स्कूल वैन का रेडिएटर फटा, तीन मासूम झुलसे:पाइप फटने से गर्म पानी का फव्वारा निकला था, 11 बच्चे सवार थे

एक निजी स्कूल वैन (टाटा मैजिक) का रेडिएटर फट गया। पाइप फटने से गर्म पानी का फव्वारा बच्चों पर आ गया। जिससे वैन के केबिन में सवार तीन मासूम छात्र झुलस गए। वैन में 11 बच्चे सवार थे। तीनों छात्र 5 और 9 साल के है। तीनों के चेहरे, सीने और हाथ-पैर बुरी तरह से झुलस गए। हादसा उस समय हुआ जब वैन बच्चों को घर से बैठाकर स्कूल लेकर जा रही थी। मामला जिले के मानपुर कस्बे का गुरुवार सुबह 9 बजे का है। झुलसे छात्र तीसरी और पांचवी क्लास में पढ़ते है। सूचना पर पहुंची पुलिस मानपुर SHO सतीश कुमार ने बताया- सूचना पर पुलिस जाब्ते के साथ सिकराय अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार वैन (टाटा मैजिक) के रेडिएटर का पाइप फटने से गर्म पानी बाहर निकल गया। ये छात्र हुए घायल जिससे दीपक (5), आयुष (5) और हार्दिक (9) झुलस गए। एक छात्र तीसरी क्लास और दो छात्र पांचवी क्लास में पढ़ते है। जिनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है। घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया हादसे के बाद घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। एक छात्र की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिसे मानपुर अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जबकि दो अन्य छात्रों का इलाज सिकराय उपजिला अस्पताल में जारी है। सिकराय विधायक ने चिंता सिकराय विधायक विक्रम बंसीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चिंता जताई है। उन्होंने लिखा- विधानसभा क्षेत्र सिकराय की ग्राम पंचायत मानपुर में आज सुबह स्कूल के बच्चों को स्कूल ले जा रहे वैन का रेडिएटर फटने से बच्चों के घायल होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दुर्घटना में घायल सभी बच्चे शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हों तथा उन्हें जल्द स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो। प्रशासन से भी अपेक्षा है कि घायल बच्चों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।
मेरी संवेदनाएँ सभी घायल बच्चों एवं उनके परिजनों के साथ हैं। ईश्वर सभी बच्चों को शीघ्र स्वस्थ एवं सुरक्षित रखें।

ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 15 महिलाएं दबीं, 2 की मौत:दर्द से बिलखने लगीं घायल; तेज चलाने पर ड्राइवर को टोका था

भरतपुर जिले में जानवर को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार 15 महिलाएं दब गईं। इनमें से 2 की मौके पर ही मौत हो गई। 13 घायल हो गईं। घायल महिलाएं दर्द से कराहने लगीं। हादसा वैर थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में गुरुवार सुबह करीब 8 बजे हुआ। आरोप है कि महिलाओं ने ड्राइवर से ट्रैक्टर धीरे चलाने के लिए कहा था, लेकिन वह स्पीड में दौड़ाता रहा। जिन 2 महिलाओं की मौत हुई हैं, उनमें ड्राइवर की पत्नी भी थी। 12 घायलों का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। वहीं एक महिला घर चली गई। थाना प्रभारी धीरेंद्र ने बताया- शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिलाएं रायपुर गांव की तरफ खेतों में कृषि कार्य के लिए जा रही थीं। रायपुर गांव के पास ट्रैक्टर के सामने अचानक एक जानवर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिथलेश (45) पत्नी वीरेंद्र और धौरी (35) पत्नी दान सिंह की मौत हुई है। मृतका धौरी का पति दान सिंह ही ट्रैक्टर चला रहा था। देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… पत्नी को हॉस्पिटल लेकर गया ड्राइवर, अन्य महिलाओं को छोड़ गया वैर कस्बा निवासी मिथलेश (मृतका) के पति वीरेंद्र ने बताया कि ट्रैक्टर ड्राइवर दान सिंह का खेत है। गुरुवार सुबह वह अपनी पत्नी धौरी के साथ वैर कस्बे की जाटव बस्ती आया था। यहां से मेरी पत्नी मिथलेश सहित 14 महिलाओं को खेत में मजदूरी करने के लिए लेकर जा रहा था। रास्ते में महिलाओं ने दान सिंह से ट्रैक्टर धीरे चलाने को कहा था, लेकिन उसने रफ्तार कम नहीं की। हादसे के बाद जब ट्रॉली हटाकर महिलाओं को बाहर निकला, तब तक मौके पर मिथलेश और धौरी की मौत हो चुकी थी। वीरेंद्र का आरोप है कि हादसे के बाद दान सिंह अपनी पत्नी धौरी को लेकर तुरंत हॉस्पिटल चला गया, जबकि बाकी घायल महिलाओं को मौके पर ही छोड़ दिया था। 12 महिलाओं का चल रहा इलाज राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से 12 घायलों को वैर हॉस्पिटल पहुंचाया। बाद में इन्हें आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। वहीं एक महिला को हल्की खरोंच आई थी। वह उठकर घर चली गई। बयाना गेट जाटव बस्ती (वैर) निवासी मछला (38), आरती (25), मोहिनी (35), बर्फी (65), हरदेई (35), सत्तो (45), गुड्डी (40), नमकीन (38), सरोज (35), गोविंद (45), संतो (48) और आरती (36) का इलाज जारी है। पसलियां टूट जाने से हुई मौत मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि मिथलेश और धौरी के सीने में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उनकी कई पसलियां टूट गईं। सिर, हाथ और पैरों में भी गंभीर चोटें थीं। सीने और शरीर पर आई इन गंभीर चोटों के कारण दोनों महिलाओं की मौत हुई।

ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत:अचानक यू-टर्न लेते समय हुआ हादसा, आमेर रोड पर जलमहल के पास की घटना

जयपुर में आमेर रोड स्थित जलमहल के पास सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। गुरुवार को सुबह साढ़े तीन बजे आमेर की ओर जा रहे ट्रक की चपेट में स्कूटी सवार युवक चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, ट्रक और स्कूटी दोनों रामगढ़ मोड़ से आमेर की ओर जा रहे थे। जलमहल के पास ट्रक चालक ने अचानक यू-टर्न लिया। इसी दौरान पीछे चल रही स्कूटी ट्रक की चपेट में आ गई। हादसे में स्कूटी सवार अरशद (28) गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी (SHO) हेमंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एसएमएस हॉस्पिटल की मोर्च्यूरी भिजवाया। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों सुपुर्द कर दिया गया। मृतक मोहम्द अरशद के चचेरे भाई समीर ने ट्रक के ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक चालक के अचानक यू-टर्न लेने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ट्रक चालक की भूमिका और दुर्घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

बेंगलुरु में पत्थर खदान में चट्टान गिरी, 7 की मौत:हादसे के समय 17 लोग काम कर रहे थे, दिहाड़ी मजदूर थे सभी मृतक

कर्नाटक के बेंगलुरु में गुरुवार सुबह पत्थर खदान ढहने से 7 प्रवासी मजूदरों की मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी थी कि सभी मृतक बिहार के रहने वाले हैं। लेकिन, बाद में स्पष्ट किया गया कि 5 मजदूर मध्य प्रदेश, एक छत्तीसगढ़ और एक कर्नाटक के यादगीर का रहने वाला था। घटना के दौरान 17 मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, साउथ तालुक इलाके में मौजूद कावेरी क्रशर कंपनी की खदान में खनन चल रहा था। इसी दौरान 40 फीट ऊंचाई से चट्टान का बड़ा टुकड़ा मजदूरों पर आ गिरा। हादसे में 5 मजदूर भी घायल हो गए। पांचों खतरे से बाहर हैं। सभी मृतक व घायल दिहाड़ी मजदूर थे और वहां स्टोन क्रशर साइट पर काम कर रहे थे। घटना की 3 तस्वीरे… प्रत्यक्षदर्शी बोला- पहाड़ी का हिस्सा कुछ ही सेकंड में ढह गया एक्सकेवेटर चला रहे परशुराम ने बताया कि काम शुरू करने के लिए जैसे ही मैं मौके पर पहुंचे और मशीन चालू की, तभी पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया। मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता, लेकिन उस समय नीचे करीब 18 लोग काम कर रहे थे। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। मलबे में दबे 4 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों के परिवार को ₹10-10 लाख की सहायता राशि खदान मालिक ने मुआवजा देने पर सहमति जताई है। खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारी रंगप्पा ने बताया कि उन्होंने खदान मालिक से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये देने के लिए कहा, जिस पर उसने सहमति दे दी है। खनन गतिविधियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे: सीएम मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि राज्य में खनन गतिविधियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार हादसा ब्लास्टिंग से नहीं, बल्कि मिट्टी के खिसकने के कारण हुआ है। विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ————— ये खबर भी पढ़ें… कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम ढही, 5 की मौत: 20 को बचाया, मलबे में दबा मजदूर बोला- मेरा पैर काट लो, लेकिन मुझे बचा लो दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास 24 जून दोपहर 12:07 बजे निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिर गया। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में दबे 20 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें दो आईसीयू में है। अन्य 18 की हालत खतरे से बाहर है। पूरी खबर पढ़ें…

बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़े मां-बाप; VIDEO:2 बार जमीन पर पटका, छाती में सींग मारा, पसलियां टूटीं

ट्यूशन पढ़कर लौट रही 5 साल की बच्ची पर घर के सामने ही गाय ने अचानक हमला कर दिया। बच्ची की मां ने जैसे ही यह देखा, उसके होश उड़ गए। वह जान की परवाह किए बिना गाय से भिड़ गई। दोनों सींग पकड़ लिए। गाय ने उसको भी 2 बार पटक कर कुचल दिया, जिससे पसलियां टूट गईं। इतने में बच्ची के पिता और पड़ोसी भी आ गए। सबने मिलकर किसी तरह गाय को वहां से भगाया। यह घटना श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान इलाके की CRK कॉलोनी (वार्ड नंबर-26) में मंगलवार शाम को हुई। यह पूरा वाकया सामने लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। इसका 50 सेकेंड का वीडियो गुरुवार को सामने आया। तस्वीरों से समझिए… 50 सेकेंड का पूरा घटनाक्रम ‘बेटी को तड़पता देख मुझे अपनी जान का डर नहीं रहा’ हॉस्पिटल में भर्ती मंजीत कौर (30) ने कहा- मैंने जब अपनी बच्ची पर गाय को हमला करते हुए देखा तो मेरे होश उड़ गए। मुझे बस यही दिख रहा था कि किसी भी तरह अपनी बच्ची को बचाना है। गाय मुझे सींग मार रही थी, पैरों से कुचल रही थी, लेकिन मुझे सिर्फ हरकीरत की जान की फिक्र थी। बच्ची के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें छाती में गाय के सींग और पैर लगने से अंदरूनी चोटें आई हैं, जिससे उनकी पसलियां टूट गई हैं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्ची के मुंह, घुटने, पैर और सिर पर गंभीर चोटें और खरोंचें आई हैं।
बीच-बचाव करने के दौरान पिता को भी मामूली चोटें आई हैं।

राजस्थान के सरिस्का में दिखा सफेद मोर:सोने की तरह चमकता 'गोल्डन सांभर'; प्रदेश में पहली बार देखे गए

राजस्थान में बाघ-बाघिन का घर इन दिनों नए और अनोखे मेहमानों से गुलजार है। अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व के इतिहास में पहली बार दो बेहद दुर्लभ जीव देखे गए हैं। इनमें से एक ‘सफेद रंग का मोर’ है, तो दूसरा धूप में सोने की तरह चमकता ‘गोल्डन सांभर’। इससे पहले प्रदेश के किसी भी फॉरेस्ट में सफेद मोर नहीं देखा गया है। दिलचस्प बात यह है कि कभी (18 साल पहले) पूरी तरह ‘टाइगर विहीन’ हो चुके सरिस्का में बाघों का कुनबा भी बढ़कर अब 56 हो गया है। इस अभूतपूर्व सफलता और तेजी से बढ़ती संख्या पर रिसर्च करने के लिए देश भर के वन विभाग के अधिकारी पिछले कुछ दिनों से अलवर में डेरा डाले हुए हैं। नए मेहमानों को PHOTOS में देखिए…. टाइग्रेस ST-19 के बफर जोन में दिखा ‘सफेद मोर’ यह दूधिया सफेद रंग का मोर सरिस्का के बफर जोन (बाला किला और गंगोडी इलाके के आस-पास) में जून के पहले सप्ताह में देखा गया है। सबसे पहले जंगल में ट्रैकिंग करने वाले वनकर्मियों ने इसे देखा था, लेकिन तब फोटो नहीं ली जा सकी। बाद में ओडिशा के एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ने इसकी खूबसूरत तस्वीरें कैमरे में कैद कीं। अब पर्यटकों को इस जोन में बाघिन ST-19 और अन्य 12 बाघों के साथ इस दुर्लभ मोर के भी दीदार होंगे। धूप में चमकता ‘गोल्डन सांभर’ दूसरा अनोखा मेहमान है ‘गोल्डन सांभर’। वाइल्डलाइफ एक्सपट्‌र्स के मुताबिक, इसे सामने से देखने पर धूप में इसका शरीर बिल्कुल सोने की तरह चमकता हुआ दिखाई देता है। टाइगर एक्सपर्ट निरंजन सिंह कहते हैं- सफेद मोर और गोल्डन सांभर का दिखना बेहद खास है। इनके रंग में यह दुर्लभ बदलाव पिगमेंटेशन या हार्मोन्स में गड़बड़ी (जीनेटिक म्यूटेशन) के कारण हो सकता है। अब बाघों की बात… पहले ये PHOTOS देखिए… सरिस्का ने रणथंभौर को पछाड़ा सरिस्का के जंगल ने ‘कम समय में ज्यादा शावकों’ को जन्म देने का एक अनोखा नेशनल रिकॉर्ड बना दिया है। पिछले 3 साल के भीतर यहां 4 अलग-अलग बाघिनों ने एक बार में 4-4 शावकों को जन्म दिया है। करीब 90 बाघों वाले सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में भी ऐसा रिकॉर्ड नहीं है। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट हिमांशु शर्मा ने बताया कि सरिस्का की 0 से 56 बाघों तक की यात्रा रोमांचकारी रही है। पिछले 2 साल में ही यहां 25 शावकों का जन्म हुआ है। बेहतरीन हैबिटेट का असर, जल्द ही गूंजेगी 100 टाइगर की दहाड़ वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट निरंजन सिंह कहते हैं- सरिस्का का जंगल सबसे अलग और विशेष है। यहां का घना जंगल और बेहतरीन हैबिटेट (प्राकृतिक आवास) ही मुख्य वजह है, जिससे बाघिनें एक बार में 4-4 शावक देकर नया इतिहास रच रही हैं। अब सोने सा चमकता सांभर और सफेद मोर देखना किसी चमत्कार से कम नहीं है। 