जम्मू-कश्मीर की किताब में आतंकी हाफिज सईद को महान बताया:FIR दर्ज, 8 अफसर सस्पेंड; भाजपा बोली- ये एकेडमिक जिहाद, बुक बैन करें

जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई दो किताबों को लेकर UAPA के तहत FIR दर्ज गई है। इन किताबों में मुंबई हमलों के मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद और अलगाववादी नेता मकबूल भट को महान हस्तियां बताया गया है। पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने शनिवार FIR दर्ज करके छापेमारी शुरू कर दी है। विवादित किताबों में से एक हिलाल अहमद और संतोष मीना की ‘पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ JK’ है। इसे जम्मू की ओबेरॉय बुक सर्विस ने प्रकाशित किया है। दूसरी किताब सुशांत गिरी की ‘ग्रेट पर्सनैलिटी ऑफ जम्मू-कश्मीर’ है। इसे दिल्ली के अनुराग प्रकाशन ने पब्लिश किया है। अधिकारियों के मुताबिक, एक किताब की 123 प्रतियां जम्मू, रामबन और उधमपुर जिलों में भेजी गई थीं, जबकि दूसरी किताब की 128 प्रतियां जम्मू और बारामूला जिलों में बांटी गई थीं। भाजपा ने इसे एकेडमिक जिहाद बताते हुए किताबों पर बैन और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। BJP ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। किताब के पन्नों का वह हिस्सा जिसमें अलगाववादियों के बारे में लिखा है… विवाद की वजह… पूर्व डीजीपी बोले- ये बातें पाकिस्तान के एजेंडे को बढ़ावा देती हैं जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि मसरत आलम, सैयद अली शाह गिलानी और शब्बीर शाह जैसे लोग पाकिस्तान की ISI और वहां की सरकार का एजेंडा आगे बढ़ाते थे। उन्होंने कहा, अगर इन्हें महान नेता की तरह पेश किया जाएगा, तो नई पीढ़ी को यही संदेश मिलेगा कि बड़ा बनने के लिए इन्हीं जैसा बनना चाहिए। किताब में मीरवाइज उमर फारूक को कश्मीर की आखिरी उम्मीद बताया गया है। क्या सच में जम्मू-कश्मीर के लोग ऐसा मानते हैं? इस तरह की बातें पाकिस्तान के एजेंडे को बढ़ावा देती हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश देकर वापस मंगाई किताबें राज्य के 1832 सरकारी स्कूलों और 394 पीएम श्री स्कूलों के लिए ‘समग्र शिक्षा’ लाइब्रेरी ग्रांट के तहत उम्र के हिसाब से सही किताबें खरीदने का आदेश जारी हुआ था। लाइब्रेरी की किताबें चुनने के लिए जम्मू और कश्मीर दोनों डिवीजनों के एक्सपर्ट्स और एकेडेमिक्स की चार सब-कमेटी बनाई गई थीं। इन कमेटियों ने 364 पब्लिशर्स से जमा की गई 463 किताबों को चुना। विवाद बढ़ने पर विभाग ने किताबें वापस लेने का आदेश जारी किया। इसमें कहा गया, “विभाग के ध्यान में आया है कि इन किताबों में बहुत ही आपत्तिजनक कंटेंट है। यह साफ है कि सब-कमेटी सीरीज 4 के सदस्यों और सुपरवाइजरी अधिकारियों ने ऐसी किताबों की सिफारिश करने में गंभीर लापरवाही बरती, अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई और रूजरी सावधानी नहीं रखी। लेखकों और पब्लिशर्स को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बैन और ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इसमें यह भी निर्देश दिया गया कि उनकी लिखी या पब्लिश किए गए सभी प्रिंटेड मटेरियल को केंद्र शासित प्रदेश से वापस ले लिया जाए। मामले की जांच के लिए 2 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसकी रिपोर्ट 30 दिन के अंदर सक्षम अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है। 8 अधिकारी सस्पेंड किए गए विवाद बढ़ने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को दोनों किताबों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी एक्शन लेते हुए राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। एक संविदा कर्मचारी की सेवा भी समाप्त की गई और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। सस्पेंड अधिकारियों के नाम पब्लिशर के दफ्तर पर छापा, UAPA समेत कई धाराओं में केस पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 49 (उकसावा), 61(2) (आपराधिक साजिश), 152 (देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना), 196 (वैमनस्य फैलाना) और 353 (झूठे बयान या अफवाहें प्रकाशित करना) के अलावा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया है। FIR दर्ज होने के बाद काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने जम्मू के बहु प्लाजा में एक पब्लिशर के दफतर पर छापा मारा। जांच के दौरान पुलिस ने कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

जोधपुर में 17 रूटों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें:एक बार चार्ज होने पर 180 किलोमीटर तक चलेगी; जानिए कब शुरू होगी सेवा

जोधपुर शहर के लोग जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों में सफर कर सकेंगे। इसके लिए रूट निर्धारण से लेकर चार्जिंग स्टेशन और डिपो का काम शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि शहर की पहचान के अनुसार, इन बसों का रंग भी ब्लू यानी नीला होगा। जानकारी के अनुसार, जुलाई के अंतिम सप्ताह तक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। बजट घोषणा के अनुसार, जोधपुर को 125 बसें मिलेंगी। शहर के 17 रूटों पर इनका संचालन किया जाएगा। इन बसों का ट्रायल जयपुर में हो चुका है। हालांकि, जयपुर में मिली इलेक्ट्रिक बसों का आकार (साइज) 12 मीटर है, जबकि जोधपुर शहर को मिलने वाली बसों का आकार 9 मीटर रहेगा। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया- जुलाई के अंत तक हमें 30 से 40 बसें मिल जाएंगी। इन बसों को पहले पुराने रूटों पर चलाया जाएगा। 2 फेज में मिलेंगी इलेक्ट्रिक बसें नगर निगम के XEN मनोज बैरवा ने बताया- जोधपुर शहर को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसें दो फेज में मिलेंगी। पहले फेज में 100 और फिर दूसरे फेज में 25 बसें आएंगी। हालांकि, शुरुआती संचालन के लिए पहले चरण में कितनी बसें मिलेंगी, इसकी संख्या अभी पूरी तरह तय नहीं है। 9 मीटर लंबी इस बस में 25 सीटें होंगी, जबकि इसकी कुल क्षमता (कैपेसिटी) लगभग 36 यात्रियों की है। इनमें 2 सीटें खास तौर पर दिव्यांगों के लिए भी तैयार की गई हैं। इसे लेकर दिल्ली में टेंडर हो चुके हैं और अहमदाबाद की एक फर्म को इन बसों का काम दिया गया है। ड्राइवर कंपनी देगी, नगर निगम करेगा कंडक्टरों की भर्ती इधर, जोधपुर शहर में तीन एजेंसियां मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। पहली डिस्कॉम, जो इलेक्ट्रिक बसों के लिए लाइन और ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम करेगी। दूसरी रूडसिको (RUDSICO), जो झालामंड में डिपो बना रही है और तीसरी नगर निगम। इन बसों के संचालन के लिए 100 ड्राइवर कंपनी की ओर से नियुक्त किए जाएंगे। लेकिन, कंडक्टरों की भर्ती और रेवेन्यू कलेक्शन (राजस्व संग्रह) का काम नगर निगम अपने स्तर पर करेगा। इसके लिए करीब 235 कंडक्टरों की भर्ती होगी। डिस्कॉम की ओर से झालामंड डिपो के लिए 220 केवी (KV) की लाइन ली जा रही है। झालामंड में बनने वाले इस डिपो में 13 ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। किराया जल्द होगा तय, पास भी बनेंगे एक्सईएन मनोज बैरवा ने बताया- किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाएगा। हालांकि, यह किराया कितना होगा, यह कमेटी तय करेगी। वहीं, इन बसों में रोजाना सफर करने वाले शहरवासियों के लिए मासिक (मंथली) और सालाना पास भी बनेंगे। इन पास की भी अलग-अलग कैटेगरी होगी, जिसे कमेटी द्वारा तय किया जाएगा।

भंवरी देवी पेंशन मामले में हाईकोर्ट सख्त:हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों को अंतिम चेतावनी; आदेश नहीं मानने पर कोर्ट में पेश होना होगा

राजस्थान हाईकोर्ट ने एएनएम भंवरी देवी से जुड़े पेंशन और सेवानिवृत्ति परिलाभ मामले में राज्य सरकार व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को अंतिम अवसर देते हुए सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने 12 जनवरी 2024 के आदेश का 18 जुलाई 2026 तक पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया है। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों को 21 जुलाई को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। 2025 में दायर की थी याचिका याचिकाकर्ता साहिल पेमावत व अन्य ने कोर्ट को बताया कि भंवरी देवी की 2011 में हत्या के बाद उनके वारिसों को बकाया सेवा परिलाभ, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ देने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे। हालांकि, करीब ढाई साल बाद भी इन आदेशों का पालन नहीं किया गया है। हाईकोर्ट आदेश के बाद भी उसके बेटे और बेटियों को पेंशन नहीं दी गई है। मामले में भंवरी देवी के बेटे साहिल पेमावत व दो बेटियों ने 3 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को सूचित किया गया कि पेंशन संबंधी प्रस्ताव पेंशन विभाग को भेजा जा चुका है और उसकी स्वीकृति लंबित है। इस पर कोर्ट ने अंतिम मोहलत देते हुए समय पर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश की अवहेलना की स्थिति में चिकित्सा सचिव, सीएमएचओ जोधपुर, चिकित्सा निदेशालय और पेंशन विभाग के संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। कोर्ट ने 2 साल पहले पेंशन देने का दिया था आदेश हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने 12 जनवरी 2024 को स्पष्ट आदेश दिया था कि भंवरी देवी के बेटे साहिल और दोनों बेटियों अश्विनी व सुहानी को चार महीने के अंदर-अंदर पेंशन और रिटायरमेंट समेत सरकारी सेवा से जुड़े सभी लाभ दिए जाए। चिकित्सा विभाग को यह भी छूट दी गई थी कि वह भंवरी देवी की मृत्यु संबंधी आवश्यक सूचना और सर्विस बुक के लिए अधीनस्थ कोर्ट में आवेदन कर प्राप्त कर सकेगा।

पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन:नाना से महाभारत सुनाने की प्रेरणा मिली, 13 की उम्र में पहली बार मंच पर आईं

छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया। वे 70 साल की थीं। उन्होंने शनिवार रात 3.15 बजे रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं। तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली अभिनय और अनोखी प्रस्तुति शैली से पंडवानी को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक में नई पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को सुनाने की प्रेरणा उन्हें नाना से मिली थी। भारतीय लोक कला में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। आज पैतृक गांव गनियारी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के निधन पर शोक जताया। उन्होंने X पर लिखा, ‘उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।’ छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि पंडवानी के जरिए उन्होंने देश-विदेश में राज्य का नाम रोशन किया। पीएम मोदी ने खुद फोन लगाकर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख को फोन लगाकर उनका हालचाल पूछा था। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने चिंता जताई थी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। वेणु ने बताया, प्रधानमंत्री ने तबीयत पर अफसोस जताते हुए कहा था कि उनका ध्यान रखिए। अगर किसी भी चीज की जरूरत हो तो सीधे मुझसे संपर्क कीजिए। तीजन बाई जी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की धरोहर हैं। नाना को सुनकर गाने के प्रति लगाव बढ़ा तीजन बाई का जन्म 24 अप्रैल 1956 को भिलाई के गनियारी गांव में हुआ था। वे पारधी समुदाय से थीं। देश-विदेश में पंडवानी लोक गायिकी को पहचान दिलाने वाली तीजन की जिंदगी का सफर आसान नहीं रहा। इसी गायिकी की वजह से उन्हें समाज ने बेदखल कर दिया था। समाज से निकाले जाने के बाद भी उन्होंने गाना नहीं छोड़ा। उनके पिता का नाम चुनुकलाल और माता का नाम सुखवती था। तीजन अपने नाना ब्रजलाल को महाभारत की कहानियां गाते-सुनाते देखतीं थी। धीरे-धीरे उन्हें ये कहानियां याद हो गई। उनकी लगन और प्रतिभा को देखकर गायक उमेद सिंह देशमुख ने उन्हें प्रशिक्षण दिया। 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपना पहला मंच प्रदर्शन किया। उस समय में महिला पंडवानी गायिकाएं केवल बैठकर गा सकती थीं, जिसे वेदमती शैली कहा जाता है। पुरुष खड़े होकर कापालिक शैली में गाते थे। तीजनबाई वे पहली महिला थीं, जिन्होंने कापालिक शैली में पंडवानी की। कभी स्कूल नहीं गईं, 4 बार मिली डी. लिट. की उपाधि बचपन में स्कूल का मुंह न देख पाने वाली पंडवानी गायिका तीजन बाई साक्षरता अभियान में किसी तरह पांचवीं की सीढ़ी ही चढ़ पाईं। लेकिन उनकी पंडवानी की ऐसी धूम रही कि उन्हें भारत के 3 नागरिक सम्मानों से नवाजा गया। तीजन बाई को 4 बार डॉक्टर ऑफ लिटरेचर यानी डी.लिट. की उपाधि मिली। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही थी निगरानी तीजन बाई पिछले करीब 2 सालों से बीमार थीं। कुछ दिनों पहले उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई। उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में भर्ती कराया गया था। एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी विशेष निगरानी कर रही थी। जानकारी के मुताबिक तीजन बाई को सांस लेने में तकलीफ और उम्र से संबंधित अन्य परेशानियां थीं।
………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बेटों की मौत से टूटीं तीजन बाई…बोल-सुन नहीं पा रहीं: पैरालिसिस-अटैक आया, 6 महीने से बिस्तर पर; पेंशन के भरोसे 42 लोगों का परिवार पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वभर में प्रसिद्ध भिलाई की पंडवानी लोक गायिका तीजन बाई पिछले 6 महीने से बिस्तर पर हैं। वे ठीक से बोल-सुन नहीं पा रही हैं। कोई उनके कान के पास जाकर जोर से चिल्लाता है, तब वह कुछ रिएक्ट करती हैं। भास्कर के कैमरे में वे सिर्फ जय श्रीराम ही बोल पाईं। पढ़ें पूरी खबर…

भरतपुर में आधे घंटे में 2 व्यापारियों को गोली मारी:व्यापारी से कैश से भरा बैग लूटा, विरोध करने पर बर्तन व्यवसायी को अधमरा किया

