'काले-धन' के लिए रिश्वतखोर GM ने खुलवाए 34 अकाउंट,42 एफडी:इनमें 1.70 करोड़ जमा, 75 लाख का आधा किलो सोना, नोट गिनने की मशीन भी

राजस्थान में रिश्वत की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बैंकों का सहारा लेने का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक अधिकारी ने अपने नाम के 34 बैंक खातों और 42 एफडी (फिक्स डिपॉजिट) में करीब 1.70 करोड़ रुपए जोड़ लिए। एक ही दिन में 7 बैंक खातों में करीब 15 लाख रुपए भी डलवाए गए। लॉकर में करीब 75 लाख रुपए का आधा किलो सोना और घर से नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.. प्रतापगढ़ जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के जॉइंट कमिश्नर व जनरल मैनेजर राजीव गर्ग को ACB ने 2024 में 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। इसके बाद से ACB की टीम उसकी संपत्तियों की जांच में जुटी थी। डेढ़ साल चली इस जांच में जब रिकॉर्ड खंगाले गए, तो बैंक में जमा संपत्ति ने ही ACB टीम को हैरत में डाल दिया। जयपुर के बजाज नगर निवासी राजीव गर्ग के पास बैंक में जमा हुई रकम को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। एसीबी ने आंकलन किया तो सैलरी के हिसाब से कुल संपत्ति 99 फीसदी अधिक निकली। अब एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति को लेकर एक FIR और दर्ज कर ली है। पहले 50 हजार लिए, फिर मांगे थे 3 लाख राजीव गर्ग के खिलाफ उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के ही एक पूर्व डिप्टी कमिश्नर ने 2024 में ACB को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि वह सातवें पे-कमीशन और एरियर के भुगतान लेना चाहते थे। इस संबंध में वह राजीव गर्ग से मिले। राजीव गर्ग ने सातवें वेतनमान को फिक्स करने के लिए पहले 50 हजार रुपए रिश्वत ली और एरियर के भुगतान के लिए 3 लाख रुपए और मांगे। ACB ने इस मामले में शिकायत की जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर राजीव गर्ग के खिलाफ 2024 में ट्रैप की कार्रवाई की। शिकायत करने वाले से आरोपी 50 हजार रुपए पहले ले चुका था। इसके बाद 3 लाख रुपए और मांग रहा था। राजीव गर्ग को ACB ने ट्रैप करने के बाद गिरफ्तार किया। निर्माण नगर स्थित फ्लैट सील कर दिए। आय से अधिक संपत्ति को लेकर नई FIR कोर्ट से रिमांड मिलने पर गर्ग की मौजूदगी में 2024 में ही उसके ठिकानों की तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए। ACB के अनुसार, गर्ग के बैंकिंग-लॉकर सहित अन्य संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की गई। बैंक में जमा भारी रकम को लेकर भी सवाल हुए, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिले। इसके बाद आय से अधिक संपत्ति को लेकर नई FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच अभी भी जारी है। ACB टीम ने बताया कि जांच में जब विभागीय सूत्रों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि गर्ग की छवि भ्रष्ट अधिकारी की है। रहन-सहन, वेतन के मुकाबले काफी ऊंचे स्तर का है। 1 दिन में 7 अकाउंट में 14.72 लाख रुपए जमा ACB जांच में पता चला कि राजीव गर्ग के 20 से भी अधिक बैंक में खाते और एफडी हैं। खुद के नाम से राजीव गर्ग के 34 बैंक खाते हैं और इनमें 57.16 लाख रुपए जमा है। मकान की तलाशी में करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए की 42 बैंक एफडी के कागजात और मिले। यही नहीं, राजीव के पास 25 क्रेडिट/डेबिट कार्ड भी बरामद हुए। अकेले एक दिन में 6 मार्च, 2023 को 7 बैंक खातों में 14.72 लाख रुपए जमा किए गए थे। बैंक लॉकर में 24 कैरेट का 553 ग्राम सोना भी मिला। घर की तलाशी में सवा लाख रुपए कैश भी बरामद हुआ। 1996 में लगी सरकारी नौकरी, तब हाथ खाली ACB जांच के अनुसार राजीव गर्ग की सरकारी नौकरी 1996 में लगी थी। उससे पहले के उसके हाथ खाली थे। इसके बाद उसने वेतन से 99 फीसदी अधिक संपत्ति जुटाई। ACB सूत्रों के अनुसार, वेतन और ITR आदि दस्तावेजों से 2024 तक राजीव गर्ग ने 1.76 करोड़ जुटाए। ACB ने राजीव गर्ग की रसोई, वाहन मेंटीनेंस-पेट्रोल, फ्लैट खरीद दिखाई व मोबाइल, कम्प्यूटर, एलईडी सहित इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर खर्च का अनुमान 78.28 लाख लगाया। ACB द्वारा तलाशी में मिली विभिन्न खरीदों के बिलों आदि से यह अनुमान लगाया। ACB ने राजीव गर्ग की वैध आय से खर्चे को माइनस कर दिया तो 0.98 लाख रुपए बचे, जबकि उसने 2.71 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर रखी है। जांच में पाया कि राजीव गर्ग ने 1.73 करोड़ रुपए आय से अधिक जुटाई हुई है। जानकारों के अनुसार ACB की ओर से आरोपियों की जमीन-मकान-फ्लैट की कीमत का अनुमान बाजार की कीमत से काफी कम आंका जाता है। यदि इनकी बाजार की कीमत लगाई जाए, तो संपत्ति कई गुना अधिक निकलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *