चूरू में 75 फीसदी स्टूडेंट्स ने दिया वनपाल भर्ती एग्जाम:23 केंद्रों पर हुई परीक्षा, 1 घंटा पहले तक दिया गया प्रवेश

चूरू जिले में रविवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले के 23 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल 4,874 अभ्यर्थी मौजूद रहे, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 74.97 प्रतिशत है।
परीक्षा के लिए कुल 6,501 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 4,874 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,627 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन सुबह से ही मुस्तैद रहा। नकल और किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सभी केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर पुलिसकर्मियों और वीक्षकों द्वारा अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। कड़ी जांच के बाद मिला केंद्र में प्रवेश
अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र और फोटो पहचान पत्र के मिलान के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। जिला प्रशासन की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और परीक्षा केंद्रों पर प्रभावी प्रबंधन के कारण पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली। निर्देशों के अनुसार, समय की पाबंदी का भी सख्ती से पालन किया गया। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले सभी परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके कारण कई परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा दिए वापस लौटना पड़ा।

घर में दोष बताकर महिलाओं को ठगने वाला गिरफ्तार:गलत ऊर्जा बताकर डराता, फिर गहनों को शुद्ध करने का झांसा देकर ठग लेता

अजमेर की अलवर गेट थाना पुलिस ने महिलाओं को अंधविश्वास के नाम पर झांसा देकर सोने के गहने ठगने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी घरों में नकारात्मक ऊर्जा (निगेटिविटी) होने का डर दिखाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। गहनों को शुद्ध करने के बहाने लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपी को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार किया है। अब आरोपी से पूछताछ कर अन्य वारदातों और ठगे गए जेवरात के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। घर में दोष होने की बात कहकर डराया अलवर गेट थाने के एएसआई राजपाल सिंह ने बताया- धोलाभाटा क्षेत्र निवासी मंजू ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर आया। धार्मिक बातें करते हुए विश्वास में ले लिया। घर में नकारात्मक ऊर्जा और दोष होने की बात कहकर डराया। गहनों को शुद्ध करने का झांसा दिया। महिला के विश्वास में आने पर आरोपी ने सोने का मंगलसूत्र और कान की झुमकियां लेकर हाथ की सफाई से ठगी कर ली। मौके से फरार हो गया। जालंधर से पकड़ा गया बदमाश शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी खंगाले। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब के जालंधर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घर में मौजूद अकेली महिलाओं को निशाना बनाता है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान पलविंदर सिंह उर्फ बंटी पुत्र दिलबाग सिंह के रूप में हुई है। वह जालंधर (पंजाब) का रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले कॉलोनियों और मकानों की रेकी करता था। ऐसे घरों को निशाना बनाता था, जहां महिलाएं अकेली हों। इसके बाद धार्मिक बातें कर घर में प्रवेश करता। अंधविश्वास का सहारा लेकर महिलाओं को विश्वास में ले लेता था। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पास राख और किसी विशेष पाउडर जैसा पदार्थ रखता था। वह गहनों को शुद्ध करने और दोष दूर करने का दावा करता था। इसी दौरान हाथ की सफाई से असली गहने लेकर फरार हो जाता था। कई मामलों में पीड़ित महिलाओं को काफी देर बाद ठगी का पता चलता था। अलवर गेट थाना पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि उसने अजमेर सहित राजस्थान के अन्य शहरों में भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी से ठगे गए सोने के जेवरात बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

SUV में भरकर ला रहा था 53 लाख का डोडा-चूरा:19 कट्टों में 355 किलो माल भरा था; नाकाबंदी पर पकड़ा 40 हजार का इनामी तस्कर

