नर्सिंग कॉलेज में स्टूडेंट्स को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ:डॉक्टर बोले- तंबाकू और शराब का सेवन पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ी चुनौती

टोंक में राजकीय नर्सिंग कॉलेज में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में नशा नहीं करने की शपथ दिलाई गई। नशे से दूर रहने की सलाह दी गई। इस मौके पर जिला नोडल अधिकारी, वरिष्ठ मनोरोग एवं नशा मुक्ति विशेषज्ञ राजकीय सआदत जिला चिकित्सालय टोंक के डॉ. योगेश कुमार ने बताया- सआदत अस्पताल के कमरा नं. 3 में मरीजों को ईलाज और परामर्श दिया जाता हैं। तंबाकू और शराब का सेवन बड़ी चुनौती डॉ. योगेश कुमार ने बताया- नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6( NFHS-6 ) 2026 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में तंबाकू और शराब का सेवन पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.भारत में हर तीसरा पुरुष तंबाकू खा रहा है । NFHS-6 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 36.3% पुरुष तंबाकू और 18.9% पुरुष शराब के आदी हैं, जिनमें शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण आबादी की संख्या अधिक है, जो गंभीर बीमारियों को दावत दे रही है। नशे की आदत को जल्द छोड़े प्रधानाचार्य प्रदीप चौधरी ने बताया- हर साल 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस का आयोजन कर आमजन को नशा समबन्धित जागरूक किया जाता है। नशे के कारण मनुष्य के शारिरिक, आर्थिक, सामाजिक, व्यावसायिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता हैं। जितना जल्दी हो सके नशे की आदत को फौरन छोड़ दें। अगर आपको किसी प्रकार के नशे की लत छोडनी है तो सबसे पहले इसके लिए आप खुद अपनी इच्छाशक्ति को जागृत करें तथा अपने निर्णय पर दृढ़ बने रहें। नशा छोड़ने की सलाह दी नर्सिंग ट्यूटर राजेंद्र जाखड ने बताया- नशे की समस्याओं से बचने के लिए नशा मुक्ति विशेषज्ञ से सलाह ले, 7-8 घंटे नींद लें, नियमित व्यायाम करें, पौष्टिक आहार लें, परिवार और मित्रों के साथ समय व्यतीत करें एवं सकारात्मक सोच रखें। उन्होंने कहा- भारत सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की हेल्पलाइन टोल फ्री नम्बर 14416 पर मनोरोग,नशामुक्ति संबंधित परामर्श ले सकते हैं। नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने रोल प्ले और पोस्टर प्रतियोगिता के द्वारा नशामुक्ति समबन्धित जानकरी दी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने भविष्य मे किसी प्रकार के नशा नहीं करने की शपथ ग्रहण की। कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग ट्यूटर नाज़िया, आशा शर्मा, समा खान, वसी खान,रमेश सीताराम एवं नर्सिंग कोलेज के छात्र मौजूद रहे।

राज्यपाल बोले-संत समाज ने इंदिरा गांधी को दिया था श्राप:बिना नाम लिए ममता बनर्जी पर भी कसा तंज; प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने गुरुवार को पाली के सादड़ी में कहा कि साधुओं की हत्या के बाद संत समाज ने इंदिरा गांधी को श्राप दिया था। स्वामी करपात्री जी महाराज ने इतना बोला था कि साधुओं की जैसी हत्या हुई, ऐसे रास्ते से आप जाएंगी। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए ममता बनर्जी पर तंज कसा। राज्यपाल नागेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने आए थे। सुबह करीब 11 बजे राज्यपाल बस स्टैंड स्थित आजाद मैदान शिवनगरी पहुंचे। जहां उन्होंने व्यासपीठ पूजन किया। इस दौरान मंदिर निर्माण में विशेष योगदान देने वाली दानदाता लाड़ कंवर को सम्मानित किया। इसके बाद मंदिर स्थल जाटों के डोरण पहुंचे। यहां उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया और गाय का पूजन किया। गौरक्षा आंदोलन पर चलवाई थी गोलियां-राज्यपाल कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा- स्वामी करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में 6 नवंबर 1966 को एक बड़ा गौरक्षा आंदोलन किया गया था। उस समय गौहत्या बंदी का वादा किया गया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। इसके विरोध में संसद के बाहर देश का पहला बड़ा गौरक्षा आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान फायरिंग हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की बात कही जाती है। इसके बाद संत समाज ने सरकारी दमन के खिलाफ विरोध जताया और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्राप दिया था। उन्होंने जो श्राप दिया वह आगे हुआ भी। स्वामी करपात्री जी महाराज ने इतना बोला था कि साधुओं की जैसी हत्या हो गई। ऐसे रास्ते से आप जाएंगी। बिना नाम लिए ममता बनर्जी पर तंज कसा राज्यपाल ने महाराणा प्रताप के राजतिलक का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। राज्यपाल ने कहा- महाराणा उदय सिंह के निधन के बाद महाराणा प्रताप के राजतिलक की बात आई तब पहले वहां राजगद्दी पर जगमाल बैठा था, तब जगमाल ने कहा था कि मैं नही उठूंगा, उदयसिंह महाराज ने मुझे राजा बोला है। राज्यपाल ने कहा-पद नहीं छोड़ने की यह परंपरा अभी भी चालू है। मैं नहीं हटूंगी। मैं नहीं हारी। मैं मुख्यमंत्री से नही हटूंगी। शायद उन्होंने जगमाल को पढ़ा होगा। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अचलाराम मेघवाल, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी, एसपी मोनिका सेन, डीएसपी चैनसिंह महेचा, एडीएम शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम दिनेश बिश्नोई समेत जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। ……… राज्यपाल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राज्यपाल ने महाराणा प्रताप की सौतेली मां को कैकेयी बताया:बेटे को गद्दी पर बैठाने का वचन लिया था, लोगों ने हाथ पकड़कर उठाया था राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा- अयोध्या की तरह राजस्थान में भी एक कैकेयी थी। वह थी महाराणा प्रताप की सौतेली मां धीर कंवर। (पूरी खबर पढ़ें…)

'सपना डॉक्टर बनने का है,पेपर लीक का डर सताता है':स्टूडेंट ने कहा-सिस्टम पर आखिर यकीन कैसे करें?, विधायक बोलीं-सड़क से संसद तक लड़ेंगे

झुंझुनूं के अंबेडकर भवन में पेपर लीक से आहत युवाओं ने ‘शिक्षा न्याय संवाद’ कार्यक्रम में दर्द बयां किया। एक छात्र ने कहा – मेरा सपना डॉक्टर बनने का है, लेकिन मेरे पिता एक साधारण मजदूर हैं। बड़ी मुश्किल से वे मेरी पढ़ाई का खर्च उठा पा रहे हैं। अगर इतनी मेहनत और घर की सीमित जमा-पूंजी लगाने के बाद भी पेपर लीक हो गया, तो हम खुद को और अपने परिवार को कैसे संभालेंगे? हम इस सिस्टम पर आखिर यकीन कैसे करें? ‘आपकी लड़ाई कांग्रेस की लड़ाई है’, रीटा चौधरी ने दिलाया भरोसा छात्रों की पीड़ा सुनते हुए विधायक रीटा चौधरी ने कहा – गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि उनके सपनों और भविष्य की पूंजी होती हैं। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी चिंताएं पूरी तरह जायज हैं। राहुल गांधी ने युवाओं के इसी दर्द को महसूस करते हुए ‘शिक्षा न्याय संवाद’ अभियान शुरू किया है। कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ खड़ी है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक न्याय की लड़ाई लड़ेगी। कोटा में आयोजित प्रोग्राम का हुआ सीधा प्रसारण कोटा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एलसीडी स्क्रीन पर दिखाया गया, जिसके बाद छात्रों के साथ खुला संवाद सत्र आयोजित हुआ। इसमें युवाओं ने पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, मानसिक तनाव और भविष्य की अनिश्चितता जैसे मुद्दों पर अपने विचार और समस्याएं साझा कीं। कार्यक्रम में जिलेभर से आए स्कूली विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें…

नेत्रा AWACS को मिला फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेन्स, जानें क्यों इसे कहते हैं भारत की आसमानी आंख

भारत के स्वदेशी Airborne Early Warning and Control यानी दुश्मन की गतिविधियों पर दूर से ही नजर रखने वाले विमान नेत्रा AWACS को फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेन्स मिल गया है। आइए जानते हैं कि इस विमान की खूबियां क्या है।

रेवाड़ी में बोलेरो पलटने से 6 श्रद्धालु घायल:रॉन्ग साइड में जाकर ट्राले से टकराई; खाटू श्याम से लौटते समय हादसा

रेवाड़ी जिले में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शनिवार को एक सड़क हादसा हो गया। निखरी फ्लाईओवर के पास खाटू श्याम धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए रॉन्ग साइड में चली गई और एक ट्रॉला से टकराने के बाद पलट गई। हादसे में कार सवार कई श्रद्धालु घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, राजस्थान नंबर की बोलेरो कार जयपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। वाहन में खाटू श्याम धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु सवार थे। निखरी फ्लाईओवर के पास अचानक ड्राइवर का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद बोलेरो डिवाइडर तोड़कर रॉन्ग साइड में पहुंच गई और सामने से आ रहे ट्रॉला से टकरा गई। टक्कर के बाद गाड़ी पलट गई। महिलाओं समेत सभी को आई चोटें बताया जा रहा है कि बोलेरो में महिलाओं समेत 7 श्रद्धालु सवार थे। हादसे में महिलाओं सहित सभी यात्रियों को चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे के एक हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। राहगीरों ने दिखाई तत्परता हादसे के तुरंत बाद आसपास से गुजर रहे राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को वाहन से बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस व एंबुलेंस को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवा दिया गया। पुलिस घटना की जांच में जुटी धारूहेड़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घायलों की पहचान और वे किस क्षेत्र के रहने वाले हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। साथ ही उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसका भी अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

मंत्री बोले-1 लाख प्रसूताओं में 48 की मौत,ये बेहतर आंकड़े:खींवसर ने कहा- ये मेरी सरप्राइज विजिट, जिला हॉस्पिटल में सबको दौरे की जानकारी थी

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा-कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामले का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में फिलहाल प्रति 1 लाख प्रसव (डिलीवरी) पर करीब 48 प्रसूताओं की मौत होती है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय मानकों से कहीं ज्यादा बेहतर है। मंत्री ने यह बात गुरुवार को अलवर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। गजेंद्र सिंह खींवसर सरप्राइज विजिट पर अलवर आए थे। वह रास्ते में बगड़ का तिराहा पीएचसी पर रुके। वहां 5 में से 4 स्टाफ छुट्टी पर था, इकलौता डॉक्टर बचा वो भी पीजी करने जा चुका था। पीएचसी पर कोई नहीं था। इस पर मंत्री ने तुरंत डॉक्टर लगाने और अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद अलवर सर्किट हाउस पहुंचे वहां मंत्री ने सीएमएचओ, पीएमओ व मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से चर्चा की है। इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण करने गए। प्रदेश में प्रसूताओं की मौत को लेकर विपक्ष (कांग्रेस) के हमलों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने दावा किया कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से काफी बेहतर हैं। कोटा और बीकानेर में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले में विपक्ष के कांग्रेस के नेताओं पर पलटवार करते हुए चिकित्सा मंत्री ने आंकड़ों का हवाला दिया। मंत्री ने कहा-कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामले का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में फिलहाल प्रति 1 लाख प्रसव (डिलीवरी) पर करीब 48 प्रसूताओं की मौत होती है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय मानकों से कहीं ज्यादा बेहतर है। मंत्री ने सरप्राइज विजिट का मतलब समझाया बगड़ तिराहा पीएचसी पर 4 में से 3 नर्सिंगकर्मियों के छुट्टी और डॉक्टर न होने के सवाल पर मंत्री ने कहा-सरप्राइज विजिट का मतलब यही है कि धरातल की हकीकत सामने आए। बगड़ तिराहे पीएचसी का डॉक्टर पीजी करने गया है, वहां तुरंत नया डॉक्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मंत्री ने अलवर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का भी औचक निरीक्षण किया। हालांकि, वहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने सीएमएचओ (CMHO), पीएमओ (PMO) और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। मंत्री ने कहा कि बिना किसी को सूचना के विजिट है, जबकि अलवर मेडिकल कॉलेज व अलवर अस्पताल आने से पहले अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में मीटिंग की है। उससे पहले ही अलवर जिला अस्पताल में सबको पता चल गया था कि मंत्री आने वाले हैं। किसान ने मंत्री से कहा- मेरी सुनो खींवसर जनाना अस्पताल पहुंचे तो एक व्यक्ति ने तेज आवाज में मंत्री को आवाज लगाते हुए कहा कि मेरी सुनो, लेकिन वो अनसुना करते हुए निकल गए। बाद में व्यक्ति ने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बड़ी परेशानी होती है। तुरंत सुनवाई नहीं होती है। — ये खबर भी पढ़ें.. डिलीवरी के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ी, डायलिसिस शुरू:गर्भ में ही हो गई थी बच्चे की मौत, ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से हालत गंभीर कोटा जेके लोन अस्पताल में डिलीवरी के बाद गंभीर रूप से बीमार हुई मध्य प्रदेश की शबाना को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। रविवार को हालत बिगड़ने के बाद उसे सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक (एसएसबी) के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)

झालावाड़ पीजी कॉलेज में सीटें बढ़ाने की मांग:एबीवीपी ने 25 फीसदी वृद्धि को लेकर प्रिंसिपल से लगाई गुहार

झालावाड़ पीजी कॉलेज में सीटें बढ़ाने की मांग की गई है। एबीवीपी की नगर इकाई ने सीटों में 25 प्रतिशत वृद्धि की मांग करते हुए प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपा है। नगर सह मंत्री प्रियांशु पाटीदार ने बताया कि हर साल हजारों छात्र कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। सीटों की कमी के कारण बड़ी संख्या में योग्य और मेधावी छात्रों को निराशा हाथ लगती है। उन्होंने कहा कि छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सीटों में वृद्धि करना समय की मांग है। भाग संयोजक गरिमा मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा प्रत्येक छात्र का अधिकार है। उन्होंने कहा कि केवल सीटों की कमी के कारण किसी भी छात्र को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कॉलेज प्रशासन से छात्रों के हित में सकारात्मक पहल करने और शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन सौंपते समय विशाल, लक्ष्यराज, कुणाल, माफिज सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। नशे से दूरी सफलता की कुंजी: डॉ. रश्मी गुप्ता झालावाड़ में नशामुक्त भारत अभियान के तहत बीएससी नर्सिंग कॉलेज में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाना और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. रश्मी गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तनाव पर नियंत्रण और नशे से दूरी ही सफलता की कुंजी है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में युवाओं को शिक्षा, करियर और सामाजिक अपेक्षाओं से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने जोर दिया कि सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और संतुलित जीवनशैली अपनाकर तनाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों का बेहतर सामना करता है और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से खुद को दूर रख पाता है। कार्यशाला में डॉ. गुप्ता ने छात्राओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और उसके परिवार व समाज पर भी नकारात्मक असर डालता है। उन्होंने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का एक प्रमुख कारण ‘पियर प्रेशर’ यानी साथियों का दबाव बताया। कई बार युवा अपने मित्रों या समूह में स्वीकार्यता पाने के लिए नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जो बाद में गंभीर समस्या बन सकता है। डॉ. गुप्ता ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वास के साथ सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करें और किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत आदतों को न अपनाएं। उन्होंने तनाव प्रबंधन के लिए नियमित व्यायाम, योग, ध्यान, सकारात्मक संवाद और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह भी दी। इस कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य मनोज गोस्वामी, उप-प्राचार्य कृष्ण कुमार नागर सहित सुनील सुमन, विपिन निगम, जितेंद्र कुमार, दीपक नागर, कन्हैयालाल मीणा, दिनेश चौहान, हिमानी राठौर, महेश कुमार, प्रवीण मेहरा, प्रतीक नागर तथा कॉलेज के समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थितजनों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाकर ही स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।

कौन हैं सुजाता कार्तिकेयन, जिनके BJD जॉइन करते ही सियासी हलचल तेज; नवीन पटनायक की उत्तराधिकारी बनेंगी?

ओडिशा की पूर्व आईएएस अधिकारी सुजाता आर. कार्तिकेयन ने गुरुवार को बीजू जनता दल (BJD) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की मौजूदगी में उन्होंने बीजेडी जॉइन की।

महाराष्ट्र में नीट छात्र ने आत्महत्या की:वीडियो में बोला- मां माफ कर देना; 42 दिनों में 11 राज्यों के 22 स्टूडेंट्स का सुसाइड

महाराष्ट्र के हिंगोली में 18 साल एक नीट अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सुशील धागे के रूप में हुई है। छात्र ने आत्महत्या से पहले मोबाइल फोन से अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया। फिर परिवारवालों को वीडियो भेजकर उसने एक कुएं में छलांग लगा दी। करीब 33 सेकंड के वीडियो में सुशील ने हाथ जोड़कर मां से माफी मांगी। उसने कहा- मां, मुझे माफ कर देना। मां, आप सुमेध के साथ रहना। अपना अच्छे से ख्याल रखना और मेरी चिंता मत करना। मैं बहुत दर्द में हूं। मुझसे अब कुछ नहीं हो पा रहा… मुझे अब कुछ भी समझ नहीं आ रहा… बस मुझे माफ कर देना। सुशील ने 21 जून को NEET-UG की दोबारा परीक्षा दी थी। वह 3 मई को हुई परीक्षा में भी शामिल हुआ था, जो पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। परीक्षा रद्द होने के बाद से अबतक देशभर के 11 राज्यों में 22 स्टूडेंट्स जान दे चुके हैं। कांग्रेस आज देशभर में करेगी ‘छात्रों की गूंज’ प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस गुरुवार को देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। कांग्रेस के मुताबिक, 28 सीनियर नेता देश के 28 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इनमें अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बेंगलुरु में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, चेन्नई में प्रियंक खड़गे, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत और पुणे में कन्हैया कुमार शामिल हैं। इस कैंपेन का मकसद परीक्षा में गड़बड़ियों, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाना है। पार्टी का कहना है कि इसके जरिए भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार पर राष्ट्रीय बहस शुरू की जाएगी। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार की शिक्षा नीति में दूरदृष्टि की कमी है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले 12 सालों में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में केवल निजीकरण, केंद्रीकरण और संघीकरण को बढ़ावा दिया है। ————————– नीट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने 21 जून को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहन कर पहुंची छात्राओं को पहले एंट्री देने से मना कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

14 दिन से मासूम लापता,SDM ऑफिस में ग्रामीणों का धरना:नारेबाजी करती हुईं चैंबर तक पहुंची महिलाएं; 12 जून को पहाड़ी से हुआ था गायब

सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद गांव में पहाड़ी पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर से 5 साल का मासूम 12 जून को गायब हो गया। बच्चे का अब तक सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों में रोष है। घटना से आक्रोशित ग्रामीण गुरुवार दोपहर 2 बजे नीमकाथाना एसडीएम ऑफिस में घुस गए। इस दौरान सैंकडों की संख्या में महिला और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान ग्रामीण एसडीएम के चेंबर तक पहुंच गए। यहां देखें घटना से जुड़ी PHOTOS..
ग्रामीण सेवा शिविर में गए थे एसडीएम इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की। मगर महिलाओं ने एसडीएम ऑफिस में घुसकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान एसडीएम राजवीर यादव ग्रामीण सेवा शिविर में गए थे। कोटपूतली-नीमकाथाना रोड़ को किया जाम इसके बाद आक्रोशित लोगों ने कोटपूतली-नीमकाथाना मुख्य सड़क को जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द लापता मासूम को खोजा जाए। प्रदर्शन में पूर्व विधायक रमेश खंडेलवाल, भूपेंद्र सिंह, सुरेश मीणा, सरपंच शेरसिंह सहित कई लोग मौजूद हैं। … यह खबर भी पढ़ें पलभर में मां के सामने से बच्चा गायब:परिवार के साथ पहाड़ी पर बने मंदिर गया था, जंगल में ड्रोन से ढूंढा जा रहा सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद गांव में पहाड़ी पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर से 5 साल का मासूम 12 जून को गायब हो गया। इस घटना के एक हफ्ते से ज्यादा बीत गया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। शुरुआत में केवल नीमकाथाना की पुलिस बच्चे को तलाश रही थी, लेकिन जब लगा ​कि बच्चे को ढूंढना मुश्किल हो रहा है तो आसपास के 10 थानों की पुलिस बुलाई गई। वन विभाग की टीम को साथ लिया गया। SDRF की टीम बुलाई गई। इन सबके साथ 200 से ज्यादा गांव वाले भी लगातार जंगल में बच्चे को सर्च कर रहे हैं। मगर मासूम का कोई सुराग तक नहीं लगा है। (पढ़ें पूरी खबर) …