'काले-धन' के लिए रिश्वतखोर GM ने खुलवाए 34 अकाउंट,42 एफडी:इनमें 1.70 करोड़ जमा, 75 लाख का आधा किलो सोना, नोट गिनने की मशीन भी

राजस्थान में रिश्वत की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बैंकों का सहारा लेने का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक अधिकारी ने अपने नाम के 34 बैंक खातों और 42 एफडी (फिक्स डिपॉजिट) में करीब 1.70 करोड़ रुपए जोड़ लिए। एक ही दिन में 7 बैंक खातों में करीब 15 लाख रुपए भी डलवाए गए। लॉकर में करीब 75 लाख रुपए का आधा किलो सोना और घर से नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.. प्रतापगढ़ जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के जॉइंट कमिश्नर व जनरल मैनेजर राजीव गर्ग को ACB ने 2024 में 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। इसके बाद से ACB की टीम उसकी संपत्तियों की जांच में जुटी थी। डेढ़ साल चली इस जांच में जब रिकॉर्ड खंगाले गए, तो बैंक में जमा संपत्ति ने ही ACB टीम को हैरत में डाल दिया। जयपुर के बजाज नगर निवासी राजीव गर्ग के पास बैंक में जमा हुई रकम को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। एसीबी ने आंकलन किया तो सैलरी के हिसाब से कुल संपत्ति 99 फीसदी अधिक निकली। अब एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति को लेकर एक FIR और दर्ज कर ली है। पहले 50 हजार लिए, फिर मांगे थे 3 लाख राजीव गर्ग के खिलाफ उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के ही एक पूर्व डिप्टी कमिश्नर ने 2024 में ACB को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि वह सातवें पे-कमीशन और एरियर के भुगतान लेना चाहते थे। इस संबंध में वह राजीव गर्ग से मिले। राजीव गर्ग ने सातवें वेतनमान को फिक्स करने के लिए पहले 50 हजार रुपए रिश्वत ली और एरियर के भुगतान के लिए 3 लाख रुपए और मांगे। ACB ने इस मामले में शिकायत की जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर राजीव गर्ग के खिलाफ 2024 में ट्रैप की कार्रवाई की। शिकायत करने वाले से आरोपी 50 हजार रुपए पहले ले चुका था। इसके बाद 3 लाख रुपए और मांग रहा था। राजीव गर्ग को ACB ने ट्रैप करने के बाद गिरफ्तार किया। निर्माण नगर स्थित फ्लैट सील कर दिए। आय से अधिक संपत्ति को लेकर नई FIR कोर्ट से रिमांड मिलने पर गर्ग की मौजूदगी में 2024 में ही उसके ठिकानों की तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए। ACB के अनुसार, गर्ग के बैंकिंग-लॉकर सहित अन्य संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की गई। बैंक में जमा भारी रकम को लेकर भी सवाल हुए, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिले। इसके बाद आय से अधिक संपत्ति को लेकर नई FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच अभी भी जारी है। ACB टीम ने बताया कि जांच में जब विभागीय सूत्रों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि गर्ग की छवि भ्रष्ट अधिकारी की है। रहन-सहन, वेतन के मुकाबले काफी ऊंचे स्तर का है। 1 दिन में 7 अकाउंट में 14.72 लाख रुपए जमा ACB जांच में पता चला कि राजीव गर्ग के 20 से भी अधिक बैंक में खाते और एफडी हैं। खुद के नाम से राजीव गर्ग के 34 बैंक खाते हैं और इनमें 57.16 लाख रुपए जमा है। मकान की तलाशी में करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए की 42 बैंक एफडी के कागजात और मिले। यही नहीं, राजीव के पास 25 क्रेडिट/डेबिट कार्ड भी बरामद हुए। अकेले एक दिन में 6 मार्च, 2023 को 7 बैंक खातों में 14.72 लाख रुपए जमा किए गए थे। बैंक लॉकर में 24 कैरेट का 553 ग्राम सोना भी मिला। घर की तलाशी में सवा लाख रुपए कैश भी बरामद हुआ। 1996 में लगी सरकारी नौकरी, तब हाथ खाली ACB जांच के अनुसार राजीव गर्ग की सरकारी नौकरी 1996 में लगी थी। उससे पहले के उसके हाथ खाली थे। इसके बाद उसने वेतन से 99 फीसदी अधिक संपत्ति जुटाई। ACB सूत्रों के अनुसार, वेतन और ITR आदि दस्तावेजों से 2024 तक राजीव गर्ग ने 1.76 करोड़ जुटाए। ACB ने राजीव गर्ग की रसोई, वाहन मेंटीनेंस-पेट्रोल, फ्लैट खरीद दिखाई व मोबाइल, कम्प्यूटर, एलईडी सहित इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर खर्च का अनुमान 78.28 लाख लगाया। ACB द्वारा तलाशी में मिली विभिन्न खरीदों के बिलों आदि से यह अनुमान लगाया। ACB ने राजीव गर्ग की वैध आय से खर्चे को माइनस कर दिया तो 0.98 लाख रुपए बचे, जबकि उसने 2.71 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर रखी है। जांच में पाया कि राजीव गर्ग ने 1.73 करोड़ रुपए आय से अधिक जुटाई हुई है। जानकारों के अनुसार ACB की ओर से आरोपियों की जमीन-मकान-फ्लैट की कीमत का अनुमान बाजार की कीमत से काफी कम आंका जाता है। यदि इनकी बाजार की कीमत लगाई जाए, तो संपत्ति कई गुना अधिक निकलेगी।

सवाल पूछा तो पटवारी ने मारा थप्पड़:बुलडोजर के नीचे आया सब्जी वाला; सड़क पर बिखर गईं सब्जियां; हनुमान का नया शिगूफा