60 के पार जाएगी संख्या वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 के भीतर ही सरिस्का में बाघों का आंकड़ा 60 के पार निकल जाएगा। जिस तेजी से कुनबा बढ़ रहा है, आने वाले कुछ ही सालों में सरिस्का के घने जंगलों में 100 से ज्यादा टाइगर दहाड़ते नजर आएंगे। सरिस्का में 3 साल में एक साथ चार-चार शावकों ने जन्म लिया रणथम्भौर में 6 साल में 3 बाघिनों ने 4-4 शावक को जन्म दिया पढ़िए- क्या बोले एक्सपट्‌र्स… —— यह खबर भी पढ़िए… जयपुर- टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ा लेपर्ड, कुत्ते का शिकार,VIDEO:12 सेकेंड में मारा, कुछ देर डॉग के पास बैठा, फिर घसीटकर ले गया जयपुर की झालाना सेंचुरी में लेपर्ड ‘बहादुर’ ने अचानक तीन टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ लगा दी। इससे कुछ देरी के लिए जिप्सी में सवार 10 से ज्यादा पर्यटक डर गए। हालांकि, लेपर्ड के निशाने पर एक जिप्सी के नीचे बैठा डॉग था। पढ़ें पूरी खबर…

उदयपुर में कई जगह बारिश; कल आ सकता मानसून:गिर्वा से लेकर ऋषभदेव, छाणी और बावलवाड़ा में अच्छी बारिश

उदयपुर शहर में गुरुवार दोपहर को हिरणमगरी सहित अन्य इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं कई इलाकों में सूखे की स्थिति रही। इससे पहले सुबह से शहर में बादल छाए रहे। इधर, राजस्थान के कई जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है। उदयपुर में शुक्रवार को मानसून की एंट्री होने की संभावना मौसम एक्सपर्ट ने जताई है। हवा के साथ हुई तेज बारिश शहर से सटे गिर्वा क्षेत्र के तीतरड़ी, ढोल की पाटी, डाकन कोटड़ा, बिलिया और एकलिंगपुरा सहित आसपास इलाकों में दोपहर बाद बारिश हुई। बारिश शुरू होते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और तेज गर्मी से बेहाल लोगों ने राहत की सांस ली। उदयपुर जिले के ऋषभदेव कस्बे में दोपहर एक से डेढ़ बजे तक तेज बारिश हुई। पिछले दो दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली। ऋषभदेव के आसपास के गांवों में भी बारिश हुई। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा के पास छाणी गांव में भी दोपहर में अच्छी बारिश हुई। बावलवाड़ा गांव में दोपहर 1.45 से 2.15 तक आधे बारिश हुई। अधिकतम तापमान गिरा उदयपुर में गुरुवार को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस था। इस तरह अधिकतम तापमान में 1.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। अब जानिए एक्सपर्ट ने क्या कहा… मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया- उदयपुर में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की अरब सागरीय शाखा के कारण बादल छाए हुए हैं और शुक्रवार से मानसूनी वर्षा शुरू होने की संभावना है। जिले में खंड वर्षा की संभावना है। मानसून के पहुंचने के बाद लगातार सभी जगह बारिश होगी।
इनपुट : शैलेंद्र जैन, प्रतीक्षा गांधी, चेतन व्यास

