80 साल की बुजुर्ग महिला पेंशन लेने कलेक्ट्रेट पहुंची:कहा- फिंगरप्रिंट नहीं आने पर 5 साल पहले अफसरों ने बंद कर दी; चैंबर से बाहर आए कलेक्टर

जालोर में बुधवार को सरकारी व्यवस्था से परेशान एक बुजुर्ग महिला जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं। 80 साल की दृष्टिहीन बुजुर्ग महिला ने बताया कि बुजुर्ग होने के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसके हाथों के निशान स्पष्ट नहीं आ रहे थे। इसके कारण करीब 5 साल पहले उसकी पेंशन बंद कर दी गई। वे 5 सालों से सरकारी ऑफिसों में भटक रही है, लेकिन पेंशन चालू नहीं हुई। आखिरकार वे बुधवार को बेटी और पोती के साथ कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंची। हालांकि जानकारी मिलते ही कलेक्टर अपने चैंबर से बाहर आए और गैलरी में ही बुजुर्ग महिला की समस्या सुनकर समाधान के निर्देश दिए। पहले देखिए- 3 तस्वीरें पति की कैंसर से हुई थी मौत
दृष्टिहीन बुजुर्ग महिला कोकु देवी(80) आहोर तहसील के जेतपुरा गांव की रहने वाली है। वे चलने में असमर्थ है, ऐसे में जमीन पर बैठकर ही मुश्किल से चल पाती है। कलेक्ट्रेट परिसर में बुजुर्ग महिला की हालत देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी चैनाराम मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बुजुर्ग को सहारा देकर व्हीलचेयर पर बैठाया और जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे के चैंबर तक पहुंचाया। कोकु देवी की विधवा बेटी नाथुदेवी ने बताया- करीब 20 साल पहले उनके पिता सोनाराम बावरी की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बड़े भाई वीरमाराम का करीब 10 साल पहले निधन हो गया, जबकि छोटे भाई मंगलाराम की छह-सात महीने पहले खून की उल्टियां होने से मौत हो गई। अब परिवार में केवल महिलाएं और एक पोती रेशमा ही बची हैं, जिनके सामने आजीविका का गंभीर संकट है। फिंगरप्रिंट नहीं आने से बंद हुई पेंशन
नाथुदेवी ने बताया कि कोकु देवी को पहले 500 रुपए और बाद में 1000 रुपए मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती थी। लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं आने के कारण करीब 5 साल पहले पेंशन बंद कर दी गई। इसके बाद परिवार ने कई बार आहोर एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला और समस्या का समाधान नहीं हुआ। बुजुर्ग महिला के कलेक्ट्रेट चैंबर पहुंचने की सूचना पर कलेक्टर डॉ. प्रदीप के गवांडे अपने चैंबर से बाहर आए और गैलरी में ही बुजुर्ग महिला की समस्या सुनी। इसके बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को बुलाया और महिला को सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ लंबित पेंशन सहित सभी जरूरी दस्तावेज जल्द तैयार कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर बोले- जल्द मिलेगी पेंशन
कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने कहा- अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोकु देवी की बंद पेंशन शीघ्र शुरू कराई जाए, उन्हें आवास योजना सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन दस्तावेजों की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाए। मामले को निस्तारण कर दिया गया है। अफसरों को भी निर्देशित किया है कि बुजुर्ग के मामलों को प्राथमिकता से सुना जाए और उनकी समस्याओं को हाथों-हाथ समाधान हो। इस मामले में भी जरूरी निर्देश दे दिए हैं, पेंशन जल्द ही मिलना शुरू हो जाएगी।

ज्वेलर से 50 लाख के जेवरात लूटने की कोशिश:आंखों में मिर्ची डालकर बैग छीना; बाइक पर भागे दो बदमाश

जयपुर में ज्वेलर की आंखों में मिर्च डालकर 50 लाख के जेवरातों से भरा बैग लूटने की कोशिश की। ज्वेलर के पीछे आ रहे उनके पिता आए तो बदमाश भाग गए। मामला आमेर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात का है। आमेर थानाधिकारी गौतम डोटासरा ने बताया कि पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। बाइक पर सवार थे बदमाश थानाधिकारी ने बताया कि ज्वेलर अरुण प्रजापति की अकबरी मस्जिद के पास रानीसती नाम से दुकान है। वह मंलगवार रात दुकान को बंद कर फुलबाग कॉलोनी स्थित अपने घर जा रहा था। उसके पास एक बैग में करीब 50 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर भी थी। रास्ते में संस्कार स्कूल के पास बाइक सवार दो युवकों ने उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी और जेवर से भरा बैग लूटने की कोशिश की। ज्वेलर के पिता प्रेम प्रजापति दूसरी बाइक से पीछे आ रहे थे। उन्होंने देखा कि दो युवक उनके बेटे से बैग छीनने की कोशिश कर रहे हैं। पिता को देखकर बदमाश घबरा गए और भाग गए। ज्वेलर ने आमेर थाने में आरोपियों के खिलाफ लूट के प्रयास का मामला दर्ज कराया है।