नमस्कार, चौमूं (जयपुर) में अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर गांव वालों का सवाल पूछना पटवारी को हजम नहीं हुआ। कोटपूतली में बुलडोजर घर-घराया तो सड़क पर ‘हीरे-मोती’ बिखर गए और हनुमान बेनीवाल की नजर अब उत्तर प्रदेश (UP) पर है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. सवाल पूछने पर झपटा पटवारी संविधान ने अभिव्यक्ति की आजादी दी। लेकिन आजादी का इस्तेमाल करते थप्पड़ पड़ जाए तो क्या करें? गांधीजी होते तो दूसरा गाल आगे कर देते। लेकिन अब लोगों में दया-भाव नहीं। उम्मीद करना बेमानी है कि दूसरे, तीसरे और चौथे गाल तक मामला रहम पर खत्म होगा। बात जयपुर के चौमूं की है। यहां एक तहसील है नांगल पुरोहितान। इसके गांव रामपुरा डाबड़ी में गोचर जमीन थी। जमीन पर रहने वालों का दावा कि वे डेढ़ सौ बरसों से यहां खेती कर रहे हैं। उनका कब्जा है। कान में पुरखे कह गए- कागज झूठा, कब्जा सच्चा। वे इसी नियम का पालन पीढ़ियों से करते आ रहे थे। फिर प्रशासन सख्त हुआ। सरकारी जमीनों से कब्जे हटने लगे। पटवारी ने नक्शा निकाला तो जमीन सरकारी। कब्जा हटाने पूरा अमला पहुंच गया। लोगों ने दावा किया- जमीन पटवारी के ससुराल पक्ष की है। वह भूमाफिया से मिलीभगत कर खुर्द-बुर्द करना चाहता है। यह भी कहा- जमीन खाली कराने के लिए कच्चे मकानों को आग लगा दी। प्रशासन के खिलाफ ढाणी के लोगों ने क्रांति कर रखी है। हर बात पर मोबाइल कैमरा ऑन कर लेते हैं। एक जगह पटवारी जी बैठे दिख गए। एक जुझारू ग्रामीण कैमरा चालू करके पहुंचा और पटवारी से पूछा- पटवारी जी, कौन पंचायती के हो?’ पटवारी भी भरा बैठा था। पहले तो घूरा। फिर आकाशीय बिजली की गति से तमाचा जड़ दिया। मोबाइल आसमान झांकने लगा। 2. हनुमान की यूपी पर नजर हनुमान बेनीवाल को देख मुझे मेरे चचेरे भाई की याद हो आती है। वह आट्‌र्स में फेल हो गया था। रिजल्ट वाले दिन बोला- अब मैं साइंस लूंगा। ऐसा ही कॉन्फिडेंस हनुमान बेनीवाल में है। उनकी पार्टी का नाम राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी है। राजस्थान विधानसभा में उनका एक भी विधायक नहीं है। चूंकि पार्टी राष्ट्रीय है और लोकतांत्रिक भी, इसलिए उनका मानना है कि उन्हें क्षेत्रीय सीमा से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ना चाहिए। बाड़मेर में उन्होंने कहा- मैं यह कोशिश करूंगा कि यूपी में हम भाजपा को कैसे रोकें? यह मेरी लड़ाई है। मैं कोई लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ता। कार्यकर्ता समझ गए कि अब गाड़ियां लंबी दूरी तक सफर तय करेंगी। पेट्रोल-डीजल का भाव तेज है। भरतपुर से पहले ही गाड़ियां टें बोल जाएंगी। बेनीवाल ने समर्थकों का चेहरा पढ़ लिया। बोले- अगर किसी का हिसाब-किताब बकाया है तो चिंता मत करो। मैं हिसाब-किताब भी पूरा कर दूंगा। 3. चलते-चलते.. चारों दिशाओं में विकास की गंगा बह रही है। इस कारण कहीं-कहीं बाढ़ भी आ रही है। गरीब लोग अक्सर विकास की गंगा के मुहाने पर बस्ती बसा लेते हैं। ऐसे में जब मुख्यधारा का वेग बढ़ता है तो सबसे पहले गरीब चपेट में आते हैं। कोटपूतली में सब्जी वाले चपेट में आ गए। वैसे जिसे देखो वह एक बात जरूर कहता है- हमारे वेतन से ज्यादा तो ये सब्जी वाले कमा रहे हैं। उन्हीं मुओं की नजर लगी होगी। उन्हें सब्जियों के भाव सोने-चांदी, हीरे-मोती सरीखे लगते हैं। उन्हें किसान की मेहनत नहीं दिखती, मौसम की मार नहीं दिखती, सब्जी वालों का रिस्क नहीं दिखता। कोटपूतली जैसा शहर जिनमें एक भी सड़क एक किलोमीटर भी सीधी नहीं, गलियां इंसान से ज्यादा तंग और रास्ते पहाड़ से ज्यादा घुमावदार। वहां से विकास का हाथी गुजरेगा तो हड़कंप मचेगा ही। यहां पुल की उपयोगिता उसके ऊपर से गुजर जाने में नहीं है, बल्कि नीचे कोई धंधा खोलकर बैठ जाने में ज्यादा है। हालात के मारे सैकड़ों मजबूरों ने पुल के नीचे काम जमा रखा था। रोजी-रोटी चल रही थी। लेकिन विकास की नजर में यह अतिक्रमण है। है भी। कई नोटिस-चेतावनी के बाद कोर्ट का आदेश हुआ। पालन करते हुए बुलडोजर घर-घराकर ‘विकास-विकास’ चिंघाड़ते भरे ठेलों के ऊपर से गुजर गया। एक सब्जी वाले ने बाहुबली बनकर बुलजोडर के सामने हाथ उठाया। निर्दयी मशीन का पंजा धड़ाक से ठेले पर गिरा और ‘हीरे-मोती’ सड़क पर बिखर गए। इनपुट सहयोग- मनोज सैनी (चौमूं, जयपुर), विजय कुमार (बाड़मेर), धर्म सिंह यादव (कोटपूतली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

जैसलमेर में सोलर प्लांट टूटकर स्कूटी सवारों पर गिरा,एक मौत:खराब मौसम के कारण 11 फ्लाइट जयपुर पहुंचीं; कोटा-सवाई माधोपुर में सुबह से बरसात

राजस्थान में सक्रिय मानसून से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। रविवार को कोटा और सवाई माधोपुर में सुबह से रुक-रुककर बरसात हो रही है। दिल्ली में खराब मौसम के कारण एक घंटे में 11 फ्लाइट जयपुर पहुंचीं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले पांच दिन तक मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में अतिभारी बारिश की भी आशंका है। अगले 2-3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की भी संभावना है। इससे पहले शनिवार को सीकर, सवाई माधोपुर, झालावाड़, जैसलमेर समेत अन्य जिलों में एक इंच तक बारिश हुई। जैसलमेर में अंधड़ के कारण एक होटल पर लगा सोलर प्लांट टूटकर स्कूटी सवारों पर गिर गया। हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स दिल्ली की फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट: राजधानी में बिगड़े मौसम का प्रभाव फ्लाइट्स शेड्यूल पर हुआ है। रविवार सुबह चार इंटरनेशनल और 7 घरेलू फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इन फ्लाइट्स को मौसम सामान्य होने पर दिल्ली रवाना किया जाएगा। सभी पैसेंजर्स के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 3 स्कूटी सवार घायल, एक की मौत: जैसलमेर में शनिवार शाम को अंधड़-बारिश के दौरान गांधी कॉलोनी में एक होटल की छत पर लगा सोलर प्लांट टूट गया। होटल के नीचे से निकल रहे स्कूटी सवार सुभाष खत्री (50) और उनके दो पोते संयम (4 साल) और वंश (2 साल) टूटी सोलर प्लेट्स की चपेट में आ गए। सुभाष खत्री की इलाज के दौरान मौत हो गई। चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी बारिश: पिछले 24 घंटों में सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी, सीकर के पलसाना में 33 मिमी, उदयपुर के पास सलूंबर में 18 मिमी, झालड़ा में 11 मिमी, प्रतापगढ़ के दलोत में 16 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा झुंझुनूं के नवलगढ़ में 12 मिमी, झालावाड़ के झालरापाटन में 28 मिमी, हनुमानगढ़ के भादरा में 16 मिमी और उदयपुर शहर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई। अतिभारी बारिश की आशंका: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तट पर एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर सिस्टम’ (कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ है। साथ ही, मानसून ट्रफ राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से होकर गुजर रही है। इस दौरान पूर्वी और दक्षिण पूर्वी जिलों में अतिभारी बारिश हो सकती है। … मौसम के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

मौसम विभाग:प्रदेश में 30 से ज्यादा जिलों में बरसने के बाद पश्चिमी राजस्थान के अंतिम छोर तक पहुंचा मानसून

राजस्थान के 30 से ज्यादा जिलों में बरसने के बाद अब आखिर में मानसून पश्चिमी राजस्थान के अंतिम छोर तक पहुंच गया है।
शनिवार को बाड़मेर-जैसलमेर जिले में भी बारिश हुई। मानसून इस बार करीब 9 दिन देरी से पहुंचा है, लेकिन अब जिले के ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई है। अब मानसून के करीब 6-7 दिन तक सक्रिय रहने की संभावना है। इससे जिले में अच्छी बारिश हो सकती है। रविवार रात करीब 8 बजे बाड़मेर शहर में आंधी के साथ मानसून की एंट्री हुई। हालांकि शहर में रात 9 बजे तक तेज आंधी चलनी शुरू हुई। इससे जिले के कई इलाकों में होर्डिंग, पेड़-पौधे और बिजली के पोल भी गिर गए। हालांकि आधा घंटा बाद आंधी की रफ्तार थम गई। आसमान में आकाशीय बिजली की चमक और मेघगर्जना का दौर चला।जिले के चौहटन, रामसर, गिराब इलाके में कहीं हल्की और मध्यम बारिश होने के समाचार मिले है। दिनभर की उमस के बाद शाम को ग्रामीण इलाकों में हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली। रविवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 41.6 और न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे क्या- एक सप्ताह से ज्यादा दिन सक्रिय रहेगा मानसून: मौसम विभाग के मुताबिक अब एक सप्ताह से ज्यादा समय तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। अब तूफानी हवा के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। अब मानसून के करीब 6-7 दिन तक सक्रिय रहने की संभावना है।

बिना ऑर्डर घर पहुंचे पार्सल,जानिए कैसे बचें इस स्कैम से:600 रुपए के ऑर्डर में कपूर की गोलियां, ऑनलाइन शॉपिंग का नया फ्रॉड

