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दिल्ली में सोनम वांगचुक के अनशन का 19वां दिन:18 दिन में 8.9kg वजन घटा; जबरन आहार देने की मांग पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का आज 19वां दिन है। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने और जरूरत पड़ने पर जबरन खाना (फोर्स-फीडिंग) देने के निर्देश देने की मांग की गई है। वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में शामिल हैं। वे नीट परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच बुधवार को सरकारी पक्ष की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई नहीं कर सकी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया और मामले पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा। सोनम वांगचुक के अनशन की 3 तस्वीरें… याचिका में वांगचुक को इमरजेंसी ट्रीटमेंट देने की मांग अभिजीत दिपके बोले- सरकार का रवैया क्रूर CJP ने आरोप लगाया कि छात्रों के लिए आवाज उठाने वाले वांगचुक को सरकार की ओर से सिर्फ खामोशी मिली है। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और उसका रवैया क्रूर है। अमेरिका स्थित संगठन हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी वांगचुक की सेहत पर चिंता जताई है। संगठन ने पीएम मोदी से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने, उनकी मांगों पर ठोस जवाब देने और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की अपील की है। 18 दिन में 8.9 किलो वजन घटा CJP के मुताबिक, अनशन के 18 दिनों में वांगचुक का वजन 8.9 किलो घटकर 57.15 किलो रह गया है। पार्टी का कहना है कि वांगचुक की हालत नाजुक बनी हुई है। बुधवार को उनका ब्लड प्रेशर 105/76, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन स्तर 97% दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार वह पूरी तरह होश में हैं, लेकिन लगातार भूख हड़ताल से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। इरोम ने 16 साल तक अनशन किया, जानें ऐसी ही 5 हड़तालें देश में पहले भी कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर लंबी भूख हड़ताल कर चुके हैं। महात्मा गांधी से लेकर जी.डी. अग्रवाल तक कई लोगों ने अनशन का सहारा लिया। सबसे लंबी भूख हड़ताल का रिकॉर्ड इरोम शर्मिला के नाम है। इरोम शर्मिला ने मणिपुर से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) हटाने की मांग को लेकर करीब 16 साल (2000-2016) तक भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उन्हें जीवित रखने के लिए नाक के जरिए तरल आहार (फोर्स-फीडिंग) दिया जाता था। 3 हफ्ते से ज्यादा भूखा रहने पर दूसरे बॉडी पार्ट्स पर असर —————————- यह खबर भी पढ़ें… कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके ने पुलिस के पैर पकड़े:जंतर-मंतर पर टेंट लगाने की इजाजत मांगी, कहा- हड़ताली छात्रों को बारिश से बचाना है कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसवालों के पैर पकड़े और हाथ जोड़े। वे टेंट लगाने की इजाजत मांग रहे थे ताकि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को बारिश से बचाया जा सके। दीपके ने इस घटना का वीडियो शेयर किया। पूरी खबर पढ़ें…

पुलिस को मिला नवजात भ्रूण, अंतिम संस्कार किया:अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज, CCTV खंगाल रही पुलिस

गोविंदगढ़ में नवजात भ्रूण मिलने के मामले में पीसांगन थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने भ्रूण का पोस्टमार्टम कराने के बाद मांगलियावास रोड स्थित श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कराया। इस संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। यह घटना मंगलवार रात गोविंदगढ़ स्थित गोशाला के पास श्मशान स्थल के सामने सड़क किनारे सामने आई। ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस को सूचना दी थी। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पूर्व दिशा से आए चार बाइक सवार लोगों को देखा था, जिससे उन्हें संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पीसांगन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) आत्माराम शेषमा के नेतृत्व में विधिक प्रक्रिया शुरू की। भ्रूण को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पीसांगन लाया गया, जहां सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह लामरोड़ की देखरेख में पोस्टमार्टम किया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एएसआई आत्माराम शेषमा ने भ्रूण का मांगलियावास रोड स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कराया। एएसआई आत्माराम शेषमा ने बताया कि पुलिस टीम अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जैसलमेर के पीएमश्री स्कूल की राज्य स्तरीय वेबिनार में प्रस्तुति:मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने नवाचारों की सराहना की; वर्चुअल किया संवाद

जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय पीएम श्री स्कूल वेबिनार में जैसलमेर जिले के एक स्कूल ने अपनी पहचान बनाई। पीएम श्री राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल 2 एमडी महादेव नगर, बांकलसर के संस्था प्रधान स्वरूप सुथार को प्रदेश के 649 पीएम श्री स्कूल में से चयनित 14 संस्था प्रधानों में शामिल किया गया। संस्था प्रधान स्वरूप सुथार ने अपने स्कूल में किए गए नवाचारों, विकास कार्यों, शैक्षणिक उपलब्धियों और पीएम श्री योजना के तहत विशेष प्रयासों का राज्य स्तर पर प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विद्यालय में किए गए नवाचारों और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संस्था प्रधान से संवाद भी किया और इस वेबिनार को ‘इंस्पिरेशनल स्टोरीज के साथ पीयर लर्निंग का अनूठा मंच’ बताया। इस अवसर पर संस्था प्रधान स्वरूप सुथार ने मुख्य सचिव को स्कूल के नवाचारों पर आधारित ‘पीएम श्री पत्रिका’, स्कूल की प्रेरक स्टोरी और एक स्मृति चिह्न भेंट किया। वेबिनार में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव, समग्र शिक्षा आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। जैसलमेर जिले से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा, सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी और जिले के सभी पीएम श्री विद्यालयों के संस्था प्रधान ऑनलाइन जुड़े। राज्य स्तर पर जैसलमेर जिले के स्कूल को अपने नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलने और मुख्य सचिव द्वारा सराहना किए जाने से जिले के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। इस उपलब्धि को सीमावर्ती क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

आबूरोड में कार पर पत्थरबाजी, ड्राइवर गंभीर घायल:गाड़ी में सवार सभी पर्यटक सुरक्षित, सदर थाने से सिर्फ 500 मीटर दूर हुई घटना

आबूरोड सदर थाना क्षेत्र में थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर मुख्य सड़क पर पर्यटकों को लेकर आ रही एक टैक्सी पर पत्थरबाजी कर दी गई। इस हमले में टैक्सी ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद वहां से गुजर रहे कई गाड़ियों में सवार लोग भी रुक गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी। पर्यटकों को लेकर लौट रही टैक्सी का किया पीछा सदर थाना आबूरोड के ड्यूटी ऑफिसर देवी सिंह ने बताया- हमें सुचना मिली थी कि बुधवार रात करीब 9:30 बजे की है। टैक्सी चालक मेहबूब खान पठान, पुत्र शकुर खान, निवासी मानपुर हाउसिंग बोर्ड, माउंट आबू से पर्यटकों को लेकर आबूरोड लौट रहे थे। इसी दौरान सदर थाने से करीब 500 मीटर दूर चौधरी इन के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन युवकों ने उनकी कार का पीछा करना शुरू कर दिया। बताया गया कि युवकों ने चलते वाहन के पास पहुंचकर चालक के साथ गाली-गलौज की और गाड़ी रोकने का दबाव बनाया। चालक ने वाहन नहीं रोका तो आरोपियों ने रास्ता रोकने की कोशिश की। कार का रास्ता रोककर किया हमला घायल ड्राइवर ने बताया- एक मोटरसाइकिल सवार ने टैक्सी के आगे आकर वाहन रोकने का प्रयास किया। वहीं दूसरी बाइक पर बैठे दो युवकों में से एक ने कार पर पत्थर फेंक दिया। उस समय कार का शीशा खुला हुआ था, जिससे पत्थर सीधे चालक के सिर पर जाकर लगा। हमले में मेहबूब खान के सिर पर गंभीर चोट आई। सिर बचाने की कोशिश के दौरान उनके हाथ की तर्जनी उंगली भी घायल हो गई। मुख्य मार्ग पर लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में नाराजगी घटना के बाद टैक्सी ड्राइवर्स और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस मुख्य मार्ग पर इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क माउंट आबू आने-जाने वाले पर्यटकों का प्रमुख मार्ग है और रात के समय यहां बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में थाने के इतने करीब इस तरह की वारदात से लोगों में भय का माहौल है। पुलिस बोली- मामले की जांच शुरू ड्यूटी ऑफिसर देवी सिंह ने बताया कि कार चालक पर पत्थरबाजी की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अरवड़ बांध में मछलियां मृत मिली:16 फीट पानी; विभाग ने सैंपल जांच के लिए भेजा

फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र के अरवड़ बांध में बड़ी संख्या में मछलियां मृत पाई गई हैं। बांध में लगभग 16 फीट पानी होने के बावजूद मृत मछलियां लगातार किनारों पर आ रही हैं। इस घटना से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अरवड़ बांध की कुल भराव क्षमता 24 फीट है। पर्याप्त जलभराव के बावजूद मछलियों की मौत होना चिंता का विषय है। बांध में मछली उत्पादन का ठेका भी है। बांध की कुल भराव क्षमता 24 फीट पिछले कुछ दिनों से मृत मछलियां लगातार किनारों पर देखी जा रही हैं। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण ये सड़ने लगी हैं, जिससे दुर्गंध और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते मृत मछलियों का निस्तारण नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। रामलाल माली, कल्याण माली, शहाबुद्दीन, रतन और गोविंद माली सहित कई ग्रामीणों ने मांग की है कि पर्याप्त पानी होने के बावजूद मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। उन्होंने संबंधित विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच करने और आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। कनिष्ठ अभियंता बोले- सैंपल जांच के लिए भेजे प्रारंभिक तौर पर, पानी में घुलित ऑक्सीजन की कमी, जल प्रदूषण या अन्य प्राकृतिक कारणों को मछलियों की मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता समीर खान ने बताया कि बांध के पानी का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।

ललासरी के बाबा रामदेव मंदिर में कलश स्थापना कल:ग्रामीणों के सहयोग से होगी पूजा-अर्चना और भंडारा

ग्राम ललासरी स्थित बाबा रामदेव महाराज के मंदिर में गुरुवार को गुंबद कलश स्थापित किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन सुबह अखिल भारतीय सांगलिया धूणी, सीकर के पीठाधीश्वर 108 ओम दास महाराज द्वारा संपन्न होगा। इस आयोजन को मंदिर निर्माण समिति और समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई है। इस अवसर पर क्षेत्र के अन्य गांवों से भी श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। कलश स्थापना के पश्चात विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। ग्रामवासियों ने इस धार्मिक आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

7 साल के बालक के सामने आया लेपर्ड:मां ने दिखाई हिम्मत, ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय घेरा; DFO ने 7 दिन में पकड़ने का दिया भरोसा

टोडरा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से लेपर्ड का आतंक जारी है। मंगलवार रात रात लेपर्ड जंगल से निकलकर गुर्जर मोहल्ले की घनी आबादी में घुस गया। मंदिर के पास मकान की बाउंड्री में घुसे लेपर्ड की चपेट में आने से 7 साल का देवनारायण बाल-बाल बचा। बच्चे की मां की सतर्कता से उसकी जान बच गई। ग्रामीण आधी रात फलोदी रेंज कार्यालय पहुंचे इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 200 ग्रामीण आधी रात तक फलोदी रेंज कार्यालय पर डटे रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अधिकारियों का घेराव किया और लेपर्ड को पकड़ने की मांग की। ग्रामीण महिला सोनिया गुर्जर ने बताया कि उनके घर पर सामूहिक देवताओं के गीतों का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद महिलाएं अपने घर लौट चुकी थीं। इसी दौरान लेपर्ड मंदिर की दीवार फांदकर घर की बाउंड्री में घुस आया, जहां 7 साल देवनारायण घर के बाहर बैठा था। मां ने लेपर्ड देखते ही बच्चों को गोद में उठाया बच्चे की मां की नजर जैसे ही लेपर्ड पर पड़ी, उसने तुरंत बेटे को गोद में उठा लिया और शोर मचा दिया। लोगों की आवाज सुनकर लेपर्ड पीछे की दीवार कूदकर जंगल की ओर भाग निकला। यह घटना आबादी क्षेत्र में लेपर्ड के लगातार घुसने की समस्या को उजागर करती है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के केवल दो कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जबकि कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार फलोदी रेंज चौकी प्रभारी सुमन गुर्जर को फोन किया, लेकिन उनके देर से पहुंचने पर लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया घटना से आक्रोशित करीब 200 ग्रामीण एक किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए फलोदी रेंज कार्यालय पहुंचे। वहां डेढ़ घंटे तक जमकर हंगामा किया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि रेंज कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। बाद में डीएफओ ने 7 दिन में लेपर्ड को पकड़ने का आश्वासन दिया। हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने फोन पर डीएफओ मानस सिंह से बात कर पूरी स्थिति बताई। डीएफओ ने सात दिन के भीतर लेपर्ड को पकड़ने का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

