‘ग्राउंड जीरो’ से देखिए विकास:टोंक रोड पर 20 फीट का गड्ढा; 7 दिन पहले डाली थी गैस लाइन

राजधानी की मुख्य हार्टलाइन टोंक रोड पर शुक्रवार दोपहर अचानक सड़क धंस गई। निगम मुख्यालय से महज 200 मीटर पहले बीपी पेट्रोल पंप के सामने करीब 20 फीट लंबा, 15 फीट चौड़ा और 5 फीट गहरा गड्ढा हो गया। जिस समय सड़क धंसी, उस समय ट्रैफिक गुजर रहा था। गनीमत रही कि कोई वाहन गड्ढे में नहीं फंसा। जांच में सामने आया कि टोरेंट गैस कंपनी ने 7 दिन पहले यहां पीएनजी गैस लाइन डालने के लिए हॉरिजेंटल ड्रिलिंग की थी। लाइन डालने के बाद रीस्टोरेशन के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई। नीचे मिट्टी में खाली जगह रह गई। गुरुवार रात तेज बारिश के बाद पानी रिसा, मिट्टी बैठी और शुक्रवार दोपहर सड़क धंस गई। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। जेडीए और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने टोरेंट कंपनी के प्रतिनिधियों को फोन किए, लेकिन कंपनी का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। 7 दिन में ड्रेनेज पाइप फटा, पानी भरा बारिश ने एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। इंजीनियरिंग विभाग की खामी के चलते एक सप्ताह पहले लगाया गया ड्रेनेज पाइप फट गया। पानी ग्राउंड फ्लोर तक पहुंच गया। इमरजेंसी के पास स्थित ईसीजी रूम, माइनर ओटी और मुख्य कॉरिडोर में पानी भरने से मरीजों व स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ा। कॉरिडोर में फॉल्स सीलिंग का हिस्सा भी गिर गया। मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया। नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र मांडिया ने बताया पाइप को ठीक करवा रहे हैं। देर रात 2 इंच पानी बरसा, सड़कें लबालब मानसून दस्तक देने के साथ ही जमकर बरसने लगा है। 2 जुलाई को दिन में एंट्री करने वाले मानसून ने देर रात तक पूरा जिला कवर लिया और खूब बरसा। सड़कें लबालब हो गईं, कई कॉलोनियों में पानी भर गया। मुरलीपुरा-झोटवाड़ा में दादी का फाटक अंडरब्रिज डूब गया। 5.5 मीटर (18 फीट) से गहरा अंडरपास में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी है। इससे एक तरफ से दूसरी तरफ जाने वाले वाहनों को करीब 4 से 5 किमी लंबा चक्कर लगाना जाना पड़ा। बीसलपुर का लेवल 313.57 आरएल मीटर पहुंचा: बीसलपुर में पानी की आवक शुरू हो गई। कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश के बाद दो दिन में बांध में 12 सेमी पानी आया। ऐसा पहली बार है कि मानसून के पहले दिन ही बांध में आवक हुई। शुक्रवार को बांध 313.57 आरएल मीटर पहुंच गया। अब कुल भराव क्षमता का 65.42 फीसदी पानी है। बड़ा सवाल: 15 जून से 15 सितंबर तक सड़क खोदने व ड्रिलिंग पर रोक, फिर कैसे खुद रहीं? जेडीए ने टोरेंट कंपनी को शहर में गैस लाइन के लिए ड्रिलिंग और रोड कटिंग की अनुमति दे रखी है, लेकिन अनुमति की शर्तों में साफ लिखा है कि मानसून सीजन में 15 जून से 15 सितंबर तक सड़क खोदने या ड्रिलिंग का काम नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद टोंक रोड जैसी मुख्य सड़क पर 7 दिन पहले गैस लाइन डालने का काम किया गया। परमिशन की शर्तों के अनुसार ड्रिलिंग के बाद सड़क की मरम्मत, केबल, सीवर या पेयजल लाइन डैमेज होने पर उसे ठीक करने की जिम्मेदारी भी कंपनी की है, लेकिन मौके पर सड़क धंसने के बाद भी कंपनी प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। सवाल यह है कि जब मानसून में काम पर रोक थी तो ड्रिलिंग किसकी अनुमति से हुई? काम के बाद रीस्टोरेशन की जांच किसने की? और टोंक रोड जैसी व्यस्त सड़क को बिना मजबूती जांचे ट्रैफिक के लिए कैसे छोड़ दिया गया? भुगतेगी जनता; 3 दिन तक टोंक रोड बाधित रहेगा
सड़क धंसने के बाद पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को डायवर्ट किया। जेडीए और निगम टीम ने मौके पर पहुंचकर गड्ढे में मलबा और डब्ल्यूएमएम डलवाया। अधिकारियों का कहना है कि स्थायी मरम्मत में तीन दिन लगेंगे। इस दौरान टोंक रोड की एक लेन बंद रहेगी। पीक आवर्स में यहां लंबा जाम लगने की आशंका है, क्योंकि यह सड़क शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है और दिनभर भारी ट्रैफिक गुजरता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *