राष्ट्रीय युवा संसद में महिला सशक्तीकरण:युवाओं का चुनावी सुधार, जातीय जनगणना और डिजिटल मीडिया विनियमन पर मंथन

नगर निगम जयपुर में मंच मिनिस्ट्री एवं युवा साथी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद का शनिवार को समापन हुआ। देश के 25 से अधिक राज्यों से आए 250 से ज्यादा युवाओं ने सांसदों, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए चार प्रमुख मुद्दों पर संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप चर्चा और वाद-विवाद किया। मुख्य आयोजक एवं संस्थापक मोहित शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने किया। युवा संसद में महिला सशक्तीकरण एवं समान प्रतिनिधित्व, निर्वाचन सुधार एवं चुनावी पारदर्शिता, जातीय जनगणना एवं आरक्षण सुधार तथा डिजिटल प्रसारण एवं ऑनलाइन मीडिया विनियमन से जुड़े चार प्रस्तावित विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए शोध आधारित तर्क, सुझाव और समाधान प्रस्तुत किए। संवैधानिक जागरूकता
सह आयोजक डॉ. नीकी चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल संसद की कार्यवाही का मंचन करना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन, शोध कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना था। सह आयोजक मनु कम्बोज ने कहा कि राष्ट्रीय युवा संसद युवाओं को जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी मंच है।

सियासी हलचल तेज:अमित शाह दिल्ली बुलाकर मंत्रियों से ले रहे फीडबैक, परफॉर्मेंस भी पूछ रहे

प्रदेश की सियासत में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने हलचल बढ़ा दी है। एक-एक कर राजस्थान के मंत्रियों को दिल्ली बुलाए जाने से अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में मंत्रियों को अपनी परफॉर्मेंस भी बतानी है और उनके खिलाफ यदि शिकायतें हैं, तो उसकी वजह भी बतानी है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि मंत्रियों को दिल्ली बुलाकर राजस्थान में कामकाज को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। पिछले दो-तीन दिनों में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जैसे मंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया है। बीते करीब एक साल से इस बात को लेकर बीच-बीच में चर्चा उठती रही है कि मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होने जा रहा है। हालांकि अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के नेताओं, मंत्रियों को इसी तरह बुलाकर अपने फीडबैक मैकेनिज्म को मजबूत करता रहा है। सियासी सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली की इसके पीछे की कहानी कुछ इसी तरह की है। हालांकि स्थानीय आलोचक यह जरूर चर्चा छेड़ रहे हैं कि जिन-जिन मंत्रियों की शिकायतें ज्यादा हैं, पहले दौर में उन्हें ही बुलाया जा रहा है। चर्चाओं पर विराम की कोशिश कृषि मंत्री मीणा व शिक्षा मंत्री दिलावर ने हालांकि अपने अपने कार्यक्रम जारी कर अधिकृत रूप से भी दिल्ली दौरे की जानकारी दी है, वे अपने-अपने मंत्रालयों के अधिकृत कार्यक्रमों में भी शामिल हुए हैं। दिलावर ने एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होने का जिक्र किया है। वहीं, किरोड़ी ने शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति वाले विकसित भारत ग्राम योजना कार्यक्रम का जिक्र किया। चिकित्सा मंत्री खींवसर भी दो दिन पहले अमित शाह से मिले। अब शुक्रवार को किरोड़ीलाल मीणा शाह से मिले। परफॉर्मेंस के साथ फीडबैक लिया गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर भी चर्चा असल में पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि राज्य के चार में एक मंत्री को ड्रॉप कर एक नए की एंट्री संभव है। इनमें सबसे ज्यादा नाम पिछले दिनों राज्यसभा सदस्य बने डॉ. सतीश पूनियां को लेकर चल रहा है। पार्टी के केंद्रीय सूत्रों के अनुसार उन्हें किसी मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। यही कारण है कि मौजूदा एकमात्र राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे भागीरथ चौधरी से रिप्लेस किए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है।