रातभर चला सर्च ऑपरेशन
सूचना पर रवांजना डूंगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद चौकी प्रभारी सुमन गुर्जर भी रेंज कार्यालय पहुंचीं। ग्रामीणों ने उनका घेराव कर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग दोहराई। काफी समझाइश के बाद उन्होंने पूरी रात क्षेत्र में रहकर लेपर्ड को पकड़ने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। इसके बाद वन विभाग ने घटनास्थल के पीछे पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू कर दी।

रात करीब 12 बजे अशोक स्कूल के पीछे से गुजर रहे युवकों ने लेपर्ड को स्कूल की बाउंड्री फांदकर बाहर निकलते देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लेपर्ड करीब आधे घंटे तक स्कूल के पीछे झाड़ियों में छिपा रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत बनी रही।
सिनेमा हॉल कॉलोनी में गाय का किया शिकार

रात के दौरान लेपर्ड सिनेमा हॉल कॉलोनी पहुंच गया, जहां उसने एक गाय पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। पशुपालक जब दूध निकालने के लिए बाड़े में पहुंचा तो उसने लेपर्ड को गाय को खाते हुए देखा।

तीन महीने से दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से लेपर्ड लगातार आबादी में घूम रहा है। इस दौरान कई बार मवेशियों पर हमले हो चुके हैं और लोगों की जान जोखिम में पड़ चुकी है। बावजूद इसके वन विभाग अब तक लेपर्ड को पकड़ने में सफल नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि हर गुजरते दिन के साथ किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ता जा रहा है।

82 पुलिस-निरीक्षकों के तबादले; कई थानों को मिले नए SHO:दक्षिण, पूर्व और पश्चिम जिलों समेत यातायात, अपराध शाखा और साइबर यूनिट में व्यापक बदलाव

जयपुर पुलिस आयुक्तालय में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 82 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पूर्व में स्थानांतरण आदेशों के तहत कार्यभार ग्रहण करने वाले पांच पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक के नियमित पदस्थापन के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों को नए थानाधिकारी मिले हैं। वहीं अपराध शाखा, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, सीएसटी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, रिजर्व पुलिस लाइन और यातायात शाखा में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां कमलेश कुमार – थानाधिकारी, सुभाष चौक रघुवीर सिंह – थानाधिकारी, जयसिंहपुरा खोर भूरी सिंह – थानाधिकारी, कोतवाली सज्जन कुमार – थानाधिकारी, नाहरगढ़ सुनील कुमार – थानाधिकारी, जालूपुरा मदन लाल कड़वासरा – थानाधिकारी, महेश नगर सतीश चंद – थानाधिकारी, मानसरोवर मनोहर लाल – थानाधिकारी, अशोक नगर गुंजन वर्मा – थानाधिकारी, ज्योति नगर मनोज बेरवाल – थानाधिकारी, सोडाला हरि सिंह दूधवाल – थानाधिकारी, श्याम नगर छोटेलाल मीणा – थानाधिकारी, नारायण विहार हितेश शर्मा – थानाधिकारी, शिप्रा पथ मुकेश कुमार खारड़िया – थानाधिकारी, मुहाना गुरु भूपेंद्र सिंह – थानाधिकारी, सांगानेर सदर कृष्ण कुमार – थानाधिकारी, चाकसू राजेश गौतम – थानाधिकारी, बस्सी विक्रांत शर्मा – थानाधिकारी, प्रताप नगर गौरव प्रधान – थानाधिकारी, मालवीय नगर प्रदीप सिंह – थानाधिकारी, तूंगा सुरेश कुमार यादव – थानाधिकारी, एसएमएस अस्पताल प्रेम सिंह – थानाधिकारी, आदर्श नगर विक्रम सिंह – थानाधिकारी, ट्रांसपोर्ट नगर दीपक त्यागी – थानाधिकारी, महिला थाना (जयपुर पूर्व) धर्मेंद्र कुमार शर्मा – थानाधिकारी, बनीपार्क अरविंद सिंह शेखावत – थानाधिकारी, सिंधी कैंप अनिल कुमार जैमनी – थानाधिकारी, वैशाली नगर महेश चंद शर्मा – थानाधिकारी, हरमाड़ा रायसल सिंह शेखावत – थानाधिकारी, झोटवाड़ा दिलीप सिंह – थानाधिकारी, कालवाड़ यातायात और विशेष शाखाओं में भी बदलाव आदेशों के तहत कई निरीक्षकों को यातायात शाखा, अपराध शाखा, सीएसटी, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, स्टाफ ऑफिसर और रिजर्व पुलिस लाइन में भी पदस्थापित किया गया है। पांच अधिकारियों के नियमित पदस्थापन पुलिस आयुक्त ने पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रम में पांच अधिकारियों का नियमित पदस्थापन भी किया है। इनमें प्रहलाद नारायण को यातायात जयपुर, प्रकाश राम विश्नोई को खोह नागोरियान, रामधन मीणा को बजाज नगर, रतन सिंह को जामड़ोली तथा श्याम सुंदर (उप निरीक्षक) को लालकोठी थाना का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

बासी दाल खाने से एक परिवार के 7 लोग बीमार:सभी को एक साथ उल्टी, दस्त और घबराहट होने लगी, उपजिला अस्पताल में हुए भर्ती

लालसोट में एक ही परिवार के सात लोगों की खाना खाने के बाद तबीयत खराब होने का मामला सामने आया है। सभी को लालसोट उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। लालसोट उपजिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया- बुधवार देर शाम अजबपुरा गांव से एक परिवार के 7 सदस्य उल्टी दस्त की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती हुए थे। सभी का समय रहते जरूरी इलाज किया गया। फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं। इन सात लोगों की बिगड़ी तबीयत फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित लोगों में जगदीश (65), बनवारी (30) पुत्र जगदीश, करिश्मा (25) पत्नी बनवारी, अमन (12) पुत्र पृथ्वी राज , उगन्ती (30) पत्नी पृथ्वी राज, रिद्धि (3) पुत्री सुनील और बीना (26) पत्नी सुनील शामिल हैं। अस्पताल में सभी का चिकित्सकीय निगरानी में इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में मामला फूड प्वाइजनिंग का पाया गया है। परिवार ने रात की बासी दाल खाई थी परिवार का मुखिया जगदीश ने बताया- घर में मंगलवार शाम को दाल बनाई गई थी। आज बुधवार को दोपहर में परिवार के सदस्यों ने बची हुई उसी दाल का खा लिया। खाना खाने के कुछ ही समय बाद सभी को उल्टी, दस्त और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं। हालत बिगड़ने पर परिजन तुरंत सभी को लालसोट उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया।

बांसवाड़ा में सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य:कलेक्टर- एसपी ने जारी की संयुक्त एडवाइजरी, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

बांसवाड़ा में अब सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सड़क हादसों में जनहानि को कम करने और यातायात सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट और एसपी ने संयुक्त रूप से विशेष एडवाइजरी जारी की है। आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ यातायात नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी स्वयं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग कर आमजन के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। एडवाइजरी के अनुसार दुपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति (पिलियन राइडर) के लिए भी आईएसआई (ISI) या बीआईएस (BIS) मानक का हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। हेलमेट केवल सिर पर रखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी स्ट्रैप (फीता) को भी सही तरीके से बांधना होगा। इसके अलावा कार्यालय आने-जाने, क्षेत्र भ्रमण, सरकारी कार्य या निजी काम से यात्रा के दौरान, चाहे दूरी कितनी भी कम हो, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे इस एडवाइजरी की जानकारी अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक तत्काल पहुंचाएं और इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित कराएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।