भीलवाड़ा में काले रंग की SUV में 355 किलो अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 53 लाख 25 हजार रुपए बताई गई है। इनपुट के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी की थी। इस दौरान काले रंग की टाटा सफारी को रुकवाया और तलाशी ली तो इसमें अवैध नशा बरामद हुआ। पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पकड़े गए आरोपी पर दो थानों में मिलाकर 40 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने तस्कर को गिरफ्तार किया है। मामला बिजौलिया थाना इलाके का है। 19 कट्टों में भरा था 53 लाख का डोडा चूरा बिजौलिया थाना प्रभारी स्वागत पांड्या ने बताया- जिला स्पेशल टीम से मिली सूचना के आधार पर बिजौलिया क्षेत्र में एक काले रंग की टाटा सफारी को रुकवाकर तलाशी ली गई। गाड़ी से 19 अलग-अलग कट्टों में भरा हुआ कुल 355 किलो अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। मौके से कपिल पुत्र भारमलराम विश्नोई (28) निवासी कंवरजी का खेजड़ी, थाना ओसियां, जिला जोधपुर ग्रामीण को गिरफ्तार किया गया। 40 हजार का इनाम घोषित आरोपी पर पुलिस थाना गोटन (नागौर) द्वारा 15 हजार रुपए तथा पुलिस थाना बेंगू (चित्तौड़गढ़) द्वारा 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इस प्रकार आरोपी पर कुल 40 हजार रुपए का इनाम था।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह कार्रवाई बिजौलिया थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने की थी। कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई नरेश कुमार, डीएसटी के राकेश, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल मनोज, अनिल कुमार, दलवीर एवं रणजीत शामिल रहे।

एक्सरसाइज कर रहे कॉन्स्टेबल की हार्ट अटैक से मौत:SI एग्जाम की कर रहे थे तैयारी, पुलिस लाइन मैदान में अचेत होकर गिरे

सवाई माधोपुर में पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह पुलिस लाइन ग्राउंड में एक्सरसाइज कर रहे थे, अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस स्टाफ ने जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने कॉन्स्टेबल कुंजीलाल मीणा (35) को मृत घोषित कर दिया। वह सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। मामला पुलिस लाइन में शनिवार रात करीब 8 बजे का है। रविवार को पैतृक गांव में राजकीय सम्मान से कॉन्स्टेबल का अंतिम संस्कार किया गया। दौड़ पूरी करने के बाद एक्सरसाइज करते समय हुए अचेत कोतवाली SHO मदन लाल मीणा ने बताया – सवाई माधोपुर के गंभीरा गांव निवासी कॉन्स्टेबल कुंजीलाल मीणा पुलिस लाइन में तैनात थे। 2011 में पुलिस में भर्ती हुए थे। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा 4 महीने का है जबकि बेटी 3 साल की है। वहीं पिता भरत लाल मीणा किसान है। पत्नी का नाम मीरा मीणा है। तीन भाई और एक बहन है। बड़े भाई रेलवे में और छोटा भाई पढ़ाई करता है। जबकि ​बहन की शादी हाे चुकी है। कुंजीलाल मीणा इन दिनों सब-इंस्पेक्टर भर्ती की तैयारी कर रहे थे। शनिवार शाम को पुलिस लाइन ग्राउंड में फिजिकल की तैयारी कर रहे थे। दौड़ पूरी करने के बाद जैसे ही एक्सरसाइज शुरू की तभी अचानक मैदान में ही अचेत होकर गिर पड़े। पुलिस स्टाफ ने तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया, मृत घोषित किया SHO ने बताया -पुलिस लाइन में मौजूद साथी जवानों ने कुंजीलाल मीणा को जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक सामने आई है। इसके बाद शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर परिजनों को घटना की सूचना दी गई। पोस्टमॉर्टम के बाद सम्मान के साथ परिजनों को सौंपी बॉडी मदन लाल मीणा ने बताया – रविवार सुबह परिजनों के जिला अस्पताल पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस जवानों ने अपने साथी कॉन्स्टेबल को पुष्प अर्पित कर सम्मान से अंतिम विदाई दी। पार्थिव देह परिजनों को सुपुर्द किया गया। कुंजीलाल मीणा का उनके पैतृक गांव गंभीरा में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। — हार्ट अटैक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत; VIDEO:दुकान पर काम करते समय लड़खड़ाकर गिर पड़े, एक दिन पहले भी सीने में दर्द हुआ था राजसमंद में दुकान पर काम कर रहे व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। व्यापारी दुकान में साफ-सफाई कर रहे थे, तभी अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़े। पूरी खबर पढ़िए पिता की हार्टअटैक से मौत के-बाद बेटी ने किया सुसाइड:शव को देखते ही तालाब की तरफ दौड़ी और लगा दी छलांग बीकानेर में हार्ट अटैक से पिता की मौत के बाद बेटी ने सुसाइड कर लिया। पिता का शव देखकर युवती ने खेत में बने पोंड (तालाब) में छलांग लगा दी। पूरी खबर पढ़िए

तेज रफ्तार कार खेत में पलटी, युवक की मौत:2 दोस्तों के साथ ससुराल से आ रहा था, दो घायल अस्पताल में भर्ती

अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे के गोपालपुरा मोड़ के पास अनियंत्रित कार पलटने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं दो युवक गंभीर घायल हो गए। यह हादसा शनिवार रात करीब 1 बजे हुआ था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बमुश्किल कार से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार- तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खेत में कई बार पलट गई। इससे कार सवार नीरज पूनिया (28) निवासी बड़ोली की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार सवार लोकेश पूनिया निवासी बड़ोली और सचिन सदावत निवासी लीली गंभीर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां इलाज के बाद सचिन सदावत की नाजुक हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल अलवर के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल वहां उसका इलाज जारी है। देर रात ससुराल से लौट रहे थे तीनों दोस्त तीनों युवक शनिवार देर रात नीरज के ससुराल से लौट रहे थे। इसी दौरान गोपालपुरा मोड़ के पास कार की रफ्तार तेज होने के कारण ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी कई बार पलटते हुए खेत में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का ऊपरी हिस्सा पिचक गया। हादसे के बाद पुलिस ने मृतक नीरज के शव को कब्जे में लेकर लक्ष्मणगढ़ CHC की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। पुलिस प्रशासन ने कहा- पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

ट्विशा केस की आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी:जेवर और दस्तावेजों की फाइल उठाई, पुलिस का सायरन सुनकर भागे; दो संदिग्ध हिरासत में

एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर में चोर घुस गए। उन्होंने सोने के जेवरात समेत गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ सिंह से जुड़े कुछ दस्तावेजों की एक फाइल चुराने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस आने के चलते चोरों को सामान छोड़कर भागना पड़ा। चोरी और माल की जब्ती की पुष्टि एसीपी रजनीश कश्यप ने की है। वारदात के समय गिरिबाला के भाई घर में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोर पिछले हिस्से से घर में दाखिल हुए, इसलिए उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। इसी दौरान इलाके में गश्त कर रही पुलिस घर के पास पहुंची। उनकी गाड़ी का सायरन सुनते ही बदमाश घबरा गए और सामान छोड़कर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा भी किया लेकिन वे चकमा देने में कामयाब रहे। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें दिखी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रविवार को दो लोगों को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। गिरिबाला और समर्थ 30 जून तक न्यायिक हिरासत में ट्विशा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह 30 जून तक न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले 16 जून को दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के सामने पेश किया गया था। इस दौरान गिरिबाला सिंह ने कोर्ट से कहा था कि जेल में उन्हें जो हिंदी और अंग्रेजी अखबार दिए जा रहे हैं, उनमें उनके केस से जुड़ी खबरें काटकर अलग कर दी जाती हैं। उन्हें पूरा अखबार पढ़ने को दिया जाए। साथ ही वकीलों से मुलाकात के लिए निर्धारित 20 मिनट की समय-सीमा समाप्त की जाए। मामले की प्रकृति को देखते हुए कानूनी सलाह के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। गिरिबाला ने यह भी मांग रखी थी कि उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ एक ही समय पर अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी जाए। इससे कानूनी रणनीति पर बेहतर समन्वय बन सकेगा। सुनवाई के दौरान गिरिबाला और समर्थ की ओर से ट्विशा के बैंक खाते, 7 लाख रुपए के खर्च, मोबाइल टावर लोकेशन और कार की चाबी से जुड़ी जांच की मांग की गई थी। ट्विशा की दवाइयों की जब्ती का मेमो भी मांगा था गिरिबाला सिंह ने अदालत के सामने आपत्ति जताते हुए कहा था कि ट्विशा के परिजन और रिश्तेदार मीडिया में लगातार बयान दे रहे हैं। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर उन्हें सार्वजनिक बयान देने से बचने को कहा जाए। जांच के दौरान ट्विशा की दवाइयां जब्त की गई थीं, लेकिन जब्ती पंचनामा (मेमो) की कॉपी गिरिबाला या समर्थ के वकीलों को नहीं दी गई। ये दिलवाई जाए। सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने सीबीआई द्वारा पेश किए गए न्यायिक हिरासत बढ़ाने संबंधी आवेदन की कॉपी भी मांगी थी। कोर्ट के आदेश पर ये उनके वकीलों को दे दिए गए थे। गिरिबाला के कार्यकाल में नियुक्त वकीलों पर उठे थे सवाल इससे पहले 12 जून को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एमपीएसएलएसए) को शिकायत भेजकर कानूनी सहायता व्यवस्था (लीगल एड) से जुड़े वकीलों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने के लिए नियुक्त लीगल एड से जुड़े कुछ वकील गिरिबाला और समर्थ के पक्ष में सक्रिय हैं। इनकी नियुक्ति उस समय हुई थी, जब गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश थीं। नवनिधि शर्मा ने शिकायत के साथ एक फोटो भी भेजा, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना से जुड़े सहायक अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना, समर्थ सिंह की शादी में डांस करते दिखाई दे रहे हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान भी वे आरोपी पक्ष के निजी वकील के साथ अदालत में मौजूद थे। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल की जांच कराने की मांग शिकायत में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि 2 जून को सीबीआई द्वारा आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान उन्होंने वकालतनामा पेश किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आरोपी पक्ष के पास पहले से निजी अधिवक्ता मौजूद थे, तब लीगल एड से जुड़े वकीलों की सक्रिय भूमिका की जांच होना चाहिए। नवनिधि शर्मा का आरोप है कि गिरिबाला सिंह के कार्यकाल में नियुक्त दो लीगल एड वकील बाद में उन्हीं से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष के साथ दिखाई दिए। शिकायत में कहा गया है कि यदि लीगल एड पैनल से जुड़े सदस्य निजी पक्ष की पैरवी कर रहे थे तो इसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई को मिली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। जांच एजेंसी अब इस रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन कर रही है। दूसरी पीएम रिपोर्ट बंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी गई है। पढ़ें पूरी खबर…

बदमाशों ने मोबाइल लूटा, युवक चलती ट्रेन से कूदा:1KM पीछा करके आरोपी महिला-पुरुष को पकड़ा, भीड़ ने जमकर धुनाई की

अजमेर में चलती ट्रेन में युवक का मोबाइल लूटने का मामला सामने आया है। युवक अजमेर-सरायरोहिल्ला ट्रेन के कोच में गेट पर खड़ा होकर मोबाइल देख रहा था। इसी दौरान बाहर से बदमाशों ने पानी की बोतल फेंकी। युवक के हाथ से मोबाइल नीचे गिर गया। बदमाश मोबाइल लेकर भागने लगे। युवक ने चेन पुलिंग करके चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। घायल होने के बाद भी पीछा करके एक महिला और पुरुष को स्थानीय लोगों की मदद से राजा सर्कल स्थित जीसीए-1 ब्रिज के पास पकड़ लिया । घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे अलवर गेट इलाके की है। आरोपियों के बैग में पीड़ित के मोबाइल समेत तीन अन्य मोबाइल और एक कीमती घड़ी बरामद हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों की पिटाई कर दी। पहले देखिए वारदात के PHOTOS… चलती ट्रेन से कूदा युवक दौसा निवासी पीड़ित दीपक ने बताया- मैं अजमेर-सरायरोहिल्ला ट्रेन से अजमेर से जयपुर जा रहा था। कोच में गेट के पास खड़ा होकर मोबाइल पर लाइव लोकेशन देख रहा था। इसी दौरान ट्रैक के पास नीचे खड़े बदमाशों ने मेरे ऊपर पानी की बोतल फेंक दी। बोतल हाथ पर लगने से मोबाइल नीचे गिर गया, जिसे उठाकर बदमाश भाग निकले। मैंने ने चेन पुलिंग करवाई और ट्रेन से कूद गया। बदमशों के पीछे दौड़ पड़ा। बदमाश झाड़ियों में छिप गए। मोबाइल एक महिला और पुरुष को दे दिया। मैंने उनका पीछा किया और लोगों की मदद से राजा सर्कल स्थित जीसीए-1 ब्रिज के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पहले अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामला रेलवे क्षेत्र का होने के कारण जीआरपी को सौंप दिया गया। — ये खबर पढ़ें… हॉस्पिटल से बस स्टैंड तक फैला था चोरों का नेटवर्क:रात में रेकी के बाद सोते लोगों को बनाते निशाना, दो बदमाशों को किया गिरफ्तार एसएमएस हॉस्पिटल थाना पुलिस ने संगठित मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा कर दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत के 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए। (पूरी खबर पढ़ें)

कानपुर में विमान के पंखे की चपेट में आई पायलट:एयरपोर्ट पर नाइट फ्लाइंग ट्रेनिंग के दौरान हादसा; ट्रेनर हटाया गया

कानपुर एयरपोर्ट पर नाइट फ्लाइंग ट्रेनिंग के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। 26 जून (शुक्रवार) की रात ट्विन इंजन विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई। लेकिन, इंजन बंद होने से पहले ही ट्रेनी पायलट विमान से नीचे उतर गई। इस वजह से वह घूम रहे प्रोपेलर (पंखे) की चपेट में आ गई। हादसे में उसकी पीठ पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज चल रहा है। घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को ट्रेनिंग ड्यूटी से हटा दिया है। जानिए पूरा मामला गर्ग एविएशन फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) के Tecnam P2006T (VT-NBV) विमान नाइट इंस्ट्रक्शनल फ्लाइंग पर था। इसमें एक फ्लाइट इंस्ट्रक्टर और एक ट्रेनी पायलट सवार थी। विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया था। लेकिन, इंजन चालू था और दोनों प्रोपेलर घूम रहे थे। इसी दौरान ट्रेनी पायलट विमान से नीचे उतर गई। इस वजह से वह सीधे चलते प्रोपेलर की चपेट में आ गई। DGCA ने फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को हटाया घटना को गंभीरता से लेते हुए DGCA ने संबंधित फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को जांच पूरी होने तक ट्रेनिंग ड्यूटी से हटा दिया है। इसके अलावा हादसे में शामिल Tecnam P2006T (VT-NBV) विमान उड़ाने पर भी जांच पूरी होने तक रोक लगा दी गई है। वहीं, चकेरी एयरपोर्ट के डायरेक्टर प्रदीप यादव ने इस घटना पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। जांच रिपोर्ट के बाद DGCA तय करेगी जिम्मेदारी विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी विमान से यात्रियों या प्रशिक्षुओं को तभी उतरने की इजाजत दी जाती है, जब इंजन पूरी तरह बंद हो जाए और प्रोपेलर पूरी तरह रुक जाएं। ऐसे में शुरुआती तौर पर यह हादसा मानवीय चूक, प्रशिक्षण प्रक्रिया में लापरवाही या सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की ओर इशारा करता है। DGCA ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों तथा प्रशिक्षण संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ————————– ये खबर भी पढ़ेंः- 23 साल के बदमाश का एनकाउंटर, सीने में गोलियां लगीं, पीलीभीत में ससुर ने दामाद को डराने भेजा था, बीच-बचाव करने पर दूसरे की हत्या कर दी थी यूपी के पीलीभीत में 23 साल के बदमाश शिवम उर्फ सर्वजीत को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। शनिवार रात 10 बजे पुलिस ने सर्वजीत को घेर लिया। उसे सरेंडर करने के लिए कहा। लेकिन, शिवम ने ऑटोमैटिक हथियार से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें…

सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की:NEET पेपर लीक पर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; कॉकरोच पार्टी के आंदोलन का 9वां दिन

लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने रविवार को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। NEET पेपर लीक और CBSE की गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का आज 9वां दिन है। CJP पिछले 20 जून से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। भूख हड़ताल शुरू होते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी और स्टूडेंट जुटने लगे। प्रदर्शन में कई किसान नेता भी शामिल हुए। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा था कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा। भूख हड़ताल से जुड़ी तस्वीरें… सोनम वांगचुक 170 दिन जोधपुर जेल में रहे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। शिक्षा मंत्री ने देश को बांटने वाला कहा, दीपके के जवाब- हम टैक्स पेयर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 23 जून को NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि जिन्हें डेमोक्रेसी में रिजेक्ट कर दिया गया था, वे भेष बदलकर आए हैं और अब सिस्टम के पीछे पड़े हैं। वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं, जो देश को बांटना चाहते हैं। उनकी पहचान हो गई है। प्रधान ने ये भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर शिक्षा को डिरेल करने की कोशिश कर रहे हैं। फिर चाहे वो कोचिंग सेंटर वाले हों या फिर शिक्षा माफिया हों, इन पर नजर रखी जा रही है। हम इन्हें घुटने पर लाएंगे, नहीं तो हम देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसके जवाब में कहा- हम करदाता हैं, हमारे माता-पिता करदाता हैं। हमें आतंकवादी कहा जा रहा है। क्या यह शर्मनाक नहीं है? उन्होंने किसानों और डॉक्टरों को भी अतीत में आतंकवादी कहे जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि आखिर अब कौन बचा है जिसे ऐसा नहीं कहा गया।
अभिजीत ने कहा- जब हर चीज को गोपनीय बताया जा रहा है तो फिर NEET पेपर गोपनीय क्यों नहीं रखा जा सका। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक नहीं होता तो कई छात्रों की जान नहीं जाती। इससे पहले X पर एक और पोस्ट में दीपके ने लिखा था- ‘धर्मेंद्र प्रधान हमें आतंकवादी कहते हैं। विडंबना यह है कि उनके हाथ 17 से ज्यादा छात्रों के खून से रंगे हैं।’ CJP का 8 शहरों में प्रदर्शन CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। 10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन रात को भी जारी: शाम तक की परमिशन थी; फाउंडर दीपके बोले- शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन कर रही है। CJP को शनिवार शाम 5 बजे तक ही प्रदर्शन की अनुमति थी लेकिन फाउंडर अभिजीत दीपके समेत प्रदर्शनकारी रातभर वहां मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…

मोहाली के गुरुद्वारे में निहंग पर हमला:समर्थकों ने हमलावर को पकड़कर पीटा, कपड़े फाड़े; उत्तराखंड से लौटने पर स्वागत हो रहा था

