साइबर ठगी में देश का पहला अनूठा मामला:साइबर ठगी के पैसे गोल्ड लोन में जमा कर बनाते थे 'सफेद'; सिस्टम की खामियां उजागर

बीकानेर साइबर ठगों ने अब ठगी के काले धन को सफेद बनाने का ऐसा तरीका खोज लिया था, जिसे पकड़ना पुलिस और बैंकिंग एजेंसियों के लिए भी आसान नहीं था। बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने देश में पहली बार ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी की रकम को गोल्ड लोन अकाउंट में जमा कर उसे वैध बैंकिंग लेनदेन में बदल देता था। पुलिस ने इस मामले में बज्जू थाना क्षेत्र के मिठड़िया निवासी 35 वर्षीय सुनील ज्याणी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार और तीन महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। ऐसे करते थे पूरा फ्रॉड बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सबसे पहले अपने या भोले-भाले लोगों के नाम पर मणप्पुरम फाइनेंस से गोल्ड लोन लेते थे। इसके लिए सोना गिरवी रखकर लाखों रुपए का वैध लोन बैंक खाते में प्राप्त किया जाता था। इसके बाद देशभर में सक्रिय गिरोह के अन्य सदस्य लोगों को डिजिटल अरेस्ट, पुलिस या सरकारी एजेंसी का डर दिखाकर अथवा इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करते थे। ठगी की रकम सीधे आरोपियों के बैंक खातों में रखने के बजाय उसे मणप्पुरम फाइनेंस के ऑनलाइन गोल्ड लोन (OGL) अकाउंट में जमा कर दिया जाता था। इस रकम से तुरंत गोल्ड लोन की किस्त या पूरा लोन चुका दिया जाता था। लोन क्लोज होने के बाद गिरवी रखा सोना वापस मिल जाता था या उसी सोने पर दोबारा नया लोन ले लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में साइबर ठगी का पैसा बैंकिंग सिस्टम में वैध लेनदेन जैसा दिखाई देने लगता था। जब तक पीड़ित शिकायत करता और पुलिस बैंक खाते फ्रीज करवाती, तब तक पैसा गोल्ड लोन रिपेमेंट के रूप में सिस्टम में समायोजित हो चुका होता था। यही वजह थी कि ठगी की रकम का ट्रैक पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता था। 56 ग्राम सोने पर छह बार लिया लोन पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील ज्याणी ने 56 ग्राम सोना गिरवी रखकर छह बार गोल्ड लोन लिया। इन गोल्ड लोन खातों में साइबर ठगी के करीब 25 लाख रुपए जमा करवाए गए और बाद में यह राशि अपने लिंक बैंक खाते में प्राप्त कर ली। आरोपी और उसके साथी इस काम के बदले कमीशन लेते थे। सिस्टम की ये खामी सामने आई एसपी मृदुल ने बतायाा- सिस्टम की खामी ये है कि आमतौर पर साइबर ठगी की जो राशि है, वो किसी सामान्य एकाउंट में होती है तो उस पर लियन लगता है। वो खाता सीज हो जाता है। वहीं गोल्ड लोन एजेंसी के एकाउंट्स ट्रेडिंग एकाउंट होते हैं, उन पर किसी तरह का लियन या फिर फ्रीज करने का विकल्प नहीं होता। इसी सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर बीकानेर के युवक ने तरीका अपनाया। पहले गोल्ड लोन लेता और फिर साइबर ठगी के रुपए इस खाते में ट्रांसफर करवा लेता। डिजिटल अरेस्ट से डेढ़ करोड़ और इन्वेस्टमेंट के नाम पर 5 लाख की ठगी जांच में सामने आया कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति से इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 5 लाख रुपए की ठगी की। इसके अलावा एक वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब 1.50 करोड़ रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध के कई मामले दर्ज हैं। शराब कारोबार की आड़ में चला रहा था नेटवर्क पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पार्टनरशिप में बीकानेर शहर में चार और कोलायत क्षेत्र में तीन, कुल सात शराब की दुकानों का संचालन करता है। उसने ‘मातेश्वरी’ नाम से फर्म का बैंक खाता खुलवा रखा था, जिसमें साइबर ठगी से जुड़ी राशि भी प्राप्त की जाती थी। पुलिस अब उसके साझेदारों और उनसे जुड़े बैंक खातों का भी विश्लेषण कर रही है। पुलिस की अपील बीकानेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक या गोल्ड लोन अकाउंट न खुलवाएं। ऐसा करने पर आपका खाता साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने का माध्यम बन सकता है और आप कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