हॉस्पिटल में चार दिन से भर्ती ASI का निधन:लीवर में हो गया था इंफेक्शन; बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे

बाड़मेर पुलिस एएसआई का बुधवार को जोधपुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। पिछले चार दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। बीपी, शुगर की प्रॉब्लम होने के साथ-साथ लीवर में इंफेक्शन हो गया था। एएसआई अनोपाराम फिलहाल बाटाडू चौकी के इंचार्ज है। निधन के बाद बाड़मेर और बालोतरा पुलिस में शोक की लहर है। बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे दरअसल, एएसआई अनोपाराम बालोतरा जिले के सिवाना, हिंगलाज थान के रहने वाले है। कांस्टेबल से पुलिस में भर्ती हुए थे। प्रमोशन होने के बाद हैड कांस्टेबल और एएसआई बने थे। अनोपाराम ने बाड़मेर कोतवाली समेत जिले भर के अलग-अलग थानों में ड्यूटी कर चुके है। फिलहाल बाटाडू चौकी इंचार्ज पद पर कार्यरत थे। चार दिन से अस्पताल में भर्ती थे पुलिस के अनुसार- अनोपाराम को बीपी और शुगर की बीमारी थी। करीब चार-पांच दिन पहले तबीयत खराब होने पर बाड़मेर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। वहां से उनको जोधपुर रेफर कर दिया गया। वहां मेडिपल्स हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। वहां पर लीवर की समस्या ग्रस्त होने के कारण इलाज चल रहा था। बुधवार को सुबह इलाज के दौरान हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। वहां पर कागजी कार्रवाई के बाद उनके पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव सिवाना लाया जा रहा है। वहां पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जहां बस-ट्रेलर भिड़े,वहां घुमावदार सड़क पर न साइनबोर्ड, न लाइट:कन्फ्यूज होकर अचानक ब्रेक लगा देते हैं ड्राइवर, एक्सप्रेस-वे पर हादसे में 8 की मौत

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार रात 2:30 बजे कोलवा थाना इलाके में बस और ट्रेलर की भिड़ंत में 8 लोगों की मौत हो गई। बस में सवार 21 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। FSL और एक्सपट्‌र्स की टीम ने घटना स्थल देखा तो पता चला कि बस ट्रेलर के पीछे चल रही थी। रफ्तार में होने के कारण ट्रेलर नहीं दिखा और बस का आगे का हिस्सा ट्रेलर के बैक में फंस गया और आग लग गई। हादसे की वजह समझने के लिए भास्कर टीम मौके पर पहुंची। पड़ताल में सामने आया कि जहां हादसा हुआ, वहां बने लूप पर न कोई साइन बोर्ड है न ही लाइट। ऐसे में ड्राइवर रास्ता नहीं समझ पाते और कन्फ्यूजन में ब्रेक लगा देते हैं। यही कन्फ्यूजन कई बार हादसे की वजह बन जाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… न लाइट, न साइन बोर्ड राहगीरों से बात की तो पता चला कि यहां पर कोई साइन बोर्ड नहीं है, जिससे पता चल सके कि जयपुर के लिए आगे लूप बना हुआ है। लूप पर किसी प्रकार का कोई बोर्ड या अन्य साइन नहीं है। ऐसे में ड्राइवर को पता नहीं चलता कि लूप आ गया है या आने वाला है। लूप से आगे निकलने पर जब गलती का एहसास होता है तो ड्राइवर अचानक गाड़ी रोक लेते हैं। ऐसे में पीछे से आ रही गाड़ी से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है। घटना स्थल के पास जहां से जयपुर के लिए रास्ता निकलता है, वहां रोड लाइट नहीं है। सीसीटीवी भी नहीं है। दुर्घटना संभावित क्षेत्र होने के बावजूद एंबुलेंस या दमकल नहीं थी। हादसे में घायल लोगों ने भी बताया कि हादसे के बाद काफी समय तक कोई सुरक्षा एजेंसी मौके पर नहीं पहुंची। हाईवे पर लगे साइन बोर्ड पर जयपुर का एरो नहीं इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर लूप से पहले एक साइन बोर्ड है। बोर्ड पर अजमेर और जयपुर लिखा है। अजमेर के नीचे एराे बनाकर दिखाया गया है कि आगे आने वाला लूप अजमेर की तरफ जाएगा। जयपुर के पास ऐसा कोई एरो नहीं बना हुआ। ऐसे में लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं, क्योंकि गूगल मैप उस रास्ते को जयपुर का बताता है। भास्कर ने वहां से गुजर रहे मुकेश से बात की तो उन्होंने बताया कि नए ड्राइवर को एरो नहीं होने से परेशानी होती है। समझ नहीं पाते कि ये रास्ता जयपुर के लिए जा रहा है। जलते हुए बस से कूदे लोग, ड्राइवर बस में फंसने से जिंदा जला हादसा देखते हुए दूसरे ड्राइवरों ने अपने वाहन रोके और मदद को दौड़े। देखते ही देखते आग पूरी बस में फैल गई। जान बचाने के लिए झुलसे लोग बस से कूदे। इस दौरान कई लोग घायल भी हो गए। सबसे पहले आग केबिन में लगी, फिर पूरी बस में फैल गई। ड्राइवर बस में जिंदा जल गया। बस की डिक्की में जहां सवारियों का सामान रखा जाता है, वहां पर सिगरेट के पैकेट, दवाइयां, केमिकल के ड्रम और ऑयल क केन थे। … एक्सीडेंट की ये खबरें भी पढ़ें… राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। (पूरी खबर पढ़ें) दौसा बस-अग्निकांड: ‘मेरी आंखों के सामने पत्नी जल गई साहब’:किसी ने मदद नहीं की; पैसेंजर बोलीं- मालूम नहीं पति कहां गिरे, लोग सीटों में फंसे थे अचानक सोकर उठे थे, झटका लगा और बच्ची का सिर आगे टकराया। मैंने देखा मेरे पति वहां नहीं थे। अपने 2 बच्चों के साथ पति को ढूंढ रही दिव्या ये कहते-कहते रोने लगी। बेटा बार-बार उनके आंसू पोंछ रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)

बीकानेर में क्राइम-ब्रांच के सीआई का फ्लैट में शव मिला:चादर से पंखा साफ करते समय हादसा; जयपुर में पोस्टेड थे, 20 दिन से छुट्टी पर थे

बीकानेर में सीआईडी क्राइम ब्रांच के सीआई का शव उनके फ्लैट में मिला। सीआई की पत्नी अपने रिश्तेदारों के साथ बॉडी लेकर हॉस्पिटल पहुंचीं। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीछवाल थाना प्रभारी दिगपाल सिंह ने बताया- सीआई श्रवण बिश्नोई पुलिस कॉलोनी स्थित फ्लैट में पत्नी और 7 साल के बेटे के साथ रहते थे। घटना के समय उनकी पत्नी घर पर थी, जबकि बेटा स्कूल गया हुआ था। परिजनों ने सुबह करीब 11 बजे फोन पर घटना की जानकारी दी। थानाधिकारी ने बताया- मृतक सीआई श्रवण के साले मनीराम ने पुलिस में मर्ग दर्ज करवाई है। इसमें बताया कि श्रवण पंखा साफ कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइट आने से पंखा चल गया। इस दौरान जिस चादर से वे पंखा साफ कर रहे थे, वह उनके गले में फंस गई। इसके कारण श्रवण की मौत हो गई। इसके बाद सीआई की पत्नी ने रिश्तेदारों को फोन कर बुलाया और फिर उनके साथ सीआई का शव लेकर पीबीएम हॉस्पिटल पहुंचीं। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उनको मृत घोषित कर दिया। फिलहाल बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखा गया है। हालांकि मौत के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। छुट्टी पर आए थे बीकानेर
जानकारी के अनुसार, श्रवण बिश्नोई 2014 बैच के एसआई थे। मूल रूप से कोलायत के चक विजयसिंहपुरा के रहने वाले श्रवण लंबे समय तक बीकानेर में ही एसीबी में कार्यरत थे। 2 महीने पहले उनका ट्रांसफर जयपुर में सीआईडी-सीबी में हो गया था। इसके बाद उन्होंने वापस बीकानेर ट्रांसफर के लिए काफी प्रयास भी किए थे, लेकिन तबादला नहीं हुआ। वे 20 दिन से छुट्टी पर थे और बीकानेर आए हुए थे। ये खबर भी पढ़ें मुझे माफ कर देना भाई…बोलकर युवक ने लगाया फंदा:वीडियो बनाकर ससुराल वालों पर लगाया आरोप; जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा सूरज…मुझे माफ कर देना भाई…मैं मेरी जिंदगी से हार चुका हूं, मैं परेशान हो गया हूं। अब मैं नहीं जी पाऊंगा…मेरे भाई .. अपने भाई से माफी मांगते हुए 25 साल के एक युवक ने फंदा लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की। मामला भीलवाड़ा शहर का है। पूरी खबर पढ़ें

SI भर्ती-2021 पेपर लीक मामला- कोचिंग संचालक समेत दो गिरफ्तार:2 अभ्यर्थियों को सॉल्व पेपर देकर बनवाया था सब-इंस्पेक्टर; 35 लाख में हुई थी डील

राजस्थान की उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने तत्कालीन एमएडी फाउंडेशन कोचिंग, शाहपुरा के संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलीभगत कर दो अभ्यर्थियों को परीक्षा से सॉल्व पेपर दिया था, जिसके बाद दोनों अभ्यर्थी अंतिम चयन सूची में सब-इंस्पेक्टर बन गए। दोनों को 4 जुलाई तक रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान दोनों से पेपर लीक सिंडिकेट, पैसों के लेन-देन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस पेपर लीक प्रकरण में अब तक 149 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ के आधार पर आगे भी नए खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अभ्यर्थियों को सॉल्व पेपर देकर चयन करवाया था अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि दिनेश किलका पुत्र मन्नाराम किलका निवासी प्रेमपुरा, डांसरोली (सीकर) को 29 जून को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह परीक्षा के दौरान शाहपुरा स्थित एमएडी फाउंडेशन कोचिंग का संचालक था। उसकी निशानदेही पर राकेश कुमार को 30 जून को पकड़ा। दोनों ने अभ्यर्थी अविनाश पलसानिया से 20 लाख रुपए और परमेश चौधरी से 16 लाख रुपए लेकर परीक्षा से पहले ही सॉल्व पेपर उपलब्ध कराया और पढ़ाया था। इसके बाद अभ्यर्थियों का चयन उप निरीक्षक पद पर हो गया। अंतिम मेरिट सूची में अविनाश पलसानिया की 86वीं रैंक और परमेश चौधरी की 180वीं रैंक रही थी। अभ्यर्थियों के गिरफ्तार होने पर भाग गया था कोचिंग संचालक एसओजी ने इस मामले में दोनों अभ्यर्थी अविनाश पलसानिया को 31 अगस्त 2024 और परमेश चौधरी को 23 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद से ही मुख्य आरोपी दिनेश किलका फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर एसओजी के पुलिस अधीक्षक ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार तलाश के बाद एसओजी ने 29 जून 2026 को दिनेश किलका को गिरफ्तार कर लिया। 35 लाख रुपए में खरीदा था सॉल्व पेपर पूछताछ में दिनेश किलका ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसने परीक्षा से पहले लीक हुआ सॉल्व पेपर सीकर निवासी राकेश कुमार से प्राप्त किया था। इसके लिए उसने राकेश कुमार को 35 लाख रुपए दिए थे। दिनेश की निशानदेही पर एसओजी ने 30 जून को राकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। अरुण शर्मा के जरिए पहुंचा था पेपर जांच में सामने आया कि राकेश कुमार ने यह सॉल्व पेपर लीक गिरोह के सदस्य अरुण शर्मा पुत्र सांवरमल शर्मा निवासी विजय कॉलोनी, श्रीमाधोपुर (सीकर) से उसके हैंडलरों के माध्यम से प्राप्त किया था। अरुण शर्मा को एसओजी पहले ही 11 जुलाई 2024 को गिरफ्तार कर चुकी है।

डंपर और दीवार के बीच फंसे ठेकेदार की मौत:हादसे से पहले मजदूरों का पेमेंट कर बोले थे- 'आज तक का हिसाब हो गया, अब कल का कल देखेंगे'

उदयपुर में मकान बनवा रहे एक ठेकेदार की मौत हो गई। वह बजरी से भरे मिनी डंपर के पीछे खड़े होकर रिवर्स करवा रहे थे। ड्राइवर डंपर पीछे कर रहा था। इस बीच ठेकेदार एक घर की दीवार और डंपर के बीच फंस गए। लहूलुहान हालत में उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन मौत हो गई। हादसे से कुछ देर पहले ही उन्होंने मजदूरों का पूरा पेमेंट भी किया था। उन्हें कहा था कि ‘आज तक का हिसाब हो गया। अब कल का कल देखेंगे।’ हादसा हिरणमगरी पुलिस थाना इलाके में मंगलवार शाम का है। बजरी से भरे डंपर को करवा रहे थे रिवर्स हादसे में ठेकेदार सलूंबर जिले के सेमारी ब्लॉक के जनकावड़ा निवासी मुकेश (35) पुत्र रूपा मीणा की मौत हुई है। वे सेक्टर तीन स्थित भोपामगरी आजाद नगर इलाके में करीब तीन से चार मकान बनाने का काम कर रहे थे। मंगलवार शाम को एक मकान के निर्माण के लिए बजरी से भरे मिनी डंपर को खाली करवा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- महात्मा गांधी राजकीय स्कूल के पास ड्राइवर डंपर को रिवर्स कर रहा था। पीछे एक घर था, उसकी दीवार के न टकरा जाए। ऐसे में ठेकेदार आवाज देकर गाड़ी पीछे लेने के लिए बोल रहे थे। दीवार और डंपर के बीच फंसे प्रत्यक्षदर्शी हीरालाल पालीवाल ने बताया कि एक मिनट में सब कुछ खत्म हो गया। उस घर के पास ही एक पोल था। पोल से बचने की कोशिश की लेकिन डंपर पीछे घर की दीवार तक आ गया और ठेकेदार को चपेट में ले लिया। ठेकेदार डंपर और दीवार के बीच पिचक गया। उनका सिर डंपर और दीवार के बीच था और खून ही खून बह गया। चीख-पुकार के बीच ठेकेदार को निकालकर लहूलुहान हालत में कार से हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने डंपर को जब्त कर थाने में खड़ा करवाया। करीब 3 से 4 मकान बनवा रहे थे ठेकेदार निवर्तमान पार्षद चंद्रपकाश सुहालका, पूर्व पार्षद लवदेव बागड़ी भी हॉस्पिटल पहुंचे। पार्षद ने बताया कि कांट्रेक्टर मुकेश मिलनासार और व्यवहारिक आदमी थे। मोहल्ले में रहने वाले सभी उसे अच्छे से जानते है और सभी को उसकी मौत का सदमा लगा। उसने यहां कई मकान के कांट्रेक्ट लिए थे और अभी भी करीब तीन से चार मकान बन रहे है। कुछ मिनटों पहले आज तक का हिसाब किया पूर्व पार्षद लवदेव बागड़ी ने बताया कि घटना स्थल के करीब 100 मीटर पास ही सोमवार को छत भराई का काम ठेकेदार ने करवाया था। हादसे से कुछ ही मिनट पहले वहां की लेबर का चबूतरी पर बैठकर हिसाब किया। सबको बोला कि आज तक का हिसाब पूरा कर दिया गया है। अब कल का कल से देखेंगे। इसके कुछ देर बाद ही हादसा हो गया।

सड़क किनारे रखी चारपाई पर चढ़ी कार, महिला की मौत:बेटा घायल; परिजन बोले- टक्कर के बाद पुलिस ने ड्राइवर को भगाया

सीकरी के नगर रोड पेट्रोल पंप के पास मंगलवार देर रात तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे सो रहे गाड़िया लोहारों को कुचल दिया। हादसे में चारपाई पर सो रहह बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और उनका बेटा घायल हो गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर कार चला रहे व्यक्ति को भगाने का आरोप लगाया। टक्कर से महिला की मौके पर ही मौत जानकारी अनुसार- गाड़िया लोहार परिवार के राजेश (30) और उनकी मां महमू (60) रोज की तरह अपनी झोपड़ी के बाहर चारपाई बिछाकर सो रहे थे। देर रात करीब 12 बजे नगर रोड की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार वैगन कार चारपाई पर चढ़ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। घायल युवक की हालत नाजुक घटना की सूचना पर सीकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लहूलुहान हालत में घायल युवक को स्थानीय हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद अलवर रेफर किया गया। फिलहाल युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों का पुलिस पर फूटा गुस्सा हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतका के परिजनों और गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि टक्कर के बाद ड्राइवर को पकड़ लिया था। मौके पर पहुंची सीकरी थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने के बजाय कार को जब्त कर चालक को मौके से भगा दिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों के आरोपों और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

राजस्थान में वॉट्सएप पर मिलेंगी 27 सरकारी सुविधाएं:घर बैठे बिजली-पानी के बिल जमा करा सकेंगे; एक नंबर पर Hi भेजना होगा

राजस्थान में वॉट्सएप पर 27 सरकारी सुविधाएं मिलेंगी। घर बैठे-बैठे ही आप बिजली-पानी का बिल जमा करा सकेंगे। EWS सर्टिफिकेट समेत कई दस्तावेजों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आपको एक नंबर पर Hi भेजना होगा। इस पहल से लोगों को सरकारी कार्यालयों और ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के उद्घाटन अवसर पर इस ई-मित्र वॉट्सएप सेवा की शुरुआत की है। इसके जरिए प्रदेश के लोग वॉट्सएप नंबर 94610-62705 पर Hi भेजकर 27 सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। कैसे करना होगा आवेदन…
अब जानिए कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी… सीएम बोले- 85 पैसे पर कौन पंजा मारता था, सब जानते हैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली से भेजे गए एक रुपए में से लाभार्थी तक केवल 15 पैसे ही पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे नहीं पता कि उस 85 पैसे पर कौन पंजा मारता था, लेकिन 85 पैसे पर पंजा मारा जाता था, यह सब जानते हैं। सोचिए, उस समय की सरकार कितनी लाचार थी। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद डिजिटल माध्यम से होने वाले लेनदेन और तकनीक आधारित व्यवस्था को मजबूत किया गया। इससे योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने लगा और बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगी है। कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन से पहले राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य की करीब 82 प्रतिशत सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध है और 26 हजार से ज्यादा सेवाएं डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंच रही हैं। तकनीक ने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुशासन को नई मजबूती दी है। डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर चर्चा दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित प्रशासन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, ई-सेवाओं और पुलिसिंग में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। देशभर के अधिकारी, विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे।

तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से मासूम घायल:सड़क क्रॉस करने के दौरान तेज रफ्तार बाइक ने चपेट में लिया, सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा

भीलवाड़ा के आकोला गांव ने तेज रफ्तार बाइक सवार युवकों ने सड़क क्रॉस कर अपनी मां के पास जा रहे एक मासूम को टक्कर मार दी।हादसे में मासूम बुरी तरह घायल हो गया,जिसे इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा मंगलवार की ये घटना बताई जा रही है,आज इसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने है।जिसमें नजर आ रहा है कि बच्चा अपनी मां के साथ सड़क पर जा रहा है, मां के सिर पर कोई गठरी रखी है, मां जब थोड़ा आगे निकल जाती है तो बच्चे को पास्ट बुलाने के लिए रुकती है, बच्चा मां के पास दौड़कर आने लगता है तभी तेज रफ्तार बाइक उसे टक्कर मार देती है जिससे बच्चा करीब तीन से चार फी दूर जाकर गिरता है और घायल हो जाता है। रोड क्रॉस करने के दौरान तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर मामला भीलवाड़ा के कोटड़ी थाना क्षेत्र के अकोला गांव का है। यहां मंगलवार शाम को एक तेज रफ्तार बाइक ने 6 साल के मासूम कार्तिक को अपनी चपेट में ले लिया।बाइक की चपेट में आने से मासूम बुरी तरह घायल हो गया।गंभीर हालत में इसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है।टक्कर के बाद मासूम करीब 3 से 4 फीट उछलकर दूर जाकर गिरता है और गंभीर रूप से घायल हो जाता है। बाइक सवारों की तलाश शुरू आज इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने है जिस में नजर आ रहा है कि बच्चा अपनी मां के साथ गली से निकल रहा है, मां उससे कुछ कदम आगे चल रही है और पीछे बच्चा अपनी मस्ती में आ रहा है। मां बच्चे बच्चे को अपने साथ लेने के लिए रुकती है बच्चे को अपनी तरफ बुलाती है।बच्चा मां के पास आने लगता है,इसी दौरान अचानक एक तेज रफ्तार बाइक निकलती है और इसे अपनी चपेट में ले लेती है। मदद करने आया बाइक सवार हादसे के बाद मां दौड़ कर बच्चे के पास पहुंचती है। बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो जाते हैं, बाइक सवार युवक कुछ आगे जाकर रुकते है बाइक चलाने वाला युवक मां और घायल बच्चे के पास आता है और उसे अपनी गोद में उठाकर, अपनी गोद में उठाकर इलाज के लिए ले जाता है। फिलहाल इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। घायल बच्चे का भीलवाड़ा के प्राइवेट अस्पताल में इलाज जारी है।