उदयपुर में तेज बारिश से सड़कें लबालब:लगातार एक घंटे तक हुई बरसात, शादी वाले परिवारों को हुई भारी परेशानी

उदयपुर शहर में शुक्रवार की रात को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। करीब एक घंटे तक चली बारिश से शहर की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वैसे मानसून उदयपुर में आज सुबह एंट्र कर चुका था लेकिन मानसून की तेज बारिश रात में हुई। वहीं आज सुबह से रिमझिम बारिश चल रही है। रात साढ़े आठ बजे से बारिश की शुरूआत हुई और 9 बजे से झमाझम हुई। शहर में आज बड़ी संख्या में शादियां थी और उसमें बारिश से बड़ा खलल पड़ा। इधर, आज मानसून की एंट्री होने पर लोगों में खुशी थी लेकिन दिन भर उमस ने परेशान किया पर मानसून की बारिश नहीं हुई। रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश ने अहसास करा दिया कि मानसून आ गया है। रात को शहर के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई।
न्यू आरटीओ रोड पर भरा पानी शहर के शोभागपुरा से न्यू आरटीओ जाने वाली रोड पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी भर गया। यहीं स्थिति शहर के कई स्थानों पर देखने को मिली जहां जल भराव की समस्या है। शहर में आज कई शादियों के आयोजन थे और रिस्पेशन समारोह में बारिश ने खलल डाली और सारी तैयारियां चौपट हो गई। रात करीब 9 बजे इस कदर बारिश हुई कि शादियों में गाड़ी पार्क कर गार्डन के अंदर लोग नहीं जा सके और छाते भी तेज बारिश के आगे नहीं चले। बारिश रुकने के बाद लोग धीरे-धीरे शादी वाली जगह पहुंचे। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है जिले के ऋषभदेव कस्बे में तेज बारिश का दौर रात दस बजे तक चला। आठ दिन की देरी से हुई मानसून की एंट्री इससे पहले शुक्रवार सुबह उदयपुर में मानसून की एंट्री हुई। आमतौर पर उदयपुर में मानसून 18 से 25 जून के आस-पास प्रवेश करता है, लेकिन इस साल करीब 8 देरी से आया है। 2025 में मानसून की एंट्री 18 जून को हुई थी। इस साल 3 जुलाई को मानसून आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। उदयपुर में मानसून विदाई का समय 15 सितंबर के बाद निर्धारित है।

मंगेतर की हत्या की आरोपी सिया का दूसरा मोबाइल मिला:चेतन से कोडवर्ड में चैटिंग करती थी; दोनों 14 दिन येरवदा जेल में रहेंगे

पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी। वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा। सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी। चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें… कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है। दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है। प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया

पंजाब में जीजा को जिंदा जलाया, VIDEO सामने आया:बीच-बचाव करने आई भाभी भी जलकर मरी; पत्नी को लेने अमृतसर से मायके तरनतारन गया था

तरनतारन में अपनी पत्नी को मायके से ससुराल ले जाने आए पति को उसके ही साले ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसमें व्यक्ति की मौत हो गई। उसे बचाने आई भाभी भी आग की चपेट में आई, जिससे उसकी भी जान चली गई। इतना ही नहीं, इन दोनों को आग के हवाले करने वाला साला भी चपेट में आ गया, जिससे वह भी बुरी तरह झुलस गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। यह दुर्घटना तो पिछले महीने की है, लेकिन पूरे अग्निकांड का अब सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस सीसीटीवी में व्यक्ति के साथ कहासुनी, हाथापाई होती दिख रही है। इसके बाद आग लगने पर पीड़ित इधर-उधर भागते दिख रहे हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 13 जून को हुई वारदात पुलिस के अनुसार, यह मामला तरनतारन के गांव संघा का है। यह वारदात 13 जून को हुई। मृतक की पहचान अमृतसर के गांव लोपोके के निवासी लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है। 13 जून को वह अपनी पत्नी संदीप कौर को मनाकर ससुराल लाने के लिए उसके मायके गांव संघा पहुंचा था। इनकी 9 महीने पहले शादी हुई थी। कुछ दिन बाद ही झगड़ के बाद पत्नी मायके चली आई थी और यहीं रह रही थी। ससुराल पहुंचने पर लवप्रीत सिंह की उसके ससुराल वालों से बहस हुई। पड़ोसी भी मौके पर जमा हो गए। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और लवप्रीत का साला साजन सिंह पेट्रोल की बोतल उठा लाया। उसने वह बोतल अपने जीजा लवप्रीत पर उढ़ेल दी। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा इसी दौरान बीच-बचाव करने साजन सिंह की भाभी गुरजीत कौर भी आ गईं, जिससे तेल उनके ऊपर भी गिर गया। इसके बाद गुस्से में साजन सिंह ने लाइटर लगा दिया, जिससे फौरन आग लग गई। थोड़ी देर में दोनों लवप्रीत सिंह और गुरजीत कौर जल गए। साजन सिंह भी आग की चपेट में आ गया, जिससे वह भी झुलस गया। मौके पर मौजूद लोग फौरन लवप्रीत और गुरजीत को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें डॉक्टर ने मृत करार दे दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने लवप्रीत और गुरजीत की हत्या के आरोप में साजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसे भी कुछ दिन अस्पताल में रहना पड़ा। उसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में क्या दिख रहा SHO बोले- आरोपी को जेल भेजा सदर थाने के SHO नवदीप सिंह ने बताया है कि साजन इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसने तेल डालकर अपने जीजा लवप्रीत को आग लगा दी, जिससे वह करीब 92 प्रतिशत तक झुलस गया था। इससे उसकी मौत हो गई। बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज कर साजन को आरोपी बनाया है। उसे दो लोगों की हत्या के केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना में प्रेमी जोड़े की 4 साल की लव स्टोरी, शादीशुदा थे, होटल में गोली मारी
एक मुलाकात, फिर दोस्ती, उसके बाद बेइंतहा मोहब्बत और आखिर में होटल के कमरे में दो लाशें… तरनतारन की दो बच्चों की मां और फिरोजपुर के शादीशुदा युवक की प्रेम कहानी का अंत किसी फिल्मी क्लाइमैक्स से कम नहीं रहा। पढ़ें पूरी खबर…

तानों-वर्चस्व की जंग में गई डकैत जगन की जान:गैंग में दबदबा बनाने के लिए रची साजिश; जानिए 15 मिनट में कैसे हुआ मर्डर

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या महज आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था, बल्कि जेल के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और लगातार मिल रहे तानों का नतीजा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विष्णु जाट अपने गैंग के बीच खुद को बड़ा अपराधी साबित करना चाहता था। दूसरी ओर, 100 से ज्यादा मुकदमों वाला डकैत जगन गुर्जर, विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर लगातार तंज कसता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स (टिप्पणियों) से आहत होकर विष्णु ने जगन की हत्या का प्लान बनाया, फिर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस की पड़ताल में वारदात से लेकर सबूत मिटाने तक की पूरी कहानी अब सिलसिलेवार (मिनट-टू-मिनट) सामने आ गई है। जेल में इस तरह हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या जगन को ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे बंदी पुलिस सूत्रों के अनुसार, विष्णु जाट पहले से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। उसकी गैंग के कई सदस्य भी उसी जेल में बंद हैं। गैंग के साथी अक्सर उसका मजाक उड़ाते थे कि उसके खिलाफ केवल छोटे-मोटे चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और उसने अब तक कोई बड़ा अपराध नहीं किया है। दूसरी तरफ, मार्च 2026 में डकैत जगन गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। 100 से ज्यादा मुकदमों वाले जगन का जेल में अलग ही दबदबा था। बंदी उसे ‘जग्गू दादा’ कहकर बुलाते थे। जांच में सामने आया है कि जगन अक्सर विष्णु के अपराधों और उसके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करता था। गैंग के साथियों के तानों और जगन के कमेंट्स से परेशान होकर विष्णु ने तय कर लिया कि यदि वह जगन जैसे बड़े अपराधी की हत्या कर देगा, तो जेल में उसका भी वर्चस्व स्थापित हो जाएगा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा- मैंने जगन की हत्या कर उसका ‘उद्धार’ किया है। पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस बीच दोनों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया। इसके बाद 27 जून को विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी। ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे। जेल अधीक्षक बोले- टेक्निकल स्टाफ नहीं, कई कैमरे बार-बार खराब होते हैं जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- जेल में सीसीटीवी की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार DOIT को मेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद (नॉन-लाइव) हो जाते हैं। फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की है। शनिवार (आज) को उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे की जांच और रिमांड को लेकर कार्रवाई की जाएगी। ——- ये खबरें भी पढ़िए… 1- डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार, बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवान जेल से कड़ी सुरक्षा में उसे लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर 2- जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। पढ़ें पूरी खबर…

800 रुपए में पार्सल डिलीवरी, चाहे विस्फोटक हो या ड्रग्स:कैमरे पर रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर का अवैध सिस्टम, चेक तक नहीं करते कार्टन के अंदर क्या है?

राजस्थान रोडवेज की बसों में 900 से 1 हजार रुपए लेकर धड़ल्ले से अवैध पार्सल भेजे जा रहे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर पार्सल तक चेक नहीं करते कि इसमें ड्रग्स या हथियार तो नहीं? पटाखे या अन्य विस्फोटक तो नहीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए संकट बन जाए। बड़े-बड़े बोरे और कार्टन तक यात्रियों के सामान के बीच या ड्राइवर के केबिन में रखकर भेजे जा रहे हैं। ये खतरनाक इसलिए है, क्योंकि कई बार इन्हीं पार्सलों के कारण यात्रियों को हादसे के वक्त बस से निकलने की जगह नहीं मिलती। इस खेल का खुलासा करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ग्राहक (कस्टमर) बनकर ड्राइवर से मिला। एक पार्सल में ईंट रखकर टनकपुर (उत्तराखंड) भेजने के लिए कहा। ड्राइवर ने पार्सल भेजने के 800 रुपए लिए। चेक तक नहीं किया कि पार्सल में कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भास्कर रिपोर्टर जयपुर-टनकपुर रूट की बस के ड्राइवर लोकेश यादव से मिला। ड्राइवर ने कहा- किराया सामान देखकर तय होगा। 900 से 1000 रुपए लगेंगे। ड्राइवर के दावे की सच्चाई जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खाली कार्टन लिया। उसमें केवल एक ईंट रखी और पैक कर दिया। ऊपर टनकपुर का पता लिख दिया गया, ताकि वह असली पार्सल जैसा लगे। इसके बाद टीम उसी रोडवेज बस के पास पहुंच गई। (रिपोर्टर ने ड्राइवर को 800 रुपए दे दिए।) चीफ मैनेजर को बुलाया तो ड्राइवर मौके से भाग गया रिपोर्टर ने सिंधी कैंप बस स्टैंड के चीफ मैनेजर राकेश राय को मौके पर बुलाया। चीफ मैनेजर के पहुंचते ही ड्राइवर वहां से निकल गया। बाद में उसे बुलाया गया। बस की जांच हुई तो वही कार्टन ड्राइवर के केबिन में रखा मिला। चीफ मैनेजर ने पूछा तो ड्राइवर ने माना कि पार्सल उसी ने रखा था। अपना बचाव करने के लिए ये भी बोला कि बाद में वह बिल लेकर आ जाता। चीफ मैनेजर राकेश राय ने कहा- पहले बिल होना चाहिए था। बिना बिल सामान नहीं ले जाया जा सकता। सामान ड्राइवर के केबिन में रखा गया था, जबकि वहां सामान रखने की अनुमति नहीं है। मामले की रिपोर्ट संबंधित आगार (सेक्शन) को भेज दी गई है। राजस्थान रोडवेज में लघु (छोटे) पार्सल सेवा के ये हैं नियम ——– ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। पढ़ें पूरी खबर… 2- जयपुर में बिना जांच बसों में रखे जा रहे पार्सल:यात्रियों की जान से खिलवाड़; दौसा अग्निकांड के बाद ग्राउंड पर भास्कर का रियलिटी चेक दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून की देर रात हुए बस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। भीषण हादसे के बाद यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

22 जिलों में पहुंचा मानसून, आज पूरे राजस्थान में अलर्ट:जयपुर सहित कई जिलों में 2 इंच तक बारिश; जानें- आगे कैसा रहेगा मौसम

मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। लेट आए मानसून ने आधे राजस्थान को कवर कर लिया है। शुक्रवार को जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। जैसलमेर में देर शाम रेत का बवंडर उठा। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश जयपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले में करीब दो इंच रिकॉर्ड हुई। वहीं, मानसून के सक्रिय होने के बाद जयपुर सहित कई शहरों का दिन का तापमान 35 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… मानसून के बड़े अपडेट्स जयपुर में सड़क धंसी, हॉस्पिटल में पानी भरा: मानसून दस्तक देने के साथ ही जमकर बरसने लगा है। 2 जुलाई को दिन में एंट्री करने वाले मानसून ने देर रात तक पूरा जिला कवर लिया और खूब बरसा। सड़कें लबालब हो गईं, कई कॉलोनियों में पानी भर गया। एक अंडरब्रिज डूब गया। लगातार बरसात के कारण सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पानी भर गया। शहर की टोंक रोड पर 20 फीट का गड्ढा हो गया। कहां-कितनी बारिश हुई?: बांसवाड़ा के घाटोल में 41, केसरपुरा में 36, भूंगड़ा में 25, बीकानेर के बज्जू में 27, जोधपुर के भोपालगढ़ में 22, नागौर में 35, प्रतापगढ़ के अरनोद में 47, धरियावद में 20, टोंक के टोडारायसिंह में 36, उदयपुर के वल्लभनगर में 33 और बारापाल में 20 एमएम बरसात दर्ज हुई। इनके अलावा जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, फलोदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर समेत कई अन्य शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बीकानेर, जैसलमेर में तेज गर्मी, पारा 43 डिग्री: बारिश के बीच भी राजस्थान के कई हिस्सों में दिनभर उमस और गर्मी रही। सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बीकानेर और जैसलमेर में दर्ज हुआ। इसके अलावा बाड़मेर में 42.3, श्रीगंगानगर में 41.5, जोधपुर में 40.8, फतेहपुर में 39, जालोर में 39.2, नागौर में 38 और चूरू में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

खानपुर: ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक में शिक्षा गुणवत्ता व सुरक्षा पर जोर ​दिया

खानपुर| सीबीईओ कार्यालय में ब्लॉक स्तरीय निष्पादन बैठक हुई। अध्यक्षता सीबीईओ नाथूलाल वर्मा ने की। बैठक में ब्लॉक की शैक्षणिक रैंकिंग, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन, तथा स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। प्रधानाचार्य दिलीप कारपेंटर ने ब्लॉक रैंकिंग से जुड़ी स्थिति बताई और शैक्षणिक प्रगति व सुधार के बिंदु रखे। प्रधानाचार्य बालचंद नागर ने आधार और जनाधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया और उपयोगिता की जानकारी दी। एसीबीओ सियाराम नागर ने जर्जर भवनों और छतों की स्थिति, नालियों की सफाई, स्कूल परिसर और बाहर जलभराव की समस्या पर रिपोर्ट रखी। उन्होंने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नाथूलाल वर्मा ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को समय पर स्कूल पहुंचने, विद्यार्थियों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने, और सुरक्षा मानकों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने ब्लॉक खानपुर की जिले में रैंकिंग सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास करने को कहा। बैठक में 38 पीईईओ और 47 प्रधानाचार्य शामिल हुए। मंच पर शिवचरण जाटव, प्रधानाचार्य खंडी और महेंद्र पाटोदिया, प्रधानाचार्य सूमर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश धाकड़, प्रधानाचार्य करनवास ने किया।

पिंजरापोल गोशाला:4 गायों की करंट से मौत, जांच में पता चला नई बिल्डिंग में जा रही ​केबल पानी में पड़ी थी, उसी से दौड़ा करंट

सांगानेर स्थित पिंजरापोल गोशाला में गुरुवार देर रात करंट लगने से चार गायों की मौत हो गई। घटना बारिश के बाद सुरभि भवन के पास बने बाड़े में हुई। शुक्रवार सुबह गोसेवक मौके पर पहुंचे तो चारों गायें मृत पड़ी थीं। आवारा कुत्ते शवों को नोच रहे थे।
गोशाला संचालकों का कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर में करंट लगने से गायों की मौत हुई है। हमने कई बार यहां पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कह चुके, लेकिन बिजली निगम सुनवाई नहीं कर रहा था। इससे यह हादसा हो गया। वहीं डिस्कॉम की तकनीकी जांच में तस्वीर अलग सामने आई। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद गायों को हटाकर ट्रांसफार्मर और उसके चारों ओर लगी जाली की जांच की गई, लेकिन वहां करंट नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने मीटर से गोशाला परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग तक जा रही बिजली लाइन की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार खुले मिले और उनमें करंट दौड़ता मिला। मीटर के पास भी तार खुले थे तथा उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बॉक्स तक नहीं लगाया गया था। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना था कि पानी में केबल पड़ी थी और उसी से कंरट दौड़ रहा था। इससे ही यह हादसा हुआ है। गोसेवकों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद गोसेवकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि गोशाला परिसर में बिजली सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। सनातन सेना संगठन के प्रमुख अशोक पाठक ने गौशाला प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जाली में करंट नहीं शुरुआती जांच में ट्रांसफार्मर से करंट लगना सामने नहीं आया। ट्रांसफार्मर और उसकी जाली में करंट नहीं मिला। जांच के दौरान गोशाला परिसर में कई जगह खुले बिजली तार मिले, जिनमें करंट दौड़ रहा था। -राजीव अग्रवाल, एक्सईएन, सांगानेर बिजली निगम जिम्मेदार यह दुर्घटना है। ट्रांसफार्मर कई वर्षों से लगा हुआ है। हमने तारबंदी कराई थी। बिजली निगम की जिम्मेदारी है। हमारी कोई गलती नहीं है। -शुभरतन चितलांगिया, मंत्री, पिंजरापोल गोशाला, सांगानेर

रणजीत नगर निवासी युवक की हत्या:खौफनाक साचिश: पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाया, पुलिस ने फर्श तोड़कर निकाला कंकाल

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या करने के बाद शव को घर के बाथरूम में ही दफना दिया। वारदात छिपाने के लिए बाथरूम की फर्श पर प्लास्टर कराकर नई टाइल्स लगवा दी गईं। इसके बाद करीब डेढ़ महीने तक वह पति के लापता होने का दावा करती रही। शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ के दौरान मामला खुल गया और बाथरूम की खुदाई में कंकाल बरामद हुआ। आरोपी पत्नी का कहना है कि शराबी पति की हरकतों से तंग आकर डेढ़ माह पहले उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी रूबी, मां कमला और दो बेटियां रिद्धी (13) तथा सिद्धी (9) हैं। सुरेंद्र की शादी वर्ष 2010 में इटावा निवासी रूबी से हुई थी। बताया गया कि सुरेंद्र 18 मई से लापता थे। प्लास्टर करवा नई टाइल्स लगवाईं, अन्य ​व्यक्ति भी शामिल प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाकर ऊपर मिट्टी डाली गई, फिर प्लास्टर कराया गया और नई टाइल्स लगवा दी गईं ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव के अवशेष पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि हत्या के बाद उसने शव पर मिट्टी डलवाकर प्लास्टर कराया। शराब पीने का आदी था मृतक मृतक के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र शराब पीने का आदी था, जिस कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। 18 मई को रूबी ने फोन कर कहा था कि पुलिस घर पर आई है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। वह उन्हें अपने घर ले आए। अगले दिन रूबी भी वहां पहुंच गई। 26 मई को दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट अनिल के अनुसार, जब कई दिनों तक सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला तो 26 मई को रूबी के साथ जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जब शक बढ़ा तो उन्होंने फिर से पूछताछ की। शुक्रवार सुबह रूबी ने खुद फोन कर उन्हें घर बुलाया। वहां पहुंचने पर पूछने पर उसने कथित तौर पर बताया कि सुरेंद्र को बाथरूम के नीचे दफना दिया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि महिला से पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति की हत्या के बाद शव को बाथरूम में दफनाया गया था।

बालोतरा में मूसलाधार बारिश:बाड़मेर में बूंदाबांदी; दिन का पारा 41 डिग्री पार, रात 9 बजे तेज अंधड़ के बाद बूंदाबांदी से राहत

बाड़मेर और बालोतरा में आखिरकार मानसून ने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। लंबे समय से भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस का सितम झेल रहे आमजन को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव से आसमान में काली घटाएं छा गईं और ठंडी हवाओं के साथ बादल बरसे। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 41.4 और न्यूनतम 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही उमस के कारण लोग बेहाल रहे। शाम होने के साथ ही आसमान में बादल छाए और बिजली की चमक शुरू हो गई। बालोतरा इलाके में रात 8 बजे तक तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। वहीं रात 9 बजे बाड़मेर में हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जो रुक-रुक कर देर रात तक जारी रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अब राहत की खबर है। जिले के ग्रामीण इलाकों में भी कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। आगे क्या- आज से एक सप्ताह बारिश मानसून की एंट्री के बाद अब एक सप्ताह तक बारिश की संभावना है। शनिवार को भी बाड़मेर जिले में 30-40 किमी. की रफ्तार से आंधी चलेगी।