नागदा पेयजल परियोजना से केबल चोरी का खुलासा:दो महिलाओं सहित चार आरोपी गिरफ्तार, केबल बरामद

बारां की अंता थाना पुलिस ने नागदा-अन्ता-बलदेवपुरा पेयजल परियोजना के फिल्टर प्लांट से केबल चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई केबल बरामद कर ली गई है और वारदात में इस्तेमाल की गई दो बाइकें भी जब्त की गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि 26 जून को नागदा स्थित 7.5 एमएलडी फिल्टर प्लांट से अज्ञात बदमाशों द्वारा केबल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल जांगिड़ और वृत्ताधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह आढ़ा के निर्देशन में थानाधिकारी भूपेश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर दो संदिग्ध बाइकों की पहचान की गई। नाकाबंदी के दौरान इन दोनों बाइक सवारों को पकड़ा गया, जिनकी पहचान कपिल और रोकी उर्फ चोटिया के रूप में हुई। आगे की जांच में दो महिलाओं प्रेमपति और दीचा की संलिप्तता भी सामने आई, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में चारों आरोपियों ने पेयजल परियोजना के फिल्टर प्लांट से केबल चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि वे पहले कबाड़ बीनने के बहाने गांवों में घूमकर रेकी करते थे और मौका मिलने पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

जयपुर में मैरिज रजिस्ट्रार-कर्मचारी को घूस लेते किया गिरफ्तार:शादी रजिस्ट्रेशन की एवज में मांगी रिश्वत; साढ़े 12 हजार रुपए लेते पकड़ा

भष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर के लालकोठी स्थित नगर निगम ऑफिस से मैरिज रजिस्ट्रार और कर्मचारी को घूस लेते पकड़ा। मैरिज रजिस्ट्रेशन करवाने की एवज में दोनों आरोपी घूस मांग रहे थे। एसीबी ने यह कार्रवाई गुरुवार शाम को की। एसीबी कोटा की टीम ने दोनों आरोपियों को 12 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। एसीबी टीम की ओर से गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। डीजी (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया- कोटा एसीबी को परिवादी ने शिकायत दी। वह जयपुर के प्रताप नगर के आर्य समाज मंदिर के प्रधान पद पर काम करता है। उनकी ओर से गरीब और दहेज रहित शादी करवाई जाती है। इसके बाद उन शादियों को नगर निगम में लालकोठी स्थित मैरिज ऑफिस से रजिस्ट्रर्ड करवाया जाता है। विवाह रजिस्ट्रेशन का निर्धारित शुल्क 110 रुपए है। इसके बावजूद मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह और कर्मचारी राकेश चौधरी की ओर से प्रति विवाह पंजीयन 2500 से 3000 रुपए तक रिश्वत रकम मांगी जाती थी। घूस रकम नहीं देने पर रजिस्ट्रेशन के लिए दिए डॉक्यूमेंट में अनावश्यक कमियां बताकर परिवादियों को परेशान किया जाता था। कर्मचारी से 38 हजार रुपए बरामद, किए जब्त परिवादी की शिकायत पर एसीबी की ओर से गोपनीय सत्यापन करवाया गया। मांग सत्यापन में आरोपी मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह की ओर से कर्मचारी राकेश चौधरी के जरिए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। कोटा एसीबी टीम की ओर से गुरुवार को मैरिज ऑफिस में ही दोनों आरोपियों को रिश्वत के 12 हजार 500 रुपए लेते दबोचा गया। ट्रैप कार्रवाई के दौरान कर्मचारी राकेश की तलाशी में 38 हजार रुपए अतिरिक्त कैश मिलने पर बरामद किए गए। एसीबी की ओर से गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ ही ऑफिस-घर और अन्य संभावित ठिकानों की तलाशी ली जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बूंदी कारागृह का निरीक्षण:बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने व्यवस्थाओं की जांच की, बंदियों से भेदभाव पर पूछा

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और सर्वोच्च न्यायालय के सुकन्या शान्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में पारित आदेश की पालना में गुरुवार को बूंदी जिला कारागृह का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कारागृह की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, विधिक सहायता और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही बंदियों से सीधे बातचीत कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली गई तथा यह भी पूछा गया कि कारागृह में उनके साथ धर्म, जाति या सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। कारागृह की व्यवस्थाओं का लिया जायजा मॉडल प्रिजन मैनुअल के तहत गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स के आधिकारिक सदस्यों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बूंदी के सचिव ने मुख्य प्रहरी जितेंद्र नागर की उपस्थिति में निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक सेवा क्लिनिक, सीसीटीवी विंग, टेलीफोन कक्ष, बैरक, रसोईघर, कैंटीन, मुलाकात कक्ष, डिस्पेंसरी, वार्ड, स्नानागार, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और मनोरंजन के साधनों का विस्तृत अवलोकन किया गया। बंदियों से सीधे संवाद निरीक्षण दल ने बंदियों से मुलाकात कर उनके लंबित प्रकरणों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि कारागृह में कार्य आवंटन या अन्य व्यवस्थाओं में धर्म, जाति अथवा सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण में जिला एवं सेशन न्यायाधीश संदीप कुमार शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश परनामी, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव और जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा मौजूद रहे। इनके साथ सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी मुकेश गुप्ता, सहायक निदेशक (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) धनराज मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि राजेश कुमार शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अर्पित जैन, जिला उद्योग अधिकारी शुभकरण थालोर तथा जिला रोजगार अधिकारी भैरू प्रकाश नागर भी मौजूद रहे।

बिजनेसमैन को सेक्सटॉर्शन में फंसाकर 12 लाख वसूले:अलवर से 2 आरोपी गिरफ्तार; अश्लील वीडियो बनाकर किया था ब्लैकमेल

राजसमंद के एक बिजनेसमैन को ठगों ने सेक्सटॉर्शन में फंसा लिया। इसके बाद उसे बदनाम करने का डर दिखाकर ब्लैकमेल कर 12 लाख 14 हजार रुपए वसूल कर लिए। मामला रेलमगरा थाना इलाके का है। पुलिस के अनुसार- पीड़ित बिजनेसमैन ने 28 जून को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर क्राइम पुलिस थाना में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और अलवर के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो कॉल में आपत्तिजनक हालत में दिखी महिला रिपोर्ट में बिजनेसमैन ने बताया- एक दिन अनजान वॉट्सएप नंबर से मेरे मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाली महिला आपत्तिजनक हालत में नजर आई। कुछ देर बाद वीडियो कॉल कट गया। इसके बाद मुझे ठगों ने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वे मुझे अलग-अलग नंबरों से धमकी देने लगे और ब्लैकमेल करने लगे। कभी खुद को पुलिस अधिकारी बतातो तो कभी यूट्यूबर। कभी किसी चैनल का न्यूज एडिटर बनकर फोन करते और पुलिस कार्रवाई और बदनामी का डर दिखाते। इस तरह अलग-अलग तरीको से उन्होंने मुझ से कुल 12 लाख 14 हजार 520 रुपए वसूल लिए। परेशान होकर मैंने साइबर क्राइम थाना पुलिस को शिकायत कर दी। पुलिस ने अलवर से दबोचे दो आरोपी मामले की जांच करते हुए पुलिस ने अलवर जिले के पीनान गांव निवासी माहिर आजाद (22) और सिलमोली पहाड़ीवास निवासी मनीष खान (28) को गिरफ्तार किया। अब दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को इस गिरोह से जुड़े अन्य राज्यों के मामलों के खुलासे की भी उम्मीद है। पुलिस ने आमजन से अनजान वीडियो कॉल स्वीकार नहीं करने और ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत करने की अपील की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक के सुपरविजन में थानाधिकारी दुर्गाप्रसाद दाधीच के नेतृत्व में की गई।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी बोलीं-125 दिन रोजगार की गारंटी मिली:मोही से VB-जीराम(जी) मिशन शुरू; पहला काम- गोशाला की मेड़बंदी

राजसमंद पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मोही से गुरुवार को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-जीराम(जी) का जिला स्तरीय शुभारंभ हुआ। यहां गोशाला के सामने समतलीकरण, मेडबंदी और पौधारोपण के काम कर योजना शुरू की गई। इस मौके पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा- यह अधिनियम विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिन के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। उन्होंने बताया- जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। कलेक्टर बोले- व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने बताया- योजना में बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेशियल टेक्नोलॉजी, मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग और सामाजिक अंकेक्षण जैसी व्यवस्थाओं से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:7 दिन की देरी से आया मानसून; तहसीलदार से महिला बोली- पैसे खाए; प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर मानसून से जुड़ी है। राजस्थान में 7 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हो गई है। इसके साथ प्रदेशभर के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. राजस्थान में 7 दिन की देरी से मानसून की एंट्री
राजस्थान में 7 दिन की देरी से गुरुवार को मानसून की एंट्री हुई। जयपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में गुरुवार सुबह से रुक-रुककर बरसात हुई। टोंक के टोरडी सागर में 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ में डेढ़ इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। अलवर में तेज बारिश से रूपारेल नदी बहने लगी है। पूरी खबर पढ़ें 2. डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुए डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट हाईकोर्ट ने तलब की है। कोर्ट ने कहा- प्रदेश की जेलों में यह क्या हो रहा है। हाई सिक्योरिटी जेल में कैमरे में रिकोर्डिंग नहीं हो रही है। जेलों में आसानी से मोबाइल पहुंच रहे हैं। जेल से मुख्यमंत्री को भी धमकी मिल चुकी है। पूरी खबर पढ़ें 3. सीमेंट प्लांट के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
झुंझुनूं जिले के गोठड़ा थाना इलाके में सीमेंट प्लांट के आगे ट्रेलर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सीमेंट फैक्ट्री के गेट के बाहर हंगामा कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पूरी खबर पढ़ें 4. स्कूल वैन के रेडिएटर का पाइप फटा, 3 बच्चे झुलसे
दौसा जिले के मानपुर कस्बे में एक प्राइवेट स्कूल की वैन के रेडिएटर का पाइप फट गया। इस दौरान रेडिएटर का गर्म पानी केबिन में बैठे बच्चों पर गिरा, जिसके कारण 3 छात्रों के चेहरे, सीने और हाथ-पैर बुरी तरह से झुलस गए। तीनों छात्र 5 और 9 साल के हैं। पूरी खबर पढ़ें 5. बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़े मां-बाप
श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान में ट्यूशन पढ़कर लौट रही 5 साल की बच्ची पर घर के सामने गाय ने हमला कर दिया। बेटी को बचाने के लिए मां ने गाय के सींग पकड़ लिए। गाय ने उसको भी 2 बार पटक कर कुचल दिया, जिससे पसलियां टूट गईं। बच्ची के पिता और पड़ोसियों ने गाय को भगाया। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. महिला ने तहसीलदार पर पैसे खाने का आरोप लगाया
बाड़मेर में ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध होने पर तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार लोगों से बात कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने कहा- इन्होंने अंदर ही अंदर पैसे खा लिए। इस पर तहसीलदार ने कहा- आप साथ थे क्या? सोच समझकर बोलो। फालतू बकवास मत करो। पूरी खबर पढ़ें 7. ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 15 महिलाएं दबीं, 2 की मौत
भरतपुर के रायपुर गांव में जानवर को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार 15 महिलाएं दब गईं। इनमें से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 घायल हो गईं। घायल महिलाएं दर्द से कराहने लगीं। आरोप है कि टोकने के बाद भी ड्राइवर स्पीड में ट्रैक्टर दौड़ाता रहा। पूरी खबर पढ़ें 8. टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ा लेपर्ड, कुत्ते का शिकार किया
जयपुर की झालाना सेंचुरी में लेपर्ड ने अचानक 3 टूरिस्ट जिप्सी की ओर दौड़ लगा दी। इससे कुछ देरी के लिए जिप्सी में बैठे 10 से ज्यादा पर्यटक डर गए। हालांकि, लेपर्ड के निशाने पर जिप्सी के नीचे बैठा कुत्ता था। करीब 12 सेकेंड में लेपर्ड ने कुत्ते को गर्दन से दबोचकर मार दिया। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. सरिस्का टाइगर रिजर्व में दिखा सफेद मोर
अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व के इतिहास में पहली बार दो बेहद दुर्लभ जीव देखे गए हैं। इनमें से एक ‘सफेद रंग का मोर’ है, तो दूसरा धूप में सोने की तरह चमकता ‘गोल्डन सांभर’। इससे पहले प्रदेश के किसी भी फॉरेस्ट में सफेद मोर नहीं देखा गया है। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. RAS-2026 के लिए आवेदन का कल अंतिम दिन
RPSC की ओर से निकाली गई RAS-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन की कल 3 जुलाई को लास्ट डेट है। प्री-एग्जाम 6 दिसंबर को होगा, जबकि मेंस एग्जाम 1 से 2 मई को किया जाना प्रस्तावित है।