भरतपुर में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने महज आधे घंटे के भीतर दो अलग-अलग जगहों पर व्यापारियों को निशाना बनाया। बदमाशों ने दोनों ही वारदातों में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पहली वारदात में बदमाशों ने एक किराना व्यापारी से ₹60 हजार लूट लिए, इसके बाद उसे गोली मार दी। दूसरी वारदात में एक बर्तन व्यापारी से ₹5 लाख लूटने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर उसके पेट में गोली मार दी। दोनों घायलों को गंभीर हालत में आरबीएम (RBM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बर्तन व्यापारी को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया। इन घटनाओं से शहर के व्यापारियों में गुस्सा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश कुमार मीणा ने टीम के साथ मौका-मुआयना किया। बदमाशों को पकड़ने के लिए तत्काल 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है। वारदात-1 बदमाशों ने कट्‌टा दिखाकर कहा- जल्दी बैग दे घायल किराना व्यापारी प्रमोद कुमार मित्तल (52) के बेटे निशांक (निशु) मित्तल ने बताया कि उनके पिता की मथुरा गेट इलाके में ‘मित्तल प्रोविजन स्टोर’ के नाम से दुकान है। शनिवार रात करीब 9 बजे दोनों पिता-पुत्र दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। घर से महज 400 मीटर पहले बिजलीघर चौराहे (मथुरा गेट इलाका) के पास पीछे से आए एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रमोद न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी के रहने वाले हैं। घायल व्यापारी के बेटे निशांत मित्तल ने बताया- बदमाशों ने कट्टा दिखाकर कहा-जल्दी बैग दे। जान बचाने के लिए पिता ने बिना विरोध किए ₹60 हजार से भरा बैग उन्हें सौंप दिया। इसके बावजूद बदमाशों ने पीछे से तीन राउंड फायर किए। एक गोली पिता की गर्दन के निचले हिस्से (कंधे के पास) में धंस गई और वे सड़क पर गिर पड़े। बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। निशांक ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय खून से लथपथ पिता को तुरंत बाइक पर बैठाया और सीधे आरबीएम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, गोली अभी शरीर में ही फंसी है, जिसे ऑपरेशन कर निकाला जाएगा। वारदात-2 ₹5 लाख लूटने का विरोध किया तो पेट में दाग दी गोली
दूसरी वारदात सुभाष नगर निवासी चंद्रभान (46) के साथ हुई, जो अनाह गेट पर बर्तनों की दुकान चलाते हैं। दुकान पर साथ बैठने वाले उनके बेटे केशव ने बताया कि चंद्रभान शनिवार को मथुरा में अपने एक रिश्तेदार से प्लॉट खरीदने के लिए ₹5 लाख उधार लेने गए थे। शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे रुपए लेकर जब वे बाइक से भरतपुर लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने रास्ते से ही उनकी रेकी शुरू कर दी। अनोखी होटल (सुभाष नगर) के पास पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने चंद्रभान को रुकवा लिया और रुपयों से भरा बैग छीनने लगे। चंद्रभान ने हिम्मत दिखाते हुए बैग को कसकर पकड़ लिया और विरोध किया। इससे बौखलाए बदमाशों ने सीधे उनके पेट में गोली मार दी। हालांकि, गोली मारने के बाद भी बदमाश बैग छीनने में सफल नहीं हो सके और खाली हाथ ही भाग निकले। चंद्रभान का भी आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बर्तन व्यापारी चंद्रभान को रात करीब डेढ़ बजे जयपुर रेफर किया गया। उनका ऑपरेशन अब जयपुर में ही किया जाएगा। अस्पताल पहुंचे व्यापारी वारदातों की खबर फैलते ही शहर के व्यापारी, व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सैकड़ों लोग आरबीएम अस्पताल में जमा हो गए। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और एसपी से मिलकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने व आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही इन वारदातों से बाजार में डर का माहौल है। एसपी बोले- जल्द होगा वारदातों का खुलासा भरतपुर के SP राजेश कुमार मीणा ने कहा- दोनों घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। बदमाशों की पहचान और धरपकड़ के लिए पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स सहित आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। चंद्रभान के तीन बच्चे डिंपल (30), केशव (25) और कान्हा (16) हैं।

आरएएस मेंस-2024 की आंसर-बुक देखने के लिए आवेदन कल से:27 जुलाई तक कर सकेंगे अप्लाई, कैंडिडेट्स 12 सितंबर तक कर सकेंगे डाउनलोड

