाश के साथ पूरे मामले की जांच कर रही है। देखिए- तस्वीरें

सैमसंग सर्विस सेंटर में 41.35 लाख की धोखाधड़ी:468 स्पेयर पार्ट्स गायब, स्टोर इंचार्ज ने खाली डिब्बों में छिपा रखे थे; सफाई के दौरान सामने आया फर्जीवाड़ा

जोधपुर के सरदारपुरा स्थित सैमसंग के अधिकृत सर्विस सेंटर मैसर्स नेहल टेक्नो सर्विसेज में 41.35 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि 10 साल से कार्यरत स्टोर इंचार्ज प्रदीप ने 468 स्पेयर पार्ट्स की हेराफेरी कर कंपनी को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया। सफाई और स्टॉक की जांच के दौरान कई खाली डिब्बों में स्पेयर पार्ट्स मिलने के बाद गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इस संबंध में फर्म के प्रोपराइटर दीक्षांत सोलंकी की शिकायत पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सरदारपुरा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। रिपोर्ट में सोलंकी ने बताया कि आरोपी स्टोर इंचार्ज प्रदीप भार्गव पिछले 10 सालों से फर्म में कार्यरत था और अकेला ही डिजिटल रिकॉर्ड का प्रबंधन देखता था। खाली डिब्बों में छिपा रखे थे लाखों के स्पेयर पार्ट्स FIR के मुताबिक, कुछ दिन पहले सैमसंग कंपनी के अधिकारियों ने सर्विस सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया था। उस समय स्टोर इंचार्ज प्रदीप परिसर में मौजूद नहीं था। अधिकारियों के निर्देश पर जब स्टाफ ने खाली डिब्बों को हटाकर सफाई की, तो उनके होश उड़ गए। खाली डिब्बों के अंदर भारी कीमत के स्पेयर पार्ट्स छुपाकर रखे गए थे। जब इस बारे में पड़ताल की गई, तो पता चला कि करीब 10 महीने पहले इन पार्ट्स को वापस भेजने की रिक्वेस्ट डाली गई थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी न होने पर कंपनी ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बावजूद आरोपी ने इन पार्ट्स को वापस सिस्टम या फिजिकल स्टॉक में दर्ज नहीं किया और चोरी की नीयत से छुपा दिया। मामले पर संदेह गहराने पर फर्म संचालक दीक्षांत सोलंकी ने एक सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट को बुलाकर डिजिटल रिकॉर्ड का ऑडिट कराया। ऑडिट में पता चला कि आरोपी प्रदीप भार्गव सिस्टम के ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड में एडिट और डिलीट करके लगातार हेरफेर कर रहा था। 2016 से अब तक सैमसंग के 468 असली स्पेयर पार्ट्स गायब मांग और भौतिक जांच के बाद पाया गया कि वर्ष 2016 से अब तक सैमसंग के लगभग 468 असली स्पेयर पार्ट्स गायब हैं, जिनकी कुल कीमत 41 लाख 35 हजार 491 रुपए है। FIR के मुताबिक, आरोपी ही एकमात्र अधिकृत व्यक्ति था, जिसके पास सिस्टम का एक्सेस था और ओटीपी भी उसी के मोबाइल पर आता था। आरोपी ने कर्ज चुकाने के लिए की चोरी फर्म संचालक का आरोप है कि शुरुआत में जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि पत्नी के जेवर मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखे हैं और कर्ज चुकाने के लिए उसने चोरी की। वह 6 में से 5 गायब पार्ट्स अगले दिन लौटा भी लाया और 1 पार्ट की रकम चुकाने का वादा किया। हालांकि, जब पूरे 10 साल का बड़ा फ्रॉड सामने आया, तो आरोपी ने कानूनी कार्रवाई करने पर आत्महत्या की धमकी दी और फरार हो गया।

डिस्कॉम ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर:बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति, फॉल्ट और पावर कट की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा

धौलपुर जिले में बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु कंट्रोल रूम और क्षेत्रवार अधिकारियों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके माध्यम से उपभोक्ता बिजली कटौती, फॉल्ट या बारिश के दौरान करंट जैसी समस्याओं की सूचना सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के टोल फ्री नंबर के अतिरिक्त जिला स्तर पर भी शिकायत निस्तारण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होता है, तो उपभोक्ता अपने क्षेत्र के सहायक अभियंता (AEN) और कनिष्ठ अभियंता (JEN) से सीधे संपर्क कर सकते हैं। उपभोक्ता जयपुर कंट्रोल रूम 18001806507, धौलपुर जिला कंट्रोल रूम 9414029319, संबंधित बिजलीघर या फीडर प्रभारी के माध्यम से भी बिजली आपूर्ति में व्यवधान, फॉल्ट या बारिश के दौरान करंट जैसी घटनाओं की जानकारी दे सकते हैं। डिस्कॉम ने धौलपुर शहर, ग्रामीण, राजाखेड़ा, बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा, सेपऊ, मनियां, जाटोली, मरैना, सरानीखेड़ा, कोलारी सहित जिले के सभी क्षेत्रों के सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं। यह पहल उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने बताया कि इस हेल्पलाइन व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को त्वरित राहत प्रदान करना और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

धौलपुर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:कलेक्ट्रेट के सामने शव रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन, डॉक्टरों पर लापरवाही का लगाया आरोप

धौलपुर में डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत से नाराज परिजनों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मृतका की पहचान बाड़ी के गडरपुरा निवासी सपना (30) पत्नी आच्छेलाल के रूप में हुई है। कलेक्टर के अनुसार सपना हाई-रिस्क और प्री-मेच्योर प्रेग्नेंसी से जूझ रही थीं। सोमवार सुबह करीब 11 बजे परिजन उन्हें जिला अस्पताल लाए थे, लेकिन रात में बिना डिलीवरी कराए ही वापस घर ले गए थे। जिला अस्पताल से किया था रेफर, रास्ते में मौत
मंगलवार सुबह सपना को दोबारा जिला अस्पताल लाया गया, जहां उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। वे शव को गांव ले जाने के बाद वापस जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां शव रखकर प्रदर्शन किया। एम्बुलेंस को ड्राइवर को हिरासत में लिया
कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने बताया कि जिस एम्बुलेंस से शव गांव ले जाया गया था, उसके ड्राइवर की भूमिका भी संदिग्ध है। ड्राइवर के कहने पर ही शव को गांव से वापस कलेक्ट्रेट लाया गया था। पुलिस ने एम्बुलेंस और ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। कलेक्टर ने निजी नर्सिंग होम संचालकों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन करना सार्वजनिक व्यवस्था का उल्लंघन है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से अलग से मामला दर्ज कराया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ट्रैक्टर चोरी करने से रोका तो किसान पर हमला:कुल्हाडी से सिर पर वार कर घायल किया, शोर मचाने पर भागा

ट्रैक्टर चोरी करने आए चोर ने किसान पर कुल्हाडी से हमला कर घायल कर दिया। आरोपी ने किसान की आंख और पैर पर भी वार किए। किसान के चिल्लाने पर आरोपी मौके पर कुल्हाडी छोडकर भाग गया। मामला खैरथल थाना क्षेत्र के जटियाना गांव का 18 जुलाई का है। किसान ने कल शाम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, जटियाना निवासी सतीश गुर्जर (46) ने 20 जुलाई को मामला दर्ज कराया कि अपनी रिपोर्ट में बताया कि 18 जुलाई 2026 की रात लगभग 11:40 बजे वह अपने घर में सो रहे थे। तभी उन्हें बाहर से कुछ आवाज सुनाई दी। बाहर जाकर देखने पर उन्होंने पाया कि गांव का ही कृष्ण पुत्र भूपन उनके नए ट्रैक्टर को चोरी करने की कोशिश कर रहा था। आरोपी ट्रैक्टर को चालू कर बरामदे से बाहर निकाल रहा था। ट्रैक्टर की नंबर प्लेट भी अभी नहीं लगी थी। नीचे उतारने का प्रयास किया तो हमला सतीश ने जब आरोपी कृष्ण को पकड़कर ट्रैक्टर से नीचे उतारने का प्रयास किया, तो आरोपी ने अपने हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी का पिछला हिस्सा सतीश के सिर में लगा, जिससे वह घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। इसके बाद आरोपी ने उनकी आंख और पैर पर भी वार किए। घायल सतीश ने शोर मचाकर अपने भाई और पुत्र को बुलाया। उन्हें मौके पर आता देख, आरोपी कृष्ण अपनी टूटी हुई कुल्हाड़ी घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गया। परिजनों ने घायल सतीश को संभाला और प्राथमिक उपचार देकर खून बहना रोका। पीड़ित की शिकायत के आधार पर खैरथल थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक धर्मपाल को सौंपी गई है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

भाजपा नेता बोले- उम्र पूरी होने से मर रहीं मछलियां:22 जुलाई से अनासागर में BJP का स्वच्छता अभियान, 23 को कांग्रेस का 'अजमेर बंद'

अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील में मछलियों की मौत और झील की बदहाल स्थिति अब पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। एक ओर शहर कांग्रेस ने झील की दुर्दशा, दुर्गंध और पर्यावरणीय संकट को लेकर 23 जुलाई को ‘अजमेर बंद’ का आह्वान किया है, तो दूसरी ओर भाजपा ने भी मोर्चा संभाल लिया है। दोनों दल झील को लेकर आमने-सामने हैं। पूर्व भाजपा शहर अध्यक्ष प्रियशील हाड़ा ने मछलियों की मौत का कारण प्रदूषण नहीं बल्कि “मछलियों की बढ़ती उम्र और उनकी अत्यधिक संख्या” को बताया। उम्र पूरी होने से मर रहीं मछलियां मंगलवार को भाजपा की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकारों ने आनासागर में लगातार मर रही मछलियों को लेकर सवाल किया तो पूर्व भाजपा शहर अध्यक्ष प्रियशील हाड़ा ने कहा कि करीब चार साल पहले झील में मत्स्य पालन का ठेका बंद कर दिया गया था। पहले ठेकेदार समय-समय पर बड़ी मछलियों को निकालता रहता था, जिससे उनकी संख्या नियंत्रित रहती थी। ठेका बंद होने के बाद पिछले तीन-चार सालों में मछलियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। अब झील में क्षमता से अधिक मछलियां हो गई हैं और बड़ी संख्या में मछलियां अपनी प्राकृतिक आयु पूरी कर रही हैं। इसलिए उनकी मौत हो रही है। बीजेपी तीन दिन चलाएगी अभियान भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस के बंद को नकारात्मक राजनीति बताते हुए कहा कि बंद से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मजदूर वर्ग को होता है। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा 22 से 24 जुलाई तक आनासागर झील में तीन दिवसीय विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान चलाएगी। अभियान की शुरुआत बुधवार सुबह छह बजे पुरानी चौपाटी से होगी, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, विधायक अनिता भदेल, पार्टी पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठन और आमजन भाग लेंगे। भाजपा ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष डॉ. जयपाल से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की। झील में जल्द रोका जाएगा गंदा पानी रमेश सोनी ने कहा कि झील में गंदे नालों का पानी रोकने के लिए 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सीवर लाइन, पंपिंग स्टेशन और एसटीपी व्यवस्था विकसित की जा रही है। वहीं, नीरी (NEERI) की रिपोर्ट के आधार पर करीब 12 करोड़ रुपये की डिसिल्टिंग योजना स्वीकृत हो चुकी है, जिससे झील और उससे जुड़े जलाशयों की सफाई एवं पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा।

ग्रामीण सेवा शिविर में युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल:आत्मदाह की कोशिश, लोगों ने बचाया; रास्ते के विवाद से परेशान था

दौसा जिले के खुरी कलां गांव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान रास्ते के विवाद को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि शिविर में मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार परिवादी सीताराम लंबे समय से रास्ते के विवाद से परेशान था। उसका आरोप है कि उसने पहले भी कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी से आक्रोशित होकर उसने शिविर में आत्मदाह का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही दौसा तहसीलदार रश्मि शर्मा और सैंथल थाना पुलिस मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाया। इसके बाद रास्ते के विवाद का समाधान कराया गया और अतिक्रमण हटाकर रास्ते को सुचारु किया गया। प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हुई और हंगामा शांत हो गया। मौके पर बड़ी तादात में लोगों की भीड़ जुटी रही।

ग्रामीणों की धमकियों से परेशान स्टूडेंट ने सुसाइड किया:पिता पर हत्या के आरोप में परेशान करते थे; स्कूल से लौट कर पेड़ पर फंदा लगाया

भरतपुर के एक गांव में लोगों की धमकियों से परेशान 10वीं के स्टूडेंट ने घर के पीछे फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। आरोप है कि पिता पर लगे हत्या के आरोप में गांव के ही रहने वाले लोग उसे धमकाते थे। कहते- तेरे पिता को पीट देंगे। तुझे जान से मार देंगे। पिता का दावा है कि सुसाइड वाले दिन भी उनके बच्चे को गांव के ही लोगों ने परेशान किया था। इसके बाद वह स्कूल से घर आया और घर के पीछे पेड़ पर फंदा लगा कर जान दे दी। मामले में पिता ने 4 के खिलाफ शिकायत दी है, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घूमने की कहकर निकला था, घर के पीछे लटका मिला SHO ने बताया- पिता ने शिकायत देते हुए बताया है कि मेरा बेटा 10वीं क्लास में पढ़ता था। कल वह स्कूल से आकर घर से बाहर घूमने के लिए गया। कुछ देर बाद उसका शव घर के पीछे लगे पेड़ पर लटका हुआ मिला। पिता का आरोप है कि गांव के ही 4 युवक बेटे को परेशान करते थे। पुलिस ने सुसाइड के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पिता पर हत्या का आरोप; दावा छेड़ते थे ग्रामीण पिता ने बताया- साल 2019 में गांव के व्यक्ति के बेटे की हत्या हुई थी। उसने इसका आरोप मेरे पर लगाया था, FIR भी हुई थी। तब से ही उस व्यक्ति के परिवार से विवाद चल रहा है। कई बार झगड़े भी हुए हैं। उसमें भी FIR दर्ज की गई। उन्हीं FIR में राजीनामा करवाने के लिए व्यक्ति और उसके परिवार के लोग मेरे बेटे को धमकियां देते थे। डर की वजह से वह घर पर हमें नहीं बताता था। जब वह धमकियों से तंग आ गया तो, उसने फांसी लगा ली। पेड़ पर लगाया फंदा परिजनों के अनुसार, वह सोमवार को 1 बजे स्कूल से लौटा था। इसके बाद वह काम से जाने की बात कह कर घर से निकल गया। कुछ देर घर के लोग किसी काम से घर के पीछे गए तो, घर के पीछे लगे पेड़ से शव लटका हुआ मिला। जिसके बाद परिजनों ने शव को फांसी के फंदे से उतारा और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने देर शाम ही रवि के शव आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया था। सुसाइड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… LDC एग्जाम के 15 दिन बाद कैंडिडेट ने किया सुसाइड:रिजल्ट को लेकर था परेशान; किराए के रूम में रहकर करता था पढ़ाई बाड़मेर शहर में कॉम्पीटिशन की तैयारी कर रहे युवक ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। पढ़ें पूरी खबर…