जयपुर में 'लोकमंथन 2026' की शुरुआत:CM बोले- रामकथा-लोककलाओं ने किया चरित्र निर्माण, गजेंद्र शेखावत ने कहा- भारत की आत्मा है 'लोक'

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- भारत की संस्कृति और परंपराओं ने समाज को हमेशा सही दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि रामकथा, रामलीला और रासलीला जैसे लोक माध्यमों के जरिए पीढ़ियों ने जीवन के आदर्श, नैतिक मूल्य और संस्कार सीखे हैं। लोक कलाकारों ने केवल मनोरंजन नहीं किया, बल्कि समाज के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को शुरू हुए लोकमंथन 2026 में मुख्यमंत्री भजनलाल ने यह कहा। ‘हम भारत के लोग’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में लोक की भूमिका पर मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। इन्हें संरक्षित और नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति ही भारत की असली ताकत है, जिसने सदियों से समाज को एक सूत्र में बांधकर रखा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि लोकमंथन का मुख्य आयोजन दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का वास्तविक निर्माता और उसकी सबसे बड़ी शक्ति उसका ‘लोक’ है। यही भारत की आत्मा है और इसी के आधार पर देश की सांस्कृतिक पहचान कायम है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए कहा- राजस्थान की प्यास बुझाने के लिए राज्य सरकार ने जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, उन्हें आने वाले सालों में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता पूरे देश में अलग पहचान रखती है और लोकमंथन जैसे आयोजनों से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकमंथन के माध्यम से राजस्थान की लोक कला, संस्कृति, परंपराएं और लोक ज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इससे न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना भी मजबूत होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती से जुड़ा रहेगा, तभी वह विश्व का मार्गदर्शक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। लोक परंपराओं, संस्कृति और समाज के सामूहिक अनुभवों को सहेजना ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। बता दें कि लोकमंथन 2026 के शुभारंभ के साथ ही राजस्थान में सांस्कृतिक विमर्श की एक नई शुरुआत मानी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान लोक संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अलग-अलग विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षाविद, संस्कृति विशेषज्ञ, लोक कलाकार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए।

हाईकोर्ट ने नर्सिंग-पैरामेडिकल काउंसलिंग पर लगाई रोक:एनओसी लंबित होने से संस्थानों को नुकसान का अंदेशा; 15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी नर्सिंग और स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों को राहत देते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की पीठ ने राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) के कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2026 के तहत बीएससी नर्सिंग, डी.फार्म और बीपीटी पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह रोक लंबित एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) आवेदनों पर निर्णय न होने के कारण लगाई है। याचिकाकर्ता संस्थानों की ओर से अधिवक्ता श्रेयांस मर्डिया और अधिवक्ता अंकुर माथुर ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर 2024 की नीति के तहत आवेदन मांगे थे। संस्थानों ने आवश्यक ढांचा विकसित कर आवेदन जमा किए, लेकिन डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश मामलों में एनओसी जारी नहीं की गई है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि आरयूएचएस ने 11 जून 2026 को काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर दिया है। ऐसे में यदि एनओसी लंबित रहती है तो संस्थानों का एक और शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है, जिससे उन्हें भारी नुकसान होगा। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि मामला विचाराधीन है और अंतिम निर्णय के लिए समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद लंबित आवेदनों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इन दलीलों और टिप्पणियों के बाद हाईकोर्ट ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को तय की है।

झुंझुनूं में 8 धर्मकांटों पर लगाया जुर्माना:बिना वैरिफिकेशन चल रहे थे; सिंघाना और नवलगढ़ में टीम की कार्रवाई

