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जयपुर में पर्यटकों के सामने लेपर्ड ने किया शिकार:10 महीने की मादा शावक ने खरगोश को दबोचा; जबड़े में दबाकर इधर-उधर घूमती रही

जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों को रोमांचक नजारा देखने को मिला। लेपर्ड फ्लोरा की मादा शावक के सामने एक जंगली खरगोश घास में छिपकर बैठा था। मादा शावक भी घात लगाकर बैठी थी, मौका देखते ही शावक ने झपट्‌टा मारकर खरगोश को जबड़े में दबोच लिया। इस पल को पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। यह रोमांचक घटनाक्रम रिजर्व के रूट नंबर-1 और रूट नंबर-2 के बीच शनिवार सुबह देखने को मिला। दरअसल, इन दिनों लेपर्ड फ्लोरा अपने दोनों शावकों को जंगल में शिकार करने की बारीकियां सिखा रही है। लेपर्ड फ्लोरा की मादा शावक के PHOTOS मौका देखते ही छलांग लगाकर मुंह में दबोचा गाइड सीपी सैनी ने बताया कि फ्लोरा की मादा शावक ने जंगली खरगोश का शिकार किया है। शावक घास खा रहे खरगोश पर कुछ देर तक नजर रखे हुए थी। जैसे ही खरगोश हल्का-सा बाहर निकला, तुरंत शावक ने छलांग लगा दी और खरगोश को दबोच लिया। शिकार को मुंह में दबाकर कुछ देर तक इधर-उधर घूमती रही। इसके बाद जंगल में चली गई। इस दौरान वहां मौजूद पर्यटकों ने इस पूरे दृश्य कैमरे में कैद कर लिया किया। शिकार की बारीकियां सिखा रही लेपर्ड फ्लोरा सीपी सैनी ने बताया कि फ्लोरा इन दिनों अपने दोनों शावकों को शिकार करने की बारीकियां सिखा रही है। मां की निगरानी में शावक शिकार का अभ्यास कर रहे हैं। देश-दुनिया से वन्यप्रेमी आते झालाना लेपर्ड रिजर्व देश-दुनिया के वन्यजीव प्रेमियों के बीच लेपर्ड साइटिंग के लिए अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां अक्सर पर्यटकों को लेपर्ड और उनके शावकों की गतिविधियां देखने का मौका मिलता है। फ्लोरा और उसके शावकों की मौजूदगी इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

भीलवाड़ा MGH से रेफर प्रसूता की उदयपुर में मौत:परिजन बोले- ऑपरेशन के समय पेट में गंदा पानी रहने से संक्रमण फैला

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। भीलवाड़ा से गंभीर हालत में उदयपुर रेफर की गई 19 साल की ज्योति कुमारी की 13 जुलाई को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। ज्योति कुमारी जहाजपुर क्षेत्र के रघुनाथपुरा रावत खेड़ा गांव की रहने वाली थी। डिलीवरी के लिए उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसपी को लिखित शिकायत दी है। मृतका ज्योति कुमारी कीर के पति फोरूलाल कीर ने बताया कि 7 जुलाई को उन्होंने ज्योति को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 8 जुलाई की सुबह उसका सीजेरियन ऑपरेशन हुआ, जिसमें एक बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। परिवार के अनुसार ऑपरेशन के बाद शुरुआत में ज्योति की हालत सामान्य थी, लेकिन 9 जुलाई की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज सिरदर्द होने लगा और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई। उदयपुर में बताया ऑपरेशन के दौरान पेट में रहा गंदा पानी इसके बाद ज्योति को मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया। हालत लगातार बिगड़ने पर 10 जुलाई की सुबह डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। परिजन उसी दिन उसे लेकर उदयपुर पहुंचे, जहां दोपहर करीब 2 बजे आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि उदयपुर में भर्ती के दौरान वहां के चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें बताया कि ऑपरेशन के समय पेट में संक्रमण वाला द्रव (गंदा पानी) मौजूद था। इसी वजह से संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। तीन दिन इलाज चलने के बाद दम तोड़ा उदयपुर में कई जांचों के बाद डॉक्टरों ने ज्योति की हालत बेहद गंभीर बताई। वह तीन दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही। आखिरकार 13 जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, ज्योति की नवजात बच्ची अब उसकी बुआ काली देवी की देखरेख में है। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। अब उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कोटा के सीमलिया में आठ घंटे में दो मर्डर:खेत की बाड़ और शराब के विवाद में बुजुर्ग व युवक की हत्या, आधे घंटे में दबोचे आरोपी

कोटा ग्रामीण के सीमलिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बुजुर्ग और युवक का मर्डर हो गया। पहली घटना शाम करीब 6 बजे मंडोला गांव में हुई, जहां खेत की बाड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद जानलेवा बन गया। मंडोला गांव के रिटायर्ड शिक्षक बद्रीलाल मीणा (65) अपने खेत पर मौजूद थे। चार साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद वे खेती-किसानी कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी खेत मालिक और ज्वेलरी कारोबारी अंकुर उर्फ सारंगी से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि अंकुर ने बद्रीलाल पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बद्रीलाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात की सूचना मिलते ही सीमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को आधे घंटे के भीतर डिटेन कर लिया। दो भाइयों के बीच खूनी संघर्ष वहीं, दूसरी घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मोतिकुआ गांव में सामने आई। यहां शराब के नशे में दो भाइयों के बीच शुरू हुई बहस खूनी संघर्ष में बदल गई। हेमराज लश्करी और उसके भाई राजू लश्करी (45) साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में आए हेमराज ने लकड़ी से राजू पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर हालत में राजू को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने दोनों मामलों में विशेष टीमों का गठन किया। इस मामले में भी सीमलिया थाना पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी हेमराज को घटना के करीब आधे घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया। आज हो सकता है दोनों मर्डर का खुलासा एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को डिटेन कर लिया गया है और सीमलिया थाना पुलिस अग्रिम अनुसंधान में जुटी हुई है। एसपी सुजीत शंकर आज दोनों हत्याकांडों का खुलासा कर सकते हैं।

कोटा के बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छ, VIDEO:मेस में खाना बना रहे कर्मचारी जान बचाकर भागे; स्टूडेंट्स में दहशत फैल गई

कोटा के बोरखेड़ा इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे कोरल पार्क के एक बॉयज हॉस्टल में मगरमच्छ घुस गया। हॉस्टल के मेस में खाना बना रहा कुक डरकर भाग गया। वहीं पूरे हॉस्टल में दहशत मच गई। हॉस्टल कर्मचारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ हॉस्टल की बेसमेंट स्थित मेस में घुस आया। मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा, वे जान बचाकर बाहर भाग निकले। घटना से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी दहशत फैल गई। मगरमच्छ की एंट्री सीसीटीवी में कैद मगरमच्छ की पूरी एंट्री मेस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ सीढ़ियों से होते हुए धीरे-धीरे मेस के अंदर पहुंच गया। मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और कुछ ही समय में पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। पकड़ने की कोशिश पर घबरा गया मगरमच्छ घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ छात्रों ने खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इससे मगरमच्छ और घबरा गया और मेस के भीतर इधर-उधर भागने लगा। इससे काफी देर तक हॉस्टल परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। नाले से निकलकर हॉस्टल में घुसा बताया जा रहा है कि हॉस्टल के पास से एक बड़ा नाला गुजरता है। आशंका है कि मगरमच्छ उसी नाले से निकलकर हॉस्टल में पहुंच गया। हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। वनकर्मी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और बाद में उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। घटना के बाद छात्रों और हॉस्टल स्टाफ ने राहत की सांस ली।

'पिता ने कहा- मेरा सपना है तू डॉक्टर बने':जोधपुर की नेशनल प्लेयर ने 10 दिन में NEET समेत 3 एग्जाम क्लियर किए