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मामले में रिहा होकर पंजाब लौटे निहंगों के स्वागत समारोह के दौरान रविवार को मोहाली के गुरुद्वारे में हंगामा हो गया। समारोह के बीच एक व्यक्ति ने निहंग बाबा जसदीप सिंह पर हमला करने की कोशिश की। इससे गुरुद्वारा परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद निहंगों ने तुरंत आरोपी को काबू कर लिया। इसके बाद उसकी पिटाई कर दी। उसके कपड़े फाड़ दिए। बाबा जसदीप सिंह रिहा हुए चारों साथियों के साथ गुरुद्वारे में पहुंचे थे। 16 जून को कर्णप्रयाग में विवाद शुरू हुआ था। यहां निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट हुई थी, जिसके बाद चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में कुछ निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया। वहीं, पंजाब से बड़ी संख्या में निहंगों ने उत्तराखंड कूच का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में बॉर्डर पर ही रोक दिया था। शुक्रवार रात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हस्तक्षेप के बाद गतिरोध खत्म हुआ था। उनके निर्देश पर पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार से बातचीत की, जिसके बाद शनिवार को मारपीट मामले में गिरफ्तार चारों निहंगों को जमानत मिल गई। स्वागत समारोह के दौरान अचानक बिगड़ा माहौल
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए निहंग सिंह शनिवार को अदालत से जमानत मिलने के बाद पंजाब लौटे थे। इनके साथ बाबा जसदीप सिंह भी मौजूद थे। उनकी रिहाई पर मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदां, सोहाना में स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। समारोह के दौरान निहंग सिंहों को सिरोपा भेंट किए जा रहे थे और संगत की ओर से जयकारे लगाए जा रहे थे। इसी बीच भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति अचानक आगे आया और बाबा जसदीप के साथ हाथापाई करने का प्रयास किया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद निहंग सिंहों और समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया क्या हुआ…
मौके पर मौजूद निहंगों ने बताया कि उनके दो साथी जशनप्रीत सिंह और अजय सिंह उत्तराखंड से गुरुद्वारे में आ रहे थे। रास्ते में एक व्यक्ति ने उन्हें गाली दे दी और उनकी कृपाण छीनने की कोशिश की। उसने मौके पर अपने साथियों को भी बुला लिया। उसने कहा कि आप लोग हर रोज यहां पर आ जाते हो और हंगामा मचाते हो। इसके बाद दोनों निहंग सिंह गुरुद्वारा साहिब आ गए और आरोपी भी वहां पर पहुंच गए। इसके बाद यह हंगामा बढ़ गया। निंहग बोले- हमें छू भी नहीं सकता
वहीं निहंग बाबा जसदीप सिंह ने कहा कि बदमाश हर जगह हैं। हमें नहीं पता कि वे कौन थे। कोई हमें निशाना नहीं बना सकता। अकाल पुरख हमारे साथ है। कोई हमें छू भी नहीं सकता। पूरे पंथ का शुक्रिया कि यह मोर्चा जीता है। DSP बोले- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
मोहाली सिटी-2 के डीएसपी हरसिमरत सिंह ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस स्टेशन सोहाना से टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हालात वहां पर अभी शांतिपूर्ण हैं। गुरुद्वारे के प्रबंधकों के साथ पुलिस टीम लगातार संपर्क में है। किसी भी पार्टी की तरफ से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। बाइक-कार की टक्कर से शुरू हुआ था विवाद
विवाद 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में शुरू हुआ। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंगों के एक जत्थे की बाइक बाजार में खड़ी एक कार से टकरा गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार निहंगों (मोहाली निवासी जशनप्रीत, अजय सिंह व मनप्रीत सिंह और एसएएस नगर निवासी सतविंदर सिंह) को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। स्थानीय लोगों पर भी FIR
घटना के बाद सिख समुदाय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है और निहंगों ने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। इसके बाद घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कर्णप्रयाग कोतवाली में काउंटर एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद यह विवाद नगरासू गुरुद्वारे तक पहुंचा। फिर पंजाब से निहंगों का जत्था उत्तराखंड कूच के लिए निकला। कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस और निहंगों के बीच टकराव हुआ। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा CM ने सुलझाया उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद, पॉलिटिकल एडवाइजर को बातचीत के लिए भेजा पंजाब के निहंगों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल से गतिरोध समाप्त हुआ। निहंगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम सैनी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। पढ़ें पूरी खबर…