वायरल गर्ल के पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज:कोर्ट ने कहा- सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका, राहत नहीं दे सकते; ट्रायल में तय होगी उम्र

खरगोन में मंडलेश्वर के स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने वायरल गर्ल के पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा- फरार होने और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती। मामला वायरल गर्ल के पिता द्वारा 25 मार्च को दर्ज कराई गई उस FIR से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आरोपी उनकी नाबालिग बेटी को फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर केरल ले गया था। कुछ समय तक साथ रखने के बाद आरोपी ने बहला-फुसलाकर उससे शादी कर ली। बुधवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा- वायरल गर्ल के माता-पिता की ओर से पेश दस्तावेजों के अनुसार, शादी के समय उसकी उम्र 18 साल से कम थी। वहीं, बचाव पक्ष ने दावा किया कि वह अपनी इच्छा से आरोपी के साथ गई थी और दोनों ने आपसी सहमति से विवाह किया था। उसने खुद को बालिग बताया है। माता-पिता का आरोप झूठा है। ऐसे में आरोपी को अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए। जांच की स्थिति को देखते हुए जमानत का आधार नहीं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा- वायरल गर्ल की वास्तविक उम्र का निर्धारण ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। अदालत ने माना कि फिलहाल उपलब्ध दस्तावेज, केस डायरी और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी फरार है। उसे अग्रिम जमानत मिलने पर वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित कर सकता है। केरल हाईकोर्ट ने दे रखी है ट्रांजिट बेल इससे पहले 3 जून को केरल हाईकोर्ट ने वायरल गर्ल को प्रथम दृष्टया बालिग मानते हुए उसके पति को एक महीने की ट्रांजिट बेल दे दी थी। हाईकोर्ट के जज कौसर एडप्पागथ ने कहा था- युवती के जन्म प्रमाणपत्र में उसके पैदा होने की तारीख 1 जनवरी 2008 दर्ज है, इसलिए वह बालिग है। इस पर मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दावा किया कि ये प्रमाणपत्र फर्जी है। असलियत में वायरल गर्ल नाबालिग है। जज ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा- जन्म प्रमाणपत्र के अतिरिक्त आवेदक क्रमांक-2 (वायरल गर्ल) का वोटर आईडी और बैंक पासबुक भी कोर्ट में पेश किए गए हैं। जिनसे यह स्पष्ट होता है कि वह बालिग है। वह स्वयं भी बालिग होने का दावा कर रही है। वायरल गर्ल ने शपथपत्र भी दिया है कि उसने आवेदक क्रमांक-1 के साथ विवाह किया है। अदालत ने वायरल गर्ल के पति की जमानत याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि वह 3 जून से एक महीने के भीतर मध्य प्रदेश की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत की मांग कर सकता है। इस अवधि के समाप्त होने तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। दलील- युवती हिंदू और युवक मुसलमान, मंदिर में शादी जायज नहीं वायरल गर्ल और उसके पति ने अपनी संयुक्त याचिका में दावा किया था कि यदि वे मध्य प्रदेश जाते हैं तो अलग-अलग धर्मों से होने के कारण कट्टरपंथी तत्वों द्वारा उनकी ऑनर किलिंग की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि गिरफ्तारी से संरक्षण के आदेश के बिना वे न तो यात्रा कर सकते हैं और न ही मध्य प्रदेश में जमानत याचिका दायर करने के लिए किसी वकील से संपर्क कर सकते हैं। वहीं, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया- युवती हिंदू है और उसका पति मुस्लिम, इसलिए मंदिर में हुआ उनका विवाह वैध नहीं है। इस आधार पर स्थानीय मैरिज रजिस्ट्रार को उन्हें विवाह प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार नहीं है। फिल्म शूटिंग के दौरान हुई थी दोनों की मुलाकात दरअसल, वायरल गर्ल की मुलाकात केरल में फिल्म शूटिंग के दौरान युवक से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मार्च 2026 में दोनों ने शादी कर ली। मामला उस समय विवादों में आया, जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने विवाह पर आपत्ति जताई। आयोग का दावा था कि शादी के समय वायरल गर्ल की उम्र 16 वर्ष थी और विवाह के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद खरगोन पुलिस ने वायरल गर्ल के पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। डायरेक्टर के खिलाफ केरल में दर्ज कराई थी FIR वायरल गर्ल ने 29 अप्रैल 2026 को डायरेक्टर सनोज मिश्रा और तीन अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में FIR कराई थी। FIR के बाद केरल की एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जब वह नाबालिग थी, तब डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। मिश्रा ने उसे एक्टिंग के मौके देने का झांसा देकर उसका शोषण किया। आरोपियों में केरल के विहिप नेता और वकील अनिल विलायल भी शामिल हैं। पीड़िता ने उन पर सोशल मीडिया पर बदनामी करने का आरोप लगाया है। दो अन्य आरोपियों के नामों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। फिल्म डायरेक्टर बोले- आरोप सोची-समझी साजिश उधर, फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सोची-समझी साजिश बताया है। दावा किया कि उन्हें ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनकी फिल्म की अभिनेत्री को बहला-फुसलाकर केरल पहुंचाया गया। नाबालिग लड़की से फर्जी कागजों के आधार पर शादी की गई। अब मामले में आवाज उठाने पर उन्हें ही झूठे केस में फंसाया जा रहा है। जन्मतिथि के दो अलग-अलग प्रमाण पत्र मिले थे वायरल गर्ल की शादी शुरू से विवाद में है। पहले इसे ‘लव जिहाद’ बताया गया, फिर परिवार ने नाबालिग होने का दावा किया। जांच में महेश्वर नगर परिषद के जन्म प्रमाण पत्र में विसंगतियां मिली थीं। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार उसका जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। 11 मार्च 2026 को शादी के समय उसकी उम्र 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी। इसके बाद प्रशासन ने 1 जनवरी 2008 वाले पुराने प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश दिए थे। परिजन ने कहा था- बहला-फुसलाकर शादी की वायरल गर्ल के माता-पिता की शिकायत है कि युवक ने उसे बहला-फुसलाकर शादी के लिए राजी किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में सामने आया कि शादी के समय वह नाबालिग थी। इसके बाद पति पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। इस मामले में बयान के लिए उसे पुलिस के सामने पेश होना था। वायरल गर्ल ने माता-पिता पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे वायरल गर्ल ने केरल के थंपानूर पुलिस स्टेशन में बयान देकर माता-पिता पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उसने कहा था कि परिजन चाचा के लड़के से शादी का दबाव बना रहे थे, जबकि वह उसे भाई मानती है। मानसिक तनाव के दौरान युवक ने उसका साथ दिया। नजदीकियां प्रेम में बदलीं तो दोनों ने केरल के एक मंदिर में स्थानीय लोगों की मौजूदगी में शादी कर ली।

केंद्रीय मंत्री बोले- लोगों की क्षमता बढ़ाने के लिए एआई:जितेंद्र सिंह ने कहा- इस तकनीक से लोगों को हर सेक्टर में मिल रही मदद

जयपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा- भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के दूसरे दिन गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह कहा। इससे पहले ‘AI इन पुलिसिंग’ सेशन में पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल, डेटा सिक्योरिटी और नई टेक्नोलॉजी की चुनौतियों पर चर्चा हुई। एक्सपर्ट्स ने बताया कि AI से इन्वेस्टिगेशन, लॉ एंड ऑर्डर, क्राइम एनालिसिस और पब्लिक सर्विस बेहतर हो सकती है, लेकिन संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजस्थान कैडर के 2007 बैच के IPS अधिकारी और डीआईजी (BPRD) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने कहा कि पुलिस विभाग ने AI को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अपनाना शुरू कर दिया है। हालांकि, इसका इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित और जवाबदेह होना चाहिए, क्योंकि पुलिस के पास सबसे संवेदनशील डेटा होता है। क्रिमिनल डेटा प्राइवेट कंपनियों के पास जाना खतरनाक डॉ. कपूर ने कहा कि आज पुलिस के पास ऐसा कोई अपना AI प्लेटफॉर्म नहीं है, इसलिए कई बार बाहरी कंपनियों के टूल्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “हम पुलिस का डेटा, क्रिमिनल रिकॉर्ड और इंटेलिजेंस से जुड़ी जानकारी प्राइवेट कंपनियों के साथ शेयर कर रहे हैं। यह बहुत बड़ा खतरा है। इस डेटा पर प्राइवेसी के कानून लागू होते हैं और इसका लीक होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जोखिम बन सकता है।” पुलिस को अपने AI टूल्स खुद बनाने होंगे उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध AI टूल्स डेटा कहां से लेते हैं, इसकी पूरी जानकारी किसी के पास नहीं होती। डेटा प्रोटेक्शन के नियम पूरी तरह लागू होने के बाद ऐसे कई टूल्स बंद भी हो सकते हैं। इसलिए पुलिस को अपनी जरूरत के हिसाब से इन-हाउस AI टूल्स तैयार करने होंगे और कंसल्टेंट्स पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। डेटा सिक्योरिटी भी पुलिस की जिम्मेदारी होगी डॉ. कपूर ने कहा कि आने वाले समय में पुलिस की जिम्मेदारी केवल लोगों की जान-माल की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। अगर किसी थाने से क्रिमिनल डेटा लीक होता है तो उसकी जवाबदेही भी पुलिस की होगी। इसलिए डेटा सिक्योरिटी को भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा बनाना होगा। दिल्ली पुलिस का ‘ई-चिट्ठा’ बना उदाहरण उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस में ‘ई-चिट्ठा’ सॉफ्टवेयर के जरिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी ऑटोमैटिक तरीके से अलॉट होती है। इससे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी, तेज और प्रभावी बना है। AI कभी पुलिस की जगह नहीं ले सकता डॉ. कपूर ने कहा कि AI से सीए, वकील और हेल्थ सेक्टर जैसे कई प्रोफेशन प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन पुलिसिंग में ऐसा संभव नहीं है। थाना और पुलिसकर्मी हमेशा पुलिसिंग की सबसे अहम यूनिट रहेंगे। AI केवल उनकी एफिशिएंसी बढ़ाने का काम करेगा, उनकी जगह नहीं ले सकता। ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी की समझ जरूरी उन्होंने कहा कि AI का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए पुलिसकर्मियों को नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देना जरूरी है। भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग के लिए टेक्नोलॉजी की समझ और डेटा सिक्योरिटी दोनों पर बराबर फोकस करना होगा। एआई से आसान, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा शासन केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा- सरकार का लक्ष्य तकनीक के जरिए शासन को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। प्रधानमंत्री के “अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार” के विजन के तहत पिछले 10 साल में शुरू की गई हर डिजिटल पहल का उद्देश्य लोगों को बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना रहा है। तकनीक ऐसी होनी चाहिए, जो प्रक्रियाओं को आसान बनाए, अनावश्यक औपचारिकताएं खत्म करे और लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करे। डिजिटल गवर्नेंस अब नए दौर में पहुंचा डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा- जयपुर में दो दिनों तक चली नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस ने दिखाया कि भारत की डिजिटल गवर्नेंस यात्रा अब सिर्फ सेवाओं को ऑनलाइन करने तक सीमित नहीं है। अब देश एआई, डेटा आधारित निर्णय, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रशासन का नया मॉडल तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार तभी सफल माने जाएंगे, जब उनका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। इसी दिशा में सीपीग्राम्स (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली) जैसी व्यवस्था ने शिकायतों के निस्तारण का समय कम किया है और देशभर में लोगों की पहुंच को आसान बनाया है। दो दिवसीय सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी प्रदर्शनों और अनुभव साझा करने के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस के सफल मॉडलों पर भी चर्चा की जा रही है।

15 साल बाद पूरा होगा राजस्थान में रिफाइनरी का सपना:2 बार शिलान्यास, 2 बार उद्घाटन की तारीखें, सियासी हाईवोल्टेज ड्रामे का भी गवाह बनी