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (RAS) के कैंडिडेट्स अपनी आंसर-बुक देखने के लिए कल (6 जुलाई) से आवेदन कर सकेंगे। आयोग ने आंसर बुक ऑनलाइन देखने और डाउनलोड करने का मौका दिया था। जो अभ्यर्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन करना चाहते हैं, वे 6 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- आवेदन के लिए ​अभ्यर्थी को आयोग की वेबसाइट पर कैंडिडेट इनफॉर्मेशन में जाकर आरएएस एग्जाम 2024 के लिंक पर क्लिक कर रोल नंबर, आवेदन क्रमांक और जन्म तिथि के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर लॉगिन करना होगा। प्रत्येक आंसर-बुक के लिए प्रति पुस्तिका 50 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। ​शुल्क भुगतान के लिए लिंक 10 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक सक्रिय रहेगा। भुगतान के बाद अभ्यर्थी 12 सितंबर 2026 तक अपनी कॉपियां डाउनलोड कर सकेंगे। 12 सितंबर 2026 की रात 12:00 बजे के बाद आंसर-बुक पोर्टल से हटा दी जाएंगी। ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल या किसी अन्य माध्यम से किए गए आवेदन मान्य नहीं होंगे। आरएएस-2026 भर्ती प्रोसेस जारी राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए भर्ती प्रोसेस जारी है। आयोग ने 4 जून से 3 जुलाई तक आवेदन मांगे।परीक्षा 6 दिसम्बर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ये खबर —– यह खबर भी पढ़िए… असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती-2025 सीबीटी-2 एग्जाम 28 को:RRB ने घोषित की डेट,10 दिन पहले जारी होगी एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप रेलवे भर्ती बोर्ड ने असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती-2025 (एएलपी भर्ती 2025) के तहत सीबीटी-2 परीक्षा की तिथि 28 जुलाई घोषित कर दी है। परीक्षा से 10 दिन पहले सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी की जाएगी। पूरी खबर पढें

'काले-धन' के लिए रिश्वतखोर GM ने खुलवाए 34 अकाउंट,42 एफडी:इनमें 1.70 करोड़ जमा, 75 लाख का आधा किलो सोना, नोट गिनने की मशीन भी

राजस्थान में रिश्वत की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बैंकों का सहारा लेने का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक अधिकारी ने अपने नाम के 34 बैंक खातों और 42 एफडी (फिक्स डिपॉजिट) में करीब 1.70 करोड़ रुपए जोड़ लिए। एक ही दिन में 7 बैंक खातों में करीब 15 लाख रुपए भी डलवाए गए। लॉकर में करीब 75 लाख रुपए का आधा किलो सोना और घर से नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.. प्रतापगढ़ जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के जॉइंट कमिश्नर व जनरल मैनेजर राजीव गर्ग को ACB ने 2024 में 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। इसके बाद से ACB की टीम उसकी संपत्तियों की जांच में जुटी थी। डेढ़ साल चली इस जांच में जब रिकॉर्ड खंगाले गए, तो बैंक में जमा संपत्ति ने ही ACB टीम को हैरत में डाल दिया। जयपुर के बजाज नगर निवासी राजीव गर्ग के पास बैंक में जमा हुई रकम को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। एसीबी ने आंकलन किया तो सैलरी के हिसाब से कुल संपत्ति 99 फीसदी अधिक निकली। अब एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति को लेकर एक FIR और दर्ज कर ली है। पहले 50 