राजस्थान में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों को ‘फर्जी पार्सल’ भेजकर कैसे ठगा जा रहा है, इसका पूरा सच दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने अपने कैमरे में कैद किया है। इस पूरे स्कैम की पड़ताल के लिए हमने अलग-अलग शॉपिंग एप से कुछ सामान ऑर्डर किए थे। इसके कुछ दिन बाद ही हमारी पूरी डिटेल (नाम, पता और फोन नंबर) साइबर ठगों तक पहुंच गई। ठगों ने हूबहू वैसे ही फर्जी पार्सल तैयार किए। किसी बॉक्स में कपूर की गोलियां तो किसी में कम कीमत का सामान भरकर हमारे पते पर भेजने शुरू कर दिए। ऐसा एक नहीं 3-4 बार हुआ। ये सभी ऑर्डर कैश-ऑन डिलीवरी के थे। हमने पार्सल डिलीवर करने आए युवकों से सारी बातचीत को रिकॉर्ड किया। फिर साइबर एक्सपर्ट के जरिए डिलीवरी बॉय से लेकर इस ठगी से जुड़ी हर कड़ी को समझा। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- कैसे ठग फर्जी पार्सल तैयार कर आपके घर डिलीवर करते हैं? इससे बचने का तरीका क्या है? पड़ताल-1 : ऑर्डर करने के बाद कुछ दिन बाद ही ठगों के निशाने पर आई रिपोर्टर रिपोर्टर ने पिछले एक महीने में अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सामान ऑर्डर किए थे। ये ऑर्डर कैश-ऑन डिलीवरी के थे। यानी ऑर्डर घर पहुंचने पर ही उनका भुगतान करना था। ये सभी ऑर्डर हमें सामान्य तरीके से डिलीवर मिल गए थे। लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक एक मैसेज आया कि आपका 1067 रुपए का पार्सल डिलीवर होगा। इसके बाद डिलीवरी बॉय ने कॉल कर बताया- आपके नाम से एक्सप्रेस डिलीवरी फर्म के तहत पार्सल आया है। इसके लिए करीब 1067 रुपए का भुगतान करना होगा। बिना ऑर्डर किए पार्सल का हमारे एड्रेस पर आना चौंकाने वाला था। जैसे ही डिलीवरी बॉय पार्सल लेकर पहुंचा, हमने अपना कैमरा ऑन किया और उससे पूछताछ शुरू की। डिलीवरी बॉय ने अपने एप में ऑर्डर बुक दिखाई। उसमें रिपोर्टर का पूरा नाम, मोबाइल नंबर और घर का पता दर्ज था। पहली नजर में सबकुछ बिल्कुल असली जैसा लग रहा था। जब हमने ऑनलाइन शॉपिंग एप में जाकर ऑर्डर चेक किया तो पता चला कि इस नाम से कोई नया ऑर्डर था ही नहीं। जिस ऑर्डर का हवाला दिया जा रहा था, उसकी डिलीवरी हमें 15 दिन पहले ही हो चुकी थी। वो ऑर्डर मिन्त्रा (Myntra) एप से किया गया था। हमारी पड़ताल में सामने आया कि Myntra पर हमने जो ऑर्डर किया था, उसी की डिटेल चुराकर एक फर्जी पार्सल तैयार कर प्राइवेट डिलीवरी सर्विस से भेजा गया था। स्कैमर (ठगों) की पूरी कोशिश यही थी कि असली ऑर्डर की जानकारी होने के कारण ग्राहक बिना शक किए पैसे देकर पार्सल ले लेगा, लेकिन हमने उस ऑर्डर को लौटा दिया। पड़ताल-2 : तीन दिन बाद पहुंचा दूसरा पार्सल तीन दिन बाद ही फिर एक नया पार्सल घर के पते पर पहुंचा। इस बार पार्सल मेशो एप के नाम से था। डिलीवरी बॉय ने अपने सर्विस एप में हमें ऑर्डर दिखाया। वहां- रिपोर्टर का नाम, वही मोबाइल नंबर और पता दर्ज था। इतना ही नहीं, उसके पास डिलीवरी के लिए ओटीपी भी मौजूद था। रिपोर्टर ने इस बार डिलीवरी बॉय को अपने मोबाइल में मेशो का ऑफिशियल एप खोलकर उसकी ऑर्डर लिस्ट दिखाई। साफ दिखाई दे रहा था कि इस नाम से कोई ऑर्डर किया ही नहीं गया था। डिलीवरी बॉय भी हैरान रह गया। उसने साफ कहा- हम डिलीवरी पार्टनर हैं, हमारे पास जो ऑर्डर एप में आता है, जो एड्रेस उसमें दिया होता है, उसी के अनुसार डिलीवरी करते हैं। इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं होती। लगता है कि कोई थर्ड पार्टी इस पूरे सिस्टम का गलत फायदा उठा रही है। जब रिपोर्टर ने पार्सल लेने से इनकार कर दिया तो डिलीवरी बॉय उसे कैंसिल करने के लिए ओटीपी मांगा। रिपोर्टर ने ओटीपी साझा नहीं किया। इसके बाद कुछ समय बाद पार्सल अपने आप कैंसिल हो गया। पड़ताल-3 : तीसरी बार आया फर्जी ऑर्डर ठगों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। मोबाइल पर मैसेज आया अगले 24 घंटे में मेशो एप से आपका पार्सल डिलीवर हो जाएगा। अगले ही दिन तीसरी बार एक और फर्जी पार्सल हमारे एड्रेस पर पहुंचा। पार्सल की कीमत करीब 586 रुपए थी। हमने डिलीवरी बॉय से कहा कि हमने ऐसे कोई ऑर्डर किया ही नहीं। इस पर उसने खुद स्वीकार करते हुए कहा फिर ये फर्जी होगा। हमने डिलीवरी बॉय से ऑर्डर के बॉक्स में आइटम चेक कराने को कहा। उसने डिब्बा खोलने से इनकार कर दिया, लेकिन खुद बॉक्स को चेक करने के बाद बताया कि इसमें कपूर की गोलियां भरी हुई हैं। 2 तरीके से होती है ठगी, डिलीवरी बॉय ने कैमरे पर बताई हकीकत पहला तरीका : पार्सल में पत्थर या घटिया सामान पैक कर देते हैं पड़ताल के दौरान ऑर्डर देने आए एक डिलिवरी बॉय ने बताया कि स्कैमर्स पहले किसी तरह ऑनलाइन ऑर्डर करने वाले ग्राहकों का डेटा हासिल करते हैं। इनकी नजर उन ग्राहकों पर रहती है जो कैश ऑन डिलीवरी सामान ज्यादा ऑर्डर करते हैं। ऐसे ग्राहकों का नाम, पते और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल हासिल कर लेते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक ऑरिजनल ऑर्डर करता है तो इसकी जानकारी मिलते ही, ये कम कीमत वाला कोई सामान पैक कर एक फर्जी बॉक्स तैयार करते हैं। फिर उसे ग्राहक के पते पर कैश ऑन डिलीवरी के लिए भेज देते हैं। ग्राहक को लगता है कि शायद यह उसी का ऑर्डर है। कई ग्राहक बिना ऐप में चेक किए ऑर्डर की पेमेंट कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि उसने ऐसा कोई सामान मंगाया ही नहीं था। एक डिलीवरी बॉय ने बताया कि उसके पास डेली ऐसे 7-8 केस आ रहे हैं। जब वो डिलीवरी देने जाते हैं तब ग्राहक कहता है कि पार्सल उसने ऑर्डर नहीं किया। यह थर्ड पार्टी का काम है जो इस तरीके की गड़बड़ी कर रहे हैं। दूसरा : ऑर्डर कैंसिल करने के नाम पर भी हो सकती है ठगी साइबर एक्सपर्ट केशव शर्मा ने बताया कि साइबर ठग पार्सल कैंसिल कराने के बहाने भी शिकार बनाते हैं। कोई ग्राहक अगर यह कहकर पार्सल लौटाता है कि उसने ऑर्डर नहीं किया, तब एक लिंक भेजकर पार्सल कैंसिल करने या फिर OTP शेयर करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही व्यक्ति ओटीपी साझा करता है या फिर संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है। साइबर ठग ग्राहक के फोन को हैक कर लेते हैं। इसके बाद तो कई ग्राहकों के बैंक खातों में जमा पैसा भी ठग लिया जाता है। केशव शर्मा के अनुसार, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने कोई ऑर्डर ही नहीं किया, फिर भी उनके नाम और पते पर पार्सल पहुंच गया। इसके बाद ठग पार्सल को रद्द कराने के बहाने लिंक भेजते हैं या ओटीपी मांगते हैं। कभी भी ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक भी नहीं करना चाहिए। ज्यादातर लोग दर्ज नहीं करवाते शिकायत साइबर एसपी सुमित मेहरड़ा ने बताया कि इस फर्जी पार्सल स्कैम में ठगी की रकम आमतौर पर 500 से 1000 रुपये के बीच होती है। रकम कम होने के कारण अधिकांश पीड़ित शिकायत दर्ज नहीं करवाते। वे सोचते हैं कि थाने जाने और पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा, जबकि यही सोच साइबर ठगों की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। उन्होंने बताया कि अगर ठग एक दिन में 500 फर्जी पार्सल भेजते हैं और उनमें से 100 लोग भी पार्सल स्वीकार कर लेते हैं, तो वे बड़ी रकम इकट्ठी कर लेते हैं। इसलिए लोगों का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अगर किसी के नाम ऐसा पार्सल पहुंचे, जिसे उसने ऑर्डर ही नहीं किया हो, तो उसे किसी भी स्थिति में रिसीव न करें और भुगतान भी न करें। इस तरह के कई मामलों में डेटा ब्रीच की आशंका भी सामने आती है, जिससे साइबर अपराधियों तक लोगों का नाम, मोबाइल नंबर और पता पहुंच जाता है। साइबर एसपी ने कहा कि शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जाना जरूरी नहीं है। पीड़ित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आसानी से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान किसी तरह का फर्जी पार्सल, संदिग्ध डिलीवरी या धोखाधड़ी का प्रयास नजर आए तो तुरंत इसकी सूचना दें। —– यह खबर भी पढ़िए… 800 रुपए में पार्सल डिलीवरी, चाहे विस्फोटक हो या ड्रग्स:कैमरे पर रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर का अवैध सिस्टम, चेक तक नहीं करते कार्टन के अंदर क्या है? राजस्थान रोडवेज की बसों में 900 से 1 हजार रुपए लेकर धड़ल्ले से अवैध पार्सल भेजे जा रहे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर पार्सल तक चेक नहीं करते कि इसमें ड्रग्स या हथियार तो नहीं? पटाखे या अन्य विस्फोटक तो नहीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए संकट बन जाए। पढ़ें पूरी खबर…

जेएनवीयू में प्रवेश शुल्क जमा करवाने का अंतिम अवसर:पृथ्वीराज नगर में दूषित पेयजल की सप्लाई से स्थानीय लोगों में रोष, अंगदान जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, पढें शहर की प्रमुख खबरें

पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाने के कार्य के बीच तीन दिन के अंतराल के बाद हुई पेयजल आपूर्ति ने क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने के दौरान सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण पेयजल सप्लाई में सीवर का दूषित पानी मिलकर घरों तक पहुंच रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार नलों से बदबूदार, गंदा और मटमैला पानी निकल रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि इस दूषित पानी की आपूर्ति तत्काल नहीं रोकी गई तो क्षेत्र में जलजनित बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
अंगदान जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
मथुरादास माथुर अस्पताल में अंगदान जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन डायलिसिस विभाग में किया गया। इस दौरान नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा स्टाफ, मरीजो एवं उनके रिश्तेदारों को अंगदान से संबंधित जानकारियां साझा की गई और अंगदान के लिए प्रेरित किया गया। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि एक ब्रेन डेड मरीज के अंगों का दान करने से आठ व्यक्तियों का जीवन बचाया जा सकता है। इस अवसर पर प्रिंसिपल बीएस जोधा,अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित , नोडल ऑफिसर डॉ वंदना शर्मा उपस्थित रहे। कॉर्डिनेटर शालिनी ने अंग दान की महत्ता के बारे मे बताया। स्नातक प्रवेश शुल्क जमा करवाने का अंतिम अवसर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न स्नातक स्तरीय तीन वर्षीय/चार वर्षीय पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं एईडीपी के अनुसार सत्र 2026-27 के लिए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए जीएएस की प्रथम प्राथमिकता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सूची में जिन विद्यार्थियों का नाम आया है। परन्तु किसी कारण से शुल्क जमा नहीं करवा पाए उनके लिए विषयानुसार रिक्त रही सीटों पर 6 जुलाई एवं 7 जुलाई, 2026 को शुल्क जमा करवाने का अंतिम अवसर प्रदान किया है। वहीं जीएएस कैटेगरी की सीट पूर्ण हो जाने पर विद्यार्थी एसएफएस सीटों में शुल्क जमा करवा कर प्रवेश ले सकते है।
विद्यार्थियों की ओर से जमा करवाई गई फीस चालान एवं मय आवश्यक दस्तावेजों की हार्ड कॉपी (मूल दस्तावेजों से सत्यापन करवाकर) अगले 7 कार्य दिवसों में संबंधित संकाय/संस्थान/महाविद्यालय में जमा करवाना आवश्यक है। प्रवेश संबंधी वरीयता सूची के संबंध में सूचनाएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जायेगी, अतः समय-समय पर विश्वविद्यालय की वेबसाइट का अवलोकन करते रहे।
विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित होगी महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय की प्रतिमा
मारवाड़ में आधुनिक उच्च शिक्षा की आधारशिला रखने वाले दूरदर्शी शासक महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय की पंचधातु प्रतिमा का अनावरण 6 जुलाई 2026, सोमवार को प्रातः 10 बजे जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराने परिसर(ओल्ड कैंपस) में एक समारोह में किया जाएगा। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी ने बताया कि कार्यक्रम में
राजपरिवार के सदस्य गजसिंह द्वितीय जोधपुर सान्निध्य में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिक्किम के महामहिम राज्यपा ओम प्रकाश माथुर होंगे तथा भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत अध्यक्षता करेंगे। इसके साथ ही राजेंद्र राठौड़, सतीश पूनिया, बाबूसिंह राठौड़ एवं अन्य नेतागण कार्यक्रम में पूज्य संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, पूर्व विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
आयोजन समिति ने विश्वविद्यालय परिवार, पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा समस्त नागरिकों से इस अवसर पर उपस्थित होकर मारवाड़ की शैक्षणिक विरासत के इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बनने का आग्रह किया है।

रिफाइनरी का उद्‌घाटन पीएम मोदी ने किया:देश का 3.5 प्रतिशत कच्चा तेल पचपदरा में रिफाइन होगा; 54 हजार को नौकरी, जयपुर को मेट्रो 2.0

दशकों के इंतजार के बाद आखिरकार थार के रेगिस्तान की तकदीर बदल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक और पहली ग्रीन फील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन किया। साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट पर टर्मिनल ‘उड़ान’ शुरू किया।जयपुर में मेट्रो के सेकंड फेज की आधारशिला रखी गई। इस मौके पर पीएम मोदी ने पश्चिमी राजस्थान के लिए रिफाइनरी को आर्थिक क्रांति का इंजन बताया। साथ ही, पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सियासी प्रहार करते हुए कहा, ‘हम उन लोगों में से नहीं हैं, जो सिर्फ चुनाव के समय शिलान्यास पत्थर लगा देते हैं। हमारी सरकार जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करती है, उसका तय समय पर लोकार्पण भी करती है।’ पचपदरा देश की 24वीं रिफाइनरी है। इससे पहले पीएम मोदी ने एचआरआरएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। मोदी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण 60% एलपीजी आयात प्रभावित थी फिर भी हमने ₹2,000 रुपए का सिलेंडर ₹950 रुपए से कम में दिया। कंपनियों के 75 हजार करोड़ का नुकसान सरकारी खजाने ने उठाया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, सीएम भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा मौजूद रहे। भास्कर एक्सप्लेनर – अमेरिका, जापान-यूरोप की तकनीक, 1.8 लाख बैरल तेल रोज रिफा​इन होगा 1 दिन में 54000 नियुक्ति पत्र बांटे राजस्थान के इतिहास में रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाते हुए एक ही दिन में 54,000 युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों के नियुक्ति पत्र सौंपे गए। पीएम ने कहा कि अब बाड़मेर, बालोतरा और जोधपुर के युवाओं को रोजगार के लिए दक्षिण भारत या गुजरात के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट से लाखों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हो रहे हैं। -राजस्थान पेज भी पढ़ें भास्कर किस्सा – मोदी ने चयनित सिपाही से कहा-डरो मत, भागो मत… पिंडवाड़ा निवासी पिंटाराम सिपाही का नियुक्ति पत्र लेकर हड़बड़ाहट में मंच से लौटने लगे। तभी पीएम मोदी ने हाथ पकड़ कर रोक लिया। मोदी ने कहा कि डरो मत, भागो मत…। प्रधानमंत्री ने पीठ थपथपाई और आगे भी मेहनत करते रहने का कहकर हौसला बढ़ाया। पिंटाराम ने बताया कि वर्ष 2025 में पुलिस कांस्टेबल के पद पर चयन हुआ है। नियुक्ति उदयपुर में है। यह मेरे परिवार की पहली सरकारी नौकरी है। प्रधानमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त करना मेरे जीवन का यादगार पल है। मोदी बोले- राजस्थान की मिट्‌टी का मैं कर्जदार हूं “मैं राजस्थान की मिट्टी का कर्जदार हूं। इस भूमि के हर कण ने स्वाभिमान का महत्व सिखाया है। स्वाभिमान तभी संभव है जब कोई आत्मनिर्भर हो। आज राजस्थान ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रिफाइनरी हजारों के लिए रोजगार का जरिया बनेगी।” -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (रिफाइनरी के उद्घाटन के मौके पर) राज्य की भाग्य रेखा बनेगी हमारी रिफाइनरी “80 हजार करोड़ से बनी रिफाइनरी राज्य की भाग्यरेखा बनेगी। रिकॉर्ड समय में 1.78 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और निजी क्षेत्र में 4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।” -भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री, राजस्थान

