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13 करोड़ की लागत से खैरथल रेलवे स्टेशन का विकास:4 ट्रेनों का होगा ठहराव, अमृत भारत योजना के तहत मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित खैरथल रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार खैरथल के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विकास कार्यों की पट्टिका का उद्घाटन किया लोकार्पण समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने स्टेशन पर हुए विकास कार्यों की उद्घाटन पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि स्टेशन के आधुनिकीकरण से खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा तथा आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही क्षेत्र की प्रमुख अनाज एवं सब्जी मंडी से जुड़े किसानों और व्यापारियों के आवागमन को भी नई गति मिलेगी। दिल्ली-अहमदाबाद मेल का ठहराव होगा शुरू भूपेंद्र यादव ने कहा कि उनके राज्यसभा सांसद रहते हुए खैरथल स्टेशन पर दिल्ली-अहमदाबाद मेल का ठहराव शुरू हुआ था। पिछले दो वर्षों में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सहयोग से गरीब रथ एक्सप्रेस, मालानी एक्सप्रेस, मंडोर एक्सप्रेस और स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस सहित चार महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव भी सुनिश्चित कराया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में अन्य आवश्यक ट्रेनों के ठहराव के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे। स्टेशन पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन पर आकर्षक पोर्च, दो नए प्रवेश द्वार, विस्तारित पार्किंग, नया फुटओवर ब्रिज, रैंप, आधुनिक प्रतीक्षालय, हेल्प डेस्क, वाटर बूथ, बेहतर टिकट विंडो तथा स्थानीय कला से सुसज्जित स्टेशन भवन विकसित किया गया है। स्टेशन परिसर का सर्कुलेटिंग एरिया 1200 वर्गमीटर से बढ़ाकर 3600 वर्गमीटर किया गया है। करीब 4.19 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज भी बनाया गया है। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए हेल्प बूथ, विशेष शौचालय, रैंप और सुलभ टिकट विंडो जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जल योजनाओं, बाईपास और विकास प्राधिकरण पर जोर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में बेड़ा का बास, रैईयन और छीन-छीन सहित विभिन्न पेयजल एवं जल संरक्षण योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बेहतर संपर्क, खैरथल बाईपास के शीघ्र निर्माण तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के माध्यम से क्षेत्र के सुनियोजित विकास को गति देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेज और स्टेडियम की भी उठी मांग पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा कि खैरथल रेलवे स्टेशन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों के साथ व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने भविष्य में खैरथल में मेडिकल कॉलेज और स्टेडियम जैसी बड़ी विकास परियोजनाएं शुरू करने की आवश्यकता भी जताई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक रहे मौजूद कार्यक्रम में पद्मश्री सूर्यदेव बारैठ एवं ऊषा चौमर, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश, भाजपा जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी, पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल, सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, पूर्व सभापति अशोक डाटा सहित रेलवे अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

बिजली विभाग की दबंगई: पहले बिना मीटर लगाए थमाया बिल, शिकायत की तो पुराना मीटर टांगकर सिस्टम में दर्ज की फर्जी रीडिंग

गोविन्दगढ़ (अलवर)।

स्थानीय जयपुर विद्युत वितरण निगम (JVVNL) कार्यालय में भ्रष्टाचार और तानाशाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विभाग के कर्मचारियों ने अपनी पुरानी तकनीकी चोरी और लापरवाही को छुपाने के लिए उपभोक्ता के घर न केवल पुराना इस्तेमालशुदा मीटर टांग दिया, बल्कि सरकारी कंप्यूटर सिस्टम में फर्जी प्रारंभिक रीडिंग भी दर्ज कर दी। विरोध करने पर उपभोक्ता के साथ अभद्रता करते हुए सरकारी केबल (डोरी) काटकर छोटी कर दी गई। पीड़ित उपभोक्ता ने इस संगठित धोखाधड़ी के खिलाफ मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम मुंडपूरीखुर्द निवासी पीड़ित उपभोक्ता प्रकाश सैनी पुत्र तुलसी राम सैनी ने बताया कि उन्होंने बीते 14 मई 2026 को घरेलू बिजली के नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और नियमानुसार डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के जरिए फीस भी जमा करवा दी थी। आरोप है कि इसके बाद वे दो महीने तक लगातार बिजली घर के चक्कर काटते रहे, जहां तैनात कर्मियों द्वारा उनसे ‘मिठाई-पानी’ के नाम पर अवैध राशि (रिश्वत) की मांग की गई। रिश्वत न देने पर उन्हें लगातार परेशान किया गया। हद तो तब हो गई जब घर पर मीटर लगा ही नहीं और विभाग ने उपभोक्ता को ₹1638 का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया।

चोरी छुपाने के लिए नया षड्यंत्र

जब पीड़ित ने इस फर्जी बिल की शिकायत उच्च स्तर पर की, तो बौखलाए विभाग ने मामले को दबाने के लिए नया खेल रच दिया। शुक्रवार (17 जुलाई) को विभाग का एक कर्मचारी शौक़ीन खान (मोबाइल नंबर: 7665238792) उपभोक्ता के घर मीटर लगाने पहुंचा। आरोप है कि उसने जो मीटर लगाया वह पहले से इस्तेमाल किया हुआ था, जिसमें भौतिक रूप से 76 रीडिंग दर्ज थी। लेकिन विभाग ने अपनी ऑनलाइन प्रणाली पर इस मीटर की शुरुआती रीडिंग को फर्जी तरीके से सीधे 276 यूनिट दर्ज कर दिया, ताकि बिना मीटर जारी किए गए ₹1638 के पुराने फर्जी बिल को सही ठहराया जा सके।

विरोध करने पर केबल काटी, दी धमकी

उपभोक्ता प्रकाश सैनी ने जब इस धोखाधड़ी और फर्जी 276 रीडिंग का मौके पर विरोध किया, तो कर्मचारी शौक़ीन खान आगबबूला हो गया। उसने उपभोक्ता के साथ घोर अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि “इस 276 रीडिंग को आगे के बिलों में एडजस्ट करवा लेना।” बात यहीं खत्म नहीं हुई; बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए कर्मचारी ने गुस्से में आकर खंभे से मीटर तक आने वाली सर्विस केबल (डोरी) को बीच से काटकर छोटा कर दिया, जबकि उपभोक्ता के लिए लंबी डोरी मंजूर हुई थी।

अवैध वसूली का आरोप, निलंबन की मांग

पीड़ित प्रकाश सैनी का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी अब बदले की भावना से उनसे 276 यूनिट की अवैध वसूली करने का प्रयास कर रहे हैं। इस तानाशाही और भ्रष्टाचार से त्रस्त होकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पूरक शिकायत भेजकर दोषी कर्मचारियों को तुरंत निलंबित करने, फर्जी रीडिंग को तकनीकी सिस्टम से हटाने और परिसर पर शून्य (0) रीडिंग का नया सीलबंद मीटर लगाने की मांग की है।

पूर्व-IAS संजय दीक्षित के खिलाफ सीबीआई में दर्ज एफआईआर रद्द:हाईकोर्ट ने 17 साल पुरानी एफआईआर रद्द की; हिस्ट्रीशीटर का चरित्र सत्यापन किया था

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने पूर्व आईएएस संजय दीक्षित और रणजीत सिंह के खिलाफ दर्ज करीब 17 साल पुरानी एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह आदेश जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने संजय दीक्षित और रणजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। दीक्षित ने रणजीत सिंह के पासपोर्ट के लिए उनका चरित्र सत्यापन किया था। इस मामले में प्रहलाद गुर्जर ने साल 2009 में पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत की थी कि रणजीत सिंह को जारी पासपोर्ट अवैध है, उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई थी एफआईआर पासपोर्ट कार्यालय ने प्रहलाद गुर्जर के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इस पर गुर्जर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसके आधार पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 13 जनवरी 2010 में सीबीआई को मामला सौंप दिया था। सीबीआई ने 29 जनवरी 2010 को एफआईआर दर्ज की। खंडपीठ ने 10 नवंबर 2010 को एकलपीठ का आदेश रद्द कर मामले पर पुन: सुनवाई का आदेश दिया। सत्यापन वापस लेने की सूचना दे दी थी दीक्षित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्र और अधिवक्ता जया मित्र ने कोर्ट को बताया कि जैसे ही प्रार्थी को रणजीत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली, उसने सत्यापन वापस लेने की पुलिस को सूचना दे दी। वहीं रणजीत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग शर्मा ने कोर्ट को बताया- प्रहलाद गुर्जर की जिस याचिका के आधार पर सीबीआई को जांच सौंपी गई, वह बिना आदेश के ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में एफआईआर को रद्द किया जाए। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता जगमोहन शर्मा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दीक्षित ने हिस्ट्रीशीटर रहे व्यक्ति के चरित्र का सत्यापन किया और रणजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस मामले में जांच कर ली, लेकिन कोर्ट ने चार्जशीट को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया गया था।

वसुंधरा के बयान पर सचिन पायलट ने दी प्रतिक्रिया:कहा- जब पद छुड़वा दिया जाता है तो सुर बदल जाते हैं

राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने पर साल भर चलने वाले कार्यक्रमों के उद्घाटन के मौके पर वसुंधरा राजे ने कहा था-सामाजिक रिश्तों को राजनीति के कारण खराब नहीं करना चाहिए। उनके इस बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होने कहा- कोई व्यक्ति पद पर होता है तो उसके सुर अलग होते हैं, जब पद छूट जाता है या छुड़वा दिया जाता हैं तो सुर बदल जाते हैं। सचिन पायलट शुक्रवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक पहुंचे थे। जयपुर कोटा नेशनल हाईवे के पास सोहेला कट कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सवालों के जवाब दिए। विरोध भी हो तो मजबूती से हो पायलट ने वसुंधरा राजे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मैं मानता हूं कि राजनीति में व्यक्ति को अपने आचरण और भाषा से उदाहरण पेश करना चाहिए। अगर विरोध हो तो भी जमकर होना चाहिए। मजबूती से होना चाहिए। लेकिन विरोध सैद्धांतिक और वैचारिक होना चाहिए। लेकिन आज की राजनीति व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करने, सोशल मीडिया पर भला-बुरा कहने की हो गई है। इससे लोकतंत्र में और समाज में अच्छा मैसेज नहीं जा रहा। प्रदेश में हेल्थ व्यवस्था चरमराई कोटा समेत अन्य जगह प्रसूताओं की मौतों के सवाल पर पायलट बोले- प्रदेश में स्वास्थ्य की व्यवस्था चरमरा गई है। किसी की जवाबदेही नहीं है। इतनी महिलाओं की जान चली गई लेकिन किसी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। उन्होंने कहा- छोटे-मोटे अधिकारियों के ट्रांसफर कर रहे हैं लेकिन बीकानेर-कोटा की ही बात नहीं, कहीं भी चले जाएं, पूरे प्रदेश में ही स्वास्थ्य व्यवस्था का कोई धणी-धोरी नहीं है। दुख की बात है कि सरकार का रवैया गैर जिम्मेदाराना है। मौतों पर जांच बैठानी चाहिए। जनता का विश्वास टूट चुका है। सरकार शिक्षा, चिकित्सा और कानून व्यवस्था तीनों मोर्चों पर पूरी तरह फेल हो गई है। टैक्सपेयर के पैसे से विज्ञापन छपवाने, अपनी बढ़ाई करने, अपनी पीठ थपथपाने में सरकार लगी हुई है। जबकि शिक्षा और चिकित्सा दोनों डिपार्टमेंट पूरी तरह ध्वस्त हैं। इन मुद्दों पर भी बोले सचिन पायलट BSS सुप्रीमो नरेश मीणा की जमानत खारिज होने के मामले में पायलट ने कहा- न्याय पालिका का सम्मान करना चाहिए। मुझे लगता कि सबका भरोसा न्याय पालिका पर होना चाहिए। यह खबर भी पढ़ें वसुंधरा बोलीं- राजनीति के लिए सामाजिक रिश्ते खराब न करें:मेरे खिलाफ चुनाव लड़े अबरार अहमद की मौत पर कांग्रेस कार्यालय गई थी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा- सामाजिक रिश्तों को राजनीति के कारण खराब नहीं करना चाहिए। राजनीति से अलग भी हमारे सामाजिक रिश्ते होते हैं। विधानसभा सदन से बाहर आने पर बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जिन पर हम साथ बैठ सकते हैं। लेकिन अब सदन के भीतर अमर्यादित आचरण के छींटे लगने लगे हैं और भाषा का स्तर बहुत गिर चुका है। (पढ़ें पूरी खबर)

श्रीगंगानगर में बदमाशों- पुलिस में मुठभेड़:पंजाब बॉर्डर के नजदीक भागते हुए पुल से नीचे गिरे; 3 पिस्टल, कारतूस और कार बरामद

श्रीगंगानगर में पंजाब बॉर्डर के नजदीक धींगतानिया पुल पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 5 बदमाश भागते हुए पुल से नीचे गिर गए। घायल बदमाशों को सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से उन्हें श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 पिस्टल, एक दर्जन कारतूस और एक कार भी बरामद की है। एसपी हरीशंकर के निर्देश पर ASP दीपक शर्मा के सुपरविजन में AGTF प्रभारी रामविलास बिश्नोई, DST प्रभारी जयकुमार भादू और CI मलकीयत सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार- गिरफ्तार किए गए बदमाश खेरूवाला और छापावाली में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के आरोपी हैं। ये बदमाश हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गंभीर मामलों में वांटेड थे। पुलिस का कहना है कि ये बदमाश अब फिर से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें पहले ही पकड़ लिया। जिला पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी है। फिलहाल घायल बदमाशों को इलाज के लिए श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया है। SP हरीशंकर ने कहा- अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। पंजाब बॉर्डर क्षेत्र में नाकेबंदी और गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि कोई भी बदमाश आसानी से भाग न सके। पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।

मदन राठौड़ बोले-डोटासरा दूसरों को भी खुद जैसा समझते हैं:'गहलोत के सामने टीचर्स ने कबूल की थी ट्रांसफर में करप्शन की बात'

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे तब उस वक्त के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टीचर से पूछा था कि ट्रांसफर में भ्रष्टाचार हो रहा है तो सभी ने एक सुर में भ्रष्टाचार होने की बात स्वीकार की थी। ऐसे में जो व्यक्ति जैसा होता है वह दूसरों के बारे में भी वैसा ही सोचता है। शुक्रवार को दौसा रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए राठौड़ ने कहा- हमारी सरकार में किसी भी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं है। जरूरतमंद को उसकी आवश्यकता के अनुरूप निकटतम स्थान पर पारदर्शी तरीके से लगाने का काम हमारी सरकार कर रही है। इसमें कहीं कोई भ्रष्टाचार नहीं है। चहेतों को खुश करने के लिए बनाए थे अव्यवस्थित वार्ड निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट द्वारा फटकार लगाने के सवाल पर कहा- कांग्रेस शासन के वक्त एक वार्ड 400 और दूसरा 8 हजार वोटर्स का बना दिया गया था। अपने चहेतों को खुश करने के लिए अव्यवस्थित वार्ड बना दिए थे, लेकिन हमारी सरकार ने पापुलेशन के आधार पर जनसंख्या का इक्वल डिस्ट्रीब्यूशन करके वार्डो का पुनर्गठन किया है। उन्होंने कहा कि अब ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने में देरी हुई है तो वह निर्वाचन आयोग और ओबीसी कमिशन के बीच का मामला है। हम तो राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता हैं, जिस दिन अधिसूचना जारी हो जाएगी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। जहां कांग्रेस के लोग डर की बात करते हैं तो आज तक हुए 78 चुनाव में से 62 चुनाव जीते हैं तो फिर वो मुह डर की बात करते हैं। केजरीवाल का नकाब उतर गया दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी कोई राजनीतिक दल नहीं है और उसे कोई मानता भी नहीं है। वहीं दिल्ली में आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को समझा दिया गया है, शायद वो मान भी गए है। अरविंद केजरीवाल राजनीति चमकाने के लिए बीच में आ गए। इससे जनता के सामने उनका नकाब उतर गया है।

3000 जिलेटिन छड़ और 7500 मीटर डेटोनेटिंग कॉर्ड जब्त:सरमथुरा पुलिस ने वोल्वो से पकड़ी विस्फोटक सामग्री, ड्राइवर फरार

धौलपुर जिले की सरमथुरा थाना पुलिस ने अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक वोल्वो वाहन से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की। कार्रवाई के दौरान वाहन ड्राइवर पुलिस को देखकर जंगल की ओर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर खुद्दिरा पुल, नादनपुर रोड पर नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध वोल्वो को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने वाहन को पीछे मोड़ा और बाद में उसे छोड़कर उबड़-खाबड़ रास्ते से जंगल की ओर भाग निकला। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को 3000 जिलेटिन छड़ (15 कट्टे), 7500 मीटर डेटोनेटिंग कॉर्ड (5 कट्टे), 366 मीटर सेफ्टी फ्यूज (काली बत्ती) और 10 डेटोनेटर (सिल्वर टोपी) मिले। पुलिस ने एक मोबाइल फोन और वोल्वो वाहन भी जब्त किया है। सरमथुरा पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार ड्राइवर और वाहन मालिक की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कैलाशचंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

NEET में झुंझुनूं के स्टूडेंट्स ने हासिल की सफलता:सच हुआ डॉक्टर बनने का सपना, पेपर लीक के टेंशन को पछाड़कर बने विजेता

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। झुंझुनूं के प्रतिभावान स्टूडेंट्स ने कठिन चुनौतियों और परीक्षा की अनिश्चितताओं को पीछे छोड़ते हुए शानदार सफलता हासिल की है। इन बच्चों की मेहनत ने न केवल उनके परिवारों का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि जिले के लिए भी नई मिसाल पेश की है। अब पढ़िए संघर्ष और सफलता की कहानियां… ​नीट में शाहीना बानो, भवानी शंक, सौम्या और तरन्नुम खान ने अपने जुनून, संघर्ष, मेहनत और लगातार घंटो पढ़ाई से सफलता हासिल की है। संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल ​शाहीना ने बताया- इस बार की NEET परीक्षा उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण सफर रही। तीन मई को हुई पहली परीक्षा में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 672 अंक हासिल किए थे, लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। शाहीना ने बताया कि इस खबर से उनका मनोबल टूट गया था, लेकिन परिवार ने उन्हें इस कठिन समय में अटूट समर्थन दिया। हिम्मत हारने के बजाय, शाहीना ने फिर से तैयारी शुरू की और सीकर जाकर एक महीने तक कड़ी मेहनत की। इसके बाद, री-नीट (re-NEET) परीक्षा में भी उन्होंने अपनी काबिलियत साबित करते हुए 600 अंक हासिल किए और 10,000 के भीतर रैंक सुरक्षित की। ​सफलता का जिक्र करते हुए छलके आंसू ​अपनी सफलता का श्रेय पिता को देते हुए शाहीना भावुक हो गईं। उन्होंने कहा- उनके डॉक्टर बनने का सपना उनके पिता का सपना है। परिवार का अटूट साथ ही उनकी सफलता की असली वजह है। शाहीना ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा- “मैं आज जो कुछ भी हूं, सिर्फ अपने परिवार की वजह से हूं।” शाहीना के पिता आरिफ और अन्य परिजन भी इस उपलब्धि पर भावुक नजर आए, उनकी आंखों में बेटी की सफलता पर गर्व के आंसू थे। सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत ​झुंझुनूं के भवानी शंकर और सौम्या ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। भवानी ने 662 अंक प्राप्त कर 789वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा- सकारात्मक दृष्टिकोण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। वहीं, सौम्या ने 661 अंकों के साथ 837वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार के अटूट समर्थन को दिया। ​तरन्नुम खान ने माता-पिता को सफलता का श्रेय दिया ​झुंझुनूं की बेटी तरन्नुम खान ने नीट यूजी में सफलता हासिल कर अपने परिवार और खानदान का नाम रोशन किया है। यह सफलता उनके लिए एक भावुक पल है। तरन्नुम ने बताया- उनके दादा मरहूम नेताजी अलीमद्दीन खान पहाड़ियांन का सपना था कि डॉक्टर बने। पिता याकूब खान पहाड़ियांन ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा- उनके परिवार के लिए यह गौरव का क्षण है कि उनके खानदान डॉक्टर बनने जा रही है।

15.24 करोड़ की लागत से बदला डीग रेलवे स्टेशन:पीएम मोदी ने किया लोकार्पण, यात्रियों को मिलेगी बेहतर और सुगम यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 75 पुनर्विकसित अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। राजस्थान के आठ स्टेशनों में शामिल डीग रेलवे स्टेशन का करीब 15.24 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं, दिव्यांग अनुकूल व्यवस्थाओं और स्थानीय स्थापत्य की झलक से सुसज्जित यह स्टेशन अब क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आवागमन को नई गति देने के साथ यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराएगा। लोकार्पण समारोह में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी डीग में आयोजित लोकार्पण समारोह में राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैडम मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष शिवानी राहीमा, स्वतंत्रता सेनानी हुकम चंद सैनी और रामजी लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल, अपर मंडल रेल प्रबंधक गिरीश कुमार गुप्ता, रेलवे एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। यात्रियों को मिली आधुनिक सुविधाओं की सौगात पुनर्विकसित डीग रेलवे स्टेशन पर नया स्टेशन भवन, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और फुट ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके साथ ही पेयजल, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा। स्थानीय विरासत के अनुरूप हुआ सौंदर्यीकरण स्टेशन के पुनर्विकास में डीग की स्थानीय संस्कृति और स्थापत्य कला को विशेष महत्व दिया गया है। स्टेशन भवन के फसाड और सौंदर्यीकरण में क्षेत्रीय विरासत की झलक दिखाई देती है, जिससे स्टेशन को आधुनिकता के साथ स्थानीय पहचान भी मिली है। दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था स्टेशन को सभी यात्रियों के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से रैंप, टैक्टाइल पाथ, व्हीलचेयर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, लो-हाइट टिकट काउंटर और सुगम प्रवेश मार्ग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इन व्यवस्थाओं से दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के दौरान अधिक सुविधा मिलेगी।
पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पुनर्विकसित डीग रेलवे स्टेशन क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, कृषि गतिविधियों, रोजगार और क्षेत्रीय संपर्क को नई मजबूती देगा। आधुनिक स्टेशन बनने से यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और डीग को रेल नेटवर्क के माध्यम से विकास की नई संभावनाएं मिलेंगी।

शिक्षा विभाग अब ट्रांसफर के लिए लेगा परिवेदनाएं:एकल-विधवा, असाध्य बीमारियों के मामले में टीचर्स लगा सकेंगे गुहार

शिक्षा विभाग में 19 जून से 10 जुलाई तक टीचर्स के तबादले हुए। इसके बाद कुछ खास मामलों में अब शिक्षा विभाग ट्रांसफर की परिवेदनाएं स्वीकार करेगा। तबादले को लेकर जिन टीचर्स को आपत्ति है, वे परिवेदना लगा सकेंगे। इस आधार पर राहत देने के लिए निदेशालय ने अलग-अलग कमेटियों का गठन किया है। इन कमेटियों को ट्रांसफर में राहत देने का अधिकार होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्थानांतरण आदेशों से संबंधित परिवेदनाओं (आपत्तियों) की जल्दी जांच और निपटारे के लिए निदेशालय और संभाग स्तर पर समितियों का गठन किया है। यह आदेश प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से ट्रांसफर पर लगी रोक में 19 जून से 10 जुलाई 2026 तक दी गई छूट के दौरान जारी ट्रांसफर ऑर्डर के संदर्भ में जारी किया गया है। इनकी होगी सुनवाई निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार एकल महिला, विधवा, मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित गंभीर और असाध्य रोगों जैसे कैंसर, मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, किडनी आदि से पीड़ित, दिव्यांग कार्मिक, दीर्घावधि सेवाकाल और सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के मामलों से जुड़ी परिवेदनाओं की सुनवाई निर्धारित समितियां करेंगी। दो स्तर पर गठित हुई समितियां