मारपीट व लूट का मामला:कार में आए 4 बदमाश, बाइक पर घर जा रहे ज्वैलर को रोककर पीटा, 1 तोला सोना, 8 किलो चांदी लूटी

राजधानी में एक ज्वेलर को कार सवार चार बदमाशों ने मारपीट कर लूट लिया। वारदात खोराबीसल इलाके में नांगललाडी स्टैंड के पास शुक्रवार रात 8 बजे हुई। कार सवार बदमाश बाइक सवार ज्वेलर पर हमला कर गहनों से भरा बैग लूट ले गए। बैग में 8 किलो चांदी, 1 तोला सोना और 15 हजार रुपए नकद रखे हुए थे। बदमाशों ने ज्वेलर को डंडों और पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ज्वेलर को कालवाड़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वारदात नांगलनाडी मुख्य बाजार स्थित श्री श्याम ज्वैलर्स के मालिक शंकरलाल शर्मा के साथ हुई। शंकरलाल रोजाना की तरह शुक्रवार रात दुकान बंद कर बाइक से घर जा रहे थे। दुकान से कुछ दूरी पर ही एक कार ने उनका रास्ता रोक लिया। कार से चार बदमाश उतरे। उनके हाथों में डंडे और पाइप थे। उन्होंने बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर शंकरलाल पर हमला कर दिया। हाथ पर जोरदार वार लगने से बैग छूट गया और बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। खास बात यह है कि करीब 7 महीने पहले शंकरलाल की दुकान में चोरी हुई थी। इसके बाद से वह रोज शाम को दुकान का माल बैग में रखकर घर ले जाने लगे थे। बदमाशों ने इसी रूटीन को निशाना बनाया। व्यापारी ने चांदी शुक्रवार को ही जयपुर से खरीदी थी। मुंह पर कपड़ा बांधकर आए बदमाश, रेकी की
पीड़ित ज्वैलर शंकरलाल ने पुलिस को बताया कि चारों बदमाशों ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। वारदात के बाद पुलिस ने बदमाशों की तलाश में जयपुर कमिश्नरेट, जयपुर ग्रामीण सहित आसपास के इलाकों में ए-श्रेणी की नाकाबंदी कराई, लेकिन देर रात तक सुराग नहीं लगा। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

एसीबी की कार्रवाई:निगम में किसके आदेश चलते हैं? डीएलबी ने हटाया, जोन ने रिलीव किया… फिर भी कर्मचारियों ने कुर्सियां नहीं छोड़ीं