हजार लिए, फिर मांगे थे 3 लाख राजीव गर्ग के खिलाफ उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के ही एक पूर्व डिप्टी कमिश्नर ने 2024 में ACB को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि वह सातवें पे-कमीशन और एरियर के भुगतान लेना चाहते थे। इस संबंध में वह राजीव गर्ग से मिले। राजीव गर्ग ने सातवें वेतनमान को फिक्स करने के लिए पहले 50 हजार रुपए रिश्वत ली और एरियर के भुगतान के लिए 3 लाख रुपए और मांगे। ACB ने इस मामले में शिकायत की जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर राजीव गर्ग के खिलाफ 2024 में ट्रैप की कार्रवाई की। शिकायत करने वाले से आरोपी 50 हजार रुपए पहले ले चुका था। इसके बाद 3 लाख रुपए और मांग रहा था। राजीव गर्ग को ACB ने ट्रैप करने के बाद गिरफ्तार किया। निर्माण नगर स्थित फ्लैट सील कर दिए। आय से अधिक संपत्ति को लेकर नई FIR कोर्ट से रिमांड मिलने पर गर्ग की मौजूदगी में 2024 में ही उसके ठिकानों की तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए। ACB के अनुसार, गर्ग के बैंकिंग-लॉकर सहित अन्य संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की गई। बैंक में जमा भारी रकम को लेकर भी सवाल हुए, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिले। इसके बाद आय से अधिक संपत्ति को लेकर नई FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच अभी भी जारी है। ACB टीम ने बताया कि जांच में जब विभागीय सूत्रों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि गर्ग की छवि भ्रष्ट अधिकारी की है। रहन-सहन, वेतन के मुकाबले काफी ऊंचे स्तर का है। 1 दिन में 7 अकाउंट में 14.72 लाख रुपए जमा ACB जांच में पता चला कि राजीव गर्ग के 20 से भी अधिक बैंक में खाते और एफडी हैं। खुद के नाम से राजीव गर्ग के 34 बैंक खाते हैं और इनमें 57.16 लाख रुपए जमा है। मकान की तलाशी में करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए की 42 बैंक एफडी के कागजात और मिले। यही नहीं, राजीव के पास 25 क्रेडिट/डेबिट कार्ड भी बरामद हुए। अकेले एक दिन में 6 मार्च, 2023 को 7 बैंक खातों में 14.72 लाख रुपए जमा किए गए थे। बैंक लॉकर में 24 कैरेट का 553 ग्राम सोना भी मिला। घर की तलाशी में सवा लाख रुपए कैश भी बरामद हुआ। 1996 में लगी सरकारी नौकरी, तब हाथ खाली ACB जांच के अनुसार राजीव गर्ग की सरकारी नौकरी 1996 में लगी थी। उससे पहले के उसके हाथ खाली थे। इसके बाद उसने वेतन से 99 फीसदी अधिक संपत्ति जुटाई। ACB सूत्रों के अनुसार, वेतन और ITR आदि दस्तावेजों से 2024 तक राजीव गर्ग ने 1.76 करोड़ जुटाए। ACB ने राजीव गर्ग की रसोई, वाहन मेंटीनेंस-पेट्रोल, फ्लैट खरीद दिखाई व मोबाइल, कम्प्यूटर, एलईडी सहित इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर खर्च का अनुमान 78.28 लाख लगाया। ACB द्वारा तलाशी में मिली विभिन्न खरीदों के बिलों आदि से यह अनुमान लगाया। ACB ने राजीव गर्ग की वैध आय से खर्चे को माइनस कर दिया तो 0.98 लाख रुपए बचे, जबकि उसने 2.71 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर रखी है। जांच में पाया कि राजीव गर्ग ने 1.73 करोड़ रुपए आय से अधिक जुटाई हुई है। जानकारों के अनुसार ACB की ओर से आरोपियों की जमीन-मकान-फ्लैट की कीमत का अनुमान बाजार की कीमत से काफी कम आंका जाता है। यदि इनकी बाजार की कीमत लगाई जाए, तो संपत्ति कई गुना अधिक निकलेगी।

सवाल पूछा तो पटवारी ने मारा थप्पड़:बुलडोजर के नीचे आया सब्जी वाला; सड़क पर बिखर गईं सब्जियां; हनुमान का नया शिगूफा

नमस्कार, चौमूं (जयपुर) में अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर गांव वालों का सवाल पूछना पटवारी को हजम नहीं हुआ। कोटपूतली में बुलडोजर घर-घराया तो सड़क पर ‘हीरे-मोती’ बिखर गए और हनुमान बेनीवाल की नजर अब उत्तर प्रदेश (UP) पर है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. सवाल पूछने पर झपटा पटवारी संविधान ने अभिव्यक्ति की आजादी दी। लेकिन आजादी का इस्तेमाल करते थप्पड़ पड़ जाए तो क्या करें? गांधीजी होते तो दूसरा गाल आगे कर देते। लेकिन अब लोगों में दया-भाव नहीं। उम्मीद करना बेमानी है कि दूसरे, तीसरे और चौथे गाल तक मामला रहम पर खत्म होगा। बात जयपुर के चौमूं की है। यहां एक तहसील है नांगल पुरोहितान। इसके गांव रामपुरा डाबड़ी में गोचर जमीन थी। जमीन पर रहने वालों का दावा कि वे डेढ़ सौ बरसों से यहां खेती कर रहे हैं। उनका कब्जा है। कान में पुरखे कह गए- कागज झूठा, कब्जा सच्चा। वे इसी नियम का पालन पीढ़ियों से करते आ रहे थे। फिर प्रशासन सख्त हुआ। सरकारी जमीनों से कब्जे हटने लगे। पटवारी ने नक्शा निकाला तो जमीन सरकारी। कब्जा हटाने पूरा अमला पहुंच गया। लोगों ने दावा किया- जमीन पटवारी के ससुराल पक्ष की है। वह भूमाफिया से मिलीभगत कर खुर्द-बुर्द करना चाहता है। यह भी कहा- जमीन खाली कराने के लिए कच्चे मकानों को आग लगा दी। प्रशासन के खिलाफ ढाणी के लोगों ने क्रांति कर रखी है। हर बात पर मोबाइल कैमरा ऑन कर लेते हैं। एक जगह पटवारी जी बैठे दिख गए। एक जुझारू ग्रामीण कैमरा चालू करके पहुंचा और पटवारी से पूछा- पटवारी जी, कौन पंचायती के हो?’ पटवारी भी भरा बैठा था। पहले तो घूरा। फिर आकाशीय बिजली की गति से तमाचा जड़ दिया। मोबाइल आसमान झांकने लगा। 2. हनुमान की यूपी पर नजर हनुमान बेनीवाल को देख मुझे मेरे चचेरे भाई की याद हो आती है। वह आट्‌र्स में फेल हो गया था। रिजल्ट वाले दिन बोला- अब मैं साइंस लूंगा। ऐसा ही कॉन्फिडेंस हनुमान बेनीवाल में है। उनकी पार्टी का नाम राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी है। राजस्थान विधानसभा में उनका एक भी विधायक नहीं है। चूंकि पार्टी राष्ट्रीय है और लोकतांत्रिक भी, इसलिए उनका मानना है कि उन्हें क्षेत्रीय सीमा से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ना चाहिए। बाड़मेर में उन्होंने कहा- मैं यह कोशिश करूंगा कि यूपी में हम भाजपा को कैसे रोकें? यह मेरी लड़ाई है। मैं कोई लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ता। कार्यकर्ता समझ गए कि अब गाड़ियां लंबी दूरी तक सफर तय करेंगी। पेट्रोल-डीजल का भाव तेज है। भरतपुर से पहले ही गाड़ियां टें बोल जाएंगी। बेनीवाल ने समर्थकों का चेहरा पढ़ लिया। बोले- अगर किसी का हिसाब-किताब बकाया है तो चिंता मत करो। मैं हिसाब-किताब भी पूरा कर दूंगा। 3. चलते-चलते.. चारों दिशाओं में विकास की गंगा बह रही है। इस कारण कहीं-कहीं बाढ़ भी आ रही है। गरीब लोग अक्सर विकास की गंगा के मुहाने पर बस्ती बसा लेते हैं। ऐसे में जब मुख्यधारा का वेग बढ़ता है तो सबसे पहले गरीब चपेट में आते हैं। कोटपूतली में सब्जी वाले चपेट में आ गए। वैसे जिसे देखो वह एक बात जरूर कहता है- हमारे वेतन से ज्यादा तो ये सब्जी वाले कमा रहे हैं। उन्हीं मुओं की नजर लगी होगी। उन्हें सब्जियों के भाव सोने-चांदी, हीरे-मोती सरीखे लगते हैं। उन्हें किसान की मेहनत नहीं दिखती, मौसम की मार नहीं दिखती, सब्जी वालों का रिस्क नहीं दिखता। कोटपूतली जैसा शहर जिनमें एक भी सड़क एक किलोमीटर भी सीधी नहीं, गलियां इंसान से ज्यादा तंग और रास्ते पहाड़ से ज्यादा घुमावदार। वहां से विकास का हाथी गुजरेगा तो हड़कंप मचेगा ही। यहां पुल की उपयोगिता उसके ऊपर से गुजर जाने में नहीं है, बल्कि नीचे कोई धंधा खोलकर बैठ जाने में ज्यादा है। हालात के मारे सैकड़ों मजबूरों ने पुल के नीचे काम जमा रखा था। रोजी-रोटी चल रही थी। लेकिन विकास की नजर में यह अतिक्रमण है। है भी। कई नोटिस-चेतावनी के बाद कोर्ट का आदेश हुआ। पालन करते हुए बुलडोजर घर-घराकर ‘विकास-विकास’ चिंघाड़ते भरे ठेलों के ऊपर से गुजर गया। एक सब्जी वाले ने बाहुबली बनकर बुलजोडर के सामने हाथ उठाया। निर्दयी मशीन का पंजा धड़ाक से ठेले पर गिरा और ‘हीरे-मोती’ सड़क पर बिखर गए। इनपुट सहयोग- मनोज सैनी (चौमूं, जयपुर), विजय कुमार (बाड़मेर), धर्म सिंह यादव (कोटपूतली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

अमरनाथ यात्रा तीसरा दिन, 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन स्लॉट फुल:प्रशासन बोला- रजिस्ट्रेशन नहीं तो यात्रा टालें; नया कोटा मिलने तक चेकपॉइंट पर रुकना पड़ेगा