झुंझुनूं जिले में विधिक माप विज्ञान विभाग ने तौल-माप में पारदर्शिता लाने के लिए अभियान की शुरुआत की है। इसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 धर्मकांटों पर कार्रवाई करते हुए कुल 24 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है। ​विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि कुल 8 धर्मकांटे ऐसे थे, जिनका विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा वैध वैरिफिकेशन नहीं करवाया गया था। वैरिफिकेशन के बिना मशीनों का उपयोग करना अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके कारण विभाग ने इन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की। ​इन धर्मकांटों पर हुई कार्रवाई ​विभाग की चेतावनी, नियमों का पालन करें
​विधिक माप विज्ञान अधिकारी कहा कि कोई भी व्यापारी या धर्मकांटा संचालक विभाग से सत्यापन करवाए बिना तौल उपकरण का उपयोग नहीं कर सकता। यह विधिक माप विज्ञान अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। उपभोक्ताओं को सही माप मिलना उनका कानूनी अधिकार है।

महेश जोशी-संजय बड़ाया के खिलाफ ACB ने पेश किया चालान:20 हजार करोड़ रुपए के JJM घोटाले में 3 हजार पेज का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल

राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) में कथित 20 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तत्कालीन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) मंत्री महेश जोशी और निजी व्यक्ति संजय बड़ाया के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। एसीबी ने करीब 3000 पेजों का आरोप पत्र विशेष एसीबी न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया की अदालत में प्रस्तुत किया। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक मंजुला जैन ने अदालत को बताया कि मामले में अनुसंधान अभी भी लंबित है और जांच जारी है। पहले भी दाखिल हो चुका है चालान इस मामले में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुबोध अग्रवाल सहित 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पहले चालान पेश किया जा चुका है। एसीबी अब तक मामले में कई चरणों में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ये आरोपी हैं न्यायिक हिरासत में मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बड़ाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार वर्तमान में जेल में हैं। एक आरोपी को मिली जमानत मामले के आरोपी अरुण श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं अन्य आरोपी जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। एसीबी के अनुसार- जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया, ठेकों के आवंटन और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने पर मामले में पूरक चालान भी पेश किए जा सकते हैं।
यह खबर भी पढ़ें… जलदाय विभाग के अफसरों को होटल में बांटी थी रिश्वत:फरार SE ने 15 लाख रुपए में बनवाया था फर्मों का फर्जी सर्टिफिकेट; संपत्ति होगी कुर्क राजस्थान में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अफसरों को जयपुर के एक होटल में बुलाकर रिश्वत बांटी गई थी। घोटाले में शामिल पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 9 अफसर 17 फरवरी को पकड़े गए थे। (पूरी खबर पढ़ें) पूर्व IAS पूछताछ में रोने लगे,जोशी के नाम पर चुप:सुबोध अग्रवाल ने नहीं दिए 125 सवालों के जवाब, बोले- घोटाले में मेरी भूमिका नहीं जल जीवन मिशन घोटाले में दिल्ली से पकड़े गए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल से 12 अप्रैल 2026 को 10 घंटे लगातार पूछताछ की गई थी। उनसे फर्म को दिए गए फर्जी सर्टिफिकेट व पूर्व मंत्री महेश जोशी को लेकर भी सवाल किए गए थे। (पूरी खबर पढ़ें)

राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 5 दिन बाद खत्म:सरकार-यूनियन में बनी सहमति; 25 जुलाई तक आएगी भर्ती की अधिसूचना

राजस्थान में 5 दिनों से सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर चल रही नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। राज्य सरकार और संयुक्त वाल्मीकि सफाई श्रमिक संघ के बीच हुई बातचीत में अलग-अलग मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने बुधवार रात करीब 8:30 बजे हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। सरकार और यूनियन के बीच सहमति बनने के बाद अब गुरुवार से सफाई कर्मचारी काम पर लौटेंगे। हड़ताल के कारण राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी और जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे। सरकार और यूनियन के बीच हुई बातचीत में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। बैठक में तय किया गया है कि आगामी भर्ती में परंपरागत रूप से सफाई कार्य करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही निकायों में कम से कम एक साल का सफाई कार्य अनुभव भर्ती का प्रमुख आधार माना जाएगा। बैठक में तय हुआ कि 25 जुलाई तक सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। भर्ती प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम से होगी पूरी समझौते के अनुसार- निकायों में अगर एक साल का अनुभव रखने वाले पर्याप्त अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य संस्थाओं में एक साल का सफाई कार्य अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। इन मांगों पर भी सहमति हड़ताल की अवधि को अवैतनिक अवकाश मानेंगे हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को भी राहत मिली है। सरकार ने कहा- हड़ताल की अवधि को सवैतनिक अवकाश माना जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। वहीं पांच दिनों तक चली हड़ताल के दौरान कई इलाकों में कचरा नहीं उठने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है।

फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का सांकेतिक अनशन:कहा- करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ेगा फीस वृद्धि का असर; पांचवें दिन भी धरना जारी

जोधपुर की जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई का धरना पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ता एक दिन के सांकेतिक अनशन पर बैठे। कार्यकर्ताओं ने मांगें नहीं मानने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। एनएसयूआई जोधपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनीष विश्नोई ने कहा- एनएसयूआई कार्यकर्ता पिछले पांच दिन से धरने पर बैठे हैं। हमारी मुख्य मांग यही है कि फीस वृद्धि वापस ली जाए। जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं ली जाती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। वहीं, एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता एमएल चौधरी ने बताया- बातचीत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया। फीस वृद्धि का असर करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ रहा है, जिनमें से बहुत से छात्र गांवों में मजदूर किसान वर्ग से आते हैं। 27 जून को शुरू किया था धरना गौरतलब है कि फीस बढ़ोतरी वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर एनएसयूआई और ABVP ने 27 जून को धरना शुरू किया था। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल और विश्नविद्यालय प्रशासन के साथ हुई बातचीत में बढ़ी हुई फीस (1350 रुपए) की 30 फीसदी कम करने पर मंगलवार देर शाम सहमति बन गई थी। कम की गई राशि को छात्रों के परीक्षा शुल्क में शामिल किया जाएगा। इसके बाद एबीवीपी ने अपना धरना समाप्त कर लिया, जबकि एनएसयूआई का धरना फिलहाल जारी है। NSUI की हैं ये मांग

डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर को सेल नंबर-5 अलॉट थी। वहीं उसकी हत्या करने वाले आरोपी विष्णु जाट को अलग सेल अलॉट थी। फिर विष्णु कैसे जगन गुर्जर की सेल तक पहुंच गया? पुलिस ने इन तमाम सवालों के साथ बुधवार को ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और जेल प्रहरी के बयान दर्ज किए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त किए। जगन और विष्णु का भी पूरा रिकॉर्ड लिया। जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा आरोपी? पुलिस सूत्रों ने बताया- जेल में सूर्योदय से लेकर सुबह 11 बजे तक कैदी सेल से बाहर आते हैं और अपनी दिनचर्या के काम करते हैं। इसके बाद सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक सेल में चले जाते हैं। 3 बजे से सूर्यास्त तक फिर बाहर आते हैं और सूर्यास्त के बाद अपनी सेल में चले जाते हैं। सुबह 11 से 3 बजे तक कैदी एक-दूसरे की सेल में आते-जाते हैं और वहां अपना समय बिता सकते हैं। इसमें दोनों कैदियों की रजामंदी होती है। अब पुलिस ये पता कर रही है कि जगन और विष्णु की रजामंदी थी या नहीं। आरोपी विष्णु को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है। उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। … ये खबरें भी पढ़िए… छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। मुखाग्नि बेटे आसाराम ने दी। STF की सुरक्षा में उसके तीनों भाइयों को जेल से धौलपुर लाया गया था। यहां अंतिम दर्शन के बाद तीनों को पुलिस वापस ले गई। पढ़ें पूरी खबर 2- अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर 3. जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। जिस गमछे से जगन का गला घोंटा गया, वह बैरक के पंखे पर लटका मिला है। हालांकि, जगन के भारी-भरकम शरीर के कारण आरोपी अपने इस प्लान में कामयाब नहीं हो सका। पढ़ें पूरी खबर
डकैत जगन हत्याकांड