निगम के आमेर-हवामहल जोन में एसीबी की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अनियमितताओं की नई परतें सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि स्थानीय स्तर पर न केवल निगम प्रशासन बल्कि स्वायत्त शासन विभाग के आदेशों की भी पालना नहीं हो रही। एपीओ किए गए अधिकारी महीनों तक उसी जोन में काम करते रहे, जबकि मूल पद पर भेजे गए कर्मचारी भी पुराने पद पर जमे रहे। सबसे बड़ा मामला अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी गोपी वल्लभ शर्मा का है। डीएलबी निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने 6 मई को उन्हें एपीओ कर मुख्यालय में उपस्थिति देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन दो महीने बाद भी उन्होंने मुख्यालय में जाइनिंग नहीं दी और आमेर-हवामहल जोन में ही कार्य करते रहे। इसी तरह गुरुवार को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते एसीबी के हत्थे चढ़े जमादार रामसिंह का मामला भी गंभीर प्रशासनिक लापरवाही उजागर करता है। रामसिंह को 12 जून को जमादार पद से हटाकर उसके मूल पद सफाई कर्मचारी पर भेज दिया था। जोन उपायुक्त सीमा चौधरी ने आदेश जारी कर उसे वार्ड-26 में सफाई कार्य के लिए तैनात किया और उसी दिन रिलीव भी कर दिया था। इसके बावजूद रामसिंह करीब डेढ़ महीने तक जोन में जमादार की तरह काम करता रहा। एसीबी की कार्रवाई के बाद किया एपीओ निगम में एसीबी ने पांच दिनों में 4 कर्मचारियों को ट्रैप किया है। सिविल लाइंस जोन में एक जेईएन रिश्वत लेते पकड़ा। कार्रवाई की भनक लगते ही तत्कालीन जोन उपायुक्त सुनील बैरवा कार्यालय छोड़कर चले गए, जो पकड़ से बाहर हैं। गुरुवार को आमेर-हवामहल जोन में जमादार रामसिंह तथा निगम मुख्यालय में रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश को ट्रैप किया। अब एसीबी की जांच उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी केंद्रित हो गई है। वहीं, आमेर-हवामहल जोन में एसीबी कार्रवाई के बाद तत्कालीन जोन उपायुक्त सीमा चौधरी को डीएलबी ने एपीओ कर डीएलबी मुख्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले सिविल लाइंस जोन के तत्कालीन उपायुक्त सुनील बैरवा को निगम मुख्यालय एपीओ किया था। हालांकि उनके मामले में डीएलबी की ओर से अभी अलग से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। छह साल से डेपुटेशन पर जमी उप रजिस्ट्रार निगम हेरिटेज के गठन के दौरान सांख्यिकी विभाग से 10 अधिकारी-कर्मचारी डेपुटेशन पर आए थे। अधिकांश कर्मचारी 4 वर्ष बाद अपने मूल विभाग में लौट गए, लेकिन आदर्श नगर जोन की उप रजिस्ट्रार सपना बसवाल अब भी निगम में कार्यरत हैं। वे 17 जून, 2020 को डेपुटेशन पर आई थीं। उनका मूल पद सांख्यिकी निरीक्षक का है। इसी तरह विक्रम सिंह सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर हैं।

खाद कंपनियों से वसूली मामले में सर्च:दो एओ के नाम अकूत संपत्ति, 5 लाख रु. नकद, 11 प्लॉट, 2 फ्लैट और सुपर मार्ट में पार्टनर

भिवाड़ी व कोटपूतली-बहरोड़ में संचालित खाद कंपनियों पर कार्रवाई का डर दिखाकर वसूली करने वाले दोनों कृषि अधिकारियों के घरों की सर्च में एसीबी को अकूत संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। एसीबी ने गुरुवार को शाहपुरा के पास हाइवे पर कृषि अधिकारियों की सरकारी गाड़ी सफारी को रुकवाकर चेकिंग की थी। इनके पास बेग में छिपाकर रखे सैंपल पैकेटों में 2.63 लाख रुपए मिले थे। यह राशि भिवाड़ी व कोटपूतली में संचालित खाद कपंनियों से वसूली कर लाई गई थी। एओ महेश कुमार मीणा के बैग से 1,48,500 और एओ चंदाराम गुर्जर के बैग में 1,15,000 रुपए मिले थे। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव व कृषि विभाग का चालक रमेश चंद्र मीणा भी सवार थे। किसकी-कितनी संपत्ति

पीएचडी प्रवेश में 453 स्टूडेंट्स को नोटिस:जांच में नेट स्कोर बढ़ाने, वर्ष बदलने और दस्तावेज जोड़ने के मामले आए सामने

राजस्थान यूनिवर्सिटी में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों की जांच में 453 आवेदनों में गड़बड़ियां मिलने पर संबंधित छात्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। यूनिवर्सिटी ने इन छात्रों से मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार शाम तक केवल 80 छात्रों ने ही मूल नेट स्कोर कार्ड और अन्य दस्तावेज जमा कराए थे। शनिवार शाम तक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। राजस्थान यूनिवर्सिटी में दो साल बाद पीएचडी की 984 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है। इस बार यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार प्रवेश लिखित परीक्षा के बिना इंटरव्यू और नेट स्कोर के आधार पर होना था। इसके लिए 2500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। 22 जून से इंटरव्यू शुरू होने थे, लेकिन दस्तावेजों में गड़बड़ियों का मामला सामने आने के बाद प्रक्रिया रोक दी गई। कई अभ्यर्थियों ने अलग-अलग दस्तावेज जोड़कर पेश किए जांच में कई अभ्यर्थियों द्वारा दो अलग-अलग दस्तावेज जोड़कर प्रस्तुत करने के मामले सामने आए। प्रवेश के लिए 2024 का नेट स्कोर मान्य था, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने 2024 के स्कोर कार्ड में पूर्व की परीक्षा का स्कोर जोड़ दिया। कई मामलों में स्कोर कार्ड का वर्ष बदला गया, जबकि कुछ अभ्यर्थियों ने गलत जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का परीक्षा केंद्र सस्पेंड
पैरामेडिकल परीक्षा में नकल कराने के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी ने कालवाड़ स्थित प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का परीक्षा केंद्र सस्पेंड कर दिया है। अब इस कॉलेज में राजस्थान यूनिवर्सिटी से संबंधित कोई परीक्षा आयोजित नहीं होगी। खोरा बीसल थाना पुलिस और पश्चिम जिले की डीएसटी टीम ने हाल ही में पैरामेडिकल परीक्षा में नकल कराने के आरोप में कॉलेज संचालक समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कमेटी ने पीएचडी आवेदनों की जांच की है। कमी मिलने पर 453 छात्रों से मूल दस्तावेज मांगे गए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 8 जुलाई को अंतिम सूची जारी करने की तैयारी है। -प्रो. अल्पना कटेजा, कुलगुरु, राजस्थान यूनिवर्सिटी

‘ग्राउंड जीरो’ से देखिए विकास:टोंक रोड पर 20 फीट का गड्ढा; 7 दिन पहले डाली थी गैस लाइन