खेल के मैदान में मेडल जीतने वाली जोधपुर की डिंपल खींची ने NEET-UG 2026 में सफलता हासिल की है। रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर रही डिंपल की 5 हजार 609 रैंक आई है। डिंपल ने 10 दिन में 3 एग्जाम क्रैक किए हैं। वह 3 साल से किसी भी सामाजिक कार्यक्रम या फंक्शन में नहीं गईं। रिजल्ट आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। डिंपल के पिता ने कहा- ‘मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है।’ वहीं नीट पेपर रद्द होने के बाद 21 जून री-नीट की परीक्षा हुई थी। टीचर्स का कहना है कि पेपर लीक की खबर सुनने के बाद कुछ स्टूडेंट्स डिप्रेशन में आ गए थे। बच्चों को डिप्रेशन से निकालने के लिए टीचर्स ने घर-घर जाकर समझाया था। यहां तक कि एग्जाम सेंटर तक उन्हें छोड़ने गए थे। अब स्टूडेंट अपने अच्छे रिजल्ट से खुश हैं। 10 दिन में तीन एग्जाम ​क्लियर किए डिंपल खींची जोधपुर के बनाड स्थित नांदड़ी के फाटा इलाके में रहती हैं। डिंपल के पिता कुंदल सिंह खींची का कोरियर का बिजनेस है। डिंपल ने बताया – मेरी शुरुआती पढ़ाई नवोदय से हुई। इसके बाद 11वीं और 12वीं जोधपुर से की। मैं रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर रह चुकी हूं। 2019 में हुए नेशनल टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके साथ ही क्लस्टर पर गोल्ड और रिजनल पर सिल्वर मेडल हासिल कर चुकी हूं। पिता ने कहा- मेरा सपना अधूरा, तीन साल से कहीं नहीं गई मां अनिता कंवर ने बताया कि डिंपल के पिता चाहते थे कि बेटी अपने परिवार का नाम रोशन करे। एक दिन उसे, उसके पिता ने कहा कि मेरा सपना है कि तू डॉक्टर बने। तब डिंपल ने कहा- मैं इसे जरूर पूरा करूंगी। डिंपल ने पिछले 10 दिनों में 3 एग्जाम क्रैक कर चुकी है। हाल में एम्स नर्सिंग एग्जाम में डिंपल की ऑल इंडिया 379 रैंक थी। इसके अलावा आरयूएचएस नर्सिंग एग्जाम भी क्लियर किया और यहां 85 प्रतिशत नंबर हासिल किए। जब पिता को पता चला तो, कहा- मेरा सपना अब भी अधूरा है। गुरुवार, 16 जुलाई को नीट का रिजल्ट आया, तब डिंपल के पिता ऑफिस से घर आए ही थे। बेटी के सिलेक्शन पर वे भावुक हो गए। बोले- ‘अब मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है।’ टीचर बोले- नीट पेपर लीक के बाद बच्चे डिप्रेशन में थे NEET-UG 2026 क्रैक करने वालों में कुछ स्टूडेंट वे भी हैं, जो पेपरलीक की खबरों के बाद डिप्रेशन में आ गए थे। ऐसे में टीचर्स के सामने बच्चों को दोबारा तैयारी करवाना सबसे बड़ा चैलेंज था। साइंस फैकल्टी के डॉ. अन्नाराम पटेल ने बताया- बच्चों को डिप्रेशन से निकालना बहुत जरूरी था। इसके लिए हम बच्चों के घर तक गए। वहां उनके साथ उनके पेरेंट्स को समझाया कि उन्हें एक चांस और मिला है। यदि नंबर कम आए तो दूसरा मौका है कि कैसे इसे सुधार सकते हैं। इसके बाद इन बच्चों को लगातार कोचिंग दी गई। बच्चों को ऐसा न लगे कि वे अकेले हैं तो एग्जाम के दिन भी उन्हें सेंटर तक छोड़ने गए थे। — ये खबर भी पढ़िए- दो भाइयों ने एक साथ क्लियर किया NEET:जयपुर के उपलक्ष्य की तीसरी रैंक, बोले- खुद को रिफ्रेश करने के लिए कॉमेडी शो देखता था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। जयपुर के उपलक्ष्य गोयल ने देशभर में तीसरी रैंक और अलवर के गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की। (पढ़िए पूरी खबर)

नागौर के तिलानेस में मॉर्निंग वॉक पर निकले मुख्यमंत्री:खेत में जाकर की निराई, खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नागौर के दो दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान सीएम शनिवार को डेगाना के तिलानेस गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले। सुबह उन्होंने खेतों का दौरा कर मूंग की फसल देखी और महिलाओं के साथ खेत में फसल की निराई की। इसके बाद सीएम ने गांव का पैदल भ्रमण किया। शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत स्कूल के बाहर आयोजित चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जबकि इससे पहले शुक्रवार रात हुई ग्राम विकास चौपाल में सीएम ने युवाओं, किसानों और पशुपालकों से भी संवाद किया था। खेत में महिलाओं संग किया श्रमदान सुबह मुख्यमंत्री गांव के खेतों में पहुंचे, जहां उन्होंने मूंग की फसल का अवलोकन किया। किसान महिलाओं से बातचीत करते हुए उन्होंने समय पर निराई करने और वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने की सलाह दी। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं भी खेत में उतरे और किसानों के साथ कृषि कार्य का अनुभव साझा किया। गांव में मॉर्निंग वॉक खेत भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री ने पैदल ही गांव का भ्रमण किया। इस दौरान सीएम ने कई जगह रुककर लोगों से बातचीत की। उन्होंने बुजुर्गों से भी वार्ता की और उनसे केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की बात कही। इस दौरानजगह-जगह मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए इंतजार करते नजर आए। मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया और ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। सीएम बोले- हर गांव में ऐसे रामलाल मिलते हैं इसके बाद तिलानेस गांव की शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत स्कूल के बाहर आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल के दौरान ग्रामीण रामलाल ने गांव के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा- हर गांव में ऐसे रामलाल मिलते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा- ऐसी बातें मत कहो, जो केवल औपचारिक हों। गांव की वास्तविक जरूरतों और जनहित से जुड़े कार्यों की मांग रखो, सरकार उन पर गंभीरता से काम करेगी। ग्रामीणों ने रखी पेयजल-सड़क की मांग चौपाल में ग्रामीणों ने तिलानेस ग्राम पंचायत के किसानों के लिए खेतों में टांकों का निर्माण कराने, ढाणियों तक जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पहुंचाने, किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए रास्ते उपलब्ध कराने, राजकीय संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत करने, रामसरी-तिलानेस सड़क निर्माण तथा गांव के तालाब के विस्तार की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों का समग्र विकास और किसानों की आय बढ़ाना है। इसके लिए सिंचाई, पेयजल, सड़क, शिक्षा और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस मौके पर जिला प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, डेगाना विधायक अजय सिंह किलक, मेड़ता विधायक लक्ष्मण कलरू, पूर्व सरपंच रामनिवास खटखड़, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष मदन गोरा, मंडल अध्यक्ष विनय भूकर, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, पूर्व संगठन महामंत्री जगवीर छाबा, माधोराम चौधरी, बुद्धाराम गरवा सहित जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
6 माह में दिन में कृषि बिजली देने का वादा
इससे एक दिन पहले शुक्रवार रात 8 से 10 बजे तक तिलानेस में ही ग्राम विकास चौपाल का दूसरा सत्र चला था, जिसमें मुख्यमंत्री ने कृषि, सिंचाई, बिजली, रोजगार और पशुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की थी। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि अगले छह माह में नागौर जिले के किसानों को दिन के समय कृषि बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। एक किसान महिला की अपील पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि नागौर में अश्वगंधा की खेती को बढ़ावा मिलने पर सरकार अश्वगंधा मंडी स्थापित करने पर भी विचार करेगी।

जोधपुर में फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी:तीन ICU में; 1 वेंटिलेटर पर, उम्मेद हॉस्पिटल का दावा-सभी रेफर होकर आईं

जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद फिर प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आय है। पिछले दो दिन में 5 प्रसूताओं की ​तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। उम्मेद हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि प्रसूताएं अलग-अलग सेंटर से रेफर हुई थीं। एक को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था। बाकी की हालत में सुधार है। वैसे मेडिसिन सभी को एक जैसी दी जा रही है। ऐसे में मेडिसिन को लेकर कोई संशय नहीं है। फिर भी डायरेक्शन मिले तो जांच करवा दी जाएगी। डिलीवरी के दौरान ज्यादा ब्लड लॉस हुआ डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि इन पांचों प्रसूताओं की डिलीवरी के बाद ब्लड लॉस ज्यादा हो गया था। इसकी वजह से इनकी तबीयत बिगड़ी और हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें से चार को आईसीयू में एडमिट किया गया था। इनमें से एक वेंटिलेटर पर है। जबकि तीन अब भी आईसीयू में एडमिट हैं। एक प्रसूता सामान्य वार्ड में एडमिट है। पांच प्रसूताएं अलग-अलग सेंटर से हुईं रेफर एक महीने में 13 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी पिछले एक महीने में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 13 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इससे पहले 20 जून को भी पावटा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद इनमें से 2 को पहले मथुरादास माथुर हॉस्पिटल और फिर एम्स में रेफर किया गया था। जबकि 6 प्रसूताओं का इलाज पावटा के ही डिस्ट्रीक्ट हॉस्पिटल में चला था। हालांकि इसके बाद इनकी तबीयत में सुधार हुआ और फिर सभी को छुट्टी दे दी गई थी। इस मामले में हुई ओटी, दवाई और प्रसूताओं की सभी जांच सामान्य आई थी। गलत खून चढ़ाने से बिगड़ी थी प्रसूता की तबीयत इससे पहले उम्मेद हॉस्पिटल में ही धापू नाम की एक प्रसूता को गलत खून चढ़ाने का मामला सामने आया था। इस मामले को भी अस्पताल प्रशासन ने दबाए रखा। धापू की 11 जुलाई को नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। लेकिन, खून की कमी के चलते उसे बावड़ी से उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। यहां उसे 11 जुलाई को ओ पॉजिटिव खून चढ़ाया गया। लेकिन, एक नाम की दो प्रसूता होने से गफलत हो गई थी, जिससे उसे ओ पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और यूरिन बंद हो गया था। किडनी में इन्फेक्शन हो गया और उसे 13 जुलाई को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। जहां उसका डायलिसिस चल रहा है और अभी वह आईसीयू में एडमिट है। जांच कमेटी की रिपोर्ट में लापरवाही आई सामने इस मामले को लेकर शुक्रवार को ही जांच कमेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें बताया गया कि बिना क्रॉस चेक किए प्रसूता को गलत खून चढ़ाया गया था। साथ में ये भी बताया गया कि इसमें रेजिडेंट डॉक्टर्स से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही थी। इसे लेकर अब नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। …. ये खबर भी पढ़िए… 1. गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (पढ़िए पूरी खबर) 2. भीलवाड़ा MGH से रेफर प्रसूता की उदयपुर में मौत:परिजन बोले- ऑपरेशन के समय पेट में गंदा पानी रहने से संक्रमण फैला, लापरवाही बरती भीलवाड़ा से गंभीर हालत में उदयपुर रेफर की गई 19 साल की ज्योति कुमारी की 13 जुलाई को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए…

100 करोड़ के हॉस्पिटल का 'फ्रेक्चर' भी नहीं दिखा:जिला प्रमुख को क्यों गिफ्ट की 'चक्की'? सड़क के बीचोंबीच 'मास्टरपीस'

नमस्कार, झुंझुनूं में डॉक्टर साहब को एक्सरे में फ्रेक्चर नहीं दिखा। दौसा के लालसोट में 100 करोड़ की लागत से बने हॉस्पिटल का ‘फ्रेक्चर’ भी किसी को नहीं दिख रहा। केंद्रीय मंत्रीजी ने आटा प्रोसेस यूनिट का उद्घाटन किया तो अलवर जिला प्रमुख को चक्की गिफ्ट की गई और भीलवाड़ा के बिजौलिया में नगरपालिका के काम का नायाब नमूना दिखा। राजनीति औ र ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खझरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. न फ्रेक्चर नजर आया न ‘दरार’ झुंझुनूं से सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर साहब ने फ्रेक्चर को मामूली चोट बताकर मरीज को घर भेज दिया। मरीज का दर्द कम नहीं हुआ तो वह प्राइवेट हॉस्पिटल गया। वहां पता चला कि पसली में फ्रेक्चर है। मरीज और अटेंडेंट सरकारी डॉक्टर के पास लौटे और पूछा-आपको फ्रैक्चर नहीं दिखा? गलती स्वीकार करने के बजाए डॉक्टर ने कहा- मैं तो अनपढ़ हूं। मुझे हॉस्पिटल के बाहर निकाल दो। दरअसल, डॉक्टर साहब की गलती नहीं। पूरे हेल्थ डिपार्टमेंट की ही हालत पतली है। आप तो फ्रेक्चर की बात करते हो, दौसा के लालसोट में 100 करोड़ की लागत से सरकारी हॉस्पिटल बन गया। अस्पताल की नई बिल्डिंग में चारों तरफ लंबी दरार पड़ गई। इसका इलाज भी ढूंढ लिया गया। दरार पर एल्युमिनियम की लंबी परत लगाकर उसे ढक दिया गया। लीपापोती की हद है। पीएमओ का कहना है कि दरारों से कोई खतरा नहीं है। ये दरारें ड्रेनेज के पाइप लाइन के कारण आई हैं। प्रसूताएं भी तो 1 लाख पर 48 ही मर रही हैं। सिस्टम में कोई दरार नहीं है। सब ठीक है। 2. जिला प्रमुख को चक्की गिफ्ट आटा चक्की को लेकर श्रीलाल शुक्ल ने जो कटाक्ष ‘राग दरबारी’ में किया है, वैसा ही तंज अलवर जिला परिषद में कांग्रेस समर्थित पार्षद ने कर डाला। निर्दलीय पार्षद संदीप फौलादपुरिया अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की मीटिंग में चक्की लेकर लेकर पहुंच गए। मीटिंग के दौरान वे उल्टी चक्की घुमाने लगे। पत्रकार ने चक्की लाने की वजह पूछी तो बोले- केंद्रीय पर्यावरण मंत्रीजी साढ़े 3 साल बाद शाहजहांपुर आए थे। सोचा था कि बहुत कुछ देकर जाएंगे। लेकिन दिया क्या? ‘आटा प्रोसेसिंग यूनिट’ यानी आटा चक्की। लोकार्पण कार्यक्रम में अलवर जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर जी भी गए थे। तो मैं उनके लिए ये चक्की लेकर आया हूं। पत्रकार ने बात खुलासा समझाने के लिए कहा तो उन्होंने बात खुलासा समझाई। बोले- शाहजहांपुर के किसानों से नहर और पानी लाने का वादा किया गया था। नहर नहीं तो पानी नहीं, पानी नहीं तो अनाज नहीं, अनाज नहीं तो बताइये कि चक्की किस काम की? कुछ देना ही था तो ट्रोमा सेंटर देते, लैब देते, एंबुलेंस देते, बस स्टैंड पर बैठने की व्यवस्था करते। लेकिन दिया क्या? आटा चक्की। बताइये कि चक्की किस काम की? सड़कों पर जो गरीब लोग छोटा-मोटा काम धंधा लेकर बैठे थे, अतिक्रमण बताकर उनकी दुकानें तोड़ दी। लोगों के पास खाने के दाने नहीं। बताइये कि चक्की किस काम की? तो साहब हमने ये चक्की जिला प्रमुख साहब को दी है। वे इसे मंत्रीजी के पास ले जाएं और लौटा दें। कहें कि चक्की हमारे किसी काम की नहीं। 3. चलते-चलते… बिजौलिया का जिक्र हुआ तो हमें वह किसान आंदोलन याद आया जो 44 साल तक चला था। बात 130 साल पहले की है। जब किसानों ने 84 तरह के टैक्स और बेगार के खिलाफ लड़ना शुरू किया। किसान परिवार की बेटी की शादी पर भी 13 रुपए का टैक्स था। विजय सिंह पथिक, माणिक्यलाल वर्मा और जमनालाल बजाज जैसे नेताओं ने इस लड़ाई को आगे बढ़ाया। आजादी से 6 साल पहले किसानों की जीत हुई। बेकार के टैक्स और बेगार खत्म हुई। किसानों की उस ऐतिहासिक जीत के 85 साल बाद आज बिजौलिया ऐसे स्थानीय प्रशासन के हाथों में है, जहां ये लोग एक खंभा तक ठीक से नहीं लगा पा रहे हैं। बिजौलिया नगर पालिका ने शक्करगढ़ रोड पर सरकारी कॉलेज के पास सड़क के बीचोंबीच हाईमास्ट लाइट का पोल लगवा दिया। सड़क पहले ही जर्जर और गड्‌ढों से परिपूर्ण थी। जिसके कारण हादसों की कोई कमी नहीं थी। इसके बावजूद यह खंभा बची-खुची कसर भी पूरी करने में सक्षम है। अब क्या सड़क के बीच खड़े इस मास्टरपीस को हटवाने के लिए भी बिजौलिया के लोग आंदोलन करेंगे? इनपुट सहयोग- इम्तियाज भाटी (झुंझुनूं), महेश बोहरा (लालसोट, दौसा ), साजिद शेख (अलवर), जितेंद्र सिंह नरुका (बहरोड़), धीरेंद्र सिंह (बिजौलिया, भीलवाड़ा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

राजस्थान में एक और जल जीवन मिशन जैसा घोटाला:अटल भू-जल योजना में काम हुआ नहीं, पेमेंट किया; सरकार ने चीफ इंजीनियर से जवाब मांगा

जल जीवन मिशन की तरह केंद्र सरकार की एक और योजना में घोटाला सामने आया है। आरोप है कि भू-जल विभाग के परियोजना निदेशक और चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह ने चहेती फर्म को बिना काम के ही लाखों का फायदा पहुंचाया। केंद्र की अटल भूजल योजना के तहत कंपनी को धौलपुर जिले में 1 करोड़ से ज्यादा का टेंडर जारी हुआ था। लेकिन फर्म ने ग्राउंड पर कोई काम ही नहीं किया। जिम्मेदार अधिकारी ने न तो कंपनी को समय रहते ब्लैक लिस्ट किया और न ही विभाग के भेजे नोटिसों का जवाब दिया। राज्य सरकार ने 14 जुलाई, 2026 को आरोपी चीफ इंजीनियर सिंह को चार्जशीट देकर 15 दिन में जवाब मांगा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 1 करोड़ से ज्यादा का टेंडर, एक भी काम नहीं राज्य सरकार ने केंद्र की अटल भू जल योजना के तहत धौलपुर जिले कुल 1 करोड़ 35 लाख 36 हजार 289 के टेंडर निकाले थे। इसका वर्क ऑर्डर नितानंद शिक्षा समिति, दौसा नाम की एक संस्था को जारी हुआ था। इस टेंडर का उद्देश्य था जिले के अलग-अलग जल संसाधनों को संरक्षित करना। फर्म को टेंडर की शर्तों के अनुसार इन पैसों से जिलेभर में कई काम मार्च 2025 तक पूरे करके देने थे। जैसे… ग्राउंड पर काम जीरो, फिर भी कंपनी को भुगतान के आरोप आरोप है कि फर्म ने कार्य आदेश की शर्तों के अनुसार निर्धारित अवधि में कोई काम नहीं किया। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसर ने फर्म पर मेहरबानी दिखाई और दो काम का भुगतान जारी कर दिया। पहला पेमेंट : दिसंबर, 2022 से फरवरी 2023 तक 3 लाख, 11 हजार 643 का भुगतान किया गया। दूसरा पेमेंट : वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2023-24 तक 3 लाख, 92 हजार 107 रुपए का भुगतान कर दिया गया। यानी कुल 7 लाख, 3 हजार 750 रुपए का भुगतान कर दिया गया। चीफ इंजीनियर को मिली चार्जशीट इस पूरे काम की मॉनिटरिंग से लेकर भुगतान की जिम्मेदारी भू-जल विभाग के परियोजना निदेशक और चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह के पास थी। कार्मिक विभाग ने 14 जुलाई, 2026 को सूरजभान सिंह के खिलाफ चार्जशीट जारी करते हुए 3 आरोप लगाए हैं…. आरोप-1 : कंपनी पर तत्काल एक्शन नहीं लिया आरोप-2 : ठेका निरस्त करने के आदेश भी नहीं माने आरोप- 3 : नोटिस जारी, एक का भी जवाब नहीं चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह बोले- आरोप गलत वहीं, चीफ इंजीनियर ने कहा कि- आरोप गलत हैं। नियम विरुद्ध कोई भुगतान नहीं किया। जिस फर्म को काम के लिए ठेका दिया, उसने आधे से ज्यादा काम कर दिया था, लेकिन फर्म बीच में काम छोड़कर चली गई। लेकिन जो काम किया है, उसका तो भुगतान करना बनता है। मैंने जो काम किया उसी का भुगतान किया। उन्होंने कहा मामला संज्ञान में आने पर तुरंत ही कार्रवाई की। फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया। फर्म संचालक बोला- सरकार को देंगे जवाब आरोपों पर जब दैनिक भास्कर डिजिटल ने नितानंद शिक्षा समिति दौसा के संचालक राजेश शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि सरकार ने आरोप लगाए है, उनका जवाब दे दिया जाएगा। इस मामले में ज्यादा बात नहीं करना चाहता हूं। अटल भूजल योजना क्या है? अटल भूजल योजना एक भूजल प्रबंधन योजना है। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती पर 25 दिसंबर 2019 को शुरू किया था। इस योजना का उद्देश्य राजस्थान के भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। इस योजना का उद्देश्य चयनित राज्यों के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार करना है। जल जीवन मिशन घोटाला क्या था? करीब 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले का मुख्य आरोप यही है कि ठेकेदार फर्मों (जैसे- श्री श्याम ट्यूबवेल और श्री गणपति ट्यूबवेल) ने बिना काम किए या घटिया सामग्री लगाकर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया। जलदाय विभाग के अफसरों ने फेक ईमेल आईडी बनाकर इस फर्जी सर्टिफिकेट का सत्यापन किया था। इस घोटाले में पूर्व मंत्री सहित 10 गिरफ्तार एसीबी के अनुसार राजस्थान के जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी, रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 3 आरोपी फरार हैं। …. राजस्थान में घोटाले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जलदाय विभाग के अफसरों को होटल में बांटी थी रिश्वत:फरार SE ने 15 लाख रुपए में बनवाया था फर्मों का फर्जी सर्टिफिकेट; संपत्ति होगी कुर्क राजस्थान में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अफसरों को जयपुर के एक होटल में बुलाकर रिश्वत बांटी गई थी। आरोप है कि इसके बाद इन अफसरों ने मामला दबा दिया था। पूरी खबर पढ़िए…