12 दिन पहले डकैती करने वाले 6 बदमाशों को दबोचा:30 पुलिसकर्मियों ने 300 से ज्यादा कैमरे खंगाले, यूपी तक पीछा करके पकड़ा

झुंझुनूं में पीपली चौक के मलसीसर रोड पर 21 जून की रात को घर में घुसकर हथियार की नोक पर की गई डकैती का पुलिस ने 12 दिनों में पर्दाफाश किया है। झुंझुनूं पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक सक्रिय अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह के 6 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। हथियारों के दम पर की थी लूट झुंझुनूं एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- ​21 जून की रात को हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों का एक गिरोह मलसीसर रोड स्थित एक मकान में घुसा था। बदमाशों ने घर के सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया और घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के गहने, मोबाइल फोन और यहां तक की सीसीटीवी डीवीआर भी लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था। एसपी ने बताया- आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमों ने तकनीक और मुखबिर की मदद से 6 आरोपी राशिद कुरैशी (31) निवासी मेरठ, सतार (36) निवासी बागपत, ​सरफराज उर्फ भुटन (32) निवासी मेरठ, जाहिद उर्फ लंबू (47) निवासी बागपत, ​राजीव उर्फ राजू खट्टा (38) निवासी बागपत, ​आरिफ (22) निवासी हापुड़ को गिरफ्तार किया है। ये सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। ​30 पुलिसकर्मियों की मेहनत, 300 कैमरे खंगाले एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- घटना की गंभीरता को देखते हुए 5 विशेष टीमों का गठन किया गया था। लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम ने पिछले 12 दिनों से दिन-रात एक कर दिया। जांच के दौरान पुलिस ने झुंझुनूं शहर और आसपास के क्षेत्रों के 200 से 300 सीसीटीवी कैमरों को देखा। ​तकनीकी साक्ष्यों और टोल प्लाजा के डेटा के आधार पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो स्कॉर्पियो गाड़ियों को ट्रेस किया। ये गाड़ियां झुंझुनूं से राजगढ़, भादरा, हिसार और सोनीपत होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत और मेरठ तक गई थीं। कबाड़ी का काम करने वाले ने रची पूरी साजिश ​जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य आरिफ, जो पहले झुंझुनूं में कबाड़ी का काम कर चुका था, उसने इस वारदात की पूरी कहानी लिखी थी। उसे घर की और आसपास की जानकारी थी। उसने उत्तर प्रदेश के हार्डकोर अपराधियों, जाहिद और सरफराज के साथ मिलकर योजना बनाई। ​ इनका साथी जाहिद उर्फ लंबू एक आदतन अपराधी है। जिस पर डकैती और लूट के 16 से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं सरफराज भी गिरोह का एक मुख्य और शातिर अपराधी है। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी ​पुलिस ने अंतर्राज्यीय समन्वय का परिचय देते हुए बागपत, मेरठ और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में दबिश दी। पहले तीन आरोपियों राशिद, सत्तार और सरफराज को वारदात में काम मे ली जाने वाली गाड़ी के साथ पकड़ा। पूछताछ के बाद मिली जानकारी पर दूसरी टीम ने दिल्ली-अलवर एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी कर मुख्य आरोपी राजीव उर्फ राजू खट्टा, जाहिद और आरिफ को भी दबोच लिया। इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका ​DSP गोपाल ढाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील के नेतृत्व में गठित टीम का अहम योगदान रहा। इस खुलासे में कांस्टेबल प्रवीण कुमार और योगेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा। वहीं श्रवण कुमार मील, विरेन्द्र कुमार, ​मनीष कुमार, दिनेश, विक्रम सिंह, जितेन्द्र थाकन, अमित, प्रवीण, चेनाराम, योगेन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार, संदीप, पुरुषोत्तम, संदीप, विकास, ​सुरेन्द्र सिंह, राजेश कुमार, प्रदीप, दिनेश, रुपेन्द्र, आनन्द मान,सतेन्द्र और रोहित शामिल थे।

10 साल के मासूम की जोहड़ में डूबने से मौत:घर से खेलने के लिए निकला था, रातभर परिजन ढूंढते रहे; दूसरे दिन मिला शव

बीकानेर में 10 साल के बालक की जोहड़ में डूबने से मौत हो गई। वह 5वीं क्लास का छात्र था। बुधवार शाम को घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक भी वापस नहीं लौटा। रातभर परिजनों और ग्रामीणों ने उसे ढूंढते रहे। गुरुवार सुबह गांव के पास बने कच्चे जोहड़ से उसका शव बरामद हुआ। मामला महाजन थाना क्षेत्र के जैतपुर गांव का है। घर से खेलने के लिए निकला था जानकारी के अनुसार, जैतपुर निवासी सूर्य पुत्र ओमप्रकाश नायक बुधवार को स्कूल से घर लौटने के बाद शाम को खेलने के लिए निकला था। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मदद से आसपास खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। जोहड़ किनारे मिली चप्पल गुरुवार सुबह मोहल्ले के पास पानी निकासी के लिए बनाए गए कच्चे जोहड़ के किनारे सूर्य की चप्पलें पड़ी मिलीं। इसके बाद अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों ने तैराकों की मदद से जोहड़ में तलाश शुरू की। कुछ देर बाद बालक का शव जोहड़ से बाहर निकाल लिया गया। परिजन तुरंत सूर्य को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर महाजन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मासूम बच्चे की असमय मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे जैतपुर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने भी इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख जताया है। कंटेंट : गणेश रांकावत, अरजनसर

सांवलिया सेठ को चढ़ाया चांदी का बैट:चित्तौड़गढ़ के कुशाग्र भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम शामिल: श्रीलंका दौरे पर पहुंचे

चित्तौड़गढ़ में बस्सी के 19 साल के क्रिकेटर कुशाग्र ओझा का चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है। परिवार ने गुरुवार को सांवलिया सेठ के दरबार में 500 ग्राम चांदी का बैट चढ़ाया। कुशाग्र के पिता ने बताया कि बेटे के चयन के लिए मन्नत मांगी थी। सांवलिया सेठ को अर्पित सिल्वर बैट.. श्रीलंका में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रार्थना कुशाग्र के पिता ओमप्रकाश जयपुर में HDFC बैंक में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया- कुशाग्र 30 जून को ही टीम के साथ श्रीलंका के दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। चांदी का बैट चढ़ाकर भगवान से कुशाग्र के श्रीलंका में बेहतरीन प्रदर्शन की प्रार्थना की है। उन्होंने बताया- कुशाग्र का चयन भारतीय अंडर-19 पुरुष क्रिकेट की वनडे और टेस्ट दोनों टीमों में हुआ है। पहला मुकाबला 4 जुलाई को खेला जाएगा। आशा है कि कुशाग्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने का दावा मजबूत कर लेंगे। उनके चयन से बस्सी के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है। लोग बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। तीसरी कक्षा से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर कुशाग्र ओझा का जन्म साल 2006 में जयपुर में हुआ था और फिलहाल उनकी उम्र 19 साल है। परिवार ने बताया कि जब वह तीसरी कक्षा में पढ़ते थे, तभी से क्रिकेट खेलने का शौक था। स्कूल के दिनों में जयपुर से क्रिकेट की शुरुआत हुई और बाद में उन्होंने नियमित कोचिंग लेना शुरू किया। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून शुरू से ही साफ दिखाई देता था। परिवार के अनुसार उनका एक ही सपना था कि एक दिन भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करें। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने प्रदर्शन में सुधार करते रहे। कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद मिली बड़ी सफलता पिता ओमप्रकाश ओझा ने बताया कि कुशाग्र ने हाल ही में कूच बिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें बेंगलुरु में आगे की ट्रेनिंग और कोचिंग का मौका मिला। लगातार बेहतर खेल के दम पर आखिरकार उनका चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हो गया। पिता जयपुर के एचडीएफसी बैंक में मैनेजर हैं, जबकि मां निशा ओझा गृहिणी हैं। परिवार अब पूरी तरह से जयपुर शिफ्ट हो चुका है। परिवार का कहना है कि बेटे ने हमेशा क्रिकेट को ही अपना लक्ष्य माना और उसी दिशा में मेहनत करता रहा। अब भारतीय टीम में चयन होने से सालों की मेहनत सफल हुई है। परिवार को भरोसा है कि कुशाग्र श्रीलंका दौरे पर भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और भविष्य में सीनियर भारतीय टीम तक पहुंचने का अपना सपना भी पूरा करेंगे।