राजधानी की मुख्य हार्टलाइन टोंक रोड पर शुक्रवार दोपहर अचानक सड़क धंस गई। निगम मुख्यालय से महज 200 मीटर पहले बीपी पेट्रोल पंप के सामने करीब 20 फीट लंबा, 15 फीट चौड़ा और 5 फीट गहरा गड्ढा हो गया। जिस समय सड़क धंसी, उस समय ट्रैफिक गुजर रहा था। गनीमत रही कि कोई वाहन गड्ढे में नहीं फंसा। जांच में सामने आया कि टोरेंट गैस कंपनी ने 7 दिन पहले यहां पीएनजी गैस लाइन डालने के लिए हॉरिजेंटल ड्रिलिंग की थी। लाइन डालने के बाद रीस्टोरेशन के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई। नीचे मिट्टी में खाली जगह रह गई। गुरुवार रात तेज बारिश के बाद पानी रिसा, मिट्टी बैठी और शुक्रवार दोपहर सड़क धंस गई। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। जेडीए और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने टोरेंट कंपनी के प्रतिनिधियों को फोन किए, लेकिन कंपनी का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। 7 दिन में ड्रेनेज पाइप फटा, पानी भरा बारिश ने एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। इंजीनियरिंग विभाग की खामी के चलते एक सप्ताह पहले लगाया गया ड्रेनेज पाइप फट गया। पानी ग्राउंड फ्लोर तक पहुंच गया। इमरजेंसी के पास स्थित ईसीजी रूम, माइनर ओटी और मुख्य कॉरिडोर में पानी भरने से मरीजों व स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ा। कॉरिडोर में फॉल्स सीलिंग का हिस्सा भी गिर गया। मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया। नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र मांडिया ने बताया पाइप को ठीक करवा रहे हैं। देर रात 2 इंच पानी बरसा, सड़कें लबालब मानसून दस्तक देने के साथ ही जमकर बरसने लगा है। 2 जुलाई को दिन में एंट्री करने वाले मानसून ने देर रात तक पूरा जिला कवर लिया और खूब बरसा। सड़कें लबालब हो गईं, कई कॉलोनियों में पानी भर गया। मुरलीपुरा-झोटवाड़ा में दादी का फाटक अंडरब्रिज डूब गया। 5.5 मीटर (18 फीट) से गहरा अंडरपास में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी है। इससे एक तरफ से दूसरी तरफ जाने वाले वाहनों को करीब 4 से 5 किमी लंबा चक्कर लगाना जाना पड़ा। बीसलपुर का लेवल 313.57 आरएल मीटर पहुंचा: बीसलपुर में पानी की आवक शुरू हो गई। कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश के बाद दो दिन में बांध में 12 सेमी पानी आया। ऐसा पहली बार है कि मानसून के पहले दिन ही बांध में आवक हुई। शुक्रवार को बांध 313.57 आरएल मीटर पहुंच गया। अब कुल भराव क्षमता का 65.42 फीसदी पानी है। बड़ा सवाल: 15 जून से 15 सितंबर तक सड़क खोदने व ड्रिलिंग पर रोक, फिर कैसे खुद रहीं? जेडीए ने टोरेंट कंपनी को शहर में गैस लाइन के लिए ड्रिलिंग और रोड कटिंग की अनुमति दे रखी है, लेकिन अनुमति की शर्तों में साफ लिखा है कि मानसून सीजन में 15 जून से 15 सितंबर तक सड़क खोदने या ड्रिलिंग का काम नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद टोंक रोड जैसी मुख्य सड़क पर 7 दिन पहले गैस लाइन डालने का काम किया गया। परमिशन की शर्तों के अनुसार ड्रिलिंग के बाद सड़क की मरम्मत, केबल, सीवर या पेयजल लाइन डैमेज होने पर उसे ठीक करने की जिम्मेदारी भी कंपनी की है, लेकिन मौके पर सड़क धंसने के बाद भी कंपनी प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। सवाल यह है कि जब मानसून में काम पर रोक थी तो ड्रिलिंग किसकी अनुमति से हुई? काम के बाद रीस्टोरेशन की जांच किसने की? और टोंक रोड जैसी व्यस्त सड़क को बिना मजबूती जांचे ट्रैफिक के लिए कैसे छोड़ दिया गया? भुगतेगी जनता; 3 दिन तक टोंक रोड बाधित रहेगा
सड़क धंसने के बाद पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को डायवर्ट किया। जेडीए और निगम टीम ने मौके पर पहुंचकर गड्ढे में मलबा और डब्ल्यूएमएम डलवाया। अधिकारियों का कहना है कि स्थायी मरम्मत में तीन दिन लगेंगे। इस दौरान टोंक रोड की एक लेन बंद रहेगी। पीक आवर्स में यहां लंबा जाम लगने की आशंका है, क्योंकि यह सड़क शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है और दिनभर भारी ट्रैफिक गुजरता है।

जयपुर-सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग:बारिश से टाटियावास टोल की दुपहिया लेन बनी तालाब, इसका दबाव दूसरी लेन पर बढ़ा, 2 घंटे जाम जैसे हालात

जयपुर-सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टाटियावास टोल प्लाजा पर गुरुवार तड़के हुई झमाझम बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जयपुर से चौमूं जाने वाली दिशा में दुपहिया वाहनों के लिए बनाई गई लेन में पानी भर जाने से पूरी लेन तालाब जैसी बन गई। इससे बाइक सवारों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा और कई वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी भरने से टोल संचालन भी प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालात बिगड़ने पर टोल कर्मियों ने मोटर लगाकर पानी निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक करीब दो घंटे तक जाम जैसे हालात बने रहे। दुपहिया लेन प्रभावित होने के कारण कई वाहन अन्य लेनों में पहुंच गए, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति बनी। उनका कहना था कि जब टोल पर प्रतिदिन लाखों रुपए का शुल्क वसूला जाता है, तो सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना भी टोल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। टोलकर्मियों ने मोटर लगाकर निकाला पानी

फि​जिकल टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन राजस्थान में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बने डॉ. पुरोहित