आज 10 जिलों में बारिश की संभावना:कोटा सहित 3 जिलों में झमाझम बरसात; 21 जुलाई से फिर एक्टिव होगा मानसून

राजस्थान में मानसून अब भी ब्रेक पर है। शनिवार को 10 जिलों में बारिश की संभावना है, लेकिन तेज बरसात का अलर्ट नहीं है। राज्य में अब तक सामान्य से 21 फीसदी कम बरसात हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई से मानसून एक्टिविटी फिर से शुरू हो सकती है। इस दिन 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं, बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश डूंगरपुर, कोटा और अलवर में हुई है। हालांकि, गर्मी-उमस का दौर जारी है। श्रीगंगानगर सहित 4 जिलों में अब भी दिन का तापमान 40 डिग्री के ऊपर है। अब तक बारिश की स्थिति गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स आज कहां हो सकती है बारिश: मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई को बाड़मेर बालोतरा, जालोर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बारां,झालावाड़ को बारिश की संभावना है। शुक्रवार को डूंगरपुर में 12.5 एमएम (mm) और कोटा में 16.6 एमएम बारिश हुई। अलवर में भी देर शाम तेज बारिश हुई। आगे कैसा रहेगा मानसून: मौसम केंद्र के अनुसार, कमजोर मानसून के चलते अगले तीन से चार दिन तक कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, 21 जुलाई से मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है। राज्य में 22-23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य भागों में भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 23 से 26 जुलाई के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। श्रीगंगानगर फिर सबसे गर्म: श्रीगंगानगर में पारा शुक्रवार को ये 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। वहीं, चूरू में तापमान 41.1, बीकानेर में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अब राजस्थान में बारिश से की PHOTOS ये शहर सबसे ज्यादा गर्म आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: राजधानी में बीते करीब 12 दिन से बारिश नहीं हुई है। मानसून ब्रेक से गर्मी-उमस भी बढ़ रही है। शुक्रवार को भी दिन का तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम पारा 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ये सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। सीकर: जिले में शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहे और फिर दोपहर में तीखी धूप रही। दिन में गर्मी-उमस रही। पिछले साल के मुकाबले इस बार सीकर जिले में 17 जुलाई तक औसत से 40 % से भी कम बारिश हुई है। शुक्रवार को दिन का तापमान 39.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री रहा। अलवर: जिले में शुक्रवार को सुबह से मौसम का मिजाज बदलता रहा। सुबह आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में तेज धूप निकलने से गर्मी रही। अधिकतम तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात करीब 8 बजे हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। जोधपुर: जिले में शुक्रवार को गर्मी का असर बना रहा। शहर का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है। उदयपुर:लेकसिटी में अधिकतम तापमान 34.9 और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री से. दर्ज किया गया। दिनभर तेज धूप और शाम के समय हल्के बादल रहे। जिले में बीते एक हफ्ते से बारिश नहीं हुई है। इस कारण तापमान भी बढ़ रहा है। पिछले सात दिनों में अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। कोटा: शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शहर में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो सप्ताह बाद हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अजमेर: शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में गर्मी का असर रहा। अगले 24 घंटों में आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।