कोटा में वैन पलटी, धड़ से अलग हुआ सिर:सामने से आ रहे ट्रक का टायर डिवाइडर क्रॉस कर वैन से टकराया, लोहे की रेलिंग व गाड़ी के बीच फंसी गर्दन

कोटा बारां NH 27 पर ईको वैन पलट गई। हादसे में वैन में सवार युवक का सिर धड़ से अलग हो गया।युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सिमलिया थाना क्षेत्र की गुरुवार रात साढ़े 11बजे की है। वैन सवार व्यक्ति पप्पू हरचरण कुशवाहा (50) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का निवासी था। जो वर्तमान में गुजरात के मेहसाणा में पानी-पुरी का व्यवसाय करता था। गुरुवार को अपनी पत्नी, बेटे व मां के साथ वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जालौन जा रहा था। परिजनों ने बताया कि 28 जून को पप्पू की मौसी की बेटी की शादी थी। जिसमें शामिल होने के लिए परिवार गुरुवार दोपहर रवाना हुआ था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों की सूचना पर सिमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को कोटा हॉस्पिटल पहुंचाया। सिमलिया थाना ASI शिवराज ने बताया कि पप्पू वैन में सवार होकर गुजरात से अपने गांव जा रहा था। वैन को उसका बेटा मनीष चला रहा था। गाड़ी में दो महिलाए भी बैठी हुई थी। नेशनल हाईवे-27 पर पोलाई कलां के पास गत्ता फैक्ट्री के पास बारां की तरफ से आ रहे एक ट्रक का टायर निकल गया। डिवाइडर पर चढ़कर सड़क के दूसरी साइड पर आ गया।ट्रक का टायर पप्पू की वैन से टकरा गया। पप्पू खलासी साइड पर बैठा हुआ था। वैन अनियंत्रित होकर हाइवे किनारे लगी लोहे की रेलिंग से टकराकर पलट गई। पप्पू की गर्दन लोहे की रेलिंग व वैन के बीच फंसकर अलग हो गई।बेटे मनीष की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

5 साल की मासूम से रेप का आरोपी अरेस्ट:पहले भी रेप समेत 4 मामले दर्ज, रिश्तेदार के साथ गांव में आया था

अलवर में पांच साल की मासूम बच्ची से रेप के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को शरण देने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- आरोपी के खिलाफ पहले से पॉक्सो एक्ट में रेप सहित चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने वारदात के दिन पहले बच्ची को बाइक पर बैठाकर अगवा किया। उसे पहाड़ी क्षेत्र में ले जाकर रेप किया। घटना के समय आरोपी नशे की हालत में था। वारदात के बाद उसने मासूम को वापस घर के पास छोड़ा, उसे धमकाया और टॉफी दिलाकर किसी को नहीं बताने के लिए डराया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पीड़ित परिवार से कोई परिचय नहीं था। वह पहले अपने एक रिश्तेदार के साथ गांव में आया था। घटना के दिन दौसा से नारायणी माता के दर्शन करने पहुंचा, इसके बाद नशा किया और गांव में घूमते हुए बच्ची को अकेला देखकर बाइक पर बैठाकर ले गया। ओला में कैब चलाता था आरोपी एसपी ने बताया- आरोपी पेशे से ओला कैब चालक है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी को भी नोटिस भेजा जाएगा, ताकि चालक रखने से पहले उनके आपराधिक रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से जांचा जाए। ऐसे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां सफर करती हैं, इसलिए सुरक्षा के लिए यह जरूरी है। पत्नी भी छोड़कर जा चुकी पुलिस के मुताबिक आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसकी हरकतों के कारण उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर जा चुकी है। वारदात के बाद आरोपी जयपुर से उदयपुर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने विभिन्न टीमों की संयुक्त कार्रवाई से उसे जयपुर गांधी नगर जंक्शन पर दबोच लिया।

जालोर के कई हिस्सों में 6 घंटे तक बिजली कटौती:पसीने से तर हुए शहरवासी; फोन करने पर अफसर बोले- लाइन में फॉल्ट नहीं मिल रहा है

जालोर शहर में शुक्रवार को डिस्कॉम की लापरवाही और अघोषित बिजली कटौती के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के आधे हिस्से में दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक लगातार 6 घंटे बिजली गुल रही। शुक्रवार को जालोर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहने के कारण तीखी गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। आधे शहर में बत्ती गुल हुई
स्थानीय व्यापारी हुक्मीचंद और अन्य नागरिकों ने बताया कि शहर की मानपुरा कॉलोनी, रामदेव कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शिवाजी नगर, शांतिनगर और कालका कॉलोनी समेत आधे से अधिक शहर में दोपहर 12 बजे अचानक बिजली चली गई। लगातार 5 घंटे तक बिजली न आने के कारण घरों और दुकानों में लगे इनवर्टर भी पूरी तरह से ठप हो गए। इसके बाद लोग दुकानों और घरों में कपड़ों और कागज के गत्तों से हवा करने को मजबूर नजर आए। आरोप- डिस्कॉम ऑफिस में नहीं उठे फोन
बिजली गुल रहने से शहर के व्यापारियों का व्यापार भी प्रभावित रहा। परेशान दुकानदारों और आम लोगों ने जब बिजली विभाग और एफआरटी के टोल फ्री व स्थानीय नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, तो अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। बार-बार कॉल करने पर भी फोन नहीं उठाए गए, जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। ‘फॉल्ट ही नहीं मिल रहा’ का मिला जवाब
लोगों ने कहा कि अघोषित और लंबी कटौती को लेकर बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने अपनी लाचारी जताते हुए अजीब तर्क दिया। अधिकारियों का कहना था कि, बिजली गुल होने के बाद से ही हमारी तकनीकी टीम दोपहर से लगातार काम पर लगी हुई है, लेकिन लाइन में फॉल्ट कहां है, इसका पता नहीं चल पा रहा है।

हजरत इमाम हुसैन की याद में निकाले ताजिए:सवाई माधोपुर मुहर्रम के जुलूस में देखने को मिले हैरतअंगेज करतब

सवाई माधोपुर में मुहर्रम के अवसर पर ताजिए निकाले गए। यहां जिला मुहर्रम कमेटी के बैनर तले शुक्रवार को हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत अली के बेटे हजरत इमाम हुसैन की याद में मुहर्रम पर ताजिए निकाले गए। इस दौरान जुलूस में अखाड़ेबाजों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। विभिन्न मोहल्लों से ताज़िए इमाम चौक पहुंचे। दस्तारबंदी के बाद शुरू हुआ जुलूस सवाई माधोपुर शहर में शुक्रवार को जोहार की नमाज के बाद ताजिए का जुलूस निकाला गया। ताजिए शहर के इमाम बाड़े से शुरू होकर शहर पुलिस चौकी के पास स्थित इमाम चौक पहुंचा। शाम 5 बजे दस्तारबंदी का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान जिला मोर्हरम कमेटी की ओर से पांचों अखाड़ों की दस्तारबंदी की गई। इसके बाद पांचों अखाड़ों के पहलवानों ने जिला मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों की दस्तारबंदी की। इसके बाद जुलूस के ताजिए इमाम चौक से रवाना होकर शहर के सदर बजार होते हुए तिराहे पर पहुंचेंगे और मातमी धुन के साथ मुहर्रम का जुलुस ईदगाह के पास करबला में पहुंचेगा। जहां ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। इसके बाद फतिहा ख्वानी की जाएगी और अमन चैन की दुआ मांगी जाएगी। इस दौरान पांचों अखाड़ों के पहलवानों ने मार्ग में कई हैरत अंगैज करतब दिखाए। कार्यक्रम के दौरान मौके पर लोगों की बड़ी संख्या भीड़ मौजूद है और लोग पहलवानों के करतब देख रहे हैं। पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता रहा तैनात मुहर्रम के जुलूस को पर एतिहात के तौर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के माकूल प्रबंध किए गए। इस दौरान यहां कार्यवाहक सीओ सिटी जयप्रकाश अटल सहित कोतवाली, मानटाउन और सूरवाल थानाधिकारी मोर्चा संभाले हुए दिखाई दिए। इस दौरान यहां करीब 400 पुलिस, RAC, होम गार्ड के जवान तैनात किए गये हैं। अखाड़े में करतब दिखाए सवाई माधोपुर में जुलूस के दौरान अखाड़ेबाज हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए नजर आए। इस दौरान कलाकारों ने तलवारी, लाठीबाजी सहित कई तरह के हैरतअंगेज करतब दिखाए। जिसे देखकर लोग रोमांचित हो उठे।

मुहर्रम के जुलूस में फंसी एम्बुलेंस:समाज के लोगों ने रास्ता देकर निकाला, 250 पुलिसकर्मी किए गए तैनात

मुहर्रम के मौके पर शुक्रवार को भरतपुर शहर के मुख्य बाजारों से मातमी धुनों के बीच ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में शहर के विभिन्न इलाकों से समाज के लोग ताजिए और अलम लेकर शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शहर में करीब 250 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। जुलूस का समापन कर्बला पर होगा, जहां ताजियों को दफन किया जाएगा। इस दौरान मथुरा गेट पर जुलूस में फंसी एक एम्बुलेंस को लोगों और पुलिस ने मिलकर अस्पताल पहुंचाया। मातमी धुनों के बीच निकला जुलूस समाज के लोगों ने गुरुवार रात क़त्ल की रात मनाई थी। इसके बाद शुक्रवार को शहर में ताजियों और अलम का जुलूस निकाला गया। समाज के युवा मातमी धुनों और ढोल की थाप के बीच ताजिया और अलम लेकर जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने अलग-अलग समय पर बिजली सप्लाई बंद रखी। जुलूस के साथ सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। कर्बला पर होगा जुलूस का समापन गर्मी को देखते हुए शहर में कई स्थानों पर ठंडे पानी, शरबत और ठंडाई की स्टॉल लगाई गईं। विभिन्न स्थानों पर जुलूस का स्वागत भी किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। शहर के पाई बाग, मछली मोहल्ला, गोपालगढ़, ईदगाह कॉलोनी सहित कई इलाकों से समाज के लोग ताजिए लेकर जुलूस में शामिल हुए। जुलूस का समापन कर्बला पर होगा, जहां ताजियों को दफन किया जाएगा। जुलूस में फंसी एम्बुलेंस को दिलाया रास्ता जब जुलूस मथुरा गेट पहुंचा, तब उसके पीछे एक एम्बुलेंस फंस गई। भीड़ अधिक होने के कारण एम्बुलेंस को आगे बढ़ने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत रास्ता खाली कराया और एम्बुलेंस को सुरक्षित जनाना हॉस्पिटल तक पहुंचाया।

देवगढ़ में मुहर्रम पर नहीं निकला ताजियों का जुलूस:परंपरागत रूट की मांग को लेकर विरोध, प्रशासन बोला- 2025 में तय मार्ग पर दी अनुमति

राजसमंद के देवगढ़ कस्बे में इस साल भी मुहर्रम पर ताजियों का जुलूस नहीं निकाला गया। मुस्लिम समाज ने परंपरागत रूट की मांग को लेकर विरोध जताते हुए ताजिए बाहर नहीं निकालने का निर्णय लिया। समाज का कहना है कि प्रशासन की ओर से तय किए गए नए मार्ग पर सहमति नहीं बनने के कारण यह फैसला लिया गया। परंपरागत मार्ग से जुलूस निकालने की थी मांग मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्षों से ताजियों का जुलूस जिस परंपरागत मार्ग से निकाला जाता रहा है, इस बार भी उसी रूट से जुलूस निकालने की मांग की गई थी। हालांकि प्रशासन की ओर से इसके बजाय नया मार्ग प्रस्तावित किया गया। समाज के लोगों का कहना है कि इस संबंध में प्रशासन से कई बार बातचीत और आग्रह किया गया, लेकिन उनकी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। विरोध स्वरूप नहीं निकाले ताजिए मुस्लिम समुदाय ने बताया कि परंपरागत रूट को लेकर समाधान नहीं निकलने के बाद समाज ने इस साल भी ताजियों का जुलूस नहीं निकालने का निर्णय लिया। समाज के लोगों ने भविष्य में इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की मांग प्रशासन से की है। प्रशासन बोला- 2025 में तय मार्ग पर दी अनुमति देवगढ़ के उपखंड अधिकारी मोखम सिंह ने बताया कि कानून एवं शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025 में जो मार्ग निर्धारित किया गया था, उसी मार्ग पर ताजियों के जुलूस की अनुमति प्रदान की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से उसी निर्धारित रूट पर जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी।

दौसा में मां-बेटे की मौत, पति गंभीर घायल:करौली बॉर्डर पर उकाली घाटी में दर्दनाक हादसा, सरिए लेकर जा रहा ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटे

दौसा-करौली जिले की सीमा पर स्थित उकाली घाटी लांका में शुक्रवार दोपहर लोहे के सरियों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे जिला अस्पताल से जयपुर रैफर किया गया है। पुलिस ने बताया कि लोहे के सरिये लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली घाटी में चढ़ रहा था कि ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। ऐसे में ट्रैक्टर में सवार एक परिवार भी हादसे का शिकार हो गया। ट्रैक्टर के कुचलने से मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर व एक अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही लांका चौकी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों और मृतकों को जिला अस्पताल पहुंचाया। चिरावंडा निवासी थे मृतक एएसआइ छोटेलाल ने बताया कि मृतकों की पहचान उषा देवी (30) पत्नी सोनू महावर एवं उनके 9 वर्षीय पुत्र सूरज, निवासी चिरावंडा, थाना गढ़मोरा करौली के रूप में हुई है। हादसे में घायल सोनू महावर (35) और रामेश्वर गुर्जर (65) को जिला अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद सोनू की गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

गलती से कट्टे का ट्रिगर दबा, नदीम को लगी गोली:दोस्त को कट्‌टा देकर भेजा, खुद पहुंचा हॉस्पिटल, 18 घंटे पुलिस को किया गुमराह

गोली लगने से घायल हुए 21 साल के नदीम पर किसी ने गोली नहीं चलाई। नवलखा रोड पर भीड़ खड़े होने के दौरान गलती से देशी कट्‌टे का ट्रिगर दब गया। जिससे गोली उसकी जांघ में जाकर लग गई। उसके पास हथियार अवैध था। ऐसे में अपने दोस्त को कट्‌टा देकर भेज दिया और खुद इलाज के लिए हॉस्पिटल आ गया। पुलिस को गुमराह किया कि उस पर किसी ने गोली मारी है। लेकिन पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शुक्रवार दूसरे दिन ही पूरा मामला खोल दिया तो आरोपी ने स्वीकार कर लिया। मामले में पुलिस ने उसके साथी फरदीन को भी गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से देशी कट्‌टा बरामद किया। 18 घंटे तक पुलिस को किया गुमराह
बता दे कि पाली शहर के इंद्रा कॉलोनी रहने वाले 21 साल के नदीम पुत्र शौकत अली को गुरुवार रात करीब दस बजे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उसके जांघ में गोली लगी थी। डॉक्टरों ने एक्स-रे किया तो उसकी जांघ के अंदर की तरफ गोली धंसी हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी मंगलेश चुंडावत, कोतवाल रविन्द्रसिंह खिंची मयजाप्ता मौके पर पहुंचे। जहां घायल ने बताया कि वह नवलखा रोड पर भीड़ में खड़ा था इस दौरान उसे किसी ने गोली लगी। किसने मारी पता नहीं। पुलिस को शुरू से ही शक था कोतवाल रवींद्र सिंह खींची ने जब आरोपी की पेंट देखी और तो पता चल गया था कि गोली बहुत नजदीक से चली है। लेकिन नदीम पुलिस को गुमराह करता रहा। आखिर पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पूरा मामला खोला। जिसमें नदीम के दोस्त इंद्रा कॉलोनी निवासी 19 साल के फरदीन पुत्र मोहम्मद इस्माइल को गिरफ्तार कर उससे देसी कट्टा बरामद किया। आरोपी गलती से नदीम को गोली लगने के बाद कट्टा लेकर मौके से फरार हो गया था। घायल नदीम पर चार केस घायल नदीम पर पहले से चार केस दर्ज है। इसलिए वह अपने साथ देसी कट्टा रखता था। ताकि हमला होने पर मुकाबला कर सके। अवैध रूप से हाथियार रखने के मामले में पुलिस नदीम को भी हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने पर गिरफ्तार करेगी।

नशे की लत छिपाने के बजाय इलाज कराएं:एसपी ने की अपील- युवाओं को बचाने के लिए परिवार और समाज आगे आए

अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हनुमानगढ़ मेडिकल कॉलेज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं में तेजी से बढ़ रही मेडिकल ड्रग्स और ‘चिट्टे’ की लत पर गहरी चिंता जताई गई। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि देश विरोधी ताकतें युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने परिवार, समाज और प्रशासन से मिलकर इस चुनौती का मुकाबला करने तथा नशे की गिरफ्त में आए लोगों का समय पर उपचार और काउंसलिंग कराने का आह्वान किया। नशे के खिलाफ मिलकर लड़ने का आह्वान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने और नशे से दूर रखने की जिम्मेदारी परिवार और समाज दोनों की है। उन्होंने कहा कि अपराध और अवैध कमाई से जुड़े लोगों को आदर्श नहीं बनाना चाहिए। यदि परिवार का कोई सदस्य नशे की चपेट में आता दिखाई दे तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेकर उपचार शुरू करवाना चाहिए। एएनटीएफ की कार्रवाई का दिया उदाहरण एसपी मीना ने बताया कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया है। यह टास्क फोर्स पूरे प्रदेश में लगातार कार्रवाई कर रही है। पश्चिमी राजस्थान में नशा तस्करी से अवैध कमाई करने वाले कई तस्करों की संपत्तियां जब्त और ध्वस्त की जा चुकी हैं। नशे के दुष्प्रभाव और उपचार पर दी जानकारी कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले में चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान, उपलब्ध उपचार सुविधाओं और जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी। मानसिक रोग विशेषज्ञों ने नशे की लत के कारण, उसके दुष्प्रभाव, काउंसलिंग और उपचार की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से अपील की कि आसपास किसी भी नशा पीड़ित व्यक्ति की पहचान होने पर उसे उपचार और परामर्श के लिए प्रेरित करें। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। नशामुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने सभी मौजूद लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. कीर्ति शेखावत, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी सोलंकी, भाजपा नेता अमित सहू, डॉ. भारतभूषण शर्मा, आशीष पारीक, कृष्ण तायल सहित चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

ऐन केप प्रोजेक्ट में लापरवाही पर नाराज हुए निगम कमिश्नर:ठेकेदार का भुगतान रोका, कहा- घरों के बाहर से रैंप हटाकर ही लगाएं पेवर ब्लॉक

उदयपुर की सड़कों को बारिश में टूटने से बचाने के लिए ऐन केप प्रोजेक्ट का काम चल रहा है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह योजना खुद मुसीबत बन रही है। नगर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना शुक्रवार को जब मौके पर काम को देखने निकले, तो वे काम की खराब क्वालिटी देखकर अफसरों और ठेकेदार पर जमकर भड़क गए। कमिश्नर खन्ना ने रामपुरा चौराहा, सीपीएस स्कूल, न्यू भूपालपुरा, 100 फीट रोड, सेक्टर-3 बीएसएनएल ऑफिस और एफसीआई गोदाम इलाके में पेवर ब्लॉक के काम को देखा। उन्होंने मौके पर ही लापरवाह एजेंसी का पेमेंट रोकने और गड़बड़ी वाले काम को दोबारा शुरू करने के सख्त आदेश दिए। उनके साथ सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मनीष अरोड़ा और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अखिल गोयल भी मौजूद रहे। कमिश्नर खन्ना ने जब मौके पर जाकर काम देखा तो उन्हें भारी तकनीकी कमियां मिलीं। उन्होंने देखा कि पहले भी सख्त निर्देश देने के बाद भी कुछ जगहों पर पेवर ब्लॉक का ढलान नालियों की तरफ नहीं रखा गया था। इसका सीधा मतलब यह था कि बारिश आते ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता। इस बड़ी लापरवाही को देखकर कमिश्नर ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने अधिकारियों को साफ कह दिया कि गड़बड़ी करने वाली ठेकेदार कंपनी का पेमेंट तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए। जहां भी काम खराब हुआ है, उसे दोबारा सही तरीके से कराया जाए।
दौरे के समय कमिश्नर ने सड़कों पर जलभराव की एक और बड़ी वजह पकड़ी। कई लोगों ने अपने घरों और दुकानों के बाहर पक्के रैंप बना रखे हैं। इसकी वजह से सड़क का ढलान बिगड़ रहा है और पानी रुक रहा है। कमिश्नर ने इंजीनियरों को सीधे निर्देश दिए कि इन सभी अस्थाई और अवैध रैंप को तुरंत हटाया जाए। इसके बाद ही वहां पेवर ब्लॉक लगाने का काम किया जाए। ऐसा करने से बारिश का पानी सीधा नाली में चला जाएगा और सड़क पर जलभराव की नौबत नहीं आएगी।
कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने अधिकारियों को सख्त लहजे में समझाया कि जब सड़क पर पानी भरता है, तो डामर उखड़ जाता है। इससे सड़कें बार-बार टूटती हैं। सड़क टूटने से जनता परेशान होती है और निगम पर भी बार-बार मरम्मत का भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने साफ कहा कि काम की क्वालिटी में कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंजीनियरों को अब रोजाना मौके पर जाकर काम की मॉनिटरिंग करनी होगी, ताकि सारा काम तय नियमों के अनुसार समय पर पूरा हो सके।