पूर्व विधायक ने चुनाव आयोग-सरकार को भेजा लीगल नोटिस:कहा- कोर्ट की कर रहे अवमानना; हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक चुनाव के दिए थे निर्देश

प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच सकता है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने 31 जुलाई तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के अदालती आदेश की पालना में चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट पंचायत-निकाय चुनाव के लिए स्पष्ट निर्देश दे चुका है। कोर्ट यह भी स्पष्ट रूप से कह चुका कि 20 जून तक परिसीमन और मतदाता सूचियों के संबंध में प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बावजूद आयोग और सरकार ने अभी तक चुनाव कराने की तैयारी नहीं की है। पूर्व विधायक ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह, आयोग सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज सचिव जोगाराम और स्थानीय निकाय निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर को लीगल नोटिस भेजा है। हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने नोटिस में कहा- चुनाव आयोग और राज्य सरकार ऐसा करके हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जो एक तरह से अदालत की अवमानना है। उन्होंने आयोग से अपील की है कि वह 31 जुलाई की डेडलाइन को ध्यान में रखकर चुनाव कार्यक्रम जारी करें। ऐसा नहीं करने पर वे हाईकोर्ट में राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए अवमानना याचिका दायर करेंगे। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था।

दौसा में रिटायर्ड कर्मचारी से एक लाख लूटे:बैंक से कैश निकालकर साइकिल पर घर लौट रहे थे, झपट्टा मारकर बैग ले गए बदमाश

दौसा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में रिटायर्ड कर्मचारी के साथ लूट का मामला सामने आया है। घटनाक्रम निहालपुरा-छोकरवाड़ा मार्ग पर बुधवार दोपहर का है, जहां बाइक सवार बदमाशों ने भंडारी गिर्राज सिंह राजपूत से एक लाख रुपए से भरा बैग लूट लिया। जानकारी के अनुसार- गिर्राज सिंह बैंक से कैश निकालकर साइकिल से घर लौट रहा था कि निहालपुरा चौराहे और छोकरवाड़ा के बीच बदमाश ने झपट्टा मारकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। पीड़ित ने शोर मचाते हुए बदमाश का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी खेतों की ओर भागकर पहले से खड़ी बाइक से फरार हो गया। सूचना पर सिकंदरा थाना प्रभारी अशोक चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पीड़ित की रिपोर्ट पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया गया है।

कोटपूतली में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनशन समाप्त:पुनर्वास प्रस्ताव भेजने का भरोसा, 1301 दिन से आंदोलन जारी

कोटपूतली में सीमेंट प्लांट के खिलाफ NGT के आदेशों की पालना और पुनर्वास की मांग को लेकर जोधपुरा संघर्ष समिति का धरना आज शाम को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। यह धरना पिछले सात दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और ग्रामीण शामिल थे। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों के समर्थन में अनशन भी शुरू किया था। कलेक्टर ऑफिस के आगे धरने पर बैठे आज सुबह सभी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग धरना स्थल से उठकर सीधे कलेक्टर कार्यालय के सामने बैठ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंचे कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल और मुंडवार विधायक ललित यादव ने धरनार्थियों से बात कर उन्हें समझाया। एनजीटी के आदेश की पालना नहीं होने पर रोष ग्रामीणों का कहना था कि NGT के आदेशों का पालन न होने से वे लंबे समय से आक्रोशित हैं और उनकी मुख्य मांग पुनर्वास की है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। इस आश्वासन के बाद कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा धरना और अनशन समाप्त कर दिया गया। जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन एसडीएम योगेश देवल ने अनशन पर बैठे ग्रामीणों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि उनकी पहली जीत है। उन्होंने कहा कि करीब 1301 दिनों से जारी उनका अनिश्चितकालीन धरना NGT के आदेशों की पूर्ण पालना और पुनर्वास की मांग पूरी होने तक आगे भी जारी रहेगा। पुलिस बल रहा तैनात धरना स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी लक्ष्मी सुथार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल कलेक्ट्रेट के सामने से धरना हटा लिया गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।