डेढ़ दशक का लंबा इंतजार, दो बार शिलान्यास, दो बार उद्घाटन की तारीखें और जमीन के खेल से लेकर अपनों की बगावत तक… राजस्थान के रेगिस्तान में देश की पहली BS-6 मानक वाली हाईटेक ‘HPPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड’ (HRRL) बनकर तैयार है। आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि बालोतरा के पचपदरा में बनी इस रिफाइनरी की वजह से पूरे राजस्थान की तस्वीर बदल जाएगी। 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) की क्षमता वाली यह रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। आइए जानते हैं 2012 से 2026 तक के इस सफर की पूरी कहानी… आग लगने के कारण टल गया था PM का दौरा देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी के लिए राजस्थान की सियासत में ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ हुआ था। 2012 से 2026 तक का सफर इतना आसान नहीं था। इस प्रोजेक्ट ने न केवल दो बार शिलान्यास देखा, बल्कि जमीन के फेर में अपनों को अपनों के खिलाफ लड़ते भी देखा। संयोग से दो बार उद्घाटन की तारीख की घोषणा भी हुई। 21 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले 20 अप्रैल को सीडीयू-वीडीयू यूनिट में लीकेज होने से आग लग गई। इससे पीएम का उद्घाटन दौरा स्थगित हो गया था। लीलाना से पचपदरा कैसे पहुंची रिफाइनरी शुरुआत में रिफाइनरी बालोतरा (पूर्व में बाड़मेर) के बायतु के लीलाना गांव में लगनी तय थी। जैसे ही घोषणा हुई, राजनीतिक रसूख वाले लोगों और भूमाफिया ने वहां हजारों बीघा जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली। जब सरकार जमीन अवाप्त (कब्जा लेने) करने पहुंची, तो किसानों ने हाथ खींच लिए। कुछ ने 1 बीघा जमीन के बदले 1 करोड़ रुपए की मांग रख दी। तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने पचपदरा का रुख किया, जहां सरकारी जमीन उपलब्ध थी। रिफाइनरी शिफ्ट होते ही लीलाना में करोड़ों के ख्वाब देख रहे भूमाफिया और नेता अर्श से फर्श पर आ गए। कर्नल सोनाराम का विद्रोह बाड़मेर के राजनीतिक मामलों के जानकार शिव प्रकाश सोनी बताते हैं- रिफाइनरी शिफ्ट होने पर राजनीति में भूचाल आ गया था। बायतु के तत्कालीन विधायक कर्नल सोनाराम चौधरी (स्वर्गीय) ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अशोक गहलोत काकाणी में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स लगाकर अपने गृह जिले जोधपुर को फायदा देना चाहते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया था- जान दे दूंगा, लेकिन रिफाइनरी को यहां से जाने नहीं दूंगा। उस समय राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने भी इस्तीफा तक दे दिया था। देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी यह रिफाइनरी HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उपक्रम है। 15 साल के लंबे इंतजार और ₹42,229 करोड़ की अतिरिक्त लागत (शुरुआती लागत से तुलना) के बाद अब यह रेगिस्तान की तस्वीर बदलने को तैयार है। पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) है। यह लगभग 17 है। तकनीकी भाषा में इसका मतलब है कि यह देश की सबसे उन्नत, हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी है। यह दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले भारी, निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाले कच्चे तेल को भी बेशकीमती पेट्रोल, डीजल, पेट्रोकेमिकल में बदलने की क्षमता रखती है। आत्मनिर्भर भारत का जीवंत उदाहरण देते हुए इस रिफाइनरी के अधिकांश रिएक्टर, कॉलम, भारी टैंक भारत में ही बने हैं। इसका दिमाग यानी कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर के लिए अमेरिका, जापान, यूरोप की तकनीक का सहारा लिया गया है। इसकी फिनिशिंग, वेल्डिंग की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाए रखने के लिए नीदरलैंड के तकनीशिय ने पचपदरा की तपती धूप में पसीना बहाया है। खास हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई कच्चे तेल की प्रकृति वैक्सी (मोम जैसी) होती है। इसे पाइपलाइन में जमने से रोकने के लिए मुंद्रा (गुजरात) से पचपदरा तक एक विशेष हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें जगह-जगह हीटिंग स्टेशन, थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है। इससे तेल का तापमान बना रहेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के पीछे दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी दिमाग काम कर रहे हैं। इंजीनियर्स इंडिया इसकी कमान संभाल रही है। लमस टेक्नोलॉजी, यूओपी, यूनिवेशन टेक्नोलॉजीज जैसी ग्लोबल कंपनियों ने अपनी पेट्रोकेमिकल, क्रैकर यूनिट्स की तकनीक प्रदान की है। लाखों टन स्ट्रक्चरल स्टील और विशेष एलॉय स्टील से स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। हजारों किलोमीटर की केबलिंग और मोटरों में कॉपर का अधिक उपयोग किया गया है, जिससे वायरिंग फ्रिक्वेंसी मजबूत रहे। रिफाइनरी शुरू होते ही राजस्थान भी मजबूती से आर्थिक क्षेत्र में उभरेगा। रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू होने के बाद राजस्थान केवल कच्चा तेल निकालने वाला राज्य नहीं रहेगा। वह उसे प्रोसेस कर वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलिमर) बनाने वाला हब बन जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक, केमिकल उद्योगों की बाढ़ आएगी। —- ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग, कई घंटे बाद काबू पाया गया; कल प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ करने वाली दो यूनिट में लगी। पढ़ें पूरी खबर… 2- राजस्थान की रिफाइनरी से देश बनेगा एनर्जी सुपरपावर; एक्सपर्ट बोले- जामनगर और भटिंडा की तरह बनेगा नया पेट्रोकेमिकल हब राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना अब अंतिम चरण में है। दैनिक भास्कर ने करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत से बनी रिफाइनरी की स्टेट्स रिपोर्ट को खंगाला। पढ़ें पूरी खबर…