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन करवाए अमरनाथ पहुंच रहे यात्रियों से कहा है कि वे अपनी यात्रा कुछ दिन के लिए टाल दें। प्रशासन के मुताबिक, 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं। ऐसे में अगर कोई यात्री बिना रजिस्ट्रेशन बालटाल या पहलगाम रूट से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा तो उसे चेक पॉइंट्स पर रोक दिया जाएगा। उसे 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि रविवार से केवल रजिस्टर्ड यात्री ही कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को चेक पोस्ट पर रोक दिया जाएगा। उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने मिलेगा। जम्मू डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने कहा कि 3 दिन में 13 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड यात्री बालटाल-पहलगाम रूट से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बेस कैंप से रवाना किए जा चुके हैं। 3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा 28 अगस्त को खत्म होगी। 57 दिनों के दौरान 14km लंबे बालटाल रूट और 48km लंबे पहलगाम रूट से यात्री गुफा के लिए जाएंगे। यात्रा रूट की 5 तस्वीरें… यात्रा के 3 दिन में 4 जत्थे रवाना लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने 2 जुलाई को 4,822 यात्रियों का पहला जत्था रवाना किया था। दूसरे जत्थे में 3,865 यात्री शामिल थे, जबकि शनिवार को बेस कैंप से रवाना किए गए तीसरे जत्थे में 4,812 यात्री रवाना हुए। रविवार को चौथे जत्थे में 6721 श्रद्धालु शामिल हुए। कुमार ने कहा कि प्रशासन ने पहले से रजिस्टर्ड यात्रियों के लिए RFID वितरण केंद्र बनाए हैं। यह मौके पर (तत्काल) रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दे रहा है। पहले से रजिस्टर्ड यात्रियों की रवानगी पहले करवाई जाती है। अगर डेली कोटा बचता है, तब तत्काल रजिस्ट्रेशन के लिए दिया जाता है। हालांकि, गुफा मंदिर के रास्ते में नाजुक भौगोलिक स्थिति, ग्लेशियर वाले इलाके और मौसम के कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हर दिन जाने वाले यात्रियों की संख्या तय की जाती है। भारी भीड़ को संभालने के लिए, प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे लोगों को लगभग 12,000 टोकन बांटे हैं। टोकन सिस्टम से तीर्थयात्री अपनी तय रजिस्ट्रेशन तारीख पर वापस आ सकते हैं। 40 दिन में घटकर 4 फीट के हुए बाबा बर्फानी अमरनाथ में बनने वाले पवित्र शिवलिंग का आकार 4 फीट रह गया है। 23 मई को BSF के जवानों ने जो तस्वीर जारी की थी, उसमें शिवलिंग का आकार करीब 7 फीट था। 29 जून को प्रथम पूजा के दिन भी हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से ज्यादा थी। 3 जुलाई को सामने आई तस्वीर में हिमलिंग लगभग 4 फीट का दिखाई दे रहा है। इसकी चौड़ाई भी घट गई है। ———————————- अमरनाथ यात्रा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 2029 से अमरनाथ के लिए केबल कार चलाने की तैयारी: अप्रैल 2027 से काम शुरू होगा; 5-8 घंटे का सफर 30 मिनट में पूरा होगा बाबा बर्फानी की यह तस्वीर 2026 की है, अभी हिमलिंग करीब 5 फीट ऊंचा है। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

जैसलमेर में सोलर प्लांट टूटकर स्कूटी सवारों पर गिरा,एक मौत:खराब मौसम के कारण 11 फ्लाइट जयपुर पहुंचीं; कोटा-सवाई माधोपुर में सुबह से बरसात

राजस्थान में सक्रिय मानसून से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। रविवार को कोटा और सवाई माधोपुर में सुबह से रुक-रुककर बरसात हो रही है। दिल्ली में खराब मौसम के कारण एक घंटे में 11 फ्लाइट जयपुर पहुंचीं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले पांच दिन तक मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में अतिभारी बारिश की भी आशंका है। अगले 2-3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की भी संभावना है। इससे पहले शनिवार को सीकर, सवाई माधोपुर, झालावाड़, जैसलमेर समेत अन्य जिलों में एक इंच तक बारिश हुई। जैसलमेर में अंधड़ के कारण एक होटल पर लगा सोलर प्लांट टूटकर स्कूटी सवारों पर गिर गया। हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स दिल्ली की फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट: राजधानी में बिगड़े मौसम का प्रभाव फ्लाइट्स शेड्यूल पर हुआ है। रविवार सुबह चार इंटरनेशनल और 7 घरेलू फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इन फ्लाइट्स को मौसम सामान्य होने पर दिल्ली रवाना किया जाएगा। सभी पैसेंजर्स के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 3 स्कूटी सवार घायल, एक की मौत: जैसलमेर में शनिवार शाम को अंधड़-बारिश के दौरान गांधी कॉलोनी में एक होटल की छत पर लगा सोलर प्लांट टूट गया। होटल के नीचे से निकल रहे स्कूटी सवार सुभाष खत्री (50) और उनके दो पोते संयम (4 साल) और वंश (2 साल) टूटी सोलर प्लेट्स की चपेट में आ गए। सुभाष खत्री की इलाज के दौरान मौत हो गई। चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी बारिश: पिछले 24 घंटों में सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी, सीकर के पलसाना में 33 मिमी, उदयपुर के पास सलूंबर में 18 मिमी, झालड़ा में 11 मिमी, प्रतापगढ़ के दलोत में 16 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा झुंझुनूं के नवलगढ़ में 12 मिमी, झालावाड़ के झालरापाटन में 28 मिमी, हनुमानगढ़ के भादरा में 16 मिमी और उदयपुर शहर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई। अतिभारी बारिश की आशंका: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तट पर एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर सिस्टम’ (कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ है। साथ ही, मानसून ट्रफ राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से होकर गुजर रही है। इस दौरान पूर्वी और दक्षिण पूर्वी जिलों में अतिभारी बारिश हो सकती है। … मौसम के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…