राजस्थान में 1.23 लाख नई नौकरी मिलेंगी:टीचर-लेक्चरर के सबसे ज्यादा पद बढ़े; 11 साल बाद पैटर्न बदलने का असर

नई भर्तियों का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए स्टाफिंग पैटर्न नई उम्मीद बन सकता है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 11 साल बाद स्टाफिंग पैटर्न करने की तैयारी है। इससे यहां पदों की संख्या में बड़ा बदलाव होगा। विभाग में 1 लाख 23 हजार 186 पोस्ट बढ़ाने का प्रस्ताव है। जो वर्तमान में स्वीकृत पदों का करीब 32 फीसदी है। विभाग की ओर से तैयार किए गए स्टाफिंग पैटर्न के प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में स्वीकृत पद 3 लाख 92 हजार 431 है। इन पदों की तुलना में अब 5 लाख 15 हजार 617 पदों की जरुरत बताई गई है। इससे पहले वर्ष 2015 में स्टाफिंग पैटर्न हुआ था। 2 कैडर की पोस्ट में होगी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सबसे अधिक बढ़ोतरी स्कूल लेक्चरर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रस्तावित है। वर्तमान में लेक्चरर के 55 हजार 114 पद स्वीकृत हैं, जबकि समीक्षा के बाद इनकी आवश्यकता 84 हजार 241 पोस्ट कैलकुलेट की गई है। यानी लेक्चरर के नए 29 हजार 127 नए पद जोड़ने का प्रस्ताव है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वर्तमान में 27 हजार 720 पद स्वीकृत हैं। इन पदों में 23 हजार 840 की बढ़ोतरी कर 51 हजार 560 पद करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। क्या है स्टाफिंग पैटर्न स्टाफिंग पैटर्न वह व्यवस्था है जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि किसी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या, कक्षाओं, विषयों और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार कितने शिक्षक, प्रधानाचार्य, पुस्तकालयाध्यक्ष और अन्य कर्मचारी होने चाहिए। क्या होगा पैटर्न बदलने का असर विभाग का मानना है कि पदों में बढ़ोतरी से स्कूलों में बच्चों की विषयवार पर्याप्त शिक्षक मिल सकेंगे। स्कूलों की मॉनिटरिंग आसान होगी और स्कूलों में सफाई, रखरखाव और अन्य दैनिक व्यवस्थाओं में सुधार होगा। फिलहाल स्टाफिंग पैटर्न समीक्षा के आधार पर तैयार किया गया प्रस्ताव है। इसको वित्त विभाग को भेजा जाएगा। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर राज्य सरकार नए पदों के सृजन को मंजूरी देगी। इसके बाद पदों का अंतिम निर्धारण, कैडरवार स्वीकृति और चरणबद्ध तरीके से भर्ती या पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू होगी। अंतिम निर्णय राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा। यह होगा फायदा
यदि स्टाफिंग पैटर्न को सरकार से मंजूरी मिलती है और यह लागू होता है तो विद्यालयों में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात बेहतर होगा। विषयवार शिक्षकों की कमी दूर होगी। प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों का संचालन मजबूत होगा। शिक्षा में सुधार होगा। प्रमोशन के मौके पर भी बढ़ेंगे राजस्थान प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि- यह प्रस्ताव बेरोजगार युवाओं के लिए ही नहीं, सेवारत शिक्षक-कर्मचारियों के लिए भी नई उम्मीद लेकर आया है। इससे नई भर्तियां निकलेंगी। पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे। सरकार को चाहिए कि इसके वर्तमान में चल रहे शिक्षा सत्र से ही लागू कर दिया जाए। पेपरलीक माफिया जगदीश की पत्नी गिरफ्तार पेपर लीक माफिया जगदीश की पत्नी ने लीक पेपर पढ़कर सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा दी थी। एसओजी ने वर्ष 2019 में हुई भर्ती के मामले में जगदीश की पत्नी सरस्वती को गिरफ्तार किया है। सरस्वती अभी सेकंड ग्रेड टीचर है। एसओजी ने सोमवार तक रिमांड पर लिया है। इस मामले में एसओजी पोरव कालेर गैंग के सदस्यों सहित 10 आरोपी पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। इसी मामले में गिरफ्तार हर्षवर्धन पटवारी की पूछताछ में सरस्वती की भूमिका सामने आई। आवेदन में यूनिक भांबू वाले फ्लैट का एड्रेस उसने अन्य आरोपियों से पेपर लिया था। इस परीक्षा उसने पास कर ली थी, लेकिन वेटिंग क्लियर नहीं होने से चयन नहीं हुआ था। सरस्वती ने महिला सुपरवाइजर पद के लिए जो आवेदन किया था, उसमें अपना एड्रेस जयपुर के ग्रीन कॉलोनी स्थित फ्लैट में बताया था। एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के आरोपी यूनिक भांबू का भी एड्रेस यही था। एसओजी जांच कर रही है कि पता गलत भरा गया था या इसके पीछे कोई साजिश थी।
…. ये खबर भी पढ़िए… सीनियर टीचर भर्ती के 886 पद घटाए:अब 9 हजार 651 पदों के लिए होगी परीक्षा; 12 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सीनियर टीचर भर्ती के 886 पद घटा दिए गए है। अब यह भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। इस परीक्षा में 12 लाख तीस हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन किया है। पूरी खबर पढ़िए…