बीकानेर| फिजीकल टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी के निर्णयों के तहत संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई नियुक्ति की गई। प्रदेश अध्यक्ष धूमल भाटी ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद पर डॉ. सुरेन्द्र पुरोहित को जिम्मेदारी सौंपी। नियुक्ति आदेश में उन्हें निदेशालय स्तर पर समन्वय कर संगठनात्मक काम आगे बढ़ाने, साथ ही निष्क्रिय पदाधिकारियों और जिला कार्यकारिणी के स्थान पर सक्रिय पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नियुक्ति पर जिला सुरेन्द्र हर्ष, माणक चन्द व्यास, प्रकाश सारस्वत, मोती नाईम लोदी, शिवराज सिंह, आनन्द स्वामी, एनडी पणिया, सुभाष मिश्रा, कैलाशचन्द, मनमोहन गहलोत, अजय बिंदू, कैलाश प्रजापत सहित कुछ पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि संगठन की गतिविधियां अधिक प्रभावी होंगी।

भाषिणी बनेगी लोक सेतु:पब्लिक को मारवाड़ी, ढूंढाड़ी, मेवाड़ी, बागड़ी में मिलेंगे सरकारी आदेश

सुप्रीम कोर्ट के राजस्थानी भाषा को स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल करने के आदेश के बाद अब एआई का ऐसा मॉडल आ रहा है, जो स्थानीय भाषाओं की ताकत में क्रांति ला देगा। पिछले 2 दिन जयपुर में ई-गवर्नेंस पर चले राष्ट्रीय सम्मेलन में डिजिटल इंडिया भाषिणी डिविजन (डीआईबीडी) ने ऐसा मॉडल रखा, जिससे राजस्थान की मारवाड़ी, ढूंढाड़ी, मेवाड़ी, बागड़ी, हाड़ौती सहित तमाम स्थानीय भाषाओं का डेटासेट तैयार होगा। भाषिणी ने राजस्थानी भाषा मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन भी शुरू किया। नेशनल हब फॉर लैंग्वेज टेक्नोलॉजी के ज़रिए भाषिणी गवर्नेंस सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और संस्थानों के लिए भारतीय भाषाओं में माप योग्य स्पीच और टेक्स्ट-आधारित एआई सेवाओं को सक्षम बनाएगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भाषिणी मॉडल को सराहा। उनका कहना है कि 2026 में भाषिणी की भागीदारी ने सरकारों और संस्थानों को नागरिकों की पसंदीदा भाषाओं में सेवाएं देने में सक्षम बनाकर, बहुभाषी डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। नए एआई समाधानों, समुदाय-संचालित डेटासेट निर्माण और माप योग्य भाषा तकनीकों के माध्यम से भाषिणी डिजिटल इंडिया के उस दृष्टिकोण को मजबूत कर रही है, जहां भाषा कभी भी शासन व्यवस्था में बाधा न बने। भाषिणी के सीईओ की सीएम से मंत्रणा
डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न (डीआईबीडी) के सीईओ अमिताभ नाग ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ राज्य के लिए बहुभाषी एआई और भाषा-संबंधी तकनीकों को आगे बढ़ाने पर अलग से चर्चा की। इस चर्चा का मुख्य फोकस भाषा-प्रधान नवाचार के ज़रिए समावेशी डिजिटल गवर्नेंस को मज़बूत करना है। नाग ने कहा कि ‘एआई को सच में हर नागरिक की सेवा करने के लिए उन भाषाओं को समझना होगा, जो लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बोलते हैं। भाषा में हर योगदान, हर सत्यापित डेटासेट और हर नया इस्तेमाल हमें ऐसे एआई को बनाने के करीब ले जाता है, जो ज़्यादा समावेशी, ज़्यादा प्रतिनिधित्व करने वाला और सभी के लिए ज़्यादा सुलभ हो। 36 भारतीय भाषाओं पर काम हो चुका भाषिणी 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को सक्षम बना रही है, हर दिन 2 करोड़ से अधिक एआई के निष्कर्ष प्रोसेस करती है, 8 बिलियन से अधिक एआई इन्फरेंस को सक्षम बना चुकी, 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सहयोग, 20 से अधिक विशेष एनएलपी सेवाएं दे रही।