मुख्यमंत्री के काफिले को दिखाया काला झंडा:पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया; सर्किट हाउस से एयरपोर्ट जा रहा था काफिला

जोधपुर में सीएम भजनलाल शर्मा को एक युवक ने काला झंडा दिखाया। रातानाडा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान जितेश्वर चौधरी के रूप में हुई है, जो छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) से जुड़ा बताया जा रहा है। दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पचपदरा रिफाइनरी और जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। सीएम भजनलाल शर्मा जोधपुर दौरे पर आए हुए थे। शनिवार शाम को जब वह वापस जयपुर जाने के लिए जोधपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए और उनका काफिला भाटी चौराहे के पास पहुंचा, तो वहां पहले से खड़े युवक ने काफिले को काले झंडे दिखाए। विधायक जोशी से मिलने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री शर्मा रिफाइनरी के कार्यक्रम के बाद जोधपुर पहुंचे और अस्पताल में भर्ती सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी का हालचाल जानने के लिए अस्पताल गए। इसके बाद उन्होंने भाटी चौराहे पर एक दुकान पर बैठकर चाय पी और वहां मौजूद आम लोगों से संवाद भी किया।

जोधपुर में सीएम भजनलाल शर्मा को युवक ने काल झंडा दिखाया। रातानाडा थाना पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान जितेश्वर चौधरी के रुप हुई है। वह एनएसयूआई से जुड़ा बताया जा रहा है। दरअसल सीएम भजनलाल शर्मा जोधपुर दौर आए हुए है। शनिवार शाम को वो वह वापस जयपुर जाने के लिए जोधपुर एयरपोर्ट के के लिए रवाना हुए। काफिला भाटी चौराहे के आगे पहुंचा तो वहां पहले से खड़े एक युवक ने काफिले को काले झंडे दिखाये। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पचपदरा रिफाइनरी और जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन समारोह में क लिए जोधपुर आए हुए थे।
विधायक जोशी से मिलने अस्पताल गए और भाटी चौराहे पर पी चाय मुख्यमंत्री शर्मा रिफाइनरी के उद्घाटन के बाद जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे और अस्पताल में भर्ती सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी का हालचाल जानने के लिए हॉस्पिटल गए। इसके बाद उन्होंने भाटी चौराहे पर एक दुकान पर बैठकर चाय पी और लोगों से संवाद भी किया।

परिजनों ने मना किया तो भी पंचनामा बनाना था जरूरी:हाईकोर्ट ने दौसा पुलिस पर जताई नाराजगी, कहा-पंचनामा नहीं बनाना पुलिस की गंभीर चूक

हाईकोर्ट ने नाबालिग की हत्या के मामले में पुलिस के पंचनामा नहीं बनाने पर इसे गंभीर चूक बताते हुए नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने दौसा जिले के मंडावर इलाके में साल 2022 में 15 साल के किशोर की हत्या के बाद पंचनामा नहीं बनाने को गंभीर चूक करार दिया है। हाईकोर्ट ने आरोपी राजेंद्र और एक बाल अपचारी की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पुलिस के कामकाज की शैली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम के लिए मना किया था तो भी शव का पंचनामा तैयार करवाना अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारी की ड्यूटी थी। पंचनामा नहीं बनाना पुलिस जांच की गंभीर और जानबूझकर छोड़ी गई कमी है।
आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज जस्टिस रवि चिरानिया ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2024 को प्रसंज्ञान ले लिया है, इसलिए इस स्टेज पर जमानत नहीं दी जा सकती। आरोपियों की तरफ से तर्क दिया गया था कि घटना 12 मई 2022 की है और एफआईआर देरी से 15 जून 2022 को दर्ज कराई गई है, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। पुलिस ने पहले एफआर लगा दी थी, बाद में कोर्ट के आदेश पर जांच हुई मृतक के पिता ने पहले पुलिस को किसी के खिलाफ शिकायत नहीं होने की बात कही थी और पोस्टमॉर्टम से भी इनकार किया था, यह सब लिखित में दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट (FR) पेश कर दी थी। बाद में कोर्ट ने परिवादी की प्रोटेस्ट पिटीशन पर 7 अक्टूबर 2024 को संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। पुलिस की भूमिका शुरू से ही सवालों में, आरोपियों ने जांच प्रभावित की कोर्ट में परिवादी ने कहा कि आरोपियों और उनके परिजनों ने जांच को प्रभावित किया और पोस्टमॉर्टम नहीं होने दिया। मृतक का अंतिम संस्कार भी देर रात जल्दबाजी में किया गया। पुलिस ने भी शव का पंचनामा नहीं बनाया और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना ही शव परिजनों को सौंप दिया, जिससे जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियां रहीं। कोर्ट ने कहा- भले ही परिवादी ने पहले पोस्टमॉर्टम से मना किया हो, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस अफसर की यह ड्यूटी थी कि वह शव का पंचनामा तैयार कर कानूनी कार्रवाई करता। ऐसा न करके मृतक का शव बिना किसी जांच-पड़ताल के परिजनों को सौंप दिया गया।